(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40
ॢबह(cid:4)र गजट
ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत 16 भा(cid:21) 1938 (श0) सं(cid:8)या 36 पटना, बुधवार, ———————— 7 !सत#बर 2016 (ई0) पृष ्ठ भाग-1—(cid:1)नयुि0त, पद2थापन, बदल(cid:15), शि0त, छु 6ी और अ9य :यि0तगत सूचनाएं। 2-10 भाग-1-क—2वयंसेवक गु?मA के समादे-टाओं के आदेश।
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भाग-1-ख—मैF(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Jाओं के पर(cid:15)Jा-फल, कायLMम, छाNवृिOत Pदान, आQद।
---
भाग-1-ग—!शJा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Jाफल आQद ---
भाग-2—Rबहार-राTयपाल और कायाLUयJA Vवारा (cid:1)नकाले गये &व(cid:1)नयम, आदेश, अWधसूचनाएं और (cid:1)नयम आQद। 11-14 भाग-3—भारत सरकार, पिXचम बंगाल सरकार और उZच 9यायालय के आदेश, अWधसूचनाएं और (cid:1)नयम, 'भारत गजट' और राTय गजटA के उ]रण। ---
भाग-4—Rबहार अWध(cid:1)नयम ---
&वषय-सूची
पृ-ठ भाग-5—Rबहार &वधान मंडल म` पुर:2था&पत &वधेयक, उ0त &वधान मंडल म` उप2था&पत या उप2था&पत bकये जानेवाले Pवर स!म(cid:1)तयA के P(cid:1)तवेदन और उ0त &वधान मंडल म` पुर:2थापन के पूवL Pका!शत &वधेयक। ---
भाग-7—संसद के अWध(cid:1)नयम िजनपर रा-Fप(cid:1)त कc Tये-ठ अनुम(cid:1)त !मल चुकc है। ---
भाग-8—भारत कc संसद म` पुर:2था&पत &वधेयक, संसद म` उप2था&पत Pवर स!म(cid:1)तयA के P(cid:1)तवेदन और संसद म` उप2था&पत Pवर स!म(cid:1)तयA के P(cid:1)तवेदन और संसद म` पुर:2थापन के पूवL Pका!शत &वधेयक। ---
भाग-9—&वdापन
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भाग-9-क—वन &वभाग कc नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—(cid:1)न&वदा सूचनाएं, पeरवहन सूचनाएं, 9यायालय सूचनाएं और सवLसाधारण सूचनाएं इOयाQद। 15-15
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पूरक
पूरक-क 16-242 Rबहार गजट, 7 !सत#बर 2016
भ(cid:2)ग(cid:4)1
०नय१ॢफ(cid:12) पद(cid:16)थ(cid:2)पन(cid:12) बदल(cid:20)(cid:12) शॢफ(cid:12) छ१Ñट(cid:20) jर [(cid:28)य व(cid:30)यॢफक स३चन(cid:2)e $
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पर्यावरण एवं वन विभाग
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अधिसूचनाएं
17 अगस्त 2016
सं॰ भा॰व॰से॰(स्था॰)(2)-21/1998-4396/प॰व॰—भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली, 2007 के नियम-3(i)(B)(ii) एवं भारत सरकार, पर्यावरण एवं वन वन मंत्रालय के पत्रांक 20019/01/2000 आई॰एफ॰एस॰-II, दिनांक 22.12.2000 द्वारा निर्गत दिशा-निर्देश के आलोक में भारतीय वन सेवा के वरीय वेतनमान में प्रोन्नत निम्नांकित पदाधिकारियों को उनके नाम के सामने स्तंभ-4 में अंकित तिथि से भारतीय वन सेवा के कनिष्ठ प्रशासनिक कोटि (Junior Administrative Grade) वेतनमान रूपये 15600-39100/- गे्रड पे रूपये 7600/- में प्रोन्नति दी जाती है :-
| क्र॰ | पदाधिकारी का नाम | आवंटन वर्ष | कनिष्ठ प्रशासनिक कोटि में प्रोन्नति की तिथि | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 01. | श्री नन्द किशोर | 2006 | 01.01.2015 | |
| 02. | श्री एस॰ कुमारासामी | 2006 | 01.01.2015 | |
| 03. | श्री के॰ गणेश कुमार | 2006 | 01.01.2015 | दिनांक 01.01.2015 के प्रभाव से वैचारिक रूप से एवं दिनांक 21.04.2015 के प्रभाव से आर्थिक लाभ के साथ। |
| 04. | श्री आलोक कुमार | 2007 | 01.01.2016 | |
| 05. | श्री एस॰ सुधाकर | 2007 | 01.01.2016 |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रत्नेश झा, उप-सचिव।
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23 अगस्त 2016
सं॰ भा0व0से0 (स्था) 11/2016-4454/प0व0—श्री एम0 जे0 मिश्र, भा0व0से0 (84) को भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली 2008 तथा पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत अनुदेशो के अधीन प्रधान मुख्य वन संरक्षक HAG+ (वेतनमान रू0 75,500-80,000 (@ 3% increment) में प्रोन्नति दी जाती है।
इन्हें प्रोन्नति का लाभ समकक्ष पद पर पदस्थापन के उपरांत योगदान की तिथि से देय होगा। सं॰ भा0व0से0 (स्था) 11/2016-4455/प0व0—श्री एस0 के0 सिंह, भा0व0से0 (84) को भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली 2008 तथा पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत अनुदेशो के अधीन प्रधान मुख्य वन संरक्षक HAG+ (वेतनमान रू0 75,500-80,000 (@ 3% increment) में दिनांक 01.09.2016 से फलित रिक्ति के विरूद्ध प्रोन्नति दी जाती है।
इन्हें प्रोन्नति का लाभ समकक्ष पद पर पदस्थापन के उपरांत योगदान की तिथि से देय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रत्नेश झा, उप-सचिव।
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23 अगस्त 2016
सं॰ भा0व0से0 (स्था) 11/2016-4456/प0व0—श्री बी0एल0चौधरी, भा0व0से0 (85) को भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली 2008 तथा पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत अनुदेशो के अधीन अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक HAG (वेतनमान रू0 67,000-79,000) में प्रोन्नति दी जाती है।
इन्हें प्रोन्नति का लाभ समकक्ष पद पर पदस्थापन के उपरांत योगदान की तिथि से देय होगा।3 Rबहार गजट, , 7 !सत#बर 2016 सं॰ भा0व0से0 (स्था) 11/2016-4457/प0व0—श्री ए0 एन0 शरण, भा0व0से0 (85), जो सम्प्रति केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं को भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली 2008 तथा पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत अनुदेशो के अधीन अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक HAG (वेतनमान रू0 67,000-79,000) में प्रोफार्मा प्रोन्नति दी जाती है।
सं॰ भा0व0से0 (स्था) 11/2016-4458/प0व0—श्री भारत ज्योति, भा0व0से0 (86) को भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली 2008 तथा पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत अनुदेशो के अधीन अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक HAG (वेतनमान रू0 67,000-79,000) में दिनांक 01.09.2016 से फलित रिक्ति के विरूद्ध प्रोन्नति दी जाती है।
इन्हें प्रोन्नति का लाभ समकक्ष पद पर पदस्थापन के उपरांत योगदान की तिथि से देय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रत्नेश झा, उप-सचिव।
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23 अगस्त 2016
सं॰ भा0व0से0 (स्था) 11/2016-4459/प0व0—श्री आर0बी0सिंह, भा0व0से0 (95) को भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली 2008 तथा पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत अनुदेशो के अधीन मुख्य वन संरक्षक कोटि (वेतनमान रू0 37400-67,000 ग्रेड पे 10,000) में दिनांक 01.09.2016 से फलित रिक्ति के विरूद्ध प्रोन्नति दी जाती है।
इन्हें प्रोन्नति का लाभ समकक्ष पद पर पदस्थापन के उपरांत योगदान की तिथि से देय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रत्नेश झा, उप-सचिव।
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सामान्य प्रशासन विभाग
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अधिसूचनाएं
12 जुलाई 2016
सं॰ 1/सी0-1020/2000-सा0 प्र0-9599सं॰ 1/सी0-1020/2000-सा0 प्र0-9599सं॰ 1/सी0-1020/2000-सा0 प्र0-9599सं॰ 1/सी0-1020/2000-सा0 प्र0-9599—विभागीय संकल्प ज्ञापांक-9598 9598 9598 9598 दिनांक 12121212....07070707....2016201620162016 के आलोक में श्री रामाशंकर तिवारी, भा0प्र0से0(1969) सेवानिवृत्त को श्रीमती लक्ष्मी सिंह, भा0प्र0से0( बी एचः1970) सेवानिवृत्त को, आयुक्त एवं सचिव ग्रेड और स्थिर वेतनमान (मुख्य सचिव स्तर) में प्रदत्त प्रोन्नतियों की तिथियों से उक्त ग्रेडों में मात्रा वैचारिक प्रोन्नति प्रदान की जाती है।
2. श्री तिवारी को इन प्रोन्नतियों से आच्छादित कोई बकाया देय नहीं होगा, परन्तु, अनुमान्य वेतन निर्धारण के अनुसार पेंशन पुनरीक्षण संबंधी लाभ देय होंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
कन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साह,,,, अवर सचिव।
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12 जुलाई 2016
सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ 1/सी0-1021/20151/सी0-1021/20151/सी0-1021/20151/सी0-1021/2015-सा0 प्र0--सा0 प्र0--सा0 प्र0--सा0 प्र0-9608960896089608—श्रीमती बंदना प्रेयषी, भा0प्र0से0 (बी एच : 2003) जो सम्प्रति केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, को भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियमवाली, 2007 तथा समय-समय पर निर्गत कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, भारत सरकार के अनुदेशों के अधीन चयन ग्रेड (विशेष सचिव स्तर, वेतनमान ` 37,400-67,000ग्रेड पे-8700/-) में दिनांक 01.01.2016 के प्रभाव से प्रोफॉर्मा प्रोन्नति दी जाती है।
सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ 1/सी0-1021/2015-सा0 प्र0-1/सी0-1021/2015-सा0 प्र0-1/सी0-1021/2015-सा0 प्र0-1/सी0-1021/2015-सा0 प्र0-9609960996099609—श्री असंगबा चुबा आओ, भा0प्र0से0 (बी एच ः 2003) जो सम्प्रति नागालैंड संवर्ग अंतः संवर्गीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, को भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियमवाली, 2007 तथा समय-समय पर निर्गत कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, भारत सरकार के अनुदेशों के4 Rबहार गजट, 7 !सत#बर 2016 अधीन चयन ग्रेड (विशेष सचिव स्तर, वेतनमान ` 37,400-67,000ग्रेड पे-8700/-) में दिनांक 01.01.2016 के प्रभाव से प्रोफॉर्मा प्रोन्नति दी जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
कन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साह,,,, अवर सचिव।
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18 जुलाई 2016
सं॰ 1/एल0-014/2000-सा0प्र0-9999888812121212—श्री प्रत्यय अमृत, भा0प्र0से0 (91), प्रधान सचिव, ऊर्जा विभाग { अतिरिक्त प्रभार- अध्यक्ष-सह- प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड } को विभागीय अधिसूचना संख्या 8995 दिनांक 24.06.2016 द्वारा विदेश (अमेरिका) की यात्राा हेतु दिनांक 22.08.2016 से 10.09.2016 तक कुल 20 (बीस) दिनों के उपार्जित अवकाश ( एक्स इंडिया लीव के रूप में) की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
2. श्री प्रत्यय अमृत की अनुपस्थिति की उपर्युक्त अवधि में श्री अजय वी0 नायक, भा0प्र0से0 (84), मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार-सह- प्रधान सचिव, निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना अपने सभी कार्यों के अतिरिक्त प्रधान सचिव, ऊर्जा विभाग एवं अध्यक्ष-सह- प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड के प्रभार में रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
कन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साह,,,, अवर सचिव।
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19 जुलाई 2016
सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ 1/पी0-1001/20161/पी0-1001/20161/पी0-1001/20161/पी0-1001/2016-सा0प्र0-सा0प्र0-सा0प्र0-सा0प्र0-9951995199519951—श्री रविन्द्र नाथ राय , आई0आर0एस0ई0(95) (रेलवे बोर्ड, रेल मंत्राालय, भारत सरकार से विरमित होने के पश्चात् प्रतिनियुक्ति के आधार पर राज्य में योगदान देकर पदस्थापन की प्रतीक्षा में) को अगले आदेश तक विशेष सचिव, कृषि विभाग, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
कन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साह,,,, अवर सचिव।
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21 जुलाई 2016
सं॰ 1/अ0-08/2012-सा0प्र0-10051—श्री एस0 एम0 राजू, भा0प्र0से0 (91), अपर सदस्य, राजस्व पर्षद्, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली,1955 के नियम-10,11 एवं 20 के अधीन विभागीय अधिसूचना संख्या 9280 दिनांक 30.06.2016 द्वारा दिनांक 13.06.2016 से दिनांक 12.08.2016 तक कुल 61(एकसठ) दिनों के उपार्जित छुट्टी की स्वीकृति प्रदान की गयी थी।
2. श्री राजू से प्राप्त अवकाश संशोधन संबंधी आवेदन के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या 9280 दिनांक 30.06.2016 द्वारा दिनांक 13.06.2016 से दिनांक 12.08.2016 तक के लिए स्वीकृत आलोच्य उपार्जित अवकाश को संशोधित करते हुए दिनांक 04.07.2016 से 03.09.2016 तक कुल 62 दिनों के लिए स्वीकृत किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
कन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साह,,,, अवर सचिव।5 Rबहार गजट, , 7 !सत#बर 2016
21 जुलाई 2016
सं॰ 1/अ0-23/2008-सा0प्र0-10052—श्रीमती अश्विनी दत्तात्रोय ठकरे, भा0प्र0से0 (2006), अपर सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली 1955 के नियम-10,11,18(1) एवं 20 के अधीन विभागीय अधिसूचना संख्या 6640 दिनांक 11.05.2016 द्वारा दिनांक 16.05.2016 से 28.06.2016 तक कुल 44 दिनों की उपार्जित छुट्टी तथा दिनांक 29.06.2016 से 25.
12.2016 तक कुल 180 दिनों के मातृत्व अवकाश की स्वीकृति प्रदान की गयी थी।
2. महालेखाकार (ले0 एवं ह0) का कार्यालय, बिहार, पटना से प्राप्त पत्रा (संख्या-जी0ई0-01-आई ए एस- डी-12- 318 दिनांक 27.05.2016 ) के अनुसार, श्रीमती ठकरे के अवकाश लेखा में मात्रा 29 दिनों का उपार्जित अवकाश संचित है। फलतः, विभागीय अधिसूचना संख्या-6640 दिनांक 11.05.2016 द्वारा स्वीकृत अवकाश को संशोधित करते हुए निम्नवत् स्वीकृत किया जाता है :-
(i) उपार्जित अवकाश - दिनांक 16.05.2016 से 13.06.2016 तक 29 दिनों के लिए । (ii) मातृत्व अवकाश- दिनांक 14.06.2016 से 10.12.2016 तक 180 दिनों के लिए।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
कन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साह,,,, अवर सचिव।
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28 जुलाई 2016
सं॰ 1/ पी0-1011/2016 -सा0प्र0सं॰ 1/ पी0-1011/2016 -सा0प्र0सं॰ 1/ पी0-1011/2016 -सा0प्र0सं॰ 1/ पी0-1011/2016 -सा0प्र0-10406104061040610406—श्री सुधीर कुमार, भा0प्र0से0 (बी एच ः 88) प्रधान सचिव, कृषि विभाग, बिहार, पटना को अपने कार्यों के अतिरिक्त पूर्णिया एवं सहरसा जिलों के लिए विशेष प्रमंडलीय आयुक्त के रूप में अधिसूचित किया जाता है।
2. श्री सुधीर कुमार उपरोक्त दोनों जिलों में बाढ़ सहाय्य कार्य का नियंत्राण एवं पर्यवेक्षण करेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
कन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साह,,,, अवर सचिव।
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3 अगस्त 2016
सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ 1/पी0-1007/20161/पी0-1007/20161/पी0-1007/20161/पी0-1007/2016-सा0प्र0-सा0प्र0-सा0प्र0-सा0प्र0-10647—श्री प्रदीप कुमार, तदेन निदेशक, एम0एस0एम0ई0 -विकास संस्थान, राँची (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्राालय, भारत सरकार से विरमित होने के पश्चात् प्रतिनियुक्ति के आधार पर राज्य में योगदान देकर पदस्थापन की प्रतीक्षा में) को अगले आदेश तक अपर सचिव, उद्योग विभाग, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
कन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साह,,,, अवर सचिव।
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4 अगस्त 2016
सं॰ 1/सी0-1011/2008-सा0प्र0-10697सं॰ 1/सी0-1011/2008-सा0प्र0-10697सं॰ 1/सी0-1011/2008-सा0प्र0-10697सं॰ 1/सी0-1011/2008-सा0प्र0-10697—श्री बैद्यनाथ प्रसाद, भा0प्र0से0(95) -सेवानिवृत्त को चयन ग्रेड में(विशेष सचिव स्तर) में प्रोन्नति की पात्राता दिनांक 01.01.2008 को परिपक्व हुई थी। वर्ष, 2008 में दिनांक 05.12.2008 को आयोजित विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक में अन्य पदाधिकारियों के साथ श्री प्रसाद का मामला भी चयन ग्रेड (विशेष सचिव स्तर) मेंं प्रोन्नति के लिये विचारित हुआ था। परन्तु, तत्समय श्री प्रसाद के विरुद्ध दो विभागीय कार्यवाहियों के संचालित रहने के कारण समिति द्वारा इनसे संबंधित अनुशंसा शील्ड कवर मेंं रखी गयी।6 Rबहार गजट, 7 !सत#बर 2016 2. श्री प्रसाद के विरुद्ध संचालित विभागीय कार्यवाहियों में अंतर्निहित परिस्थितियों के कारण इनका मामला भारत सरकार द्वारा भा0प्र0से0 के विभिन्न ग्रेडों में प्रोन्नतियों के लिए निर्गत मार्गदर्शिका की कंडिका-18.1 के प्रावधानों से आच्छादित है।
3. मामले में समावेशित तथ्यों एवं परिस्थितियों पर सम्यक् विचारोपरान्त श्री बैद्यनाथ प्रसाद, भा0प्र0से0(95) सेवानिवृत्त को उनसे कनीय पदाधिकारी श्री जीवन कुमार सिन्हा, भा0प्र0से0(95) को चयन
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
कन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साह,,,, अवर सचिव।
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5 अगस्त 2016
सं॰ 1/सी0-03/2012(खण्ड)-सा0प्र0-10730सं॰ 1/सी0-03/2012(खण्ड)-सा0प्र0-10730सं॰ 1/सी0-03/2012(खण्ड)-सा0प्र0-10730सं॰ 1/सी0-03/2012(खण्ड)-सा0प्र0-10730—भारतीय प्रशासनिक सेवा के निम्नांकित पदाधिकारियों को उनके नाम के सामने अंकित तिथि से कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (अपर सचिव स्तर, वेतनमान रु.15,600-39,100ग्रेड पे-7600/-) में प्रोन्नति दी जाती है-
| क्र क्र.... क्र क्र | पदाधिकारी का नाम एवं बैच | वर्तमान पदस्थापन | प्रोन्नति की तिथि |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 | सुश्री नीलम गुप्ता(2000) | दिनांक 28.02.2015 को सेवानिवृत्त | दिनांक 01.01.2009 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 का पद ग्रहण किये जाने की तिथि से, जो बाद में हो। जो बाद में हो। |
| 2 | श्री सैयद परवेज आलम(2000) | दिनांक 28.02.2015 को सेवानिवृत्त | दिनांक 01.01.2009 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 का पद ग्रहण किये जाने की तिथि से, जो बाद में हो। जो बाद में हो। |
| 3 | श्री ललन जी(2000) | समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, कटिहार | दिनांक 01.01.2009 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 का पद ग्रहण किये जाने की तिथि से, जो बाद में हा जो बाद में हो।े।े।े। जो बाद में हा जो बाद में हा |
| 4 | श्री प्रकाश कुमार(2000) | संयुक्त सचिव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना। | दिनांक 01.01.2009 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 का पद ग्रहण किये जाने की तिथि से, जो बाद में हो। जो बाद में हो। |
| 5 | श्री शशि भूषण कुमार(2000) | संयुक्त सचिव, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार, पटना। | दिनांक 01.01.2009 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 का पद ग्रहण किये जाने की तिथि से, जो बाद में हो। जो बाद में हो। |
| 6 | श्री अरुण कुमार मिश्रा(2007) | संयुक्त सचिव, वाणिज्य-कर विभाग, बिहार, पटना। | दिनांक 01.01.2016 अथवा गैर-राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 का पद ग्रहण किये जाने की तिथि से, जो बाद में हो। जो बाद में हो। |
| 7 | श्री राजेश्वर प्रसाद सिंह(2007) | समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, कैमूर, भभुआ। | दिनांक 01.01.2016 अथवा गैर-राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 का पद ग्रहण किये जाने की तिथि से, जो बाद में हो। , जो बाद में हो। |
| क्र क्र.... क्र क्र | पदाधिकारी का नाम एवं बैच | वर्तमान पदस्थापन | प्रोन्नति की तिथि |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 8 | श्री उदय कुमार सिंह(2007) | समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, मुंंगेर। | दिनांक 01.01.2016 अथवा गैर-राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 का पद ग्रहण किये जाने की तिथि से, जो बाद में हा जो बाद में हो।े।े।े। जो बाद में हा |
| 9 | श्री बैद्यनाथ यादव (2007) | समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, सुपौल । | दिनांक 01.01.2016 अथवा गैर-राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 का पद ग्रहण किये जाने की तिथि से, जो बाद में हो। जो बाद में हो। |
2. श्री प्रकाश कुमार(2000), श्री शशि भूषण कुमार(2000) एवं श्री अरुण कुमार मिश्रा(2007) द्वारा धारित उपर्युक्त मूल पदोंं (अर्थात; अतिरिक्त प्रभार को छोड़कर) को अगले आदेश तक भा0प्र0से0 के अपर सचिव ग्रेड मेंंं पदनामित भी किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
कन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साह,,,, अवर सचिव।
———
9 अगस्त 2016
सं॰ 1/ पी0-23/2011(खंड)-सा0प्र0सं॰ 1/ पी0-23/2011(खंड)-सा0प्र0सं॰ 1/ पी0-23/2011(खंड)-सा0प्र0सं॰ 1/ पी0-23/2011(खंड)-सा0प्र0-10875—श्री शीर्षत कपिल अशोक, भा0प्र0से0(2011), प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य जल पर्षद्, पटना अगले आदेश तक अपर नगर आयुक्त, पटना नगर निगम, पटना के भी अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
कन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साह,,,, अवर सचिव।
———
11 अगस्त 2016
सं॰ 1/अ0-1025/2013-सा0प्र0-10967—श्रीमती सीमा त्रिापाठी, भा0प्र0से0 (2009), प्रबंध निदेशक, कम्फेड, पटना को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली,1955 के नियम-10,11 एवं 20 के अधीन दिनांक 05.09.2016 से 10.09.2016 तक कुल 06(छः) दिनों की उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
कन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साह,,,, अवर सचिव।
———
11 अगस्त 2016
सं॰ 1/अ0-1015/2016-सा0प्र0-10968—श्री विपिन कुमार सिंह, भा0प्र0से0 (2006), निदेशक, सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली,1955 के नियम-12,13 एवं 20 के अधीन दिनांक 06.06.2016 से दिनांक 23.06.2016 तक कुल 18 (अठारह) दिनों के रूपांतरित अवकाश (36 दिनों के अर्द्धवैतनिक अवकाश के बदले) की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
कन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साह,,,, अवर सचिव।
———
22 अगस्त 2016
सं॰ 1/अ0-15/2012-सा0प्र0-11349—श्री आर0 के0 खण्डेलवाल, भा0प्र0से0 (89), आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली,1955 के नियम-10,11 एवं 20 के8 Rबहार गजट, 7 !सत#बर 2016 अधीन दिनांक 27.07.2016 से दिनांक 03.08.2016 तक कुल 08(आठ) दिनों के उपार्जित छुट्टी की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विजय मोहन नागपटनी, अवर सचिव।
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22 अगस्त 2016
सं॰ 1/सी0-1009/2015-सा0प्र0-11373सं॰ 1/सी0-1009/2015-सा0प्र0-11373सं॰ 1/सी0-1009/2015-सा0प्र0-11373सं॰ 1/सी0-1009/2015-सा0प्र0-11373—श्री शशि शेखर शर्मा, भा0प्र0से0(85), परामर्शी, बिहार राज्य योजना पर्षद, पटना कोे भारतीय प्रशासनिक सेवा के शीर्ष वेतनमान रु0-80,000/- (नियत) में दिनांक 01.09.2016 के प्रभाव से प्रोन्नति देते हुए महानिदेशक, बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है। पदस्थापन आदेश भी दिनांक 01.09.2016 से प्रभावी होगा। सं॰ 1/सी0-1009/2015-सा0प्र0-11374सं॰ 1/सी0-1009/2015-सा0प्र0-11374सं॰ 1/सी0-1009/2015-सा0प्र0-11374सं॰ 1/सी0-1009/2015-सा0प्र0-11374—श्री अरुण कुमार सिंह, भा0प्र0से0(85) प्रधान सचिव, जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-प्रधान सचिव, संसदीय कार्य विभाग/क्षेत्राीय विकास आयुक्त-सह-अध्यक्ष, स्काडा/प्रधान सचिव, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग) कोे भारतीय प्रशासनिक सेवा के शीर्ष वेतनमान-रु0-80,000/- (नियत) में दिनांक 01.09.2016 के प्रभाव से प्रोन्नति दी जाती है। साथ ही, पदग्रहण की तिथि से उनके द्वारा धारित वर्तमान पद- प्रधान सचिव, जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना को अगले आदेश तक शीर्ष वेतनमान में उत्क्रमित किया जाता है। पदस्थापन आदेश भी दिनांक 01.09.2016 से प्रभावी होगा।
2. श्री सिंह प्रधान सचिव, संसदीय कार्य विभाग, क्षेत्राीय विकास आयुक्त-सह-अध्यक्ष, स्काडा एवं प्रधान सचिव, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे।
सं॰ 1/सी0-1009/2015-सा0प्र0-सं॰ 1/सी0-1009/2015-सा0प्र0-सं॰ 1/सी0-1009/2015-सा0प्र0-सं॰ 1/सी0-1009/2015-सा0प्र0-11375113751137511375—श्री त्रिापुरारि शरण, भा0प्र0से0(85), प्रधान सचिव, लघु जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना कोे भारतीय प्रशासनिक सेवा के शीर्ष वेतनमान-रु0-80,000/- (नियत) में दिनांक 01.09.2016 के प्रभाव से प्रोन्नति देते हुए अध्यक्ष-सह-सदस्य, राजस्व पर्षद्, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है। पदस्थापन आदेश भी दिनांक 01.09.2016 से प्रभावी होगा। सं॰1/सी0-1009/2015-सा0प्र0-11376सं॰1/सी0-1009/2015-सा0प्र0-11376सं॰1/सी0-1009/2015-सा0प्र0-11376सं॰1/सी0-1009/2015-सा0प्र0-11376—श्री सुधीर कुमार, भा0प्र0से0(88), प्रधान सचिव, कृषि विभाग, बिहार, पटना दिनांक 01.09.2016 के प्रभाव से प्रधान सचिव, लघु जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दयानिधान पाण्डेय, अपर सचिव।
———
सं॰ 1/सी0-1020/2000-सा0प्र0-9598959895989598
——— संकल्प संकल्प संकल्प संकल्प
12 जुलाई 2016
से0(बी एचः1969)-सेवानिवृत्त की भा0प्र0से0 के अधिसमय विषयः- श्री रामाशंकर तिवारी, भा0प्र0श्री रामाशंकर तिवारी, भा0प्र0श्री रामाशंकर तिवारी, भा0प्र0श्री रामाशंकर तिवारी, भा0प्र0से0(बी एचः1969)-सेवानिवृत्त की भा0प्र0से0 के अधिसमय से0(बी एचः1969)-सेवानिवृत्त की भा0प्र0से0 के अधिसमय से0(बी एचः1969)-सेवानिवृत्त की भा0प्र0से0 के अधिसमय से ऊपर वेतनमान(आयुक्त एवं सचिव ग्रेड-वेतनमान रु.... 22,400-525-24,500/- 22,400-525-24,500/- 22,400-525-24,500/- 22,400-525-24,500/- से ऊपर वेतनमान(आयुक्त एवं सचिव ग्रेड-वेतनमान रु से ऊपर वेतनमान(आयुक्त एवं सचिव ग्रेड-वेतनमान रु से ऊपर वेतनमान(आयुक्त एवं सचिव ग्रेड-वेतनमान रु
अपुनरीक्षित) और स्थिर वेतनमान (मुख्य सचिव स्तर) में प्रोन्नति । अपुनरीक्षित) और स्थिर वेतनमान (मुख्य सचिव स्तर) में प्रोन्नति । अपुनरीक्षित) और स्थिर वेतनमान (मुख्य सचिव स्तर) में प्रोन्नति । अपुनरीक्षित) और स्थिर वेतनमान (मुख्य सचिव स्तर) में प्रोन्नति ।
श्री रामाशंकर तिवारी बैच वर्ष, 1969 के भा0प्र0से0(बिहार संवर्ग) के पदाधिकारी थे। वह दिनांक 31.
01.2007 को सेवानिवृत्त हुए थे।
2. नियमानुसार, 25 वर्ष की सेवा के बाद श्री तिवारी को आयुक्त एवं सचिव ग्रेड एवं 30 वर्षोंं की सेवा के बाद स्थिर वेतनमान (मुख्य सचिव स्तर) प्रोन्नतियॉंं देय थीं। किन्तु, तत्समय उनके विरुद्ध विभागीय9 Rबहार गजट, , 7 !सत#बर 2016 कार्यवाही संचालित रहने और निगरानी थाना काण्ड संख्या-28/90 (52/90) और 49/90 (87/90) लंबित रहने के कारण दिनांक 05.03.2001, दिनांक 27.07.2004 और दिनांक 12.04.2005 को आयोजित प्रोन्नति समिति की बैठकों मेंं आयुक्त एवं सचिव ग्रेड में प्रोन्नति हेतु उनसे संबंधित अनुशंसा को नियमानुकूल मुहरबंद रखने का निर्णय लिया गया। आयुक्त एवं सचिव ग्रेड में प्रोन्नति लंबित रहने के कारण मुख्य सचिव ग्रेड में उनकी प्रोन्नति अविचारित रही।
3. कालान्तर मेंं प्रकट स्थिति के अनुसार विभागीय संकल्प संख्या 9487 दिनांक 19.10.2005 द्वारा श्री तिवारी के विरुद्ध संचालित आरोप प्रकरण को समाप्त करने का निर्णय पारित किया गया।
4. श्री तिवारी के विरुद्ध विचाराधीन दोनों आपराधिक काण्डों के अभियोजन स्वीकृत्यादेशों को राज्य सरकार द्वारा वापस लिये जाने और माननीय सक्षम न्यायालयों द्वारा उन्हें स्वीकृत किये जाने के पश्चात् उनके विरुद्ध किसी भी प्रकार की अनुशासनिक /आपराधिक कार्यवाही विचाराधीन नहीं रह गयी। इस संबंध में काण्ड संख्या-87/90 में पारित आदेश दिनांक 19.02.2013 और काण्ड संख्या-52/90 में पारित आदेश दिनांक 10.03.2016 का है। दोनाें न्यायादेशों के प्रभावी अंश निम्नवत् हैंः-
निगरानी विशेष वाद संख्या- 87/90 के न्यायादेश का प्रभावी अंश निगरानी विशेष वाद संख्या- 87/90 के न्यायादेश का प्रभावी अंश निगरानी विशेष वाद संख्या- 87/90 के न्यायादेश का प्रभावी अंश निगरानी विशेष वाद संख्या- 87/90 के न्यायादेश का प्रभावी अंश
"I grant consent to withdraw prosecution of Rama Shankar Tiwary in this case and petition dated 1.06.2006 is hereby allowed. Since in this case charges were not framed hence accused Rama Shankar Tiwary is discharged from the offence U/s 109 and 1208 of the I.P.C.s this respective bail bond." निगरानी विशेष वाद संख्या- 52/90 के न्यायादेश का प्रभावी अंश निगरानी विशेष वाद संख्या- 52/90 के न्यायादेश का प्रभावी अंश निगरानी विशेष वाद संख्या- 52/90 के न्यायादेश का प्रभावी अंश निगरानी विशेष वाद संख्या- 52/90 के न्यायादेश का प्रभावी अंश
"Considering the aforesaid facts and circumstances of the case the withdrawal petition is allowed and in consonance thereof the proceeding against accused R.S. Tiwary, I.A.S. (retired) is hereby droped. The accused is accordingly also discharged from the liabilities of the bail bond."
5. उल्लिखित संदर्भ में श्री तिवारी की लंबित प्रोन्नतियॉंं भा0प्र0से0 संवर्ग में प्रोन्नति के लिए भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्गदर्शन की कंडिका-18.1 के तहत विधिवत् विचारित हुईं । मार्गदर्शन की कंडिका- 18.1 निम्नवत् हैः-
(अ) 18.1- If the proceedings of the Committee for promotion contain findings in a sealed cover, on conclusion of the disciplinary case/criminal prosecution, the sealed cover or covers shall be opened. In case the officer is completely exonerated, the due date of his promotion will be determined with reference to the findings of the Screening Committee kept in sealed cover/covers and with reference to the date of promotion of his next junior on the basis of such findings. The officer shall be promoted even if it requires to revert the junior-most officiating person. He may be promoted notionally with reference to the date of promotion of his such junior. However, whether the officer concerned will be entitled to any arrears of pay for the period of notional promotion preceding the date of actual promotion and if so to what extent, will be decided by taking into consideration all the facts and circumstances of the disciplinary proceedings/criminal prosecution. Where arrears of salary or part of it, are denied reasons, will be recorded for doing so. It is not possible to anticipate and enumerate exhaustively all the circumstances under which such denial of arrears of salary or part of it may be become necessary. However, there may be cases where the proceedings, whether disciplinary or criminal, are, for example delayed at the instance of the employee or the clearance in the disciplinary proceedings or acquittal in the criminal proceedings is with benefit of doubt or on account of non-availability of evidence due to the acts attributable to the employee etc. These are only some of circumstances where such denial can be justified. 6. श्री रामाशंकर तिवारी, भा0प्र0से0(1969) सेवानिवृत्त से ठीक कनीय पदाधिकारी श्रीमती लक्ष्मी सिंह, भा0प्र0से0(1970) सेवानिवृत्त हैं।
7. मामले में अन्तर्निहित तथ्यों के आलोक में राज्य सरकार द्वारा श्री रामाशंकर तिवारी, भा0प्र0से0(1969) सेवानिवृत्त को, श्रीमती लक्ष्मी सिंह, भा0प्र0से0( बी एच : 1970)-सेवानिवृत्त को आयुक्त एवं सचिव ग्रेड और स्थिर वेतनमान (मुख्य सचिव स्तर) में प्रदत्त प्रोन्नतियों की तिथियों से उक्त ग्रेडों में मात्रा10 Rबहार गजट, 7 !सत#बर 2016 वैचारिक प्रोन्नति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है जिसके लिए श्री तिवारी को इन प्रोन्नतियों से आच्छादित कोई बकाया देय नहीं होगा, परन्तु, अनुमान्य वेतन निर्धारण के अनुसार पेंशन पुनरीक्षण संबंधी लाभ देय होंगे।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि सर्वसाधारण की जानकारी के लिए इसे राजकीय गजट में प्रकाशित किया जाय एवं इसकी एक प्रति संबंधित पदाधिकारियों को उपलब्ध करायी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
———
निर्वाचन विभाग
———
अधिसूचना
31 अगस्त 2016
बिहार-राज्यपाल के आदेष से,
सोहन कुमार ठाकुर, संयुक्त सचिव-सह-संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी।
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गृह विभाग
(आरक्षी शाखा)
———
अधिसूचनाएं
31 अगस्त 2016
सं॰ 1/पी1-02/2013-गृ.आ.- 6876—श्री दीपक बरनवाल, भा0पु0से0 (2010), पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) विशेष शाखा, बिहार, पटना, अतिरिक्त प्रभार समादेष्टा, एस0एस0जी0 एवं समादेष्टा बि0सै0पु0-1, पटना को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक पुलिस अधीक्षक, मधुबनी के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
सं॰ 1/पी1-02/2013-गृ.आ.-6877—श्री विजय कुमार वर्मा, भा0पु0से0 (2004), पुलिस महानिरीक्षक के सहायक (निरीक्षण) बिहार, पटना को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक पुलिस अधीक्षक (जी0) विशेष शाखा, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है ।
2. श्री वर्मा अपने कार्यों के अतिरिक्त अगले आदेश तक पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) विशेष शाखा, बिहार, पटना एवं समादेष्टा, एस0एस0जी0 तथा समादेष्टा बि0सै0पु0-1, पटना के प्रभार में रहेंगे ।
सं॰ 1/पी1-02/2013-गृ.आ.-6878—श्री उपेन्द्र प्रसाद सिंह, भा0पु0से0 (2004), समादेष्टा, गृह रक्षा वाहिनी, बिहार, पटना को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक पुलिस महानिरीक्षक के सहायक (निरीक्षण) बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रंजन कुमार सिन्हा, अपर सचिव।
—————
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11 Rबहार गजट, , 7 !सत#बर 2016भ(cid:2)ग(cid:4)2
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——————— सामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभाग
——— अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना
(शुद्धि-पत्र) 29 जुलाई 2016
संसंसंसं॰ ॰ ॰ ॰ 1/ पी0-1011/2016 -सा0प्र01/ पी0-1011/2016 -सा0प्र01/ पी0-1011/2016 -सा0प्र01/ पी0-1011/2016 -सा0प्र0-10422—श्री सुधीर कुमार, भा0प्र0से0 (बी एच ः 88) प्रधान सचिव, कृषि विभाग, बिहार, पटना को अपने कार्यों के अतिरिक्त पूर्णिया एवं सहरसा जिलों के लिए विशेष प्रमंडलीय आयुक्त के रूप में अधिसूचित किये जाने संबंधी विभागीय अधिसूचना संख्या 10406 दिनांक 28.07.2016 में आंशिक संशोधन करते हुए श्री सुधीर कुमार, भा0प्र0से0 (बी एच ः 88) को पूर्णिया प्रमंडल, पूर्णिया एवं कोसी प्रमंडल, सहरसा के विशेष प्रमंडलीय आयुक्त के रूप में अधिसूचित किया जाता है। 2. श्री सुधीर कुमार उपरोक्त दोनों पूर्णिया एवं कोसी प्रमंडलों में बाढ़ सहाय्य कार्यों का नियंत्राण एवं पर्यवेक्षण करेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
कन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साह,,,, अवर सचिव।
——— अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना
(शुद्धि-पत्र) 2 अगस्त 2016
1/पी0-1001/2016-सा0प्र0- 10565—सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना ज्ञापांक-1 संसंसंसं॰ ॰ ॰ ॰ 1/पी0-1001/2016-सा0प्र0- 10565 1/पी0-1001/2016-सा0प्र0- 10565 1/पी0-1001/2016-सा0प्र0- 10565
/पी0-1001/2016-सा0 प्र0-9951 दिनांक 19.07.2016 द्वारा श्री रविन्द्र नाथ राय, आई0आर0एस0ई0(95) को विशेष सचिव, कृषि विभाग, बिहार, पटना में पदस्थापित किया गया है।
2. श्री राय द्वारा प्रतिवेदित स्थिति के अनुसार उनके नाम की वर्तनी, 'रविन्द्र' के स्थान पर 'रवीन्द्र' है।
3. अतः विभागीय अधिसूचना संख्य ा9951 दिनांक 19.07.2016 में से सम्बद्ध नाम को 'रवीन्द्र नाथ राय' के रुप में संशोधित किया जाता है।
4. सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना ज्ञापांक-1/पी0-1001/2016- सा0प्र0-9951 की दिनांक 19.07.2016 की अन्य स्थितियॉंं अपरिवर्तित रहेंगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
कन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साहकन्हैया लाल साह,,,, अवर सचिव।12 Rबहार गजट, 7 !सत#बर 2016
रा0 वृृ0 परीक्षा -20/2015-861
———
श्रम संसाधन विभागश्रम संसाधन विभागश्रम संसाधन विभागश्रम संसाधन विभाग निदेशालय, नियोजन एवं प्रषिक्षण, बिहार, पटना।प्रषिक्षण, बिहार, पटना।प्रषिक्षण, बिहार, पटना।प्रषिक्षण, बिहार, पटना। निदेशालय, नियोजन एवं निदेशालय, नियोजन एवं निदेशालय, नियोजन एवं
——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 8 अगस्त 2018 अगस्त 2018 अगस्त 2018 अगस्त 2016666
वषयः- श्रम संसाधन विभाग के नियंत्रणाधीन औद्योगिक प्रषिक्षण संस्थानों में आयोजित अखिल भारतीय व्यवसायिक परीक्षा/राज्य वििििषयः- श्रम संसाधन विभाग के नियंत्रणाधीन औद्योगिक प्रषिक्षण संस्थानों में आयोजित अखिल भारतीय व्यवसायिक परीक्षा/राज्य वषयः- श्रम संसाधन विभाग के नियंत्रणाधीन औद्योगिक प्रषिक्षण संस्थानों में आयोजित अखिल भारतीय व्यवसायिक परीक्षा/राज्य वषयः- श्रम संसाधन विभाग के नियंत्रणाधीन औद्योगिक प्रषिक्षण संस्थानों में आयोजित अखिल भारतीय व्यवसायिक परीक्षा/राज्य परीक्षा आयोजन/मूल्यांकन हेतु पारिश्रमिक की दरों में संशोधन के स्वीकृति के संबंध में।संबंध में।संबंध में।संबंध में। व्यवसायिकव्यवसायिकव्यवसायिकव्यवसायिक परीक्षा आयोजन/मूल्यांकन हेतु पारिश्रमिक की दरों में संशोधन के स्वीकृति के परीक्षा आयोजन/मूल्यांकन हेतु पारिश्रमिक की दरों में संशोधन के स्वीकृति के परीक्षा आयोजन/मूल्यांकन हेतु पारिश्रमिक की दरों में संशोधन के स्वीकृति के
भारत में स्थापित प्रतिष्ठानों/कारखानों/फैक्ट्रियों में कौशल तकनिकी कामगार उपलब्ध कराने के उदे्श्य से वर्ष 1960 के दशक से शिल्प प्रशिक्षण योजना/शिशिक्षु प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत पूरे भारत वर्ष में सरकारी/गैर सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित है। राज्य में वर्तमान में लगभग 96 औद्योगिक प्रषिक्षण संस्थान तथा 838 गैर सरकारी औद्योगिक प्रषिक्षण संस्थान कार्यरत है। राज्य के कौषल विकास नीति के अंतर्गत लगातार औद्योगिक प्रषिक्षण संस्थानों में चरणवद्ध तरीके से वृद्धि हो रही है तथा तद््नुरुप प्रषिक्षण प्राप्त करने वाले प्रषिक्षणार्थियों की संख्या में भी वृृद्धि हो रही है।
2 तद््नुसार राज्य में कार्यरत सरकारी/गैर सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से शिल्प प्रशिक्षण योजना/शिशिक्षु प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त प्रषिक्षणार्थियों के प्रमाणीकीकरण के उद््देश्य से अखिल भारतीय एवं राज्य स्तरीय परीक्षाओं के संचालन एवं केन्द्रीयकृत मूल्यांकन हेतु प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों/कर्मचारियों/बाह्य परीक्षकों के वर्तमान पारिश्रमिक की दरों में संषोधन किये जाने का प्रस्ताव विभाग मेें विचाराधीन था।
3 समय-समय पर महानिदेषालय प्रषिक्षण, भारत सरकार, नई दिल्ली तथा बिहार राज्य अवस्थित विभिन्न षिक्षा बोर्ड, विष्वविद्यालय, अभियंत्रण कॉलेजों में परीक्षा कार्य से संबंधित मानदेय राषि को पुनरीक्षित किया जाता रहा है। परन्तु अखिल भारतीय व्यवसायिक परीक्षा/ अखिल भारतीय षिक्षु परीक्षा/ राज्य व्यवसायिक परीक्षा के लिए परीक्षा से सबंधित मानदेय राषि को पुनरीक्षित नहीं किया जा सका है।
4 राज्य सरकार द्वारा इस प्रस्ताव में सम्यक विचारोपरान्त अखिल भारतीय एवं राज्य स्तरीय परीक्षाओं के संचालन एवं केन्द्रीयकृत मूल्यांकन हेतु प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों/कर्मचारियों के पारिश्रमिक की दरों में संषोधन किये जाने के फलस्वरुप निम्नरूपेण स्वीकृृति प्रदान की जाती है :-
| क्र0 | मद/Item | यूनिट | वर्तमान दर | संशोधित प्रस्तावित दर |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | परीक्षा परिषद के अध्यक्ष (संस्थान स्तरीय) | प्रतिदिन | 0.00 | 80.00 |
| 2 | केन्द्राधीक्षक | प्र्रतिदिन | 6.00 | 60.00 |
| 3 | संयुक्त केन्द्राधीक्षक | प्र्रतिदिन | 0.00 | 50.00 |
| 4 | सहायक केन्द्राधीक्षक/परीक्षा प्रभारी | प्र्रतिदिन | 0.00 | 40.00 |
| 5 | पर्यवेक्षक | प्र्रतिदिन | 0.00 | 100.00 |
| 6 | वीक्षक/वीक्षक का रिलीवर | प्रति पाली (अधिकतम आठ पाली) | 3.00 | 40.00 |
| 7 | परीक्षा कार्य में कार्यरत भंडार प्रभारी | पूरे एक परीक्षा के लिए | 0.00 | 250.00 |
| 8 | लिपिक/डाटा इंट्री ऑपरेटर/ तृतीय वर्ग के कर्मी | प्रतिदिन (अधिकतम पॉंच दिन) | 0.00 | 30.00 |
| 9 | चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी एवं अन्य समकक्ष | प्रतिदिन (अधिकतम पांच दिन) | 0.00 | 24.00 |
| 10 | प्रायोगिक परीक्षा हेतु वाह्य परीक्षक | प्रति परीक्षार्थी | 2.50 | 20.00 |
| 11 | प्रायोगिक परीक्षा हेतु अध्यक्ष | प्रति परीक्षार्थी | 0.00 | 2.00 |
| 12 | उड़नदस्ता | प्रतिदिन (टी0ए0डी0ए0 को छोड़कर) | 0.00 | 200.00 |
| 13 | दंडाधिकारी | प्रति पाली (अधिकतम दस पाली) | 0.00 | 100.00 |
| 14 | पुलिस बल (एक सेक्शन फोर्स) | प्रति पाली (अधिकतम दस पाली ) | 0.00 | 160.00 |
| 15 | परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था (पूरे परीक्षा के लिए सफाई सहित) | प्रति परीक्षार्थी | 0.00 | 6.00 |
| 16 | परीक्षा केन्द्र पर जलपान की व्यवस्था | प्रति कर्मी प्रति पाली | 0.00 | 60.00 |
| 17 | पानी पिलाने हेतु कर्मी | प्रति पाली | 0.00 | 50.00 |
| 18 | परीक्षा केन्द्र पर सुरक्षा व्यवस्था | प्रतिदिन | 0.00 | 50.00 |
| 19 | परीक्षा कार्य में कार्यरत दफ्तरी | प्रति पाली | 0.00 | 24.00 |
| 20 | प्रश्न-पत्र लाने के लिए | प्रति परीक्षार्थी | 0.00 | 0.50 |
| क्र0 | मद/Item | यूनिट | वर्तमान दर | संशोधित प्रस्तावित दर |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 21 | प्रश्न पत्र को बैंक में रख-रखाव एवं परीक्षा की तिथि को उपलब्ध कराने हेतु बै क शुल्क ं | पूरे एक परीक्षा के लिए | 0.00 | 3000.00 |
| 22 | उतर पुस्तिका आदि का पैकेटिंग आदि पर खर्च | प्रति 500 तक उतरपुस्तिका | 0.00 | 150.00 |
| 23 | आकस्मिक व्यय | प्रति परीक्षार्थी | 0.00 | 0.50 |
| 24 | परीक्षा केन्द्र/ मूल्यांकन केन्द्र को व्यवहृत/अव्यवहृत उतरपुस्तिकाआें के पैकेट भेजने हेतु व्यय | प्रति परीक्षार्थी | 0.00 | 0.60 |
| 25 | व्यवहारिक परीक्षा हेतु कच्चे माल हेतु | प्रति परीक्षार्थी | 0.00 | 25.00 |
| 26 | परीक्षा केन्द्र पर जेनरेटर/ फोटो कॉंपियर मशीन हेतु | प्रतिदिन | 0.00 | 500.00 |
| 1 | मूल्यांकन निदेशक का पारिश्रमिक | प्रतिदिन (प्रति 100 उतरपुुस्तिकाओं के लिए या अधिकतम 30 दिन, जो न्यूनतम हो) | 400.00 (पूरे परीक्षा के लिए) | 500.00 |
| 2 | समन्वयक का पारिश्रमिक | प्रतिदिन (प्रति 100 उतर पुुस्तिकाओं के लिए या अधिकतम 30 दिन, जो न्यूनतम हो) | 150.00 (पूरे परीक्षा के लिए) | 100.00 |
| 3 | कोडिंग एवं डिकोडिंग | प्रतिदिन (प्रति 100 उतरपुुस्तिकाओं के लिए या अधिकतम 30 दिन, जो न्यूनतम हो) | 100.00 (पूरे परीक्षा के लिए) | 60.00 |
| 4 | उतर पुस्तिकाओं के मुख्य परीक्षक का पारिश्रमिक दर | प्रति उतरपुुस्तिका | 250.00(पूरे परीक्षा के लिए) | 1.00 |
| 5 | उतर पुस्तिकाओं के परीक्षक का पारिश्रमिक दर | प्रति उतरपुुस्तिका | 1.00 (समाज अध्ययन) 0.75(अन्य विषय) | 10.00 |
| 6 | 'सी' फार्म में प्राप्तांक के अंकन/लिपिकीय कार्य/ डाटा इंट्री ऑपरेटर का पारिश्रमिक दर | प्रति प्रशिक्षणार्थी | 50.00(पूरे परीक्षा के लिए) | 1.00 |
| 7 | कार्यालय परिचारी अथवा समकक्ष वाह्य सेवक | प्रतिदिन (प्रति 100 उतरपुुस्तिकाओं के लिए या अधिकतम 30 दिन, जो न्यूनतम हो) | 25.00(पूरे परीक्षा के लिए) | 24.00 |
| 8 | मूल्यांकन केन्द्र पर कार्यरत कर्मी हेतु जलपान पर व्यय | प्रति 100 उतरपुुस्तिका | 0.00 | 60.00 |
| 9 | क्षेत्रीय निरीक्षी पदाधिकारी कार्यालय, को व्यवहृत/ अव्यवहृत उतरपुस्तिकाआें के पैकेट भेजने हेतु व्यय | प्रति प्रशिक्षणार्थी | 0.00 | 0.60 |
| 1 | राज्य स्तरीय परीक्षा के प्रश्न-पत्रों के चयनकर्ता का पारिश्रमिक | प्रति विषय प्रति व्यवसाय | 0.00 | 250.00 |
| 2 | प्रश्न-पत्रों का मॉडरेशन | प्रति विषय प्रति व्यवसाय | 0.00 | 75.00 |
| 3 | प्रश्न पत्रों को छपाई आदि | प्रति हजार | 0.00 | 1000.00 |
| 4 | प्रश्न पत्रों का पैकेटिंग आदि पर खर्च | प्रति 100 तक प्रश्न पत्र | 0.00 | 150.00 |
| 5 | परीक्षा केन्द्र को प्रश्न पत्रों के पैकेट भेजने हेतु व्यय | प्रति परीक्षार्थी | 0.00 | 0.60 |
6. इस राषि की निकासी बजट मुख्य शीर्ष 2230-श्रम और रोजगार, उपमुख्य शीर्ष-03-प्रषिक्षण, लघु शीर्ष-003-षिल्पकारों तथा पर्यवेक्षकों का प्रषिक्षण, मॉंग संख्या-26, उप षीर्ष 0005-मुख्यालय स्थापना, विपत्र कोड-एन 2230030030005 में 2801 व्यवसायिक एवं विषेष सेवायें मद में प्रावधानित राषि से विकलनीय होगा।
7. इस राषि की निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी सहायक निदेषक (परीक्षा), निदेषालय नियोजन एवं प्रषिक्षण (प्रषिक्षण पक्ष), श्रम संसाधन विभाग, बिहार, पटना होगें।
8. इस राषि की निकासी विकास भवन सचिवालय कोषागार, पटना से किया जायेगा। 9. प्रस्ताव में दिनांक 20.07.2016 को मद संख्या-21 के रुप में मंत्रिपरिषद् तथा वित विभाग की स्वीकृृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, दीपक कुमार सिंह, प्रधान सचिव।
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Website: http://egazette.bih.nic.in
15 Rबहार गजट, , 7 !सत#बर 2016भाग-9(ख)
और सवLसाधारण सूचनाएं इOयाQद।
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सूचना ——
No. 1051— I, SHIWAM S/o Vijay Kumar, R/o- B-12 Nandan Homes Apt. Khajpura, Bailey Road, P.O-B.V College, Patna-14 vide Affidavit no.3372 Dated. 20.05.16 will be known as Shiwam Sagar for all future purposes.
SHIWAM.
सं॰ 1051—मैं, षिवम पिता विजय कुमार B-12 नन्दन होम्स अपार्टमेंट, खाजपुरा बेली रोड, पो.-बी.भी कॉलेज पटना-14 षपथपत्र सं 3372 दिनांक 20.05.16 से अब षिवम सागर के नाम से जाना जाऊँगा ।
षिवम।
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सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ 2/अभि0-304/2008 -सा0प्र0-9478 सामान्य प्रषासन विभाग ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 6 6 6 6 जुलाई 2016जुलाई 2016जुलाई 2016जुलाई 2016
श्री महर्षि राम (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 303/11, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर पूर्वी सम्प्रति अपर समार्हाा, नवादा के विरूद्ध निगरानी विभाग के पत्रांक 84/अप0सा0 दिनांक 21.01.2008 द्वारा निगरानी थाना कांड संख्या 118/2007 दिनांक 15.10.2007 में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की गयी जाँच में बी0पी0एल0 के गेहूँ के कालाबाजारी रोकने में इनकी भूमिका संदेहास्पद पायी गयी। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के जाँच प्रतिवेदन में पाये गये तथ्यों के आलोक में विधि विभाग के आदेष ज्ञापांक 4978 दिनांक 09.12.2009 द्वारा अभियोजन की स्वी—ति प्रदान की गयी। राज्य सरकार के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो सहनषीलता (Zero Tolerance) के आलोक में निगरानी विभाग के पत्रांक 84 दिनांक 21.01.2008 द्वारा प्रतिवेदित आरोपों के संबंध में विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित किया गया।
श्री महर्षि राम के विरूद्ध आरोप है कि श्री राम कुमार सिंह परिवादी द्वारा नालिस वाद संख्या 14/06 एवं ग्रामीणों की मद्द से 38 बोरा बी0पी0एल0 गेहूँ टाटा 407 पर लदा हुआ पकड़ा गया। स्थानीय डीलर एवं मुखिया द्वारा कालाबाजारी में खरीदार राधेष्याम साव एवं भोला साव के हाथों बेचा गया। तत्कालीन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में मुखिया चन्द्रकिषोर सिंह के विरूद्ध स्पष्ट साक्ष्य रहने के बावजूद भी श्री राम द्वारा उनका नाम नहीं दिया गया एवं जाँच प्रतिवेदन में अंकित तथ्यों की अनदेखी की गयी। भ्रष्ट मुखिया, डीलर आदि आरोपितों को अपराधिक षड़यंत्र के तहत बचाने का प्रयास किया गया।
श्री राम के विरूद्ध निगरानी थाना कांड संख्या 118/2007 में विधि विभाग के आदेष ज्ञापांक 4978 दिनांक 09.12. 2009 द्वारा अभियोजन स्वी—ति प्रदान की गयी। पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के पत्रांक 3552 दिनांक 09. 12.2013 द्वारा सूचित किया गया कि उक्त थाना कांड संख्या में श्री राम के विरूद्ध आरोप-पत्र संख्या 19/2010 दिनांक 19. 02.2010 द्वारा माननीय न्यायालय में आरोप-पत्र समर्पित किया जा चुका है।
उक्त आरोपों की गंभीरता को देखते हुए श्री राम के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 4413 दिनांक 01.04.2014 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 838 दिनांक 02.03.2015 द्वारा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित है कि अनुज्ञप्ति पदाधिकारी के रूप में अनुमंडल पदाधिकारी के द्वारा पी0डी0एस0 डीलर के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने, उनकी अनुज्ञप्ति स्थगित करने, कारण-पृच्छा किये जाने, गेहूँ के अधिग्रहण किये जाने हेतु संबंधी आदेष आरोपित पदाधिकारी द्वारा दिये गये हैं परन्तु एक जिम्मेदार पदाधिकारी की हैसियत से वर्णित परिस्थिति में इनके द्वारा मुखिया के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करना/कराना चाहिए था जो नहीं किया गया। यह इनकी संलिप्तता न भी हो या जानबूझ कर मुखिया को बचाने वाला —त न भी हो तब भी इनके अविवेकपूर्ण निर्णय एवं लापरवाही का स्पष्ट द्योतक है। अकर्मन्यता, लापरवाही तथा सरकारी कार्यों के प्रति उदासीनता प्रमाणित होता है। आरोप संख्या 02 एवं 03 के संबंध में संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि ये दोनों आरोप प्रथम आरोप के निष्कर्ष पर ही आधारित है। स्पष्टतः संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री राम के विरूद्ध प्रतिवेदित तीनों आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।17 Rबहार गजट, , 7 !सत#बर 2016 विभागीय पत्रांक 6817 दिनांक 12.05.2015 द्वारा उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री राम से अभ्यावेदन की मांग की गयी। श्री राम के पत्रांक 610 दिनांक 20.06.2015 अभ्यावेदन समर्पित किया गया।
श्री राम द्वारा समर्पित अभ्यावेदन में कहना है कि उनके द्वारा अनुज्ञापन पदाधिकारी की हैसियत से प्राथमिकी दर्ज करने का आदेष दिया गया था, जो कानून सम्मत था। मात्र पी0डी0एस0 डीलर के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए है अनुमंडल पदाधिकारी की पूर्व अनुमति की आवष्यकता थी। गेहूँ जप्ति संबंधी मामले में संलिप्त मुखिया एवं लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने संबंधी शेष कार्रवाई प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा किया जाना था, जिसके लिए वे सक्षम थे। प्राथमिकी संबंधी आदेष क्रिमिनल मिसलेनियम नं0 39605/2005 मंहथी यादव बनाम राज्य सरकार द्वारा दिनांक 07.11.2006 पारित आदेष से इसकी सम्पुष्टि होती है। आगे उनका कहना है कि अपने पदीय दायित्वों का निष्ठापूर्वक एवं सक्षमतापूर्वक निर्वहन किया गया है। उनके द्वारा किसी प्रकार का अविवेकपूर्ण कार्य नहीं किया गया न ही उनके द्वारा लापरवाही या उदासीनता बरती गयी है एवं बिना किसी पक्षपात के प्राथमिकी दर्ज करने का आदेष दिया गया था। अतः मुखिया को बचाने का प्रष्न ही नहीं उठता। उक्त अभ्यावेदन को स्वीकार करते हुए दोषमुक्त करने का उनके द्वारा अनुरोध किया गया।
अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री राम के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, निगरानी विभाग द्वारा प्राप्त प्रतिवेदन, समर्पित स्पष्टीकरण एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के सम्यक विचारोपरान्त यह पाया गया कि श्री राम द्वारा प्रभारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, गायघाट के पत्रांक 21 दिनांक 17.01.2004 में दिनांक 17.01.2004 में कालाबाजारी में बेचे गये 38 बोरा बी0पी0एल0 गेहूँ को ग्रामीणों द्वारा पकड़ा गया था। उक्त जाँच प्रतिवेदन में खाद्यान्न बिक्री करने वाले जनवितरण प्रणाली विक्रेता, नन्दकिषोर सिंह का नाम स्पष्ट रूप से अंकित था, लेकिन ग्रामीण की षिकायत एवं जप्त किये गये खाद्यान्न के आलोक में संबंधित जनवितरण प्रणाली विक्रेता के भंडार पंजी, वितरण पंजी एवं उपभोक्ता का बयान लिये जाने के संंबंध में कोई प्रतिवेदन अंकित नहीं किया गया।
प्रभारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, गायघाट के पत्रांक 29 दिनांक 24.01.2004 द्वारा दर्ज प्राथमिकी से स्पष्ट है कि दिनांक 17.01.2004 को खाद्यान्न जप्त किया गया था लेकिन भंडार पंजी एवं वितरण पंजी आदि की जाँच नहीं की गयी तथा अविलम्ब प्राथमिकी भी दर्ज नहीं कराया गया। खाद्यान जप्ति के सात दिनों के उपरान्त प्राथमिकी दर्ज की गयी। प्राथमिकी के अनुलग्नकों से स्पष्ट है कि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा संबंधित जन वितरण प्रणाली विक्रेता के भण्डार का भौतिक सत्यापन प्रतिवेदन, भंडार पंजी एवं वितरण पंजी के संदर्भ में जाँच प्रतिवेदन समर्पित नहीं किया गया एवं टाटा 407 वाहन जिसपर खाद्यान्न लदा हुआ था उस वाहन को भी छोड़ दिया गया।
स्पष्ट है कि अनुमंडल पदाधिकारी होने के नाते अनुमंडलीय क्षेत्राधीन बी0पी0एल0 खाद्याान की कालाबजारी पर रोक लगाने हेतु श्री राम द्वारा त्वरित कार्रवाई नहीं की गयी एवं अपने पदीय र्काव्यों एवं दायित्वों को निर्वहन नहीं किया गया मात्र प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को प्राथमिकी दर्ज करने का निदेष दे दिये जाने से उनका दायित्व पूर्ण नहीं हो जाता है। यदि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा जप्त खाद्यान्न के संबंध में विभागीय निदेष के अनुरूप अन्य जाँच नहीं किये गये तो इसकी विधि सम्मत जाँच कराकर पूरक प्राथमिकी दर्ज किया जाना चाहिए था, जो श्री राम द्वारा नहीं किया गया। यदि प्राथमिकी में किसी तथ्य को छोड़ दिया गया हो तो उन तथ्यों को शामिल करते हुए पूरक प्राथमिकी दर्ज कराया जाना चाहिए था, जो इनके द्वारा नहीं किया गया।
अतः अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक् विचारोपरान्त उक्त प्रमाणित आरोपों की प्र—ति को देखते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 (समय समय पर संषोधित) के संगत प्रावधानों के तहत ''असंचयात्मक प्रभाव (non-cumulative effect) से दो वेतनवृद्धियों पर रोक का दंड'' अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया।
अतः अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री महर्षि राम (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 303/11, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर पूर्वी सम्प्रति अपर समार्हाा, नवादा को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 (समय समय पर संषोधित) के संगत प्रावधानों के तहत ''असंचयात्मक प्रभाव (non- cumulative effect) से दो वेतनवृद्धियों पर रोक का दंड'' दिया एवं संसूचित किया जाता है।
आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अनिल कुमार, विषेष सचिव।
——— सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ 2/सी0-1117/2011 -सा0प्र0-11422 ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 23 अगस्त23 अगस्त23 अगस्त23 अगस्त 2016201620162016
श्री महेन्द्र कुमार भारती (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 129/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, महिषी, सहरसा सम्प्रति भूमि सुधार उप समार्हाा, समस्तीपुर के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, सहरसा के पत्रांक 76-1 दिनांक 18.06.2011 द्वारा CAG की कंडिका-4.1.3 महिषी प्रखंड अन्तर्गत राषि के गबन एवं दुर्विनियोग संबंधी आरोप के लिए आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर आवष्यक कार्रवाई हेतु विभाग को उपलब्ध कराया गया। श्री भारती के विरूद्ध अंकेक्षण आपाि, योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु दिये गये अग्रिमों की वसूली एवं समायोजन की कार्रवाई नहीं करने का आरोप प्रतिवेदित है।18 Rबहार गजट, 7 !सत#बर 2016 2. उक्त प्रतिवेदित आरोप के लिए विभागीय पत्रांक 1392 दिनांक 27.01.2012 द्वारा श्री भारती को स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेष दिया गया। श्री भारती के पत्रांक-षून्य दिनांक 24.04.2013 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। समर्पित स्पष्टीकरण में श्री भारती का कहना है कि उनका कार्यकाल प्रखंड विकास पदाधिकारी, महिषी, सहरसा में दिनांक 08.05.2004 से 27.06.2005 तक था। मामला आठ वर्ष पुराना है तथा संबंधित अभिलेख उनके पास नहीं है। प्रखंड विकास पदाधिकारी, महिषी के पद पर योगदान करने के पश्चात उनके द्वारा अग्रिमों की लंबित स्थिति के संबंध में प्रतिवेदन जिला पदाधिकारी को भेजा गया था। इस पत्र की प्रतिलिपि अनुमंडल पदाधिकारी एवं उप विकास आयुक्त को भी दी गयी थी। किन्तु उनके कार्यकाल में कोई आदेष प्राप्त नहीं हुआ था। उनका कहना है कि योगदान के पश्चात ही उनके द्वारा अग्रिम समायोजन का प्रयास प्रारंभ कर दिया गया था तथा कुल 47,61,805/-(सैंतालिस लाख इकसठ हजार आठ सौ पाँच रूपये) अग्रिम का समायोजन भी किया गया।
3. श्री भारती के स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 9305 दिनांक 14.06.2013 द्वारा जिला पदाधिकारी, सहरसा से मंतव्य की मांग की गयी। जिला पदाधिकारी, सहरसा के पत्रांक 58-1 दिनांक 22.08.2013 द्वारा प्रेषित मंतव्य में प्रतिवेदित किया गया है कि श्री भारती द्वारा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया और न ही दोषी कर्मियों या प्रखंड कर्मियों के विरूद्ध राषि समायोजन हेतु कोई नोटिष निर्गत किया गया। लंबित राषियों के सलाना भौतिक सत्यापन के संबंध में भी कुछ नहीं कहा गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी, महिषी के पद पर श्री भारती के द्वारा दिनांक 08.05.2004 को प्रभार ग्रहण किया गया। उक्त तिथि को अग्रिम पंजी में 5,96,77,816.77/-(पाँच करोड़ छयानबे लाख साहार हजार आठ सौ सोलह रूपये साहार पैसे) अग्रिम था। अपने कार्यकाल में इनके द्वारा 1,02,13,168/-(एक करोड़ दो लाख तेरह हजार एक सौ अंडसठ रूपये) अग्रिम दिया गया एवं इस अवधि में 47,61,805/-(सैंतालिस लाख इकसठ हजार आठ सौ पाँच रूपये) अग्रिम का समायोजन किया गया। श्री भारती के प्रभार सौंपने के समय 6,51,29,179.77/-(छः करोड़ एकावन लाख उनतीस हजार एक सौ उनासी रूपये साहार पैसे) अग्रिम था। वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री भारती का स्पष्टीकरण मान्य नहीं है। 4. श्री भारती के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण एवं जिला पदाधिकारी, सहरसा के मंतव्य के सम्यक विचारोपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक 18100 दिनांक 27.11.2013 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, कोषी प्रमंडल, सहरसा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
5. संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच कोषी प्रमंडल, सहरसा के ज्ञापांक 499 दिनांक 02.03.2016 द्वारा जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा उपलब्ध कराये गये जाँच प्रतिवेदन में निम्नलिखित निष्कर्ष अंकित किया गया :-
''अतः उपरोक्त सारे तथ्यों के अवलोकन व समीक्षा के आधार पर यह बिल्कुल ही स्पष्ट हो जाता है कि आरोपी पदाधिकारी श्री महेन्द्र कुमार भारती पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी, महिषी, जिला-सहरसा के द्वारा अपने कार्यकाल में अग्रिम के समायोजन हेतु कोई प्रयास नहीं किया गया। इनके द्वारा अग्रिम के रूप में लंबित राषियों का सलाना भौतिक सत्यापन भी नहीं किया गया, जिसके लिए आरोपी पदाधिकारी, श्री महेन्द्र कुमार भारती दोषी प्रतीत होते हैं।
अतः प्रपत्र 'क' में उल्लेखित तीनों आरोप प्रमाणित सिद्ध होते हैं।''
6. संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रतिवेदित उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 4399 दिनांक 21.03.2016 द्वारा श्री भारती को अभ्यावेदन समर्पित करने का निदेष दिया गया। श्री भारती के पत्र दिनांक 05.07.2016 द्वारा समर्पित अभ्यावेदन में कहा गया कि आरोप का गठन दिनांक 08.06.2011 को किया गया है, जो पेंषन नियमावली के नियम 43(बी) परन्तुक a(ii) के विपरीत है। उनके द्वारा अपने कार्यकाल में 47,61,805/- (सैंतालिस लाख इकसठ हजार आठ सौ पाँच रूपये) अग्रिम का समायोजन किया गया। उनका आगे कहना है कि विभागीय कार्यवाही के दौरान इनके द्वारा मांगे गये दस्तावेजों का उपलब्ध नहीं कराया गया।
7. अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री भारती के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण, जिला पदाधिकारी, सहरसा का मंतव्य एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा उपलब्ध कराये गये जाँच प्रतिवेदन पर सम्यक समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री भारती दिनांक 30.11.2016 को सेवानिवृा होने वाले हैं। अतः बिहार पेंषन नियमावली का नियम 43(बी) परन्तुक a(ii) लागू नहीं होता है। विभागीय कार्यवाही के दौरान इनके द्वारा मांगे गये कतिपय दस्तावेजों को उपलब्ध नहीं कराये जाने के संबंध में संचालन पदाधिकारी के द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित है कि प्रखंड विकास पदाधिकारी, महिषी के पत्रांक 955-2 दिनांक 26.05.2015 द्वारा श्री भारती को उपलब्ध कराये गये प्रतिवेदन एवं साक्ष्य से स्पष्ट होता है कि श्री भारती द्वारा राषि के समायोजन हेतु कुछ नहीं किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा समीक्षोपरान्त आरोप को प्रमाणित पाया गया।
8. अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री भारती के अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 के संगत प्रावधानों के तहत एक वर्ष से अनधिक अवधि के लिए संचयी प्रभाव के बिना कालमान वेतन में दो निम्नतर प्रक्रम पर अवनति का दंड संसूचित करने का निर्णय लिया गया।
9. अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री महेन्द्र कुमार भारती (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 129/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, महिषी, सहरसा सम्प्रति भूमि सुधार उप समार्हाा, समस्तीपुर को बिहार सरकारी सेवक19 Rबहार गजट, , 7 !सत#बर 2016 (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 के संगत प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड दिया एवं संसूचित किया जाता है :-
''एक वर्ष से अनधिक अवधि के लिए संचयी प्रभाव के बिना कालमान वेतन में दो निम्नतर प्रक्रम पर अवनति''
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अनिल कुमार, विषेष सचिव।
——— सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ 2/आरोप-01-36/2015 -सा0प्र0-11222 ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 17 अगस्त 201617 अगस्त 201617 अगस्त 201617 अगस्त 2016
श्री अषोक वर्मा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 94/11, तत्कालीन प्रभारी पदाधिकारी, बन्दोबस्त, बेगूसराय सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध गठित प्रपत्र 'क' साक्ष्य सहित भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेषालय, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 1656 दिनांक 04.09.2015 के साथ संलग्न जिला पदाधिकारी, बेगूसराय के पत्रांक 2347 दिनांक 22. 08.2015 द्वारा प्राप्त हुआ। उक्त आरोप-पत्र में उजरत भोगी अमीन तथा सफाई मोहर्रिर का पैनल तैयार करने में अनियमितता बरतने, सरकारी निदेष की अवहेलना करते हुए मनमाने ढंग से बड़े पैमाने पर उजरत भोगी अमीन की नियुक्ति करने आदि का आरोप प्रतिवेदित किया गया।
2. श्री वर्मा से उक्त आरोपों के संबंध में विभागीय पत्रांक 6106 दिनांक 29.04.2016 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी, किन्तु पत्र में अंकित पता पर श्री वर्मा के नहीं मिलने पर स्पीड पोस्ट द्वारा प्रेषित उक्त पत्र डाक विभाग द्वारा लौटा दिया गया। पुनः विभागीय पत्रांक 8790 दिनांक 21.06.2016 द्वारा श्री वर्मा को आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' की प्रति प्रेषित करते हुए स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निदेष दिया गया। उक्त पत्र डाक विभाग द्वारा वापस नहीं लौटाया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि श्री वर्मा को आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' की प्रति प्राप्त हो गयी होगी। किन्तु सम्प्रति श्री वर्मा का स्पष्टीकरण अप्राप्त है।
3. श्री वर्मा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों पर सम्यक् विचारोपरांत अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री वर्मा के विरूद्ध संलग्न अनुबंध में अंतर्विष्ट आरोपों की जाँच विहित रीति से करने हेतु बिहार पेंषन नियमावली, 1950 के नियम 43(बी) के प्रावधानोंं के तहत् विभागीय कार्यवाही संचालित किया जाता है, जिसमें आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर को संचालन पदाधिकारी तथा जिला पदाधिकारी, बेगूसराय के द्वारा नामित किसी वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
4. जिला पदाधिकारी, बेगूसराय को निदेश दिया जाता है कि विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी को सहयोग प्रदान करने हेतु अपने अधीनस्थ किसी वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त कर इसकी सूचना संचालन पदाधिकारी एवं सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना को देंगे।
5. श्री अषोक वर्मा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 94/11 को निदेष दिया जाता है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति अनुबंध की प्रति सभी संबंधितों को जानकारी एवं आवष्यक कार्रवाई के लिए भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अनिल कुमार, विषेष सचिव।
——— सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ कारा/नि॰को॰(क)-47-12-4908 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ——— संकल्प 11 अगस्त 201611 अगस्त 201611 अगस्त 201611 अगस्त 2016
श्री उमेष प्रसाद सिंह, काराधीक्षक (सम्प्रति सेवानिवृत्त) के विरूद्ध मंडल कारा, सीतामढ़ी में पदस्थापन काल में कुव्यवस्था, अनियमितता, भ्रष्टाचार एवं प्रषासनिक अदक्षता के प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या-3704 दिनांक 17.08.2012 के द्वारा उन्हें निलंबित किया गया तथा विभागीय संकल्प ज्ञापांक 984 दिनांक 26.02.2013 के द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई।20 Rबहार गजट, 7 !सत#बर 2016 2. अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय अधिसूचना संख्या 984 दिनांक 13.02.2015 के द्वारा श्री सिंह को तुरन्त के प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया गया एवं उनके निलंबन अवधि के संबंध में अलग से निर्णय लिये जाने का आदेष संसूचित किया गया।
3. उक्त विभागीय कार्यवाही के संचालन के पष्चात् प्रमाणित आरोपों के लिए विनिष्चिय किये गये दंड एवं उस पर बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्ष प्राप्त होने के पष्चात् श्री सिंह के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2596 दिनांक 30.04. 2015 के द्वारा निम्न दंड अधिरोपित किया गया है :-
'' आरोपित पदाधिकारी को उनके वर्त्तमान वेतनमान में एक वेतन वृद्धि कम करके वेतन निर्धारित करते हुए एक वेतन की अवनति का दंड ''।
4. उक्त आरोप प्रकरण में श्री सिंह दिनांक 17.08.2012 से 13.02.2015 तक निलंबित रहे। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-11 के उप नियम-5 में विहित प्रावधानों के तहत् विभागीय ज्ञापांक 2890 दिनांक 13.05.2016 द्वारा श्री सिंह से अभ्यावेदन की माँग की गई, कि क्यों नहीं इस आषय का निर्णय लिया जाय कि निलंबन अवधि के लिए आपको जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा।
5. तद्आलोक में श्री सिंह द्वारा अपना अभ्यावेदन दिनांक 04.06.2016 को समर्पित किया गया। श्री सिंह द्वारा समर्पित अभ्यावेदन की समीक्षा की गई। उनके अभ्यावेदन में जो तथ्य उठाये गये है वह स्वीकार योग्य नहीं है क्योंकि श्री सिंह के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के उपरान्त संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए विधिवत् प्रक्रिया का पालन करते हुए उन्हें दण्ड अधिरोपित किया गया है। श्री सिंह के विरूद्ध लगाये गये आरोप अनियमितता, प्रषासनिक अदक्षता एवं अन्य कतिपय आरोप से संबंधित है। इस प्रकार स्पष्ट है कि श्री सिंह का निलंबन औचित्यपूर्ण था, जिसके लिए उन्हें दण्डित किया गया।
6. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक् विष्लेषणोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-11 (5) (7) के आलोक में श्री उमेष प्रसाद सिंह, काराधीक्षक (सम्प्रति सेवानिवृत्त) के निलंबन अवधि दिनांक 17.08.2012 से 13.02.2015 के बीच जीवन निर्वाह भत्ता मद में किये गये भुगतान के पश्चात् देय शेष राशि में से 50% की कटौती करते हुए शेष राषि का भुगतान करने की स्वीकृति दी जाती है। साथ ही उनके निलंबन अवधि को कर्त्तव्य पर बितायी गई अवधि एवं पेंषन प्रदायी सेवा के रूप में गणना की जायेगी। आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव वर्मा, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।
——— सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ कारा/नि0(प्रोबेषन)-01/2016-4955 ——— संकल्प 12 अगस्त 201612 अगस्त 201612 अगस्त 201612 अगस्त 2016
चूँकि बिहार-राज्यपाल को यह विश्वास करने का कारण है कि श्री कुमार अभिनव, तत्कालीन प्रोबेषन पदाधिकारी, प्रक्षेत्रीय जिला प्रोबेषन कार्यालय, मुजफ्फरपुर (सम्प्रति निलंबित) संलग्न प्रक्षेत्रीय जिला प्रोबेषन कार्यालय, बेऊर, पटना के विरूद्ध अनधिकृत रूप से मुख्यालय से अनुपस्थित रहने, चुनाव ड्यूटी को नजर अंदाज करने के आरोप प्रतिवेदित है। उनका यह कृत्य कर्त्तव्य में लापरवाही, अनुषासनहीनता एवं कदाचार का द्योतक है तथा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 (1) (i) (ii) के प्रावधानों का घोर उल्लंघन है (जैसा कि संलग्न आरोप पत्र में वर्णित है)।
2. अतः यह निर्णय लिया गया है कि श्री अभिनव के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र में अंकित आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के सुसंगत प्रावधानों के आलोक में विभागीय कार्यवाही संचालित की जाय।
3. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 (2) के तहत् प्रमंडलीय आयुक्त, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी तथा सुश्री नम्रता रूही, प्रोबेषन पदाधिकारी, प्रक्षेत्रीय जिला प्रोबेषन कार्यालय, मुजफ्फरपुर को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
4. श्री अभिनव से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु, जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
5. विभागीय कार्यवाही के संचालन के प्रस्ताव में माननीय मुख्य (गृह) मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है। 6. संचालन पदाधिकारी विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन निर्धारित अवधि के अन्दर समर्पित करेंगे। आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव वर्मा, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।21 Rबहार गजट, , 7 !सत#बर 2016 सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ के/के/के/के/कारा/नि0-74/98-4956 ——— संकल्प 12 अगस्त 20112 अगस्त 20112 अगस्त 20112 अगस्त 2016666
श्री सुरेन्द्र कुमार अम्बष्ठ, काराधीक्षक (सम्प्रति सेवानिवृत्त) के विरूद्ध मंडल कारा, आरा में पदस्थापन काल में दिनांक 25.09.1998 को रणवीर सेना सरगना सन्टू सिंह सहित चार बंदियों के कारा कर्मियों की मिलीभगत एवं प्रषासनिक विफलता से पलायन कर जाने के आरोप के लिए गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या-40/सी0 दिनांक 12.01.1999 के द्वारा उन्हें निलंबित किया गया तथा गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या 492 दिनांक 01.03.2001 के द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई।
2. अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या 1028 दिनांक 30.05.2000 के द्वारा श्री अम्बष्ठ को आदेष निर्गत की तिथि से निलंबन से मुक्त करते हुए उनके विरूद्ध संस्थित विभागीय कार्यवाही यथावत् चलती रहेगी, का आदेष संसूचित किया गया।
3. उक्त विभागीय कार्यवाही के संचालन के पष्चात् प्रमाणित आरोपों के लिए अनुषासनिक प्राधिकार के द्वारा गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या 2622 दिनांक 26.09.2001 के द्वारा श्री अम्बष्ठ के विरूद्ध निम्न दंड अधिरोपित किया गया है :-
'' श्री अम्बष्ठ को दो वेतन वृद्धि के लाभ से वंचित किया जाता है। वेतन वृद्धि रोकने की सजा का प्रभाव असंचयात्मक होगा ''।
4. उक्त आरोप प्रकरण में श्री अम्बष्ठ दिनांक 12.01.1999 से 29.05.2000 तक निलंबित रहें। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-11 के उप नियम-5 में विहित प्रावधानों के तहत् विभागीय ज्ञापांक 3699 दिनांक 21.06.2016 द्वारा श्री अम्बष्ठ से अभ्यावेदन की माँग की गई, कि क्यों नहीं इस आषय का निर्णय लिया जाय कि निलंबन अवधि के लिए आपको जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा।
5. तद्आलोक में श्री अम्बष्ठ द्वारा अपना अभ्यावेदन दिनांक 19.07.2016 को समर्पित किया गया। श्री अम्बष्ठ द्वारा समर्पित अभ्यावेदन की समीक्षा की गई। उनके अभ्यावेदन में जो तथ्य उठाये गये है वह स्वीकार योग्य नहीं है क्योंकि श्री अम्बष्ठ के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के फलाफल के पष्चात् सभी प्रक्रियाओं का विधिवत् पालन करते हुए उन्हें नियमानुसार दण्ड अधिरोपित किया गया है। इस प्रकार स्पष्ट है कि श्री अम्बष्ठ का निलंबन औचित्यपूर्ण था, जिसके लिए उन्हें दण्डित किया गया।
6. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक् विष्लेषणोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-11 (5) (7) के आलोक में संसूचित किया जाता है कि श्री सुरेन्द्र कुमार अम्बष्ठ, काराधीक्षक (सम्प्रति सेवानिवृत्त) के निलंबन अवधि (दिनांक 12.01.1999 से 29.05.2000) में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा। निलंबन अवधि की गणना कर्त्तव्य पर बितायी गई अवधि एवं पेंषन प्रदायी सेवा के रूप में की जायेगी।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव वर्मा, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।
——— सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ के/के/के/के/कारा/रा॰प॰-14/2008-4957 ——— संकल्प 12 अगस्त 201612 अगस्त 201612 अगस्त 201612 अगस्त 2016
श्री दिलीप कुमार सिंह, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, आदर्श केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना सम्प्रति सहायक कारा महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना के विरूद्ध स्थानांतरण आदेश का अनुपालन नहीं करने, गलत तथ्य के आधार पर अवकाश में प्रस्थान करने, सरकार के आदेश का उल्लंघन करने एवं दिनांक 18.12.2007 को आदर्श केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना में विभिन्न वार्डों की जाँच में भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्रियों के पाये जाने के प्रतिवेदित आरोपों के लिए गृह (विशेष) विभाग की अधिसूचना संख्या-11480 दिनांक 02.12.2008 द्वारा श्री सिंह को निलंबित किया गया एवं गृह (विशेष) विभाग की अधिसूचना संख्या 11481 दिनांक 02.12.2008 द्वारा विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी।
2. अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार गृह (विशेष) विभाग की अधिसूचना संख्या 5330 दिनांक 21.07.2009 द्वारा श्री सिंह को निलम्बन मुक्त करते हुए निलम्बन अवधि का विनियमन विभागीय कार्यवाही के फलाफल के आधार पर अलग से निर्णय लिये जाने का आदेश संसूचित किया गया।
3. उक्त विभागीय कार्यवाही के संचालन के पष्चात् प्रमाणित आरोपों के लिए अनुषासनिक प्राधिकार के द्वारा विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1861 दिनांक 28.03.2016 के द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध निम्न दंड अधिरोपित किया गया है :-
'' वर्त्तमान वेतनमान में सम्प्रति देय वेतन से तीन वेतन वृद्धि घटाकर वेतन की अवनति का दंड (जिसका प्रतिकूल प्रभाव सेवांत लाभ पर भी पड़ेगा)''।22 Rबहार गजट, 7 !सत#बर 2016 4. उक्त आरोप प्रकरण में श्री सिंह दिनांक 02.12.2008 से 20.07.2009 तक निलंबित रहें। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-11 के उप नियम-5 में विहित प्रावधानों के तहत् विभागीय ज्ञापांक 3029 दिनांक 19.05.2016 द्वारा श्री सिंह से अभ्यावेदन की माँग की गई, कि क्यों नहीं इस आषय का निर्णय लिया जाय कि निलंबन अवधि के लिए आपको जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा।
5. तद्आलोक में श्री सिंह द्वारा अपना अभ्यावेदन दिनांक 12.07.2016 को समर्पित किया गया। श्री सिंह द्वारा समर्पित अभ्यावेदन की समीक्षा की गई। उनके अभ्यावेदन में जो तथ्य उठाये गये है वह स्वीकार योग्य नहीं है क्योंकि श्री सिंह के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के फलाफल के पष्चात् सभी प्रक्रियाओं का विधिवत् पालन करते हुए उन्हें नियमानुसार दण्ड अधिरोपित किया गया है। श्री सिंह के विरूद्ध लगाये गये आरोप अनियमितता, प्रषासनिक अदक्षता एवं अन्य कतिपय आरोप से संबंधित है। इस प्रकार स्पष्ट है कि श्री सिंह का निलंबन औचित्यपूर्ण था, जिसके लिए उन्हें दण्डित किया गया। 6. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक् विष्लेषणोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-11 (5) (7) के आलोक में संसूचित किया जाता है कि श्री दिलीप कुमार सिंह, तत्कालीन काराधीक्षक, आदर्ष केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना सम्प्रति सहायक कारा महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना को निलंबन अवधि (दिनांक 02.12.2008 से 20.07.2009) में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा। निलंबन अवधि की गणना कर्त्तव्य पर बितायी गई अवधि एवं पेंषन प्रदायी सेवा के रूप में की जायेगी।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव वर्मा, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।
——— सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ के/के/के/के/कारा/न्याय-111/08-4958 ——— संकल्प 12 अगस्त 201612 अगस्त 201612 अगस्त 201612 अगस्त 2016
श्री मनोज कुमार चौधरी, काराधीक्षक के विरूद्ध उनके मंडल कारा, मधेपुरा एवं उपकारा, अररिया के पदस्थापन काल में बरती गयी अनियमितताओं, कर्त्तव्यहीनता, प्रषासनिक विफलता तथा अनुषासनहीनता के प्रतिवेदित आरोपों के लिए गठित आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' के आलोक में गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या-6038 दिनांक 04.06.2008 द्वारा विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी।
2. श्री चौधरी के विरूद्ध विभागीय अधिसूचना संख्या-5543 दिनांक 22.05.2008 द्वारा निर्गत स्थानान्तरण आदेष का अनुपालन नहीं करने, धारित पद का प्रभार सौंपकर अनिधकृत रूप से अनुपस्थित रहने, सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने तथा उच्चाधिकारियों के आदेष की अवहेलना करने के प्रतिवेदित आरोपों के लिए गठित पूरक आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के आलोक में गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या-1383 दिनांक 19.03.2009 द्वारा उन्हें निलंबित किया गया एवं श्री चौधरी के विरूद्ध गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या-6038 दिनांक 04.06.2008 द्वारा पूर्व से संचालित विभागीय कार्यवाही में उपर्युक्त पूरक आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में निहित आरोपों को भी उक्त जाँच में सम्मिलित किया गया। 3. तत्कालीन संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0), कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय-सह-संचालन पदाधिकारी, बिहार, पटना के पत्रांक 2242 दिनांक 28.05.2010 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री चौधरी के विरूद्ध गठित कुल 13 आरोपोेंं में से 09 आरोप को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की प्रति बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 18 (3) के प्रावधानों के तहत् विभागीय पत्रांक 4666 दिनांक 19.10.2010 द्वारा श्री चौधरी को उपलब्ध कराते हुए उनसे द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। तद्आलोक में श्री चौधरी ने अपना द्वितीय कारण पृच्छा जबाव दिनांक 22.11.2010 को समर्पित किया। 4. आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन एवं श्री चौधरी द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा जबाव की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरान्त प्रमाणित आरोपों की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के प्रावधानों के तहत् श्री चौधरी को निम्न वृहत् दंड निरूपित करने का विनिष्चय अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा किया गया :-
'' अनिवार्य सेवानिवृत्ति ''।'' अनिवार्य सेवानिवृत्ति ''।'' अनिवार्य सेवानिवृत्ति ''।'' अनिवार्य सेवानिवृत्ति ''। 5. उपर्युक्त विनिष्चय दंड के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 1428 दिनांक 30.03.2011 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 2800 दिनांक 03.02.2012 से प्राप्त परामर्ष में आयोग द्वारा प्रस्तावित दंड को आनुपतिक नहीं बताते हुए विभागीय दंड प्रस्ताव पर असहमति संसूचित की गयी है। 6. प्रस्तावित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त असहमति के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा मामले की समीक्षा पुनः की गई। समीक्षोपरान्त विभागीय अधिसूचना संख्या-2650 दिनांक 19.06.2012 के द्वारा श्री मनोज कुमार चौधरी, काराधीक्षक को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 (समय-समय पर यथा संषोधित) के प्रावधानों के तहत् निम्नांकित दंड अधिरोपित किया गया :-
23 Rबहार गजट, , 7 !सत#बर 2016(i) श्रीश्रीश्रीश्री चौधरी को काराधीक्षक के वेतनमान के न्यूनतम प्रक्रम पर अवनत किया जाता है। चौधरी को काराधीक्षक के वेतनमान के न्यूनतम प्रक्रम पर अवनत किया जाता है। चौधरी को काराधीक्षक के वेतनमान के न्यूनतम प्रक्रम पर अवनत किया जाता है। चौधरी को काराधीक्षक के वेतनमान के न्यूनतम प्रक्रम पर अवनत किया जाता है। (ii) निलंबन अवधि में उनकी मुख्यालय में उपस्थिति अवधि का जीवन निर्वाह भत्ता के निलंबन अवधि में उनकी मुख्यालय में उपस्थिति अवधि का जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भीअतिरिक्त कुछ भीअतिरिक्त कुछ भीअतिरिक्त कुछ भी निलंबन अवधि में उनकी मुख्यालय में उपस्थिति अवधि का जीवन निर्वाह भत्ता के निलंबन अवधि में उनकी मुख्यालय में उपस्थिति अवधि का जीवन निर्वाह भत्ता के देय नहीं होगा।देय नहीं होगा।देय नहीं होगा।देय नहीं होगा।
7. श्री चौधरी द्वारा विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2650 दिनांक 19.06.2012 द्वारा संसूचित उपर्युक्त दंडादेष के विरूद्ध पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमें उनका कहना है कि उनके विरूद्ध उकत वृहत दण्ड पारित कर उनके वेतन में भारी कटौती कर काराधीक्षक के वेतनमान के न्यूनतम वेतन पर अवनत कर दिया गया है, जिससे उन्हें पूर्व के सेवाकाल लगभग 14 वर्षो तक एवं काराधीक्षक के सेवाकाल का 22 वर्षो के वेतन वृद्धि के लाभ से वंचित कर दिया गया है। वृहत दण्ड पर बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति नहीं लिया गया है। वगैर सहमति के वेतन वृद्धि के कटौती पर रोक लगाया गया है। उक्त दण्ड की अधिसूचना बिल्कुल न्याय संगत नहीं है जिसे निरस्त किया जाय। श्री चौधरी का कहना है कि उन्हें दण्ड स्वरूप मंडल कारा, अररिया से उपकारा, शेरघाटी स्थानांतरण कर दिया गया था। शेरघाटी उपकारा में उन्हें योगदान करने पर जान-माल का गंभीर खतरा था। उपकारा, शेरघाटी में सुरक्षा की दृष्टि से योगदान नहीं करने के आरोप को प्रमाणित कर उन्हें अनावष्यक रूप से वृहत दण्ड दिया गया है।
8. श्री चौधरी के उपर्युक्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि विभागीय कार्यवाही के फलाफल के पष्चात् प्रमाणित आरोप, आरोप की गंभीरता तथा वित्तीय अनियमितता को देखते हुए श्री चौधरी को यह दंड अधिरोपित किया गया है। सभी प्रक्रियाओं का विधिवत् पालन किया गया है। श्री चौधरी द्वारा वृहत दंड अधिरोपित करने के पूर्व बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति नहीं लेने का जो आरोप लगाया गया है वह वेबुनियाद एवं तथ्य से परे है क्योंकि अनुषासनिक प्राधिकार के द्वारा सर्वप्रथम इनके विरूद्ध प्रमाणित आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अनिवार्य सेवानिवृत्ति का दंड विनिष्चय किया गया था। उक्त दण्ड पर बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्ष प्राप्त होने के पष्चात् अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा मामले की पुनः समीक्षा की गई और श्री चौधरी को पूर्व में प्रस्तावित दण्ड आनुपातिक नहीं होने के कारण उन्हें काराधीक्षक के वेतनमान के न्यूनतम प्रक्रम पर अवनत करने का निर्णय लिया गया है। यदि वास्तव में उन्हें उपकारा, शेरघाटी में योगदान करने पर जान-माल का खतरा था तो उन्हें सर्वप्रथम विभागीय आदेष के अनुपालन में उपकारा, शेरघाटी में योगदान करने के पष्चात् अपना अभ्यावेदन सक्षम प्राधिकार के समक्ष रखनी चाहिए थी। इस प्रकार उनके द्वारा विभागीय आदेष का उल्लंघन किया गया है जो स्वतः प्रमाणित हो जाता है।
उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में सम्यक् विष्लेषणोपरान्त अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री मनोज कुमार 9. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में सम्यक् विष्लेषणोपरान्त अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री मनोज कुमार उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में सम्यक् विष्लेषणोपरान्त अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री मनोज कुमार उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में सम्यक् विष्लेषणोपरान्त अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री मनोज कुमार चौधरी, काराधीक्षक के द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत किया जाता है। चौधरी, काराधीक्षक के द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत किया जाता है। चौधरी, काराधीक्षक के द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत किया जाता है। चौधरी, काराधीक्षक के द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत किया जाता है।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव वर्मा, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।
——— सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ कारा/नि॰को॰-01-0-113/06-5194 ——— संकल्प 24242424 अगस्त 2016अगस्त 2016अगस्त 2016अगस्त 2016
श्री पे्रम कुमार, काराधीक्षक, (सम्प्रति सेवा से बर्खास्त) को उनके मंडल कारा, सीतामढ़ी में पदस्थापन के दौरान आपूरक श्री रामलखन यादव से 1,00,000/- (एक लाख रूपये) घूस लेते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के द्वारा दिनांक 06.11.2006 को रंगे हाथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। तत्पष्चात् उनके विरूद्ध निगरानी थाना काण्ड संख्या 73/06 दिनांक 07.11.2006 धारा-7/13 (2) सहपठित धारा-13 (1) (डी0) भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम-1988 दर्ज किया गया था। उक्त घटना के लिए श्री कुमार को गिरफ्तार होने की तिथि 06.11.2006 के प्रभाव से गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना ज्ञापांक 15799 दिनांक 20.11.2006 के द्वारा निलंबित किया गया था।
2. श्री कुमार के द्वारा जमानत के लिए दायर क्रिमिनल मिसलेनियस संख्या-52336/2007 में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 27.11.2007 को पारित न्यायादेष में उन्हें रिहा करने का आदेष दिया गया। तत्पष्चात् उनके द्वारा योगदान की तिथि 30.11.2007 के प्रभाव से गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना ज्ञापांक 1168 दिनांक 31.01.2008 के द्वारा उनको निलंबन से मुक्त कर दिया गया। पुनः समीक्षोपरांत श्री कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9 (1) (ग) सहपठित 9 (3) (i) (ii) के आलोक में गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या 1353 दिनांक 06.02.2008 द्वारा निलंबित किया गया तथा गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या 11454 दिनांक 02.12.2008 के द्वारा विभागीय कार्यवाही संस्थित की गई।
3. श्री कुमार के द्वारा निलंबन से मुक्त करने के लिए दायर वाद सी0डब्लू0जे0सी0-17803/2008 में माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 04.03.2009 को पारित न्यायादेष की समीक्षा की गई। समीक्षोपरांत श्री कुमार को गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या 5315 दिनांक 20.07.2009 के द्वारा निलंबन से मुक्त करने का निर्णय लिया गया। साथ ही पूर्व में निर्गत विभागीय अधिसूचना संख्या 1353 दिनांक 06.02.2008 को पारित न्यायादेष के आलोक में विलोपित कर दिया गया। 4. निगरानी विभाग द्वारा घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गये कर्मियों/भ्रष्टाचार/वित्तीय अनियमितता एवं गबन से संबंधित मामलों के समीक्षोपरांत श्री प्रेम कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, हाजीपुर का मामला उक्त श्रेणी का पाकर उनके24 Rबहार गजट, 7 !सत#बर 2016 विरूद्ध पूर्व से चल रहे विभागीय कार्यवाही के निष्पादन होने तक इन्हें पुनः विभागीय संकल्प ज्ञापांक 672 दिनांक 05.02.2014 के द्वारा निलंबित किया गया।
5. उक्त विभागीय कार्यवाही के संचालन के पष्चात् प्रमाणित आरोपों के लिए अनुषासनिक प्राधिकार के द्वारा विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6348 दिनांक 14.10.2015 के द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध निम्न दंड अधिरोपित किया गया है :-
'' सेवा से बर्खास्तगी का दंड ''। 6. उक्त आरोप प्रकरण में श्री कुमार निम्न विभिन्न अवधियों तक निलंबित रहे है :-
(i) दिनांक 06.11.2006 से 30.11.2007 तक (ii) दिनांक 06.02.2008 से 04.03.2009 तक (iii) दिनांक 05.02.2014 से 14.10.2014 (सेवा से बर्खास्त होने तक)।
बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-11 के उप नियम-5 में विहित प्रावधानों के तहत् विभागीय ज्ञापांक 3027 दिनांक 19.05.2016 द्वारा श्री कुमार से अभ्यावेदन की माँग की गई, कि क्यों नहीं इस आषय का निर्णय लिया जाय कि निलंबन अवधि के लिए आपको जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा।
7. तद्आलोक में श्री कुमार द्वारा अपना अभ्यावेदन दिनांक 20.07.2016 को समर्पित किया गया। श्री कुमार द्वारा समर्पित अभ्यावेदन की समीक्षा की गई। उनके अभ्यावेदन में जो तथ्य उठाये गये है वह स्वीकार योग्य नहीं है क्योंकि श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के फलाफल के पष्चात् सभी प्रक्रियाओं का विधिवत् पालन करते हुए प्रमाणित आरोपों के लिये विनिष्चय किये गये दंड एवं उस पर बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्ष प्राप्त होने के पष्चात् उन्हें नियमानुसार दण्ड अधिरोपित किया गया है। इस प्रकार स्पष्ट है कि श्री कुमार का निलंबन औचित्यपूर्ण था, जिसके लिए उन्हें दण्डित किया गया।
8. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक् विष्लेषणोपरान्त संसूचित किया जाता है कि श्री प्रेम कुमार, काराधीक्षक, (सम्प्रति सेवा से बर्खास्त) के विभिन्न निलंबन अवधियों (दिनांक 06.11.2006 से 30.11.2007, दिनांक 06.02.2008 से 04.03.2009 एवं दिनांक 05.02.2014 से 14.10.2014 तक) में जीवन निर्वाह भत्ता मद में किये गये भुगतान के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव वर्मा, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।
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Website: http://egazette.bih.nic.in
ज्ञापांक- कारा/नि0(प्रोबेषन)-01/2016.......................................दिनांक-........................................
प्रमंडलीय आयुक्त, मुजफ्फरपुर-सह-संचालन पदाधिकारी/सुश्री नम्रता रूही, प्रोबेषन पदाधिकारी, प्रक्षेत्रीय जिला प्रोबेषन कार्यालय, मुजफ्फरपुर-सह-उपस्थापन पदाधिकारी एवं श्री कुमार अभिनव, प्रोबेषन पदाधिकारी, (सम्प्रति निलंबित) संलग्न प्रक्षेत्रीय जिला प्रोबेषन कार्यालय, बेऊर, पटना को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु पे्रषित।
प्रधान सचिव, गृह विभाग के प्रधान आप्त सचिव/कारा महानिरीक्षक कोषांग/निदेषक, प्रोबेषनचर्या, कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना/प्रधान प्रोबेषन पदाधिकारी, प्रक्षेत्रीय जिला प्रोबेषन कार्यालय, बेऊर, पटना को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु पे्रषित।
सरकार के संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)