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ty lalk/ku foHkkxty lalk/ku foHkkxty lalk/ku foHkkxty lalk/ku foHkkx ——— vf/klwpukvf/klwpukvf/klwpukvf/klwpuk 30 flrEcj 2016
सं॰ 22 नि0 सि0 (औ0)-17-04/2004/
22 नि0 सि0 (औ0)-17-04/2004/2190—श्री कृष्ण चन्द्र कुंवर (आई0 डी0-2094), तत्कालीन श्री कृष्ण चन्द्र कुंवर (आई0 डी0-2094), तत्कालीन सहायक अभियन्ता, दादर के विरूद्व पूर्वी सोन उच्चस्तरीय मुख्य नहर के वि0 दू0- 0 के बीच पुनर्स्थापन सहायक अभियन्ता, दादर के विरूद्व पूर्वी सोन उच्चस्तरीय मुख्य नहर के वि0 दू0-136.0 से 209. कार्य में बरती गई अनियमितता के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के कार्य में बरती गई अनियमितता के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के कार्य में बरती गई अनियमितता के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के 08 द्वारा निम्नांकित आरोपों के लिए विभागीय कार्यवाही नियम 17 के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 546 दिनांक 15.07.08 द्वारा निम्नांकित आरोपों के लिए विभागीय कार्यवाही नियम 17 के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 546 दिनांक 15 संचालित की गईः-
पूर्वी सोन उच्चस्तरीय नहर के वि0 दू0-136 से 145 के बीच सम्पन्न पुनर्स्थापन कार्य के भुगतान के समय 1. पूर्वी सोन उच्चस्तरीय नहर के वि0 दू0-136 से 145 के बीच सम्पन्न पुनर्स्थापन कार्य के भुगतान के समय पूर्वी सोन उच्चस्तरीय नहर के वि0 दू0-136 से 145 के बीच सम्पन्न पुनर्स्थापन कार्य के भुगतान के समय 1/2 कि0 मी0 की दूरी से ढुलाई कर लाए गए मिट्टी का वास्तविक मापी नहीं किया गया बल्कि प्राक्कलन के 1/2 कि0 मी0 की दूरी से ढुलाई कर लाए गए मिट्टी का वास्तविक मापी नहीं किया गया बल्कि प्राक्कलन के 1/2 कि0 मी0 की दूरी से ढुलाई कर लाए गए मिट्टी का वास्तविक मापी नहीं किया गया बल्कि प्राक्कलन के की दर से भुगतान करने का प्रस्ताव दिया अनुसार कुल मिट्टी का 80 प्रतिशत मिट्टी 1/2 कि0 मी0 दूरी से ढुलाई की दर से भुगतान करने का प्रस्ताव दिया अनुसार कुल मिट्टी का 80 प्रतिशत मिट्टी 1/2 कि0 मी0 दूरी से ढुलाई गया जिसके लिए आप दोषी पाए गए। गया जिसके लिए आप दोषी पाए गए।
2. उक्त कार्य में मिट्टी के लिए 1/2 कि0 मी0 की दूरी से ढुलाई करने के मद में पॅाच चालू विपत्र में कुल उक्त कार्य में मिट्टी के लिए 1/2 कि0 मी0 की दूरी से ढुलाई करने के मद में पॅाच चालू विपत्र में कुल उक्त कार्य में मिट्टी के लिए 1/2 कि0 मी0 की दूरी से ढुलाई करने के मद में पॅाच चालू विपत्र में कुल 53 घन मीटर मिट्टी कार्य का भुगतान किया गया जबकि जॅाच दल ने जॅाच के क्रम में इस कार्य मद में 100180.53 घन मीटर मिट्टी कार्य का भुगतान किया गया जबकि जॅाच दल ने जॅाच के क्रम में इस काय 53 घन मीटर मिट्टी कार्य का भुगतान किया गया जबकि जॅाच दल ने जॅाच के क्रम में इस काय 53 घन मीटर मिट्टी की मात्रा का भुगतान अधिक किया 48805 घन मीटर मिट्टी का आकलन किया। अतः 51375.53 घन मीटर मिट्टी की मात्रा का भुगतान अधिक किया 48805 घन मीटर मिट्टी का आकलन किया। अतः 51375 गया। अन्तिम दो चालू विपत्र का भुगतान आपके द्वारा किया गया है। अतएव अतिरिक्त भुगतेय 51574.53 घन मीटर गया। अन्तिम दो चालू विपत्र का भुगतान आपके द्वारा किया गया है। अतएव अतिरिक्त भुगतेय 51574 गया। अन्तिम दो चालू विपत्र का भुगतान आपके द्वारा किया गया है। अतएव अतिरिक्त भुगतेय 51574 अधिक मिट्टी का भुगतान किया गया जिसकी राशि 296590 मिट्टी की मात्रा में से आपके स्तर से 6801.53 घन मीटर अधिक मिट्टी का भुगतान किया गया जिसकी राशि 296590 मिट्टी की मात्रा में से आपके स्तर से 6801 रूपए थी। अतः इस अतिरिक्त राशि भुगतान के लिए आप दोषी पाए गए। रूपए थी। अतः इस अतिरिक्त राशि भुगतान के लिए आप दोषी पाए गए।
उक्त कार्य से सम्बद्व बौरो एरिया के पोस्ट लेवल की जॅाच आपके द्वारा निश्चित प्रमण्डलों से नहीं कराया 3. उक्त कार्य से सम्बद्व बौरो एरिया के पोस्ट लेवल की जॅाच आपके द्वारा निश्चित प्रमण्डलों से नहीं कराया उक्त कार्य से सम्बद्व बौरो एरिया के पोस्ट लेवल की जॅाच आपके द्वारा निश्चित प्रमण्डलों से नहीं कराया गया जिसके लिए आप दोषी पाए गए। गया जिसके लिए आप दोषी पाए गए।
र् से संबंधित लेबल बुक में दर्शाए गए बौरो पिट एवं स्थल पर उपलब्ध बौरो पिट की समरूपता 4. उक्त कार्य से संबंधित लेबल बुक में दर्शाए गए बौरो पिट एवं स्थल पर उपलब्ध बौरो पिट की समरूपता र् से संबंधित लेबल बुक में दर्शाए गए बौरो पिट एवं स्थल पर उपलब्ध बौरो पिट की समरूपता जॅाच दल द्वारा नहीं पाया गया जिसके लिए आप दोषी पाए गए। जॅाच दल द्वारा नहीं पाया गया जिसके लिए आप दोषी पाए गए।
5. उक्त कार्य की समप्ति दिनांक 29 04 को हो चुकी थी परन्तु जॅाच कार्य के समय तक अन्तिम मापी उक्त कार्य की समप्ति दिनांक 29.03.04 को हो चुकी थी परन्तु जॅाच कार्य के समय तक अन्तिम मापी अंकित नहीं कराया गया था जिसके लिए आप दोषी माने जाते है।
था जिसके लिए आप दोषी माने जाते है।
श्री कुंवर के दिनांक 31.08
08.10 को सेवानिवृत हो जाने के कारण उक्त संचालित विभागीय कार्यवाही को 10 को सेवानिवृत हो जाने के कारण उक्त संचालित विभागीय कार्यवाही को 15 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी0) में विभागीय आदेश स0-57 सह पठित ज्ञापांक 501 दिनांक 23.02.15 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी0) में विभागीय आदेश स0-57 सह पठित ज्ञापांक 501 दिनांक 23 सम्परिवर्तित किया गया।2 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 7 अ(cid:23)तूबर 2016 आरोपित पदाधिकारी श्री कुंवर द्वारा संचालन पदाधिकारी के समक्ष अपने बचाव बयान में आरोपवार मुख्यतः निम्न तथ्य दिया गयाः-
1. आरोप सं0-1 के संबंध में श्री कुंवर द्वारा बताया गया कि उक्त मिट्टी का कार्य उनके प्रभार ग्रहण दिनांक 24.03.04 के पूर्व ही हो चुका था। दिनांक 25.03.04 को चतुर्थ चालू विपत्र वि0 दू0 142.04 से 145.00 दायॅा भाग में कराए गए मिट्टी कार्य का विस्तृत मापी पोस्ट लेवल के अनुसार किया जो 8501.84 घनमीटर था। चारो पिटों से मिट्टी की मात्रा 105130 घनमीटर था जिसमें 93379.02 घनमीटर 1/2 कि0 मी0 की दूरी ढुलाई कर लाई गई मिट्टी का भुगतान पूर्व में हो चुका था। चतुर्थ चालू विपत्र में मापी में 1/2 कि0 मी0 से ढुलाई की मिट्टी की मात्रा (105130-93379.02)=11750.98 घनमीटर पाया गया किन्तु रूपांकन के अनुसार 8501.84 घन मीटर मिट्टी की ही अनुशंसा की गई। स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार 8501.84 घनमीटर का 80 प्रतिशत की दर से यानि 6801.47 घन मीटर मिट्टी के भुगतान का प्रस्ताव दिया था उड़नदस्ता जॅाच दल ने स्थल निरीक्षण के क्रम में कार्य संतोषजनक पाया है तथा जॅाच दल द्वारा ली गई मापी लगभग सही पाया गया है।
आरोप सं0-2 के संबंध में आरोपित पदाधिकारी का कथन है कि जॅाच दल ने इस कार्य मद में 48805 घन मीटर मिट्टी का गलत आकलन किया है। बौरो एरिया के पिटों से ढुलाई की गई मिट्टी की कटाई की गहराई की मापी पिटों के प्री-लेवल एवं पोस्ट लेवल लेकर करने का निदेश स्वीकृत बौरो एरिया आलेख्य में स्पष्ट रूप से मुख्य अभियन्ता, लधु जल संसाधन विभाग, डिहरी द्वारा दिया गया है। जॅाच प्रतिवेदन में जॅाच दल ने समान गहराई वाले बौरो पिट की मापी को यथा संभव मिलाकर गणना की है किन्तु समान पिटों की कुल संख्या से गुणा करना भूल गए है जिससे गणना के परिणाम में त्रुटि हुई। कार्य की अंकित मापी एवं जॅाचदल द्वारा ली गई मापी का मिलान करने पर जॅाच दल द्वारा सही पाया गया है। अतः स्पष्ट है कि मिट्टी की मात्रा स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार सही है। आरोपित पदाधिकारी द्वारा आरोप सं0-3 के संबंध में कथन है कि बौरो एरिया के पोस्ट लेवल की जॅाच सम्बद्व प्रमण्डल, पूर्वी सोन उच्चस्तरीय नहर प्रमण्डल, औरंगाबाद से कराया गया था जो मुख्य अभियन्ता के आदेश के अनुरूप था।
आरोप सं0-4 के बचाव बयान में आरोपित पदाधिकारी श्री कुंवर का कथन है कि पूर्वी सोन उच्चस्तरीय नहर के वि0 दू0 136.89 से वि0 दू0145.00 के बीच मिट्टी का कार्य दिनांक 04.03.04 के पूर्व प्रारम्भ हुआ था। मिट्टी का सम्पूर्ण कार्य दिनांक 25.03.04 के पूर्व ही पूर्ण हो चुका था। जॅाच दिनांक 10.06.04 को स्थल पर किया गया अर्थात कार्य समाप्ति के 78 दिनों के बाद स्थल की जॅाच हुई। खरीफ मौसम जो हर साल 15 जून से शुरू हो जाता है, के पूर्व किसान अपने खेतों को खेती योग्य तैयार करते है। पिटों से मिट्टी की खुदाई मार्च 2004 में राजस्थानी टै्रैक्टर से 800' X 318', 180' X 134' एवं 850' X 400' के आकार में की गई जिसे किसाानों द्वारा मेड़ बनाकर छोटे -छोटे खेती योग्य प्लॅाट तैयार किए गए जिसके कारण मार्च 2004 के बाद पिटों का स्वरूप जून 2004 तक बदल चुका था। अतः पिटों का स्वरूप बदलने के लिए उन्हें दोषी करार देना सही नहीं है।
आरोप सं0-5 के संबंध में आरोपित का कथन है कि मुख्य नहर के वि0 दू0 136.89 से वि0 दू0 145 के बीच 20' से 25' गहराई में मिट्टी भराई का कार्य हुआ है। नहर के बॅाध में अत्यधिक गहराई में मिट्टी भराई के कारण तकनीकी दृष्टि से एक बरसात के बाद अन्तिम मापी लेकर संवेदक को भुगतान करना उचित होता है। एक बरसात के बाद मिट्टी अधिक बैठ जाती है जिससे संवेदक को अधिक भुगतान नहीं हो पता है। इस संबंध में जॅाच आयुक्त की सुनवाई के क्रम में मिट्टी के Specification में मिट्टी के अन्तिम भुगतान से संबंधित Specification की अभिप्रमाणित प्रति समर्पित किया गया था जिसके अनुसार मिट्टी का अंतिम भुगतान एक बरसात के बाद करना है। एक बरसात के बाद ही मिट्टी कार्य का विपत्र तैयार किया जाता है जिसकी जानकारी संवेदक को भी थी जिसके कारण संवेदक द्वारा विपत्र तैयार करने का कोई भी अनुरोध या दबाव नहीं दिया गया था।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन में आरोप सं0-1, 3 एवं 5 को अप्रमाणित तथा आरोप सं0 2 एवं 4 को पूर्ण रूपेण प्रमाणित नहीं पाया गया। प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की सरकार के स्तर पर समीक्षा की गई। समीक्षा में यह पाया गया कि मिट्टी ढुलाई की मात्रा की मापी किए बिना प्राक्कलन के प्रावधान के अनुसार मापी दर्ज कर भुगतान किया गया। उड़नदस्ता जॅाच दल द्वारा मात्र 46805 घनमीटर मिट्टी की कटाई का बौरोपिट पाया गया जबकि 100180.53 घनमीटर मिट्टी कार्य का भुगतान कर दिया गया अर्थात मिट्टी कार्य और कैरेज को जोड़कर 22,40,316 (बाईस लाख चालीस हजार तीन सौ सोलह) रूपए का अतिरेक भुगतान किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा इस तर्क के साथ इन आरोपों के अप्रमाणित पाया गया कि जब नहर का सेक्शन रूपांकित सेक्शन के अनुरूप है तब मिट्टी के कार्य में 51 प्रतिशत की कमी नहीं माना जा सकता परन्तु अतिरेक भुगतान की आश्ांका व्यक्त की गई है। इस संबंध में उल्लेखनीय है कि उड़नदस्ता द्वारा दिनांक 12.06.14 से 13.06.14 तक जॅाच की गई थी और यह कार्य 29.03.04 को समाप्त हुआ था। साथ ही जॅाच कार्यकारी मौसम के अधीन था और वर्षा भी नही हुई थी एवं श्री कुंवर उस समय उसी प्रमण्डल में पदस्थापित थे और उनके समक्ष ही जॅाच की गई थी। लेवल बुक में अंकित बौरो पिट एवं उड़नदस्ता द्वारा जॅाचित बौरो पिट के जॅाच फल से स्पष्ट होता है कि न तो बौरो पिट का आकार मिलता है और नहीं बौरो पिट की गहराई मिलती है। स्पष्ट है कि नहर के प्री-लेवल को मैन्यूपुलेट किया गया और कम मिट्टी काटकर अतिरेक भुगतान कर दिया गया। यदि मिट्टी लाई गई होती तो बौरो पिट अवश्य उपलब्ध होता।
असहमति के उक्त बिन्दुओं पर विभागीय पत्रांक 517 दिनांक 25.02.15 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी0) के तहत श्री कुंवर से द्वितीय कारण पृच्छा की गई।3 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 7 अ(cid:23)तूबर 2016 द्वितीय कारण पृच्छा के प्रत्युत्तर में श्री कुंवर द्वारा मुख्य रूप से बताया गया कि उनके प्रभार ग्रहण दिनांक 24.03.04 के पूर्व मिट्टी कार्य पूर्ण था। पिट का पोस्ट लेवल लेकर मिट्टी की गणना की गई। चूॅकि मुख्य अभियन्ता का प्री एवं पोस्ट लेवल के आधार पर मिट्टी गणना का निदेश था। प्री लेवल उनके द्वारा नहीं लिया गया और न कभी भी मैन्यूप्लूट किया गया। इसके साथ ही उनके द्वारा कहा गया है कि प्री लेवल बुक उनके द्वारा हस्ताक्षरित नहीं है। श्री कुंवर से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के प्रत्युत्तर की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में यह पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा कोई नया तथ्य नहीं दिया गया है। पूर्व के बचाव बयान में कहा गया है कि कार्य समाप्ति के 2-3 महीने बाद जॅाच की तिथि के पूर्व किसानों द्वारा बौरोपिट का समतलीकरण कर दिया गया। यह स्वीकार योग्य नहीं है क्योंकि बौरो पिट के गडढ़े का अल्पावधि में समतल किया जाना संभव नहीं है। जॅाच प्रतिवेदन के अनुसार मिट्टी कटाई हेतु आरोपित पदाधिकारी द्वारा 621112 वर्गफीट एवं जॅाच दल द्वारा जॅाचित रकबा 719934 है। आरोपित पदाधिकारी का यह भी कहना है कि कराए गए कार्य का पोस्ट लेवल जॅाच में सही पाया गया है, स्वीकार योग्य नहीं है क्योंकि मुख्य अभियन्ता द्वारा प्री लेवल की जॅाच कार्य प्रमण्डल, औरंगाबाद से कराने का संशोधित आदेश निर्गत किया गया। आरोपित पदाधिकारी द्वारा 5'-0'' से 7'-6'' तक गहराई अंकित की गई है जबकि जॅाच में 2' से 4'-0'' गहराई पाया गया है। साधारण मापी से भी उक्त अन्तर की संभावना नहीं है। अतः सम्यक समीक्षोपरान्त श्री कृष्णचन्द्र कुंवर के विरूद्व आरोप सं0-1, 2 एवं 4 प्रमाणित है।
उक्त प्रमाणित आरोप के लिए श्री कृष्ण चन्द्र कुंवर, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, दादर सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्व ''20 (बीस) प्रतिशत पेंशन पर 5 (पॅाच) वर्षो तक रोक'' का दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय सरकार के स्तर से लिया गया है।
सरकार द्वारा निर्णीत दण्ड पर पत्रांक 1867 दिनांक 21.09.16 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार, पटना की सहमति प्राप्त है।
अतः सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री कृष्ण चन्द्र कुंवर, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, दादर सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्व निम्न दण्ड अधिरोपित करते हुए संसूचित किया जाता है।
''20 (बीस) प्रतिशत पेंशन पर 5 (पॅाच) वर्षो तक रोक''
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जीउत सिंह, सरकार के उप-सचिव।
———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:5)लय म१(cid:27)ण(cid:5)लय(cid:16) ॢबह(cid:5)र(cid:16) iटन(cid:5) ह(cid:5)र(cid:5) (cid:30)क(cid:5)०शत eव" म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15) $54%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in