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बिहार राज्यबिहार राज्यबिहार राज्यबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदधार्मिक न्यास पर्षदधार्मिक न्यास पर्षदधार्मिक न्यास पर्षद ——— अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 22 Qjojh 2016 सं॰ 3795—बाबा मुनेष्वर नाथ महादेव मंदिर (महंथ स्थान), ग्राम-गोढ़ैल, पोस्ट-तुमौल, जिला-दरभंगा बाबा मुनेष्वर नाथ महादेव मंदिर (महंथ स्थान), ग्राम-गोढ़ैल, पोस्ट-तुमौल, जिला-दरभंगा पर्षद बाबा मुनेष्वर नाथ महादेव मंदिर (महंथ स्थान), ग्राम-गोढ़ैल, पोस्ट-तुमौल, जिला-दरभंगा में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-3952 है। में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-3952 है।
इस पौराणिक स्थान के सुचारू प्रबंधन परिसम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक् विकास हेतु पर्षदी इस पौराणिक स्थान के सुचारू प्रबंधन परिसम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक् विकास हेतु पर्षदीय अधिसूचना 2010 द्वारा एक न्यास समिति का गठन 05 वर्षो के लिए किया गया था, जिसका ज्ञापांक-2336, दिनांक 26.03.2010 द्वारा एक न्यास समिति का गठन 05 वर्षो के लिए किया गया था, जिसका 2010 द्वारा एक न्यास समिति का गठन 05 वर्षो के लिए किया गया था, जिसका कार्यकाल समाप्त हो गया है। अतः इसके प्रबंधन के लिए एक विस्तृत योजना का निरूपण तथा नई न्यास समिति का कार्यकाल समाप्त हो गया है। अतः इसके प्रबंधन के लिए एक विस्तृत योजना का निरूपण तथा नई न्यास समिति का कार्यकाल समाप्त हो गया है। अतः इसके प्रबंधन के लिए एक विस्तृत योजना का निरूपण तथा नई न्यास समिति का गठन आवष्यक है। इस हेतु एक न्यास समिति के गठन के लिए सदस्यों का नाम भेजने हेतु अंचल अधिकारी, ु एक न्यास समिति के गठन के लिए सदस्यों का नाम भेजने हेतु अंचल अधिकारी, ु एक न्यास समिति के गठन के लिए सदस्यों का नाम भेजने हेतु अंचल अधिकारी, 2015 द्वारा अनुरोध किया गया। उक्त पत्र के अनुपालन में घनष्यामपुर, दरभंगा को पर्षदीय पत्रांक 1387 दिनांक 30 घनष्यामपुर, दरभंगा को पर्षदीय पत्रांक 1387 दिनांक 30.07.2015 द्वारा अनुरोध किया गया। उक्त पत्र के अनुपालन में ास समिति के गठन हेतु नौ अंचल अधिकारी, घनष्यामपुर, दरभंगा से उनके पत्रांक 52 दिनांक 30.01.2016 द्वारा न्यास समिति के गठन हेतु नौ अंचल अधिकारी, घनष्यामपुर, दरभंगा से उनके पत्रांक 52 दिनांक 30 व्यक्तियों का नाम प्राप्त हुआ है। इसके आलोक में न्यास के सुचारू प्रबंधन हेतु न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया व्यक्तियों का नाम प्राप्त हुआ है। इसके आलोक में न्यास के सुचारू प्रबंधन हेतु न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया व्यक्तियों का नाम प्राप्त हुआ है। इसके आलोक में न्यास के सुचारू प्रबंधन हेतु न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया।
अतएव बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार, र्क न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार, उप विधि संख्या 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए बाबा मुनेष्वर नाथ उप विधि संख्या 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए जो धार्मिक न्यास की उप विधि संख्या 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए की परिसम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण, सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे महादेव मंदिर (महंथ स्थान) की परिसम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण, सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे की परिसम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण, सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है। योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
योजनायोजनायोजनायोजना
1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नामा बाबा मुनेष्वर नाथ महादेव मंदिर बाबा मुनेष्वर नाथ महादेव मंदिर बाबा मुनेष्वर नाथ महादेव मंदिर बाबा मुनेष्वर नाथ महादेव मंदिर 32 के तहत निरूपित इस योजना का नामा ''''''''बाबा मुनेष्वर नाथ महादेव मंदिर बाबा मुनेष्वर नाथ महादेव मंदिर बाबा मुनेष्वर नाथ महादेव मंदिर बाबा मुनेष्वर नाथ महादेव मंदिर होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति न्यास योजना'' न्यास योजना'' न्यास योजना'' न्यास योजना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति 2 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 7 अ(cid:23)तूबर 2016 4. न्यास की समग्र आय समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में रखी जायेगी और बैंक खाता का संचालन समिति के अध्यक्ष, सचिव, एवं कोषाध्यक्ष में से किन्ही दों के हस्ताक्षर से होगा। 5. मन्दिर में प्राप्त होने वाले सभी चन्दा, चढ़ावा एवं मांगलिक/धार्मिक आयोजनों के लिए निर्धारित राषि के लिए दाताओं को उचित पावती रसीद दी जायेगी और उसका सम्यक् लेखा संधारण किया जायेगा। 6. न्यास समिति के आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता रखेगी। 7. मन्दिर में आने वाल आस्थावान भक्तों के साथ किसी प्रकार का भेद-भाव नहीं किया जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा। कुष्णाष्टमी आदि विषेष अवसरों पर भक्तों की सुविधा एवं सुरक्षा का ख्याल रखा जायेगा।
8. मन्दिर परिसर में भेंट पात्र रखे जायेंगे जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति के दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर सत्यापित पंजी में प्रविष्टि के बाद बैंक खाता में जमा की जायेगी। 9. न्यास समिति न्यास परिसर को स्वच्छ एवं अतिक्रमणमुक्त, यदि हो तो, रखेगी। 10. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित सभी प्रावधानों का सम्यक् अनुपालन सुनिष्चित करेगी तथा वार्षिक आय-व्यय का विवरण, बजट, देय शुल्क की राषि एवं बैठकों की कार्यवृत्त पर्षद को ससमय भेजेगी।
11. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष करेगें। सचिव समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्तरूप देने के लिए उत्तरदायी होगें और कोषाध्यक्ष लेखा की सम्यक् संधारण के लिए जिम्मेवार होंगे।
12. न्यास समिति की बैठक सामान्यतः मन्दिर परिसर में होगी। यह बैठक प्रत्येक तिमाही में कम-से-कम एक बार अवष्य होगी।
13. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन अथवा संषोधन का अधिकार पर्षद में निहित होगा। 14. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि मन्दिर की सम्पत्ति से प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से लाभान्वित होगे अथवा आपराधिक पृष्ठभूमि के होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। 15. न्यास समिति को न्यास की कोई सम्पत्ति बेचने, लीज पर देने या किसी प्रकार से अन्य संक्रमण का अधिकार नहीं होगा।
16. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराने हेतु आवष्यक वैधानिक कार्रवाई करेगी। उपर्युक्त योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति गठित की जाती है :- उपर्युक्त योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति गठित की जाती है :- उपर्युक्त योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति गठित की जाती है :- उपर्युक्त योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति गठित की जाती है :-
(1) अंचल अधिकारी, अंचल घनष्यामपुर, जिला-दरभंगा - पदेन अध्यक्ष (2) श्री जवाहर साफी, पिता-स्व0 वकील साफी, ग्राम-छड़ड़ापट्टी, पोस्ट-तुमौल, जिला-दरभंगा - उपाध्यक्ष (3) श्री राम कुमार मिश्र, पिता-स्व0 उपेन्द्र नारायण मिश्र, ग्रामपोस्ट-तुमौल, जिला-दरभंगा - सचिव (4) श्री सरेष प्रसाद यादव, पिता-देवचन्द्र यादव, ग्राम-गोढ़ौल, पोस्ट-तुमौल, जिला-दरभंगा - कोषाध्यक्ष (5) श्री जगदीष प्रसाद साहु, पिता-स्व0 रामेष्वर साहु, ग्राम-गोढ़ौल, पोस्ट-तुमौल, जिला-दरभंगा - सदस्य (6) श्रीमती शीला देवी, पति-कामेष्वर मल्लिक, ग्राम-गोढ़ौल, पोस्ट-तुमौल, जिला-दरभंगा - सदस्य (7) श्री हरि भारती पिता-स्व0 रामजी भारती, ग्राम-गोढ़ौल, पोस्ट-तुमौल, जिला-दरभंगा - सदस्य (8) श्री अषोक कुमार सिंह, पिता-इन्द्रदेव सिंह, ग्रामपोस्ट-तुमौल, जिला-दरभंगा - सदस्य (9) थानाध्यक्ष, घनष्यामपुर, जिला-दरभंगा - पदेन सदस्य
इन सदस्यों में से कोई किसी की निकट रिश्तदारी में सिद्ध होगा, तो उसकी सदस्यता अमान्य होगी। यह योजना दिनांक 22.02.2016 से प्रभावी होगी और इसका कार्यकाल 05 वर्षो का होगा।।
आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से, किशोर कुणालकिशोर कुणालकिशोर कुणालकिशोर कुणाल,,,, अध्यअध्यअध्यअध्यक्षक्षक्षक्ष।।।।