िनबंधन सं(cid:18)या पी0ट$0-40 िनबंधन सं(cid:18)या (cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)बहारहारहारहार
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((((संसंसंसं0 पटनापटनापटनापटना 703) ) ) ) पटनापटनापटनापटना
पटनापटनापटनापटना, वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितितितितवारवारवारवार, 1111 िसत!बर 2016
सं0 2/नि0था0- 3010/2007-सा0प्र0-11413114131141311413 सं0 2/नि0था0- 3010/2007 सामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभाग ------------------------------------ संकल्संकल्संकल्संकल्पपपप 23 अगस्त 201623 अगस्त 201623 अगस्त 201623 अगस्त 2016
श्री मनोज कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1078/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी, तरैया, सारण सम्प्रति सेवा से श्री मनोज कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1078/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी, तरैया, सारण सम्प्रति सेवा से श्री मनोज कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1078/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी, तरैया, सारण सम्प्रति सेवा से श्री धर्मनाथ सिंह से 1500/- रूपये रिश्वत लेते
ा दिनांक 07.08.2007 को परिवादी श्री धर्मनाथ सिंह से 1500/-
बर्खास्त को निगरानी धावा दल द्वारा दिनांक 07 रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया एवं निगरानी थाना कांड संख्या 92/2007 दिनांक 08.08.2007 दर्ज किया गया। रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया एवं निगरानी थाना कांड संख्या 92/2007 दिनांक 08 2007 दर्ज किया गया। 2222.... पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पत्रांक 1037 दिनांक 13 2007 द्वारा प्रतिवेदित उपर्युक्त सूचना पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पत्रांक 1037 दिनांक 13.08.2007 द्वारा प्रतिवेदित उपर्युक्त सूचना के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9971 दिनांक 2007 (हिरासत में जाने की तिथि) के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9971 दिनांक 05.10.2007 द्वारा दिनांक 07.08.2007 (हिरासत में जाने की तिथि) के प्रभाव से श्री कुमार को निलंबित किया गया। प्रतिवेदित आरोपों के आधार पर श्री कुमार के विरूद्ध आरोप प्रपत्र 'क' के प्रभाव से श्री कुमार को निलंबित किया गया। प्रतिवेदित आरोपों के आधार पर श्री कुमार के विरूद्ध आरोप प्रपत्र 'क' के प्रभाव से श्री कुमार को निलंबित किया गया। प्रतिवेदित आरोपों के आधार पर श्री कुमार के विरूद्ध आरोप प्रपत्र 'क' ा दिया गया। श्री कुमार गठित कर विभागीय पत्रांक 4017 दिनांक 10.04.2008 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दि गठित कर विभागीय पत्रांक 4017 दिनांक 10 2008 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। विभागीय पत्रांक 7829 दिनांक 16.07.2008 2008 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। विभागीय पत्रांक 7829 दिनांक 16 के पत्रांक-शून्य दिनांक 26.05.2008 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। विभागीय पत्रांक 7829 दिनांक 16 द्वारा श्री कुमार के स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, सारण से मंतव्य की मांग की गयी। जिला पदाधिकारी, सारण के द्वारा श्री कुमार के स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, सारण से मंतव्य की मांग की गयी। जिला पदाधिकारी, सारण के द्वारा श्री कुमार के स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, सारण से मंतव्य की मांग की गयी। जिला पदाधिकारी, सारण के प्राप्त मंतव्य में प्रतिवेदित किया गया है कि ''निगरानी दल के प्रतिवेदन के आलोक में प्राप्त मंतव्य में प्रतिवेदित किया गया है कि ''निगरानी दल के प्रतिवेदन के आलोक में पत्रांक 13 दिनांक 11.02.2009 द्वारा प्राप्त मंतव्य में प्रतिवेदित किया गया है कि ''निगरानी दल के प्रतिवेदन के आलोक में कार्रवाई की जा सकती है।''
3333.... श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप, उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण एवं जिला पदाधिकारी, सारण के मंतव्य श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप, उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण एवं जिला पदाधिकारी, सारण के मंतव्य श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप, उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण एवं जिला पदाधिकारी, सारण के मंतव्य 2009 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की के समीक्षोपरान्त वृहद जाँच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6702 दिनांक 13.07.2009 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की के समीक्षोपरान्त वृहद जाँच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6 गयी।
.2011 को पारित आदेश 4444.... माननीय उच्च न्यायालय द्वारा सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या 1251/2011 में ि
2012 द्वारा उनके योगदान की तिथि 07.
माननीय उच्च न्यायालय द्वारा सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या 1251/2011 में दिनांक 13.05. के अनुपालन में श्री कुमार को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16598 दिनांक 06.12.2012 द्वारा उनके योगदान की ि के अनुपालन में श्री कुमार को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16598 दिनांक 06 09.2011 के प्रभाव से निलंबन मुक्त किया गया।
2011 के प्रभाव से निलंबन मुक्त किया गया।
अपर विभागीय जाँच आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, बिहार, पटना के पत्रांक 109/स0को0 दिनांक 29. 5555.... अपर विभागीय जाँच आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, बिहार, पटना के पत्रांक 109/स0को0 दिनांक 29 अपर विभागीय जाँच आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, बिहार, पटना के पत्रांक 109/स0को0 दिनांक 29 05.2015 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन पर सम्यक जाँचोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) 2015 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन पर सम्यक जाँचोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) 2015 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन पर सम्यक जाँचोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) 005 के नियम 18(3) के संगत प्रावधान के तहत संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति 005 के नियम 18(3) के संगत प्रावधान के तहत संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति नियमावली, 2005 के नियम 18(3) के संगत प्रावधान के तहत संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 8616 दिनांक 15.06.2015 द्वारा श्री कुमार से अभ्यावेदन की मांग की गयी। संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 8616 दिनांक 15 2015 द्वारा श्री कुमार से अभ्यावेदन की मांग की गयी। 6666.... श्री कुमार द्वारा समर्पित अभ्यावेदन दिनांक 17
रवादी श्री धर्मनाथ सिंह का श्री कुमार द्वारा समर्पित अभ्यावेदन दिनांक 17.08.2015 में कहा गया है कि परिवादी श्री धर्मनाथ सिंह का भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र निर्गत करने से संबंधित था, लेकिन यह भूमि न तो उनके नाम से और न ही उनके पिता के नाम भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र निर्गत करने से संबंधित था, लेकिन यह भूमि न तो उनके नाम से और न ही उनके पिता के नाम भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र निर्गत करने से संबंधित था, लेकिन यह भूमि न तो उनके नाम से और न ही उनके पिता के नाम से है। उस भूमि का स्वामित्व नावल्द मोसमात देवमानो कुँवर के नाम से था परिवादी उसकी सम्पति हड़पना चाहते थे से है। उस भूमि का स्वामित्व नावल्द मोसमात देवमानो कुँवर के नाम से था परिवादी उसकी सम्पति हड़पना चाहते थे से है। उस भूमि का स्वामित्व नावल्द मोसमात देवमानो कुँवर के नाम से था परिवादी उसकी सम्पति हड़पना चाहते थे(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 1 िसत!बर 2016 2 जिसके लिए षड़यंत्र की रचना की गयी थी तथा असफल होने की आशंका में उन्हें फसाने का षड़यंत्र किया गया। श्री कुमार द्वारा समर्पित अभ्यावेदन स्वीकारयोग्य नहीं पाया गया। श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप, जाँच प्रतिवेदन एवं अभ्यावेदन के सम्यक विचारोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14(xi) के तहत ''सेवा से बर्खास्तगी''''सेवा से बर्खास्तगी''''सेवा से बर्खास्तगी''''सेवा से बर्खास्तगी'' का दंड दिये जाने का विनिश्चिय किया गया।
7777.... विभागीय पत्रांक 14792 दिनांक 09.10.2015 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से श्री कुमार के विरूद्ध विनिश्चित दंड पर परामर्श की मांग की गई। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 1933 दिनांक 03.11.2015 द्वारा विनिश्चत दंड प्रस्ताव पर असहमति व्यक्त की गयी।
8888.... बिहार लोक सेवा आयोग के परामर्श के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा पूरे मामले की पुनः समीक्षा की गयी। श्री कुमार के विरूद्ध रंगे हाथ घूस लेते पकड़े जाने जैसे गंभीर आरोप है, जिसके लिए संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के द्वारा आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा भी विभागीय कार्यवाही में सम्यक् जाँचोपरांत श्री विनोद कुमार, अंचल नाजीर के पास से राशि का बरामद होना तथा आरोपी पदाधिकारी के हाथों को सोडियम कार्बोनेट के घोल से धुलवाने पर घोल के गुलाबी हो जाने के आधार पर आरोपों को सही पाया गया। आयोग के मत से सहमत होने का कोई तार्किक आधार नहीं है।
9999.... उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के परामर्श से असहमत होते हुए घूस लेते रंगे हांथ पकड़े जाने जैसे प्रमाणित आरोप के लिए श्री कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के प्रावधानों के तहत विनिश्चित दंड ''सेवा से बर्खास्तगी''''सेवा से बर्खास्तगी''''सेवा से बर्खास्तगी''''सेवा से बर्खास्तगी'' को पूर्ववत बरकरार रखते हुए अधिरोपित किये जाने का निर्णय लिया गया।
10101010.... अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री कुमार के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14(xi) के तहत ''सेवा से बर्खास्तगी''''सेवा से बर्खास्तगी''''सेवा से बर्खास्तगी''''सेवा से बर्खास्तगी'' का दंड अधिरोपित करने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद् की स्वी—ति/सहमति की प्राप्त की गयी। मंत्रिपरिषद् के निर्णयोपरान्त श्री कुमार को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 4462 दिनांक 28.03.2016 द्वारा सेवा से बर्खास्तगी का दंड दिया एवं संसूचित किया गया।
11111111.... श्री कुमार द्वारा उक्त दंडादेश के विरूद्ध पुनर्विलोकन अर्जी दिनांक 16.05.2016 समर्पित किया गया। श्री कुमार का कहना है कि अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षा के क्रम में किसी भी स्तर पर इस तथ्य की जानकारी नहीं की गयी कि परिवादी (श्री धर्मनाथ सिंह) के पास उनके या उनके पिता के नाम से भूमि है या नहीं। साथ ही दिनांक 04. 06.2007 को निगरानी विभाग में सूचना देने के पूर्व भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र का आवेदन दिया गया है या नहीं। उक्त भूमि संबंधी मूल दस्तावेज की सत्यापित छायाप्रति की मांग किये जाने तथा परिवादी को गवाह के रूप में शामिल करने की मांग के बावजूद श्री कुमार को न तो प्रति उपलब्ध करायी गयी और न ही गवाह के रूप में परिवादी को शामिल किया गया। उनका आगे कहना है कि अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा इस पूरे वाद में विधिवत् जाँच नहीं की गयी। समर्पित बचाव बयान पर विचार नहीं किया गया। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17(iv) में निहित प्रावधान की अनदेखी की गयी। संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप को आंषिक प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया एवं बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा समानुपातिक दंड नहीं रहने का परामर्श दिये जाने के बावजूद बर्खास्तगी का निर्णय बरकरार रखा गया। वर्णित तथ्यों के आधार पर उनके विरूद्ध पारित बर्खास्तगी के आदेष को निरस्त करने का अनुरोध किया गया।
12121212.... प्रतिवेदित आरोप एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के आलोक में श्री कुमार के पुनर्विलोकन अर्जी की सम्यक् समीक्षा की गई। समीक्षोपरांत पाया गया कि परिवादी के द्वारा दिनांक 12.06.2007 को भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र निर्गत करने हेतु आवेदन दिया गया था, जिसपर दिनांक 12.06.2007 की तिथि में अंचल अधिकारी के द्वारा हलका कर्मचारी एवं अंचल निरीक्षक को जाँच हेतु निदेश दिया गया था। स्पष्ट है कि अंचल कार्यालय, तरैया में परिवादी का कार्य लंबित था। विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के समक्ष पुलिस उपाधीक्षक-सह-धावादल प्रभारी द्वारा साक्ष्य स्वरूप उपलब्ध कराये गये प्री-ट्रैप मैमोरेण्डम, सत्यापन प्रतिवेदन तथा परिवादी का परिवाद पत्र समर्पित किया गया था, जिसे रंगे हाथ घूस लेने जैसे मामले के लिए साक्ष्य माना जा सकता है। संचालन पदाधिकारी द्वारा निगरानी धावा दल में शामिल विभिन्न पदाधिकारियों के बयान के आधार पर श्री कुमार के विरूद्ध आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। सत्यापन प्रतिवेदन में अंकित तिथि संबंधित त्रुटियों के आधार पर श्री कुमार द्वारा उनके विरूद्ध रिश्वत मांगने एवं प्राप्त करने संबंधी आरोपों को झूठा, मनगढ़ंत एवं आधारहीन कहा जा रहा है। लेकिन संचालन पदाधिकारी द्वारा विभागीय कार्यवाही में सम्यक जाँचोंपरान्त अंचल नाजिर (श्री विनोद कुमार) के पास से राशि बरामद होना तथा श्री मनोज कुमार के हाथ की उंगलियों को धुलवाये जाने पर सोडियम कार्बोनेट के घोल के कारण गुलाबी हो जाने के आधार पर आरोप को सही पाया गया।
उपर्युक्त तथ्यों के आधार पर श्री कुमार के द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी में अंकित तथ्य स्वीकारयोग्य नहीं पाया गया।
13131313.... वर्णित तथ्यों के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री कुमार के पुनर्विलोकन अर्जी दिनांक 16.05.2016 को अस्वी—त करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 4462 दिनांक 28.03.2016 के द्वारा निर्गत दंड ''सेवा से बर्खास्तगी''''सेवा से बर्खास्तगी''''सेवा से बर्खास्तगी''''सेवा से बर्खास्तगी'' को पूर्ववत् बरकरार रखने तथा निलम्बन अवधि (दिनांक 07.08.2007 से 06.09.2011 तक) के लिए जीवन निर्वाह भाा के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होने का निर्णय लिया गया।
14141414.... अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री मनोज कुमार (बि0प्र0से0), तत्कालीन अंचलाधिकारी, तरैया, सारण सम्प्रति सेवा से बर्खास्त के पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वी—त करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 4462 दिनांक3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 1 िसत!बर 2016 28.03.2016 के द्वारा निर्गत दंड ''सेवा से बर्खास्तगी''''सेवा से बर्खास्तगी''''सेवा से बर्खास्तगी''''सेवा से बर्खास्तगी'' को पूर्ववत् बरकरार रखने तथा निलम्बन अवधि (दिनांक 07.08.2007 से 06.09.2011 तक) के लिए जीवन निर्वाह भाा के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होने के प्रस्ताव को पूर्ववत् बरकरार रखा एवं संसूचित किया जाता है।
15151515.... अनुशासनिक प्राधिकार के उपर्युक्त निर्णय पर मंत्रिपरिषद की स्वी—ति प्राप्त है।
आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया ा दिया ा दिया ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाश्किे अगले असाधारण अंक में प्रकाश्किे अगले असाधारण अंक में प्रकाश्किे अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय ात किया जाय ात किया जाय ात किया जाय तथा इसकी प्रति श्री मनोज कुमार (बि0प्र0से0), तत्कालीन अंचलाधिकारी, तरैया, सारण सम्प्रति सेवा से बर्खास्त तथा इसकी प्रति श्री मनोज कुमार (बि0प्र0से0), तत्कालीन अंचलाधिकारी, तरैया, सारण सम्प्रति सेवा से बर्खास्त तथा इसकी प्रति श्री मनोज कुमार (बि0प्र0से0), तत्कालीन अंचलाधिकारी, तरैया, सारण सम्प्रति सेवा से बर्खास्त तथा इसकी प्रति श्री मनोज कुमार (बि0प्र0से0), तत्कालीन अंचलाधिकारी, तरैया, सारण सम्प्रति सेवा से बर्खास्त एवं सभी संबंधितों को भेज दी जाय।एवं सभी संबंधितों को भेज दी जाय।एवं सभी संबंधितों को भेज दी जाय।एवं सभी संबंधितों को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, हअनिल कुमार,अनिल कुमार,अनिल कुमार,अनिल कुमार, सरकार के विशेष सचिव।
———— अधी)क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, प टना (cid:23)ारा ूकािशत एवं मु/ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 703-571+10-ड$0ट$0प ी0। Website: http://egazette.bih.nic.in