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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 October 2016

Published 07 October 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-10-07.850
Languages
English, Hindi

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बिहार राज्यबिहार राज्यबिहार राज्यबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदधार्मिक न्यास पर्षदधार्मिक न्यास पर्षदधार्मिक न्यास पर्षद ——— अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 17 Qjojh 2016

पर्षदीय पत्रांक-1985, दिनांक 20.07.2013 द्वारा अंचलाधिकारी, मदनपुर, आ

सं॰ 3765—माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर, उमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, औरंगाबाद माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर, उमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, औरंगाबाद एक माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर, उमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, औरंगाबाद माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर, उमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, औरंगाबाद माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर, उमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, औरंगाबाद माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर, उमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, औरंगाबाद माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर, उमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, औरंगाबाद माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर, उमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, औरंगाबाद माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर, उमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, औरंगाबाद माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर, उमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, औरंगाबाद माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर, उमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, औरंगाबाद माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर, उमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, औरंगाबाद सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। उमगा सूर्य मंदिर, मदनपुर प्रखंड में अवस्थित है। यह एक पहाड़ी है, जो बिंध्य पर्वत श्रेणी सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। उमगा सूर्य मंदिर, मदनपुर प्रखंड में अवस्थित है। यह एक पहाड़ी है, जो बिंध्य पर्वत श्रेणी सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। उमगा सूर्य मंदिर, मदनपुर प्रखंड में अवस्थित है। यह एक पहाड़ी है, जो बिंध्य पर्वत श्रेणी का एक भाग है। वर्त्तमान में इस स्थान पर तीन प्राचीन मंदिर तथा दर्जनों मंदिरों के भग्नावषेष विखरे पड़े हैं। किवदंती इस स्थान पर तीन प्राचीन मंदिर तथा दर्जनों मंदिरों के भग्नावषेष विखरे पड़े हैं। किवदंती इस स्थान पर तीन प्राचीन मंदिर तथा दर्जनों मंदिरों के भग्नावषेष विखरे पड़े हैं। किवदंती है कि इस स्थान पर पहले वामण मंदिरों की एक श्रृंखला थी। अभी भी यहां सैकड़ों की संख्या में प्राचीन दुर्लभ है कि इस स्थान पर पहले वामण मंदिरों की एक श्रृंखला थी। अभी भी यहां सैकड़ों की संख्या में प्राचीन दुर्लभ है कि इस स्थान पर पहले वामण मंदिरों की एक श्रृंखला थी। अभी भी यहां सैकड़ों की संख्या में प्राचीन दुर्लभ प्रतिमाएँ, षिलालेख विखरे पडे़ हैं। यह स्थान पुरातात्विक म हत्व का है। यहां पर सूर्य, दुर्गा, गणेष, षिवलिंग तथा गरूड़ प्रतिमाएँ, षिलालेख विखरे पडे़ हैं। यह स्थान पुरातात्विक महत्व का है। यहां पर सूर्य, दुर्गा, गणेष, षिवलिंग तथा गरूड़ स्तम्भ भी है। इस मंदिर से संबंधित श्री अषोक कुमार सिंह, मा0 सदस्य, बिहार विधान सभा ने मंदिर के संबंध में स्तम्भ भी है। इस मंदिर से संबंधित श्री अषोक कुमार सिंह, मा0 सदस्य, बिहार विधान सभा ने मंदिर के संबंध में स्तम्भ भी है। इस मंदिर से संबंधित श्री अषोक कुमार सिंह, मा0 सदस्य, बिहार विधान सभा ने मंदिर के संबंध में 13 द्वारा अंचलाधिकारी, मदनपुर, औरंगाबाद से इस तारांकित प्रष्न किया था। पर्षदीय पत्रांक-1985, दिनांक 01.08.2014 द्वारा इस मंदिर के विषय में एक विस्तृत प्रतिवेदन की मांग की गयी थी। पुनः पर्षदीय पत्रांक-583, दिनांक 01 मंदिर के विषय में एक विस्तृत प्रतिवेदन की मांग संबंध में स्मार-पत्र दिया गया, परंतु प्रतिवेदन अप्राप्त रहा। इस न्यास की पुरातात्विक महत्व को ध्यान में रखते हुए संबंध में स्मार-पत्र दिया गया, परंतु प्रतिवेदन अप्राप्त रहा। इस न्यास की पुरातात्विक महत्व को ध्यान में रखते हुए संबंध में स्मार-पत्र दिया गया, परंतु प्रतिवेदन अप्राप्त रहा। इस न्यास की पुरातात्विक महत्व को ध्यान में रखते हुए पर्षद ने न्यास का स्थल निरीक्षण कराने का निर्णय लिया। स्थल निरीक्षण में पाया गया कि यह एक अतिप्राचीन ा कराने का निर्णय लिया। स्थल निरीक्षण में पाया गया कि यह एक अतिप्राचीन ा कराने का निर्णय लिया। स्थल निरीक्षण में पाया गया कि यह एक अतिप्राचीन पुरातात्विक महत्व की धार्मिक मंदिरों की श्रृंखला है। यहां वसंत पंचमी के अवसर पर भव्य मेला लगता हैै। जांच पुरातात्विक महत्व की धार्मिक मंदिरों की श्रृंखला है। यहां वसंत पंचमी के अवसर पर भव्य मेला लगता हैै। जांच पुरातात्विक महत्व की धार्मिक मंदिरों की श्रृंखला है। यहां वसंत पंचमी के अवसर पर भव्य मेला लगता हैै। जांच बाद ने अपने पत्रांक- पदाधिकारी ने न्यास के निबंधन किये जाने की अनुषंसा की। अनुमंडल पदाधिकारी, औरंगाबाद पदाधिकारी ने न्यास के निबंधन किये जाने की अनुषंसा की। अनुमंडल पदाधिकारी, औरंगा 42/गो0, दिनांक 09/01/2016 में इस न्यास के संबंध में बहुत ही सारगर्भित प्रतिवेदन पर्षद कार्यालय को प्रेषित 09/01/2016 में इस न्यास के संबंध में बहुत ही सारगर्भित प्रतिवेदन पर्षद कार्यालय को प्रेषित 09/01/2016 में इस न्यास के संबंध में बहुत ही सारगर्भित प्रतिवेदन पर्षद कार्यालय को प्रेषित किया। उन्होंने अपने प्रतिवेदन में लिखा है कि विलियम डेनियल की पैंटिग्स में उमगा को महत्वपूर्ण स्थान मिला है। किया। उन्होंने अपने प्रतिवेदन में लिखा है कि विलियम डेनियल की पैंटिग्स में उमगा को महत्वपूर्ण स्थान मिला है। किया। उन्होंने अपने प्रतिवेदन में लिखा है कि विलियम डेनियल की पैंटिग्स में उमगा को महत्वपूर्ण स्थान मिला है। बुकानन किटृटो और मेजर पेप की रिर्पोटों में भी उमगा का उल्लेख है। कई आधुनिक खोजकर्त्ता इस पर शोध कर रहे र पेप की रिर्पोटों में भी उमगा का उल्लेख है। कई आधुनिक खोजकर्त्ता इस पर शोध कर रहे र पेप की रिर्पोटों में भी उमगा का उल्लेख है। कई आधुनिक खोजकर्त्ता इस पर शोध कर रहे हैं। स्थापत्य कला के लिहाज से यहां के मंदिर नागर शैली के हैं तथा इनका निर्माण काल आठवीं से सोलहवीं सदी हैं। स्थापत्य कला के लिहाज से यहां के मंदिर नागर शैली के हैं तथा इनका निर्माण काल आठवीं से सोलहवीं सदी हैं। स्थापत्य कला के लिहाज से यहां के मंदिर नागर शैली के हैं तथा इनका निर्माण काल आठवीं से सोलहवीं सदी का माना जाता है।

ह भी लिखा है कि उमगा को 16वीं सदी के स्थानीय राजपुत अनुमंडल पदाधिकारी ने अपने प्रतिवेदन में यह भी लिखा है कि उमगा को 16वीं सदी के स्थानीय राजपुत अनुमंडल पदाधिकारी ने अपने प्रतिवेदन में य शासक भैरवेन्द्र की राजधानी भी बताया जाता है। अपने प्रतिवेदन के अंत में उन्होंने लिखा है कि भौगोलिक, ऐतिहासिक शासक भैरवेन्द्र की राजधानी भी बताया जाता है। अपने प्रतिवेदन के अंत में उन्होंने लिखा है कि भौगोलिक, ऐतिहासिक शासक भैरवेन्द्र की राजधानी भी बताया जाता है। अपने प्रतिवेदन के अंत में उन्होंने लिखा है कि भौगोलिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए उमगेष्वरी मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। एवं सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए उमगेष्वरी मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करन एवं सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए उमगेष्वरी मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करन दिनांक 21.12.2015 को उमगा मंदिर के प्रांगण में स्थानीय ग्रामीणाें की एक बैठक इस न्यास की व्यवस्था हेतु एक 2015 को उमगा मंदिर के प्रांगण में स्थानीय ग्रामीणाें की एक बैठक इस न्यास की व्यवस्था हेतु एक 2015 को उमगा मंदिर के प्रांगण में स्थानीय ग्रामीणाें की एक बैठक इस न्यास की व्यवस्था हेतु एक न्यास समिति के गठन तथा धार्मिक न्यास पर्षद से संबंद्ध किये जाने का निर्णय लिया गया। अपने प्रतिवेदन में उन्होंने न्यास समिति के गठन तथा धार्मिक न्यास पर्षद से संबंद्ध किये जाने का निर्णय लिया गया। अपने प्रतिवेदन में उन्होंने न्यास समिति के गठन तथा धार्मिक न्यास पर्षद से संबंद्ध किये जाने का निर्णय लिया गया। अपने प्रतिवेदन में उन्होंने सदस्यों का नाम भी प्रस्तावित किया। साथ ही न्यास के निबंधन की भी अनुषंसा की। सदस्यों का नाम भी प्रस्तावित किया। साथ ही न्यास के निबंधन की भी अनुषंसा की। न्यास समिति गठन हेतु ग्यारह सदस्यों का नाम भी प्रस्तावित किया। साथ ही न्यास के निबंधन की भी अनुषंसा की।2 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 7 अ(cid:23)तूबर 2016 अतः उपरोक्त परिस्थिति में बिहार राज्य धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण तथा इसके संचालन के लिए न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है ।

अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास की उप विधि सं0 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए माता उमगेष्वरी माता उमगेष्वरी माता उमगेष्वरी माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर, उमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, आ मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर, उमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, औरंगाबादैरंगाबादैरंगाबादैरंगाबाद के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर, उमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, आ मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर, उमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, आ सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।

योजनायोजनायोजनायोजना

1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर न्यास योजना, उमगा पहाड़, मंदिर न्यास योजना, उमगा पहाड़, मंदिर न्यास योजना, उमगा पहाड़, मंदिर न्यास योजना, उमगा पहाड़, प्रखंड-प्रखंड-प्रखंड-प्रखंड-मदनपुर, औरंगाबादमदनपुर, औरंगाबादमदनपुर, औरंगाबादमदनपुर, औरंगाबाद'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर न्यास समिति, माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर न्यास समिति, माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर न्यास समिति, माता उमगेष्वरी मंदिर सहित 52 प्राचीन मंदिर न्यास समिति, उमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, औरंगाबादउमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, औरंगाबादउमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, औरंगाबादउमगा पहाड़, प्रखंड- मदनपुर, औरंगाबाद'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा ।

3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा ।

4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा । 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी । 6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी । 7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी ।

8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी ।

9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा ।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी । 11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी ।

12. न्यास समिति बैठक करके तीन माह के अन्दर सचिव, कोषाध्यक्ष एवं सदस्यगण के पदनाम (गठित न्यास समिति में से) चयनित कर पर्षद में अनुमोदन के लिए भेजेगी। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों को न्यास समिति गठित की जाती हैः- (1) अनुमंडल पदाधिकारी, औरंगाबाद- पदेन अध्यक्ष, मो0- 9473191263 (2) श्री कामता सिंह, दषवत खाप, पो0थाना-मदनपुर, जिला-औरंगाबाद, मो0- 8521703672 (3) श्री बालमुकुन्द पाठक, ग्राम-पूर्णाडीह, पो0-उमगा, थाना-मदनपुर, जिला-औरंगाबाद, मो0- 9572266062 (4) श्री रविन्द्र यादव, पिता-श्री रामदास सिंह यादव, ग्राम-षिवनाथ विगहा, पे0-मदनपुर, जिला-औरंगाबाद, मो0- 9939973378 (5) श्री संजीव सिंह, ग्राम-बनिया, पो0-नगमतीया, थाना-मदनपुर, जिला-औरंगाबाद, मो0- 7250430414 (6) श्री उपेन्द्र यादव, पिता-रामकेष्वर यादव, ग्राम-लालटेनगंज, पो0-उगमा, थाना-मदनपुर, जिला-औरंगाबाद, मो0- 9708880735 (7) श्री राकेष सिंह, ग्रामपो0-उमगा, थाना-मदनपुर, जिला-औरंगाबाद, मो0- 9934298273 (8) श्री दयानन्द कुषवाहा, ग्राम-चंदौली, पो0-वार, थाना-मदनपुर, जिला-औरंगाबाद मो0- 7294069872 (9) श्री भरत ठाकुर, हिन्दुस्तान पत्रकार, पो0-मदनपुर, जिला-औरंगाबाद, पिन कोड-834208, मो0- 82986752003 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 7 अ(cid:23)तूबर 2016 (10) श्री सुरेन्द्र प्रसाद, ग्रामथानापो0-मदनपुर, जिला-औरंगाबाद, मो0- 9934904980 (11) श्री संजीवन रिक्यासन, ग्राम-मंजरेठी, पो0-उमगा, मदनपुर, जिला-औरंगाबाद

13. उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्यकाल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से अगले 05 वर्षों का होगा, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर इसकी निरन्तरता कायम रहेगीे।

विष्वासभाजन, किषोर कुणाल, अध्यक्ष।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 October 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-10-07.850/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-10-07.850.