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बिहार राज्यबिहार राज्यबिहार राज्यबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदधार्मिक न्यास पर्षदधार्मिक न्यास पर्षदधार्मिक न्यास पर्षद ——— अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 3 twu 2016
सं॰ 794—गया जिलान्तर्गत बेलागंज प्रखंड में अवस्थित मोरहर तथा बुढ़ नदी के संगम से लगभग 250 गज गया जिलान्तर्गत बेलागंज प्रखंड में अवस्थित मोरहर तथा बुढ़ नदी के संगम से लगभग 250 गज गया जिलान्तर्गत बेलागंज प्रखंड में अवस्थित मोरहर तथा बुढ़ नदी के संगम से लगभग 250 गज की दूरी पर पष्चिम दिषा में तथा ग्राम- मेन के दक्षिण दिषा में भगवान षिव का सहस्र लिंग स्थापित है, जिसे बाबा की दूरी पर पष्चिम दिषा में तथा ग्राम- मेन के दक्षिण दिषा में भगवान षिव का सहस्र लिंग स्थापित है, जिसे बाबा की दूरी पर पष्चिम दिषा में तथा ग्राम- मेन के दक्षिण दिषा में भगवान षिव का सहस्र लिंग स्थापित है, जिसे बाबा कोटेष्वरनाथ के नाम से जाना जाता है। इस षिवलिंग में समान आकार के 1008 षिवलिंग समाहित हैं, जिसका आज है। इस षिवलिंग में समान आकार के 1008 षिवलिंग समाहित हैं, जिसका आज भी प्रत्यक्ष दर्षन किया जाता है। कहा जाता है कि इस षिवलिंग की स्थापना द्वापर युग में वाणासुर की आत्मजा ऊषा भी प्रत्यक्ष दर्षन किया जाता है। कहा जाता है कि इस षिवलिंग की स्थापना द्वापर युग में वाणासुर की आत्मजा ऊषा भी प्रत्यक्ष दर्षन किया जाता है। कहा जाता है कि इस षिवलिंग की स्थापना द्वापर युग में वाणासुर की आत्मजा ऊषा ने करवायी थी। ग्राम मेन का प्राचीन नाम यहां स्थापित षिवलिंगों के नाम पर षिवपुर था। यह मंदिर अतिप्राचीन एवं र था। यह मंदिर अतिप्राचीन एवं ने करवायी थी। ग्राम मेन का प्राचीन नाम यहां स्थापित षिवलिंगों के नाम पर षिवपु 3899 है। ऐसा अनुमान किया जाता है कि ऐतिहासिक है। मंदिर सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0 ऐतिहासिक है। मंदिर सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0 3899 है। ऐसा अनुमान किया जाता है कि मंदिर लगभग 1200 वर्ष पूराना होगा। मंदिर लगभग 1200 वर्ष पूराना होगा।
15 की कार्रवाई की प्रति प्राप्त इस न्यास की व्यवस्था हेतु पर्षद कार्यालय को आम सभा दिनांक 20-12-2015 की कार्रवाई की प्रति इस न्यास की व्यवस्था हेतु पर्षद कार्यालय को हुई है। आम सभा में न्यास की व्यवस्था हेतु न्यास समिति गठन हेतु सर्वसम्मति से सदस्यों का चुनाव किया गया। हुई है। आम सभा में न्यास की व्यवस्था हेतु न्यास समिति गठन हेतु सर्वसम्मति से सदस्यों का चुनाव किया गया। हुई है। आम सभा में न्यास की व्यवस्था हेतु न्यास समिति गठन हेतु सर्वसम्मति से सदस्यों का चुनाव किया गया। उपरोक्त परिस्थिति में न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास के लिए बिहार राज्य धार्मिक न्यास उपरोक्त परिस्थिति में न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास के लिए बिहार राज्य धार्मिक न्यास उपरोक्त परिस्थिति में न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास के लिए बिहार राज्य धार्मिक न्यास वं इसके कार्यान्वयन हेतु न्यास समिति का गठन 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण एवं इसके कार्यान्वयन हेतु न्यास समिति का गठन अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण ए आवष्यक प्रतीत होता है।
अतः उपर्युक्त परिस्थिति में मैं, संजय कुमार, प्रषासक, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की र्क न्यास अधिनियम 1950 की अतः उपर्युक्त परिस्थिति में मैं, संजय कुमार, प्रषासक, बिहार हिन्दू धामि 8 (क) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस न्यास बाबा कोटेष्वरनाथ मंदिर, धारा-81 (ख) सह पठित धारा-8 (क) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस न्यास बाबा 8 (क) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस न्यास बाबा गया के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे ग्रामपो0-मेन, थाना-बेलागंज, जिला-गया के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे ग्रामपो0-मेन, थाना-बेलागंज, जिला- लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ। लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।
योजनायोजनायोजनायोजना
1. अधिनियम की धारा- 2 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 7 अ(cid:23)तूबर 2016 2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्तियों की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ, तीर्थ-यात्री एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा। 3. न्यास की समस्त आय, न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा। 4. न्यास की आय-व्यय में, आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के बजट, आय-व्यय की विवरणी, पर्षद शुल्क, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।
6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी। 7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझी जाय, तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे, तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। 11. ये न्यास की चल या अचल सम्पत्ति का हस्तांतरण, बदलैन या लीज किसी के पक्ष में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद की अनुमति के बिना नहीं करेंगे। अगर बगैर अनुमति के किसी प्रकार का हस्तांतरण, बदलैन या लीज किया जाता है तो वह अवैध एवं वातिल होगा।
12. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। (1) श्री झलक देव सिंह, ग्राम- मेन, जिला- गया - अध्यक्ष (2) श्री श्री किषोरी मोहन शर्मा, ग्राम- मेन, जिला- गया - उपाध्यक्ष (3) श्री योगेन्द्र शर्मा, ग्राम- मेन, जिला- गया - सचिव (4) श्री चन्द्रदेव दास, दीवरी ग्राम, जिला- गया - संगठन सचिव (5) श्री रामध्यान शर्मा, ग्राम- मेन, जिला- गया - कोषाध्यक्ष (6) श्री केषरी त्रिपाठी, ग्राम- मेन, जिला- गया - सदस्य (7) श्री सुभाष शर्मा, ग्राम- मेन, जिला- गया - सदस्य (8) श्री श्री हरदेव शर्मा ग्राम- मेन, जिला- गया - सदस्य (9) श्री मुकेष कुमार 'अधिवक्ता' व्यवहार न्यायालय, गया - सदस्य 13. उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्यकाल, अधिसूचना का गजट प्रकाषन होने की तिथि से अगले 05 वर्षों का होगा, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर न्यास समिति की निरन्तरता पर यथोचित निर्णय लिया जा सकेगा।
आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से, संजय कुमार,संजय कुमार,संजय कुमार,संजय कुमार, प्रशासक।प्रशासक।प्रशासक।प्रशासक।
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