(cid:1)बहार
हार गजट गजट
(cid:1)बहार सरकार
असाधारण अंक
असाधारण
सरकार (cid:23)वारा (cid:25)का(cid:26)शत
(cid:25)का(cid:26)शत 25 भा(cid:30) 1938 (श0)
(सं0 पटना 747) पटना
पटना, शु वार, 16 (cid:26)सत#बर 2016
बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद -------------------------------- अधिसूचअधिसूचअधिसूचअधिसूचनानानाना
23 दिसम्बर 201523 दिसम्बर 201523 दिसम्बर 201523 दिसम्बर 2015 सं0 3096—श्री हनुमान मंदिर, बोरिंंग रोड चौराहा, जिला- पटना पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक श्री हनुमान मंदिर, बोरिंंग रोड चौराहा, जिला- पटना पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक श्री हनुमान मंदिर, बोरिंंग रोड चौराहा, जिला- पटना श्री हनुमान मंदिर, बोरिंंग रोड चौराहा, जिला- पटना श्री हनुमान मंदिर, बोरिंंग रोड चौराहा, जिला- पटना श्री हनुमान मंदिर, बोरिंंग रोड चौराहा, जिला- पटना श्री हनुमान मंदिर, बोरिंंग रोड चौराहा, जिला- पटना श्री हनुमान मंदिर, बोरिंंग रोड चौराहा, जिला- पटना
धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-3994 है। धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-3994 है।
यु0जे0सी सं0-12070/2009 दाखिल किया। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक आय के दुरूपयोग के संबंध में प्राप्त आवेदन पत्र पर पर्षद द्वारा न्यास का स्थानीय निरीक्षण इस न्यास की आय के दुरूपयोग के संबंध में प्राप्त आवेदन पत्र पर पर्षद द्वारा न्यास का स्थानीय निरीक्षण आय के दुरूपयोग के संबंध में प्राप्त आवेदन पत्र पर पर्षद द्वारा न्यास का स्थानीय निरीक्षण कराया गया। जांचकर्त्ता द्वारा न्यास के कुप्रबंधन तथा आय के दुरूपयोग की पुष्टि की गई। साथ ही श्री नवल किषोर कराया गया। जांचकर्त्ता द्वारा न्यास के कुप्रबंधन तथा आय के दुरूपयोग की पुष्टि की गई। साथ ही श्री नवल किषोर कराया गया। जांचकर्त्ता द्वारा न्यास के कुप्रबंधन तथा आय के दुरूपयोग की पुष्टि की गई। साथ ही श्री नवल किषोर ा को नोटिस दी गई, कि क्यों नहीं इस मंदिर पाण्डेय से प्राप्त आवेदन पत्र पर डॉ0 गौरी शंकर लाल को कारण-पृच्छा को नोटिस दी गई, कि क्यों नहीं इस मंदिर पाण्डेय से प्राप्त आवेदन पत्र पर डॉ0 गौरी शंकर लाल को कारण-पृच्छ को एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास घोषित किया जाय। इसके विरोध में डॉ0 गौरी शंकर लाल ने माननीय पटना उच्च को एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास घोषित किया जाय। इसके विरोध में डॉ0 गौरी शंकर लाल ने माननीय पटना उच्च को एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास घोषित किया जाय। इसके विरोध में डॉ0 गौरी शंकर लाल ने माननीय पटना उच्च माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक न्यायालय में सी0डब्ल्यु0जे0सी सं0- 14/12/2009 को इसका निष्पादन करते हुए पर्षद को निर्देष दिया गया कि संबंधित पक्षों को नोटिस देकर उन्हें नष्पादन करते हुए पर्षद को निर्देष दिया गया कि संबंधित पक्षों को नोटिस देकर उन्हें नष्पादन करते हुए पर्षद को निर्देष दिया गया कि संबंधित पक्षों को नोटिस देकर उन्हें साक्ष्य एवं कागजात प्रस्तुत करने का पूरा मौका दिया जाय और तत्पष्चात् पर्षद इस पर विधि अनुकूल निर्णय ले। साक्ष्य एवं कागजात प्रस्तुत करने का पूरा मौका दिया जाय और तत्पष्चात् पर्षद इस पर विधि अनुकूल निर्णय ले। साक्ष्य एवं कागजात प्रस्तुत करने का पूरा मौका दिया जाय और तत्पष्चात् पर्षद इस पर विधि अनुकूल निर्णय ले।
तथा श्री नवल किषोर पाण्डेय मा0 उच्च न्यायालय के उपर्युक्त आदेष के आलोक में डॉ0 गौरी शंकर लाल तथा श्री नवल किषोर पाण्डेय मा0 उच्च न्यायालय के उपर्युक्त आदेष के आलोक में डॉ0 गौरी शंकर लाल को सुनवाई की नोटिस दी गई और पर्षद के खंड पीठ द्वारा विभिन्न तिथियों पर सुनवाई की गई। सुनवाई के पष्चात को सुनवाई की नोटिस दी गई और पर्षद के खंड पीठ द्वारा विभिन्न तिथियों पर सुनवाई की गई। सुनवाई के पष्चात को सुनवाई की नोटिस दी गई और पर्षद के खंड पीठ द्वारा विभिन्न तिथियों पर सुनवाई की गई। सुनवाई के पष्चात इस मामले का निष्पादन करते हुए दिनांक- 15/05/15 के आदेष में कहा गया कि पूर्व से ही यह एक सार्वजनिक इस मामले का निष्पादन करते हुए दिनांक- 15/05/15 के आदेष में कहा गया कि पूर्व से ही यह एक सार्वजनिक इस मामले का निष्पादन करते हुए दिनांक- 15/05/15 के आदेष में कहा गया कि पूर्व से ही यह एक सार्वजनिक सत हुआ था और मंदिर निर्माण के बाद भी सार्वजनिक पूजा-पाठ होता रहा एवं चढ़ावा चढ़ता सत हुआ था और मंदिर निर्माण के बाद भी सार्वजनिक पूजा-पाठ होता रहा एवं चढ़ावा चढ़ता न्यास के रूप में विकसित हुआ था और मंदिर निर्माण के बाद भी सार्वजनिक पूजा-पाठ होता रहा एवं चढ़ावा चढ़ता रहा था एवं इसका स्वरूप किसी भी कारण से बाद में बदल जाना संभव नहीं था, अतः यह मंदिर एक सार्वजनिक रहा था एवं इसका स्वरूप किसी भी कारण से बाद में बदल जाना संभव नहीं था, अतः यह मंदिर एक सार्वजनिक रहा था एवं इसका स्वरूप किसी भी कारण से बाद में बदल जाना संभव नहीं था, अतः यह मंदिर एक सार्वजनिक मंदिर था और है।
निर्णय को पर्षद की बैठक दिनांक 30/09/15 में सम्पुष्टि की गयी। 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 16 (cid:26)सत#बर 2016 अतः उपरोक्त तथ्यों के आलोक में इस न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास हेतु बिहार राज्य धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा- 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण आवष्यक प्रतीत होता है। अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा-32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री हनुमान मंदिर, बोरिंंग श्री हनुमान मंदिर, बोरिंंग श्री हनुमान मंदिर, बोरिंंग श्री हनुमान मंदिर, बोरिंंग रोड चौराहा, जिला- पटनारोड चौराहा, जिला- पटनारोड चौराहा, जिला- पटनारोड चौराहा, जिला- पटना'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है।
1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री हनुमान मंदिर न्यास योजना, श्री हनुमान मंदिर न्यास योजना, श्री हनुमान मंदिर न्यास योजना, श्री हनुमान मंदिर न्यास योजना, बोरिंंग रोड चौराहा, जिला- पटना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री हनुमान मंदिर न्यास समिति, श्री हनुमान मंदिर न्यास समिति, श्री हनुमान मंदिर न्यास समिति, श्री हनुमान मंदिर न्यास समिति, बोरिंंग रोड चौराहा, जिला- पटना'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ, राग-भोग परम्परा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।
6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
9. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे, तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
10. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः-
(1) श्री मदन मोहन कुमार सिंह (पी0एच0ई0डी0, अभियन्ता) - अध्यक्ष 153, जय श्री उत्तरी आनन्दपुरी, बोरिंग केनाल रोड, पटना (2) डॉ0 राकेष राजहंस - सचिव एम 3/38 श्री कृष्णापुरी, बोरिंग रोड, पटना (3) श्री कौषल कुमार सिंह - कोषाध्यक्ष पूर्व बैंक प्रबंधक, पंजाब नेषनल बैंक, बी0/83, बिरला कॉलोनी,
फुलवारीषरीफ, पटना
(4) श्री नवल किषोर पाण्डेय - सदस्य बुद्धा कॉलोनी, मित्र मंडल कॉम्पाण्ड, बोरिंग रोड, गोपाल कृष्ण बसेरा, पटना (5) श्री शषांक कुमार झा - सदस्य बी0/103 बुद्धा कॉलोनी, प्रथमतल, बोरिंग केनाल रोड, पटना (6) श्री प्रेम प्रकाष - सदस्य सरोजनी हाउस, पष्चिमी बोरिंग केनाल रोड, पटना (7) डॉ0 प्रमोद कुमार - सदस्य बी/32, श्री राम कुंज, मित्रमंडल कंपाउण्ड, पूर्वी बोरिंग केनाल रोड, पटना.
11. इस न्यास समिति का कार्यकाल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से अगले 05 वर्षाें की होगी, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर इसकी निरन्तरता कायम रहेगी।
विश्वासभाजन, किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल, अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।