Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 16 September 2016

Published 16 September 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-09-16.745
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:18)या पी0ट%0-40 िनबंधन सं(cid:18)या (cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)बहारहारहारहार

हारहारहारहार गजटगजटगजटगजट गजटगजटगजटगजट

(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार

असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण अंकअंकअंकअंक

असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण

सरकारसरकारसरकारसरकार (cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत

ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत 25 भािभािभािभाि 1938 (शशशश0)

((((संसंसंसं0 पटनापटनापटनापटना 745) ) ) ) पटनापटनापटनापटना

पटनापटनापटनापटना, शुबशुबशुबशुबवारवारवारवार, 1 61 61 61 6 िसत"बर 2016

बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद -------------------------------- अधिसूचअधिसूचअधिसूचअधिसूचनानानाना

20 जनवरी 201620 जनवरी 201620 जनवरी 201620 जनवरी 2016 ग्राम-वासियों द्वारा एक न्यास समिति का गठन कर उसकी स्वीकृति के लिए दिनांक

सं0 3486—कटिहार जिला के बरारी थानान्तर्गत कालिकापुर ग्राम में अवस्थित भगवती मन्दिर (दुर्गा मन्दिर) कटिहार जिला के बरारी थानान्तर्गत कालिकापुर ग्राम में अवस्थित भगवती मन्दिर (दुर्गा मन्दिर) कटिहार जिला के बरारी थानान्तर्गत कालिकापुर ग्राम में अवस्थित भगवती मन्दिर (दुर्गा मन्दिर) पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-3711 है। इस मन्दिर का निर्माण स्व0 पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-3711 है। इस मन्दिर का निर्माण स्व0 डोमन मंडल ने 07 डी0 के भू-खण्ड पर, जो ''गैरमजरूआ आम सर्व साधारण'' के रूप में दर्ज था, किया था और डोमन मंडल ने 07 डी0 के भू-खण्ड पर, जो ''गैरमजरूआ आम सर्व साधारण'' के रूप में दर्ज था, किया था और डोमन मंडल ने 07 डी0 के भू-खण्ड पर, जो ''गैरमजरूआ आम सर्व साधारण'' के रूप में दर्ज था, किया था और 29 एकड़ जमीन भगवती जी को निबंधित दस्तावेज द्वारा समर्पित किया था, जो रिभिजनल सर्वे खतियान में 29 एकड़ जमीन भगवती जी को निबंधित दस्तावेज द्वारा समर्पित किया था, जो रिभिजनल सर्वे खतियान मे उन्होंने 7.29 एकड़ जमीन भगवती जी को निबंधित दस्तावेज द्वारा समर्पित किया था, जो रिभिजनल सर्वे खतियान मे ''भगवती जी सेवायत डोम मंडल, पिता-सरवन मंडल'' के नाम पर दर्ज है। ''भगवती जी सेवायत डोम मंडल, पिता-सरवन मंडल'' के नाम पर दर्ज है। श्री डोमन मंडल को पर्षदीय आदषों/निर्देषों का अनुपालन नहीं करने के कारण बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास श्री डोमन मंडल को पर्षदीय आदषों/निर्देषों का अनुपालन नहीं करने के कारण बिहार हिन्दू धामि श्री डोमन मंडल को पर्षदीय आदषों/निर्देषों का अनुपालन नहीं करने के कारण बिहार हिन्दू धामि 28 (2) (h) (iii) के अन्तर्गत पर्षदीय पत्रांक-763, दिनांक 13.08.1997 1997 द्वारा अपसारित अधिनियम, 1950 की धारा-28 (2) ( 33 में अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया। श्री डोमन मंडल ने उक्त ए अंचलाधिकारी, बरारी को धारा-33 में अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया। श्री डोमन मंडल ने उक्त करते हुए अंचलाधिकारी, बरारी को धारा- 1998 को खारिज हो गया। पर्षदीय आदेष के विरूद्ध विविध वाद सं0-19/1997 दायर किया जो दिनांक 18.02.1998 को खारिज हो गया। पर्षदीय आदेष के विरूद्ध विविध वाद स 0-226/1998 दायर किया जो दिनांक 10.05.2000 तत्पष्चात्‌ उन्होंने माननीय पटना उच्च न्यायालय तत्पष्चात्‌ उन्होंने माननीय पटना उच्च न्यायालय में विविध अपील सं0-226/1998 दायर किया जो दिनांक को खारिज हो गया। इसके बाद उन्होंने एल0 पी0 ए0 सं0-1231/2000 दायर किया लेकिन इसमें भी उन्हें कोई राहत को खारिज हो गया। इसके बाद उन्होंने एल0 पी0 ए0 सं0-1231/2000 दायर किया लेकिन इसमें भी उन्हें कोई राहत को खारिज हो गया। इसके बाद उन्होंने एल0 पी0 ए0 सं0-1231/2000 दायर किया लेकिन इसमें भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। पर्षद के अभिलेख से यह स्पष्ट है कि श्री डोमन मंडल ने अतीत में भगवती जी को समर्पित 7.29 ए0 जमीन पर्षद के अभिलेख से यह स्पष्ट है कि श्री डोमन मंडल ने अतीत में भगवती जी को सम पर्षद के अभिलेख से यह स्पष्ट है कि श्री डोमन मंडल ने अतीत में भगवती जी को सम में से 5.21 ए0 जमीन अपने पुत्रों विष्वनाथ मंडल, किसन मंडल एवं सुरेन्द्र मंडल के नाम बिक्रय पत्र बना दिया था 21 ए0 जमीन अपने पुत्रों विष्वनाथ मंडल, किसन मंडल एवं सुरेन्द्र मंडल के नाम बिक्रय पत्र बना दिया था 21 ए0 जमीन अपने पुत्रों विष्वनाथ मंडल, किसन मंडल एवं सुरेन्द्र मंडल के नाम बिक्रय पत्र बना दिया था किन्तु ग्रामीणों के भारी विरोध के कारण विष्वनाथ मंडल एवं किसन मंडल ने उक्त भूमि को पुनः रजिस्टर्ड डीड द्वारा किन्तु ग्रामीणों के भारी विरोध के कारण विष्वनाथ मंडल एवं किसन मंडल ने उक्त भूमि को पुनः रजिस्टर्ड डीड द्वारा किन्तु ग्रामीणों के भारी विरोध के कारण विष्वनाथ मंडल एवं किसन मंडल ने उक्त भूमि को पुनः रजिस्टर्ड डीड द्वारा । किन्तु श्री विष्वनाथ मंडल ने भगवती मन्दिर को निजी दावा करते हुए पुनः एक स्वत्व । किन्तु श्री विष्वनाथ मंडल ने भगवती मन्दिर को निजी दावा करते हुए पुनः एक स्वत्व भगवती जी को वापस कर दिया। किन्तु श्री विष्वनाथ मंडल ने भगवती मन्दिर को निजी दावा करते हुए पुनः एक स्वत्व वाद सं0-131/2006 दायर किया था, जो न्यायालय में लम्बित है। वाद सं0-131/2006 दायर किया था, जो न्यायालय में लम्बित है। 16.12.2008 को एक ग्राम-वासियों द्वारा एक न्यास समिति का गठ गया। श्री विष्वनाथ मंडल ने भी दिनांक 17.08.2011 को पर्षद में एक आवेदन दिया आवेदन पत्र पर्षद में प्रस्तुत किया गया। 2011 को पर्षद में एक आवेदन दिया जिसमें निवेदन किया कि यदि उन्हें सेवायत मान लिया जा तो वे टा0 सू0 नं0-131/2006 को वापस लेने को तैयार जिसमें निवेदन किया कि यदि उन्हें सेवायत मान लिया जा तो वे टा0 सू0 नं0-131/2006 को वापस लेने को तैयार जिसमें निवेदन किया कि यदि उन्हें सेवायत मान लिया जा तो वे टा0 सू0 नं0-131/2006 को वापस लेने को तैयार हैं। उपर्युक्त परिस्थितियों में पर्षद में दोनों पक्षों की सुनवाई की गई। स ुनवाई के दौरान श्री विष्वनाथ मंडल की उपर्युक्त परिस्थितियों में पर्षद में दोनों पक्षों की सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान श्री विष्वनाथ मंडल की ओर से निवेदन किया गया कि यदि किसी न्यास समिति का गठन होता है जिसमें उन्हें कोई सम्मानजनक पद मिलता ओर से निवेदन किया गया कि यदि किसी न्यास समिति का गठन होता है जिसमें उन्हें कोई सम्मानजनक पद मिलता ओर से निवेदन किया गया कि यदि किसी न्यास समिति का गठन होता है जिसमें उन्हें कोई सम्मानजनक पद मिलता है और विषेष अवसर पर पूजा-पाठ में भी सम्मान मिलता है तो वे अपना स्वत्व वाद वापस ले सकते हैं। दिनांक 09.12. है और विषेष अवसर पर पूजा-पाठ में भी सम्मान मिलता है तो वे अपना स्वत्व वाद वापस ले सकते हैं। है और विषेष अवसर पर पूजा-पाठ में भी सम्मान मिलता है तो वे अपना स्वत्व वाद वापस ले सकते हैं। 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 16 िसत"बर 2016 2013 की सुनवाई में भी यह आदेष दिया गया था कि श्री विष्वनाथ मंडल द्वारा जो जमीन न्यास को वापस की गई है, उस जमीन का दाखिल खारिज मन्दिर में पक्ष में करने के लिए अनापत्ति अंचलाधिकारी के यहाँ प्रस्तुत करते है और मन्दिर के नाम से दाखिल खारिज होता है तो वैसी स्थिति में मन्दिर की जो न्यास समिति बनेगी उसमें श्री विष्वनाथ मंडल को एक सम्मानजनक पद दिया जा सकता है और नवरात्र में उन्हें प्रथम पूजा का अधिकार दिया जा सकता है, किन्तु ऐसा करने के पूर्व उन्हें इसे निजी न्यास घोषित करने के लिए दायर स्वत्व वाद को वापस लेना होगा। इस बीच श्री विष्वनाथ मंडल ने माननीय उच्च न्यायालय में एक याचिका सी0 डब्लु0 जे0 सी0 सं0-7443/2015 दायर किया जिसमें दिनांक 10.12.2015 को दाखिल पूरक शपथ-पत्र की कंडिका 05 में निम्नलिखित बातें कही गयी है :-

"5. That thereafter the petitioner filed Title suit no. 131 of 2006 which is now pending in the court of Sub-Judge- 1st, Katihar for deciding on Private trust and the petitioner undertaken that he should withdraw the aforementioned Title suit No-131 of 2006 in terms of any positive order may be passed by the Bihar Religious Trust Board, Patna in the interest of aforementioned Mandir." उपर्युक्त परिस्थिति में श्री विष्वनाथ मंडल द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दिए गए पूरक शपथ-पत्र के आलोक में इस न्यास की सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सुचारू प्रबंधन के लिए ऐसे न्यास समिति का गठन किया जाना उचित होगा जिसमें उन्हें एक सम्मानजनक पद प्रदान किया जा सके।

अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार, जो धार्मिक न्यास की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए भगवती मन्दिर (दुर्गा मन्दिर), ग्राम-कालिकापुर, अंचल-बरारी, जिला-कटिहार के सुचारू प्रबंधन एवं सर्वागीण विकास के लिए नीचे लिखित योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है। योजनायोजनायोजनायोजना

1. अधिनियम की धारा-32 के अन्तर्गत भगवती मन्दिर (दुर्गा मन्दिर), ग्राम- कालिकापुर अंचल-बरारी जिला-कटिहार एवं इसमें निहित सम्पत्तियों के बेहतर प्रबंधन के लिए निरूपित योजना का नाम ''श्री भगवती मन्दिर (दुर्गा मन्दिर) न्यास योजना, कालिकापुर, जिला-कटिहार'' होगा और इसके ''श्री भगवती मन्दिर (दुर्गा मन्दिर) न्यास योजना, कालिकापुर, जिला-कटिहार'' न्यास योजना, कालिकापुर, जिला-कटिहार'' न्यास योजना, कालिकापुर, जिला-कटिहार'' ''श्री भगवती मन्दिर (दुर्गा मन्दिर) ''श्री भगवती मन्दिर (दुर्गा मन्दिर) कार्यान्वयन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''''''''श्री भगवती मन्दिर (दुर्गा मन्दिर) श्री भगवती मन्दिर (दुर्गा मन्दिर) श्री भगवती मन्दिर (दुर्गा मन्दिर) श्री भगवती मन्दिर (दुर्गा मन्दिर) न्यास समिति, न्यास समिति, न्यास समिति, न्यास समिति, कालिकापुर, कटिहार''कालिकापुर, कटिहार''कालिकापुर, कटिहार''कालिकापुर, कटिहार'' होगा जिसे न्यास की समग्र चल- अचल संपत्तियों के संधारण, संरक्षण एवं संचालन का अधिकार होगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी तथा इसके सर्वांगीण विकास केे लिए कृत-संकल्प रहेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकालकर खर्च किया जायेगा।

4. न्यास के खाते का संचालन अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष में से किन्हीं दो के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।

5. मंदिर परिसर में भेंटपात्र रखे जायेंगे जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होने वाली राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मंदिर में आने वाले दर्षनार्थी, भक्तों का विषेष ख्याल रखा जायेगा ताकि उन्हें कोई असुविधा नहीं हों, विषेषकर नवरात्र आदि प्रमुख अवसरों पर महिला दर्षनार्थी के लिए विषेष व्यवस्था की जायेगी। 8. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा।

9. मंदिर के पुजारियों की अर्हता का निर्धारण न्यास समिति करेगी तथा उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

10. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत्त आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेगे अथवा आपराधिक पृष्ठभूमि के होगें तो उनके सदस्य बने रहने की अर्हता समाप्त हो जायेगी।

12. यदि कोई दो सदस्य एक ही परिवार के होंगे तो एक की सदस्यता समाप्त हो जायेगी। 3

(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 16 िसत"बर 2016

13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेगे। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं है और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन के लिए भेजेगी।

16. न्यास समिति सभी अतिक्रमित, अधिक्रमित एवं अन्य- संक्रमित, यदि कोई हो, भूमि को न्यास के नाम वापस कराने के लिए सभी वैधानिक कार्रवाई करेगी। साथ ही न्यास की समस्त भूमि का नामांतरण न्यास के नाम पर हो, यह सुनिष्चित करेगी।

यह न्यास समिति अधिनियम के प्रावधानों के तहत बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के तहत कार्यरत रहेगी और मंदिर के सर्वागीण विकास तथा भक्तों के हितों का सर्वोपरि कल्याण का कार्य करेगी। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- (1) श्री विष्वनाथ मंडल - अध्यक्ष (2) श्री जय प्रकाष निराला - सचिव (3) श्री अनिल चौधरी - कोषाध्यक्ष (4) श्री श्यामनन्दन जयसवाल - सदस्य (5) श्री दिनेष शर्मा - सदस्य (6) श्री अजय कुमार पोद्‌दार - सदस्य (7) श्री इन्द्रदेव मंडल - सदस्य

उपर्युक्त सभी ग्राम-कालिकापुर, पो0- जगदीषपुर, थाना-बरारी, जिला- कटिहार श्री विष्वनाथ मंडल दानदाता के पुत्र हैं, अतः इन्हें न्यास समिति के अध्यक्ष का सम्मानजनक पद दिया गया है तथा इन्हें नवरात्र में प्रथम पूजा का अधिकार होगा। न्यास समिति का कार्यकाल 05 वर्षो का होगा, किन्तु यह आदेष उस तिथि से प्रभावी होगा जिस दिन श्री विष्वनाथ मंडल स्वत्व वाद सं0-131/2006 को वापस ले लेंगे। भविष्य में न्यास समिति में समाज के सभी वर्गो का प्रतिनिधित्व देने के लिए इसका विस्तार किया जा सकता है।

आदेश से, किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल, अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।

————

अधी)क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पपपपटना (cid:23)ारा ूकािशत एवं मु.ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 745-571+10-ड%0ट%0प ी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 16 September 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-09-16.745/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-09-16.745.