Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 October 2016

Published 07 October 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-10-07.857
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:30)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या

ॢबह(cid:4)र

ह(cid:4)र गजट

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क [स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 15 आि(cid:15)वन 1(cid:25)3(cid:19) (cid:27)श0(cid:28)

(स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) (cid:19)5(cid:21)) पटन(cid:4)

पटन(cid:4)(cid:29) शु(cid:19)वार(cid:29) 7 अ(cid:23)तूबर 2(cid:15)1(cid:31)

ty lalk/ku foHkkxty lalk/ku foHkkxty lalk/ku foHkkxty lalk/ku foHkkx ——— vf/klwpukvf/klwpukvf/klwpukvf/klwpuk 22 flrEcj 2016

सं॰ 22 नि0 सि0 (दर0)-16-11/2009

22 नि0 सि0 (दर0)-16-11/2009/2116—श्री गणेश लाल बसाक, तत्कालीन मुख्य अभियन्ता, जल श्री गणेश लाल बसाक, तत्कालीन मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, दरभंगा द्वारा अवमानना वाद सं0 3276/2007 गौरी शंकर यादव बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में संसाधन विभाग, दरभंगा द्वारा अवमानना वाद सं0 3276/2007 गौरी शंकर यादव बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में संसाधन विभाग, दरभंगा द्वारा अवमानना वाद सं0 3276/2007 गौरी शंकर यादव बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में ीं उपलब्ध कराने के संबंध में विभागीय पत्रांक 418 विभागीय अनुमोदन हेतु तथ्य कथन लम्बे अन्तराल के बावजूद भी नहीं उपलब्ध कराने के संबंध में विभागीय पत्रांक 418 विभागीय अनुमोदन हेतु तथ्य कथन लम्बे अन्तराल के बावजूद भी नह 10 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री बसाक द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की दिनांक 10.03.10 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री बसाक द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की 10 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री बसाक द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री बसाक के विरूद्व बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के तहत विभागीय गई। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री बसाक के विरूद्व बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के तहत विभागीय गई। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री बसाक के विरूद्व बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के तहत विभागीय लित करने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय संकल्प सह पठित ज्ञापांक 988 लित करने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय संकल्प सह पठित ज्ञापांक 988 कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय संकल्प सह पठित ज्ञापांक 988 11 के द्वारा श्री बसाक के विरूद्ध निम्न आरोपों के लिए विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया। 11 के द्वारा श्री बसाक के विरूद्ध निम्न आरोपों के लिए विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया। दिनांक 09.08.11 के द्वारा श्री बसाक के विरूद्ध निम्न आरोपों के लिए विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया। vkjksi& ^^अवमानना वाद सं0 3276/07 गौरी शंकर यादव बनाम राज्य सरकार एव

09 एवं स्मार पत्र अर्द्ध सरकारी पत्र सं0 628 दिनांक 22.04.09, 753 दिनांक 21

ं अन्य में विभागीय पत्रांक अवमानना वाद सं0 3276/07 गौरी शंकर यादव बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में विभागीय पत्रांक 09, 753 दिनांक 21.05.09, 996 दिनांक 231 दिनांक 27.02.09 एवं स्मार पत्र अर्द्ध सरकारी पत्र सं0 628 दिनांक 22 09 द्वारा एवं कई बार दूरभाष पर 09, 1388 दिनांक 19.09.09 एवं 1543 दिनांक 08.09.09 द्वारा एवं कई बार दूरभाष पर 03.07.09, 1236 दिनांक 10.08.09, 1388 दिनांक 19 मुख्यालय द्वारा स्मारित किये जाने के बावजूद आपके द्वारा रूचि नहीं ली गई एवं विभागीय अनुमोदन हेतु तथ्य कथन कये जाने के बावजूद आपके द्वारा रूचि नहीं ली गई एवं विभागीय अनुमोदन हेतु तथ्य कथन कये जाने के बावजूद आपके द्वारा रूचि नहीं ली गई एवं विभागीय अनुमोदन हेतु तथ्य कथन विभाग को उपलब्ध नहीं कराया गया तथा माननीय उच्च न्यायालय में लंबित अवमानना वाद की उपेक्षा की गयी। विभाग को उपलब्ध नहीं कराया गया तथा माननीय उच्च न्यायालय में लंबित अवमानना वाद की उपेक्षा की गयी। विभाग को उपलब्ध नहीं कराया गया तथा माननीय उच्च न्यायालय में लंबित अवमानना वाद की उपेक्षा की गयी। ्रतिकूल स्थिति का सामना जिसके कारण विभाग को माननीय उच्च न्यायालय में अवमानना वाद कार्रवाई में काफी प्रतिकूल स्थिति का सामना जिसके कारण विभाग को माननीय उच्च न्यायालय में अवमानना वाद कार्रवाई में काफी प करना पड़ा।

इस प्रकार आप आदेशोल्लंघन, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता एवं कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही के लिए प्रथम इस प्रकार आप आदेशोल्लंघन, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता एवं कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही के लिए प्रथम इस प्रकार आप आदेशोल्लंघन, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता एवं कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही के लिए प्रथम दृष्टया दोषी पाये गये हैं।**विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री बसाक के विरूद्ध प्रतिवेदित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री बसाक के विरूद्ध प्रतिवेदित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री बसाक के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप को प्रमाणित पाया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की आरोप को प्रमाणित पाया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की आरोप को प्रमाणित पाया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की द्वितीय कारण पृच्छा करने का निर्णय लिया गया। गई। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री बसाक से प्रमाणित आरोप के लिए गई। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री बसाक से प्रमाणित आरोप के लिए द्वितीय कारण पृच्छा करने का निर्णय लिया गया। 15 द्वारा श्री बसाक से द्वितीय कारण पृच्छा किया गया। श्री बसाक द्वारा फलतः विभागीय पत्रांक 1412 दिनांक 22.06.15 द्वारा श्री बसाक से द्वितीय कारण पृच्छा किया गया। श्री बसाक द्वारा फलतः विभागीय पत्रांक 1412 दिनांक 22 समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। श्री बसाक द्वारा कहा गया कि मुख्य समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। श्री बसाक द्वारा कहा गया कि मुख्य समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। श्री बसाक द्वारा कहा गया कि मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, दरभंगा का पत्रांक 869 दिनांक 23 10 को विभाग के स्तर पर पुनः समीक्षा करना न विभाग, दरभंगा का पत्रांक 869 दिनांक 23.03.10 को विभाग के स्तर पर पुनः समीक्षा करना चाहेंगे। जिससे स्थिति स्वतः स्पष्ट हो जायेगी। समीक्षा में पाया गया कि कार्यपालक अभियंता द्वारा माननीय उच्च चाहेंगे। जिससे स्थिति स्वतः स्पष्ट हो जायेगी। समीक्षा में पाया गया कि कार्यपालक अभियंता द्वारा माननीय उच्च चाहेंगे। जिससे स्थिति स्वतः स्पष्ट हो जायेगी। समीक्षा में पाया गया कि कार्यपालक अभियंता द्वारा माननीय उच्च ारा आदेश की अवहेलना की न्यायालय के एस0 सी0-2 से विचार विमार्श किया गया। इसके बाद भी श्री बसाक द्वारा आदेश की अवहेलना की न्यायालय के एस0 सी0-2 से विचार विमार्श किया गया। इसके बाद भी श्री बसाक द्व 2 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 7 अ(cid:23)तूबर 2016 जाती रही एवं मनमाने ढंग से कार्य में अत्यधिक विलम्ब किया गया। विभाग द्वारा मुख्य अभियंता, दरभंगा को कई स्मार दिये गये। मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालक अभियंता का कार्यालय एक ही शिविर में अवस्थित है, इसके बावजूद मुख्य अभियंता, दरभंगा द्वारा विभाग के स्मार पत्र को कार्यपालक अभियंता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमण्डल, दरभंगा को पृष्ठांकित करने के अतिरिक्त तथ्य कथन तैयार करने हेतु कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया। विभागीय पत्रांक 996 दिनांक 03.07.09 जिसमें कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा गठित त्रिसदस्यीय समिति द्वारा श्री गौरी शंकर यादव के दावा को अस्वीकृत किये जाने का उल्लेख था, द्वारा तथ्यात्मक विवरणी तुरंत विभागीय अनुमोदन हेतु भेजने का निर्देश दिया गया था। परन्तु श्री बसाक द्वारा ऐसा नहीं किया गया। फलतः श्री बसाक के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप को प्रमाणित पाते हुए श्री बसाक के विरूद्ध ''5 (पाँच) प्रतिशत पेंशन से कटौती एक वर्ष के लिए'' का दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया। उक्त दण्ड प्रस्ताव में बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श प्राप्त है। सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री गणेश लाल बसाक, तत्कालीन मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, दरभंगा को निम्न दण्ड दिया एवं संसूचित किया जाता हैः- ''5 (पाँच) प्रतिशत पेंशन से कटौती एक वर्ष के लिए''।

fcgkj&jkTiky ds vkns'k ls] thmr flag] ljdkj ds mi&lfpoA

———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:5)लय म१(cid:27)ण(cid:5)लय(cid:16) ॢबह(cid:5)र(cid:16) iटन(cid:5) ह(cid:5)र(cid:5) (cid:30)क(cid:5)०शत eव" म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15) $57%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 October 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-10-07.857/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-10-07.857.