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पटन(cid:4)"श१$व(cid:4)र" 1(cid:30) [ग&त 2(cid:15)1(cid:19) बिहार विधान-सभा सचिवालय ——— vf/klwpuk 1 vxLr 2016
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बिहार भूदान यज्ञ (संशोधन) विधेयक, 2016
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बिहार भूदान यज्ञ अधिनियम, 1954 का संशोधन करने के लिए विधेयक। भारत गणराज्य के सड़सठवें वर्ष में बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः- 1. संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ।-(1) यह अधिनियम बिहार भूदान यज्ञ (संशोधन) विधेयक, 2016 कहा जा सकेगा। (2) इसका विस्तार सम्पूर्ण राज्य में होगा। (3) यह तुरन्त प्रवृत्त होगा। 2. बिहार अधिनियम 22, 1954 की धारा-2 में संशोधन।-उक्त अधिनियम, 1954 में धारा-2 की उप धारा (घ) (ii) निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित की जाएगीः- "(ii) इस अधिनियम के प्रयोजनार्थ, 'भूमिहीन व्यक्ति' से अभिप्रेत है ऐसा व्यक्ति जो भूमिहीन व्यक्ति होने हेतु बिहार राज्य सरकार द्वारा विनिश्चित निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करता होः- बिहार भूदान यज्ञ अधिनियम के प्रयोजनार्थ 'भूमिहीन व्यक्ति' से अभिप्रेत है ऐसा व्यक्ति जो 1.00 (एक) एकड़ तक अथवा उससे कम जमीन धारित करते हैं।''
उद्देष्य एवं हेतु
बिहार भूदान यज्ञ अधिनियम, 1954 की धारा-2(डी)(ii) में भूमिहीन व्यक्ति को निम्न रूप में परिभाषित किया गया है-"Who does not hold any or holds such areas of land not exceeding five acres as may be prescribed by the Committee."
भू-दान यज्ञ समिति द्वारा "भूमिहीन व्यक्ति" की परिभाषा युक्तियुक्त प्रतीत नहीं होती है। दो एकड़/चार एकड़/पाँच एकड़ तक भूमि धारित करने वाले व्यक्ति को भूमिहीन व्यक्ति परिभाषित कर उसे भू-दान में प्राप्त भूमि की बन्दोबस्ती करने से भू-दान यज्ञ अधिनियम का उद्देश्य विफल हो जाता है। अतः अधिनियम 2(घ) को प्रतिस्थापित करना आवश्यक है।
उक्त के आलोक में बिहार भूदान यज्ञ अधिनियम, 1954 की धारा-2(डी)(ii) में निहित वर्त्तमान प्रावधान के स्थान पर निम्नवत् प्रावधान प्रतिस्थापित किया गया है।
"For the purpose of this Act 'landless person' means a person who fulfills following criterion to be the landless person determined by the State Government ः-A person who holds up to one acre or less land."
अतः अधिक से अधिक गरीब परिवारों को सरकार के विकासात्मक योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु अधिनियम की धारा-2(डी)(ii) में संशोधन किया जाना इस संशोधन विधेयक का मुख्य उद्देश्य है तथा इसे अधिनियमित कराना ही इस संशोधन विधेयक का अभिष्ठ है।
(मदन मोहन झा) भारसाधक सदस्य।