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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 09 September 2016

Published 09 September 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-09-09.734
Languages
English, Hindi

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18 भािभािभािभाि 1938 (शशशश0)

पटनापटनापटनापटना, शुबशुबशुबशुबवारवारवारवार, 9999 िसत!बर 2016

मु0अ0-4 (मु0) विविध (कार्य)-23-30/2016—1360

सं0 मु0अ0-4 (मु0) विविध (कार्य)-23- ग्रामीण कार्य विभागग्रामीण कार्य विभागग्रामीण कार्य विभागग्रामीण कार्य विभाग -------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 24 जून 201624 जून 201624 जून 201624 जून 2016 ग्रामीण कार्य विभाग के अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं की निरीक्षण एवं गुणवाा प्रबंधन प्रणाली हेतु त्रिस्तरीय विषयः-विषयः-विषयः-विषयः-ग्रामीण कार्य विभाग के अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं की निरीक्षण एवं गुणवाा प्रबंधन प्रणाली हेतु त्रिस्तरीय ग्रामीण कार्य विभाग के अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं की निरीक्षण एवं गुणवाा प्रबंधन प्रणाली हेतु त्रिस्तरीय ग्रामीण कार्य विभाग के अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं की निरीक्षण एवं गुणवाा प्रबंधन प्रणाली हेतु त्रिस्तरीय ग्रामीण कार्य विभाग के अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं की निरीक्षण एवं गुणवाा प्रबंधन प्रणाली हेतु त्रिस्तरीय ग्रामीण कार्य विभाग के अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं की निरीक्षण एवं गुणवाा प्रबंधन प्रणाली हेतु त्रिस्तरीय ग्रामीण कार्य विभाग के अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं की निरीक्षण एवं गुणवाा प्रबंधन प्रणाली हेतु त्रिस्तरीय ग्रामीण कार्य विभाग के अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं की निरीक्षण एवं गुणवाा प्रबंधन प्रणाली हेतु त्रिस्तरीय ग्रामीण कार्य विभाग के अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं की निरीक्षण एवं गुणवाा प्रबंधन प्रणाली हेतु त्रिस्तरीय ग्रामीण कार्य विभाग के अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं की निरीक्षण एवं गुणवाा प्रबंधन प्रणाली हेतु त्रिस्तरीय ग्रामीण कार्य विभाग के अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं की निरीक्षण एवं गुणवाा प्रबंधन प्रणाली हेतु त्रिस्तरीय ग्रामीण कार्य विभाग के अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं की निरीक्षण एवं गुणवाा प्रबंधन प्रणाली हेतु त्रिस्तरीय कोषांग का गठन।कोषांग का गठन।कोषांग का गठन।कोषांग का गठन। 1. ग्रामीण कार्य विभाग ने अद्यतन 122598 कि0मी0 की लम्बाई में 57637 कि0मी0 ग्रामीण सड़कों का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग ने अद्यतन 122598 कि0मी0 की लम्बाई में 57637 कि0मी0 ग्रामीण सड़कों का निर्माण पूर्ण किया है तथा 2921 कि0मी0 की लम्बाई में विभागीय अनुरक्षण नीति के आलोक में 616 पथों का अनुरक्षण सम्पन्न पूर्ण किया है तथा 2921 कि0मी0 की लम्बाई में विभागीय अनुरक्षण नीति के आलोक में 616 पथों का अनुरक्षण सम्पन्न पूर्ण किया है तथा 2921 कि0मी0 की लम्बाई में विभागीय अनुरक्षण नीति के आलोक में 616 पथों का अनुरक्षण सम्पन्न कराया है। वर्तमान में 13635 कि0मी0 की लम्बाई 5177 पथों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा मुख्यमंत्री ग्राम कराया है। वर्तमान में 13635 कि0मी0 की लम्बाई 5177 पथों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा मुख्यमंत्री ग्राम कराया है। वर्तमान में 13635 कि0मी0 की लम्बाई 5177 पथों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना सहित अन्य राज्य योजनाओं के तहत 5730 कि0मी0 की लम्बाई में 3682 पथों का निर्माण कार्य प्रगति र् योजना सहित अन्य राज्य योजनाओं के तहत 5730 कि0मी0 की लम्बाई में 3682 पथों का निर्माण कार्य प्रगति र् योजना सहित अन्य राज्य योजनाओं के तहत 5730 कि0मी0 की लम्बाई में 3682 पथों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। राज्य सरकार के निष्चय के अनुरूप करीब 35000 चिह्नित बसावटों को एकल सम्पर्कता प्रदान करने के लिए पर है। राज्य सरकार के निष्चय के अनुरूप करीब 35000 चिह्नित बसावटों को एकल सम्पर्कता प्रदान करने के लिए पर है। राज्य सरकार के निष्चय के अनुरूप करीब 35000 चिह्नित बसावटों को एकल सम्पर्कता प्रदान करने के लिए 581 कि0मी0 तथा मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना के तहत अगले पॉच वर्षों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 5581 कि0मी0 तथा मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना के तहत अगले पॉच वर्षों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 5 28905 कि0मी0 की लम्बाई में पथों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त उपग्रह चित्रों के आधार पर 28905 कि0मी0 की लम्बाई में पथों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त उपग्रह चित्रों के आधार पर 28905 कि0मी0 की लम्बाई में पथों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त उपग्रह चित्रों के आधार पर वैसे बसावटों को सर्वेक्षित किया गया है, जो केन्द्रीय कोर नेटवर्क या राज्य कोर नेटवर्क में चिह्नित नहीं हो सके हैं। वैसे बसावटों को सर्वेक्षित किया गया है, जो केन्द्रीय कोर नेटवर्क या राज्य कोर नेटवर्क में चिह्नित नहीं वैसे बसावटों को सर्वेक्षित किया गया है, जो केन्द्रीय कोर नेटवर्क या राज्य कोर नेटवर्क में चिह्नित नहीं े के लिए ग्रामीण टोला सम्पर्क निश्चय योजना सर्वेक्षण के बाद इन अचिह्नित बसावटों को एकल सम्पर्कता प्रदान करन सर्वेक्षण के बाद इन अचिह्नित बसावटों को एकल सम्पर्कता प्रदान करने के लिए ग्रामीण टोला सम्पर्क निश् के तहत पथों का निर्माण भी प्रस्तावित है। के तहत पथों का निर्माण भी प्रस्तावित है।

तथा तृतीय स्तर पर भारत सरकार के राष्ट्रीय गुणवाा मॉनिटर (NQM)

इस प्रकार पूर्ण किये गये, निर्माणाधीन तथा प्रस्तावित पथों एवं पुलों की गुणवाा का प्रबंधन एक गम्भीर इस प्रकार पूर्ण किये गये, निर्माणाधीन तथा प्रस्तावित पथों एवं पुलों की गुणवाा का प्रबंधन एक 2. इस प्रकार पूर्ण किये गये, निर्माणाधीन तथा प्रस्तावित पथों एवं पुलों की गुणवाा का प्रबंधन एक चुनौती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तह्‌त निर्माण कार्य की गुणवाा तथा निर्माण के पश्चात अनुरक्षण अवधि चुनौती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तह्‌त निर्माण कार्य की गुणवाा तथा निर्माण के पश्चात अनुरक्षण अवधि चुनौती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तह्‌त निर्माण कार्य की गुणवाा तथा निर्माण के पश्चात अनुरक्षण अवधि तक गुणवाा के जॉच के लिए त्रिस्तरीय निरीक्षण प्रणाली लागू है, जिसके तहत निर्माण के क्रम में प्रत्येक पथ का कम तक गुणवाा के जॉच के लिए त्रिस्तरीय निरीक्षण प्रणाली लागू है, जिसके तहत निर्माण के क्रम में प्रत्येक पथ का कम तक गुणवाा के जॉच के लिए त्रिस्तरीय निरीक्षण प्रणाली लागू है, जिसके तहत निर्माण के क्रम में प्रत्येक पथ का कम से कम दो बार तथा निर्माण के पश्च ात्‌ अनुरक्षण अवधि में कम से कम एक बार पथों का निरीक्षण किया जाता है। से कम दो बार तथा निर्माण के पश्चात्‌ अनुरक्षण अवधि में कम से कम एक बार पथों का निरीक्षण किया जाता है। निरीक्षण के प्रथम स्तर पर अधीक्षण अभियंता तक के विभागीय अभियंता सम्मिलित है, जबकि द्वितीय स्तर पर राज्य निरीक्षण के प्रथम स्तर पर अधीक्षण अभियंता तक के विभागीय अभियंता सम्मिलित है, जबकि द्वितीय स्तर पर राज्य निरीक्षण के प्रथम स्तर पर अधीक्षण अभियंता तक के विभागीय अभियंता सम्मिलित है, जबकि द्वितीय स्तर पर राज्य गुणवाा मॉनिटर (SQM) तथा तृतीय स्तर पर भारत सरकार के राष्ट्रीय गुणवाा मॉनिटर NQM) शामिल है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पथों के लिए निरीक्षण मापदंड औपचारिक रूप से निर्धारित है तथा निरीक्षण के प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पथों के लिए निरीक्षण मापदंड औपचारिक रूप से निर्धारित है तथा निरीक्षण के प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पथों के लिए निरीक्षण मापदंड औपचारिक रूप से निर्धारित है तथा निरीक्षण के पश्चात्‌ निर्माण कार्य के सुधार तथा गुणवाा प्रबंधन के लिए Action Taken Report (ATR) की व्यवस्था लागू है। पश्चात्‌ निर्माण कार्य के सुधार तथा गुणवाा प्रबंधन के लिए Online platform, जिसका नाम OMMAS है, पर आधारित है किन्तु राज्य यह पूरी व्यवस्था भारत सरकार के Online platform, है, पर आधारित है किन्तु राज्य सरकार के योजनाओं के निरीक्षण तथा गुणवाा प्रबंधन के लिए कोई विशिष्ट प्रणाली या तंत्र अभी तक लागू नहीं की ाष्ट प्रणाली या तंत्र अभी तक लागू नहीं की सरकार के योजनाओं के निरीक्षण तथा गु के द्वारा Management जा सकी है। हालांकि योजनाओं की भौतिक एवं विाीय प्रगति के संबंध में विभाग के द्वारा जा सकी है। हालांकि योजनाओं की भौतिक एवं विाीय प्रगति के संबंध में विभाग 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 9 िसत!बर 2016 Information System (MIS) अधिष्ठापित किया गया है, तथापि निरीक्षण एवं गुणवाा प्रणाली मुख्यतः पारंपरिक तरीके से ही लागू है। र्वामान व्यवस्था में गुणवाा प्रबंधन से लेकर निरीक्षण की जिम्मेदारी अधीक्षण अभियंता तक के विभागीय अभियंताओं की है और निरीक्षण प्रतिवेदन के आधार पर अग्रेतर कार्रवाई की कोई ठोस प्रभावी व्यवस्था लागू नहीं है।

3. उपरोक्त परिस्थितियों में विभाग द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी के आधार पर गठित एक एकीकृत निरीक्षण तंत्र की सघन आवश्यकता महसूस की जाती रही है। विभाग की मूल चिंता यह है कि विभागीय योजनाओं की निरीक्षण प्रणाली केन्द्रीय योजनाओं के अनुरूप त्रिस्तरीय हो और इसके लिए विभाग के बाहर के स्वतंत्र अभियंताओं को भी निरीक्षण एवं गुणवाा प्रबंधन की जिम्मेदारी दी जाय। अतः प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अनुरूप ही विभाग की प्रस्तावित निरीक्षण एवं गुणवाा प्रबंधन प्रणाली में विभागीय अभियंताओं का प्रथम स्तर, ग्रेज्युएट स्वतंत्र अभियंताओं का द्वितीय स्तर तथा वरीय स्वतंत्र अभियंताओं का तृतीय स्तर प्रस्तावित है। इस प्रणाली की मुख्य विशेषताएॅ निम्नवत्‌ हैः- (i) विभाग में विभागीय सचिव/प्रधान सचिव की अध्यक्षता में एक गुणवाा प्रबंधन कोषांग गठित किया जाएगा, जिसमें मुख्य अभियंता- 4 के साथ-साथ अधीक्षण अभियंता, तीन कार्यपालक अभियंता तथा छः सहायक अभियंता प्रतिनियुक्त होंगे। इस कोषांग में एक गुणवाा विशेषज्ञ को भी अनुबंध पर लिया जाएगा।

(ii) इस कोषांग के नीचे विभागीय अभियंताओं का At PIU level प्रथम स्तर कार्यरत होगा, जो Standard Bidding Document (SBD) के प्रावधानों के अनुरूप संवेदक के द्वारा की जानेवाली जॉच को सुनिश्चित करायेंगे। इन जॉचों में से 50% जॉच कनीय अभियंता की उपस्थिति में, 20% जॉच सहायक अभियंता तथा 5% जाँच कार्यपालक अभियंता की उपस्थिति में सम्पन्न की जाएगी और जॉच परिणामों को विहित गुणवाा नियंत्रण पंजी 1 में अंकित किया जाएगा। ये जाँच इस प्रकार की जाएगी कि PWD Code के प्रावधानों का पूर्णतः अनुपालन हो। जाँचों की मासिक रिर्टन ऑनलाईन तरीके से समर्पित की जाएगी और प्रतिवेदनों के आधार पर अग्रेतर कार्रवाई विभागीय कोषांग द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।

(iii) जॉच का दूसरा स्तर सेवा प्रदाता एजेंसी के माध्यम से आउटसोर्सिंग के आधार पर कार्यरत स्वतंत्र ग्रेजुएट अभियंताओं का होगा और उन्हें इस प्रकार जॉच आवंटित की जाएगी कि प्रत्येक योजना का कम से कम दो बार जॉच संभव हो। इसके प्रतिवेदन भी ऑनलाईन समर्पित किये जायेंगे, जिनके साथ Geo-tagged तथा Time stamped Photograph भी होंगे। एक स्वतंत्र अभियंता के जिम्मे 2 PIU होंगे तथा इनके कामों का सतत्‌ अनुश्रवण विभागीय कोषांग द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा।

(iv) स्वतंत्र अभियंताओं के प्रतिवेदन की तकनीकी आवश्यकताएॅ पूर्व से निर्धारित रहेंगी, जिसमें डिजाईन से लेकर गुणवाा जॉच निर्माण कार्यक्रम, भौतिक प्रगति, क्रियान्वयन पद्धति तथा विभागीय अभियंताओं के निरीक्षण से संबंधित मुद्‌दे भी होंगे।

(v) निरीक्षण के तीसरे स्तर पर Principal Quality Monitor (PQM) होंगे, जो सामान्यतः राज्य/केन्द्रीय संगठनों के सेवानिवृत, वरीय अभियंता होंगे और इनकी जॉच की आवृति तथा निरीक्षण बिन्दु भी पूर्व निर्धारित होंगे।

(vi) निरीक्षण की पूरी प्रणाली क्रमबद्ध है और कोषांग द्वारा निरीक्षण के लिए योजनाओं की प्राथमिकता का निर्धारण किया जायेगा। प्रथम प्राथमिकता में वैसी योजनाएॅ होंगी, जिसमें मिट्टी का कार्य चल रहा हो ताकि इस स्तर पर तकनीकी हस्तक्षेप से अगले चरणों के कार्य में त्रुटियॉ न्यूनतम हों। दूसरी प्राथमिकता जारी योजनाओं की होंगी। तीसरी प्राथमिकता उन योजनाओं को दी जाएॅगी, जिनका पिछले तीन माह में निरीक्षण नहीं हुआ हो। चौथी प्राथमिकता में पूर्ण की गयी योजनाओं का निरीक्षण शामिल होगा तथा पाँचवी प्राथमिकता में परिवाद तथा निरीक्षण के क्रम में पायी गई त्रुटियों के आधार पर की जाने वाली कार्रवाई से संबंधित होंगी।

(vii) निरीक्षण की प्रस्तावित प्रणाली में परीक्षण करने, निरीक्षण को संगठित करने तथा किये जा रह कार्यों की ग्रेडिंग करने की पूरी प्रक्रिया निर्धारित है। निरीक्षण के बाद योजनाओं की Overall grading तीन श्रेणियों में की जाएॅगी, (क) असंतोषजनक (U) (ख) संतोषजनक किन्तु सुधार आवश्यक (SRI) तथा (ग) संतोषजनक (S)। असंतोषजनक (U) श्रेणी की योजनाओं के लिए प्रशासनिक तथा तकनीकी जिम्मेदारी तय करते हुए त्रुटियों को सुधार कराया जाएगा।

(viii) कोषांग के प्रत्येक सदस्य की भूमिका एवं जबावदेही पूर्व निर्धारित है। इस प्रकार स्वतंत्र अभियंताओं तथा PQM का योगदान पारिश्रमिक तथा कार्य पद्धति भी प्रस्तावित नीति में विहित की गई है। (ix) पूरी प्रणाली को कारगर बनाने के लिए एक विषेष web based monitoring system अधिष्ठापित की जाएगी जिसमें विषेष Applications के आधार पर mobile device से inputs डाले जा सकते हो तथा विभिन्न प्रकार के प्रतिवेदनों का सृजन कर विश्लेषण किया जा सकता हो। 3

(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 9 िसत!बर 2016

(x) पूरी निरीक्षण प्रणाली को अधिष्ठापित करने तथा Online Monitoring system का सृजन करने में एक मुश्त रू0 30.00 लाख (रू0 तीस लाख) एवं रू0 10,33,50,000.00 (दस करोड़ तैंतीस लाख पचास हजार) वार्षिक अनुमानित लागत आयेगी, जिसका वहन राज्य योजनाओं के प्रशासनिक मद से किया जायेगा। इस कार्य के लिए स्वतंत्र अभियंताओं तथा PQM को छोड़कर विभागीय संसाधनों का ही पूर्ण उपयोग किया जाएगा।

4. कंडिका-3 के प्रस्ताव एवं संलेख प्रारूप में माननीय विभागीय (ग्रामीण कार्य विभाग) मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।

5. प्रस्ताव पर विा विभाग, बिहार की सहमति प्राप्त है। 6. कंडिका-3 के प्रस्ताव तथा संलग्न गुणवाा अनुश्रवण दिशानिदेश पुस्तिका पर मंत्रिपरिषद्‌ की बैठक में दिनांक 16.06.2016 के मद संख्या-12 के रूप में स्वीकृत है।

आदेश से, विनय कुमार, सरकार के सचिव।

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अधी*क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:1)बहार, पपपपटना (cid:23)ारा ूकािशत एवं मु/ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 734-571+500-ड$0ट$0प ी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 09 September 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-09-09.734/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-09-09.734.