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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 26 August 2016

Published 26 August 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-08-26.698
Languages
English, Hindi

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fofo/k&03@2013&5148@ifj0—सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार, ा में बढ़ती हुई सड़क दुर्घटनाओं के दृृष्टिगत रात्रिकालीन परिवहन को सुदृृश्य बनाने हेतु केन्द्रीय य बनाने हेतु केन्द्रीय 12.11.2008 के माध्यम laŒ 06@CMT fofo/k&03@2013 नई दिल्ली द्वारा देश में बढ़ती हुई सड़क दुर्घटनाओं के दृृष्ि मोटरयान नियमावली, 1989 के नियम 104 में संशोधनोंपरांत अधिसूचना सं0 784 (अ) दिनांक 12 मोटरयान नियमावली, 1989 के नियम 104 में से समस्त परिवहन यानों में निर्धारित मानक एवं डिजाईन के रिफ्लेक्टिव टेप लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। से समस्त परिवहन यानों में निर्धारित मानक एवं डिजाईन के रिफ्लेक्टिव टेप लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। से समस्त परिवहन यानों में निर्धारित मानक एवं डिजाईन के रिफ्लेक्टिव टेप लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। केन्द्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 के नियम 104 के प्रवधानों एवं केन्द्रीय संशोधित अधि केन्द्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 के नियम 104 के प्रवधानों

ाोधित अधिसूचना के आलोक में बिहार राज्य में परिचालित परिवहन यानों/वाहनों में रिफलेक्टिव टेप (परावर्तक टेप) लगाये जाने के संबंध में निम्नांकित बिहार राज्य में परिचालित परिवहन यानों/वाहनों में रिफलेक्टिव टेप (परावर्तक टेप) लगाये जाने के संबंध में निम्नांकित बिहार राज्य में परिचालित परिवहन यानों/वाहनों में रिफलेक्टिव टेप (परावर्तक टेप) लगाये जाने के संबंध में निम्नांकित निर्णय लिया जाता हैः-

1. तिपहिया और मोटर साइकिलों से भिन्न 1 अप्रैल, 2006

चात्‌्‌ विनिर्मित प्रत्येक मोटर तिपहिया और मोटर साइकिलों से भिन्न 1 अप्रैल, 2006 को और उसके पश्चात्‌्‌ विनिर्मित प्रत्येक मोटर जिनमें टे्रलर और अर्द्ध टे्रलर भी सम्मिलित हैं, में उनके पीछे दो परावर्तक अर्थात्‌्‌ दोनों सिरों पर एक-एक ्‌ दोनों सिरों पर एक-एक यान जिनमें टे्रलर और अर्द्ध टे्रलर भी सम्मिलित हैं, में उनके पीछे दो परावर्तक अर्थात्‌ क लगाया जाएगा। प्रत्येक मोटर साइकिल में पीछे न्यूनतम एक लाल रिफ्लेक्ट परावर्तक लगाया जाएगा। क लगाया जाएगा। प्रत्येक मोटर साइकिल में पीछे न्यूनतम एक लाल रिफ्लेक्ट परावर्तक लगाया जाएगा। परावर्तक लगाया जाएगा। प्रत्येक मोटर साइकिल में पीछे न्यूनतम एक लाल रिफ्लेक्ट परावर्तक लगाया जाएगा। परन्तु यह कि निम्न वाहनों के सम्बन्ध में-

परन्तु यह कि निम्न वाहनों के सम्बन्ध में-

(i) प्रवर्ग एन-1 तथा प्रवर्ग एन-2, 3

5 टन और उससे ऊपर वाले कुल वाहन वजन(G.V.W.),5 टन और उससे ऊपर किन्तु 7.5 टन कुल वाहन तथा प्रवर्ग एन-2, 3.5 टन और उससे ऊपर किन्तु 7 वजन(G.V.W. G.V.W.), जिन्हे 1 अप्रैल, 2009 को और इसके पश्चात्‌्‌ विनिर्मित किया गया है, बॉडी के ), जिन्हे 1 अप्रैल, 2009 को और इसके पश्चात्‌्‌ विनिर्मित किया गया है, बॉडी के चौड़ाई को क्रॉस करते हुए सामने एक ष्वेत परावर्तक पट्‌्‌टी और पीछे एक लाल परावर्तक पट्‌्‌टी चौड़ाई को क्रॉस करते हुए सामने एक ष्वेत परावर्तक पट्‌्‌टी और पीछे एक लाल परावर्तक पट्‌्‌टी चौड़ाई को क्रॉस करते हुए सामने एक ष्वेत परावर्तक पट्‌्‌टी और पीछे एक लाल परावर्तक पट्‌्‌टी े व पीछे लगाई गई पट्‌टी की चौड़ाई 20 मि0मी0 से कम नहीं होगी लगाई जाएगी और सामने व पीछे लगाई गई पट्‌टी की चौड़ाई 20 मि0मी0 से कम नहीं होगी लगाई जाएगी और सामन 986 (1986 का 63) के अधीन तत्सदृश्य बी0आई0एस0 और भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 1986 (1986 का 63) के अधीन तत्सदृश् और भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 1 विनिर्दिष्टीकरण के अधिसूचित किए जाने तक ए0आई0एस0 : 090-2005 के संलग्नक 4,5 व 6 विनिर्दिष्टीकरण के अधिसूचित किए जाने तक ए0आई0एस0 : 090-2005 के संलग्नक 4,5 व 6 विनिर्दिष्टीकरण के अधिसूचित किए जाने तक ए0आई0एस0 : 090-2005 के संलग्नक 4,5 व 6 की अपेक्षाओं के अनुरूप होगा; की अपेक्षाओं के अनुरूप होगा; (ii) प्रवर्ग एन-3 तथा प्रवर्ग एन-2, 7 प्रवर्ग एन-3 तथा प्रवर्ग एन-2, 7.5 टन और उससे ऊपर वाले कुल वाहन वजन( जिसे 1 अपै्रल, 2009 को या उसके बाद विनिर्मित किया गया है, पर सामने बॉडी की चौड़ाई को जिसे 1 अपै्रल, 2009 को या उसके बाद विनिर्मित किया गया है, पर सामने बॉडी की जिसे 1 अपै्रल, 2009 को या उसके बाद विनिर्मित किया गया है, पर सामने बॉडी की वेत परावर्तक पट्‌टी लगाई जाएगी और सामने वाली पट्‌टी की चौड़ाई 50 क्रॉस करते हुए एक श् क्रॉस करते हुए एक श्वेत परावर्तक पट्‌टी लगाई जाएगी और सामने वाली पट्‌टी की चौड़ाई 5 986 (1986 का 63) के अधीन मि0मी0 से कम नहीं होगी और भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 1986 (1986 का 63) के अधीन मि0मी0 से कम नहीं होगी और भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 1 य बी0आई0एस0 विनिर्दिष्टीकरण के अधिसूचित किए जाने तक ए0आई0एस0 : 090-2005 तत्सदृश्य बी0आई0एस0 विनिर्दिष्टीकरण के अधिसूचित किए जाने तक ए0आई0एस0 : 090-2005 य बी0आई0एस0 विनिर्दिष्टीकरण के अधिसूचित किए जाने तक ए0आई0एस0 : 090-2005 के संलग्नक 4,5 व 6 के अपेक्षाओं के अनुरूप होगा; के संलग्नक 4,5 व 6 के अपेक्षाओं के अनुरूप होगा; 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 26 अग(cid:22)त 2016 (iii) टे्रलर या सेमीट्रेलर और प्रवर्ग एन-2, 7.5 टन और उससे अधिक कुल वाहन वजन(G.V.W.), व ट्रेलर अथवा सेमीट्रेलर सहित प्रवर्ग एन-3, जिसे 1 अप्रैल, 2009 को या उसके बाद विनिर्मित किया गया है, पर पीछे तथा किनारे (पाश्र्व) में भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 1986 (1986 का 63) के अधीन तत्सदृश्य बी0आई0एस0 विशिष्टीकरण के अधिसूचित किए जाने तक ए0आई0एस0 : 090-2005 के अनुसार परावर्तक रेखीय चिन्ह्‌ाँकन (reflective contour marking) किया जाएगा, के अनुसार चिपकाये जायेंगे।

(iv) प्रवर्ग एम-2 व एम-3, जिसे 1 अक्टूबर 2009 को या उसके पश्चात्‌ विनिर्मित किया गया है, पर सामने श्वेत परावर्तक पट्‌टी तथा पीछे लाल परावर्तक पट्‌टी बॉडी की चौड़ाई को क्रॉस करते हुए लगाई जाएगी तथा एम 3 प्रवर्ग के वाहनों के किनारे बॉडी की लम्बाई को क्रॉस करते हुए पीली परावर्तक पट्‌टी लगाई जाएगी। किन्तु इस प्रकार लगाई गई पट्‌टी की चौड़ाई 50 मि0मी0 से कम नहीं होगी और भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 1986 (1986 का 63) के अधीन तत्सदृश्य बी0आई0एस0 विशिष्टीकरण के अधिसूचित किए जाने तक ए0आई0एस0 090-2005 के संलग्नक 4,5 व 6 के अनुसार होगी।

2. उपरोक्त वर्णित प्रकार से लगायी जानेवाली परावर्त्ती टेप केन्द्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 के नियम 104 के उप नियम (1),(2),(3),(4),एवं (5),में वर्णित वाहनों पर लगाये गए रिफ्लेक्टर के अतिरिक्त होगें।

3. वाहनों पर लगाये जाने वाले सभी परावर्त्तक टेप AIS:090-2005 के संलग्नक 4,5,6 की अपेक्षा के अनुरूप मानक के होंगे और केन्द्रीय मोटरयान, नियमावली 1989 के नियम 126 के अंतर्गत विनिर्दिष्ट एजेंसियों /अभिकरणों में से किसी अभिकरण द्वारा प्रमाणित होंगे। इसके भिन्न किसी भी प्रकार के परावर्त्तक टेप मान्य नहीं होंगे।

4. उपरोक्त कंडिका 3 के अनुसार परावर्ती टेप निर्माता उन सभी कम्पनी जो केन्द्रीय मोटरयान, नियमावली 1989 के नियम 126 के अंतर्गत विनिर्दिष्ट एजेंसियों/अभिकरणों में से किसी अभिकरण द्वारा प्रदत्त प्रमाण पत्र के साथ राज्य के अन्दर बिक्री हेतु राज्य परिवहन आयुक्त के समक्ष आवेदन समर्पित करेंगे उन्हें समीक्षोपरान्त विहित आवेदन शुल्क अदा करने पर बिक्री की अनुमति दी जाएगी। राज्य परिवहन आयुक्त ,बिहार से पूर्वानुमति प्राप्त किये बिना कोई भी परावर्ती टेप निर्माता कम्पनी राज्य के अन्दर अपने उत्पाद की बिक्री नहीं करेगा।

5. वाहनों के निबंधन एवं फिटनेश जाँच के समय सक्षम जाँच प्राधिकार यह सुनिश्चित करेंगे कि वाहन में उपरोक्त वर्णित प्रकार से परावर्ती टेप अनिवार्य रूप से चिपकाया हुआ है।

6. केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा एतद्‌ संबंध में समय-समय पर दिये गए निदेश का अनुपालन किया जाएगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, सरकार के विशेष सचिव। .

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 26 August 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-08-26.698/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-08-26.698.