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28 ekpZ 2016
सं॰ 22/fu0 fl0 ¼nj0½&16
16&05@2011@488—श्री हरिनन्दन प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता श्री हरिनन्दन प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (आई0 डी0-1706), ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, रहिका के विरूद्व उक्त पदस्थापन अवधि में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार (आई0 डी0-1706), ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, रहिका के विरूद्व उक्त पदस्थापन अवधि में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार (आई0 डी0-1706), ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, रहिका के विरूद्व उक्त पदस्थापन अवधि में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत कुल 40 अद्द योजनाओं के कार्यान्वयन में बरती गयी अनियमितता के लिए जिला गारंटी कार्यक्रम के तहत कुल 40 अद्द योजनाओं के कार्यान्वयन में बरती गयी अनियमितता के लिए जिला पदाधिकारी, मधुबनी से प्राप्त आरोप पत्र एवं ग्रामीण विकास विभाग से प्राप्त प्रस्ताव के आलोक में श्री सिंह से विभागीय पदाधिकारी, मधुबनी से प्राप्त आरोप पत्र एवं ग्रामीण विकास विभाग से प्राप्त प्रस्ताव के आलोक में श्री सिंह से विभागीय पदाधिकारी, मधुबनी से प्राप्त आरोप पत्र एवं ग्रामीण विकास विभाग से प्राप्त प्रस्ताव के आलोक में श्री सिंह से विभागीय पत्रांक 423 दिनांक 07.04.11 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, मधुबनी 11 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, मधुबनी 11 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, मधुबनी से मंतव्य की मॅाग की गयी। जिला पदाधिकारी, मधुबनी से प्राप्त मंतव्य एवं श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण की विभागीय तव्य की मॅाग की गयी। जिला पदाधिकारी, मधुबनी से प्राप्त मंतव्य एवं श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण की विभागीय तव्य की मॅाग की गयी। जिला पदाधिकारी, मधुबनी से प्राप्त मंतव्य एवं श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण की विभागीय समीक्षा की गयी एवं समीक्षोपरान्त प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए श्री सिंह के विरूद्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक समीक्षा की गयी एवं समीक्षोपरान्त प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए श्री सिंह के विरूद्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक समीक्षा की गयी एवं समीक्षोपरान्त प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए श्री सिंह के विरूद्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक लए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 12 द्वारा कतिपय आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 857 दिनांक 01.08.12 द्वारा कतिपय आरोपों के ि 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन में आरोपों को प्रमाणित पाया गया। प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की समर्पित जॅाच प्रतिवेदन में आरोपों को प्रमाणित पाया गया। प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार क समर्पित जॅाच प्रतिवेदन में आरोपों को प्रमाणित पाया गया। प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार क से सहमत होते हुए अधिसूचना सं0 22 नि0 सि0 गयी। सम्यक समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य गयी। सम्यक समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए अधिसूचना सं0 14 द्वारा श्री हरिनन्दन प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (आई0 (दर0)-16-05/2011/927 दिनांक 15.07.14 द्वारा श्री हरिनन्दन प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (आई0 (दर0)-16-05/2011/927 दिनांक 15 9 के स्थान पर आई0 डी0-1706 पढ़ा जाय) को निम्न दण्ड डी0-1706) (पूर्व में निर्गत अधिसूचना में आई0 डी0-3879 के स्थान पर आई0 डी0-1706 पढ़ा जाय) को निम्न दण्ड डी0-1706) (पूर्व में निर्गत अधिसूचना में आई0 डी0-387 संसूचित किया गयाः-
(क) देय प्रोन्नति पर रोक। (ख) एक वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। (ख) एक वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। परन्तु वरीय लेखा पदाधिकारी, महालेखाकार (ले0 एवं ह0) का कार्यालय, बिहार, पटना द्वारा सूचित किया परन्तु वरीय लेखा पदाधिकारी, महालेखाकार (ले0 एवं ह0) का कार्यालय, बिहार, पटना द्वारा सूचित किया परन्तु वरीय लेखा पदाधिकारी, महालेखाकार (ले0 एवं ह0) का कार्यालय, बिहार, पटना द्वारा सूचित किया देय अंतिम वेतनवृद्वि दिनांक 01.07.14 को रोकना संभव नही है। श्री सिंह की सेवानिवृति 30 गया कि श्री सिंह को देय अंतिम वेतनवृद्वि दिनांक 01 14 को रोकना संभव नही है। श्री सिंह की सेवानिवृति 30.09. 14 को हो चुकी है। अतः अगला वेतनवृद्वि देय नहीं है। अतः संबंधित दण्डादेश श्री सिंह के विरूद्व लागू नहीं होता है। 14 को हो चुकी है। अतः अगला वेतनवृद्वि देय नहीं है। अतः संबंधित दण्डादेश श्री सिंह के विरूद्व लागू नहीं होता है। 14 को हो चुकी है। अतः अगला वेतनवृद्वि देय नहीं है। अतः संबंधित दण्डादेश श्री सिंह के विरूद्व लागू नहीं होता है। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11 अ(cid:15)ील 2016 सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री हरिनन्दन प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (आई0 डी0-1706) के विरूद्व निर्गत अधिसूचना सं0-22 नि0 सि0 (दर0)-16-05/2011/927 दिनांक 15.07.14 को विभागीय अधिसूचना सं0 859 दिनांक 13.04.15 द्वारा निरस्त करते हुए श्री सिंह के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी0) में सम्परिवर्तित किया गया।
विभागीय पत्रांक 1100 दिनांक 13.05.15 द्वारा श्री सिंह से बिहार पेंशन नियमावली के नियक 43 (बी0) के तहत द्वितीय कारण पृच्छा किया गया। परन्तु विभाग द्वारा पे्रषित पत्र का जवाब श्री सिंह द्वारा समर्पित नहीं किया गया। विभागीय पत्रांक 1457 दिनांक 29.06.15 एवं पत्रांक 1845 दिनांक 19.08.15 द्वारा श्री सिंह को द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब समर्पित करने हेतु स्मारित किया गया। परन्तु विभाग द्वारा पे्रषित दो स्मार पत्रों को श्री सिंह द्वारा प्राप्त करने से इंकार करते हुए वापस कर दिया गया। मामले की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री सिंह के विरूद्ध उपलब्ध अभिलेख एवं संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के तहत कुल 40 योजनाओं में कराये गये कार्यो की मापी की जॅाच नहीं करने तथा कार्यो का सत्त निगरानी/पर्यवेक्षण नहीं करने के फलस्वरूप अप्रत्यक्ष रूप से सरकार को क्षति पहुॅचाने का आरोप प्रमाणित पाया गया।
उक्त प्रमाणित आरोप के लिए श्री सिंह को निम्न दण्ड दिया जाता हैः- पेंशन से पाँच प्रतिशत की कटौती एक वर्ष के लिए। उक्त दण्ड श्री हरिनन्दन प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (आई0 डी0-1706), ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, रहिका सम्प्रति सेवानिवृत को संसूचित किया जाता है।
उक्त निर्णय में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना की सहमति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, सरकार के संयुक्त सचिव।
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