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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 06 October 2016

Published 06 October 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-10-06.821
Languages
English, Hindi

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ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत 14 आ(cid:28)(cid:29)नआ(cid:28)(cid:29)नआ(cid:28)(cid:29)नआ(cid:28)(cid:29)न 1938 (शशशश0)

((((संसंसंसं0 पटनापटनापटनापटना 821) ) ) ) पटनापटनापटनापटना

पटनापटनापटनापटना, वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितितितितवारवारवारवार, 6666 अ"तूअ"तूअ"तूअ"तूबरबरबरबर 2016

2016

सं0 4तक0/बिहार सं0 4तक0/बिहार सं0 4तक0/बिहार सं0 4तक0/बिहार स्टार्ट-अप स्टार्ट-अप स्टार्ट-अप स्टार्ट-अप पॉलिसी/88/2016पॉलिसी/88/2016पॉलिसी/88/2016पॉलिसी/88/2016—1849184918491849 सं0 4तक0/बिहार सं0 4तक0/बिहार सं0 4तक0/बिहार सं0 4तक0/बिहार उद्योग विभागउद्योग विभागउद्योग विभागउद्योग विभाग ------------------------------------ संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 7 सितम्बर 20167 सितम्बर 20167 सितम्बर 20167 सितम्बर 2016

विषयःविषयःविषयःविषयः —राज्य में स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने हेतु बिहार स्टार्ट-अप नीति, 2016। राज्य में स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने हेतु बिहार स्टार्ट-अप नीति, 2016। राज्य में स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने हेतु बिहार स्टार्ट-अप नीति, 2016। राज्य में स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने हेतु बिहार स्टार्ट-अप नीति, 2016। राज्य में स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने हेतु बिहार स्टार्ट-अप नीति, 2016। राज्य में स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने हेतु बिहार स्टार्ट-अप नीति, 2016। राज्य में स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने हेतु बिहार स्टार्ट-अप नीति, 2016। राज्य में स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने हेतु बिहार स्टार्ट-अप नीति, 2016। राज्य में स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने हेतु बिहार स्टार्ट-अप नीति, 2016। राज्य में स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने हेतु बिहार स्टार्ट-अप नीति, 2016। राज्य में स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने हेतु बिहार स्टार्ट-अप नीति, 2016। राज्य में स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने हेतु बिहार स्टार्ट-अप नीति, 2016।

1111.... प्रस्तावना ।-प्रस्तावना ।-प्रस्तावना ।-प्रस्तावना ।- बिहार आधारभूत संरचना को मजबूत एवं औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर 1.1 बिहार आधारभूत संरचना को मजबूत एवं औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर बिहार आधारभूत संरचना को मजबूत एवं औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर प्रयास करते हुए विकास के पथ पर तीव्र गति से प्रगति कर रहा है। बिहार सरकार राज्य के आर्थिक प्रतिस्पर्धा प्रयास करते हुए विकास के पथ पर तीव्र गति से प्रगति कर रहा है। बिहार सरकार राज्य के आर्थिक प्रतिस्पर्धा प्रयास करते हुए विकास के पथ पर तीव्र गति से प्रगति कर रहा है। बिहार सरकार राज्य के आर्थिक प्रतिस्पर्धा में सुधार एवं समावेशी विकास के लिए वचनवद्ध है। नवीकरण के प्रोत्साहन एवं पारिस्थितिक तंत्र (इको सिस्टम) में सुधार एवं समावेशी विकास के लिए वचनवद्ध है। नवीकरण के प्रोत्साहन एवं पारिस्थितिक तंत्र (इको सिस्टम) में सुधार एवं समावेशी विकास के लिए वचनवद्ध है। नवीकरण के प्रोत्साहन एवं पारिस्थितिक तंत्र (इको सिस्टम) के सृजन द्वारा स्टार्ट-अप से अधिकार देने तक यह क्रियान्वित किया जा सके। के सृजन द्वारा स्टार्ट-अप से अधिकार देने तक यह क्रियान्वित किय 1.2 बिहार को अपनी जनसंख्या में युवा के उच्च अनुपात में दिए गए जनसंख्याकीय लाभांश का लाभ प्राप्त बिहार को अपनी जनसंख्या में युवा के उच्च अनुपात में दिए गए जनसंख्याकीय लाभांश का लाभ प्राप्त बिहार को अपनी जनसंख्या में युवा के उच्च अनुपात में दिए गए जनसंख्याकीय लाभांश का लाभ प्राप्त है; उनके लिए उत्पादक आर्थिक अंशदान हेतु नियोजन के अवसर सीमित हैं। युवा रोजगारोन्मुख समाज में प्रगति है; उनके लिए उत्पादक आर्थिक अंशदान हेतु नियोजन के अवसर सीमित हैं। युवा रोजगारोन्मुख समाज में प्रगति है; उनके लिए उत्पादक आर्थिक अंशदान हेतु नियोजन के अवसर सीमित हैं। युवा रोजगारोन्मुख समाज में प्रगति

े रूप में देखा जाता है। इसके अलावे वर्त्तमान करता है जहाँ उद्यमिता को एक जीवनवृत्ति को विकल्प के रूप में देखा जाता है। इसके अलावे वर्त्तमान करता है जहाँ उद्यमिता को एक जीवनवृत्ति को विकल्प क

शैक्षणिक तंत्र की रूपरेखा इस रीति से तैयार की गई है जिसमें उद्यमिता पर महत्व सीमित होता है। शैक्षणिक तंत्र की रूपरेखा इस रीति से तैयार की गई है जिसमें उद्यमिता पर महत्व सीमित होता है। शैक्षणिक तंत्र की रूपरेखा इस रीति से तैयार की गई है जिसमें उद्यमिता पर महत्व सीमित होता है। इस स्टार्ट-अप की अति उत्तेजक विशेषताओं में एक विशेषता तीव्र गति से पैमाना बनाने और 1.3 इस स्टार्ट-अप की अति उत्तेजक विशेषताओं में एक विशेषता तीव्र गति से पैमाना बनाने और इस स्टार्ट-अप की अति उत्तेजक विशेषताओं में एक विशेषता तीव्र गति से पैमाना बनाने और

ता है। सफलता के मौके अत्यधिक बढ़ जाते हैं जब व्यवसाय परिस्थितिक विश्वस्तरीय भागीदार बनने की योग्यता है। सफलता के मौके अत्यधिक बढ़ जाते हैं जब व्यवसाय परिस्थितिक विश्वस्तरीय भागीदार बनने की योग्य तंत्र से समर्थित होते है। बिहार को स्वयं विश्व स्तर के पारिस्थितिक तंत्र एवं प्रतिभा विकसित करने का अवसर तंत्र से समर्थित होते है। बिहार को स्वयं विश्व स्तर के पारिस्थितिक तंत्र एवं प्रतिभा विकसित करने का अवसर तंत्र से समर्थित होते है। बिहार को स्वयं विश्व स्तर के पारिस्थितिक तंत्र एवं प्रतिभा विकसित करने का अवसर प्राप्त है। संसाधन और महत्वाकांक्षा राज्य में निश्चित रूप उपलब्ध हैं। बिहार में अर्थव्यवस्था के आविर्भाव में प्राप्त है। संसाधन और महत्वाकांक्षा राज्य में निश्चित रूप उपलब्ध हैं। बिहार में अर्थव्यवस्था के अ प्राप्त है। संसाधन और महत्वाकांक्षा राज्य में निश्चित रूप उपलब्ध हैं। बिहार में अर्थव्यवस्था के अ महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने की संभावना स्टार्ट-अप से है। इस परिच्छेद का विकास, संपूर्ण राज्य शहरी, महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने की संभावना स्टार्ट-अप से है। इस परिच्छेद का विकास, संपूर्ण राज्य शहरी, महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने की संभावना स्टार्ट-अप से है। इस परिच्छेद का विकास, संपूर्ण राज्य शहरी, अर्द्धशहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में, वित्तीय समावेशन तथा नियोजन सृजन की राष्ट्रीय अनिवार्यताओं को पूरा करने में, अर्द्धशहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में, वित्तीय समावेशन तथा नियोजन सृजन की राष्ट्रीय अनिवार्यताओं को पूरा करने में, अर्द्धशहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में, वित्तीय समावेशन तथा नियोजन सृजन की राष्ट्रीय अनिवार्यताओं को पूरा करने में, अप की नई लहर इस सामाजिक-आर्थिक कायापलट को पूरा करने में एक अति संकटापन्न स्थिति में है। स्टार्ट-अप की नई लहर इस सामाजिक-आर्थिक कायापलट को पूरा करने में एक अति संकटापन्न स्थिति में है। स्टार्ट- उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगी। 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 6 अ"तूबर 2016 1.4 बिहार में नवीकरण की महत्ता को जागृत करने के लिए प्रेरक एवं अनुकूल स्टार्ट-अप की आवश्यकता महसूस की गई है। सरकार का उद्देश्य इस नीति-संरचना के साथ-साथ निजी भागीदारी से, बिहार में स्टार्ट-अप पारिस्थितिक तंत्र का सर्वत्र विस्तार करना है। अतः बिहार राज्य में जी0एस0डी0पी0 उत्पादन को तेज करते हुए, हजारो-हजार रोजगार सृजन करने, बुद्धि अपक्षय की प्रक्रिया का प्रतिकार करने और आर्थिक प्रगति की अगली लहर को पुनर्जीवित करने में योगदान देना है। 1.5 बिहार सरकार की विचार स्टार्ट-अप नीति बनाने का है जो राज्य में एक स्वतंत्र और पारदर्शी पारिस्थितिक तंत्र का सृजन करेगी जिसमें राज्य सरकार की भूमिका निधि-उपलब्धता प्रोत्साहन और नीति-समर्थन हेतु उपकरणीय होगी। राज्य 500 करोड़ के आई0एन0आर0 के आरंभिक निकाय (कार्पस्‌) के अधीन एक न्यास स्थापित करेगा जो इसके क्रियान्वयन के लिए नोडल ऐजेंसी के रूप में कार्य करेगा। न्यास इस नीति के लिए एक या एक से अधिक निधि प्रबंधक नियुक्त करेगा। 2222.... संकल्पना (विजन) ।-संकल्पना (विजन) ।-संकल्पना (विजन) ।-संकल्पना (विजन) ।- 2.1 बिहार स्टार्ट-अप नीति की संकल्पना। राज्य में सम्मिलित प्रगति के लिए साधक पारिस्थितिक तंत्र के माध्यम से संभावी स्थानीय युवाओं कों लाभान्वित कर स्टार्ट-अप और उद्यमिता के लिए अति प्राथमिकता प्राप्त लक्ष्य के रूप में बिहार को प्रकट होने में समर्थ करना;

2.2 बिहार स्टार्ट-अप नीति की रूपरेखा निम्नलिखित चार स्तम्भों पर तैयार की गई हैः-

- हाँ - से आरंभ (जागरूकता, नेटवर्किंग तथा अनुकूल अभियान)। - छोड़ना - स्टार्ट-अप सहायक विनियामक समर्थकों को छोड़ देना।

- स्पंदमान - स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित एवं सुकर करने हेतु शिक्षातंत्र में स्पंदन। - पहूँच - वित्त और उद्‌भवन सहायता तक पहूँच। 3333.... नीनीनीनीति अवधि ।-ति अवधि ।-ति अवधि ।-ति अवधि ।- बिहार स्टार्ट-अप नीति, 2016 अधिसूचना निर्गत की तिथि से पाँच वर्षों तक प्रभावी रहेगी। 4444.... उद्देश्य ।-उद्देश्य ।-उद्देश्य ।-उद्देश्य ।- 4.1 विभिन्न कार्यक्रम यथा- ''उद्यमी बिहार, बिहार अभियान उद्यमिता अवार्ड, चुनौतियाँ और व्यवसाय योजना प्रतिस्पर्धा इत्यादि के नवीकरण के माध्यम से युवाओं के मध्य उद्यमिता शिक्षा तथा जीवनवृत्ति को उपस्थापित करना, बढ़ावा देना तथा प्रोत्साहित करना।

4.2 प्रमंडलीय शहरों तथा नगर निगमों में उद्यामिता विकास केन्द्रों के विकास को और युवाओं के मध्य जागरूकता बढ़ाने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने हेतु उद्यमिता सरलीकरण केन्द्रों को सुकर बनाना। 4.3 एक सेक्टर- अगनोस्टिक का सृजन, सभी अथवा किसी संभावित विकास के सेक्टर में, ऐसे पहल पर जो राज्य के प्राकृतिक संसाधन और मानव पूूँजी को बढ़ावा देने में सहायक हों, तथा उन क्षेत्रों में, जिनका गुणक प्रभाव सृजित हों, बड़ी मात्रा में संभावी प्रगति और पहल के साथ नवीकरणीय तथा विनाशक विचारों पर फोकस करते हुए, नवीकरण को समर्थ करना। 4.4 विश्व विद्यालय/विद्यालयों, एम0ओ0सी0 (मैसिव ओपेन ऑनलाइन कोर्स) अन्य के मध्य इटर्नशीप में सीखने वाले मॉडलों के उपस्थापन द्वारा शिक्षा के माध्यम से उद्यमिता को प्रोत्साहित करना। 4.5 विद्यमान इन्क्यूबेटरों/सामान्य आधारभूत स्थलों के नए तथा सहायक विस्तारीकरण के विकास को सुकर बनाना।

4.6 वित्तीय सहायता (सेबी रजिस्ट्रीकृत-परिवर्तनकारी निवेश निधि पैनलकृत देवदूत निवेशक इत्यादि) विनियामक सहायता, सलाहकार तथा पैनलकृत प्रोजेक्ट प्रबंधक परामर्शदाताओं के नेटवर्क तक स्टार्ट-अप की पहूँच के लिए उच्च स्तर पर एक व्यापक मुख्य द्वार (पोर्टल) उपलब्ध करना। 4.7 स्टार्ट-अप के लिए हास्ले-फ्री तथा समयबद्ध कानूनी क्लियरेंस। 4.8 बहुबिभागी रास्तों तक पहूँच के लिए एक मंच का सृजन, जो बिहार में स्टार्ट-अप आधारित निवेश हेतु, प्रोत्साहनों के माध्यम से, वित्तीय सहायता तथा निवेशकों को प्रोत्साहन उपलब्ध कर सके। 4.9 एक साधक नीति का सृजन करना जो अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों महिला उद्यम तथा भिन्न रूप से योग्य जैसे समूह को किसी व्यापार में लगा सके।3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 6 अ"तूबर 2016 4.10 स्टार्ट-अप के प्रशिक्षण को समर्थ बनाने हेतु समुचित सांस्थिक सहायता उपलब्ध करना। 5555.... परिभाषएँ ।-परिभाषएँ ।-परिभाषएँ ।-परिभाषएँ ।- 5.1 देवदूत निवेशक- देवदूत निवेशक (व्यापारिक देवदूत के रूप में जाना जाने वाला भी निवेशक) का अभिप्रेत है कोई व्यक्ति अथवा निवेशकों का समूह जो नवारंभों के आरंभिक दिनों में व्यावसायीकरण के लिए निवेश करता है जो परिवर्तनीय ऋण के रूप में होता है। 5.2 वैकल्पिक निवेश निधि ।- सेबी (वैकल्पिक निवेश निधि) नियंत्रण अधिनियम, 2012 की धारा-2(1)(बी) में वैकल्पिक निवेश निधि (एआईएफस) को परिभाषित किया गया है। यह किसी निजी रूप से इकठ्‌ठा की गई निवेश निधि (चाहे वह भारतीय अथवा विदेशी ोत से हो) ट्रस्ट अथवा कंपनी अथवा निकाय निगम अथवा सीमित दायित्व सहकारिता (एलएलपी) जो वर्त्तमान में सेबी प्रशासनिक निधि प्रबंधन (यथा म्युचुअल फंड अथवा सामूहिक निवेश स्कीम के नियमों से आच्छादित नहीं हो) और न तो भारत में आईआरडीए, पीएफआरडीए, आरबीआई में किसी अन्य सेक्टोरल विनियामकों के सीधे विनियम के अधीन आता हो, के प्रति निर्देशित करता है। 5.3 वाणिज्यीकरण चरण ।- वाणिज्यीकरण चरण स्टार्ट-अप के जीवन चक्र में एक अभिन्न चरण को निर्देशित करता है जिसमें व्यापारिक उत्पाद/सेवा को वाणिज्यीकरण को गति प्रदान किया जाता है। 5.4 विशेषज्ञ समिति ।- निधि प्रबंधकों के पास एक विशेषज्ञ समिति होगी। यह समिति स्वतंत्र पेशेवर निकाय होगी जिसमें इस नीति के क्रियान्वयन में सहायता के लिए जिम्मेदार उद्योग से प्रख्यात विशेषज्ञ शामिल होंगे। 5.5 दिव्यांग ।- इसकी परिभाषा वही होगी जो निःशक्त जन (समान अवसर, अधिकारों की सुरक्षा और पूर्ण सहभागिता) अधिनियम, 1995 में अथवा निःशक्त व्यक्ति के कल्याण के लिए अधिनियमित किसी अन्य कानून में परिभाषित की गई है।

5.6 अस्तित्व ।- अस्तित्व प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (कंपनीज अधिनियम, 2013) अथवा (भारतीय सहकारिता अधिनियम, 1932 के अधीन) अथवा परिसीमित दायित्व सहकारिता (परिसीमित दायित्व सहकारिता एक्ट, 2008) के अधीन निबंधित एक निबंधित सहकारिता संस्था निदेशित करता है।

5.7 पारिवारिक व्यवसाय ।- पारिवारिक व्यवसाय ऐसा व्यवसाय है जिसमें अधिकांश हिस्से का धारक वह व्यक्ति होता है जिसने कंपनी स्वयं अथवा अपने पिता, पत्नी, बच्चे अथवा उनके बच्चों के सीधा उत्तराधिकार) से स्थापित अथवा अर्जित की हो और उस परिवार का कम से कम एक प्रतिनिधि (प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से) व्यापारिक प्रशासन-प्रबंधन में लगा हुआ हो। 5.8 निधि प्रबंधक ।- ट्रस्ट एक या एक से अधिक निधि प्रबंधकों की नियुक्ति, निधि और इस नीति के अधीन उल्लिखित कार्यकलापों के प्रबंधन के लिए, करेगा। 5.9 सरकार ।- सरकार से अभिप्रेत है बिहार सरकार, जब तक कि इस नीति में अन्यथा विनिर्दिष्ट न किया जाए।

5.10 विचार-चरण ।- विचार चरण स्टार्ट-अप के जीवन चक्र में समग्र चरणों को निर्देशित करता है जिसमें विचारों की सफलता/असफलता के मूल्यांकन हेतु विचारों का व्यवहारिक विश्लेषण किया जाता हो।

5.11 इनक्यूबेटर ।- इनक्यूबेटर से अभिप्रेत है ऐसी भौतिक जगह जो लाभकारी एवं जोखिम लेकर व्यापारिक योजना बनाने, मॉनिटर करने, अपना उच्च स्तरीय दल बनाने, अपने प्रौद्योगिकी का वाणिज्यीकरण करने, अपने उत्पाद का विकास करने, आरंभिक बीज निधि को प्राप्त करने, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर सहभागिता में सहायता करने प्रतिभावन संपदा के विषय में परामर्श देने, प्रशिक्षण और विकास एवं अन्य विषयों पर सफल होने में उद्यमियों के विचारों को बदलने में सहायता करें। यह एक निजी ऐजेंसी अथवा एक सरकारी संस्थान भी हो सकता है। 5.12 मॉनिटरिंग ।- मॉनिटिरिंग सामान्य रूप से एक औद्योगिक विशेषज्ञों/अकादमिक सदस्यों का संघ है जो स्टार्ट-अप को, बिना पूर्व ग्रह के, मार्गदर्शन, अनुकूल सहायता और अपने नेटवर्क बनाने में, सोच और सहायता द्वारा, उनको मदद करता है।

5.13 निबंधित ।- ''निबंधित'' से अभिप्रेत है कंपनी रजिस्ट्रार से निबंधित अस्तित्व। 5.14 ''बीज अनुदान'' से अभिप्रेत है आदिरूप उत्पाद के विकास एवं पश्चात्‌वर्ती पूर्ण निधि के लिए पर्याप्त निवेशकों की अभिरूचि उत्पन्न करने हेतु स्टार्ट-अप को दिया गया बीज-अनुदान। 4 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 6 अ"तूबर 2016 5.15 ''अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति उद्यम'' से अभिप्रेत है अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों के पूर्ण स्वामित्व वाला उद्यम और अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों की आंशिक भागीदारी को अनुसूचित जाति/जनजाति का उद्यम नहीं माना जाएगा।

5.16 ''राज्य संपोषित इक्यूबेटर'' से अभिप्रेत है बिहार सरकार या भारत सरकार द्वारा संपोषित इनक्यूबेटर। 5.17 टीबीआई ।- ''प्रौद्योगिकी व्यवसाय इनक्यूबेटर'' से अभिप्रेत है भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा मान्यता प्रौद्योगिकी व्यवसाय इनक्यूबेटर।

5.18 न्यास (ट्रस्ट) ''न्यास'' से अभिप्रेत है भारत ट्रस्ट अधिनियम, 1882 के अधीन उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा इस नीति के क्रियान्वयन के लिए गठित कोई नोडल ऐजेंसी; 5.19 विधिमान्यकरण चरण ।- ''विधिमान्यकरण चरण'' से अभिप्रेत है स्टार्ट-अप के जीवनचक्र में कोई समाकलित चरण जिसमें उत्पाद/सेवा का उत्पादन होता है और सीमित क्षमता में परिदत्त किया जाता है और जो सफलता और आवश्यकता के पैमाने के अनुसार बदलता है;

5.20 जोखिम पूॅजी- जोखिम पूॅजी से अभिप्रेत है वाणिज्यीकरण चरण में जोखिम पूॅजी कंपनी द्वारा ली गई परियोजना के संकटापन्न मूल्याकंन पर स्टार्ट-अप में निवेशित निधि। यह पूॅजी सामान्य रूप से संपत्ति मूल्य पर हिस्सेदारी की वापसी में निवेशित की जाती है; 5.21 ''महिलाउद्यम'' से अभिप्रेत है ऐसा उद्यम जिसका प्रमुख महिला हो और जहाँ 100 प्रतिशत जोखिम महिला की हो। किसी उद्यम में महिलाओं की आंशिक भागीदारी महिला उद्यम नहीं माना जाएगा। 6666.... बिहार का नवारंभ (स्टार्ट-अप) ।-बिहार का नवारंभ (स्टार्ट-अप) ।-बिहार का नवारंभ (स्टार्ट-अप) ।-बिहार का नवारंभ (स्टार्ट-अप) ।- 6.1 स्टार्ट-अप से अभिप्रेत है बिहार में समावेशित और निबंधित कोई अस्तित्व, जिसका वार्षिक लेन-देन पॉच वर्ष पूर्व की अवधि में किसी भी पूर्ववर्त्ती वित्तीय वर्ष में 25 करोड़ रूपया से अधिक नहीं हो और जो प्रौद्योगिकी अथवा बौद्धिक संपत्ति द्वारा नवीकरण अथवा विकास या नए उत्पादों के वाणिज्यीकरण प्रक्रिया अथवा सेवा का कार्य कर रहा हो;

(क) परंतु यह अस्तित्व इस नीति के अधीन आगे लाभ प्राप्त करेगी यदि किसी भी वित्तीय वर्ष में इसका वार्षिक लेन-देन 25 करोड़ से अधिक नहीं हुआ हो और जब तक अन्यथा उल्लेखित न हो, यह समावेशन/निबंधन की तिथि से 5 वर्ष पूरा न कर लिया हो; (ख) परंतु और कि ऐसे अस्तित्व का गठन पहले से विद्यमान व्यवसाय अथवा पुर्नसंरचना द्वारा, नहीं हुआ हो और यह पहले से विद्यमान व्यवसायक के सम्मिलन अथवा पुनर्गठन द्वारा गठित नही होना चाहिए;

(ग) परंतु और भी कि ऐसा अस्तित्व होल्डिंग न हो और यह पहले से विद्यमान किसी फर्म का, किसी स्टार्ट-अप के सहायक को छोड़कर, सहायक न हो;

(घ) परंतु और भी कि कंपनी के प्रचालन के लिए लागू कर बिहार में भुगतेय हों। 6.2 स्टार्ट-अप का प्रमाणीकरण ।- न्यास द्वारा प्राप्त संभावित स्टार्ट-अप के सभी आवेदनों को निधि प्रबंधक के पास भेज दिया जाएगा। निधि प्रबंधक विशेष समिति के माध्यम से सभी आवेदनों का मूल्यांकन करेंगे और उपर्युक्त खंड 6.1 में सूचीबद्ध मानदण्ड के आधार पर निधि प्रबंधक प्रमाण पत्र देंगे। 6666....3333 बहिर्गमण की शर्तें-बहिर्गमण की शर्तें-बहिर्गमण की शर्तें-बहिर्गमण की शर्तें- (क) धोखाधड़ी के किसी आरोप में यदि कंपनी दोषी पाई जाती है अथवा कंपनी इस नीति के अधीन लाभ पाने के लिए किसी तरह की गई मिथ्या घोषणाएॅ पाई जाती हैं तो उस अस्तित्व की उपलब्ध की गई सभी वित्तीय सहायता की वसूली के लिए कार्रवाई आरंभ की जाएगी।

(ख) यदि स्टार्ट-अप के रूप में होने वाली मान्यता एक बार समाप्त हो जाती है, तो सरकार या अस्तित्व जिसके माध्यम से सरकार अपनी पूॅजी/निवेश करती है, स्टार्ट-अप से अपनी पूँजी वहिर्गमन न्यास द्वारा स्टार्ट-अप में करने हेतु पात्र होगा और चैनल बनाकर निवेश के लिए बर्हिगमन हेतु मार्गदर्शन का निर्माण किया जाएगा। जब सरकार या उनके प्रतिनिधि अस्तित्व का अपना निवेश विद्यमान हों तो स्टार्ट-अप के निदेशक मंडल में अपने प्रतिनिधि को नामित करने का अधिकार भी समाप्त हो जाएगा। 7777.... स्टार्ट-अप को हॉ ।-स्टार्ट-अप को हॉ ।-स्टार्ट-अप को हॉ ।-स्टार्ट-अप को हॉ ।- 7.1 उद्यमी बिहार, समृद्ध बिहार अभियान के माध्यम से जागरूकता फैलाना और स्टार्ट-अप के लिए नेटवर्किंग को सुकर करना।5 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 6 अ"तूबर 2016 1.2 बिहार को जनसांख्यिकीय लाभांश के रूप में उच्च संख्या में युवा वर्ग प्राप्त है और उत्पादक आर्थिक योगदान करने हेतु उनके लिए रोजगार के अवसर सीमित हैं। भारत में युवाओं का विकास व्यवसायोन्मुखी समाज में होता है जहाँ जीवन वृत्ति के विकल्प के रूप में उद्यमिता को नहीं देखा जाता है। इसके अतिरिक्त वर्तमान शिक्षा तंत्र की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की गई है जिसमें उद्यमिता पर सीमित जोर दिया जाता है। सरकार उद्यमिता को जनसंख्या के सभी आर्थिक एवं सामाजिक खंड के युवा के लिए, शिक्षा एवं रोजगार के रूप में प्रोत्साहित करने हेतु कृतसंकल्पित है। इसके लिए आवश्यक है कि समाज में ऐसी संस्कृति का निर्माण किया जाए जिससे उद्यमिता का सकारात्मक पक्ष उजागर होता हो ताकि समाज के समावेशी आर्थिक विकास की प्राप्ति में यह महत्वपूर्ण कारक बने। उद्यमशीलता के प्रति समाज की सांस्कृतिक अनुभूति और युवाओं में उद्यमशीलता संस्कृति का सुधार करने के लिए, सरकार निम्नलिखित कार्य करेगीः- (क) स्टार्ट-अप शेयरधारकों की सहभागिता से राज्य स्तर पर उद्यमी बिहार, समृद्ध बिहार जागरूकता अभियान चलाएगी;

(ख) सफल स्थानीय स्टार्ट-अप को मान्यता देगी और उसे प्रोत्साहित करेगी; (ग) राज्य स्तर पर चुनौती/व्यवसायिक योजना प्रतियोगिता का आयोजित करेगी; (घ) स्टार्ट-अप मेला जैसे स्टार्ट-अप जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने हेतु व्यवसायिक नेटवर्क (औद्योगिक संघ स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित करने वाले संगठन) को सहायता देगी;

7.1.1 विभिन्न जोखिम उठाने वालों, जैसे निवेशक, शिक्षविद, उद्यमी एवं अन्य जोखिम उठाने वालों के बीच उचित नेटवर्क बनाना होगा। स्टार्ट-अप समुदाय को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विनिमय एवं सहयोग देने के लिए प्रवेश करने एवं संसूचित करने हेतु एक मंच की आवश्यता है।

7.1.2 सरकार प्रभावी पारिस्थितिकी तंत्र के सृजन के लिए बिहार स्टार्ट-अप उत्सव का एक मंच आयोजित करेगी जो स्टार्ट-अप पारिस्थतिकी तंत्र को समायोजित करेगा और राज्य स्टार्ट-अप को सक्षमता देगा। 7777....2222 विचार वििचार वििचार वििचार विकास हेतु सहायता ।-वकास हेतु सहायता ।-वकास हेतु सहायता ।-वकास हेतु सहायता ।- उत्प्रेकर स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र युवाओं को अपने विचारों को अर्थपूर्ण साध्य में परिवर्त्तित करने हेतु समर्थ बनाती है। युवाओं को एक समुचित मार्गदर्शन प्रणाली की आवश्यकता है ताकि वे अपने विचारों को विकसित एवं अभिव्यक्त कर सकें। संभावित उद्यमियों के बीच जागरूकता फैलाने और मार्गदर्शन उपलब्ध करने के लिए राज्य सरकार वित्तीय सहायता सुकर बनाने हेतु प्रावधान करेगी।

(क) प्रमंडलीय शहरों एवं नगर निगम क्षेत्रों में, शैक्षणिक संस्थानों और स्टार्ट-अप प्रोत्साहित करने वाले बिहार आधारित औद्योगिक संघों/संगठनों की सहायता से, स्टार्ट-अप उद्यमिता विकास कोषांगों की स्थापना करना; (ख) शैक्षणिक और पेशेवर संस्थानों में उद्यमिता सहायता केन्द्र की स्थापना करना।

7.2.1 ये कोषांग निम्नलिखित करेंगेः- (क) उद्यमी बिहार, समृद्ध बिहार अभियान के अधीन राज्य में उद्यमशीलता के बारे में जागरूकता और स्टार्ट-अप संस्कृति फैलाने हेतु विभिन्न तरह के प्रोत्साहक कार्यक्रम आयोजित करना;

(ख) स्टार्ट-अप पारस्थितिकी तंत्र के विभिन्न जोखिम उठाने वालों यथा, सरकार शैक्षणिक संस्थाएं, इनक्यूबेटर उद्योग विशेषज्ञ, विधिक, कर एवं व्यवसाय सलाहकारों के समक्ष अपने विचारों को प्रस्तुत करने और बढ़ाने के लिए छात्रों/संभावित उद्यमियों को सहायता उपलब्ध करना; (ग) आरंभिक अनुकूलता एवं व्यवसाय योजना सहायता कंपनी-निबंधन बाजार शोध सहायता, व्यवसाय संरचनात्मक परामर्श एवं प्रबंधन संबंधी परामर्श के लिए स्टार्ट-अप को सहायता करना। स्टार्ट-अप सहायता के लिए विनियामक को उन्मुक्त करना ।- 8888.... स्टार्ट-अप सहायता के लिए विनियामक को उन्मुक्त करना ।- स्टार्ट-अप सहायता के लिए विनियामक को उन्मुक्त करना ।- स्टार्ट-अप सहायता के लिए विनियामक को उन्मुक्त करना ।- 8.1 स्टार्ट-अप के प्रचालन आरंभ करने के लिए सुसंगत विनियामक प्राधिकारों से कानूनी क्लियरेंस आवश्यक है। प्रक्रियाओं की सीमित जागरूकता निबंधन एवं अन्य औपचारिक कार्यों के लिए, समय में वृद्धि करती है, अतएव स्टार्ट-अप के लिए प्रचालन के आरंभ में विलंब होता है। परस्पर क्रिया प्रशिक्षण हस्तक और चेकलिस्ट द्वारा समर्थित सिंगल विंडोक्लियरेंस प्रणाली स्टार्ट-अप को ससमय आसान रीति से निबंधित करने में, समर्थ करेगी। स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र को परस्पर क्रिया और सहयोग के लिए एक एकल मंच की आवश्यकता है। विभिन्न जोखिम उठानेवालों की परस्पर क्रिया एवं सूचना आदान-प्रदान करने हेतु एवं एकल मंच स्थापित करने के 6 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 6 अ"तूबर 2016 लिए एक स्टार्ट-अप बिहार मुख्य द्वार आरंभ किया जाएगा। यह मुख्य द्वार तत्क्षण निम्नलिखित के लिए सुगमता उपलब्ध करेगाः- (क) विनिर्दिष्ट समय-सीमा में अपेक्षित विभिन्न क्लियरेंस के लिए निबंधन प्रक्रिया और चेक लिस्ट के लिए परस्पर क्रिया-उपशिक्षणों की सुगमता; (ख) सुसंगत प्राधिकार से निबंधन कराना एवं मानक प्ररूपों के माध्यम से राज्य स्तरीय विभिन्न अनुपालन को दाखिल करना;

(ग) पारिस्थितिक तंत्र के विभिन्न जोखिम उठाने वालों से जोड़ने के लिए इस मुख्य द्वारा को भारत सरकार द्वारा अनुदानित अन्य स्टार्ट-अप मुख्य द्वार से जोड़ा जायेगा; (घ) जोखिम उठाने वालों, यथा-निबंधित बुद्धिमान परामर्शदाताओं, नेटवर्क, पेशागत विशेषज्ञ, इनक्यूबेटर, शिक्षा जगत नामिका में परियोजना प्रबंधन परामर्शी, देवदूत निवेशक सेबी में निबंधित एआईएफस (वैक्लपिक निवेश निधि) एवं अन्य जोखिम उठाने वालो से परस्पर क्रिया करना और सहयोग देना;

(ड.) विकास एवं मापक्रमणीयता की संभावना वाले स्टार्ट-अप्स के लिए सूचीबद्ध नेटवक्र्स के अनुभवी परामर्शदाता; (च) स्टार्ट-अप के लिए उपलब्ध राज्य सरकार की विभिन्न प्रकार की योजनाओं और प्रोत्साहनों तक पहूँच बनाना;

यह मुख्य द्वार मोबाईल एप के रूप में उपलब्ध होगा और टोल-फ्री सहायता एवं आवेदन/सहायता को सुकर बनाने हेतु उपलब्ध होगी। निबंधन आवेदन का क्लियरेंस समयवद्ध रीति से सुनिश्चित किया जायेगा । 8.2 विनियामकीय ढ़ाँचा का आशावादी होना ।- स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र के लिए विनियामक वातावरण समर्थ करना।- एक व्यवसाय आरंभ करने के पूर्व विभागीय अनुमोदन एवं क्लियरेस के विभिन्न चरण होते हैं। अधिकतर स्टार्ट-अप इन जटिल नीतियों और विनियामक ढ़ाँचे से अनभिज्ञ रहतें हैं जिसके कारण उनके नियमित प्रचालन में बाधा हो सकती है। इसलिए सरकार के लिए यह अनिवार्य है कि विनियामक अनुपालनों की दण्डात्मक कार्रवाईयों को कम करे और अगले चरण की आर्थिक वृद्धि में इन नोदकों से संबंधित जागरूकता/सहायता उपलब्ध करें। उपर्युक्त के साथ-साथ सरकार निरीक्षण कम करके एवं स्व-प्रमाणन को बढ़ावा देकर व्यवसाय करने की सहूलियत में वृद्धि करें। (क) स्टार्ट-अप को पॉच वर्षों की अवधि के लिए विभिन्न राज्य अधिनियमों के अधीन प्रचालन अनुज्ञप्ति/निबंधन से छूट होगी। हालॉकि, यदि स्टार्ट-अप द्वारा यदि ऐसा व्यवसाय/कार्य किया जाता है जिसमें जीवन के खतरा अथवा सुरक्षा का भय हो, तो उसे कानूनी अनुज्ञप्ति (यथा दवा अनुज्ञा पत्र, एफएसएसआई, भवन योजना, अग्निशमन) लेने की अनिवार्यता होगी और ऐसी स्थिति में अनुज्ञप्ति पर आनेवाले खर्च का वहन सरकार करेगी। (ख) पाँच वर्षों की अवधि के लिए सरकारी विनियामक ऐजेंसियों द्वारा निरीक्षण से स्टार्ट-अप को तबतक छूट होगी जब तक जीवन और सुरक्षा पर खतरा का भय न हो। कतिपय कारणों से किसी इकाई का निरीक्षण करना हो तो जिला पदाधिकारी की अनुमति प्राप्त की जाएगी।

(ग) राज्य द्वारा विहित प्रपत्रों के अनुसार स्टार्ट-अप द्वारा स्व-घोषणा प्रस्तुत की जाएगी। (घ) उत्पाद/सेवा उत्पादित प्रक्रिया में स्टार्ट-अप के अधिमानता देने हेतु राज्य सरकार के विभागों पब्लिक सेक्टर उपक्रम को सलाह दी जाएगी। (ड़) राज्य सरकार आगामी औद्योगिक पार्क एस0एम0ई0 क्लस्ट और हब के स्थलों में से 10 प्रतिशत, स्टार्ट-अप, इनक्यूबेटर और कॉमन आधारभूत सरंचना को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित करेगी। 9999.... शिक्षा प्रणाली स्पंदन ।-शिक्षा प्रणाली स्पंदन ।-शिक्षा प्रणाली स्पंदन ।-शिक्षा प्रणाली स्पंदन ।- शिक्षा संस्थान नवीकरण संस्कृति को बढ़ाव देने के लिए उद्यमशीलता का परिचय कराने एवं शिक्षा देने हेतु एक उपयुक्त वातावरण उपलब्ध करेगा जिसे सरकार छात्रों के बीच उद्यमिता की भावना सृजित करने के लिए शिक्षा में सुधार को मान्यता देती है। बिहार के युवाओं में स्टार्ट-अप संस्कृति विकसित करने के लिए सरकार निम्नलिखित हस्तक्षेप के सुकर बनाएगी एवं अनुशंसा करेगीः-7 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 6 अ"तूबर 2016 (क) उच्च विद्यालय, विश्वविद्यालय, कौशल प्रशिक्षण और व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों में उद्यमिता मॉड्‌यूल अंतः स्थापित करना। शैक्षणिक संस्थानों को मैसिव ओपन ऑनलाईन कोर्स (एमओओसी) को वैकल्पिक विषय के रूप में परिचय कराने की सलाह दी जाएगी। इटर्नशीप और अप्रेन्टशीप अनिवार्य करना।

(ख) छात्रों को उद्यमिता में लगने हेतु मार्गदर्शन और सहायता करने के लिए शिक्षा/पेशवर संस्थानों को उद्यमिता सहायता केन्द्र बनाने में मदद की जाएगी। (ग) छात्रों के बीच व्यवसाय नवीकरण विचार प्रतियोगिता का आयोजन करना। इन विचारों में से चिन्हित विचारों को आदिप्ररूप के लिए सहायता की जाएगी और इन विचारों को राज्य सरकार द्वारा आयोजित किए जाने वाले उत्सव में प्रसारित भी किया जाएगा। (घ) उद्यमिता विकास कोषांग (सेल) के माध्यम से 20 सामाजिक नव प्रर्वतकों को उनके विचारों के समर्थन में, चुनौती अनुदान दिया जाएगा। 10101010.... स्टार्ट-अप के लिए इनक्यूबेशन केन्द्र को सुकर बनाना ।- स्टार्ट-अप के लिए इनक्यूबेशन केन्द्र को सुकर बनाना ।- स्टार्ट-अप के लिए इनक्यूबेशन केन्द्र को सुकर बनाना ।- स्टार्ट-अप के लिए इनक्यूबेशन केन्द्र को सुकर बनाना ।- 10.1 आशाजनक स्टार्ट-अप के पोषण के लिए इक्यूबेशन केन्द्र होना आवश्यक है। इनसे सुगमता, परामर्शदाता नेटवर्क बाजार, नेटवर्क, भौतिक आधारभूत संरचना आदि तक सुगमता होती है। भौतिक आधारभूत संरचना के सृजन के लिए सामान्यतया बड़ी मात्रा में पूॅजी निवेश की आवश्यकता होती है। इस पर विचार करते हुए स्टार्ट-अप को निम्नलिखित प्रोत्साहन/वित्तीय सहायता उपलब्ध की जाएगीः-

(क) नए इक्यूबेटरों के स्थापन के लिए वित्तीय सहायता तथा राज्य समर्थित इनक्यूबेटर का विस्तार करना; (ख) स्टार्ट-अप के सरकार द्वारा मान्यताप्राप्त निजी राज्य समर्थित इनक्यूबेटरों को, अधिकतम रूपये 2 लाख प्रति इनक्यूबेटरों की दर से, इनक्यूबेटिंग खर्च का 50 प्रतिशत की प्रतिपूर्त्ति। (ग) सेबी निबंधित एआईएफस (वैकल्पिक निवेश निधि) से बिहार आधारित स्टार्ट-अप में प्राप्त निवेश का 2 प्रतिशत की दर से इनक्यूबेटरों को सरकारी प्रोत्साहन;

(घ) सेबी निबंधित एआईएफस (वैकल्पिक निवेश निधि) से राज्य समर्थित इनक्यूबेटी को प्राप्त निवेश अथवा प्रौद्योगिकी आधारित (आइपीआर) प्रोत्साहन के लिए स्टार्ट-अप को भारत सरकार से प्राप्त अनुदान का 3 प्रतिशत और स्वास्थ्य शिक्षा पोषण आदि जैसे बिहार में सार्वजनिक सेवा-सुगमता की समस्याओं का समाधान उपलब्ध करने हेतु सामाजिक क्षेत्र के स्आर्ट-अप के लिए स्टार्ट को पॉच प्रतिशत की दर से सरकारी अनुदान;

(ड़) सरकार भारत सरकार और बहुपक्षीय दानदाता एजेंसियों से उगाही की गई निधि पर 1ः1 आधारित अनुदान उन्ही नियमों एवं शर्तों पर उपलब्ध करायेगी। 10.2 राज्य समर्थित मेजबान संस्थाओं की सूची

पायलट संस्थाएॅ (चरण-1) (क) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), पटना (ख) राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), पटना मेजबान संस्थाएॅ, चरण-II (ग) राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, पूसा (घ) पूर्वी क्षेत्र अनुसंधान केन्द्र, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्‌, पटना

(ड़) नेशनल इंस्टिच्यूट ऑफ फैशन टेक्नॉलाजी (एनआआईएफटी), पटना (च) बिड़ला इंस्टिच्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी, पटना

(छ) सेंट्रल इंस्टिच्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलॉजी (सीपेट), बिहार

(ज) उपेन्द्र महारथी इंस्टिच्यूट, पटना () चन्द्रगुप्त इंस्टिच्यूट ऑफ मैनेजमेंट, पटना

(ट) टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर, पटना (ठ) बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, सबौर (ड) एपैरेल टे्रनिंग एंड डिजाईन सेंटर, पटना पायलट संस्थाएँ अन्य राज्य समर्थित मेजबान में इनक्यूबेटरों को स्थापित करने में सभी संभव हैंडहोल्डिंग समर्थन का विस्तार चरणबद्ध रीति से करेगी। राज्य सरकार, समय-समय पर, इस नीति के अधीन नई संस्थाओं को राज्य समर्थित संस्था घोषित करेगी। 8 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 6 अ"तूबर 2016 10.3 स्टार्ट-अप के लिए कॉमन आधारभूत संरचना। स्टार्ट-अप के लिए कॉमन आधारभूत संरचना का सृजन सुकर बनाएगी। इसमें निम्नलिखित साझा आधारभूत संरचना शामिल होगीः- (क) साथ-साथ काम करने के लिए जगह;

(ख) शोध एवं विकास प्रयोगशाला, घन कोष्ठिका, सभागार आदि जैसी साझी सुविधाओं को उपलब्ध करना; (ग) उच्चगति क्षमता वाला प्रिंटर, कम्प्यूटर इत्यादि जैसे साझा सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर;

(घ) कॉमन जॉच प्रयोगशाला और औजार कक्ष (ड़) कानूनी, खाता-बही, तकनीकी, पेटेंट, निवेश बैंकिग आदि जैसी साझी सेवाएँ; (च) व्यक्तिगत उपयोग हेतु कक्ष एवं छात्रावास; (छ) इनक्यूबेशन और स्टार्ट-अप के लिए सामुदायिक आयोजन एवं प्रोत्साहन समर्थन

(ज) कॉमन सुविधा केन्द्र (माल गोदाम, भंडारगृह, गुणवता परीक्षण प्रयोगशाला);

सरकार द्वारा अथवा पी0पी0 मोड के माध्यम से संयुक्त आधारभूत संरचना स्थल का निर्माण किया जाएगा। यह स्टार्ट-अप का तीन वर्षों की अवधि के लिए मुफ्त उपलब्ध होगी। 10.4 इनक्यूबेशेन केन्द्र के अतिरिक्त ''बिहार इनक्यूबेशन हब'' का विकास, अधिमानरूप से पी0पी0पी0 ट्रस्ट द्वारा निर्धारित की जाने वाली जीवन क्षमता के आधार पर किया जाएगा जो की सभी सेवाएॅ उपलब्ध कार्य स्थल, पेशागत व्यवसाय सलाह/परामर्श निधि तक पहूँच सहित एक इनक्यूबेटर की सभी सेवाएँ उपलब्ध करेगा और अन्य के बीच नेटवर्किंग तथा विलयन एवं अर्जन, परामर्श, मूल्यांकन सहित वाणिज्यीकरण चरण पर सहायता उपलब्ध भी करेगा। इस इनक्यूबेशन हब प्रभावोत्पादक एवं चहुमूखी विस्तार किया जाएगा। 10101010....5555 स्टार्ट-अप को निधि की सहायता ।-स्टार्ट-अप को निधि की सहायता ।-स्टार्ट-अप को निधि की सहायता ।-स्टार्ट-अप को निधि की सहायता ।- स्टार्ट-अप को उनके व्यवसाय चक्र के विभिन्न चरणों में निधि की सहायता उपलब्ध की जाएगी। विधिमान्यकरण चरण :विधिमान्यकरण चरण :विधिमान्यकरण चरण :विधिमान्यकरण चरण : 10101010....5555....1111 बीज निवेश सहायता ।-बीज निवेश सहायता ।-बीज निवेश सहायता ।-बीज निवेश सहायता ।- इनक्यूबेशन सेन्टर तथा न्यास (ट्रस्ट) द्वारा परिभाषित माइलस्टोन/फेज एवं उपलब्धि मापदंड से जुड़ी भुगतान अनुसूची से; प्रति स्टार्ट-अप 10 लाख रूपये तक बीज अनुदान, विचारों के विधिमान्यकरण, आदि प्ररूप विकास, यात्रा खर्च सहायता तथा क्षेत्र बाजार शोध, कौशल प्रशिक्षण, मार्केंटिक तथा स्टार्ट-अप इत्यादि स्थापित करने हेतु आरंभिक क्रियाकलापों के लिए स्टार्ट-अप को उपलब्ध किया जाएगा। ऐसे विषयों के लिए समिति की बैठक कुछ दिनों के अंतराल पर आयोजित की जाएगी और दो बैठकों के बीच किसी भी स्थिति में 90 दिनों से अधिक अंतराल नहीं होगा। वाणिज्यीकरण चरण ।-वाणिज्यीकरण चरण ।-वाणिज्यीकरण चरण ।-वाणिज्यीकरण चरण ।- 10101010....5555....2222 आरंभिक चरण में वित्तीय सहायता ।-आरंभिक चरण में वित्तीय सहायता ।-आरंभिक चरण में वित्तीय सहायता ।-आरंभिक चरण में वित्तीय सहायता ।- (क) स्टार्ट-अप के लिए मुफ्त मूल्यांकन;

(ख) देवदूत निवेशकों तक पहुॅच सुकर बनाना;

(ग) राज्य द्वारा निबंधित देवदूत निवेशकों से आरंभिक राज्य निधि की ओर निवेश को मोक्लाइजिंग के लिए निवेश के 2 प्रतिशत की दर से सफलता फीस स्टार्ट-अप को उपलब्ध की जाएगी। 10101010....5555....3333 वित्तीय सहायता का स्केल अप ।-वित्तीय सहायता का स्केल अप ।-वित्तीय सहायता का स्केल अप ।-वित्तीय सहायता का स्केल अप ।- (क) सरकार अपने न्यास के माध्यम से एआईएफस (वैकल्पिक निवेश निधि) लिमिटेड के रूप में 25 प्रतिशत तक भागीदारी कर सकती है। विशेषज्ञ समिति के परामर्श से, अपने मानदण्ड के आधार पर, इस प्रकार सृजित जोखिम पूॅजी निधि, आरंभिक रूप से, बिहार में अवस्थित स्टार्ट-अप में निवेश की जाएगी। (ख) सरकार राष्ट्रीय बीएसई/एनएसई, जैसे के स्तर के स्टॉक एक्सचेंज, सहयोग से स्टार्ट-अप के सूचीबद्धकरण और सार्वजनिक मुद्दों को सुकर बनाएगी। लागू बिहार औद्योगिक प्रोत्साहन नीति के प्रावधानों के अधीन स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन उपलब्ध होगी। हॉलाकि एक से अधिक बार प्रोत्साहन के लिए दावा एक ही कंपोनेंट के लिए नहीं किया जा सकता है। भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के अधीन उपलब्ध सुसंगत लिवर लाभ हेतु प्रयास किए जाएंगे।9 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 6 अ"तूबर 2016 10101010....6666 देश और विदेश में पेटेंट दाखिल करने के लिए शून्य खर्च ।- देश और विदेश में पेटेंट दाखिल करने के लिए शून्य खर्च ।- देश और विदेश में पेटेंट दाखिल करने के लिए शून्य खर्च ।- देश और विदेश में पेटेंट दाखिल करने के लिए शून्य खर्च ।- बौद्धिक संपदा (आईपी) स्टार्ट-अप अथवा उद्यमियों के लिए किसी के व्यवसाय को आरंभिक स्टार्ट-अप उपलब्ध करनाएक अमूल्य व्यवसाय उपकरण है। बौद्धिक संपदा सृजनकर्त्ता का किसी खास अवधि के लिए अपने सृजन का उपयोग करने के लिए अनन्य अधिकार प्रदान करता है। व्यापार के नए रास्तों की वृद्धि से, बौद्धिक संपदा, वर्त्तमान धन चालकों की कुंजियों में से एक कुंजी हो गई है। आज के प्रतियोगी एवं गतिशील वातावरण में, बौद्धिक संपदा, उत्पाद या सेवा की अद्वितीय विक्रय प्रस्तावना (यूएसपी) अपने प्रतियोगी से अधिक तेजी से स्टार्ट-अप के लिए, बड़ी प्रवेश बाधा को पार करते हुए, हो सकती है। निवेशक बौद्धिक संपदा पर काफी जोर देते हैं और जोखिम के लिए अच्छे मूल्यों का सृजन करते हैं। स्टार्ट-अप द्वारा बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) के निबंधन हेतु प्रोत्साहित करने के लिए एवं बौद्धिक संपदा अधिकार की रक्षा एवं वाणिज्यीकरण हेतु सहायता सुकर बनाने हेतु सरकार निम्नलिखित के लिए प्रावधान करेगीः-

(क) देशी पेटेंट दाखिल करने से संबंधित सभी खर्च वहन करने;

(ख) दिए गए विदेशी पेटेंट मद्दे दाखिलीकरण फीस के लिए प्रतिपूर्ति के रूप में अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध करने। 10101010....7777 अनुसूचित जाति/जनजाति/महिला एवं दिव्यांगों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता ।- अनुसूचित जाति/जनजाति/महिला एवं दिव्यांगों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता ।- अनुसूचित जाति/जनजाति/महिला एवं दिव्यांगों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता ।- अनुसूचित जाति/जनजाति/महिला एवं दिव्यांगों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता ।- निम्नलिखित सहायता सिर्फ उन स्टार्ट-अप के लिए लागू होगी जिनका (पूर्ण रूप से) स्वामितव इस कोटि के व्यक्ति अथवा केवल इस कोटि में परिभाषित व्यक्ति के समूह/मेलजोल का हो अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्तियों की पहचान करनें और उनके बीच उद्यमिता प्रोत्सहित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। 10.7.1 ट्रस्ट एक परियोजना प्रबंधन इकाई की स्थापना, उनके जोखिम को स्थापित करने में विनिर्दिष्ट रूप से पकड़ बनाने के लिए, की जाएगी। 10.7.2 इस कोटि के अधीन उद्यमियों को इस नीति के खंड 10.5.1 और 10.5.2 के अधीन नियत सीमा से अधिक अतिरिक्त अनुदान/उन्मुक्ति आर्थिक सहायता प्राप्त करेंगे।

(क) महिला उद्यमी-अतिरिक्त 5 प्रतिशत (ख) अनुसूचित जाति/जनजाति-अतिरिक्त 15 प्रतिशत

(ग) दिव्यांग-अतिरिक्त 15 प्रतिशत 10.7.3 इसके अतिरिक्त स्टार्ट-अप की निधि के लिए की गई कुल संग्रह राशि (कार्पस) का 22 प्रतिशत (20 प्रतिशत अनुसूचित जाति/2 प्रतिशत जनजाति) अनुसूचित जाति एवं जनजाति जातियों के लिए सुरक्षित रखी जाएगी। 10.7.4 आवश्यकता के आधार पर, जैसा कि कंडिका संख्या-6.1 में वर्णित है, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, महिला और दिव्यांग स्टार्ट-अप को प्रमाणित करने के लिए सरकार मानदंडों को शिथिल करेगी। 11111111.... सांस्थिक ढांचा ।-सांस्थिक ढांचा ।-सांस्थिक ढांचा ।-सांस्थिक ढांचा ।- 11.1 न्यास (ट्रस्ट) किसी पेशेवर व्यक्ति, जिसे कंपनी में निवेश का अनुभव हो, की अध्यक्षता में गठित एक स्वायत निकाय होगा। न्यास (ट्रस्ट) की संरचना निम्नलिखित से होगीः-

निवेश के क्षेत्र में विशेषज्ञ अन्यथा विकास आयुक्त - अध्यक्ष सरकार द्वारा ऐसी नियुक्ति होने तक - सदस्य

प्रधान सचिव/सचिव, उद्योग विभाग - सदस्य प्रधान सचिव, वित्त - सदस्य

प्रधान सचिव, योजना - सदस्य

प्रधान सचिव, विज्ञान एवं प्रावैधिकी - सदस्य सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट होने वाले दो प्रधान सचिव/सचिव - दो सदस्य

निदेशक, आईआईटी, पटना, निदेशक, एन0आई0आई0टी0, पटना - तीन सदस्य उद्यमिता को प्रोत्साहित करनेवाले संघों, संगठनों एवं संस्थानों के प्रतिनिधि - तीन सदस्य विशेष आमंत्रित सदस्य (विषय/सेक्टर विशेषज्ञ) - दो सदस्य

निधि प्रबंधकों के प्रतिनिधि - दो सदस्य(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 6 अ"तूबर 2016 10 11111111....2222 सिंगल विंडो क्लियरेंस समिति ।-सिंगल विंडो क्लियरेंस समिति ।-सिंगल विंडो क्लियरेंस समिति ।-सिंगल विंडो क्लियरेंस समिति ।- स्टार्ट-अप द्वारा अपेक्षित सभी वैधानिक अनुज्ञा पत्र क्लियरेंस (इस नीति के अधीन यदि अन्यथा उन्मुक्त न किए गए हों) प्राथमिकता के आधर पर सुकर बनाए जाएंगे। समिति निम्नलिखित से मिलकर गठित होगीः- (क) प्रधान सचिव, उद्योग विभाग, (ख) संबंधित विभागों के प्रतिनिधिगण। यह समिति इस नीति में यथा उल्लिखित सभी विषयों के लिए समयबद्ध क्लियरेंस सुनिश्चत करेगी। 11111111....3333 ट्रस्ट की भूमिका ।-ट्रस्ट की भूमिका ।-ट्रस्ट की भूमिका ।-ट्रस्ट की भूमिका ।- इस स्टार्ट-अप नीति के लिए, ग्रंथिक (नोडल) एजेंसी होने के नाते, ट्रस्ट को निम्नलिखित भूमिका एवं जिम्मेवारियॉ सौंपी जाएगीः- (क) बिहार के युवाओं के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान का प्रबंधन;

(ख) उद्यमिता विकास इकाई और उद्यमिता सहायता केन्द्राें को सहायता पहुॅचाना;

(ग) स्टार्ट-अप के लिए कॉमन आधारभूत संरचना का सृजन और प्रबंधन करना; (घ) शिक्षा में उद्यमिता प्रोत्साहित करने हेतु सुधारों की अनुशंसा करना; (ड़) स्टार्ट-अप के कार्यों की गुणवत्ता की जॉच के लिए अपने हिसाब से तालिका का निर्माण करना ताकि गुणवत्ता के आधार स्टार्ट-अप की परख, राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्र स्तर की बेंच मार्किंग द्वारा, स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र की गुणवत्ता को लीक पर लाने हेतु व्यवसायकृत इन्डेक्स का सृजन करना;

(च) स्टार्ट-अप बिहार मुख्य द्वार (पोर्टल) की स्थापना, प्रचालन और प्रबंधन करना; (छ) राज्य सरकार की अन्य नीतियों के साथ नीति का संरेखण या पंक्तिबद्धता;

(ज) आवश्यकतानुसार इस नीति में संशोधन या उपांतरण करना; (झ) इस नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राज्य के अन्य विभागों के साथ संपर्क स्थापित करना;

() स्टार्ट-अप को निधि सहायता देने के लिए आशावादी नीतियों का सृजन करने हेतु सरकारी ऐजेंसी और सेबी आदि जैसी राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी के साथ संपर्क (लाइजन) करना; (ट) विश्व बैंक, अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष आदि जैसे बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान के साथ, स्टार्ट-अप के लिए वित्तीय सहायता हेतु संपर्क (लाइजन) करना; (ठ) स्टार्ट-अप द्वारा बिहार में स्थापना और प्रचालन के दौरान की जानेवाली किसी कठिनाई का निराकरण करना;

(ड) इस नीति की वार्षिक समीक्षा करना; (ढ) इस नीति का संपूर्ण मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन करना;

(ण) स्टार्ट-अप के लिए राज्य में नया बाजार चिन्हित करना एवं उसका विकास करना; (त) निधि प्रबंधक की नियुक्ति। 11111111....4444 निधि प्रबंधक की भूमिका ।-निधि प्रबंधक की भूमिका ।-निधि प्रबंधक की भूमिका ।-निधि प्रबंधक की भूमिका ।- इस नीति के अधीन न्यास (ट्रस्ट) एक या एक से अधिक निधि प्रबंधकों की नियुक्ति करेगी जिसकी निम्नलिखित भूमिका होगीः-

(क) इस नीति के अधीन जोखिम पूॅजी निधि का निधि प्रबंधन (ख) ट्रस्ट का आस्ति प्रबंधन;

(ग) स्टार्ट-अप का प्रमाणीकरण;

(घ) इस नीति में उल्लिखित वित्तीय प्रोत्साहन, निबंधन, अनुज्ञा पत्र, शून्य खर्च, आईपीआर एवं अन्य सभी राजकोषीय जैसे खर्च को नीति में सुकर बनाना;

(ड़) स्टार्ट-अप को बीज अनुदान, आरंभिक चरण एवं उध्र्ववर्ती निधि देने और इस नीति में अधिकथित अन्य निधि सहायता जैसी निधि के लिए सहायता; (च) इस नीति के अनुसार स्टार्ट-अप में निवेश;

(छ) इस नीति के अधीन समयबद्ध रीति से लिए गए निर्णयों से संबंधित निवेश को सुकर बनाना; (ज) नीति एवं स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र का, समय-समय पर निर्धारण;

(झ) नीति कार्यान्वयन प्रक्रिया पर पैनी निगाह रखना;

11 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 6 अ"तूबर 2016

() बहुपक्षीय एवं दानदाता ऐजेंसियों से स्टार्ट-अप के लिए निधि की उगाही करना। 11111111....5555 विशेषज्ञ समिति की भूमिका ।विशेषज्ञ समिति की भूमिका ।विशेषज्ञ समिति की भूमिका ।विशेषज्ञ समिति की भूमिका । निधि प्रबंधक इसके प्रचालन में सहयोग देनेवाली एक विशेषज्ञ समिति का गठन करेगा जिसमें देवदूत निवेशक, परामर्शदाता तकनीकी शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधि और अन्य क्षेत्र के विशेषज्ञ, नीति के क्रियान्वयन में सहायता करने हेतु, शामिल होंगे। यह निधि प्रबंधकों की एक निपुण समिति भी होगी जो स्टार्ट-अप के रूप में प्राप्त विभिन्न प्रस्तावों की जॉच एवं व्यवसाय के विचारों को प्रमाणीकृत करेगी। समिति उपयुक्त इनक्यूबेशन परामर्शदाता के संबंध में स्टार्ट-अप का मार्गदर्शन करेगी। 11111111....6666 उत्तरदायित्व साँचा ।उत्तरदायित्व साँचा ।उत्तरदायित्व साँचा ।उत्तरदायित्व साँचा ।

क्रमांक कार्य उत्तरदायित्व
1. स्टार्ट-अप का प्रमाणीकरण निपुण समिति की सहायता से निधि प्रबंधक
2. जागरूकता अभियान, राज्य स्तरीय चुनौतियाँ/ प तियोगिता और बिहार स्टार्ट-अप महोत्सव ्र निधि प्रबंधक किसी अन्य एजेंसी की सहायता से ट स्ट ्र
3. उद्यमिता विकास कोषांग उद्यमिता सहायता केन्द्र की स्थापना हेतु वित्तीय सहायता निधि प्रबंधक की सहायता से ट्रस्ट
4. बिहार स्टार्ट-अप मुख्य द्वार पोर्टल स्थापित करना निधि प्रबंधक किसी अन्य ऐजेंसी की सहायता से ट स्ट ्र
5. किसी व्यवसाय को चलाने के लिए अपेक्षित विभिन्न अधिनियम के अधीन कानूनी अनुज्ञा पत्र/निबंधन सिंगल विंडो क्लियरेंस समिति
6. शिक्षातंत्र में सुधारों की अनुशंसा तकनीकी उच्चतर शिक्षा संस्थानों की सहायता से ट स्ट ्र
7. निधि सहायता प्रोत्साहन का मूल्यांकन निधि प्रबंधक
8. स्टार्ट-अप में निवेश निधि प्रबंधक
9. स्टार्ट-अप के लिए इनक्यूबेशन सहायता निधि प्रबंधक
10. कॉमन आधारभूत संरचना और बिहार नवीकरण हब ट स्ट/निधि प्रबंधक ्र
11. शून्य खर्च आईपी निबंधन निधि प्रबंधक

———— अधी+क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, iiiiटना (cid:23)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 821-571+1000-ड&0ट&0प ी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 06 October 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-10-06.821/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-10-06.821.