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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 October 2016

Published 07 October 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-10-07.855
Languages
English, Hindi

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सं॰ 22 नि0 सि0 (अभि0)-पू0-21-04/2010/

22 नि0 सि0 (अभि0)-पू0-21-04/2010/2189—श्री उदय शंकर प्रसाद, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, श्री उदय शंकर प्रसाद, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, उड़नदस्ता अंचल-2, पटना सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध मुख्य अभियंता, पूर्णियाँ परिक्षेत्राधीन सिंचाई प्रमण्डल, सेवानिवृत के विरूद्ध मुख्य अभियंता, पूर्णियाँ परिक्षेत्राधीन सिंचाई प्रमण्डल, उड़नदस्ता अंचल-2, पटना सम्प्रति नरपतगंज के अन्तर्गत एकरारनामा सं0 25F2/2000-01 एवं 29F2/2000-01 के तहत श्री किशोर कुमार जायसवाल, /2000-01 के तहत श्री किशोर कुमार जायसवाल, नरपतगंज के अन्तर्गत एकरारनामा सं0 25 01 के आलोक में 40% संवेदक के द्वारा सम्पादित कराये गये कार्यों के विरूद्ध विभागीय पत्रांक 353 दिनांक 03.03.01 के आ संवेदक के द्वारा सम्पादित कराये गये कार्यों के विरूद्ध विभागीय पत्रांक 353 दिनांक 03 राशि का भुगतान किया गया। शेष लंबित राशि के भुगतान हेतु समय-समय पर विभाग से आवंटन की माँग की गयी राशि का भुगतान किया गया। शेष लंबित राशि के भुगतान हेतु समय-समय पर विभाग से आवंटन की माँग की गयी राशि का भुगतान किया गया। शेष लंबित राशि के भुगतान हेतु समय-समय पर विभाग से आवंटन की माँग की गयी एवं 8 वर्षों के बाद लंबित भुगतान हेतु दायित्व समिति का गठन किया गया, जिसके श्री उदय शंकर प्रसाद, एवं 8 वर्षों के बाद लंबित भुगतान हेतु दायित्व समिति का गठन किया गया, जिसके श्री उदय शंकर प्रसाद, एवं 8 वर्षों के बाद लंबित भुगतान हेतु दायित्व समिति का गठन किया गया, जिसके श्री उदय शंकर प्रसाद, अध्यक्ष/सदस्य थे, परन्तु दायित्व समिति की बैठक में कलभर्ट के गुणवत्ता की जाँच नहीं किया गया, का झूठा अध्यक्ष/सदस्य थे, परन्तु दायित्व समिति की बैठक में कलभर्ट के गुणवत्ता की जाँच नहीं किया गया, का झूठा प्रतिवेदन अपने उच्चाधिकारियों एवं माननीय उच्च न्यायालय को देते हुए दावे को अमान्य कर दिया, साथ ही श्री प्रसाद प्रतिवेदन अपने उच्चाधिकारियों एवं माननीय उच्च न्यायालय को देते हुए दावे को अमान्य कर दिया, साथ ही श्री प्रसाद प्रतिवेदन अपने उच्चाधिकारियों एवं माननीय उच्च न्यायालय को देते हुए दावे को अमान्य कर दिया, साथ ही श्री प्रसाद द्वारा कार्यस्थल का निरीक्षण किये बिना ही उक्त तिथि तक संपादित कार्यों का 40% का ही भुगतान हेतु प द्वारा कार्यस्थल का निरीक्षण किये बिना ही उक्त तिथि तक संपादित कार्यों का 40 का ही भुगतान हेतु प्रतिवेदन देेने एवं संवेदक द्वारा कराये गये कार्यों के लंबित भुगतान को नहीं कर संवेदक को मानसिक एवं आर्थिक रूप से हानि एवं संवेदक द्वारा कराये गये कार्यों के लंबित भुगतान को नहीं कर संवेदक को मानसिक एवं आर्थिक रूप से हानि एवं संवेदक द्वारा कराये गये कार्यों के लंबित भुगतान को नहीं कर संवेदक को मानसिक एवं आर्थिक रूप से हानि पहुँचाने और अपने पद का दुरूपयोग करते हुए कर्त्तव्य का पालन नहीं करने के आरोप के लिए विभागीय संकल्प 320 पहुँचाने और अपने पद का दुरूपयोग करते हुए कर्त्तव्य का पालन नहीं करने के आरोप के लिए विभागीय संकल्प 320 पहुँचाने और अपने पद का दुरूपयोग करते हुए कर्त्तव्य का पालन नहीं करने के आरोप के लिए विभागीय संकल्प 320 नियमावली के नियम-43 (बी0) के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ किया गया। 11 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ किया गया। दिनांक 16.03.11 द्वारा बिहार पेंशन विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए विभागीय जाँच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालन विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए विभागीय जाँच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालन विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए विभागीय जाँच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँचोपरान्त जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। संचालन पदाधिकारी ने उपरो क्त आरोप के प्रथम अंश पदाधिकारी द्वारा जाँचोपरान्त जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। संचालन पदाधिकारी ने उपरोक्त आरोप के प्रथम अंश दायित्व समिति की विभिन्न बैठकों में मुख्य अभियंता, पूर्णियाँ के द्वारा समर्पित कार्यों के पूर्ण प्रतिवेदन एवं आवंटन की दायित्व समिति की विभिन्न बैठकों में मुख्य अभियंता, पूर्णियाँ के द्वारा समर्पित कार्यों के पूर्ण प्रतिवेदन एवं आवंटन की दायित्व समिति की विभिन्न बैठकों में मुख्य अभियंता, पूर्णियाँ के द्वारा समर्पित कार्यों के पूर्ण प्रतिवेदन एवं आवंटन की माँग किये जाने के पश्चात भी संवेदक के कार्यों को अपूर्ण माने जाने एवं पक्का कार्यों की गुणवत्ता की जाँच नहीं किये माँग किये जाने के पश्चात भी संवेदक के कार्यों को अपूर्ण माने जाने एवं पक्का कार्यों की गुणवत्ता की जाँच नहीं किये माँग किये जाने के पश्चात भी संवेदक के कार्यों को अपूर्ण माने जाने एवं पक्का कार्यों की गुणवत्ता की जाँच नहीं किये जाने के कारण संवेदक के दावे को दायित्व समिति के द्वारा अमान्य करने का निर्णय लेने के लिए दोषी पाया गया तथा ने के कारण संवेदक के दावे को दायित्व समिति के द्वारा अमान्य करने का निर्णय लेने के लिए दोषी पाया गया तथा ने के कारण संवेदक के दावे को दायित्व समिति के द्वारा अमान्य करने का निर्णय लेने के लिए दोषी पाया गया तथा आरोप का द्वितीय अंश कि संवेदक को करीब 8 वर्षों की लम्बी अवधि तक उनके द्वारा कराये गये कार्यांें के लंबित आरोप का द्वितीय अंश कि संवेदक को करीब 8 वर्षों की लम्बी अवधि तक उनके द्वारा कराये गये कार्यांें के लंबित आरोप का द्वितीय अंश कि संवेदक को करीब 8 वर्षों की लम्बी अवधि तक उनके द्वारा कराये गये कार्यांें के लंबित र्थक रूप से हानि पहुँचायी गयी, का आरोप प्रमाणित नहीं पाया भुगतान को नहीं कर संवेदक को मानसिक एवं आर्थिक रूप से हानि पहुँचायी गयी, का आरोप प्रमाणित नहीं पाया भुगतान को नहीं कर संवेदक को मानसिक एवं आि गया।श्री प्रसाद के विरूद्ध उपरोक्त प्रमाणित आरोप के लिए संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन देते श्री प्रसाद के विरूद्ध उपरोक्त प्रमाणित आरोप के लिए संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन देते श्री प्रसाद के विरूद्ध उपरोक्त प्रमाणित आरोप के लिए संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन देते हुए विभागीय पत्रांक 2119 दिनांक 17 15 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। श्री प्रसाद से प्राप्त द्वितीय कारण हुए विभागीय पत्रांक 2119 दिनांक 17.09.15 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। श्री प्रसाद से प्राप्त द्वितीय पृच्छा की समीक्षा उच्च स्तर पर की गयी। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री प्रसाद के विरूद्ध दायित्व समिति के सदस्य के रूप पृच्छा की समीक्षा उच्च स्तर पर की गयी। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री प्रसाद के विरूद्ध दायित्व समिति के सदस्य के रूप पृच्छा की समीक्षा उच्च स्तर पर की गयी। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री प्रसाद के विरूद्ध दायित्व समिति के सदस्य के रूप में दायित्व समिति के द्वारा संवेदक के दावे को अमान्य करने के निर्णय लेने के आरोप को प्रमाणित पाया गया। में दायित्व समिति के द्वारा संवेदक के दावे को अमान्य करने के निर्णय लेने के आरोप को प्रमाणित पाया गया। में दायित्व समिति के द्वारा संवेदक के दावे को अमान्य करने के निर्णय लेने के आरोप को प्रमाणित पाया गया। 2 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 7 अ(cid:23)तूबर 2016 उपरोक्त प्रमाणित आरोप के लिए श्री उदय शंकर प्रसाद, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, उड़नदस्ता अंचल-2, पटना सम्प्रति सेवानिवृत को ''10% पेंशन की कटौती पाँच वर्षों तक'' का दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय विभाग द्वारा लिया गया। उपर्युक्त दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 1691 दिनांक 06.09.16 द्वारा सहमति प्राप्त है। उपर्युक्त वर्णित स्थिति में श्री उदय शंकर प्रसाद, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, उड़नदस्ता अंचल-2, पटना सम्प्रति सेवानिवृत को निम्न दण्ड संसूचित किया जाता हैः- ''10% पेंशन की कटौती पाँच वर्षों तक''।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 October 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-10-07.855/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-10-07.855.