Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 19 August 2016

Published 19 August 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-08-19.678
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:17)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या ॢबह(cid:4)र

ह(cid:4)र गजट

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क [स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 2(cid:21) (cid:25)(cid:4)वण 1(cid:29)3(cid:21) (cid:31)श(cid:15)

(स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) (cid:19)(cid:20)(cid:21)) पटन(cid:4)

पटन(cid:4)!श१#व(cid:4)र! 1(cid:29) [ग%त 2(cid:15)1(cid:19)

बिहार विधान-सभा सचिवालय

———

vf/klwpuk

1 vxLr 2016

ä~∫= Ñç∫ä∫Ñç∫CNR]OMNSCP

PPQQ]Ñç∫ä∫—{{ बिहार भूमि सुधार (अधिकतम सीमा निर्धारण तथा अधिशेष

बिहार भूमि सुधार (अधिकतम सीमा निर्धारण तथा अधिशेष ÑçLëXÇz=OMNSGGz=íâë=ÑÅÖâà=ÑçLâìCäeââ=Éë~=Ñåìâ~Ç=MN=îñiêz=OMNS=Çâë=áè

îñiêz=OMNS=Çâë=áèàBicââÑáê=Öèîâ=cââz============ भूमि अर्जन) (संशोधन) ÑçLëXÇz=OMNS

ÇÜ=áòÑÕXâ=êcââ=ÇâXw=ä~éâóì=ÑìXÉâçóÜ=Çë=ÑìXÉCNNS=Çë=îrêñwê=ã∞ëDX=îâpà=Öëêè=äÑÖê=áòÇâÑDâê= ÑÅÖâà=ÑçLâìCäeââ=ÇÜ=áòÑÕXâ=êcââ=ÇâXw=ä~éâóì=ÑìXÉâçóÜ=Çë=ÑìXÉCNNS=Çë=îrêñwê=ã∞ëDX=îâpà=Öëêè=äÑÖê=áòÇâÑDâê= ÇÜ=áòÑÕXâ=êcââ=ÇâXw=ä~éâóì=ÑìXÉâçóÜ=Çë=ÑìXÉCNNS=Çë=îrêñwê=ã∞ëDX=îâpà=Öëêè=äÑÖê=áòÇâÑDâê= ÑÇXâ=íâêâ=Öp=^=

îLXôâz=ÑÅÖâà=ÑçLâìCäeââ=Çë=îâåëDâ=äëz= îLXôâz=ÑÅÖâà=ÑçLâìCäeââ=Çë=îâåëDâ=äëz

àâÉ=gë?_=àâXz= àâÉ=gë?_=àâX

äÑéçz= äÑéç

ÑÅÖâà=ÑçL

LâìCäeââ^=

=2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 19 अग(cid:22)त 2016 =

बिहार भूमि सुधार (अधिकतम सीमा निर्धारण तथा अधिशेष भूमि अर्जन) (संशोधन) विधेयक, 2016

[Ñç∫ä∫Ñç∫CNM]OMNS]=

बिहार भूमि सुधार (अधिकतम सीमा निर्धारण तथा अधिशेष भूमि अर्जन) अधिनियम, 1961 का संशोधन करने के लिए विधेयक।

भारत गणराज्य के सड़सठवें वर्ष में बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः- 1. संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ।-(1) यह अधिनियम बिहार भूमि सुधार (अधिकतम सीमा निर्धारण तथा अधिशेष भूमि अर्जन) (संशोधन) अधिनियम, 2016 कहा जा सकेगा।

(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण राज्य में होगा।

(3) यह तुरन्त प्रवृत्त होगा।

2. अधिनियम, 1961 की धारा-30 में संशोधन।-उक्त अधिनियम, 1961 की धारा 30 की उप-धारा (2) के पश्चात्‌ निम्नलिखित नई उप-धारा (3) एवं (4) जोड़ी जायगीः-

''(3) अपील का निष्पादन 6 माह की अवधि के भीतर किया जायेगा :

परन्तु, किसी कारणवश 6 माह की अवधि के भीतर निष्पादन नहीं, होने की स्थिति में, अपीलीय प्राधिकार के द्वारा कारणों को लिखित रूप में अभिलिखित किया जायेगा। (4)(i) जिले का समार्हाा नये सिरे से अधिनियम के अधीन कार्यवाही प्रारंभ कर सकता है, यदि अपने ज्ञान अथवा सूचना से उसका समाधान हो जाय कि भू-धारी ने अधिनियम के अधीन की जा रही कार्रवाई के क्रम में कपटपूर्वक अथवा तथ्यों में हेर-फेर कर उसके अधीनस्थ किसी प्राधिकार से अधिनियम के उद्देश्यों अथवा किसी प्रावधान के प्रतिकूल आदेश प्राप्त कर लिया है तथा भू-हदबंदी से अतिरेक भूमि धारित करता है। (ii) उपर्युक्त (i) की तरह ही किसी प्रमण्डल के प्रमण्डलीय आयुक्त जिले के समार्हाा के समान शक्तियों एवं प्राधिकार का प्रयोग करेगा जहाँ किसी भू-धारी ने समान परिस्थितियों में अपनी अधिकारिता के भीतर के जिले के समार्हाा से समरूप आदेश प्राप्त कर लिया हो :

परन्तु अधिनियम के अधीन कार्यवाही प्रारम्भ करने से पूर्व, यथास्थिति, जिले का समार्हाा अथवा प्रमण्डल के आयुक्त भू-धारी को कारण-पृच्छा नोटिस जारी करेगा कि नोटिस में उल्लेखित विन्दुओं/आधारों पर सीलिंग कार्यवाही क्यों नहीं प्रारंभ की जायः

परन्तु बिहार राजस्व पर्षद अथवा अन्य उच्चतर न्यायालयों के द्वारा निर्णित मामलों में नयी कार्यवाही प्रारम्भ नहीं की जायेगी।''

3. अधिनियम, 1961 की धारा-32 में संशोधन।-उक्त अधिनियम, 1961 की धारा 32 की उप-धारा (3) के पश्चात्‌ निम्नलिखित नयी उप-धारा (4) जोड़ी जायेगीः-

''(4) पुनरीक्षण (revision) के मामलों को 3 माह की अवधि के भीतर निपटाया जायेगाः परन्तु, किसी कारणवश तीन माह की अवधि के भीतर निपटारा नहीं होने की स्थिति में पुनरीक्षण प्राधिकरण (Revisional Authority) के द्वारा कारणों को लिखित रूप में अभिलिखित किया जायेगा।''3 (cid:24)बहार गजट (असाधारण), 19 अग(cid:22)त 2016 4. अधिनियम, 1961 की धारा-45बी का निरसन।-उक्त अधिनियम, 1961 की धारा-45बी एतद्‌ द्वारा निरसित की जाती है ।

5. अधिनियम, 1961 की धारा-45ग के पश्चात्‌ एक नयी धारा 45घ का जोड़ा जाना।-उक्त अधिनियम, 1961 की धारा-45ग के बाद निम्नलिखित नयी धारा 45घ जोड़ी जायगीः-

''45घ-इस अधिनियम की धारा-45बी के निरसन के पश्चात्‌ राज्य सरकार अथवा बिहार भूमि न्यायाधिकरण में लंबित कार्यवाही उपशमित समझी जायेगी तथा निरसित धारा-45बी के अधीन प्रारम्भ की गई कार्यवाही तथा समाहर्त्ता के समक्ष लंबित कार्यवाही भी उपशमित हो जायेगी''

उद्देष्य एवं हेतु

बिहार भूमि सुधार (अधिकतम सीमा निर्धारण तथा अधिशेष भूमि अर्जन) अधिनियम, 1961 की धारा-30 में अपील का प्रावधान है, परन्तु अपील के निष्पादन की समय-सीमा निर्धारित नहीं होने के कारण मामले काफी लम्बे समय तक लम्बित रह जाते है। अतएव अपील वादों के निष्पादन हेतु छः माह की समय-सीमा निर्धारित कर इसे अधिनियम की धारा-30(2) के पश्चात्‌ नयी उप धारा-3 के रूप में जोड़ा गया है। साथ ही अधिनियम के अधीन की जा रही कार्रवाई के क्रम में भू-धारी द्वारा कपटपूर्वक अथवा तथ्यों मे हेर-फेर कर उसके अधीनस्थ किसी प्राधीकार से अधिनियम के उद्‌देश्यों अथवा किसी प्रावधान के प्रतिकूल आदेश प्राप्त कर लिया गया हो, वैसी स्थिति में जिलें का समाहर्त्ता नये सिरे से अधिनियम के अधीन कार्यवाही प्रारम्भ कर सकता है, एतद्‌ सम्बन्धी प्रावधान अधिनियम की धारा-30 की उप धारा-4 के रूप में जोड़ा गया है।

अधिनियम के अधीन पुनरीक्षण सम्बन्धी मामलें के निष्पादन की समय-सीमा निर्धारित नहीं है। मामले के शीघ्र एवं त्वरित गति से निष्पादन हेतु तीन माह का समय-सीमा निर्धारित करते हुए इसे अधिनियम की धारा-32 की उप धारा-4 के रूप में जोड़ा गया है।

अधिनियम की धारा-45(ख) के तहत समाहर्त्ता द्वारा निष्पादित कार्रवाई से सम्बन्धित अभिलेख माँगने, परीक्षित करने एवं Re-open करने तथा नये सिरे से आदेश पारित करने का अधिकार सरकार को प्रदत्त है। वर्त्तमान में भू-धारी द्वारा अधिनियम की उक्त धारा का उपयोग अधिनियम के हितों को प्रभावित करने के उद्‌देश्य से किया जा रहा है। परिणामतः धारा-45(ख) अधिनियम की मूल हित की रक्षा करने में सफल नहीं है, अतएव इसे निरसित करने का प्रावधान किया गया है तथा उक्त धारा के निरसन के प्रश्चात्‌ राज्य सरकार अथवा अन्य प्राधिकार के अन्तर्गत प्रारम्भ की गई/लंबित कार्यवाही उपशमित करने हेतु धारा-45 में नयी उप धारा-घ जोड़ा गया है।

अतः अपील एवं पुर्नरीक्षण के मामलें में समय-सीमा निर्धारित करने हेतु अधिनियम की धारा-30 में नयी उप धारा-(3) एवं (4) तथां धारा-32 में नयी उप धारा-(4) का जोड़ा जाना, अधिनियम की धारा-45(ख) का निरसन तथा धारा-45 में नयी उप धारा-(घ) जोड़ा जाना इस संशोधन विधेयक का मुख्य उद्‌देश्य है तथा इसे अधिनियमित कराना ही इस संशोधन विधेयक का अभिष्ठ है।

(मदन मोहन झा) भारसाधक सदस्य।= iVuk fnukad 01-08-2016

lfpo] fcgkj fo/kku&lHkk A

————

[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16)

ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) %78&5(1+10&ड(cid:17),ट-,प(cid:17),? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 19 August 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-08-19.678/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-08-19.678.