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(सं0 पटना 749) पटना
पटना, शु वार, 16 (cid:26)सत#बर 2016
बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद -------------------------------- अधिसूचअधिसूचअधिसूचअधिसूचनानानाना
30303030 दिसम्बर 2015दिसम्बर 2015दिसम्बर 2015दिसम्बर 2015 सं0 3131—श्री कौषल किषोर जानकी मंदिर, फतेहगंज, जिला- गया पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक श्री कौषल किषोर जानकी मंदिर, फतेहगंज, जिला- गया पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक श्री कौषल किषोर जानकी मंदिर, फतेहगंज, जिला- गया श्री कौषल किषोर जानकी मंदिर, फतेहगंज, जिला- गया श्री कौषल किषोर जानकी मंदिर, फतेहगंज, जिला- गया श्री कौषल किषोर जानकी मंदिर, फतेहगंज, जिला- गया श्री कौषल किषोर जानकी मंदिर, फतेहगंज, जिला- गया श्री कौषल किषोर जानकी मंदिर, फतेहगंज, जिला- गया
सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 4320 है। सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 4320 है।
पर्षद कार्यालय को श्री द्वारिका दास चेला 100
कार्यालय को श्री द्वारिका दास चेला 1008 स्व0 राम किषोर दास, मोहल्ला-फतेहगंज श्री कौ
फतेहगंज श्री कौषल किषोर 04/12/2012 द्वारा सूचित किया कि इस गया कोतवाली, जिला- गया ने अपने आवेदन दिनांक 04/12/2012 द्वारा सूचित किया कि इस जानकी मंदिर, थाना-गया कोतवाली, हें मंदिर से बाहर निकाल दिये हैं। अपनी आयु मंदिर में वे विगत 25 वर्षों से पूजा-पाठ कर रहे हैं एवं कुछ लोग उन्हें मंदिर से बाहर निकाल दिये हैं। अपनी आयु मंदिर में वे विगत 25 वर्षों से पूजा-पाठ कर रहे हैं एवं कुछ लोग उन् रा अंचलाधिकारी, गया इन्होंने 70 वर्ष बताई है। उनके आवेदन पर पर्षदीय पत्रांक- 1665, दिनांक 17/12/2012 द्वारा अंचलाधिकारी, गया इन्होंने 70 वर्ष बताई है। उनके आवेदन सदर, जिला-गया को इस संबंध में छानबीन कर मंदिर की वर्त्तमान स्थिति, प्रबंधन के संबंध में प्रतिवेदन देने का गया को इस संबंध में छानबीन कर मंदिर की वर्त्तमान स्थिति, प्रबंधन के संबंध में प्रतिवेदन देने का गया को इस संबंध में छानबीन कर मंदिर की वर्त्तमान स्थिति, प्रबंधन के संबंध में प्रतिवेदन देने का 22/06/2015 जांच प्रतिवेदन प्रेषित ुरोध किया गया। अचंलाधिकारी, नगर गया ने अपने पत्रांक-1647, दिनांक 22/06/2015 जांच प्रतिवेदन प्रेषित अनुरोध किया गया। अचंलाधिकारी, नगर किया, जिसमें लिखा गया कि श्री प्रभु दास गुरू 108 श्री संत दास ने मंदिर के बहुत से सामानों एवं मंदिर की जमीन किया, जिसमें लिखा गया कि श्री प्रभु दास गुरू 108 श्री संत दास ने मंदिर के बहुत से सामानों एवं मंदिर की जमीन किया, जिसमें लिखा गया कि श्री प्रभु दास गुरू 108 श्री संत दास ने मंदिर के बहुत से सामानों एवं मंदिर की जमीन को बेचकर, यहां से भागकर हाथरस ठाकुरबाड़ी, पो0- म थुरा, उत्तरप्रदेष चले गये। प्रतिवेदन में यह भी लिखा गया कि को बेचकर, यहां से भागकर हाथरस ठाकुरबाड़ी, पो0- मथुरा, उत्तरप्रदेष चले गये। प्रतिवेदन में यह भी लिखा गया कि द्वारिका दास ने 20-25 वर्षों से जीर्ण-षीर्ण मंदिर को का पुर्ननिर्माण मंदिर की भूमि को बेचकर, दो लाख रूपये में द्वारिका दास ने 20-25 वर्षों से जीर्ण-षीर्ण मंदिर को का पुर्ननिर्माण मंदिर की भूमि को बेचकर, दो लाख रूपये में द्वारिका दास ने 20-25 वर्षों से जीर्ण-षीर्ण मंदिर को का पुर्ननिर्माण मंदिर की भूमि को बेचकर, दो लाख रूपये में या। पर्षदीय पत्रांक-1001, दिनांक किया। प्रतिवेदन के साथ मंदिर की भूमि का विवरण भी संलग्न किया गया। पर्षदीय पत्रांक- किया। प्रतिवेदन के साथ मंदिर की भूमि का विवरण भी संलग्न किया ग 29/08/2013 के माध्यम से न्यास की प्रकृति एवं खतियान की प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध अंचल पदाधिकारी से 29/08/2013 के माध्यम से न्यास की प्रकृति एवं खतियान की प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध अंचल पदाधिकारी से 29/08/2013 के माध्यम से न्यास की प्रकृति एवं खतियान की प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध अंचल पदाधिकारी से किया गया। अंचलाधिकारी ने अपने पत्रांक-802, दिनांक 02/04/2014 द्वारा प्रतिवेदन समर्पित करने हुए खतियान की कारी ने अपने पत्रांक-802, दिनांक 02/04/2014 द्वारा प्रतिवेदन समर्पित करने हुए खतियान की छायाप्रति भी संलग्न की। साथ ही पूजारी श्री द्वारिका दास ने भी खतियान की छायाप्रति एवं जमीन से संबंधित अन्य छायाप्रति भी संलग्न की। साथ ही पूजारी श्री द्वारिका दास ने भी खतियान की छायाप्रति एवं जमीन से संबंधित अन्य छायाप्रति भी संलग्न की। साथ ही पूजारी श्री द्वारिका दास ने भी खतियान की छायाप्रति एवं जमीन से संबंधित अन्य दस्तावेज पर्षद कार्यालय में समर्पित किया। इसके उपरांत इस न्यास का निबंधन पर्षद के अन्तर्गत किया गया एवं दस्तावेज पर्षद कार्यालय में समर्पित किया। इसके उपरांत इस न्यास का निबंधन पर्षद के अन्तर्गत किया गया एवं दस्तावेज पर्षद कार्यालय में समर्पित किया। इसके उपरांत इस न्यास का निबंधन पर्षद के अन्तर्गत किया गया एवं 17/07/2014 द्वारा न्यास समिति के गठन हेतु अंचलाधिकारी, नगर गया से ग्यारह 17/07/2014 द्वारा न्यास समिति के गठन हेतु अंचलाधिकारी, नगर गया से ग्यारह पर्षदीय पत्रांक-482, दिनांक 17/07/2014 द्वारा न्यास समिति के गठन हेतु अंचलाधिकारी, नगर गया से ग्यारह पुनः पर्षदीय पत्रांक-912, दिनांक व्यक्तियों के नाम की सूची मंतव्य के साथ प्रेषित करने का अनुरोध किया गया। व्यक्तियों के नाम की सूची मंतव्य के साथ प्रेषित करने का अनुरोध किया गया। पुनः पर्षदीय पत्रांक-912, दिनांक ात किया गया, जिसके अनुपालन में अंचलाधिकारी, 18/06/2015 द्वारा अंचलाधिकारी, नगर गया को स्मार-पत्र प्रेष्ि 18/06/2015 द्वारा अंचलाधिकारी, नगर गया को स्मार-पत्र प्रेषित किया गया, जिसके अनुपालन में अंचला नगर गया ने अपने पत्रांक-1584, दिनांक 09/09/15 द्वारा न्यास समिति के गठन हेतु नाम प्रेषित की। नगर गया ने अपने पत्रांक-1584, दिनांक 09/09/15 द्वारा न्यास समिति के गठन हेतु नाम प्रेषित की। 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 16 (cid:26)सत#बर 2016 मंदिर, फतेहगंज, जिला- गयामंदिर, फतेहगंज, जिला- गयामंदिर, फतेहगंज, जिला- गयामंदिर, फतेहगंज, जिला- गया'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है। 1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री कौषल किषश्री कौषल किषश्री कौषल किषश्री कौषल किषोर जानकी मंदिर न्यास ोर जानकी मंदिर न्यास ोर जानकी मंदिर न्यास ोर जानकी मंदिर न्यास योजना, योजना, योजना, योजना, फतेहगंज, जिला-गया'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री श्री श्री श्री कौषल किषोर जानकी मंदिर न्यास समिति, कौषल किषोर जानकी मंदिर न्यास समिति, कौषल किषोर जानकी मंदिर न्यास समिति, कौषल किषोर जानकी मंदिर न्यास समिति, फतेहगंज, जिला-गया'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।
6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः-
(1) अंचलाधिकारी, नगर, गया - पदेन अध्यक्ष (2) श्री द्वारिका दास चेला- स्व0 श्री 1008 राम किषोर दास - कार्यकारी अध्यक्ष (3) श्री सियाराम दास चेला- स्व0 श्री 1008 जय राम दास - सचिव (4) श्री कान्त प्रसाद पिता- स्व0 वालेष्वर राम, फतेहगंज - कोषाध्यक्ष (5) श्री प्रमोद कुमार नवदिता पिता- स्व0 जगदिष प्र0, फतेहगंज - सदस्य (6) श्री निकु कुमार पिता- श्री विमल प्रसाद, फतेहगंज - '' (7) श्री शंभु यादव पिता- स्व0 केषर यादव, फतेहगंज - '' (8) श्री अजय प्रसाद पिता- स्व0 मुरारी सेठ, रमना रोड, गया - '' (9) श्री विनोद कुमार वर्णवाल पिता- स्व0 ललन प्र0 वर्णवाल - '' (10) श्री गोपाल प्रसाद पिता- स्व0 प्रमेष्वर प्र0, फतेहगंज - '' (11) श्री रिंकु कुमार पिता- अषोक कुमार, फतेहगंज - ''
12. इस न्यास समिति का कार्यकाल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से अगले 05 वर्ष तक लागू रहेगी, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर आगे बढ़ाने पर विचार किया जा सकेगा एवं कार्य असंतोषप्रद पाये जाने पर न्यास समिति भंग की जा सकती है।
विश्वासभाजन, किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल, अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।
———— अधी*क, स+चवालय मु(cid:30)णालय, (cid:1)बहार, पपपपटना (cid:23)वारा (cid:25)का(cid:26)शत एवं मु0(cid:30)त। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 749-571+10-डी0ट&0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in