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पटन(cid:4)(cid:28) बुधवार(cid:28) 5 अ(cid:22)तूबर 2(cid:15)1(cid:21)
गन्ना उद्योग विभागगन्ना उद्योग विभागगन्ना उद्योग विभागगन्ना उद्योग विभाग
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आदेशआदेशआदेशआदेश
30 flrEcj 2016
सं॰ वि॰ऊ॰-02-06/2010-2005
वि॰ऊ॰-02-06/2010-2005—बिहार ईख (आर्पूाि एवं खरीद का विनियमन) अधिनियम-1981 की बिहार ईख (आर्पूाि एवं खरीद का विनियमन) अधिनियम-1981 की धारा-31(1) द्वारा प्रदत्त शक्ति के आलोक में पष्चिम चम्पारण जिला अन्तर्गत भितहाँ अंचल के ग्राम-के॰ मानपुर (395), धारा-31(1) द्वारा प्रदत्त शक्ति के आलोक में पष्चिम चम्पारण जिला अन्तर्गत भितहाँ अंचल के ग्राम- धारा-31(1) द्वारा प्रदत्त शक्ति के आलोक में पष्चिम चम्पारण जिला अन्तर्गत भितहाँ अंचल के ग्राम- कन्हैयापुर (406), प्रेमही (408) एवं के॰ बसौली (299) तथा म धुबनी अंचल अन्तर्गत ग्राम-कुड़िया (296), कोल्हुआ (297) कन्हैयापुर (406), प्रेमही (408) एवं के॰ बसौली (299) तथा मधुबनी अंचल अन्तर्गत ग्राम-कुड़िया (296), कोल्हुआ (297) एवं मठिया (298) कुल सात मुक्त ग्रामों के क्षेत्र आरक्षण के सन्दर्भ में मेसर्स तिरूपति सुगर्स लि॰, बगहा, मेसर्स एवं मठिया (298) कुल सात मुक्त ग्रामों के क्षेत्र आरक्षण के सन्दर्भ में मेसर्स तिरूपति सुगर्स लि॰, बगहा, मेसर्स एवं मठिया (298) कुल सात मुक्त ग्रामों के क्षेत्र आरक्षण के सन्दर्भ में मेसर्स तिरूपति सुगर्स लि॰, बगहा, मेसर्स हरिनगर सुगर मिल्स एवं मेसर्स एच॰पी॰सी॰एल॰ बायॉफ्यूल्स इकाई लौरिया से प्राप्त प्रस्ताव पर इन सभी चीनी मिलों के हरिनगर सुगर मिल्स एवं मेसर्स एच॰पी॰सी॰एल॰ बायॉफ्यूल्स इकाई लौरिया से प्राप्त प्रस्ताव पर इन सभी चीनी ि हरिनगर सुगर मिल्स एवं मेसर्स एच॰पी॰सी॰एल॰ बायॉफ्यूल्स इकाई लौरिया से प्राप्त प्रस्ताव पर इन सभी चीनी ि य पदाधिकारियों के समक्ष दिनांक 27.09.2016 को प्रतिनिधियों, संबंधित क्षेत्र के क्षेत्रीय पदाधिकारियों एवं विभागीय पदाधिकारियों के समक्ष दिनांक प्रतिनिधियों, संबंधित क्षेत्र के क्षेत्रीय पदाधिकारियों एवं विभागी अधोहस्ताक्षरी द्वारा सुनवाई की गई।
पुराने अभिलेखों को देखा। ईखायुक्त के आदेष ज्ञापांक-2154 दिनांक 24.09.2014 के माध्यम से पारित आ पुराने अभिलेखों को देखा। ईखायु
2014 के माध्यम से पारित आदेष NCR के अनुरूप गन्ने की अनुपलब्धता को ध्यान में रखते हुए आदेष ज्ञापांक-37 के द्वारा बगहा चीनी मिल को NCR ाते हुए आदेष ज्ञापांक-37 दिनांक 04.01.2012 के माध्यम से हरिनगर चीनी मिल को पूर्व आरक्षित भितहाँ अंचल के ग्राम-के॰ मानपुर (395), 2012 के माध्यम से हरिनगर चीनी मिल को पूर्व आरक्षित भितहाँ अंचल के ग्राम-के॰ मानपुर (395), 2012 के माध्यम से हरिनगर चीनी मिल को पूर्व आरक्षित भितहाँ अंचल के ग्राम-के॰ मानपुर (395), कन्हैयापुर (406), प्रेमही (408) एवं के॰ बसौली (299) तथा मधुबनी अंचल अंतर्गत बगहा चीनी मिल को पूर्व आरक्षित कन्हैयापुर (406), प्रेमही (408) एवं के॰ बसौली (299) तथा मधुबनी अंचल अंतर्गत बगहा चीनी मिल को पूर्व आरक्षित ग्राम-कुड़िया (296), कोल्हुआ (297) एवं मठिया (298) कुल 7 ग्रामों को अनारक्षित रखते हुए मुक्त क्षेत्र (वफर जोन) ग्राम-कुड़िया (296), कोल्हुआ (297) एवं मठिया (298) कुल 7 ग्रामों को अनारक्षित रखते हुए मुक्त क्षेत्र (वफर जोन) ग्राम-कुड़िया (296), कोल्हुआ (297) एवं मठिया (298) कुल 7 ग्रामों को अनारक्षित रखते हुए मुक्त क्षेत्र (वफर जोन) घोषित किया गया है तथ उक्त क्षेत्र में बगहा एवं हरनिगर चीनी मिल को क्रय केन्द्र स्थापित कर गन्ना क्रय करने की घोषित किया गया है तथ उक्त क्षेत्र में बगहा एवं हरनिगर चीनी मिल को क्रय केन्द्र स्थापित कर गन्ना घोषित किया गया है तथ उक्त क्षेत्र में बगहा एवं हरनिगर चीनी मिल को क्रय केन्द्र स्थापित कर गन्ना अनुमति दी गई है।
सुनवाई के क्रम में उपर वर्णित ग्रामों को अपने पक्ष में आरक्षित करने के प्रस्ताव के संबंध में मेसर्स सुनवाई के क्रम में उपर वर्णित ग्रामों को अपने पक्ष में आरक्षित करने के प्रस्ताव के संबंध में मेसर्स सुनवाई के क्रम में उपर वर्णित ग्रामों को अपने पक्ष में आरक्षित करने के प्रस्ताव के संबंध में मेसर्स एच॰पी॰सी॰एल॰ बायॉफ्यूल्स इकाई लौरिया के प्रबंधक द्वारा बताया गया कि उनके छोटे से आरक्षित क्षेत्र में 60,023.23 एच॰पी॰सी॰एल॰ बायॉफ्यूल्स इकाई लौरिया के प्रबंधक द्वारा बताया गया कि उनके छोटे से आरक्षित क्षेत्र में 60,023 एच॰पी॰सी॰एल॰ बायॉफ्यूल्स इकाई लौरिया के प्रबंधक द्वारा बताया गया कि उनके छोटे से आरक्षित क्षेत्र में 60,023 है जिसमें 33,442.59 ए॰ अर्थात् 55.54% रकवें में गन्ने की खेती है। उन्हें स्थापना वर्ष से ए॰ में cultivable area है जिसमें 33,442 रकवें में गन्ने की खेती है। उन्हें स्थापना वर्ष से अबतक निर्धारित NCR के अनुरूप भी गन्ना नहीं मिल पाता है। उस आलोक में उनके आरक्षित क्षेत्र को विस्तारित किये के अनुरूप भी गन्ना नहीं मिल पाता है। उस आलोक में उनके आरक्षित क्षेत्र को विस्तारित किये के अनुरूप भी गन्ना नहीं मिल पाता है। उस आलोक में उनके आरक्षित क्षेत्र को विस्तारित किये जाने की नितान्त आवष्यकता है। प्रष्नगत् 7 ग्रामों की दूरी उनके चीनी मिल से 22 से 25 कि॰ मी॰ है अर्थात् सबसे जाने की नितान्त आवष्यकता है। प्रष्नगत् 7 ग्रामों की दूरी उनके चीनी मिल से 22 से 25 कि॰ मी॰ है अर्थात् सबसे जाने की नितान्त आवष्यकता है। प्रष्नगत् 7 ग्रामों की दूरी उनके चीनी मिल से 22 से 25 कि॰ मी॰ है अर्थात् सबसे आरम्भ करते हुए सबसे पहले सम्पूर्ण ईख नजदीक है। उनकी चीनी मिल द्वारा गत् वर्ष सबसे पहले ईख मूल्य भुगतान आरम्भ करते हुए सबसे पहले सम्पूर्ण ईख नजदीक है। उनकी चीनी मिल द्वारा गत् वर्ष सबसे पहले ईख मूल्य भुगतान मूल्य का भुगतान सुनिष्चित किया गया है। उन्होंने बताया कि उनके मिल के आरक्षित क्षेत्र से होकर ही इन ग्रामों का मूल्य का भुगतान सुनिष्चित किया गया है। उन्होंने बताया कि उनके मिल के आरक्षित क्षेत्र से होकर ही इन ग्रामों का मूल्य का भुगतान सुनिष्चित किया गया है। उन्होंने बताया कि उनके मिल के आरक्षित क्षेत्र से होकर ही इन ग्रामों का गन्ना दूर अवस्थित दूसरे मिलों में जाता है, जो आर्थिक दृष्टिकोण से उचित नहीं है। इन ग्रामों के नाम पर पड़ोस गन्ना दूर अवस्थित दूसरे मिलों में जाता है, जो आर्थिक दृष्टिकोण से उचित नहीं है। इन ग्रामों के नाम पर पड़ोस की गन्ना दूर अवस्थित दूसरे मिलों में जाता है, जो आर्थिक दृष्टिकोण से उचित नहीं है। इन ग्रामों के नाम पर पड़ोस चीनी मिलों द्वारा उनके आरक्षित क्षेत्र से अनाधिकृत एवं अवैध रूप से गन्ने की खरीद भी की जाती है जिस कारण चीनी मिलों द्वारा उनके आरक्षित क्षेत्र से अनाधिकृत एवं अवैध रूप से गन्ने की खरीद भी की जाती है जिस कारण चीनी मिलों द्वारा उनके आरक्षित क्षेत्र से अनाधिकृत एवं अवैध रूप से गन्ने की खरीद भी की जाती है जिस कारण2 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 5 अ(cid:22)तूबर 2016 उनके मिल के आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्रबन्धक द्वारा अपने दावे के support में नक्षा भी दिखाया गया तथा वर्णित तथ्यों के आलोक में उनके द्वारा सभी 7 ग्रामों को उनके पक्ष में आरक्षित करने हेतु अनुरोध किया गया।
प्रश्नगत् 7 ग्रामाेंं को अपने पक्ष में आरक्षित करने के संबंध में बैठक में उपस्थित तिरूपति सुगर्स मिल्स लि॰, बगहा के महाप्रबंधक, श्री एस॰ एन॰ पी॰ सिन्हा द्वारा बताया गया कि प्रस्तावित 7 ग्राम पेराई वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक के लिए ईखायुक्त के आदेष संख्या-1414 दिनांक 17.08.2010 के माध्यम से बगहा चीनी मिल को परम्परागत रूप में आरक्षित किया गया था। हरिनगर चीनी मिल द्वारा इन 7 ग्रामों के आरक्षण आदेष के विरूद्ध सचिव, गन्ना उद्योग विभाग के न्यायालय में अपील दायर की गई। सुनवाई के उपरान्त सचिव द्वारा वाद को ईखायुक्त, बिहार, पटना को सुनवाई हेतु रिमाण्ड किया गया। ईखायुक्त, बिहार, पटना द्वारा सुनवाई के उपरान्त इनमें से 4 ग्राम यथा के॰ मानपुर (थाना नं॰-395), कन्हैयापुर (थाना नं॰-406), प्रेमही (थाना नं॰-408) एवं के॰ वसौली (थाना नं॰-299) हरिनगर मिल को अपराम्परागत रूप से आरक्षित किया गया तथा शेष 3 ग्राम यथा कुड़िया (थाना नं॰-296), कोल्हुआ (थाना नं॰-297) एवं मठिया (थाना नं॰-298) बगहा चीनी मिल को पेराई वर्ष 2011-12 से 2013-14 के लिए अपराम्परागत रूप से आरक्षित किया गया। उपरोक्त आरक्षण आदेष समाप्ति के पश्चात् पुनः दिनांक-22.09.2014 को सम्पन्न जिला स्तरीय संयुक्त क्षेत्रीय विकास परिषद् द्वारा प्रस्तावित 7 ग्रामों को बगहा चीनी मिल के पक्ष में आरक्षित किये जाने की अनुषंसा की गयी परन्तु, आदेष ज्ञापांक-2154 दिनांक 24.09.2014 के माध्यम से निर्गत अपराम्परागत क्षेत्र आरक्षण आदेष में इन सातों ग्रामों को मुक्त कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि उनके प्रबंधन द्वारा वर्ष 2008-09 में बगहा मिल को लिया एवं उसके उपरान्त उसके पेराई क्षमता को 2500 TCD से 7500 TCD तक विस्तारित किया गया परन्तु अबतक पेराई हेतु उनकी चीनी मिल को NCR के अनुरूप गन्ना उपलब्ध नहीं हो पाया है। उनके मिल के लिए मात्र 295 ग्रामों का परम्परागत आरक्षित क्षेत्र है। उनके चीनी मिल को अपरम्परागत क्षेत्र का कोई भी ग्राम आरक्षित नहीं है। उन्होंने बताया कि पेराई सत्र 2015-16 में उनके मिल का NCR 98.26 लाख क्ंिवटल था। परन्तु, उनकी चीनी मिल मात्र 74.91 क्ंिवटल गन्ने की पेराई कर पायी। गन्ने के अभाव में उन्हें काफी दिनांेंं तक मिल को reduced crushing पर चलाना पड़ा। आगामी पेराई सत्र 2016-17 के लिए उनके मिल का NCR 96.61 लाख/क्ंिवटल निर्धारित किया गया है। उनके आरक्षित क्षेत्र में 56363.40 एकड़ में ईख का आच्छादन है जिससे पेराई हेतु अनुमानित 78 लाख क्ंिवटल गन्ना ही उपलब्ध हो पायेगा। गन्ने के अभाव में उनकी मिल अपने पेराई क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं कर पा रही है जिसका कुप्रभाव उनके मिल की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है। उन्होंने यह उल्लेख किया कि ZDC की पूर्व की अनुषंसा एवं अभी की अनुषंसा में एकरूपता नहीं है। उन्होंने बताया कि उनकी मिल दूसरे मिलों के क्षेत्रों से गन्ने का अवैध खरीद नहीं करती है। प्रष्नगत् सभी सात ग्राम उनके परम्परागत् आरक्षित क्षेत्र के निरंतरता में है तथा दूरी के दृृष्टिकोण से भी उनके मिल के सबसे समीप है। उन्होंनें बताया कि उक्त क्षेत्र में दो क्रय केन्द्र स्थापित कर वे गन्ने का क्रय भी करते है। अपने दावे के support में नक्षा दिखाते हुए उनके द्वारा प्रष्नगत् सभी सात ग्रामों को उनके पक्ष में आरक्षित करने हेतु अनुरोध किया गया। मेसर्स हरिनगर सुगर मिल्स के महाप्रबंधक (ईख) श्री जयन्ती लाल जैन द्वारा अपने मिल का पक्ष प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि उनके आरक्षित क्षेत्र में भी NCR के अनुरूप गन्ने की उपलब्धता नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके प्रबंधन द्वारा चीनी मिल की पेराई क्षमता 10,000 TCD से 12,500 TCD तक की जा रही है। पेराई वर्ष 2016-17 के लिए चीनी मिल की सामान्य ईख की आवष्यकता (NCR) 156 लाख क्ंिवटल है। प्रस्तावित 7 ग्रामों से गन्ना खरीद हेतु विभाग के आदेष से पथ क्रय केन्द्र स्थापित किया जाता है। प्रस्तावित 7 ग्रामों में सघन ईख विकास की योजनाएँ कार्यान्वित की गई है तथा इन ग्रामों के किसानों के बीच चीनी मिल द्वारा खाद, बीज एवं अन्य कीटनाषक दवायें के रूप में अग्रिम भी दिया जाता है। प्रबन्धक द्वार प्रासंगिक 7 ग्रामों के संबंध में ईखायुक्त, बिहार, पटना द्वारा पारित आदेष पत्रांक-37 दिनांक 04 जनवरी 2012 एवं माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा वाद संख्या-17148/2015 में पारित आदेष की प्रति उपलब्ध कराते हुए 7 ग्रामों को संयुक्त क्षेत्रीय विकास परिषद् द्वारा किये गये अनुषंसा अनुरूप आगामी पेराई सत्रों के लिए मुक्त रखने का अनुरोध किया गया।
मेसर्स हरिनगर एवं बगहा चीनी मिल के प्रस्ताव पर लौरिया चीनी मिल के प्रबंधक द्वारा विरोध किया गया। उन्होंने बताया कि उनके आरक्षित क्षेत्र से सटे ऐसे ग्रामों के आरक्षण/स्थित मुक्त क्षेत्र में क्रय केन्द्र स्थापित कर उसेे base बनाते हुए चीनी मिलें उनके आरक्षित क्षेत्र से गन्ने का अवैध खरीद करती है। ऐसे अवैध गन्ने के क्रय से क्षेत्र आरक्षण के औचित्य पर प्रष्न चिन्ह लगता है। उन्होंने बताया कि बिना अधियाचना पत्र निर्गत किये हीं चुटकूने पर हरिनगर चीनी मिल नियम एवं कानून का उल्लंघन करते हुए/गलत नाम पर अधियाचना पत्र निर्गत करते हुए गन्ने का अवैध क्रय करती है जो निर्धारित नियम एवं कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। उनके द्वारा लगाये गये इस आरोप के सन्दर्भ में मेसर्स हरिनगर चीनी मिल के विरूद्ध दो साक्ष्य भी प्रस्तुत की गयी तथा गलत कार्य को समाप्त करने हेतु अनुरोध करते हुए इन ग्रामों को उनके पक्ष में आरक्षित करने हेतु पुनः अनुरोध किया गया।
सुनवाई के क्रम मे प्रश्नगत् 7 ग्रामों के भौगोलिक स्थिति का नक्षे पर अवलोकन किया गया। विभिन्न चीनी मिलों से इस क्षेत्र की दूरी के सन्दर्भ में कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पष्चिम चम्पारण के माध्यम से प्राप्त कराये गये दूरी से संबंधित प्रतिवेदन का भी अवलोकन किया गया।3 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 5 अ(cid:22)तूबर 2016 इन ग्रामों के आरक्षण के संबंध में स्थानीय किसानों एवं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त अभ्यावेदनों का भी अध्ययन किया गया। कुछ किसानों/जनप्रतिनिधियों द्वारा बगहा मिल के पक्ष में, कुछ हरिनगर के पक्ष में एवं कुछ लौरिया के पक्ष में इन ग्रामों को आरक्षित करने हेतु अनुरोध किया गया है।
संयुक्त क्षेत्रीय विकास परिषद के मंतव्य का भी अवलोकन किया गया। संयुक्त क्षेत्रीय विकास परिषद द्वारा मुक्त क्षेत्र की यथा स्थिति को बनाये रखने हेतु अनुषंसा की गयी है।
ईख अधिनियम के प्रावधानों के अन्तर्गत विभिन्न मिलों को क्षेत्र आरक्षित किये जाने के बावजूद भी कुछ मिलों द्वारा दूसरे मिलों के आरक्षित क्षेत्र से गन्ने की अवैध खरीद किये जाने की लौरिया चीनी मिल द्वारा की गयी षिकायत गम्भीर एवं चिन्तनीय है। यदि किसी व्यक्ति के नाम से किसी मिल में ईख की मापी कराने का प्रावधान नहीं है तो वैसे व्यक्ति का गन्ना दूसरी मिल कैसे खरीद करती है? यह विभाग द्वारा निर्गत सर्वेक्षण नीति, सट्टा एवं आपूर्ति की नीति, समय-समय पर दिये गये विभागीय अनुदेषों, नियम-कानून तथा अधिनियम के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। संबंधित ईख पदाधिकारी इसकी गहन जाँच कर एक प्रतिवेदन विभाग को शीघ्र उपलब्ध करायेंगे। हरिनगर चीनी मिल द्वारा गन्ने के अवैध खरीद के संबंध में लौरिया चीनी मिल द्वारा जो साक्ष्य उपलब्ध कराये गये हैं उसे स्थानीय ईख पदाधिकारी को उपलब्ध कराया जाय। उनके द्वारा इसकी गहन जाँच की जाय तथा अभियोग सही पाये जाने की स्थिति में आवष्यक वैधिक कार्रवाई करते हुए कृत कार्रवाई से विभाग को अवगत कराया जाय। यदि आगामी पेराई सत्र में भी इस प्रकार के घटनाओं की पुनरावृति होती है तो अगले साल (2017-18) में प्रष्नगत् क्षेत्रों के आरक्षण पर पुनः विचार कर यथोचित निर्णय लिया जायेगा।
सुनवाई के क्रम में उपलब्ध कराये गये तथ्यों एवं साक्ष्यों के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि आगामी पेराई सत्र 2016-17 में तीनों चीनी मिलों को निर्धारित NCR के अनुरूप गन्ने की उपलब्धता नहीं है। संयुक्त क्षेत्रीय विकास परिषद द्वारा भी यथास्थिति बनाये रखने की अनुषंसा की गयी है। उपरोक्त आलोक में आदेष दिया जाता है कि पूर्व में निर्गत आदेष संख्या-2154 दिनांक 24.09.2014 के अनुरूप प्रष्नगत् 7 ग्राम आगामी पेराई सत्र 2016-17 के लिए भी मुक्त रहेंगे। उसके आगे के पेराई सत्र 2017-18 में इन ग्रामों के आरक्षण के संबंध में उस समय की स्थिति का आकलन करते हुए समुचित निर्णय लिया जा सकेगा।
आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से, गिरिजेष प्रसाद श्रीवास्तव, गिरिजेष प्रसाद श्रीवास्तव, गिरिजेष प्रसाद श्रीवास्तव, गिरिजेष प्रसाद श्रीवास्तव, ईखायुक्त।ईखायुक्त।ईखायुक्त।ईखायुक्त।
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