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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 19 August 2016

Published 19 August 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-08-19.682
Languages
English, Hindi

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पटनापटनापटनापटना, शुबशुबशुबशुबवारवारवारवार, 1111 9999 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016

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ÑÅÖâà=ÑçLâìCäeââ=^=2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद विधेयक, 2016 बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद विधेयक, 2016 बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद विधेयक, 2016 बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद विधेयक, 2016 [[वि∫स∫वि∫-11/2016]

बिहार राज्य के राज्यक्षेत्र में षराब और मादक द्रव्य के पूर्ण मद्यनिषेध को लागू करने, कार्यान्वित करने और प्रोत्साहित करने के लिए और इससे जुड़े अथवा इसके आनुषांगिक विषयों के लिए विधेयक।

चुँकि, बिहार राज्य में षराब और मादक द्रव्य के निषेध और विनियमन, उसपर शुल्क का उद्‌ग्रहण और बिहार राज्य में कानून के उल्लंघन के लिए दंड से संबंधित एक समान विधि का प्रावधान करना समीचीन है;

इसलिए, अब भारत-गणराज्य के सड़सठवें वर्ष में बिहार राज्य विधानमंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में अधिनियमित हो :-

अध्याय अध्याय अध्याय अध्याय I

प्रारंभिकप्रारंभिकप्रारंभिकप्रारंभिक

1111.... संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ।- संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ।- संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ।- संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ।- (1) यह अधिनियम बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 कहा जा सकेगा।

(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा।

(3) यह राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा।

2222.... परिभाषाएँ।परिभाषाएँ।परिभाषाएँ।परिभाषाएँ। ---- इस अधिनियम में जबतक कि संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो-

(1) ''अधिनियम'' से अभिप्रेत है बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016

(2) ''ऐल्कोहॉल (मद्यसार)'' से अभिप्रेत है ऐसा इथायल ऐल्कोहॉल जो रंगहीन वाष्पशील ज्वलनशील कार्बनिक द्रव हो जिसका उत्पादन प्राकृतिक रूप से अथवा शर्करा के यीस्ट फरमेन्टेशन से हो और जो शराब, बियर, स्पिरिट और अन्य मद्यसारिक (ऐल्कोहॉलिक) पेय का मदोनमत्त करनेवाला घटक हो और औद्योगिक विलायक के रूप में और ईंधन के रूप में भी प्रयुक्त हो;

(3) ''ऐल्कोहॉलिक'' से अभिप्रेत है किसी शक्ति और शुद्धता का ऐल्कोहल का मिश्रण अथवा धोल। (4) ''मदिरा अथवा पेय शराब'' से अभिप्रेत है कोई पेय पदार्थ जिसमें बी0आई0एस0 मानकों के अनुरूप ऐल्कोहॉल हो, जो नशा करने वाली हो और मानव उपभोग के लिए उपयुक्त हो;

(5) ''बियर'' से अभिप्रेत है कोई ऐसा द्रव जिसे शर्करा और हॉप के साथ अथवा उसके बिना माल्ट अथवा अनाज से बनाया जाता हो और इसके अंतर्गत बियर, एल, स्टाउट, पोर्टर और ऐसी अन्य वस्तुएँ हैं;

(6) ''बी0आई0एस0 मानक'' से अभिप्रेत है भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा विहित मानक अथवा सुसंगत अधिनियम के अधीन गठित केन्द्र सरकार के किसी अन्य प्राधिकार द्वारा विहित मानक;

(7) ''बोर्ड (पर्षद)'' से अभिप्रेत है राजस्व पर्षद;

(8) ''काला गुड़'' से अभिप्रेत है मानव उपभोग के लिए सामान्यतया अनुपयुक्त खजूर अथवा गन्ने के रस से बना मोटा भूरा शर्करा किन्तु जिसमें इथायल ऐल्कोहॉल बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में किण्वन योग्य शर्करा हो;

(9) ''सम्मिश्रण करना'' से अभिप्रेत है दो अथवा अधिक स्पिरिटों को मिलाना जो विभिन्न शक्तियों और विभिन्न गुणों के हो सकते हैं;

(10) ''बंधित भांडागार'' से अभिप्रेत है ऐसी शराब जिसपर शुल्क का भुगतान नहीं किया गया है, के भंडारण के लिए इस अधिनियम के अधीन स्थापित अनुज्ञप्त निजी बंधित भांडागार अथवा सार्वजनिक बंधित भांडागार का कोई हिस्सा;

3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016

(11) ''बोतल में भरना'' से अभिप्रेत है बिक्री के प्रयोजनार्थ किसी पीपा अथवा अन्य बरतन से बोतल अथवा किसी अन्य पात्र में शराब अंतरित करना चाहे परिशोधन की प्रक्रिया अपनाई गई हो अथवा नहीं; और इसमें दुबारा बोतल में भरना सम्मिलित है;

(12) ''बॉटलिंग संयंत्र'' से अभिप्रेत है वह परिसर जहाँ शराब बोतलबंद की जाती है और इसमें ऐसा हरेक स्थान शामिल है जहाँ इसका भंडारण होता है अथवा जहाँ से इसे निर्गत किया जाता है;

(13) ''मद्यनिर्माणशाला'' से अभिप्रेत है ऐसे परिसर जहाँ बियर बनाए जाते हैं और इसमें ऐसा हरेक स्थान शामिल हैं जहाँ बियर भंडारित किया जाता है अथवा जहाँ से इसे निर्गत किया जाता है;

(14) ''मिश्रण करना'' से अभिप्रेत है स्पिरिट में सुगंधित करने अथवा रंगीन करने की वस्तु अथवा दोनों को मिलाकर मदिरा का निर्माण करना;

(15) ''समाहर्त्ता (कलक्टर)'' से अभिप्रेत है जिला का समाहर्त्ता-सह-जिला-दण्डाधिकारी जिसमें अपर समाहर्त्ता सह अपर जिला दण्डाधिकारी अथवा उपसमाहर्त्ता अथवा कोई व्यक्ति जो समाहर्त्ता-सह जिला दण्डाधिकारी की षक्तियों का प्रयोग करने और उसका कार्य निष्पादित करने के लिये अधिनियम के अधीन सरकार द्वारा नियुक्त हों।

(16) ''देशी अथवा पारंपरिक शराब'' से अभिप्रेत है

- महुआ, चावल, गुड़, शीरा अथवा अनाज से बना सादा अथवा मसालेदार स्पिरिट; अथवा - प्रच्छन्न स्पिरिट अथवा अति निष्क्रिय ऐल्कोहॉल से बना सादा अथवा मसालेदार स्पिरिट;

अथवा

- ताड़ी, अथवा

- देशी प्रक्रिया के अनुसार महुआ, चावल, मिलेट अथवा अन्य अनाजों से बने सभी किण्वित शराब जिसमें पचवाई शामिल है

(17) ''नषामुक्ति केन्द्र'' से अभिप्रेत है व्यसनियों को उनके व्यसन का इलाज करने के लिए राज्य सरकार द्वारा अधिष्ठापित केन्द्र।

(18) ''विकृतिकारक'' से अभिप्रेत है इस अधिनियम के अधीन बने नियम द्वारा विहित कोई वस्तु जिसे स्पिरिट के साथ मिलाने से वह मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त हो जाय चाहे पेय पदार्थ के रूप में हो अथवा आंतरिक रूप से औषधि के रूप में हो अथवा किसी अन्य रूप में हो;

(19) ''विकृत करना'' से अभिप्रेत है स्पिरिट को एक अथवा अधिक विकृतिकारकों के साथ ऐसी रीति से मिलाना जो इस अधिनियम के अधीन इस निमित्त बने नियम द्वारा विहित की जाय और ''विकृत स्पिरिट'' से अभिप्रेत है इस प्रकार मिश्रित स्पिरिट;

(20) ''आसवनी (डिस्टीलरी)'' से अभिप्रेत है वे परिसर जहाँ स्पिरिट अथवा इथनॉल बनाए जाते हैं और इनमें वह हरेक स्थान शामिल है जहाँ इसे भंडारित किया जाता है अथवा जहाँ से इसे निर्गत किया जाता है;

(21) ''शुल्क'' से अभिप्रेत है यथास्थिति संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची II की प्रविष्टि 51 में यथाउल्लिखित उत्पाद शुल्क अथवा ऐसे अन्य प्रयोजन के लिये;

(22) ''उत्पाद शुल्क योग्य वस्तुओं अथवा मदों'' से अभिप्रेत है-

(i) इस अधिनियम के अधीन यथापरिभाषित कोई शराब अथवा मादक द्रव्य; अथवा

(ii) मदोन्मत्त करनेवाली कोई औषधि; अथवा4 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 (iii) कोई मध्यबर्ती/अंतिम उत्पाद जो किसी ऐल्कोहॉल के लिए कच्ची सामग्री के रूप में कार्य करे;

अथवा

(iv) कोई सामग्री अथवा वस्तु जिसका प्रयोग ऐल्कोहॉल के प्रतिस्थानी के रूप में किया जा सके; अथवा (v) कोई वस्तु अथवा सामग्री जिसका प्रयोग अथवा उपभोग नशा के लिए किया जा सके।

(23) ''उत्पाद आयुक्त'' से अभिप्रेत है इस अधिनियम की धारा-5 के अधीन नियुक्त पदाधिकारी;

(24) ''उत्पाद पदाधिकारी'' से अभिप्रेत है कलक्टर (समाहर्त्ता) अथवा इस अधिनियम की धारा-6 के अधीन नियुक्त कोई पदाधिकारी;

(25) ''उत्पाद राजस्व'' से अभिप्रेत है इस अधिनियम अथवा शराब अथवा नशीली औषधियों से संबंधित तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन किसी शुल्क, फीस, कर, भुगतान (दांडिक न्यायालय द्वारा अधिरोपित जुर्माना से भिन्न) अथवा लागू या आदेशित अधिहरण से प्राप्त अथवा प्राप्त होनेवाले राजस्व;

(26) ''इथनॉल'' से अभिप्रेत है साफ, रंगहीन और समरूप द्रव जिसमें आवश्यक रूप से इथायल ऐल्कोहॉल हो और जिसमें 0.5% आयतन से अनधिक जल मिला हो तथा बी0आई0एस0 मानक के अनुरूप हो;

(27) ''निर्यात'' से अभिप्रेत है केन्द्र सरकार द्वारा यथापरिभाषित संपूर्ण सीमा शुल्क की सीमा से अन्यथा बिहार राज्य से बाहर ले जाना;

(28) व्याकरणिक रूप भेदों और सजातीय पदों के साथ ''भारत से बाहर निर्यात'' से अभिप्रेत है बिहार राज्य से भारत के बाहर किसी स्थान पर ले जाना;

(29) ''अति निष्क्रिय ऐल्कोहॉल अथवा प्रच्छन्न स्पिरिट'' से अभिप्रेत है वैसा स्पिरिट जिसे केन्द्र सरकार के सुसंगत प्राधिकार द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाय;

(30) ''परिवार'' से अभिप्रेत है, पति, उसकी पत्नी और एक मकान में एक साथ रह रहे उनके आश्रित बच्चे। (31) ''किण्वित शराब'' से अभिप्रेत है किण्वन की प्रक्रिया से प्राप्त शराब और इसमें बियर, एल, स्टाउट, पोर्टर, शराब, पचवाई, किण्वित ताड़ी और इसमें अन्य समान मादक द्रव्य शामिल है;

(32) ''विदेशी शराब'' से अभिप्रेत है भूमि, हवा अथवा समुद्र से भारत में आयातित कोई शराब;

(33) ''तैयार उत्पाद'' से अभिप्रेत है किसी प्रक्रिया के अंतिम उत्पाद के साथ ऐसे अन्य उपोत्पाद जिसे बॉटलिंग प्लांट, आसवनी, शीरा कारखाना अथवा कोई अन्य कारखाना, प्राथमिक/द्वितीयक प्रक्रिया के परिणामस्वरूप तैयार कर सकते हों और इसमें शराब, मादक द्रव्य, नशीली औषधियाँ, स्पिरिट, शीरा, इथनॉल, अति निष्क्रिय स्पिरिट और ऐसी अन्य मद्यसारिक वस्तुएँ षामिल हैं;

(34) ''भांग/गाँजा (हेम्प) पौधा'' से अभिप्रेत है कैनाबिस वर्ग का कोई पौधा;

(35) ''होलोग्राम और होलोग्राम युक्त स्टिकर'' से अभिप्रेत है उत्पाद आयुक्त द्वारा यथा अनुमोदित ऐसा लेबल जिसपर विनिर्माता और बं्राड के नाम के अलावा हरेक बॉटलिंग कार्य का बैच नम्बर अंकित हो। होलोग्राम युक्त स्टिकर ऐसे स्टिकर होते हैं जिन्हें उत्पाद आयुक्त के माध्यम से विनिर्माता द्वारा लागत के भुगतान होने पर प्राधिकृत मुद्रक (मुद्रकों) को आपूर्ति की जाती है।

(36) ''अवैध शराब'' से अभिप्रेत है ऐसी शराब जो इस अधिनियम अथवा इसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के उल्लंधन में बनाई जाती हो अथवा भंडारित की जाती हो अथवा वितरित की जाती हो अथवा बेची जाती हो या ऐसी शराब जिसपर इस अधिनियम अथवा इसके अधीन बनाए गए नियमों के5 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 अधीन उद्‌गृहीत समुचित शुल्क अथवा फीस का भुगतान नहीं किया गया हो और इसमें ऐसी विदेशी शराब भी शामिल है जिसपर समुचित शुल्क अथवा सीमाशुल्क का भुगतान नहीं किया गया हो;

(37) ''भारत में आयात'' मुहावरा को छोड़कर ''आयात'' से अभिप्रेत है केन्द्र सरकार द्वारा यथा परिभाषित सम्पूर्ण सीमा-शुल्क की सीमा से अन्यथा बिहार राज्य में लाना;

(38) व्याकरणिक रूपभेदों और सजातीय पदों के साथ ''भारत में आयात'' से अभिप्रेत है भारत के बाहर किसी स्थान से बिहार राज्य में लाना;

(39) ''भारत में बनी विदेशी शराब'' से अभिप्रेत है आसवन की प्रक्रिया से अथवा आसवन द्वारा प्राप्त ऐल्कोहॉल का प्रयोग कर भारत में बनी शराब जैसे विस्की, ब्रांडी, रम, जिन, वोदका, मध्विरा (लिक्युर), बीयर और अन्य कम शक्ति की मदिरा किन्तु इसके अंतर्गत विदेशी शराब अथवा देशी शराब नहीं हैं;

(40) ''मादक द्रव्य'' से अभिप्रेत है। -

(i) शराब, अथवा

(ii) स्पिरिट जिसमें प्रच्छन्न स्पिरिट अथवा इ0एन0ए0 शामिल है; अथवा

(iii) मिथाईल अल्कोहल, अथवा

(iv) इथनॉल चाहे विकृत हो अथवा नहीं; अथवा

(v) कोई पदार्थ जिससे शराब आसवित की जा सके और जिसे राज्य सरकार द्वारा इस अधिनियम के प्रयोजनार्थ राजपत्र में अधिसूचना द्वारा मादक द्रव्य घोषित कर दिया जाय; अथवा

(vi) नशीली औषधि; अथवा

(vii) औषधीय और प्रसाधन निर्मितियाँ (उत्पाद शुल्क) अधिनियम, 1955 के अधीन यथा परिभाषित औषधीय निर्मितियाँ; अथवा

(viii) कोई निर्मिति अथवा घटक, औषधीय अथवा अन्यथा, चाहे ठोस, अर्द्ध ठोस, द्रव, अर्द्ध द्रव अथवा गैसीय हो, स्थानीय रूप से बना हो अथवा अन्यथा, जो ऐल्कोहॉल के रूप में अथवा ऐल्कोहॉल के प्रतिस्थानी के रूप में काम कर सके और जिसका प्रयोग अथवा उपभोग नशा लाने के प्रयोजनार्थ किया जा सके;

(41)(41)(41)(41) ''मादक औषधि'' से अभिप्रेत है। -

(i) गाँजा के पौधे (कैनाबिस सटिवा एल0) की पत्तियाँ, छोटे डंठल और फूल अथवा फल के ऊपरी हिस्से जिसमें भाँग, सिद्धि अथवा गाँजा के रूप में सभी ज्ञात रूप शामिल हैं;

(ii) चरस जो हेम्प पौधे से प्राप्त किया गया रेसिन है जिसे पैकिंग और परिवहन की आवश्यकता को छोड़कर किसी अन्य रूप में स्वीकार नहीं किया गया है;

(iii) कोई मिश्रण जो मादक औषधि के उपर्युक्त किसी रूप में हो चाहे उसमें निष्क्रिय पदार्थ हो अथवा नहीं अथवा इससे तैयार कोई पेय पदार्थ; और

(iv) कोई अन्य मादक अथवा स्वापक पदार्थ जिसे राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा मादक औषधि घोषित करे, ऐसा पदार्थ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (1985 का 61) की धारा-2 में यथापरिभाषित अफीम, कोका पत्ती अथवा कोई विनिर्मित औषधि न हो;

(42) ''अनुज्ञप्ति'' से अभिप्रेत है इस अधिनियम और इसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन स्वीकृत अनुज्ञप्ति;

6 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016

(43) ''अनुज्ञापन प्राधिकारी'' से अभिप्रेत है वह पदाधिकारी जो इस अधिनियम के अधीन अनुज्ञप्ति, परमिट और पास देने, निलंबित करने और रद्द करने के लिए प्राधिकृत हो;

(44) ''शराब'' से अभिप्रेत है देशी अथवा पारंपरिक शराब, भारत में बनी विदेशी शराब, विदेशी शराब अथवा कोई निर्मिति अथवा घटक चाहे ठोस, अर्द्ध ठोस, द्रव, अर्द्ध द्रव अथवा गैसीय हो, स्थानीय रूप से बना हो अथवा अन्यथा जो ऐल्कोहॉल अथवा ऐल्कोहॉल के प्रतिस्थानी के रूप में काम कर सके और जिसका प्रयोग अथवा उपभोग नशा लाने के प्रयोजनार्थ किया जा सके;

(45) ''विनिर्माणशाला'' से अभिप्रेत है कोई चीनी मिल, आसवनी, मद्यनिर्माणशाला, शराब निर्माण शाला अथवा कोई स्थापना जहाँ शराब अथवा मादक द्रव्य का आसवन, मद्यकरण, विनिर्माण सम्मिश्रण अथवा बॉटलिंग होता हो;

(46) ''विनिर्माण'' में षामिल है। -

(i) हरेक प्रक्रिया चाहे प्राकृतिक हो अथवा कृत्रिम, जिससे कोई मादक द्रव्य उत्पन्न अथवा तैयार किया जाता हो (इसमें ताड़ी उत्पन्न करनेवाले वृक्षों को छेदना और उन वृक्षों से ताड़ी निकालना शामिल है)

(ii) पुनर्आसवन, और

(iii) शराब के परिशोधन, सम्मिश्रण, उसे सुगंधित करने और रंगीन बनाने के लिए अथवा बिक्री हेतु शराब को घटाने की हरेक प्रक्रिया

(47) ''विनिर्माता'' से अभिप्रेत है कोई ऐसा व्यक्ति जो कोई शराब अथवा मादक द्रव्य बनाता हो और इसमें ऐल्कोहॉल का विनिर्माता शामिल है;

(48) ''मिथायल ऐल्कोहॉल'' से अभिप्रेत है। -

वह पदार्थ जिसका रासायनिक सूत्र CH3OH हो, जो मिथनॉल, कार्बिनॉल अथवा मिथायल हाइड्रेट के नाम से भी जाना जाता हो और जो अत्यधिक विषैली प्रकृति का हो; अथवा-

-ऊपर यथापरिभाषित मिथायल ऐल्कोहॉल के निष्क्रिय पदार्थ के साथ अथवा उसके बिना कोई मिश्रण जिसमें कम से कम 0.05% आयतन वाला मिथायल ऐल्कोहाल हो और इसमें काष्ठ नेप्था शामिल है;

(49) ''शीरा विनिर्माणशाला'' से अभिप्रेत है वह परिसर जहाँ शीरा बनाया जाता है और इसमें ऐसा हरेक स्थान शामिल है जहाँ यह भंडारित किया जाता है अथवा जहाँ से इसे निर्गत किया जाता है और इसमें चीनी मिलें सम्मिलित हैं;

(50) अधिसूचना से अभिप्रेत है इस अधिनियम और इसमे अधीन गठित नियमावली के अधीन निर्गत और राजपत्र में प्रकाषित अधिसूचना।

(51) ''पचवाई'' से अभिप्रेत है किण्वित चावल, मिलेट अथवा अन्य अनाज, चाहे किसी द्रव के साथ मिश्रित हो अथवा नहीं और इससे प्राप्त कोई द्रव चाहे पानी मिलाया गया हो अथवा नहीं, किन्तु इसमें बियर शामिल नही है;

(52) ''परमिट (अनुज्ञा पत्र)'' से अभिप्रेत है इस अधिनियम और/अथवा इसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन दिया गया प्राधिकरण;

(53) ''स्थान'' में भवन, मकान, दुकान, नाव, मण्डप(बूथ), जलयान, रैफ्ट, वाहन, परिवहन, अथवा टेन्ट संलग्नक षमिल हैं;

7 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016

(54) ''सार्वजनिक स्थान'' से अभिप्रेत है वह स्थान जहाँ चाहे अधिकार स्वरूप अथवा नहीं लोगों की पहुँच हो और इसमें जनसाधारण द्वारा जाए जानेवाले सभी स्थान शामिल हैं और इसमें कोई खाली जगह अथवा परिवहन चाहे निजी हो अथवा सार्वजनिक; भी शामिल है;

(55) ''थाना'' से अभिप्रेत है दंड प्रकिया संहिता, 1973 (1974 का अधिनियम 2) की धारा- 2 के खंड(ध) के अधीन यथापरिभाषित थाना;

(56)''विहित'' से अभिप्रेत है इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियम द्वारा विहित;

(57) ''लोक मांग'' से अभिप्रेत है बिहार और उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम, 1914 (अधिनियम 4, 1914) के अधीन यथापरिभाषित लोक मांग;

(58) ''परिसर'' से अभिप्रेत है इस अधिनियम के प्रयोजनार्थ रियल इस्टेट, भूमि तथा उसपर कुछ विकास कार्य, भवन, भंडार, दुकान, होटल, रेस्तराँ, बार अथवा अन्य अभिहित संरचना;

(59) ''परिशोधन'' में ऐसी हरेक प्रक्रिया शामिल है जिसके द्वारा स्पिरिट के साथ कुछ पदार्थ मिलाकर शोधित किया जाता है अथवा रंगा जाता है अथवा सुगंधित बनाया जाता है;

(60) ''परिशोधित स्पिरिट'' से अभिप्रेत है गैर विकृत (शुद्ध) ऐल्कोहॉल जिसमें परिशुद्ध ऐल्कोहॉल, अति निष्क्रिय ऐल्कोहॉल और माल्ट से प्राप्त किया गया ऐल्कोहॉल जो बी0आई0एस0 मानक द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाय, शामिल है;

(61) नियमावली से अभिप्रेत है इस अधिनियम के अधीन गठित नियमावली।

(62) ''सुसंगत विधि'' से अभिप्रेत है। -

भारतीय पावर ऐल्कोहॉल अधिनियम, 1948 (1948 का 22), मोटर स्पिरिट कराधान अधिनियम, औषधीय और प्रसाधन निर्मितियाँ (उत्पाद शुल्क) अधिनियम, 1955 (1955 का 16), स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (1985 का 61) और ऐसे अन्य अधिनियम जो इस अधिनियम के प्रयोग के लिए सुसंगत हों;

(63) ''विशेष शुल्क'' से अभिप्रेत है किसी उत्पाद शुल्क योग्य वस्तु के आयात पर कर जिसपर संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची II की प्रविष्टि 51 में यथाउल्लिखित प्रतिशुल्क केवल इस आधार पर अधिरोपित करने योग्य नहीं है कि ऐसी वस्तु का विनिर्माण अथवा उत्पादन उस राज्य क्षेत्र में नहीं किया जा रहा है जहाँ तक इस अधिनियम का विस्तार है;

(64) ''स्पिरिट'' से अभिप्रेत है कोई शराब जिसमें आसवन द्वारा प्राप्त ऐल्कोहॉल रहता है चाहे वह विकृत हो अथवा नहीं;

(65) ''मादक (स्पिरिटयुक्त) निर्मिति'' से अभिप्रेत है। -

(क) कोई औषधीय अथवा प्रसाधन निर्मिति जिसमें ऐल्कोहॉल हो;

(ख) कोई रोगाणुरोधक निर्मिति अथवा घोल जिसमें ऐल्कोहॉल हो;

(ग) कोई सुगंधकारी अर्क, सुगंधी अथवा सीरप जिसमें ऐल्कोहॉल हो;

(66) ''नकली शराब'' से अभिप्रेत है वैसी शराब जिसमें नशा लाने के लिए कोई चीज मिला दी गई हो और जो उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदायक हो;

(67) ''स्टिल (भभका)''में स्पिरिट के आसवन अथवा विनिर्माण के लिए कोई उपकरण अथवा उसका कोई भाग शामिल है;

(68) राज्य सरकार से अभिप्रेत है बिहार राज्य सरकार।8 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 (69) ''ताड़ी'' से अभिप्रेत है नारियल, ताड़, खजूर अथवा किसी अन्य प्रकार के ताड़ के वृक्ष से निकाला गया खमीर युक्त अथवा खमीर मुक्त रस;

(70)''अस्थायी संरचना'' से अभिप्रेत है कोई ऐसी संरचना जिसमें नींव डालने की आवश्यकता न हो तथा जिसे आसानी से गिराया जा सके, बहुत आसानी से आकृति में परिवर्तन किया जा सके, और जो इस अधिनियम के प्रयोजनार्थ पूर्ण रूप से सीलबंद नहीं किया जा सके;

(71) ''पारगमन'' से अभिप्रेत है बिहार राज्य से होकर एक राज्य से दूसरे राज्य में जाना-आना;

(72) ''परिवहन'' से अभिप्रेत है बिहार राज्य के भीतर एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाना;

(73) ''भांडागार'' से अभिप्रेत है वह स्थान जहाँ शराब अथवा मादक द्रव्य के भंडारण की अनुमति हो और इसमें विनिर्माणशाला का प्रासंगिक भाग शामिल है;

(74) ''शराब (वाइन)'' से अभिप्रेत है चीनी अथवा गुड़ को मिलाकर अथवा बिना मिलाए अंगूर अथवा अन्य फलों के किण्वित रस जिसमें स्वउत्पन्न ऐल्कोहॉल हो तथा इसमें फोर्टिफाइड वाइन शामिल है;

(75) ''शराब निर्माणशाला (वाइनरी)'' से अभिप्रेत है ऐसे परिसर जहाँ शराब बनाई जाती है और इसमें ऐसा हरेक स्थान शामिल है जहाँ इसका भंडारण होता है अथवा जहाँ से यह निर्गत होती है;

3333.... मादक द्रव्य घोषित करने की शक्ति। -मादक द्रव्य घोषित करने की शक्ति। -मादक द्रव्य घोषित करने की शक्ति। -मादक द्रव्य घोषित करने की शक्ति। -इस अधिनियम की धारा-2 की उप-धारा (40) के अधीन उल्लिखित किसी बात के हुए भी राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम अथवा इसके किसी भाग के प्रयोजनार्थ ऐसे मदों अथवा वस्तुओं अथवा रसायनिक घटक जो अल्कोहल का प्रतिस्थानी के तौर पर प्रयुक्त हो सकता है को ऐसे प्रतिबंधों अथवा शर्तों के साथ जो अधिसूचना में विनिर्दिष्ट की जाय, मादक द्रव्य घोषित कर सकेगी।

4444.... कतिपय अधिनियमों की व्यावृत्ति। - कतिपय अधिनियमों की व्यावृत्ति। - कतिपय अधिनियमों की व्यावृत्ति। - कतिपय अधिनियमों की व्यावृत्ति। - इस अधिनियम की कोई बात -

(क) सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 (1962 का अधिनियम 52) अथवा

(ख) छावनी अधिनियम, 2006 (2006 का 41), के उपबंधों को प्रभावित नहीं करेगी।

अध्याय अध्याय अध्याय अध्याय II

स्थापन और नियंत्रणस्थापन और नियंत्रणस्थापन और नियंत्रणस्थापन और नियंत्रण

5555.... उत्पाद आयुक्त की नियुक्ति। -उत्पाद आयुक्त की नियुक्ति। -उत्पाद आयुक्त की नियुक्ति। -उत्पाद आयुक्त की नियुक्ति। -राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, उत्पाद आयुक्त की नियुक्ति कर सकेगी जो इस अधिनियम के प्रबंध के लिए उत्तरदायी होगा।

6666.... उत्पाद पदाधिकारियों की नियुक्ति। -उत्पाद पदाधिकारियों की नियुक्ति। -उत्पाद पदाधिकारियों की नियुक्ति। -उत्पाद पदाधिकारियों की नियुक्ति। -राज्य सरकार अपर आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त, उत्पाद अधीक्षक, उत्पाद उप अधीक्षक, उत्पाद निरीक्षक और ऐसे अन्य पदाधिकारी को जिसे इस अधिनियम के अधीन कार्य निष्पादित करने के प्रयोजन के लिए वह उचित समझे, उत्पाद पदाधिकरी की षक्तियॉ प्रदत कर सकेगी । 7777.... शक्तियों का प्रत्यायोजन और वापसी। -शक्तियों का प्रत्यायोजन और वापसी। -शक्तियों का प्रत्यायोजन और वापसी। -शक्तियों का प्रत्यायोजन और वापसी। -(1) राज्य सरकार, बोर्ड अथवा उत्पाद आयुक्त अथवा कलक्टर को उन सीमाओं और शर्तों के अध्यधीन, जो प्रत्यायोजन आदेश में विनिर्दिष्ट किया जाय, अपनी शक्तियाँ प्रत्यायोजित कर सकेगी ।

(2) राज्य सरकार, आदेश द्वारा, इस प्रकार प्रत्यायोजित कोई अथवा सभी शक्तियाँ किसी पदाधिकारी से वापस भी ले सकेगी।

8888.... कलक्टर की भूमिका। - (1)कलक्टर की भूमिका। - (1)कलक्टर की भूमिका। - (1)कलक्टर की भूमिका। - (1)जिला का कलक्टर अपनी अधिकारिता वाले क्षेत्र में पूर्ण मद्य निषेध और इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप पूर्ण मद्यनिषेध लागू करने और इस अधिनियम के प्रबंध को भी सुनिष्चित करने के लिए उत्तरदायी होगा।9 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 (2) कलक्टर इस अधिनियम के अधीन दायर मामालों के प्रभावी अभियोजन से संबंधित सभी मामलों के लिये भी उत्तरदायी होगा।

(3) कलक्टर इस अधिनियम के अधीन उत्पाद पदाधिकारी की षक्तियों का प्रयोग करने हेतु भी सक्षम होगा। (4) राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, किसी पदाधिकारी जो उत्पाद विभाग के निरिक्षक से अन्यून न हो अथवा राजस्व विभाग के किसी पदाधिकारी का,े जो उप समाहर्त्ता से अन्यून पंक्ति का न हो, ऐसे पदनाम, शक्ति और कर्तव्य के साथ, जो वह उचित समझे कलक्टर की शक्तियाँ प्रदान कर सकेगी।

9999.... पुलिस अधीक्षक की भूमिका। -पुलिस अधीक्षक की भूमिका। -पुलिस अधीक्षक की भूमिका। -पुलिस अधीक्षक की भूमिका। - पुलिस अधीक्षक-

(क) अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप पूर्ण मद्यनिषेध सुनिष्चित करने में कलक्टर को सहायता करेगा। (ख) कलक्टर के प्रत्यक्ष नियंत्रण एवं अधीक्षण में कार्य करेगा।

(ग) आयुक्त उत्पाद या कलक्टर का अधिनियम के अधीन निर्गत कानूनी निर्देष को कार्यान्वित और लागू करेगा।

(घ) कलक्टर या उत्पाद आयुक्त, जैसा चाहे वैसी रीति से वैसा प्रतिवेदन देगा।

10101010.... उत्पाद आयुक्त की शक्तियाँ और कृत्य। -उत्पाद आयुक्त की शक्तियाँ और कृत्य। -उत्पाद आयुक्त की शक्तियाँ और कृत्य। -उत्पाद आयुक्त की शक्तियाँ और कृत्य। -उत्पाद आयुक्त-

(क.) राज्य में इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप पूर्ण मद्यनिषेध लागू करेगा;

(ख.) मद्यपान नहीं करने की संस्कृति को बढ़ावा देगा और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से मद्य निषेध को स्वैच्छिक प्रयास बनाएगा;

(ग.) मादक द्रव्य के विनिर्माण, कब्जा, आयात, निर्यात एवं परिवहन को विनियमित, नियंत्रित, मानीटर करेगा;

(घ.) शराब के अवैध व्यापार और निषिद्ध आसवन को रोकेगा;

(ड.) उत्पाद राजस्व का संरक्षण करेगा और तुरत वसूली सुनिश्चित करेगा;

(च.) उत्पाद से संबंधित सभी विषयों पर राज्य सरकार को इस अधिनियम अथवा इसके अधीन बनाए गए नियमों द्वारा यथापेक्षित विवरण (रिटर्न) और सूचना प्रस्तुत करेगा;

(छ.) ऐसे कृत्यों का अनुपालन और ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग करेगा, जो समय-समय पर उसे सौंपे जायें अथवा प्रत्यायोजित किये जायें।

11111111.... उत्पाद आसूचना ब्यूरो। -(1) उत्पाद आसूचना ब्यूरो। -(1) उत्पाद आसूचना ब्यूरो। -(1) उत्पाद आसूचना ब्यूरो। -(1) उत्पाद आयुक्त की अध्यक्षता में उत्पाद आसूचना ब्यूरो होगा जिसमें उतनी संख्या में उत्पाद पदाधिकारी और स्टाफ होंगे जिन्हें राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किया जाय और उतनी संख्या में अन्य पदाधिकारी और स्टाफ होंगे, जिन्हें राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से, उत्पाद आयुक्त द्वारा नियुक्त किया जाय। (2) उत्पाद आसूचना ब्यूरो -

(क) श्षराब और मादक द्रव्य का पूर्ण निषेध (मद्यनिषेध) की सफलता हेतु कार्य करेगा;

(ख) आसूचना संगृहीत करेगा और उत्पाद अपराधों की निगरानी और अपराधों का संधारण करेगा;

(ग) प्रमुख उत्पाद अपराधियों और आपराधिक रिकार्ड वाले व्यक्ति से संबंधित सूचना का संग्रह करेगा और उसे प्रसारित करेगा;

(घ) इस अधिनियम के अधीन अपराधों का पता लगाएगा, मॉनीटर करेगा, अन्वेषण करेगा और विचारण करेगा।

12121212.... विशेष शक्तियाँ से युक्त व्यक्ति। - विशेष शक्तियाँ से युक्त व्यक्ति। - राज्य सरकार, मद्यनिषेध की व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने विशेष शक्तियाँ से युक्त व्यक्ति। - विशेष शक्तियाँ से युक्त व्यक्ति। -

के लिए, अधिसूचना द्वारा, किसी सरकारी अधिकारी को, जो उत्पाद पदाधिकारी नहीं है, इस अधिनियम के अधीन किसी10 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 उत्पाद पदाधिकारी के सभी अथवा कोई कार्य करने के लिए सषक्त कर सकेगी और ऐसा व्यक्ति इन कार्यों को करते समय उत्पाद पदाधिकारी समझा जाएगा।

अध्याय अध्याय अध्याय अध्याय III

मादक द्रव्यों आदि का निषेधमादक द्रव्यों आदि का निषेधमादक द्रव्यों आदि का निषेधमादक द्रव्यों आदि का निषेध

13131313.... षराब अथवा मादक द्रव्यों पर निषेध। - (1) षराब अथवा मादक द्रव्यों पर निषेध। - (1) कोई व्यक्ति किसी मादक द्रव्य अथवा षराब का विनिर्माण, षराब अथवा मादक द्रव्यों पर निषेध। - (1) षराब अथवा मादक द्रव्यों पर निषेध। - (1)

बोतलबंदी, वितरण, वहन, संग्रह, भंडारण, कब्जा, खरीद, बिक्री अथवा उपभोग नहीं करेगा;

परन्तु राज्य सरकार, इस अधिनियम के प्रावधानों के अध्यधीन, अधिसूचना द्वारा, किसी षराब अथवा मादक द्रव्यों को बनाने, समिश्रित करने, मिश्रण करने, बोतलबंदी करने, भंडारित करने, आयात करने और निर्यात करने के मौजूदा अनुज्ञप्ति को नवीकृृत करने की अनुमति दे सकेगी;

परन्तु यह और कि राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, राज्य के स्वामित्व वाले किसी कंपनी को ऐसे कार्य कलाप की अनुमति दे सकेगी जो इस अधिनियम के अधीन अपेक्षित हो।

स्पष्टीकरण- ''मौजूदा अनुज्ञप्ति'' शब्दों से अभिप्रेत है, ऐसे व्यक्ति, फर्म आदि जो इस अधिनियम के लागू होने के दिन वैध अनुज्ञप्ति धारण करते हों।

14141414.... मादक द्रव्यों आदि का संचलन। -(1)मादक द्रव्यों आदि का संचलन। -(1)मादक द्रव्यों आदि का संचलन। -(1)मादक द्रव्यों आदि का संचलन। -(1)विधिमान्य परमिट के सिवाय और संदेय ऐसे शुल्क (यदि कोई हो) के अध्यधीन, कोई शराब, मादक द्रव्य अथवा अंतिम उत्पाद राज्य में न तो लायी जायेगी, न राज्य से बाहर ले जायी जायेगी अथवा राज्य के अन्दर न तो ढोया जाएगा या न पारगमन किया जाएगाः

(2) यदि षराब या मादक द्रव्यों के किसी परेषण को बिहार राज्य के बाहर से किसी दूसरे स्थान पर सड़क से ले जाया जा रहा हो और परेषण को ढ़ोने वाला वाहन, राज्य के राज्य क्षेत्र से गुजरता हो तो चालक या वाहन का प्रभारी कोई अन्य व्यक्ति राज्य में प्रवेष के बाद मार्ग में पड़ने वाले पहले चेक-पोस्ट के प्राधिकारी से विहित रीति से पारगमन की अनुमति प्राप्त करेगा और राज्य को छोड़ने के पहले अंतिम चेक-पोस्ट के प्राधिकारी को पारगमन अनुमति अभ्यर्जित करेगा और मार्ग में पड़ने वाले पहले चेक-पोस्ट छोड़ने के नियत समय के भीतर ऐसा करने में विफल रहने पर समझा जायेगा कि इस प्रकार वाहित षराब या मादक द्रव्य, वाहन के मालिक अथवा वाहन के प्रभारी व्यक्ति द्वारा बिहार राज्य में बेच दिया गया है अथवा व्ययनित कर दिया गया है।

(3) उप-धारा (2) में निर्दिष्ट चालक अथवा व्यक्ति यदि उप-धारा (2) के प्रावधानों का पालन करने में विफल रहता है तो उससे राज्य सरकार द्वारा विनिश्चित शास्ति उद्‌गृहीत की जा सकेगी तथा वह अधिनियम की धारा-30 के अधीन अभियोजित भी किया जा सकेगा।

(4) राज्य सरकार इस प्रयोजनार्थ विस्तृत नियम बना सकेगी । 15151515.... मादक द्रव्य आदि ढ़ोनेे वाले वाहनों पर प्रतिबंध। - मादक द्रव्य आदि ढ़ोनेे वाले वाहनों पर प्रतिबंध। -राज्य सरकार किसी उत्पाद शुल्क योग्य वस्तुओं मादक द्रव्य आदि ढ़ोनेे वाले वाहनों पर प्रतिबंध। - मादक द्रव्य आदि ढ़ोनेे वाले वाहनों पर प्रतिबंध। -

अथवा अंतिम उत्पादों को ढोनेवाले वाहनों पर समुचित प्रतिबंध लगा सकेगी और कुछ विनिर्देशों का पालन करने के लिए उनसे अपेक्षा कर सकेगीः

परन्तु राज्य सरकार परिवहन यानों से ऐसे यंत्र लगाने की अपेक्षा कर सकेगी जो मोटर वाहन अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकरण के लिए पूर्व शर्त के रूप में अपेक्षित हो और राज्य परिवहन प्राधिकारी को ऐसे निदेश दे सकेगी जो वह उचित समझे।11 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 मादक द्रव्यों के परिवहन को विनियमित करने हेतु शक्ति। - 16161616.... मादक द्रव्यों के परिवहन को विनियमित करने हेतु शक्ति। - मादक द्रव्यों के परिवहन को विनियमित करने हेतु शक्ति। - मादक द्रव्यों के परिवहन को विनियमित करने हेतु शक्ति। -

इस अधिनियम और तत्समय प्रवृा किसी अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, किसी अथवा सभी शराब अथवा मादक द्रव्यों को राज्य अथवा राज्य के किसी विनिर्दिष्ट भाग अथवा क्षेत्र में आयात अथवा से निर्यात अथवा से होकर संचलन को विनियमित कर सकेगी।

अध्याय अध्याय अध्याय अध्याय IV

मौजूदा अनुज्ञाधारियों की अनुज्ञप्ति और परमिट का नवीकरण मौजूदा अनुज्ञाधारियों की अनुज्ञप्ति और परमिट का नवीकरण मौजूदा अनुज्ञाधारियों की अनुज्ञप्ति और परमिट का नवीकरण मौजूदा अनुज्ञाधारियों की अनुज्ञप्ति और परमिट का नवीकरण

17171717.... आसवनी, मद्यनिर्माणशाला, आदि की आसवनी, मद्यनिर्माणशाला, आदि की आसवनी, मद्यनिर्माणशाला, आदि की आसवनी, मद्यनिर्माणशाला, आदि की अनुज्ञप्तिअनुज्ञप्तिअनुज्ञप्तिअनुज्ञप्ति का नवीकरण । -(1)का नवीकरण । -(1)का नवीकरण । -(1)का नवीकरण । -(1) किसी विनिर्माणशाला, आसवनी, शीरा कारखाना, मद्यनिर्माणषाला, बॉटलिंग प्लांट, की नई अनुज्ञप्ति निर्गत नहीं की जायेगी;

परन्तु कलक्टर केवल उन मादक द्रव्यों का जो इस अधिनियम की धारा-3 में राज्य सरकार द्वारा इस रूप में घोषित है, अनुज्ञप्ति अथवा परमिट जैसा हो निर्गत कर सकेगा।

(2) कलक्टर किसी विनिर्माणषाला, आसवनी, शीरा कारखाना, मद्यनिर्माणषाला, बॉटलिंग प्लांट के मौजूदा अनुज्ञप्ति को इस अधिनियम के प्रावधानों के अध्यधीन नवीकृत अथवा परमिट निर्गत, जैसा हो कर सकेगा। (3) राज्य सरकार अनुज्ञापन व्यवस्था को शासित करने के लिए विस्तृत नियम बना सकेगी।

(4) अनुज्ञापन प्राधिकारी अनुज्ञप्तिधारी से अनुज्ञप्ति के निबंधन एवं शर्तों के अनुपालन के लिए प्रतिभूति देने और उसपर हुए करार का निष्पादन करने हेतु अपेक्षा कर सकेगा।

स्पष्टीकरण- मौजूदा अनुज्ञप्ति से अभिप्रेत है, व्यक्ति, फर्म आदि जो इस अधिनियम को लागू होने के दिन वैध अनुज्ञप्ति धारण करते हों।

18181818.... अनुज्ञप्तियों एवं परमिटों की अनंतरणीयता।-अनुज्ञप्तियों एवं परमिटों की अनंतरणीयता।-अनुज्ञप्तियों एवं परमिटों की अनंतरणीयता।-अनुज्ञप्तियों एवं परमिटों की अनंतरणीयता।-इस अधिनियम के अधीन निर्गत सभी अनुज्ञप्तियाँ एवं परमिट अनंतरणीय होंगे।

19191919.... बोर्ड की शक्ति।-बोर्ड की शक्ति।-बोर्ड की शक्ति।-बोर्ड की शक्ति।-राजस्व पर्षद्‌ (बोर्ड) को ऐसे प्राधिकार के प्रयोग की शक्ति होगी जो राज्य सरकार द्वारा उसे प्रत्यायोजित की जाय।

20202020.... अनुज्ञप्ति को स्वीकृत करने हेतु अर्हताएँ। -अनुज्ञप्ति को स्वीकृत करने हेतु अर्हताएँ। -अनुज्ञप्ति को स्वीकृत करने हेतु अर्हताएँ। -अनुज्ञप्ति को स्वीकृत करने हेतु अर्हताएँ। -अनुज्ञप्ति के लिए आवेदक को-

(क) भारत का नागरिक होना चाहिए अथवा भारत में कोई कंपनी रजिस्ट्रीकृत होनी चाहिए ;

(ख) व्यक्तिक्रमी अथवा काली सूची में डाला हुआ अथवा उत्पाद अनुज्ञप्ति धारण करने से वर्जित किया हुआ नहीं होना चाहिए या उसपर सरकार का बकाया शेष नहीं होना चाहिए;

(ग) शोधनक्षम और अच्छे नैतिक आचरण रखनेवाला होना चाहिए तथा इस अधिनियम अथवा किसी अन्य अधिनियम के अधीन किसी अपराध में सिद्धदोष हुआ नहीं होना चाहिए;

(घ) ऐसे व्यक्ति को किराये पर नहीं रखना चाहिए अथवा नियोजित नहीं करना चाहिए जो 21 वर्ष से कम आयु के हों अथवा जिनकी आपराधिक पृष्ठभूमि हो।

21212121.... होलोग्राम। -होलोग्राम। -होलोग्राम। -होलोग्राम। -

(1) राज्य सरकार किसी शीरा कारखाना, आसवनी, अनुज्ञप्तिधारी, वितरक, विक्रेता, आयातक, निर्यातक, बॉटलिंग प्लांट अथवा ऐसी अन्य स्थापनाओं से, जो इस अधिनियम के अधीन कार्य करते हैं, अपेक्षा करेगी कि वे अपने उत्पादों पर उत्पाद आयुक्त द्वारा विहित विनिर्देशों के अनुसार होलोग्राम लगायें।

(2) राज्य सरकार इस संबंध में विस्तृत नियम बना सकेगी।12 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 22222222.... अनुज्ञप्ति और परमिट स्थगित करने अथवा रद्द करने की शक्ति। - अनुज्ञप्ति और परमिट स्थगित करने अथवा रद्द करने की शक्ति। - अनुज्ञप्ति और परमिट स्थगित करने अथवा रद्द करने की शक्ति। - अनुज्ञप्ति और परमिट स्थगित करने अथवा रद्द करने की शक्ति। -

(1) ऐसे प्रतिबंध जो राज्य सरकार विहित करे, के अध्यधीन इस अधिनियम के अधीन किसी अनुज्ञप्ति का नवीकरण, अथवा परमिट निर्गत करनेवाला कोई प्राधिकारी, निम्नलिखित परिस्थितियों में सुने जाने का समुचित अवसर देने के पश्चात्‌, इसे स्थगित अथवा रद्द कर सकेगाः-

(क) यदि अनुज्ञप्ति अथवा परमिट, अनुज्ञापन प्राधिकारी के अनुमति के बिना उसके धारक द्वारा अंतरित किया जाय अथवा शिकमी (सबलेट) पर दिया गया हो;

(ख) यदि उसके धारक द्वारा संदेय उत्पाद राजस्व को सम्यक्‌ रूप से संदत्त नहीं किया गया हो;

(ग) यदि ऐसी अनुज्ञप्ति अथवा परमिट के धारक अथवा उसके सेवक या अभिकर्ता अथवा उसकी ओर से कार्य करनेवाला कोई व्यक्ति उसकी अभिव्यक्त या विवक्षित अनुमति से ऐसी अनुज्ञप्ति अथवा परमिट के निबंधन और शर्तों को भंग करे;

(घ) यदि अनुज्ञप्ति अथवा परमिट का धारक अथवा उसका अभिकर्ता अथवा कर्मचारी इस अधिनियम अथवा तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि जो उत्पाद राजस्व से संबंधित विषयों से जुड़ा हो के अधीन किसी दंडनीय अपराध अथवा किसी अन्य सुसंगत विधि के अधीन किसी संज्ञेय और गैर संज्ञेय अपराध में सिद्धदोष हो;

(ड) यदि जिस प्रयोजन से अनुज्ञप्ति अथवा परमिट दिया गया था वह अस्तित्वहीन हो जाय;

(च) यदि अनुज्ञप्ति अथवा परमिट, दुव्र्यपदेशन अथवा कपट के माध्यम से प्राप्त किया गया हो;

(छ) यदि किसी अन्य कारण से अनुज्ञापन प्राधिकारी का प्रथम दृष्ट्‌या समाधान हो जाय कि अनुज्ञप्ति, रद्द करने के लिए उपयुक्त है।

(2) उप-धारा (1) के अधीन कोई कार्रवाई करने के लिए अनुज्ञप्तिधारी किसी प्रकार के प्रतिकर का पात्र नहीं होगा।

नवीकरण के अधिकार तथा प्रतिकर का वर्जन। -कोई व्यक्ति जिसे अनुज्ञप्ति अथवा परमिट स्वीकृत 23232323.... नवीकरण के अधिकार तथा प्रतिकर का वर्जन। - नवीकरण के अधिकार तथा प्रतिकर का वर्जन। - नवीकरण के अधिकार तथा प्रतिकर का वर्जन। -

किया गया है, अधिकारस्वरूप उसके नवीकरण का हकदार नहीं होगा और अनुज्ञप्ति अथवा परमिट के प्रवृत्त रहने की अवधि की समाप्ति पर नवीकरण करने से इनकार किए जाने के कारण नुकसान अथवा अन्यथा प्रतिकर का दावा नहीं होगा।

अनुज्ञप्ति को वापस लेने तथा नवीकरण नहीं करने की राज्य सरकार की शक्ति।- 24242424.... अनुज्ञप्ति को वापस लेने तथा नवीकरण नहीं करने की राज्य सरकार की शक्ति।- अनुज्ञप्ति को वापस लेने तथा नवीकरण नहीं करने की राज्य सरकार की शक्ति।- अनुज्ञप्ति को वापस लेने तथा नवीकरण नहीं करने की राज्य सरकार की शक्ति।-

(1) (1) (1) (1) राज्य सरकार किसी समय सम्पूर्ण बिहार राज्य अथवा उसके किसी हिस्से में किसी कारखाना, आसवनी, शीरा कारखाना, मद्य विनिर्माणषाला (ब्रिवरी), बॉटलिंग प्लांट, को निर्गत अनुज्ञप्ति को या तो वापस लेने या नवीकरण नहीं करने का निर्णय ले सकेगी।

(2) (2) (2) (2) उप----धारा (1) के अधीन की गई किसी कार्रवाई के परिणाम स्वरूप अग्रिम के रूप में संदर्भ किसी अनुज्ञप्ति फीस अथवा जमा में से सरकार द्वारा वसूलनीय किसी रकम को घटाने के बाद शेष के सिवाय कुछ भी भुगतान नही किया जाएगा।

25252525.... प्रबंध ग्रहण करने हेतु कलक्टर की शक्ति। -प्रबंध ग्रहण करने हेतु कलक्टर की शक्ति। -प्रबंध ग्रहण करने हेतु कलक्टर की शक्ति। -प्रबंध ग्रहण करने हेतु कलक्टर की शक्ति। -यदि इस अधिनियम के अधीन नवीकृत अनुज्ञप्ति का धारक, अधिनियम अथवा इसके अधीन बनाए गए नियमों के किसी उपबंध का उल्लंघन करता है अथवा उसपर लगाई गई किसी शर्त के अनुपालन में चूक करता है अथवा इस अधिनियम के अधीन कलक्टर द्वारा निर्गत समुचित निर्देशों का अनुपालन करने से इनकार करता है अथवा उसकी अनुज्ञप्ति की समाप्ति अथवा अनुज्ञप्ति की वापसी पर कलक्टर किसी भी समय, ऐसी अनुज्ञप्ति अथवा विशेषाधिकार को रद्द किये बिना -13 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 (क) उस स्थापना के स्वामी के जोखिम और हानि पर, ऐसी स्थापना का प्रबंध ग्रहण कर सकेगा; अथवा (ख) स्वामी के जोखिम और हानि पर, अनुज्ञप्ति या विशेषाधिकार की असमाप्त अवधि के लिए स्थापना का अंतरण किसी अन्य व्यक्ति को कर सकेगा।

अध्याय अध्याय अध्याय अध्याय V

उत्पाद राजस्वउत्पाद राजस्वउत्पाद राजस्वउत्पाद राजस्व

उत्पाद राजस्व की प्रकृति और घटक। - उत्पाद राजस्व निम्नलिखित शीर्षों के अधीन उद्‌गृहीत और 26262626.... उत्पाद राजस्व की प्रकृति और घटक। - उत्पाद राजस्व निम्नलिखित शीर्षों के अधीन उद्‌गृहीत और उत्पाद राजस्व की प्रकृति और घटक। - उत्पाद राजस्व निम्नलिखित शीर्षों के अधीन उद्‌गृहीत और उत्पाद राजस्व की प्रकृति और घटक। - उत्पाद राजस्व निम्नलिखित शीर्षों के अधीन उद्‌गृहीत और वसूल किया जाएगा यथाः-वसूल किया जाएगा यथाः-वसूल किया जाएगा यथाः-वसूल किया जाएगा यथाः-

(क) शुल्क;

(ख) अनुज्ञप्ति फीस;

(ग) लेबल रजिस्ट्रीकरण फीस; आयात अथवा निर्यात अथवा परिवहन अथवा संचलन फीस।

(घ) विशेषाधिकार फीस, जुर्माना, शास्ति और अन्य विविध प्राप्तियाँ आदि के माध्यम से प्रोद्‌भवन, और (ङ) अन्य कोई षुल्क, सेस, फीस अथवा अधिभार जिसे राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, अधिरोपित करे। निबंधन, शर्तों के लिए फीस और अनुज्ञप्ति, परमिट और पास का प्रपत्र और अवधि।- 27272727.... निबंधन, शर्तों के लिए फीस और अनुज्ञप्ति, परमिट और पास का प्रपत्र और अवधि।- निबंधन, शर्तों के लिए फीस और अनुज्ञप्ति, परमिट और पास का प्रपत्र और अवधि।- निबंधन, शर्तों के लिए फीस और अनुज्ञप्ति, परमिट और पास का प्रपत्र और अवधि।-

(1) इस अधिनियम के अधीन नवीकृृत हरेक अनुज्ञप्ति, अथवा स्वीकृत हरेक परमिट/पास

(क) नवीकृृत अथवा स्वीकृत किया जाएगा -

(i) ऐसी फीस (यदि कोई हो) के भुगतान पर, और

(ii) ऐसे प्रतिबंधों और ऐसी शर्तों के अध्यधीन, और

(ख) ऐसे प्रपत्र में और उन विशिष्टियों को अंतर्विष्ट करते हुए, जो नियम उपबंधित करे।

(2) इस अधिनियम के अधीन नवीकृत प्रत्येक अनुज्ञप्ति अथवा स्वीकृत हरेक परमिट अथवा पास उस अवधि के लिए (यदि कोई हो) होगा जो इस अधिनियम के अधीन राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियम द्वारा विहित हो। किसी रिट याचिका, वाद, आदि के लंबित रहने का विचार किए बिना उत्पाद राजस्व संदत्त किया जाना। 28282828.... किसी रिट याचिका, वाद, आदि के लंबित रहने का विचार किए बिना उत्पाद राजस्व संदत्त किया जाना। किसी रिट याचिका, वाद, आदि के लंबित रहने का विचार किए बिना उत्पाद राजस्व संदत्त किया जाना। किसी रिट याचिका, वाद, आदि के लंबित रहने का विचार किए बिना उत्पाद राजस्व संदत्त किया जाना। ----इस बात के होते हुए भी कि किसी न्यायालय में रिट याचिका दायर की गयी है अथवा वाद या अन्य कार्यवाही संस्थित की गयी है अथवा किसी न्यायाधिकरण या उत्पाद आयुक्त के समक्ष अपील दाखिल की गई है अथवा राज्य सरकार के समक्ष पुनरीक्षण दाखिल किया गया है, इस अधिनियम के द्वारा अथवा अधीन किसी पदाधिकारी अथवा इस निमित्त सशक्त प्राधिकारी द्वारा पारित आदेश अथवा की गई मांग के परिणामस्वरूप, इस अधिनियम के अधीन राज्य सरकार को देय राशि, उस आदेश अथवा मांग के अनुसार संदेय होगा जबतक कि सक्षम प्राधिकारी अथवा न्यायालय द्वारा ऐसे संदाय पर रोक नहीं लगा दिया जाय।

र्माण पर शुल्क अधिरोपित करने की शक्ति। (1) यथास्थिति उत्पाद 29292929.... आयात, निर्यात, परिवहन अथवा विनिआयात, निर्यात, परिवहन अथवा विनिआयात, निर्यात, परिवहन अथवा विनिआयात, निर्यात, परिवहन अथवा विनिर्माण पर शुल्क अधिरोपित करने की शक्ति। र्माण पर शुल्क अधिरोपित करने की शक्ति। र्माण पर शुल्क अधिरोपित करने की शक्ति।

शुल्क अथवा प्रतिशुल्क अथवा कोई अन्य शुल्क अथवा फीस, ऐसी दर अथवा दरों पर, जिसे राज्य सरकार निदेशित करे निम्नलिखित पर या तो सामान्य रूप से या किसी विनिर्दिष्ट स्थानीय क्षेत्र में अधिरोपित की जा सकेगी :-

(क) कोई उत्पाद शुल्क योग्य आयातित वस्तु, अथवा

(ख) कोई उत्पाद शुल्क योग्य निर्यातित वस्तु, अथवा

(ग) कोई उत्पाद शुल्क योग्य वाहित वस्तु, अथवा

(घ) इस अधिनियम के अधीन निर्गत अथवा नवीकृृत अनुज्ञप्ति के अधीन उत्पादशुल्क योग्य विनिर्मित वस्तु, अथवा14 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 (ड़) इस अधिनियम के अधीन अनुज्ञप्त, स्थापित, प्राधिकृत अथवा लगातार चल रहे किसी आसवनी (डिस्टीलरी) अथवा मद्यनिर्माणशाला (ब्रूअरि) में कोई उत्पादशुल्क योग्य विनिर्मित वस्तु।

स्पष्टीकरण। -(1)- इस उप-धारा के अधीन किसी वस्तु पर ऐसे स्थान, जहाँ से ऐसी वस्तु उपभोग के लिए हटायी जानी हो, के अनुसार अथवा ऐसी वस्तु की परिवर्तित शक्ति और गुणवत्ता के अनुसार विभिन्न दरों से शुल्क अधिरोपित की जा सकेगी।

(2) इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन, किसी मादक द्रव्य पर या तो सामान्य रूप से या किसी विनिर्दिष्ट स्थानीय क्षेत्र में कोई शुल्क ऐसीे दर अथवा दरों पर अधिरोपित की जा सकेगी जैसा कि राज्य सरकार निदेश दे।

अध्याय अध्याय अध्याय अध्याय VI

अपराध और शास्तिअपराध और शास्तिअपराध और शास्तिअपराध और शास्ति

अवैध आयात, निर्यात, परिवहन, विनिर्माण, कब्जा, विक्रय, आदि पर शास्ति। - 30303030.... अवैध आयात, निर्यात, परिवहन, विनिर्माण, कब्जा, विक्रय, आदि पर शास्ति। - अवैध आयात, निर्यात, परिवहन, विनिर्माण, कब्जा, विक्रय, आदि पर शास्ति। - अवैध आयात, निर्यात, परिवहन, विनिर्माण, कब्जा, विक्रय, आदि पर शास्ति। -

जो कोई, इस अधिनियम अथवा इस अधिनियम के अधीन बनाए गए किसी नियम अथवा आदेश अथवा निर्गत अधिसूचना के उपबंध के उल्लंधन में अथवा इस अधिनियम के अधीन नवीकृत किसी अनुज्ञप्ति अथवा परमिट अथवा पास के किसी शर्त के उल्लंधन में अथवा इस अधिनियम के अधीन निर्गत विधिमान्य अनुज्ञप्ति, परमिट अथवा पास के बिना -

(क) किसी मादक द्रव्य अथवा शराब का विनिर्माण, कब्जा, क्रय विक्रय, वितरण, संग्रहण बोतलबंद, आयात, निर्यात, परिवहन करता है अथवा दूर हटाता है; अथवा

(ख) किसी भांग/गाँजा के पौधे को उपजाता है; अथवा

(ग) किसी कारखाना, आसवनी, मद्यनिर्माणशाला अथवा भांडागार का निर्माण करता है अथवा स्थापना करता है अथवा कार्य करता है; अथवा

(घ) किसी मादक द्रव्य अथवा शराब बनाने के प्रयोजनार्थ किसी प्रकार की कोई वस्तु, स्टिल, बरतन, उपकरण अथवा यंत्र अथवा परिसर का उपयोग करता है, रखता है अथवा अपने कब्जे में रखता है;

अथवा

स्पष्टीकरण -''सामग्री'' शब्द से अभिप्रेत है कोई सामग्री और इसमें शामिल है कोई खाद्य या अखाद्य पदार्थ जो षराब अथवा मादक द्रव्य बनाने के लिये प्रयुक्त की जाती हो।

(ङ) राज्य सरकार के लोगो (प्रतीक चिह्न) अथवा किसी राज्य के लोगों के साथ अथवा बिना, कोई सामग्री या फिल्म रखता है अथवा रैपर या कोई अन्य चीज जिसमें शराब या मादक द्रव्य पैक की जा सकती हो, रखता है अथवा किसी शराब या मादक द्रव्य को पैक करने के प्रयोजनार्थ कोई यंत्र अथवा उपकरण रखता है; अथवा

(च) इस अधिनियम के अधीन अनुज्ञप्त, स्थापित, प्राधिकृत अथवा लगातार चालू किसी आसवनी, मद्यनिर्माणशाला, भांडागार, भंडारण के अन्य स्थान से कोई शराब अथवा मादक द्रव्य हटाता है;

अथवा

(छ) किसी मादक द्रव्य अथवा शराब के साथ अथवा उसके बिना बनी कोई निर्मिति, अथवा घटक जो ऐल्कोहॉल अथवा उसके प्रतिस्थानी के रूप में कार्य करे और जिसका उपयोग अथवा संभावित उपयोग अथवा उपभोग नशा उत्पन्न करने के प्रयोजन से किया जाता हो, का विनिर्माण, कब्जा, विक्रय, वितरण, बोतलबंद, आयात, निर्यात, परिवहन करता है अथवा दूर ले जाता है;

15 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016

कम से कम दस वर्षों के कारावास से, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकेगा और जुर्माने से, जो कम से कम एक लाख रुपये होगा, जिसे दस लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकेगा, दंडनीय होगा। स्पष्टीकरण - यहाँ ''कब्जा'' से अभिप्रेत है किसी परिवार अथवा उस परिवार के किसी सदस्य द्वारा कब्जा और इसमें कब्जा की जानकारी शामिल है जहाँ परिवार का कोई सदस्य अथवा स्वयं परिवार ही जानता है कि ऐसा कब्जा अवैध है चाहे यह उसके अपने अथवा परिवार के दूसरे सदस्य के कब्जे में हो।

31313131.... कंपनियों द्वारा अपराध करना। -कंपनियों द्वारा अपराध करना। -कंपनियों द्वारा अपराध करना। -कंपनियों द्वारा अपराध करना। -(1) यदि इस अधिनियम के अधीन अपराध करनेवाला कोई व्यक्ति कंपनी हो तो अपराध करने के समय अपने कार्य संचालन के लिए कंपनी के साथ-साथ कंपनी का प्रभारी और उत्तरदायी हरेक व्यक्ति अपराध का दोषी समझा जाएगा और उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी और तदनुसार दंडित किया जाएगा;

परन्तु जहाँ कंपनी की भिन्न-भिन्न स्थापना अथवा शाखाएँ अथवा किसी स्थापना अथवा शाखा में विभिन्न इकाईयाँ हों तो अपराध करते समय अपने कार्य संचालन के लिए उत्तरदायी सम्बद्ध मुख्य कार्यपालक और कंपनी द्वारा नामित ऐसी स्थापना, शाखा, इकाई का प्रभारी व्यक्ति ऐसी स्थापना, शाखा अथवा इकाई की बाबत उल्लंधन का भागी होगा;

परन्तु यह और कि इस उपधारा की कोई बात किसी ऐसे व्यक्ति को किसी दंड का भागी नहीं बना देगा यदि वह प्रमाणित करता है कि अपराध बिना उसकी जानकारी में हुआ था अथवा ऐसे अपराध को करने से रोकने के लिए उसने सभी सम्यक्‌ तत्परता का प्रयोग किया था।

(1) उप-धारा (1) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहाँ इस अधिनियम के अधीन कंपनी द्वारा कोई अपराध किया जाता है और यह प्रमाणित हो जाता है कि अपराध किसी निदेशक, प्रबंधक, सचिव अथवा अन्य पदाधिकारी की सहमति से अथवा मिलीभगत से अथवा उनकी ओर से उपेक्षा के कारण से, हुआ माना जा सकता है तो ऐसे निदेशक, प्रबंधक, सचिव अथवा अन्य पदाधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी और तदनुसार दंडित किया जाएगा।

(2) यह धारा उन कंपनियों पर लागू नहीं होगी, जहाँ केन्द्र अथवा राज्य सरकार द्वारा अधिकांश शेयर धारण किया जाता हो अथवा उन कंपनियों पर जिन्हें बोर्ड छूट प्रदान करे।

स्पष्टीकरण (1)- इस धारा के प्रयोजनार्थ ''कंपनी'' से अभिप्रेत है कोई निगमित निकाय और इसमें कोई फर्म अथवा व्यष्टि-संगम शामिल है; तथा फर्म के संबंध में ''निदेशक'' से अभिप्रेत है फर्म में भागीदार।

32323232.... कुछ मामलों में अपराध करने के बारे में कुछ मामलों में अपराध करने के बारे में कुछ मामलों में अपराध करने के बारे में कुछ मामलों में अपराध करने के बारे में अनुमान। - (1)अनुमान। - (1)अनुमान। - (1)अनुमान। - (1)इस अधिनियम के किसी सुसंगत उपबंध के अधीन अभियोजन में जबतक कि विपरीत बातें प्रमाणित न हो जाय यह अनुमान किया जाएगा कि अपराधी ने किसी शराब, मादक द्रव्य, पदार्थ , स्टिल, बरतन, उपकरण अथवा यंत्र, जिन्हें रखने के लिए वह संतोषजनक विवरण देने में असमर्थ है, की वाबत उस धारा के अधीन दंडनीय अपराध किया है।

(2) जहाँ इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध को करने में किसी उपकरण, सयंन्त्र पशु, जलयान, गाड़ी अथवा अन्य वाहन परिवहन प्रयुक्त हो, जो अधिहरण/अथवा सीलबंद किए जाने के भागी हो, तो उसका स्वामी अथवा अधिभोगी ऐसे अपराध का दोषी समझा जाएगा और ऐसे स्वामी अथवा अधिभोगी के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी और तदनुसार दंडित किया जाएगा जबतक इसका समाधान न हो जाय कि अपराध उसकी जानकारी के बिना हुआ था या अथवा ऐसे अपराध को करने से रोकने के लिए उसने सम्यक्‌ सावधानी बरती थी।

(3) जहाँ कोई अपराध किसी परिवार द्वारा दखल किए गए स्थान अथवा परिसर अथवा मकान में कोई मादक द्रव्य अथवा शराब पाया जाता है, उपभोग किया जाता है, बनाया जाता है, बिक्री की जाती है अथवा वितरण किया जाता है अथवा परिवार द्वारा अधिभोग कर रहे मकान में कोई मादक द्रव्य अथवा शराब पाया जाता है या उपभोग किया जाता है, कथित रूप से हुआ हो तो यह अनुमान किया जाएगा कि 18 वर्ष से अधिक आयुवाले परिवार के सभी सदस्य16 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 जो स्थान अथवा परिसर का अधिभोग कर रहे हैं अथवा रह रहे हैं, को ऐसे अपराध करने की जानकारी है, जबतक कि अन्यथा प्रमाणित न हो।

विकृत स्पिरिट को मानव उपभोग के लिए बना देने हेतु शास्ति। -जो कोई मानव उपभोग के योग्य बनाने 33333333.... विकृत स्पिरिट को मानव उपभोग के लिए बना देने हेतु शास्ति। - विकृत स्पिरिट को मानव उपभोग के लिए बना देने हेतु शास्ति। - विकृत स्पिरिट को मानव उपभोग के लिए बना देने हेतु शास्ति। -

के इरादे से विकृत स्पिरिट को परिवर्तित करता है अथवा परिवर्तित करने का प्रयास करता है चाहे पेय पदार्थ के रूप मे हो अथवा औषधि के रूप में अथवा किसी अन्य रूप में और किसी अन्य पद्वति से अथवा अपने पास कोई स्पिरिट रखता है, जिसके संबंध में उसे जानकारी है अथवा विश्वास करने का कारण है कि ऐसा प्रयास किया गया है तो वह कम से कम दस वर्षों के कारावास, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकेगा तथा जुर्माने से, जो कम से कम एक लाख रुपये होगा और जिसे बढ़ाकर दस लाख रुपये किया जा सकेगा, दंडनीय होगा।

स्पष्टीकरण। -

''कब्जा'' से यहाँ अभिप्रेत है परिवार अथवा उस परिवार के सदस्य द्वारा कब्जा और उसमें षामिल है कब्जा की जानकारी, जहाँ परिवार का कोई सदस्य अथवा स्वयं परिवार यह जानता है कि ऐसा कब्जा अवैध है चाहे यह उसके अपने कब्जा में है अथवा परिवार के किसी दूसरे सदस्य के।

शराब के साथ हानिकर पदार्थ मिलाने हेतु शास्ति। -जो कोई- 34343434....शराब के साथ हानिकर पदार्थ मिलाने हेतु शास्ति। - शराब के साथ हानिकर पदार्थ मिलाने हेतु शास्ति। - शराब के साथ हानिकर पदार्थ मिलाने हेतु शास्ति। -

(क) किसी शराब में कोई हानिकर औषधि अथवा कोई विजातीय अवयव मिलाता है अथवा मिलाने की अनुमति देता है अथवा बिक्री करता है या निर्माण करता है अथवा अपने पास रखता है; अथवा (ख) किसी निर्मिति को बनाता है, बिक्री करता है अथवा रखता है चाहे ठोस, अर्द्धठोस, द्रव, अर्द्धद्रव अथवा गैसीय हो, या तो स्थानीय रूप से बना हो अथवा अन्यथा, जो ऐल्कोहॉल के रूप में अथवा ऐल्कोहॉल के प्रतिस्थानी के रूप में कार्य कर सके और नशा उत्पन्न करने के प्रयोजनार्थ प्रयुक्त हो अथवा उपभुक्त हो;

जिससे मनुष्य में विकलांगता अथवा गंभीर क्षति अथवा मृत्यु की संभावना हो तो वह निम्न रूप से दंडनीय होगाः

(i) यदि ऐसे कार्य के परिणामस्वरूप मृत्यु हो जाती है तो मृत्यु अथवा आजीवन कारावास से और जुर्माने से जो कम से कम पाँच लाख रुपये होगा, जिसे बढ़ाकर दस लाख रुपये तक किया जा सकेगा;

(ii) यदि ऐसे कार्य के परिणामस्वरूप किसी व्यक्ति को विकलांगता अथवा गंभीर क्षति होती है तो कम से कम दस वर्षों के कठोर कारावास से जिसे बढ़ाकर आजीवन कारावास किया जा सकेगा और जुर्माने से जो कम से कम दो लाख रुपये होगा जिसे बढ़ाकर दस लाख रुपये तक किया जा सकेगा;

(iii) यदि ऐसे कार्य के फलस्वरूप किसी व्यक्ति को कोई अन्य पारिणामिक चोट पहुँचती है तो कम से कम आठ वर्षों के कारावास से जिसे बढ़ाकर आजीवन कारावास किया जा सकेगा और जुर्माने से जो कम से कम एक लाख रुपये होगा जिसे बढ़ाकर दस लाख रुपये तक किया जा सकेगा;

(iv) यदि ऐसे कार्य से कोई क्षति नहीं होती है तो कम से कम आठ वर्षों के कारावास से जिसे बढ़ाकर दस वर्षों तक किया जा सकेगा और जुर्माने से जो कम से कम एक लाख रुपये होगा, जिसे बढ़ाकर पाँच लाख रुपये तक किया जा सकेगा।17 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 स्पष्टीकरण -

(1) इस धारा के प्रयोजनार्थ ''गंभीर क्षति'' पद का वही अर्थ होगा जो भारतीय दंड संहिता 1860 (1860 का XLV) की धारा-320 में है।

(2) ''कब्जा'' से यहाँ अभिप्रेत है किसी परिवार अथवा उस परिवार के सदस्य द्वारा कब्जा और उसमें षामिल है कब्जा की जानकारी, जहाँ परिवार का कोई सदस्य अथवा स्वयं परिवार यह जानता है कि ऐसा कब्जा अवैध है चाहे यह उसके अपने कब्जा में है अथवा परिवार के किसी दूसरे सदस्य के।

35353535....कपट करने के लिए शास्ति। -कपट करने के लिए शास्ति। -कपट करने के लिए शास्ति। -कपट करने के लिए शास्ति। -जो कोई-

(क) किसी शराब को भारत में आयातित विदेशी शराब के रूप में बिक्री करता है अथवा रखता है अथवा बिक्री के लिए प्रदर्शित करता है जिसे वह जानता है अथवा विश्वास करने का कारण है कि यह भारत में बनी विदेशी शराब अथवा देशी शराब है; अथवा

(ख) किसी शराब को भारत में बनी विदेशी शराब के रूप में बिक्री करता है अथवा रखता है अथवा बिक्री के लिए प्रदर्शित करता है जिसे वह जानता है अथवा विश्वास करने का कारण है कि यह देशी शराब है; अथवा

(ग) देशी शराब अथवा भारत में बनी विदेशी शराब से युक्त बोतल, केस, पैकेज अथवा अन्य पात्र अथवा ऐसे किसी बोतल के कॉर्क पर लेबल लगाता है अथवा देशी शराब अथवा भारत में बनी विदेशी शराब से युक्त किसी बोतल, केस, पैकेज या ऐसे अन्य पात्र का व्यवहार करता है अथवा देशी शराब अथवा भारत में बनी विदेशी शराब से युक्त किसी बोतल, केस, पैकेज या अन्य पात्र का व्यवहार यह विश्वास कराने के इरादे से करता है कि ऐसे बोतल, केस, पैकेज अथवा अन्य पात्र में विदेशी शराब है; अथवा

(घ) देशी शराब से युक्त किसी बोतल, केस, पैकेज अथवा अन्य पात्र अथवा ऐसे बोतल के कॉर्क पर लेबल लगाता है अथवा देशी शराब युक्त किसी बोतल, केस, पैकेज अथवा ऐसे अन्य पात्र का व्यवहार करता है अथवा देशी शराब युक्त किसी बोतल, केस, पैकेज अथवा पात्र का व्यवहार यह विश्वास कराने के इरादे से करता है कि ऐसे बोतल, केस, पैकेज अथवा अन्य पात्र में भारत में बनी विदेशी शराब है; अथवा

(ड़) शराब को वैसा दिखाने जो वह नहीं है के उद्देश्य से किसी साधन का प्रयोग करते हुए किसी उपभोक्ता या क्रेता को धोखा देने के लिए किसी शराब अथवा शराब की बोतल छद्‌मावरण से छिपाता है अथवा छद्‌मावरण से छिपाने का प्रयास करता है।

वह कारावास से, जो कम से कम दस वर्षों का होगा, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकेगा तथा जुर्माने से, जो कम से कम एक लाख रूपये होगा, जिसे दस लाख रूपये तक बढ़ाया जा सकेगा, दंंडनीय होगा।

नकली शराब का कारबार करने के लिए शास्ति। -जो कोई किसी नकली शराब का विनिर्माण, कब्जा, 33336666.... नकली शराब का कारबार करने के लिए शास्ति। - नकली शराब का कारबार करने के लिए शास्ति। - नकली शराब का कारबार करने के लिए शास्ति। -

बिक्री, वितरण, बोतलबंद, आयात, निर्यात अथवा परिवहन करता है, वह कारावास से, जो कम से कम दस वर्षों का होगा, जिसे बढ़ाकर आजीवन कारावास तक किया जा सकेगा और जुर्माने से, जो कम से कम एक लाख रूपये होगा, जिसे बढ़ाकर दस लाख रूपये तक किया जा सकेगा, दंडनीय होगा।

स्पष्टीकरण। -18 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 ''कब्जा'' से यहाँ अभिप्रेत है किसी परिवार अथवा उस परिवार के सदस्य द्वारा कब्जा और उसमें षामिल है कब्जा की जानकारी, जहाँ परिवार का कोई सदस्य अथवा स्वयं परिवार यह जानता है कि ऐसा कब्जा अवैध है चाहे यह उसके अपने कब्जा में है अथवा परिवार के किसी दूसरे सदस्य के।

37373737.... शराब का उपभोग करने के लिए शास्ति। -शराब का उपभोग करने के लिए शास्ति। -शराब का उपभोग करने के लिए शास्ति। -शराब का उपभोग करने के लिए शास्ति। -जो कोई इस अधिनियम अथवा इसके अधीन बनाए गए नियमों, अधिसूचना अथवा आदेश के उल्लंघन में-

(क) किसी स्थान में शराब अथवा मादक द्रव्य का उपभोग करता है; अथवा

(ख) किसी स्थान में नशे में अथवा मदहोष की अवस्था में पाया जाता है;

(ग) षराब पीकर और नशे की अवस्था में किसी स्थान पर उपद्रव अथवा हिंसा करता है जिसमें उसका अपना घर अथवा परिसर शामिल है; अथवा

(घ) नशे की अनुमति देता है अथवा सरल बनाता है या अपने स्वयं का घर अथवा परिसर में नशेड़ियों को जमा होने की अनुमति देता है।

(1) खंड (क) और (ख) के अधीन आने वाले किसी अपराध की दशा में कम से कम पाँच वर्षों के कारावास, जिसे बढ़ाकर सात वर्षों तक किया जा सकेगा और जुर्माने, जो कम से कम एक लाख रूपये होगा, जिसे बढ़ाकर दस लाख रूपये तक किया जा सकेगा, से दंडनीय होगा;

(2) खंड (ग) और (घ) के अधीन आने वाले किसी अपराध की दशा में कम से कम दस वर्षों के कारावास जिसे बढ़ाकर आजीवन कारावास तक किया जा सकेगा और जुर्माने जो कम से कम एक लाख रूपये होगा, जिसे बढ़ाकर दस लाख रूपये तक किया जा सकेगा, से दंडनीय होगा। स्पष्टीकरण क- ''मादक द्रव्य का उपभोग'' में किसी औषधि अथवा औषधि का कोई घटक अथवा औषधीय निर्मिति का उपभोग करना षामिल है।

स्पष्टीकरण ख- ''नशे की अवस्था में पाया जाना'' में किसी औषधि अथवा औषधीय निर्मिति के कारण नशा होना षामिल है।

मादक द्रव्य को कब्जा में रखने अथवा कब्जा में रखने की जानकारी के लिए शास्ति। -यदि कोई 38383838.... मादक द्रव्य को कब्जा में रखने अथवा कब्जा में रखने की जानकारी के लिए शास्ति। - मादक द्रव्य को कब्जा में रखने अथवा कब्जा में रखने की जानकारी के लिए शास्ति। - मादक द्रव्य को कब्जा में रखने अथवा कब्जा में रखने की जानकारी के लिए शास्ति। - व्यक्ति-

(1) किसी शराब अथवा मादक द्रव्य को बिना वैध प्राधिकार के अपने कब्जे में यह जानते हुए अथवा विश्वास करने का कारण होते हुए रखता है कि उसका आयात, वहन, विनिर्माण अवैध रूप से किया गया है अथवा यह जानते हुए अथवा विश्वास करने का कारण होते हुए रखता है कि उसपर विहित शुल्क संदत्त नहीं किया गया है; और (2) अपने परिसरों अथवा ऐसे परिसर जिनका वह अधिभोग कर रहा है, में बिना वैध प्राधिकार के शराब अथवा मादक द्रव्य को कब्जे में रखने अथवा भंडारण करने की कोई जानकारी रखता है तथा यदि वह नजदीकी उत्पाद पदाधिकारी अथवा पुलिस पदाधिकारी को सूचित करने में असफल रहता है, तो;

वह कारावास से, जो कम से कम आठ वर्षों का होगा, जिसे बढ़ाकर दस वर्षों तक किसा जा सकेगा तथा जुर्माने से भी, जिसे बढ़ाकर दस लाख रूपये तक किया जा सकेगा, दंडनीय होगा और जुर्माने के भुगतान में चूक होने पर अतिरिक्त कारावास, जिसे बढ़ाकर एक वर्ष तक किया जा सकेगा, से दंडित किया जाएगा।

स्पष्टीकरणः ''कब्जा'' से यहाँ अभिप्रेत है किसी परिवार अथवा उस परिवार के सदस्य द्वारा कब्जा और इसके अंतर्गत कब्जा की जानकारी रखना है जहाँ परिवार का कोई सदस्य अथवा स्वयं परिवार यह जानता है कि ऐसा कब्जा अवैध है चाहे यह उसके स्वयं के अथवा परिवार के किसी दूसरे सदस्य के कब्जा में हो।19 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 रसायनज्ञ (केमिस्ट) की दुकान में शराब के उपभोग के लिए शास्ति। - 39393939.... रसायनज्ञ (केमिस्ट) की दुकान में शराब के उपभोग के लिए शास्ति। - रसायनज्ञ (केमिस्ट) की दुकान में शराब के उपभोग के लिए शास्ति। - रसायनज्ञ (केमिस्ट) की दुकान में शराब के उपभोग के लिए शास्ति। -

(1) यदि कोई रसायनज्ञ, औषधि-विक्रेता, भैषजिक अथवा औषधालय का रक्षक किसी व्यक्ति को अपने कारोबारी परिसर में किसी औषधि अथवा औषधीय निर्मिति जो राज्य सरकार द्वारा मादक द्रव्य घोषित है अथवा शराब अथवा मादक द्रव्य, जो औषधीय प्रयोजनों के लिए प्रामाणिक रूप से औषधीय गुणों से युक्त नहीं है, के उपभोग की अनुमति देता है तो वह कम से कम आठ वर्षों के कारावास, जिसे बढ़ाकर दस वर्षों तक किया जा सकेगा और जुर्माने,जो कम से कम एक लाख रूपये होगा, जिसे बढ़ाकर दस लाख रूपये तक किया जा सकेगा, से दंडनीय होगा। (2) यदि कोई व्यक्ति ऐसे परिसरों में ऐसी शराब अथवा मादक द्रव्य का उपभोग करता है तो वह कम से कम पाँच वर्षों के कारावास, जिसे बढ़ाकर सात वर्षों तक किया जा सकेगा तथा जुर्माने, जो कम से कम एक लाख रुपये होगा, जिसे बढ़ाकर दस लाख रूपये तक किया जा सकेगा, से दंडनीय होगा।

40404040.... अवैध विज्ञापन के लिए शास्ति। -अवैध विज्ञापन के लिए शास्ति। -अवैध विज्ञापन के लिए शास्ति। -अवैध विज्ञापन के लिए शास्ति। -जो कोई किसी मीडिया में, जिसमें फिल्म एवं टेलीविजन शामिल है, अथवा किसी सामाजिक मंच से प्रत्यक्षतः अथवा अप्रत्यक्षतः किसी शराब अथवा मादक द्रव्य के प्रयोग की याचना करनेवाला कोई चीज मुद्रण करता है, प्रकाशित करता है अथवा विज्ञापन देता है तो वह कम से कम तीन वर्षों के कारावास से, जिसे बढ़ाकर पाँच वर्षों तक किया जा सकेगा अथवा जुर्माने से, जिसे बढ़ाकर दस लाख रूपये किया जा सकेगा अथवा दोनों से, दंडनीय होगा।

एक व्यक्ति द्वारा दूसरे के कारण आयात, निर्यात, विनिर्माण, परिवहन, विक्रय अथवा, कब्जा के लिए 41414141.... एक व्यक्ति द्वारा दूसरे के कारण आयात, निर्यात, विनिर्माण, परिवहन, विक्रय अथवा, कब्जा के लिए एक व्यक्ति द्वारा दूसरे के कारण आयात, निर्यात, विनिर्माण, परिवहन, विक्रय अथवा, कब्जा के लिए एक व्यक्ति द्वारा दूसरे के कारण आयात, निर्यात, विनिर्माण, परिवहन, विक्रय अथवा, कब्जा के लिए शास्ति। -शास्ति। -शास्ति। -शास्ति। -(1) जहाँ एक व्यक्ति द्वारा दूसरे के कारण किसी मादक द्रव्य अथवा शराब का आयात, निर्यात, विनिर्माण, वहन अथवा विक्रय किया जाता है अथवा कब्जा में रखा जाता है और ऐसा दूसरा व्यक्ति जानता है अथवा उसे विश्वास करने का कारण है कि ऐसा आयात, निर्यात, विनिर्माण, वहन अथवा विक्रय उसके कारण किया गया था अथवा ऐसा कब्जा उसके कारण है तो इस अधिनियम के प्रयोजनार्थ मादक द्रव्य अथवा शराब का आयात, निर्यात, वहन, विक्रय अथवा विनिर्माण अथवा कब्जा में रखना ऐसे अन्य व्यक्ति द्वारा किया गया समझा जाएगा जो कम से कम आठ वर्षों के कारावास से जिसे दस वर्षों तक बढ़ाया जा सकेगा और जुर्माने से जिसे दस लाख रूपये तक बढ़ाया जा सकेगा, दंडनीय होगा।

(2) उप-धारा (1) की कोई बात किसी ऐसे व्यक्ति को, जो दूसरे व्यक्ति के कारण किसी मादक द्रव्य अथवा शराब का विनिर्माण, विक्रय करता है अथवा कब्जे में रखता है, इस अधिनियम के अधीन किसी दंड अथवा ऐसे मादक द्रव्य अथवा शराब के अवैध विनिर्माण, विक्रय अथवा कब्जा के दायित्व से मुक्त नहीं करेगा।

प्रतिकर का भुगतान करने हेतु कलक्टर द्वारा आदेश। - 42424242.... प्रतिकर का भुगतान करने हेतु कलक्टर द्वारा आदेश। - प्रतिकर का भुगतान करने हेतु कलक्टर द्वारा आदेश। - प्रतिकर का भुगतान करने हेतु कलक्टर द्वारा आदेश। -

(1) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, इस अधिनियम के अधीन कलक्टर द्वारा आदेश पारित करते समय यदि उसका समाधान हो जाता है कि किसी स्थान पर विक्रीत शराब के उपभोग के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु अथवा क्षति हुई है तो वह विनिर्माता और/अथवा विक्रेता, चाहे वह किसी अपराध में सिद्धदोष हुआ हो अथवा नहीं, प्रतिकर के रूप में प्रत्येक मृतक के विधिक प्रतिनिधि को कम से कम चार लाख रूपये अथवा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त व्यक्ति को दो लाख रूपये अथवा किसी अन्य पारिणामिक चोट खाने वाले व्यक्ति को बीस हजार रूपये भुगतान करने का आदेश देगाः

(2) कलक्टर, लोक मांग वसूली अधिनियम, 1914 (बिहार और उड़ीसा अधिनियम IV, 1914) के अधीन ''लोक मांग'' के रूप में उक्त प्रतिकर वसूल कर सकेगा।

(3) उप-धारा (1) के अधीन किसी आदेश से व्यथित कोई व्यक्ति, आदेश की तारीख से 30 दिनों के भीतर उच्च न्यायालय में अपील कर सकेगाः20 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 परन्तु इस धारा के अधीन किसी आदेष के विरूद्ध आरोपी द्वारा तबतक अपील दाखिल नहीं की जा सकेगी जबतक उप-धारा (1) के अधीन संदत्त की जानेवाली आदेशित राशि का 50% न्यायालय में अपीलकर्त्ता द्वारा जमा न कर दी जायः

परन्तु यह और कि उच्च न्यायालय तीस दिनों की उक्त अवधि की समाप्ति के पश्चात्‌ अपील ग्रहण कर सकेगा यदि उसका समाधान हो जाता है कि अपीलकर्ता को समय पर अपील करने से पर्याप्त कारण द्वारा रोका गया था।

़अनुज्ञप्तिधारी, आदि के कदाचार हेतु शास्ति । -। -। -। - 43434343.... ़अनुज्ञप्तिधारी, आदि के कदाचार हेतु शास्ति ़अनुज्ञप्तिधारी, आदि के कदाचार हेतु शास्ति ़अनुज्ञप्तिधारी, आदि के कदाचार हेतु शास्ति

जो कोई इस अधिनियम के अधीन स्वीकृत अथवा निर्गत अनुज्ञप्ति अथवा परमिट का धारक होने पर अथवा ऐसे धारक के नियोजन में रहने पर और उसकी ओर से कार्य करने पर

(क) किसी उत्पाद पदाधिकारी द्वारा मांग किए जाने पर अथवा सम्यक्‌ रूप से सशक्त किसी अन्य पदाधिकारी द्वारा ऐसी मांग किए जाने पर ऐसी अनुज्ञप्ति अथवा परमिट प्रस्तुत करने में असफल होता है; अथवा

(ख) अपनी अनुज्ञप्ति अथवा परिमट के शर्तों के उल्लंघन में जानबूझकर कुछ ऐसी बातें करता है अथवा छोड़ देता है जो इस अधिनियम में अन्यथा उपबंधित नहीं है; अथवा

(ग) किसी उत्पाद पदाधिकारी द्वारा अपने परिसरों के निरीक्षण के दौरान सहयोग नहीं करता है; अथवा (घ) विवरण (रिटर्न) प्रस्तुत करने में असफल रहता है;

तो सिद्धदोष होने पर दंडित किया जाएगा-

(1) खंड (क) के अधीन आनेवाले अपराध की दशा में जुर्माने से, जो कम से कम एक लाख रूपये होगा, जिसे बढ़ाकर दस लाख रूपये तक किया जा सकेगा।

(2) खंड (ख) के अधीन आनेवाले अपराध की दशा में कारावास से, जो कम से कम पाँच वर्षों का होगा, जिसे बढ़ाकर सात वर्षों तक किया जा सकेगा और जुर्माने से, जो कम से कम एक लाख रूपये होगा, जिसे बढ़ाकर दस लाख रूपये तक किया जा सकेगा।

(3) खंड (ग) और (घ) के अधीन आनेवाले अपराध की दशा में जुर्माने से, जो कम से कम एक लाख रूपये होगा, जिसे बढ़ाकर दस लाख रूपये तक किया जा सकेगा तथा उत्तरवर्ती विलम्ब के लिए दस हजार रूपये प्रति दिन होगा।

अवैध षराब व्यापार में अवयस्कों अथवा महिलाओं को नियोजित करने हेतु शास्ति।- (1) यदि कोई 44444444.... अवैध षराब व्यापार में अवयस्कों अथवा महिलाओं को नियोजित करने हेतु शास्ति।- अवैध षराब व्यापार में अवयस्कों अथवा महिलाओं को नियोजित करने हेतु शास्ति।- अवैध षराब व्यापार में अवयस्कों अथवा महिलाओं को नियोजित करने हेतु शास्ति।-

व्यक्ति 18 वर्ष से कम आयु के किसी अवयस्क व्यक्ति अथवा किसी महिला को षराब अथवा कोई मादक द्रव्य को छुपाने, बिक्री करने, रखने, परिवहन करने अथवा वितरण करने के प्रयोजन से नियोजित करता है तो वह कम से कम दस वर्षों के कारावास, से जिसे बढ़ाकर आजीवन कारावास तक किया जा सकेगा तथा जुर्माने से, जो कम से कम एक लाख रूपये होगा, जिसे बढ़ाकर दस लाख रूपये तक किया जा सकेगा, अथवा दोनों से, दंडनीय होगा।

(2) यदि कोई व्यक्ति 18 वर्ष से कम के किसी अवयस्क या किसी महिला को किसी मादक द्रव्य अथवा षराब को कब्जा में रखने, भंडारित करने, वितरित करने, विक्रय करने, क्रय करने परिवहन करने अथवा उपभोग करने के लिये धमकाता है, फुसलाता है, प्रलोभन देता है अथवा बढ़ावा देता है अथवा धमकाने, फुसलाने, प्रलोभन देने अथवा बढ़ावा देने की चेष्टा करता हैं वह कम-से-कम 8 वर्षाें के कारावास स,े जिसे बढ़ा कर 10 वर्षो तक किया जा सकेगा और जुर्माने से, जो कम से कम एक लाख रूपये होगा, जिसे बढ़ाकर दस लाख रूपये किया जा सकेगा, दंडनीय होगा।21 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 45454545.... हमला और बाधा के लिए शास्ति। - हमला और बाधा के लिए शास्ति। - हमला और बाधा के लिए शास्ति। - हमला और बाधा के लिए शास्ति। - भारतीय दंड संहिता, 1860 (1860 का XLV) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, कोई व्यक्ति, जो किसी उत्पाद पदाधिकारी अथवा पुलिस पदाधिकारी अथवा अपने सरकारी कर्तव्य के निष्पादन में लगे किसी अन्य पदाधिकारी पर हमला करता है अथवा हमला करने की धमकी देता है अथवा बाधा उत्पन्न करता है अथवा बाधा उत्पन्न करने का प्रयास करता है तो वह कम से कम आठ वर्षों के कारावास से, जिसे बढ़ाकर दस वर्षों तक किया जा सकेगा और जुर्माने से, जो कम से कम एक लाख रूपये होगा जिसे बढ़ाकर दस वर्षों तक किया जा सकेगा, दंडनीय होगा।

शुल्क अथवा फीस का भुगतान नहीं करने के लिए शास्ति। - यदि कोई व्यक्ति कोई शुल्क अथवा फीस 46464646.... शुल्क अथवा फीस का भुगतान नहीं करने के लिए शास्ति। - शुल्क अथवा फीस का भुगतान नहीं करने के लिए शास्ति। - शुल्क अथवा फीस का भुगतान नहीं करने के लिए शास्ति। -

का भुगतान करने में असफल रहता है, जिसका देनदार वह, इस अधिनियम के अधीन, है तो वह कम से कम तीन वर्षों के कारावास से, जिसे बढ़ाकर पाँच वर्षों तक किया जा सकेगा और जुर्माने से, जो कम से कम एक लाख रूपये होगा, जिसे बढ़ाकर दस लाख रूपये तक किया जा सकेगा, दंडनीय होगा।

अपराध करने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले परिसरों आदि की अनुमति देने हेतु शास्ति। - जो 47474747.... अपराध करने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले परिसरों आदि की अनुमति देने हेतु शास्ति। - अपराध करने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले परिसरों आदि की अनुमति देने हेतु शास्ति। - अपराध करने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले परिसरों आदि की अनुमति देने हेतु शास्ति। - कोई, चाहे इस अधिनियम के अधीन अनुज्ञप्तिधारी है अथवा अन्यथा किसी मकान, कमरा, अहाता, खाली जगह, पशु अथवा वाहन पर नियंत्रण रखता है अथवा प्रयोग करता है, जानबूझकर किसी अपराध को करने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति को इसके प्रयोग की अनुमति देता है, जो इस अधिनियम के उपबंध के अधीन दंडनीय है, तो वह उसी रीति से दंडनीय होगा मानो कि उसने स्वयं उक्त अपराध को किया हो।

48484848.... अपराध करने की कोशिश के लिए शास्ति। -अपराध करने की कोशिश के लिए शास्ति। -अपराध करने की कोशिश के लिए शास्ति। -अपराध करने की कोशिश के लिए शास्ति। -जो कोई भी इस अधिनियम के अधीन दंडनीय अपराध को करने की कोशिश करे वह इस अधिनियम के अधीन अपराध के लिए उपबंधित अधिकतम दण्ड के आधे का भागी होगा।

49494949.... न्यायालय की अवमानना के लिए शास्ति। -न्यायालय की अवमानना के लिए शास्ति। -न्यायालय की अवमानना के लिए शास्ति। -न्यायालय की अवमानना के लिए शास्ति। -इस अधिनियम के अधीन किसी कलक्टर के समक्ष या सरकार द्वारा अधिसूचना के माध्यम से विहित ऐसे ओहदे के किसी पदाधिकारी, जो कलक्टर की शक्ति का उपयोग कर रहा हो, के समक्ष प्रत्येक कार्यवाही भारतीय दण्ड संहिता (1860 के 45) की धारा-228 के अर्थान्तर्गत न्यायिक प्रक्रिया मानी जाएगी और अवमानना के अपराध के लिये दोषी कोई व्यक्ति तदनुसार दण्डनीय होगा।

परेशान करने के लिए की गयी तलाशी, अभिग्रहण, निरोध या गिरफ्तारी हेतु उत्पाद पदाधिकारी या 50505050.... परेशान करने के लिए की गयी तलाशी, अभिग्रहण, निरोध या गिरफ्तारी हेतु उत्पाद पदाधिकारी या परेशान करने के लिए की गयी तलाशी, अभिग्रहण, निरोध या गिरफ्तारी हेतु उत्पाद पदाधिकारी या परेशान करने के लिए की गयी तलाशी, अभिग्रहण, निरोध या गिरफ्तारी हेतु उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी पर शास्ति। - पुलिस पदाधिकारी पर शास्ति। - पुलिस पदाधिकारी पर शास्ति। - पुलिस पदाधिकारी पर शास्ति। - यदि कोई उत्पाद पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी या कोई अन्य व्यक्ति शक करने के समुचित आधार के बिना और परेशान करने के उद्देश्य से

(क) इस अधिनियम द्वारा प्रदत्त किसी शक्ति के उपयोग का बहाना बना कर किसी बन्द स्थल में प्रवेश करता है या तलाशी लेता है या प्रवेश कराता है या तलाशी कराता है; या

(ख) इस अधिनियम के अधीन अभिग्रहण के भागी किसी वस्तु की तलाशी लेने या अभिग्रहण करने के बहाने किसी व्यक्ति की चल संपत्ति का अभिग्रहण करता है; या

(ग) किसी व्यक्ति की तलाशी लेता है, निरूद्ध करता है या गिरफ्तार करता है, या

(घ) किसी अन्य तरीके से इस अधिनियम के अधीन अपनी कानूनी शक्तियों के बाहर जाता है, तो वह कारावास का भागी होगा जिसकी अवधि तीन वर्ष तक बढ़ायी जा सकेगी, या जुर्माना, जिसे एक लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकेगा या दोनों का भागी होगा।

कर्तव्य से मुकरने वाले उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी पर शास्ति। - 51515151.... कर्तव्य से मुकरने वाले उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी पर शास्ति। - कर्तव्य से मुकरने वाले उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी पर शास्ति। - कर्तव्य से मुकरने वाले उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी पर शास्ति। -

यदि कोई उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी बिना किसी विधिसम्मत कारण के, जब तब कि कलक्टर या उत्पाद आयुक्त द्वारा लिखित में ऐसा करने के लिए व्यक्त रूप में अनुमत नहीं हो जाता, या जब तक कि वह ऐसा22 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 करने के अपने इरादे की लिखित सूचना दो माह पहले अपने कार्यालय के वरीय पदाधिकारी को नहीं दे देता, अपने सरकारी कर्तव्य को करने से इनकार करता है या पीछे हटता है या जो कायरता का दोषी होगा, वह कारावास स,े जिसे तीन महीने तक बढ़ाया जा सकेगा या जुर्माने से जिसे दस हजार रुपये तक बढ़ाया जा सकेगा या दोनों से, दंडनीय होगा।

अपराध जो अन्यथा उपबंधित नहीं हैं, के लिए शास्ति। -जो कोई भी इस अधिनियम या इसके अधीन बने 52525252.... अपराध जो अन्यथा उपबंधित नहीं हैं, के लिए शास्ति। - अपराध जो अन्यथा उपबंधित नहीं हैं, के लिए शास्ति। - अपराध जो अन्यथा उपबंधित नहीं हैं, के लिए शास्ति। -

किसी नियम या आदेश के उपबंधों के उल्लंघन का कोई कृत्य करता है और जिसके लिए अन्यथा दण्ड उपबंधित नहीं किया गया है, तो वह कम से कम छः महीने के कारावास से, जिसे बढ़ाकर सात वर्षों तक किया जा सकेगा, या जुर्माने से, जो कम से कम एक लाख रुपये होगा जिसे बढ़ाकर दस लाख रुपये तक किया जा सकेगा, या दोनों से, दंडनीय होगा।

53535353.... पूर्व दोषसिद्धि के पश्चात्‌ विस्तारित दण्ड। -पूर्व दोषसिद्धि के पश्चात्‌ विस्तारित दण्ड। -पूर्व दोषसिद्धि के पश्चात्‌ विस्तारित दण्ड। -पूर्व दोषसिद्धि के पश्चात्‌ विस्तारित दण्ड। -यदि कोई व्यक्ति इस अधिनियम के अधीन किसी दण्डनीय अपराध का पहले ही सिद्धदोष ठहराने के पश्चात्‌ बाद में इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध करता है और सिद्धदोष ठहराया जाता है, तो वह पहले दोषसिद्धि के लिए उपबंधित दण्ड के दुगुने दण्ड का भागी होगा।

ामियों, भवन स्वामियों तथा अन्य व्यक्तियों की अननुज्ञप्त निर्माण करने, कृषि या उपभोग करने की 54545454.... भू-स्वभू-स्वभू-स्वभू-स्वामियों, भवन स्वामियों तथा अन्य व्यक्तियों की अननुज्ञप्त निर्माण करने, कृषि या उपभोग करने की ामियों, भवन स्वामियों तथा अन्य व्यक्तियों की अननुज्ञप्त निर्माण करने, कृषि या उपभोग करने की ामियों, भवन स्वामियों तथा अन्य व्यक्तियों की अननुज्ञप्त निर्माण करने, कृषि या उपभोग करने की सूचना देने में विफलता। -सूचना देने में विफलता। -सूचना देने में विफलता। -सूचना देने में विफलता। -

(1) इस अधिनियम का उल्लंधन कर जब कभी कोई शराब या मादक द्रव्य या कोई उत्पाद शुल्क योग्य वस्तु बनायी जाती है, बेची जाती है, बोतल बंद की जाती है, रखी जाती है, भंडारित की जाती है, सेवन की जाती है या उत्पाद शुल्क योग्य किसी पौधे की खेती की जाती है, तो उस भूमि या भवन के स्वामी या अधिभोगी (अधिभोगियों) या उसके अभिकर्त्ताओं को जैसे ही उनको इसकी जानकारी मिलती है, की सूचना निकटतम उत्पाद अधिकारी, पुलिस अधिकारी या कलक्टर को देना बाध्यकारी है।

(2) उपर्युक्त उप-धारा (1) के अनुसार सूचना नहीं देना अपराध करने के बराबर है और संबंधित व्यक्ति पर इस अधिनियम की धारा-30 और 64 के अधीन मुकदमा चलाया जाएगा।

स्पष्टीकरण- इस धारा के प्रयोजनार्थ ''अधिभोगी'' शबद से अभिपे्रत है और उसमें शामिल है उस भूमि या भवन के वे सभी वयस्क अधिभोगी जिनकी उम्र अठारह वर्ष से अधिक है।

55555555.... अपराधों का शमन नहीं होना। -अपराधों का शमन नहीं होना। -अपराधों का शमन नहीं होना। -अपराधों का शमन नहीं होना। -इस अधिनियम के उपबंधों का उल्लंघन कर किया गया कोई भी अपराध इस अधिनियम के अधीन अशमनीय होगा।

56565656.... अधिहरण की जा सकनेवाली चीजें। -अधिहरण की जा सकनेवाली चीजें। -अधिहरण की जा सकनेवाली चीजें। -अधिहरण की जा सकनेवाली चीजें। -जब कभी इस अधिनियम के अधीन दंडनीय अपराध किया जाता है तो निम्नलिखित वस्तुएँ अधिहरण की भागी होंगी यथा -

(क) कोई ऐसा मादक द्रव्य, शराब, सामग्री, भभका (स्टिल), बर्तन, औजार, उपकरण जिसकी बाबत या जिससे यह अपराध किया गया हो;

(ख) खंड (क) के अधीन अधिहरण के भागी किसी मादक द्रव्य के अलावे या के साथ गैर कानूनी ढंग से आयात की गयी, ढोयी गयी, विनिर्मित की गयी, बेची गयी या लायी गयी कोई नशीली वस्तु या शराब;

(ग) कोई पात्र, पैकेज या आवरक जिसमें खंड (क) या खंड (ख) के अधीन अधिहरण की भागी कोई वस्तु पायी जाती हो और ऐसे पात्र, पैकेज या आवरक की अन्य अन्तर्वस्तु, यदि कोई हो।

(घ) उसे ढ़ोने के काम में लाये जानेवाले पशु, वाहन, जलयान, या परिवहन के अन्य साधन।23 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 (ङ) कोई परिसर या उसका कोई हिस्सा जिसे इस अधिनियम के अधीन किसी शराब अथवा मादक द्रव्य के भंडारण अथवा विनिर्माण के लिए अथवा किसी अपराध को करने के लिए प्रयोग में लाया गया हो। स्पष्टीकरणः- ''परिसर'' में षामिल हैं अचल संरचना, संरचना के अन्तर्गत सभी चल वस्तु और भूमि जिसपर परिसर अवस्थित हैं।

ण के पूर्व वस्तुओं को विक्रय या नष्ट करने का आदेश देने की कलक्टर की शक्ति। -यदि 57575757.... अधिहरअधिहरअधिहरअधिहरण के पूर्व वस्तुओं को विक्रय या नष्ट करने का आदेश देने की कलक्टर की शक्ति। - ण के पूर्व वस्तुओं को विक्रय या नष्ट करने का आदेश देने की कलक्टर की शक्ति। - ण के पूर्व वस्तुओं को विक्रय या नष्ट करने का आदेश देने की कलक्टर की शक्ति। - विचाराधीन वस्तु के शीघ्र या प्राकृतिक रूप से सड़-गल जाने की संभावना हो, या यदि उत्पाद आयुक्त, कलक्टर, न्यायालय या राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत पदाधिकारी का यह विचार हो कि उस वस्तु का विक्रय सार्वजनिक हित में होगा या विक्रय उसके स्वामी के हित में होगा तो उत्पाद आयुक्त, कलक्टर, न्यायालय या पदाधिकारी, किसी भी समय, अधिहरण आदेश पारित करने के पूर्व, ऐसी वस्तुओं को बेचने का निदेश दे सकेगा और अर्थागम को सरकार के पास जमा कर दिया जाएगाः

परन्तु, जहाँ वस्तु शीघ्रता से और प्राकृतिक रूप से सड़-गल जानेवाली हो या कम मूल्य की हो, अथवा जिसे दूरूपयोग के लिये रखी जा सकती हो, तो कलक्टर या संबंधित पदाधिकारी ऐसी चीज को नष्ट करने का आदेश दे सकेगा; यदि उसके अपने या उसके विचार से ऐसा आदेश मामले की परिस्थितियों में समीचीन हो।

58585858.... कलक्टर द्वारा अधिहरण। -(1) कलक्टर द्वारा अधिहरण। -(1) कलक्टर द्वारा अधिहरण। -(1) कलक्टर द्वारा अधिहरण। -(1) इस अधिनियम या तत्समय प्रवृत्त किसी विधि में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहाँ इस अधिनियम के अधीन अधिहरण का भागी कोई चीज इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन अभिगृहीत या निरूद्ध की जाती है तो ऐसी संपत्ति को अभिगृहीत या निरूद्ध करनेवाला पदाधिकारी अविलम्ब एक प्रतिवेदन उस जिला कलक्टर के समक्ष पेश करेगा जिसके क्षेत्राधिकार में वह क्षेत्र होगा।

(2) उप-धारा (1) के अधीन, प्रतिवेदन की पेशी पर जिला कलक्टर का यह समाधान हो जाए कि इस अधिनियम के अधीन अपराध किया गया है तो, ऐसे अपराध के लिए चाहे अभियोजन संस्थित किया गया हो अथवा नहीं, और किसी न्यायालय के समक्ष मामला लंबित है या नहीं, ऐसी संपत्ति को अधिहरण करने का ओदश पारित कर सकेगा।

(3) उप-धारा (2) के अधीन आदेष पारित करने के पूर्व सम्बंधित व्यक्ति को सुनवाई के लिए कलक्टर पर्याप्त अवसर देगा।

(4) उप-धारा (2) के अधीन अधिहरण का आदेश देते समय जिला कलक्टर यह भी आदेश कर सकेगा कि अधिहरण आदेश से संबंधित ऐसी संपत्ति, जिसे, उसके विचार से, सुरक्षित नहीं रखा जा सकता या जो मनुष्यों के उपयोग के लायक नहीं है, को नष्ट कर दिया जाए। इन उपबंधों के अनुरूप जब भी कोई अधिहृत वस्तु नष्ट की जाएगी, वह, यथास्थिति, किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट या अधिहरण का आदेश देने वाले पदाधिकारी या अवर निरीक्षक से अन्यून पंक्ति के उत्पाद पदाधिकारी की उपस्थिति में नष्ट की जाएगी।

(5) जहाँ उप-धारा (2) के अधीन अधिहरण का आदेश पारित करने के पश्चात्‌, जिला कलक्टर का यह विचार हो कि ऐसा करना सार्वजनिक हित में समीचीन है, तो वह अधिहृत संपत्ति या उसके किसी अंश को सार्वजनिक नीलामी द्वारा बेच देने या विभाग द्वारा निस्तारित करने का आदेश दे सकेगा तथा अर्थागम राज्य सरकार को जमा किया जाएगा।

(6) जिला कलक्टर ऐसे अधिहरण के एक महीने के भीतर अधिहरण के समस्त विवरणों का पूर्ण प्रतिवेदन उत्पाद आयुक्त को प्रस्तुत करेगा।24 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 59595959.... अधिहरण तथा नष्ट करने के आदेश का अन्य अधिहरण तथा नष्ट करने के आदेश का अन्य अधिहरण तथा नष्ट करने के आदेश का अन्य अधिहरण तथा नष्ट करने के आदेश का अन्य दण्ड के साथ हस्तक्षेप नहीं करना।दण्ड के साथ हस्तक्षेप नहीं करना।दण्ड के साथ हस्तक्षेप नहीं करना।दण्ड के साथ हस्तक्षेप नहीं करना। ---- इस अधिनियम की धारा-58 के अधीन किसी अधिहरण का आदेश, किसी दंडादेश को अधिरोपित करने से नहीं रोकेगा, जिससे प्रभावित व्यक्ति, इस अधिनियम के अधीन उसका दायी है।

60606060.... अधिहरण में अधिकारिता का वर्जन। - अधिहरण में अधिकारिता का वर्जन। - अधिहरण में अधिकारिता का वर्जन। - अधिहरण में अधिकारिता का वर्जन। - जब कभी इस अधिनियम के अधीन कोई शराब, सामग्री, स्टिल, बर्तन, औजार या उपकरण या कोई पात्र, पैकेज, कोई पशु चालित गाड़ी, जलयान या अपराध को अंजाम देने में प्रयुक्त कोई अन्य वाहन अभिगृहीत या निरूद्ध किया जाता है, तो तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में अन्तर्विष्ट किसी प्रतिकूल बात के होते हुए भी, किसी न्यायालय को ऐसी संपत्ति से संबंधित कोई आदेश देने की अधिकारिता नहीं होगी। अधिहृत वस्तुओं का कलक्टर में निहित होना। -जब इस अधिनियम की धारा-57 के अधीन किसी 61616161.... अधिहृत वस्तुओं का कलक्टर में निहित होना। - अधिहृत वस्तुओं का कलक्टर में निहित होना। - अधिहृत वस्तुओं का कलक्टर में निहित होना। -

संपत्ति के अधिहरण के लिए आदेश पारित किया जाता है और ऐसा आदेश उस संपत्ति के सम्पूर्ण या किसी हिस्से की बाबत अंतिम होता है तो, यथास्थिति, ऐसी संपत्ति या उसका हिस्सा बिना किसी विल्लंगम (ऋणभार) के कलक्टर में निहित होगी।

परिसरों का सीलबंद किए जाने के अधीन होना। -यदि किसी उत्पाद पदाधिकारी या किसी पुलिस 62626262.... परिसरों का सीलबंद किए जाने के अधीन होना। - परिसरों का सीलबंद किए जाने के अधीन होना। - परिसरों का सीलबंद किए जाने के अधीन होना। -

पदाधिकारी, जो अवर निरीक्षक से अन्यून पंक्ति का हो, को पता चले कि किसी खास परिसर में षराब अथवा कोई मादक द्रव्य अथवा उस परिसर विशेष या उसका कोई हिस्सा इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध को करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है या किया जा रहा है, तो वह तत्काल उस परिसर को सीलबंद कर सकेगा तथा उसके अधिहरण के लिए कलक्टर के पास प्रतिवेदन भेज सकेगाः

परन्तु, यदि उक्त परिसर अस्थायी संरचना हो जिसे प्रभावी ढंग से सीलबंद नहीं किया जा सकता हो, तो उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी, कलक्टर के आदेश से, ऐसे अस्थायी संरचनाओं को ध्वस्त कर सकेगा। स्पष्टीकरण- ''परिसर'' में शामिल है अचल संरचना, संरचना के अन्तर्गत सभी चल वस्तु और भूमि जिसपर परिसर अवस्थित है।

कतिपय मामलों में शराब, मादक द्रव्य या गाँजा/भाँग बेचे जानेवाले स्थलों को बंद करने की कलक्टर 63636363.... कतिपय मामलों में शराब, मादक द्रव्य या गाँजा/भाँग बेचे जानेवाले स्थलों को बंद करने की कलक्टर कतिपय मामलों में शराब, मादक द्रव्य या गाँजा/भाँग बेचे जानेवाले स्थलों को बंद करने की कलक्टर कतिपय मामलों में शराब, मादक द्रव्य या गाँजा/भाँग बेचे जानेवाले स्थलों को बंद करने की कलक्टर की शक्ति। -(1)की शक्ति। -(1)की शक्ति। -(1)की शक्ति। -(1) यदि कलक्टर की यह राय हो कि यह सार्वजनिक शांति के हित में है कि किसी जगह, जहाँ कोई शराब या नशीली वस्तु बेची जा रही है, अथवा निर्माण की जा रही है को बंद कर दिया जाए, तो कलक्टर के लिए यह विधिसम्मत होगा कि वह ऐसे मादक द्रव्य बेचने के अनुज्ञप्तिधारी को लिखित आदेश दे कि, अमुक जगह को अमुक समय पर या अमुक अवधि के लिए, जैसा कि आदेश में विनिर्दिष्ट हो, बंद रखे।

(2) यदि कोई दंगा या अवैध सभा आसन्न हो या हो रही हो, तो उपस्थित किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट के लिए यह विधिसम्मत होगा कि वह ऐसी जगह को बंद करने और ऐसी अवधि तक उसे बंद रखने का निदेश देगा, जो वह उचित समझे, और किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुपस्थिति में उप-धारा (1) में निर्दिष्ट व्यक्ति स्वयं ऐसी जगह को बंद करेगा।

(3) इस धारा के अधीन दिया गया कोई आदेश, यदि किसी अन्य कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा दिया गया हो तो, कलक्टर के समक्ष, तथा यदि कलक्टर द्वारा दिया गया हो तो उत्पाद आयुक्त के समक्ष अपीलनीय होगा। 64646464.... सामूहिक जुर्माना। -(1) सामूहिक जुर्माना। -(1) सामूहिक जुर्माना। -(1) सामूहिक जुर्माना। -(1) यदि कलक्टर का किसी उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी या अन्यथा के प्रतिवेदन से समाधान हो जाता कि कोई गाँव या शहर विशेष या किसी गाँव या शहर के भीतर का कोई इलाका या उस गाँव या शहर में रह रहा कोई समूह/समुदाय विशेष इस अधिनियम के उपबंधों का बार-बार उल्लंघन कर रहा है या इस अधिनियम के अधीन अपराध करने को आदतन प्रवृत्त होता है या इस अधिनियम को लागू करने में अड़ंगा बनता है, तब कलक्टर आदेश द्वारा, गाँव या शहर के ऐसे इलाके में रहनेवाले ऐसे जनसमूह पर यथोचित सामूहिक जुर्माना25 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 लगा सकेगा और ऐसे जुर्माना की वसूली कर सकेगा मानों वह बिहार और उड़ीसा लोक माँग वसूली अधिनियम, 1914 (बिहार और उड़ीसा अधिनियम, 1914 का IV) के अधीन लोक माँग हो।

(2) कलक्टर, उप-धारा (1) के अधीन किसी प्रतिवेदन या सूचना के प्राप्त होने पर, यदि वह आवश्यक समझे, ऐसी जाँच करवा सकेगा या संचालित कर सकेगा जिसे वह उचित समझे।

(3.) कलक्टर, उपधारा (1) के अधीन आदेश पारित करने के पूर्व, इलाके के लोगों को सुनवाई का एक उचित अवसर प्रदान करेगा।

(4.) आरोपी व्यक्तियों की सुनवाई पर या उप-धारा (2) के अधीन ऐसी किसी जाँच पर कलक्टर कोई उपयुक्त आदेश पारित कर सकेगा जिसे ऐसे साधनों द्वारा इलाके में सम्यक्‌ रूप से उद्‌घोषित किया जाएगा जो कलक्टर विनिश्चित करे।

राज्य सरकार की सुविधाओं, विशेषाधिकारों आदि को वापस लेने की शक्ति। - 65656565.... राज्य सरकार की सुविधाओं, विशेषाधिकारों आदि को वापस लेने की शक्ति। - राज्य सरकार की सुविधाओं, विशेषाधिकारों आदि को वापस लेने की शक्ति। - राज्य सरकार की सुविधाओं, विशेषाधिकारों आदि को वापस लेने की शक्ति। -

राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित कर, इस अधिनियम में किसी भी अपराध के अधीन आरोप पत्र दाखिल किये जा चुके व्यक्तियों पर किसी अन्य अधिनियम स्कीमों, परियोजनाओं आदि के अधीन कतिपय सुविधाओं, विशेषाधिकारों, संविदाओं, अनुज्ञप्तियों, विस्तारित लाभों पर युक्ति संगत रोक लगा सकेगी, या मना कर सकेगी या वापस ले सकेगी।

अध्याय अध्याय अध्याय अध्याय VII

निष्कासन और नजरबंदी निष्कासन और नजरबंदी निष्कासन और नजरबंदी निष्कासन और नजरबंदी

66666666.... कुख्यात अथवा आदतन अपराधियों का निष्कासन आदि। -(1) जहां कलक्टर को यह प्रतीत हो कि- (क) इस अधिनियम के तहत कोई व्यक्ति कुख्यात अथवा आदतन अपराधी है, अथवा

(ख) यह विष्वास करने का युक्तियुक्त आधार हो कि कोई व्यक्ति जिला में अथवा उसके किसी हिस्से में इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय अपराध में लगा हुआ है अथवा लगने वाला है अथवा इस तरह के अपराध करने को प्रेरित करता है तो -

कलक्टर खण्ड (क) अथवा (ख) की बाबत उसके विरूद्ध तात्विक आरोप की सामान्य प्रकृति की सूचना लिखित नोटिस द्वारा देगा और उसके संबंध में स्पष्टीकरण देने हेतु समुचित अवसर देगा। (2) इस धारा के अधीन उस व्यक्ति को, जिसके विरूद्व आदेष दिया जाना प्रस्तावित है, परामर्ष करने के लिए और अपनी पसंद के एक वकील द्वारा बचाब किये जाने की अनुमति दी जा सकेगी। (3) उप-धारा (1) के खंड (क) अथवा (ख) में विनिर्दिष्ट स्थिति विद्यमान होने से संतुष्ट होने पर, कलक्टर लिखित आदेष द्वारा-

(क) उसे निदेष दे सकेगा कि जिले या उसके किसी हिस्से से जैसा भी मामला हो उस मार्ग से यदि कोई हो, उस समय के भीतर, जो आदेष में विनिर्दिष्ट किया जाय अपने को अलग रखे और जिला अथवा उसके विनिर्दिष्ट भाग में आदेश में विनिर्दिष्ट अवधि जो छः माह से अधिक नहीं होगी की समाप्ति तक प्रवेश करने से रोके।

(ख) (i) उस व्यक्ति से अपने संचलन की सूचना देने अथवा स्वयं को प्रस्तुत करने अथवा दोनों की अपेक्षा ऐसी रीति से ऐसे समय पर अथवा ऐसे प्राधिकारी अथवा व्यक्ति के समक्ष करेगा जो आदेश में विनिर्दिष्ट किया जाय, अथवा

(ii) उस वस्तु अथवा उत्पाद शुल्क योग्य वस्तु को जो आदेष में विनिर्दिष्ट किया जाय, उसके द्वारा कब्जा में रखने और उपयोग करने को निषिद्ध अथवा प्रतिबंधित कर सकेगा, अथवा26 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 (iii) किसी खास क्रियाकलाप अथवा व्यवसाय, जिसमें वह हाल में षामिल है अथवा श्षामिल होने वाला हो, निषिद्ध अथवा प्रतिबंधित कर सकेगा, अथवा

(iv) उसे नजदीक के नषा मुक्ति केेंन्द्र पर ईलाज अथवा सलाह अथवा दोनों के लिये आदेष में निर्दिष्ट अवधि के लिये चिकित्सा विषेषज्ञ की देखरेख में नजरबंद कर सकेगा अथवा।

(v) आदेष में यथाविनिर्दिष्ट रीति से और अवधि तक जो छः माह से अधिक नहीं हो, आचरण करने के लिये अन्यथा निदेष दे सकेगा।

67676767. आदेष के विस्तारण की अवधि। -आदेष के विस्तारण की अवधि। -आदेष के विस्तारण की अवधि। -आदेष के विस्तारण की अवधि। -कलक्टर यदि संतुष्ट हो कि जनसाधारण अथवा किसी आमजन के हित में धारा-66 के अधीन किये गये आदेष में विनिर्दिष्ट अवधि का विस्तार किया जाय तो वह लिखित रूप में अभिलिखित किए जाने वाले कारणों से अवधि विस्तार करने हेतु सक्षम होगा जो, फिर भी कुल दो वर्षो से अधिक नहीं होगी।

68686868. अस्थायी रूप से वापसी की अस्थायी रूप से वापसी की अस्थायी रूप से वापसी की अस्थायी रूप से वापसी की अनुमति।-अनुमति।-अनुमति।-अनुमति।-

कलक्टर, धारा-66 के अधीन पारित आदेष से संबंधित व्यक्ति को, आदेष के द्वारा, अस्थायी अवधि के लिये जिला अथवा उसके हिस्से में, जिससे बाहर जाने के लिये निदेषित था, प्रवेष अथवा वापसी की अनुमति ऐसे शर्तो पर दे सकेगा जो कलक्टर विनिर्दिष्ट करे और किसी समय उस अनुमति को विखंडित कर सकेगा।

69696969. साक्ष्य की प्रकृति। -साक्ष्य की प्रकृति। -साक्ष्य की प्रकृति। -साक्ष्य की प्रकृति। -कलक्टर धारा-65 के अधीन आदेष पारित करने के लिये आवष्यक षर्त्तों विधमान है अथवा नही के बारे में स्वयं को संतुष्ट होने के उदेष्य से किसी साक्ष्य को विचारण में ले सकेगा जिसे वह प्रमाणक महत्व का समझता हो और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 के प्रावधान वहॉ लागू नही होंगे।

70707070. तत्काल गिरफ्तारी। -तत्काल गिरफ्तारी। -तत्काल गिरफ्तारी। -तत्काल गिरफ्तारी। -किसी व्यक्ति को जो इस अधिनियम की धारा-66 के अधीन पारित आदेष का उल्लंधन किया हो अथवा करने वाला हो, कोई उत्पाद पदाधिकारी अथवा पुलिस पदाधिकारी बिना गिरफ्तारी वारंट के गिरफ्तार कर सकेगा और इस प्रकार गिरफ्तार व्यक्ति को तुरत न्यायालय भेज देगा।

धारा-66 के अधीन आदेष का अनुपालन नहीं करने के लिये षास्ति। - 71717171. धारा-66 के अधीन आदेष का अनुपालन नहीं करने के लिये षास्ति। - धारा-66 के अधीन आदेष का अनुपालन नहीं करने के लिये षास्ति। - धारा-66 के अधीन आदेष का अनुपालन नहीं करने के लिये षास्ति। -

कलक्टर द्वारा धारा-66 के अधीन पारित आदेष का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति कम से कम पांच वर्ष की कारावास की अवधि, जिसका विस्तार सात वर्ष तक किया जा सकेगा और एक लाख जुर्माना, जो दस लाख तक बढ़ाया जा सकेगा, से दण्डनीय होगा।

72727272. फरार व्यक्तियों के संबंध में षक्ति। -फरार व्यक्तियों के संबंध में षक्ति। -फरार व्यक्तियों के संबंध में षक्ति। -फरार व्यक्तियों के संबंध में षक्ति। -(1) यदि कलक्टर पता है कि जिस व्यक्ति के विरूद्ध धारा-66 के अधीन आदेष पारित है वह फरारी है अथवा फरार हो चुका है अथवा अपने को आदेष निष्पादित नहीं होने के लिये छुपा रखा है तो कलक्टर, राजपत्र में अधिसूचित और स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाषित आदेश द्वारा उस व्यक्ति को ऐसे पदाधिकारी के समक्ष ऐसे स्थान पर ऐसी अवधि के भीतर उपस्थित होने के लिये निदेष दे सकेगा जो आदेश में विनिर्दिष्ट किया जाय।

(2) उप-धारा (1) के अधीन निर्गत आदेष का अनुपालन करने में यदि कोई व्यक्ति विफल हो जाता है तो कलक्टर इस अधिनियम की धारा-58 के अधीन संबंधित व्यक्ति की चल और/अथवा अचल सम्पति को अधिहृत करने के लियेे सक्षम होगा।

अध्याय अध्याय अध्याय अध्याय VIII

अपराधों का पता लगाना, अन्वेषण तथा विचारणअपराधों का पता लगाना, अन्वेषण तथा विचारणअपराधों का पता लगाना, अन्वेषण तथा विचारणअपराधों का पता लगाना, अन्वेषण तथा विचारण

प्रवेश करने, निरीक्षण करने, तलाशी लेने तथा अभिग्रहण करने की शक्ति। - 73737373.... प्रवेश करने, निरीक्षण करने, तलाशी लेने तथा अभिग्रहण करने की शक्ति। - प्रवेश करने, निरीक्षण करने, तलाशी लेने तथा अभिग्रहण करने की शक्ति। - प्रवेश करने, निरीक्षण करने, तलाशी लेने तथा अभिग्रहण करने की शक्ति। -

निम्नलिखित में से कोई भी पदाधिकारी, यथा-27 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 (क) उत्पाद आयुक्त; या

(ख) कलक्टर; या

(ग) कलक्टर द्वारा प्राधिकृत प्रखंण्ड स्तर और उपर का कोई अन्य पदाधिकारी; या

(घ) कोई उत्पाद पदाधिकारी; या

(ड़) अवर निरीक्षक के पद से अन्यून पंक्ति का कोई पुलिस पदाधिकारी; या

(च) राज्य सरकार द्वारा इस प्रयोजन के लिए प्राधिकृत कोई अन्य पदाधिकारी या अभिकरण (एजेंसी) या बल, सशस्त्र या अन्यथा;

बिना वारंट के, लेकिन वैसे प्रतिबंध जो राज्य सरकार द्वारा विहित किए जायें, के अध्यधीन, किसी जगह, किसी समय, दिन हो या रात, प्रवेश कर सकेगा, निरीक्षण कर सकेगा, तलाशी ले सकेगा तथा किसी दस्तावेज, नमूने, उपकरण, परिवहन, पशु, सामान, मादक द्रव्य, पदार्थ, कच्चे माल या किसी अन्य संबंधित चीज का अभिग्रहण कर सकेगा।

बिना वारंट के गिरफ्तार करने या निरुद्ध करने की शक्ति। -(1)धारा-73 में उल्लिखित पदाधिकारियों में 74747474.... बिना वारंट के गिरफ्तार करने या निरुद्ध करने की शक्ति। -(1) बिना वारंट के गिरफ्तार करने या निरुद्ध करने की शक्ति। -(1) बिना वारंट के गिरफ्तार करने या निरुद्ध करने की शक्ति। -(1)

से कोई पदाधिकारी, किसी व्यक्ति तथा/या किसी भी वाहन, पशु, परिवहन के साधन को, इस अधिनियम के किसी उपबंध के अधीन दण्डनीय अपराध को करते हुए या अपराध करने की कोशिश करते हुए पाता है तो वह किसी समय, दिन हो या रात, बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकेगा या निरुद्ध कर सकेगा।

(2) इस धारा के अधीन सभी गिरफ्तारी कलक्टर को तुरत प्रतिवेदित की जायेगी।

या श्वास विश्लेषण करने की शक्ति। -(1) धारा-73 में उल्लिखित पदाधिकारियों में से 75757575.... चिकित्सीय जाँच चिकित्सीय जाँच चिकित्सीय जाँच चिकित्सीय जाँच या श्वास विश्लेषण करने की शक्ति। -(1) या श्वास विश्लेषण करने की शक्ति। -(1) या श्वास विश्लेषण करने की शक्ति। -(1)

कोई पदाधिकारी किसी व्यक्ति से, चिकित्सीय जाँच और/या श्वास विश्लेषण से जिसे वह उपयुक्त समझे, गुजरने को कह सकेगा।

(2) जिस व्यक्ति से ऐसा करने को कहा गया है वह व्यक्ति ऐसे चिकित्सीय जाँचों या श्वास विश्लेषण जाँचों को करवाने के लिए स्वयं को प्रस्तुत करने हेतु कर्त्तव्यबद्ध होगा। यदि वह ऐसा नहीं करता, तो यह मान लिया जाएगा कि उसने इस अधिनियम की धारा- 37 के अधीन अपराध किया है और तदनुसार उस पर मुकदमा चलाया जाएगा। (3) ऐसी जाँच का रिपोर्ट भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 के अधीन साक्ष्य के रूप में मान्य होगी। 76767676.... अपराधों का संज्ञेय तथा गैर जमानती होना। -अपराधों का संज्ञेय तथा गैर जमानती होना। -अपराधों का संज्ञेय तथा गैर जमानती होना। -अपराधों का संज्ञेय तथा गैर जमानती होना। -(1) इस अधिनियम के अधीन सभी अपराध संज्ञेय और गैर जमानती होंगे और इन पर दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का अधिनियम 2) के उपबंध लागू होंगे।

(2) उपर्युक्त उप-धारा (1) में उल्लिखित किसी बात के होते हुए भी दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 (1974 का अधिनियम-2) की धारा-360 और 438 और अपराधी परिवीक्षा अधिनियम-1958(1958 का 20) की कोई बात ऐसे मामला पर लागू नहीं होगी जिसमें, इस अधिनियम के अधीन किये गये अपराध के अभियोग में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी शामिल हो।

77777777.... सूचना प्राप्त करने की शक्ति। -सूचना प्राप्त करने की शक्ति। -सूचना प्राप्त करने की शक्ति। -सूचना प्राप्त करने की शक्ति। -उत्पाद आयुक्त या कलक्टर या कोई उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी जो सहायक अवर निरीक्षक से नीचे की पंक्ति का न हो आदेश द्वारा, किसी भी व्यक्ति या किसी भी प्रतिष्ठान से, जिसका किसी शराब या मादक द्रव्य के किसी गैर कानूनी संचालन के साथ समुचित रूप से जुड़ा हुआ समझा जाता है, अपेक्षा कर सकेगा कि वह ऐसी सूचना उसे उपलब्ध करावें जो आदेश में विनिर्दिष्ट हों।

78787878.... अन्वेषण करने की शक्ति। -अन्वेषण करने की शक्ति। -अन्वेषण करने की शक्ति। -अन्वेषण करने की शक्ति। -(1) कोई उत्पाद पदाधिकारी, इस अधिनियम के अधीन किसी दंडनीय अपराध का अन्वेषण कर सकेगा।28 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 (2) कोई पुलिस पदाधिकारी जो अवर निरीक्षक पद से अन्यून पंक्ति का हो, इस अधिनियम के अधीन किसी दंडनीय अपराध का अन्वेषण कर सकेगा।

79797979.... उत्पाद पदाधिकारी की शक्ति। - उत्पाद पदाधिकारी की शक्ति। - उत्पाद पदाधिकारी की शक्ति। - उत्पाद पदाधिकारी की शक्ति। - (1))))धारा-73 में उल्लिखित सभी उत्पाद पदाधिकारी अपनी अधिकारिता वाले क्षेत्र में थाना के प्रभारी पदाधिकारी की शक्तियों का प्रयोग इस अधिनियम के प्रयोजनार्थ कर सकेंगे। (2) जिस क्षेत्र में उत्पाद पदाधिकारी को धारा-73 के अधीन शक्ति प्रदान की गयी हो, वह क्षेत्र, थाना समझा जाएगा।

80808080.... गिरगिरगिरगिरफ्तार व्यक्तियों की पेशी। -फ्तार व्यक्तियों की पेशी। -फ्तार व्यक्तियों की पेशी। -फ्तार व्यक्तियों की पेशी। -इस अधिनियम के अधीन गिरफ्तार किसी व्यक्ति को चौबीस घंटे के भीतर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

अभिगृहीत वस्तुओं और गिरफ्तार व्यक्ति को स्वीकार करने का पुलिस का कर्तव्य। -प्रत्येक थाना प्रभारी 81818181.... अभिगृहीत वस्तुओं और गिरफ्तार व्यक्ति को स्वीकार करने का पुलिस का कर्तव्य। - अभिगृहीत वस्तुओं और गिरफ्तार व्यक्ति को स्वीकार करने का पुलिस का कर्तव्य। - अभिगृहीत वस्तुओं और गिरफ्तार व्यक्ति को स्वीकार करने का पुलिस का कर्तव्य। -

पदाधिकारी न्यायालय या कलक्टर का आदेश लंबित रहने तक इस अधिनियम के अधीन अभिगृहीत सभी वस्तुओं और गिरफ्तार सभी व्यक्तियों को, जो उसे सुपुर्द हो सकती हो; प्रभार ग्रहण कर सकेगा और सुरक्षित अभिरक्षा में रख सकेगा और ऐसी वस्तुओं के साथ आनेवाले उत्पाद पदाधिकारी को ऐसी वस्तुओं पर अपना सील लगाने तथा उनके नमूने लेने की अनुमति दे सकेगा।

गिरफ्तारी, अभिग्रहण तथा तलाशी के प्रतिवेदन। -कोई गिरफ्तारी, तलाशी या अभिग्रहण करने पर प्रत्येक 82828282.... गिरफ्तारी, अभिग्रहण तथा तलाशी के प्रतिवेदन। - गिरफ्तारी, अभिग्रहण तथा तलाशी के प्रतिवेदन। - गिरफ्तारी, अभिग्रहण तथा तलाशी के प्रतिवेदन। -

पुलिस पदाधिकारी चौबीस घंटे के भीतर कलक्टर को तथा धारा-73 के अधीन सषक्त उत्पाद पदाधिकारी को एक प्रतिवेदन सौंपेगा।

83838383.... न्यायालय द्वारा विचारण। - न्यायालय द्वारा विचारण। - न्यायालय द्वारा विचारण। - न्यायालय द्वारा विचारण। - इस अधिनियम की धारा 76 की उपधारा-(1) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, इस अधिनियम के अधीन दंडनीय सभी अपराधों का विचारण सत्र न्यायालय द्वारा किया जाएगा। 84848484.... विशेष न्यायालय। -(1) विशेष न्यायालय। -(1) विशेष न्यायालय। -(1) विशेष न्यायालय। -(1) इस अधिनियम या दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का अधिनियम 2) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, राज्य सरकार, यदि लोक हित में आवश्यक समझती है, इस अधिनियम के अधीन सभी अपराधों या उनमें से किसी अपराध पर विचारण के प्रयोजनार्थ, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श स,े राज्य, के प्रत्येक जिला में विशेष न्यायालय (न्यायालयों) या तो स्थापित कर सकेगी या अभिहित कर सकेगी। (2) विशेष न्यायालय की अध्यक्षता कोई विशेष न्यायाधीश करेगा जो दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का अधिनियम 2) के अधीन एक सत्र न्यायाधीश या अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश या सहायक सत्र न्यायाधीश हो या रहा हो। (3) विशेष न्यायालय द्वारा इस अधिनियम के अधीन किसी विचारण को, किसी अन्य न्यायालय (जो विशेष न्यायालय न हो) में किसी मामले में आरोपी के विरुद्ध विचारण पर अग्रता प्रदान की जाएगी और ऐसे अन्य मामले के विचारण को प्राथमिकता देते हुए इसे सम्पन्न किया जाएगा।

(4) इस अधिनियम के आरम्भ होने के पूर्व बिहार उत्पाद अधिनियम, 1915(1915 का बिहार और उड़ीसा अधिनियम प्प्) के अधीन किसी अन्य न्यायालय में लंबित सभी विचारण और कार्यवाहियां विशेष न्यायालयों को अंतरित हो जाएँगे।

विशेष न्यायाधीश की प्रक्रिया और शक्ति। -(1) एक विशेष न्यायाधीश, विचारण के लिए उसे अभियुक्त 85858585.... विशेष न्यायाधीश की प्रक्रिया और शक्ति। -(1) विशेष न्यायाधीश की प्रक्रिया और शक्ति। -(1) विशेष न्यायाधीश की प्रक्रिया और शक्ति। -(1)

को सुपुर्द नहीं किये जाने पर भी अपराधों का संज्ञान ले सकेगा और अभियुक्त व्यक्तियों पर विचारण करते समय दण्डाधिकारियों (मजिस्ट्रेटों) द्वारा वारंट मामलों पर विचारण हेतु दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) द्वारा विहित प्रक्रिया का पालन करेगा।

(2) उप-धारा (1) में यथा उपबंधित को छोड़कर, दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) के उपबंध जहाँ तक वे इस अधिनियम से असंगत नहीं हों, विशेष न्यायाधीश के समक्ष कार्यवाहियों में लागू होंगे; और उक्त उपबंधों के29 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 प्रयोजन हेतु विशेष न्यायाधीश का न्यायालय, सत्र न्यायालय समझा जाएगा तथा किसी विशेष न्यायाधीश के समक्ष अभियोजन का संचालन करनेवाला व्यक्ति, लोक अभियोजक समझा जाएगा।

(3) विशिष्टतया तथा उप-धारा (2) में अन्तर्विष्ट उपबंधों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा-326 तथा 475 के उपबंध, जहाँ तक हो सके, किसी विशेष न्यायाधीश के समक्ष कार्यवाहियों में लागू होंगे और उक्त उपबंधों के प्रयोजनार्थ विशेष न्यायाधीश एक मजिस्ट्रेट समझा जाएगा। (4) एक विशेष न्यायाधीश, उसके द्वारा किसी सिद्धदोष व्यक्ति को, ऐसे अपराध के दंड के लिए विधि द्वारा प्राधिकृत कोई दंड पारित कर सकेगा जिसके लिए ऐसा व्यक्ति सिद्धदोष ठहराया गया हो।

(5) विशेष न्यायाधीश, इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय किसी अपराध पर विचारण करते समय, दंड विधि संशोधन अध्यादेश, 1944 (1944 का अध्यादेश 38) के अधीन जिला न्यायाधीश द्वारा प्रयोग की जानेवाली समस्त शक्तियों तथा कृत्यों का प्रयोग करेगा।

(6) दंड प्रक्रिया संहिता 1973 (1974 का 2) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, विशेष न्यायाधीश, यथासाध्य, दैनंदिन आधार पर अपराध पर विचारण करेगा।

मामलों को नियमित न्यायालय में अंतरित करने की शक्ति। - इस अधिनियम में किसी अपराध का संज्ञान 86868686.... मामलों को नियमित न्यायालय में अंतरित करने की शक्ति। - मामलों को नियमित न्यायालय में अंतरित करने की शक्ति। - मामलों को नियमित न्यायालय में अंतरित करने की शक्ति। -

लेने के पश्चात्‌, जहाँ किसी विशेष न्यायालय की यह राय हो कि ऐसा अपराध उसके द्वारा विचार के योग्य नहीं है, तो इस बात के होते हुए भी कि ऐसे अपराध पर विचारण के लिए उसकी अधिकारिता नहीं है तो वह उस अपराध पर विचारण हेतु मामले को उस न्यायालय में अंतरित करेगा जिसे दंड प्रक्रिया संहिता, 1973(1974 का अधिनियम 2) के अधीन अधिकारिता प्राप्त है और वह न्यायालय जिसे मामला अंतरित किया गया है, अपराध पर विचारण इस प्रकार करेगा मानो उसने अपराध पर संज्ञान लिया हो।

विशेष न्यायालय की विनिर्माता, स्वामी, अधिभोगी आदि पर मुकदमा चलाने की शक्ति। -इस अधिनियम 87878787.... विशेष न्यायालय की विनिर्माता, स्वामी, अधिभोगी आदि पर मुकदमा चलाने की शक्ति। - विशेष न्यायालय की विनिर्माता, स्वामी, अधिभोगी आदि पर मुकदमा चलाने की शक्ति। - विशेष न्यायालय की विनिर्माता, स्वामी, अधिभोगी आदि पर मुकदमा चलाने की शक्ति। -

के अधीन किसी अपराध के विचारण के दौरान जहाँ किसी भी समय, किसी मादक द्रव्य का विनिर्माता, वितरक या डीलर या अपराध में शामिल किसी परिसर का स्वामी, अधिभोगी, नहीं होने पर भी किसी व्यक्ति पर आरोप लगाया जाता है कि उसने अपराध किया है और विशेष न्यायालय का अपने समक्ष प्रस्तुत किये गये साक्ष्य से समाधान हो जाता है कि ऐसे निर्माता, वितरक, डीलर, स्वामी या अधिभोगी का भी उस अपराध से संबंध है, तो न्यायालय, दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा-319 की उप-धारा (3) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, इस अध्याय की किसी धारा के अधीन उसके विरूद्ध कार्रवाई करेगा।

88888888.... विशेष/अतिरक्ति लोक अभियोजक। -विशेष/अतिरक्ति लोक अभियोजक। -विशेष/अतिरक्ति लोक अभियोजक। -विशेष/अतिरक्ति लोक अभियोजक। -इस अधिनियम की धारा-84 के अधीन स्थापित प्रत्येक विशेष न्यायालय के लिए राज्य सरकार दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा-24 के अधीन विहित प्रक्रिया के अनुसार एक व्यक्ति को विशेष लोक अभियोजक तथा एक से अधिक व्यक्तियों को अतिरिक्त लोक अभियोजक नियुक्त कर सकेगी।

89898989.... अपील। -अपील। -अपील। -अपील। -विशेष न्यायालय के निर्णय से व्यथित कोई व्यक्ति, आदेश की तारीख से पैंतालीस दिनों के भीतर, उच्च न्यायालय में अपील कर सकेगा।

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के कतिपय उपबंधों का अनुप्रयोग। -(1) इस अधिनियम में अभिव्यक्त रूप से 90909090.... दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के कतिपय उपबंधों का अनुप्रयोग। दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के कतिपय उपबंधों का अनुप्रयोग। दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के कतिपय उपबंधों का अनुप्रयोग।

अन्यथा उपबंधित को छोड़ कर, गिरफ्तारी, निरोध, तलाशी, समन, गिरफ्तारी वारंट, तलासी वारंट, गिरफ्तार व्यक्तियों या अभिगृहीत वस्तुओ की पेशी से संबंधित दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) के उपबंध, जहाँ तक हो सके, इस अधिनियम के अधीन की गयी गिरफ्तारी, निरोध तथा तलाशी, जारी किये गये समन एवं वारंट तथा गिरफ्तार व्यक्तियों या अधिगृहीत वस्तुओं की पेशी पर लागू होंगे।30 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 (2) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) के प्रावधान, इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय किसी अपराध से संबंधित किसी कार्यवाही के अनुप्रयोग में इस प्रकार प्रभावी होगा मानो-

(क) धारा-243 की उप-धारा (1) में ''तब अभियुक्त से अपेक्षा की जाएगी'' शब्दों के लिए ''अभियुक्त से तब अपेक्षा होगी कि वह तत्काल अथवा न्यायालय द्वारा अनुमत समय के भीतर लिखित में ऐसे व्यक्तियों की एक सूची (यदि कोई हो) दे जिनसे वह अपने गवाह के रूप में परीक्षण करने का प्रस्ताव करता है तथा ऐसे दस्तावेज दे (यदि कोई हो) जिन पर वह विश्वास करने का प्रस्ताव करता है और तब उनसे अपेक्षा की जाएगी'' प्रतिस्थापित किए गए थे;

(ख) धारा-309 की उप-धारा (2) में तृतीय परन्तुक के पश्चात्‌ निम्नांकित परन्तुक अन्तःस्थापित किया गया था, यथा,

''परन्तु यह भी कि कार्यवाही केवल इस आधार पर स्थगित नहीं की जाएगी कि कार्यवाही में एक पक्षकार द्वारा धारा-397 के अधीन एक आवेदन दिया गया है।''

(ग) धारा-317 की उप-धारा (2) के पश्चात्‌ निम्नांकित उपधारा अन्तःस्थापित की गयी थी यथा- '' (3) उप-धारा (1) या उप-धारा (2) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी न्यायाधीश, यदि वह ठीक समझता है और उसके द्वारा कारणों को अभिलिखित किया जाता है तो वह अभियुक्त या उसके वकील की अनुपस्थिति में तह जाँच या विचारण की कार्यवाही कर सकेगा और प्रतिपरीक्षा के लिए गवाह को पुनः बुलाये जाने के अभियुक्त के अधिकार के अध्यधीन किसी भी गवाह के साक्ष्य को अभिलिखित कर सकेगा।''

(घ) धारा-397 की उप-धारा (1) में स्पष्टीकरण के पूर्व निम्नांकित परन्तुक अन्तःस्थापित किया गया था, यथा-

''परन्तु जहाँ ऐसी कार्यवाही के किसी पक्षकार द्वारा किये गये आवेदन पर न्यायालय द्वारा इस धारा के अधीन शक्तियों का प्रयोग किया जाता है, वहाँ न्यायालय साधारणतया कार्यवाही के अभिलेख को नहीं मांगेगा-

(क) दूसरे पक्षकार को कारण बताने का अवसर दिए बिना कि क्यों नहीं अभिलेख को मांगना चाहिए या (ख) यदि उसका समाधान हो जाता है कि कार्यवाही के अभिलेख का परीक्षण प्रमाणित प्रतियों से की जा सकेगी।''

91919191.... अभियोजन शुरू करने की प्रक्रिया। -(1)अभियोजन शुरू करने की प्रक्रिया। -(1)अभियोजन शुरू करने की प्रक्रिया। -(1)अभियोजन शुरू करने की प्रक्रिया। -(1)जैसे ही इस अधिनियम के किसी उपबंध के उल्लंघन की जानकारी मिलती है, उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी, जो सहायक अवर निरीक्षक तथा ऊपर की पंक्ति का हो, इस अधिनियम के अधीन एक मामला दर्ज करेगा।

(2) उत्पाद पदाधिकारी या संबंधित पुलिस पदाधिकारी तब मामले के अन्वेषण के लिए कार्यवाही करेगा। (3) मामले के अन्वेषण के पश्चात,्‌ वह मामले के रजिस्ट्रीकरण की तारीख से साठ दिनों के भीतर प्रतिवेदन दायर करेगा।

(4) इस प्रकार दायर प्रतिवेदन, दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा-173 (2) और धारा-190 के प्रयोजनों के लिए पुलिस प्रतिवेदन समझा जाएगा।

(5) कलक्टर यह सुनिश्चित करेगा कि उपर उल्लिखित प्रतिवेदन समय पर दाखिल हो और वह न्यायालय के समक्ष प्रभावी अभियोजन का भी अनुश्रवण करेगा।31 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 (6) पुलिस अधीक्षक इस अधिनियम के अधीन पुलिस पदाधिकारियों द्वारा दाखिल मामलों की स्थिति का नजदीक से अनुश्रवण करेगा और उत्पाद आयुक्त एवं कलक्टर को आवधिक प्रतिवेदन समर्पित करेगा।

अध्याय अध्याय अध्याय अध्याय IX

अपील एवं पुनरीक्षणअपील एवं पुनरीक्षणअपील एवं पुनरीक्षणअपील एवं पुनरीक्षण

92929292.... अपील। -(1) अपील। -(1) अपील। -(1) अपील। -(1) उत्पाद आयुक्त या कलक्टर के अलावे किसी अन्य उत्पाद पदाधिकरी द्वारा इस अधिनियम के अधीन पारित सभी अन्तिम आदेश, आदेश पारित किये जाने की तारीख से साठ दिनों के भीतर, कलक्टर के पास अपीलनीय होंगे।

(2) कलक्टर तथा उत्पाद आयुक्त द्वारा पारित सभी अन्तिम आदेश, आदेश पर शिकायत किये जाने की तारीख से नब्बे दिनों के भीतर, क्रमशः उत्पाद आयुक्त तथा राज्य सरकार के पास अपीलनीय होंगेः

परन्तु अपील पर आयुक्त द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध कोई द्वितीय अपील नहीं होगी।

(3) राज्य सरकार इस निमित्त नियमावली बना सकेगी।

93939393.... पुनरीक्षण। - पुनरीक्षण। - पुनरीक्षण। - पुनरीक्षण। - राज्य सरकार स्वप्रेरणा से अथवा दिये गये आवेदन पर इस अधिनियम के अधीन किसी उत्पाद पदाधिकारी के समक्ष किसी कार्यवाही का अभिलेख अथवा किसी दस्तावेज जिसमें अनुज्ञप्ति का नवीकरण या अस्वीकृृति अथवा परमिट, पास आदि की स्वीकृति का दस्तावेज शामिल है को पारित किये गये किसी आदेश की शुद्धता तथा वैद्यता के बारे में और ऐसी किसी कार्यवाही की नियमितता के बारे में स्वयं को संतुष्ट करने के प्रयोजनार्थ मंगा सकेगी तथा परीक्षण कर सकेगी और, ऐसे अभिलेख की माँग किये जाने पर यह निदेश दे सकेगी कि इस प्रकार माँगे गये अभिलेख के परीक्षण के लंबित रहने तक आदेश प्रभाव में नहीं आएगा। अभिलेख के परीक्षण के उपरान्त, राज्य सरकार ऐसे आदेश को निष्प्रभावी, उलट, परिवर्तित या संपुष्ट कर सकेगी या ऐसा दूसरा आदेश पारित कर सकेगी जिसे वह उचित समझे।

अध्याय अध्याय अध्याय अध्याय X

छूटछूटछूटछूट

इस अधिनियम के प्रावधानों से मादक द्रव्य को छूट देने की राज्य सरकार की षक्ति। -राज्य सरकार, 94949494.... इस अधिनियम के प्रावधानों से मादक द्रव्य को छूट देने की राज्य सरकार की षक्ति। - इस अधिनियम के प्रावधानों से मादक द्रव्य को छूट देने की राज्य सरकार की षक्ति। - इस अधिनियम के प्रावधानों से मादक द्रव्य को छूट देने की राज्य सरकार की षक्ति। -

अधिसूचना द्वारा पूर्णतः अथवा अंषतः, उन षर्तों (यदि कोई हो) के अधीन रहते हुए जिसे वह उचित समझे किसी मादक द्रव्य अथवा किसी मादक द्रव्य के कारखाना को, इस अधिनियम के सभी अथवा किसी प्रावधान से सम्पूर्ण राज्य अथवा राज्य के किसी विनिर्दिष्ट क्षेत्र का किसी विनिर्दिष्ट अवधि या अवसर के लिए अथवा किसी विनिर्दिष्ट व्यक्तियों के वर्ग को और ऐसे किसी प्रयोजन के लिये छूट दे सकेगी।

अध्याय अध्याय अध्याय अध्याय XI

प्रकीर्णप्रकीर्णप्रकीर्णप्रकीर्ण

राज्य सरकार की नियमावली बनाने की शक्ति। - (1) इस अधिनियम को क्रियान्वित करने के प्रयोजनार्थ 95959595.... राज्य सरकार की नियमावली बनाने की शक्ति। - राज्य सरकार की नियमावली बनाने की शक्ति। - राज्य सरकार की नियमावली बनाने की शक्ति। -

राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, ऐसी नियमावली बना सकेगी, जो इस अधिनियम के उपबंधों से असंगत न हो।

(2) विशिष्टतया तथा पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसी नियमावली निम्नांकित विषयों में से किसी एक या सभी के लिए उपबंध कर सकेगी, यथा-

(क) उत्पाद पदाधिकारियों की शक्ति और कर्तव्य को विहित करना;

(ख) अपील और पुनरीक्षण की रीति विहित करना;

(ग) उत्पाद पदाधिकारी द्वारा अभियोजन प्रतिवेदन दायर करने की प्रक्रिया विहित करना;

32 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016

(घ) विषेष लोक अभियोजक और अतिरिक्त लोक अभियोजक की नियुक्ति की प्रक्रिया विहित करना;

(ड) इस अधिनियम के अधीन कलक्टर द्वारा दायर सभी वादों के अभियोजन के अनुश्रवण की रीति विहित करना;

(च) स्पिरिट और इथनॉल के विनिर्माण, भंडारण, निष्पादन और विकृतिकरण की प्रक्रिया और पद्धति घोषित करना;

(छ) शुल्क या फीस के भुगतान की रीति, समय, स्थान, दर को विनियमित करना और इसके देय भुगतान हेतु प्रतिभूति लेना;

(ज) प्राधिकार, फार्म तथा रीति, निबंधन एवं शर्तें, विहित करना जिसके अध्यधीन कोई लाइसेंस, परमिट या पास स्वीकृत किया जाएगा,

(झ) उपयोग के लिए अनुपयुक्त समझे जाने वाली किसी शराब को नष्ट करने या अन्य निस्तारण के उपबंध करना;

() अधिहृत सामानों के निस्तारण को विनियमित करना,

(ट) उत्पाद पदाधिकारियों तथा भेदियों को पुरस्कार प्रदान करने का उपबंध करना;

(ठ) गवाहों को खर्च प्रदान करने को विनियमित करना;

(ड) गवाहों को बुलाने के लिए उत्पाद पदाधिकारी की शक्ति को विनियमित करना;

(ढ़) गैर कानूनी शराब विक्रेताओं एवं निर्माताओं की गतिविधियों पर अंकुश लगाना जो इस अधिनियम के किन्ही उपबंधों अथवा इसके अधीन निर्मित नियमाें के उल्लंघन में किसी शराब अथवा मादक द्रव्य का आसवन, विनिर्माण, भंडारण, परिवहन, आयात, निर्यात, विक्रय या वितरण करते है;

(ण) इस अधिनियम में यथा उल्लिखित परिसरों को सीलबंद करने, अधिहरण करने तथा सामुदायिक जुर्माना करने की रीति तथा प्रक्रिया विहित करना;

(त) बोर्ड, उत्पाद आयुक्त या कलक्टर के बीच विभिन्न शक्तियों तथा कर्त्तव्यों के प्रत्यायोजन को विहित करना;

(थ) कोई ऐसा प्रकीर्ण विषय जिसके लिए सरकार महसूस करती है कि नियम बनाने आवश्यक हैं। (द) कोई अन्य विषय जिसे इस अधिनियम के अधीन विहित करने की जरूरत है या विहित किया जा सके।

(3) इस अधिनियम के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम बनाए जाने के पश्चात्‌ यथाशीघ्र विधानमंडल के समक्ष, जब वह ऐसी कुल चौदह दिन की अवधि के लिए सत्र में हो जो एक सत्र में अथवा दो या अधिक आनुक्रमिक सत्रों में पूरी हो सकती है, रखा जाएगा और यदि उस सत्र के या पूर्वोक्त आनुक्रमिक सत्रों के ठीक बाद के सत्र के अवसान के पूर्व विधान सभा उस नियम में कोई उपांतरण करने के लिए सहमत हो जाए या विधान-सभा इस बात से सहमत हो जाए कि ऐसा नियम नहीं बनाया जाना चाहिए तो नियम, यथास्थिति, ऐसे उपांतरित रूप में ही प्रभावी या निष्प्रभावी होगा, किन्तु ऐसा उपांतरण या बातिलकरण उस नियम के अधीन पूर्व में किए गए किसी कार्य या छोड़ दिए गए किसी कार्य की विधिमान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना होगा।

पदाधिकारी का लोक सेवक होना। -(1) इस अधिनियम के अधीन किसी शक्ति का प्रयोग करने या किसी 96969696.... पदाधिकारी का लोक सेवक होना। -(1) पदाधिकारी का लोक सेवक होना। -(1) पदाधिकारी का लोक सेवक होना। -(1)

कृत्य को करने हेतु शक्ति प्राप्त सभी पदाधिकारी और व्यक्ति भारतीय दण्ड संहिता, 1860 (1860 का अधिनियम 45) की धारा-21 के अर्थ के भीतर लोक सेवक समझे जाएँगे।33 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 (2) राज्य सरकार अथवा किसी उत्पाद पदाधिकरी द्वारा सद्‌भाव पूर्वक किये गये किसी कार्य अथवा इस अधिनियम अथवा उत्पाद राजस्व से संबंधित तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अनुसरण में आदेश से किए गए किसी कार्य की क्षति के लिए उसके विरूद्ध सिविल न्यायालय में कोई वाद नहीं चलाया जाएगा।

(3) इस अधिनियम के अनुसरण में की गई कोई बात अथवा कथित रूप से की गई कोई बात की बावत राज्य सरकार के विरूद्ध बिना उसकी पूर्व स्वीकृति के कोई सिविल न्यायालय किसी वाद का विचारण नहीं करेगा। कोई मजिस्ट्रेट इस अधिनियम के अधीन किसी उत्पाद पदाधिकारी के विरूद्ध लगाये गये किसी आरोप अथवा इस अधिनियम के अधीन किसी अन्य व्यक्तियों के विरूद्ध लगाए गए किसी आरोप पर संज्ञान नहीं लेगा।

97979797.... प्रवृत्त रहने वाले आदेश। - प्रवृत्त रहने वाले आदेश। - प्रवृत्त रहने वाले आदेश। - प्रवृत्त रहने वाले आदेश। - राज्य सरकार द्वारा या उत्पाद पदाधिकारी, कलक्टर, बोर्ड या उत्पाद मामलों से संबंधित अधिनियमितियाँ जो उसके अवसान के ठीक पहले लागू था, के अधीन नियुक्त किसी अन्य उत्पाद पदाधिकारी द्वारा बिहार उत्पाद अधिनियम, 1915, (1915 का बिहार और उड़ीसा अधिनियम प्प्), बिहार उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 1973, बिहार उत्पाद (संशोधनकारी एवं विधिमान्यकारी) अधिनियम, 1981, बिहार और उड़ीसा उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 1985 तथा बिहार उत्पाद (संशोधनकारी एवं विधिमान्यकारी) अधिनियम, 1995, बिहार उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2016 (2016 का बिहार अधिनियम 3), बिहार मद्यनिषेध अधिनियम, 1938 (1938 का अधिनियम 6) के अधीन बनाया गया प्रत्येक आदेश, अधिसूचना, नियम या विनियम, जहाँ तक ऐसा आदेश या अधिसूचना या नियम या विनियम इस अधिनियम के उपबंधों से असंगत नहीं हाें, इस अधिनियम के अधीन बनाए गये समझे जायेंगे तथा लगातार प्रवृत्त माने जायेंगे।

98989898.... निरसन और व्यावृत्ति। -निरसन और व्यावृत्ति। -निरसन और व्यावृत्ति। -निरसन और व्यावृत्ति। -(1) बिहार उत्पाद अधिनियम, 1915 (बिहार और उड़ीसा अधिनियम II, 1915) जिसमें इसका संशोधनकारी अधिनियम जो बिहार उत्पाद (संशोधन) अधिनियम कहलाता है, शामिल है, बिहार उत्पाद (संशोधनकारी एवं विधिमान्यकारी) अधिनियम, 1981, बिहार और उड़िसा उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 1985, बिहार उत्पाद (संशोधनकारी एवं विधिमान्यकारी) अधिनियम, 1995 और बिहार उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2016 (बिहार अधिनियम 3, 2016) के साथ बिहार मद्यनिषेध अधिनियम, 1938 (1938 का 6) एतद्‌द्वारा निरसित किया जाता है। (2) ऐसे निरसन के होते हुए भी, उक्त अधिनियम के अधीन किया गया कोई कार्य या की गयी कोई कार्रवाई इस अधिनियम के संगत उपबंधों के अधीन किया गया या की गयी समझी जाएगी।

(3) इस प्रकार निरसित अधिनियम के किसी प्रावधान के किसी अधिनियमन के समस्त संदर्भ इस अधिनियम के संगत उपबंधों के संदर्भों के रूप में समझे जाएँगे।

(4) इस अधिनियम के आरंभ के ठीक पूर्व किसी पदाधिकारी, प्राधिकार या न्यायालय के समक्ष लंबित समस्त कार्यवाहियाँ (जिनमें अन्वेषण के रूप में कार्यवाहियाँ शामिल हैं) ऐसे प्रारंभ पर इस अधिनियम के अनुसार इसके समक्ष लंबित कार्यवाहियाँ समझी जायेंगी और तदनुसार कार्रवाई की जाएगी।

99999999.... विधिमान्यकरण। -विधिमान्यकरण। -विधिमान्यकरण। -विधिमान्यकरण। -किसी न्यायालय, न्यायाधिकरण या अन्य प्राधिकार के किसी निर्णय, डिक्री या आदेश में किसी बात के अन्तर्विष्ट होते हुए भी,

(क.) बिहार उत्पाद अधिनियम, 1915, (1915 का बिहार और उड़ीसा अधिनियम II) बिहार मद्य निषेध अधिनियम, 1938 (1938 का अधिनियम 6), बिहार उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 1973, बिहार उत्पाद (संशोधनकारी एवं विधिमान्यकारी) अधिनियम, 1981, बिहार और उड़ीसा उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 1985, बिहार उत्पाद (संशोधनकारी एवं विधिमान्यकारी) अधिनियम, 1995 तथा बिहार उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2016 (बिहार अधिनियम 3, 2016) के उपबंध सभी प्रयोजनों के लिए, हमेशा प्रवृत समझे जायेंगे मानो बिहार उत्पाद अधिनियम, 1915 (1915 का बिहार और उड़ीसा34 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19 अगःतअगःतअगःतअगःत 2016 अधिनियम II) तथा बिहार मद्यनिषेध अधिनियम, 1938 (1938 का 6) पूर्वोक्त संशोधनों द्वारा यथा संशोधित, के उपबंध सभी तात्विक समय में प्रवृत रहे हों;

(ख.) कोई वाद या अन्य कार्यवाहियाँ, पूर्वगामी उपबंधों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, किसी न्यायालय या न्यायाधिकरण या प्राधिकार में उस न्यायालय या न्याधिकरण या प्राधिकार द्वारा बिहार उत्पाद अधिनियम, 1915(1915 का बिहार और उड़ीसा अधिनियम II) तथा पूर्वोक्त संशोधनकारी अधिनियम और बिहार मद्य निषेध अधिनियम,1938 (1938 का 6) के उपबंधों के अधीन दिये गये किसी आदेश या निदेश या डिक्री के प्रवर्तन के लिए बनाए नहीं रखी जायेंगी या जारी नहीं रखी जायेंगी जैसा कि बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 के प्रारंभ होने से पहले था। 100100100100.... कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति।- कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति।- कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति।- कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति।- (1) इस अधिनियम के उपबंधों को लागू करने में यदि कोई कठिनाई उत्पन्न होती है, तो राज्य सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, ऐसे उपबंध कर सकेगी जिसे वह कठिनाई को दूर करने के लिए आवश्यक या समीचीन समझे।

(2) इस धारा के अधीन निर्गत प्रत्येक अधिसूचना, इसके निर्गत होने के पश्चात्‌ यथाशीघ्र राज्य विधानमंडल के समक्ष रखी जाएगी।

उद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतु

बिहार उत्पाद एवं मद्यनिषेध अधिनियम, 1915 यथासंशोधित बिहार उत्पाद एवं मद्यनिषेध अधिनियम, बिहार उत्पाद एवं मद्यनिषेध अधिनियम, 1915 यथासंशोधित बिहार उत्पाद एवं मद्यनिषेध अधिनियम, बिहार उत्पाद एवं मद्यनिषेध अधिनियम, 1915 यथासंशोधित बिहार उत्पाद एवं मद्यनिषेध अधिनियम, बिहार उत्पाद एवं मद्यनिषेध अधिनियम, 1915 यथासंशोधित बिहार उत्पाद एवं मद्यनिषेध अधिनियम, 2016 एवं बिहार मद्यनिषेध अधिनियम, 1938 प्रभावी है। राज्य में पूर्ण मद्यनिषेध 05 अप्रैल, 2016 से लागू है। 2016 एवं बिहार मद्यनिषेध अधिनियम, 1938 प्रभावी है। राज्य में पूर्ण मद्यनिषेध 05 अप्रैल, 2016 से लागू है। 2016 एवं बिहार मद्यनिषेध अधिनियम, 1938 प्रभावी है। राज्य में पूर्ण मद्यनिषेध 05 अप्रैल, 2016 से लागू है। 2016 एवं बिहार मद्यनिषेध अधिनियम, 1938 प्रभावी है। राज्य में पूर्ण मद्यनिषेध 05 अप्रैल, 2016 से लागू है।

वनियमन, उसपर शुल्क का उद्‌ग्रहण और चूँकि, बिहार राज्य में षराब और मादक द्रव्य के निषेध और विनियमन, उसपर शुल्क का उद्‌ग्रहण और चूँकि, बिहार राज्य में षराब और मादक द्रव्य के निषेध और ि वनियमन, उसपर शुल्क का उद्‌ग्रहण और वनियमन, उसपर शुल्क का उद्‌ग्रहण और चूँकि, बिहार राज्य में षराब और मादक द्रव्य के निषेध और ि चूँकि, बिहार राज्य में षराब और मादक द्रव्य के निषेध और ि

बिहार राज्य में कानून के उल्लंघन के लिए दंड से संबंधित एक समान विधि का प्रावधान करना समीचीन बिहार राज्य में कानून के उल्लंघन के लिए दंड से संबंधित एक समान विधि का प्रावधान करना समीचीन बिहार राज्य में कानून के उल्लंघन के लिए दंड से संबंधित एक समान विधि का प्रावधान करना समीचीन बिहार राज्य में कानून के उल्लंघन के लिए दंड से संबंधित एक समान विधि का प्रावधान करना समीचीन है। अतएव उपर्युक्त अधिनियमों का निरसन एवं एक समेकित अधिनियम लागू किया जाना आवश्यक है। है। अतएव उपर्युक्त अधिनियमों का निरसन एवं एक समेकित अधिनियम लागू किया जाना आवश्यक है। है। अतएव उपर्युक्त अधिनियमों का निरसन एवं एक समेकित अधिनियम लागू किया जाना आवश्यक है। है। अतएव उपर्युक्त अधिनियमों का निरसन एवं एक समेकित अधिनियम लागू किया जाना आवश्यक है।

यक में समेकित प्रावधान किये गये हैं जिनको अधिनियमित कराना एतदर्थ बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद विधेयक में समेकित प्रावधान किये गये हैं जिनको अधिनियमित कराना एतदर्थ बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद विधे यक में समेकित प्रावधान किये गये हैं जिनको अधिनियमित कराना यक में समेकित प्रावधान किये गये हैं जिनको अधिनियमित कराना एतदर्थ बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद विधे एतदर्थ बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद विधे

ही इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य एवं अभीष्ठ है। ही इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य एवं अभीष्ठ है। ही इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य एवं अभीष्ठ है। ही इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य एवं अभीष्ठ है।

( अब्दुल जलील मस्तान ) ( अब्दुल जलील मस्तान ) ( अब्दुल जलील मस्तान ) ( अब्दुल जलील मस्तान ) भार-साधक सदस्यभार-साधक सदस्यभार-साधक सदस्यभार-साधक सदस्य पटना दिनांक 01.08.2016

सचिव बिहार विधान-सभा।

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अधी)क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:1)बहार, पटना (cid:23)ारा ूकािशत एवं मु/ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 682-571+10-ड$0ट$0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 19 August 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-08-19.682/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-08-19.682.