(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:17)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या ॢबह(cid:4)र
ह(cid:4)र गजट
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क [स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 1(cid:24) भ(cid:4)(cid:26) 1(cid:27)3(cid:24) (cid:29)श(cid:15)(cid:30)
(स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) (cid:19)2(cid:19)) पटन(cid:4)
पटन(cid:4)(cid:31) श१!व(cid:4)र(cid:31) (cid:27) ०सत#बर 2(cid:15)1$
सं॰ 3(स०)/उ०स्था०(आरोप) 03/15-4022
सं॰
m|ksx foHkkx
——— ladYiladYiladYiladYi
29 vxLr 201629 vxLr 201629 vxLr 201629 vxLr 2016
7-2015, धारा-7/8/13(2)-सह-पठित धारा-13(1) निगरानी थाना कांड सं0-054/ 2015, दिनांक 07-07-2015, धारा-7/8/13(2)-सह-पठित निगरानी थाना कांड सं0-054/ 2015, दिनांक 07-0 )भ्र0नि0 अधि0, 1988 के प्राथमिकी अभियुक्त श्री बसंत प्रसाद साह, तत्कालीन महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, )भ्र0नि0 अधि0, 1988 के प्राथमिकी अभियुक्त श्री बसंत प्रसाद साह, तत्कालीन महाप्रबंधक, जिला उद्योग (डी)भ्र0नि0 अधि0, 1988 के प्राथमिकी अभियुक्त श्री बसंत प्रसाद साह, तत्कालीन महाप्रबंधक, जिला उद्योग समस्तीपुर को रिश्वत लेने में सहभागिता के आरोप में विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक-3895 दिनांक 16-09-2015 द्वारा समस्तीपुर को रिश्वत लेने में सहभागिता के आरोप में विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक-3895 दिनांक 16-09-2015 द्वारा समस्तीपुर को रिश्वत लेने में सहभागिता के आरोप में विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक-3895 दिनांक 16-09-2015 द्वारा ा संख्या-70/जे0 दिनांक 08-10-2015 द्वारा श्री साह के विरूद्ध निलम्बित किया गया। विधि विभाग, बिहार के आदेश् या। विधि विभाग, बिहार के आदेश संख्या-70/जे0 दिनांक 08-10-2015 द्वारा श्री साह के विरूद्ध अभियोजन की स्वीकृति प्रदान की गयी। अभियोजन की स्वीकृति प्रदान की गयी। 2. आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' में अन्तर्विष्ट आरोप यह था कि निगरानी थाना कांड सं ख्या-54/2015 के अनुसार आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' में अन्तर्विष्ट आरोप यह था कि निगरानी थाना कांड संख्या-54/2015 के अनुसार श्री नवल किशोर, रात्रि प्रहरी, जिला उद्योग केन्द्र, समस्तीपुर को दिनांक 07-07-2015 को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन ाोर, रात्रि प्रहरी, जिला उद्योग केन्द्र, समस्तीपुर को दिनांक 07-07-2015 को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन ाोर, रात्रि प्रहरी, जिला उद्योग केन्द्र, समस्तीपुर को दिनांक 07-07-2015 को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन प्राप्त करने के एवज में कांड के सह अभियुक्त कार्यक्रम के अन्तर्गत वर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने के एवज में कांड के सह अभियुक्त कार्यक्रम के अन्तर्गत वर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए वित्तीय सहायता साह के कहने पर परिवादी श्री दिनेश महतो से 12000/- रू0 रिश्वत लेने के क्रम में साह के कहने पर परिवादी श्री दिनेश महतो से 12000/- रू0 रिश् महाप्रबंधक बसंत प्रसाद साह के कहने पर परिवादी श्री दिनेश महतो से 12000/- रू0 रिश् निगरानी धावा दल के द्वारा रंगेहाथ पकड़ा गया। इस संबंध में धावा दल प्रभारी के प्रतिवेदन एवं वादी के लिखित निगरानी धावा दल के द्वारा रंगेहाथ पकड़ा गया। इस संबंध में धावा दल प्रभारी के प्रतिवेदन एवं वादी के लिखित निगरानी धावा दल के द्वारा रंगेहाथ पकड़ा गया। इस संबंध में धावा दल प्रभारी के प्रतिवेदन एवं वादी के लिखित ाोर एवं बसंत प्रसाद साह के विरूद्ध निगरानी थाना प्रतिवेदन के आधार पर कांड के प्राथमिकी अभियुक्तों श्री नवल किश् प्राथमिकी अभियुक्तों श्री नवल किशोर एवं बसंत प्रसाद साह के विरूद्ध निगरानी थाना कांड-54/15 के अन्तर्गत अनुसंधान प्रारम्भ किया गया है। कांड-54/15 के अन्तर्गत अनुसंधान प्रारम्भ किया गया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, निगरानी विभाग, बिहार के पत्रांक-324 दिनांक 12-08-15 के अनुसार अनुसंधान के निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, निगरानी विभाग, बिहार के पत्रांक-324 दिनांक 12-08-15 के अनुसार अनुसंधान के निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, निगरानी विभाग, बिहार के पत्रांक-324 दिनांक 12-08-15 के अनुसार अनुसंधान के क्रम में जानकारी प्राप्त हुई कि परिवादी श्री दिनेश् ा महतो ने दिनांक 13-06-15 को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम ी प्राप्त हुई कि परिवादी श्री दिनेश महतो ने दिनांक 13-06-15 को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत बर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए एक योजना का फार्म जिला उद्योग केन्द्र कार्यालय, समस्तीपुर में जमा करने के अन्तर्गत बर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए एक योजना का फार्म जिला उद्योग केन्द्र कार्यालय, समस्तीपुर में जमा करने के अन्तर्गत बर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए एक योजना का फार्म जिला उद्योग केन्द्र कार्यालय, समस्तीपुर में जमा करने ेग केन्द्र, समस्तीपुर से मिलकर वित्तीय सहायता प्राप्त करने के के बाद श्री बसंत प्रसाद साह, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, समस्तीपुर से मिलकर वित्तीय सहायता प्राप्त करने के के बाद श्री बसंत प्रसाद साह, महाप्रबंधक, जिला उद्या लिए अपने फार्म को पास कराने के लिए अनुरोध किये जाने पर महाप्रबंधक श्री बसंत प्रसाद साह परिवादी से बोले कि लिए अपने फार्म को पास कराने के लिए अनुरोध किये जाने पर महाप्रबंधक श्री बसंत प्रसाद साह लिए अपने फार्म को पास कराने के लिए अनुरोध किये जाने पर महाप्रबंधक श्री बसंत प्रसाद साह नवल किशोर से मिल लिजिये। जब परिवादी नवल किश् ाोर, रात्रि प्रहरी से मिले तो उन्हाेंने परिवादी से कहा कि फार्म े मिल लिजिये। जब परिवादी नवल किशोर, रात्रि प्रहरी से मिले तो उन्हाेंने परिवादी से पास कराने के लिए 12 हजार रूपये लगेगा। इस संबंध में निगरानी ब्यूरो द्वारा कराये गये सत्यापन के क्रम में पास कराने के लिए 12 हजार रूपये लगेगा। इस संबंध में निगरानी ब्यूरो द्वारा कराये गये सत्यापन के क्रम में पास कराने के लिए 12 हजार रूपये लगेगा। इस संबंध में निगरानी ब्यूरो द्वारा कराये गये सत्यापन के क्रम में ाोर से महाप्रबंधक से मिलने का अनुरोध करने पर मिलने नहीं मक्ष परिवादी द्वारा आरोपी नवल किशोर से महाप्रबंधक से मिलने का अनुरोध करने पर मिलने नहीं सत्यापनकर्त्ता के समक्ष परिवादी द्वारा आरोपी नवल किश् 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 9 (cid:20)सत(cid:22)बर 2016 दिया गया और बोला गया कि साहब हमको जो बोले हैं आपको बता चुके हैं। काम कराने के लिए 12000/- रूपये से कम नहीं होगा क्योंकि इसमें से दस हजार रूपये साहब को देना पड़ता है तथा दो हजार रूपये ही मुझे बचता है। अनुसंधान के क्रम में परिवादी का आवेदन आरोपी श्री नवल किशोर के कमरे में रखे लोहे के आलमीरा में रखा हुआ पाया गया। गवाहों द्वारा बताया गया कि जिन आवेदकों से रिश्वत ली जाती थी उनका आवेदन टैकिंग के लिए कम्प्यूटर में लोड कराया जाता था। परिवादी का आवेदन रिश्वत नहीं देने के कारण कम्प्यूटर पर लोड नहीं किया गया था और श्री नवल किशोर द्वारा अपने पास ही रखा गया था। यह बात भी प्रकाश में आया कि महाप्रबंधक श्री साह द्वारा आवेदकों से आवेदन रात्रि प्रहरी श्री नवल किशोर से प्राप्त कराया जाता था जबकि वे एक चतुर्थवर्गीय कर्मचारी थे। गवाहों ने यह भी बताया कि अपने काम के लिए महाप्रबंधक बसंत प्रसाद साह से मिलने पर वह बोले कि नवल किशोर से मिल लो तो काम हो जायेगा। इस प्रकार इस मामले में श्री साह की स्पष्टतः संलिप्तता है। श्री साह का यह आचरण सरकारी सेवक के लिए अशोभनीय होने के साथ-साथ बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम-3(1)(ii)(iii) के विरूद्ध है। 3. उक्त आरोप के लिए विभागीय संकल्प संख्या-4781 दिनांक 10-12-2015 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित करते हुए श्री रंजीत कुमार, बि0प्र0से0, उद्योग विभाग, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी तथा श्री नागेन्द्र कुमार शर्मा, बि0स0से0, प्रषाखा पदाधिकारी, उद्योग विभाग, बिहार, पटना को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 4. श्री बसंत प्रसाद साह द्वारा संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-4941 दिनांक 18-12-2015 के अनुपालन में लिखित अभिकथन समर्पित करते हुए यह कहा गया कि उनके विरूद्ध लगाये गये आरोप निराधार तथा बिना किसी साक्ष्य के हैं। इसलिए मात्र संदेह के आधार पर उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। 5. संचालन पदाधिकारी के द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध उपर्युक्त प्रतिवेदित आरोप के संदर्भ में निष्कर्षतः उल्लेख किया गया है कि जिला उद्योग केन्द्र में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाई हेतु आवेदकों से पैसे की माँग को रोकने के लिए महाप्रबंधक के स्तर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गयी, जो उनकी प्रशासनिक विफलता तथा संलिप्तता का द्योतक है। जाँच प्रतिवेदन में कहा गया है कि प्रत्येक कार्यालय के प्रधान का यह दायित्व है कि वे अपने कार्यालय के कार्य-कलापों से अवगत रहें। श्री साह द्वारा रात्रि प्रहरी श्री नवल किशोर के विरूद्ध कोई कार्रवाई नही की गयी जो उनकी भागीदारी/संलिप्तता एवं मौन सहमति को दर्शाता है। 6. विभागीय पत्रांक-1323 दिनांक 15-03-2016 द्वारा श्री बसंत प्रसाद साह से संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन पर लिखित अभिकथन (द्वितीय कारण पृच्छा) की माँग की गयी। श्री साह द्वारा दिनांक 01-04-2016 को हस्ताक्षरित अपना लिखित अभिकथन समर्पित किया गया। लिखित अभिकथन में कहा गया है कि श्री नवल किशोर को रिश्वत लेते हुए धावा दल द्वारा पकड़ा गया जिसमें उनकी कोई संलिप्तता नही थी। श्री नवल किशोर को आवेदन प्राप्त करने का कोई निदेश उनके द्वारा नहीं दिया गया तथा उनके संज्ञान में यह बात कभी भी नहीं आया कि श्री नवल किशोर उनके नाम पर रिश्वत ले रहे हैं और अनाधिकृत रूप से आवेदन प्राप्त कर अपने पास रख रहे हैं। इसलिए श्री साह द्वारा दोषी कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी। 7. जाँच प्रतिवेदन पर सम्यक विचारोपरान्त स्पष्ट होता है कि आरोप-पत्र में अन्तर्विष्ट आरोप का खंडन नही हुआ तथा जाँच प्रतिवेदन में जाँच प्राधिकार द्वारा दिये गये मंतव्य के अनुसार श्री बसंत प्रसाद साह की संलिप्तता के आरोप को सही पाया गया। श्री साह द्वारा ऐसा कार्य किया गया जो सरकारी सेवक के लिए अषोभनीय है एवं उनकी कर्त्तव्य के प्रति निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। श्री साह के उक्त कृत्य से राज्य प्रशासन की छवि धूमिल हुई है। श्री साह का यह आचरण सरकारी सेवा में बनाये रखने योग्य नही है।
8. अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा आरोपित पदाधिकारी के स्पष्टीकरण एवं जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा के उपरांत आरोपित पदाधिकारी श्री बसंत प्रसाद साह को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(X), संशोधित नियमावली, 2007 के अधीन नियम-14(XI) के तहत ''सेवा से बर्खास्तगी जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी एवं निलम्बन अवधि के लिए मात्र जीवन यापन भत्ता ही देय होगा'', शास्ति अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया।
9. विभागीय पत्रांक-3003 दिनांक 29-06-2016 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से श्री साह के विरूद्ध विनिश्चित दंड पर परामर्ष की मांग की गयी। जिस पर आयोग के पत्रांक-1609 दिनांक 29-08-2016 द्वारा दंड प्रस्ताव पर आयोग की पूर्ण पीठ की सहमति संसूचित की गई। 3
(cid:24)बहार गजट (असाधारण), 9 (cid:20)सत(cid:22)बर 2016
10. श्री बसंत प्रसाद साह, निलम्बित महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, समस्तीपुर (मुख्यालय-निदेशक, तकनीकी विकास का कार्यालय, बिहार, पटना) के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं जाँच पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के मंतव्य के आलोक में आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध निम्नलिखित शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित की जाती है :-
(i) बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(X), संशोधित नियमावली, 2007 के अधीन नियम-14(XI) के तहत ''सेवा से बर्खास्तगी जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी''।
(ii) निलम्बन अवधि के लिए मात्र जीवन यापन भत्ता ही देय होगा।
श्री बसंत प्रसाद साह, निलम्बित महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, समस्तीपुर के बर्खास्तगी प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेशः- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति श्री बसंत प्रसाद साह, निलम्बित महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, समस्तीपुर (मुख्यालय-निदेषक, तकनीकी विकास का कार्यालय, बिहार, पटना) एवं सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, प्रधान सचिव।
———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) %27&5%1+1*&ड(cid:17)*ट,*प(cid:17)*? Website: http://egazette.bih.nic.in