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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 October 2016

Published 07 October 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-10-07.858
Languages
English, Hindi

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सं॰ 22 नि0 सि0 (डि0)-14-10/2013

22 नि0 सि0 (डि0)-14-10/2013/2068—श्री नबी अहमद, अनुमण्डल अनुश्रवण समिति, सदस्य श्री नबी अहमद, अनुमण्डल अनुश्रवण समिति, सदस्य (राजद), डिहरी एवं मुस्मात सलीमन बेगम, मुहल्ला-ईदगाह, वार्ड नं0-23, डिहरी से सीधे एवं अन्य विभागों के माध्यम (राजद), डिहरी एवं मुस्मात सलीमन बेगम, मुहल्ला-ईदगाह, वार्ड नं0-23, डिहरी से सीधे एवं अन्य विभागों के माध्यम (राजद), डिहरी एवं मुस्मात सलीमन बेगम, मुहल्ला-ईदगाह, वार्ड नं0-23, डिहरी से सीधे एवं अन्य विभागों के माध्यम ़नदस्ता से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की सरकार के स्तर से प्राप्त परिवाद की जाँच विभागीय उड़नदस्ता से कराई गई। उड़नदस्ता से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की सरकार के स्तर से प्राप्त परिवाद की जाँच विभागीय उड़नदस्ता से कराई गई। उड पर समीक्षा की गई। समीक्षोपरान्त श्री ओम प्रकाश अम्बरकर (आई0 डी0 3467), तत्कालीन मुख्य अभियंता, जल पर समीक्षा की गई। समीक्षोपरान्त श्री ओम प्रकाश अम्बरकर (आई0 डी0 3467), तत्कालीन मुख्य अभियंता, जल पर समीक्षा की गई। समीक्षोपरान्त श्री ओम प्रकाश अम्बरकर (आई0 डी0 3467), तत्कालीन मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, डिहरी से विभागीय पत्रांक 533 दिनांक 07 संसाधन विभाग, डिहरी से विभागीय पत्रांक 533 दिनांक 07.05.13 द्वारा निम्न बिन्दु पर स्पष्टीकरण पूछा गयाः-

13 द्वारा निम्न बिन्दु पर स्पष्टीकरण पूछा गयाः- ''आपके द्वारा रखे गए कम्प्यूटर ऑपरेटर जो अधीनस्थ कार्यालयों में भेजे गए हैं। विभागीय पत्रांक 518 रखे गए कम्प्यूटर ऑपरेटर जो अधीनस्थ कार्यालयों में भेजे गए हैं। विभागीय पत्रांक 518 रखे गए कम्प्यूटर ऑपरेटर जो अधीनस्थ कार्यालयों में भेजे गए हैं। विभागीय पत्रांक 518 10 में दिए गए निर्देश के प्रतिकूल है। रखे गए कम्प्यूटर ऑपरेटर की शैक्षणिक योग्यता के संबंध में 10 में दिए गए निर्देश के प्रतिकूल है। रखे गए कम्प्यूटर ऑपरेटर की शैक्षणिक योग्यता के संबंध में दिनांक 30.06.10 में दिए गए निर्देश के प्रतिकूल है। रखे गए कम्प्यूटर ऑपरेटर की शैक्षणिक योग्यता के संबंध में अभिलेखों से विदित होता है कि अधिकांश कम्प्यूटर ऑपरेटर निर्धारित अहर्त्ता पूर्ण नहीं करते थे फिर भी उन्हें रखा गया अभिलेखों से विदित होता है कि अधिकांश कम्प्यूटर ऑपरेटर निर्धारित अहर्त्ता पूर्ण नहीं करते थे फिर भी उन्हें रखा गया एवं विभागीय पत्रों द्वारा निर्धारित अधिकतम दर से भुगतान किया गया है। इस प्रकार आप विभागीय पत्रांक 518 दिनांक एवं विभागीय पत्रों द्वारा निर्धारित अधिकतम दर से भुगतान किया गया है। इस प्रकार आप विभागीय पत्रांक 518 दिनांक एवं विभागीय पत्रों द्वारा निर्धारित अधिकतम दर से भुगतान किया गया है। इस प्रकार आप विभागीय पत्रांक 518 दिनांक 30.06.10 की अनदेखी कर कम्प्यूटर ऑपरेटरों के चयन में अनियमितता के लिए प्रथम दृष्टया दोष् ाी पाए गए हैं।'' 10 की अनदेखी कर कम्प्यूटर ऑपरेटरों के चयन में अनियमितता के लिए प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं।'' श्री अम्बरकर से प्राप्त स्पष्टीकरण मेेंं मुख्य रूप से बताया गया कि विभागीय पत्रांक 518 दिनांक 30.06.10 को श्री अम्बरकर से प्राप्त स्पष्टीकरण मेेंं मुख्य रूप से बताया गया कि विभागीय पत्रांक 518 दिनांक 30 श्री अम्बरकर से प्राप्त स्पष्टीकरण मेेंं मुख्य रूप से बताया गया कि विभागीय पत्रांक 518 दिनांक 30 ज्ञापांक 2586 दिनांक 09.07.10 द्वारा विभागीय निदेश के आलोक में कार्रवाई हेतु अधीनस्थ पदाधिकारियों को निदेशित 10 द्वारा विभागीय निदेश के आलोक में कार्रवाई हेतु अधीनस्थ पदाधिकारियों को निदेशित 10 द्वारा विभागीय निदेश के आलोक में कार्रवाई हेतु अधीनस्थ पदाधिकारियों को निदेशित किया गया। उनके कार्यालय में प्राप्त अनेकानेक अभ्यावेदन अभिलेखों सहित अधीनस्थ कार्यालयों में भेजते हुए निदेश प्राप्त अनेकानेक अभ्यावेदन अभिलेखों सहित अधीनस्थ कार्यालयों में भेजते हुए निदेश प्राप्त अनेकानेक अभ्यावेदन अभिलेखों सहित अधीनस्थ कार्यालयों में भेजते हुए निदेश दिया गया कि विभागीय निर्देश एवं प्रावधान के तहत कार्रवाई करते हुए कम्प्यूटर ऑपरेटरों को रखा जाय। पूरी प्रक्रिया दिया गया कि विभागीय निर्देश एवं प्रावधान के तहत कार्रवाई करते हुए कम्प्यूटर ऑपरेटरों को रखा जाय। पूरी प्रक्रिया दिया गया कि विभागीय निर्देश एवं प्रावधान के तहत कार्रवाई करते हुए कम्प्यूटर ऑपरेटरों को रखा जाय। पूरी प्रक्रिया में शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य अहर्त्ता को उनके कार्यालय से जाँ चित होने का उल्लेख नहीं है। फिर भी जाँच प्रतिवेदन में शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य अहर्त्ता को उनके कार्यालय से जाँचित होने का उल्लेख नहीं है। फिर भी जाँच प्रतिवेदन में सिर्फ अनुमान के आधार पर यह तथ्य अंकित किया गया जिसका कोई अभिलेखीय साक्ष्य नहीं है। में सिर्फ अनुमान के आधार पर यह तथ्य अंकित किया गया जिसका कोई अभिलेखीय साक्ष्य नहीं है। में सिर्फ अनुमान के आधार पर यह तथ्य अंकित किया गया जिसका कोई अभिलेखीय साक्ष्य नहीं है।

परिवादियों द्वारा सूचना के अधिकार के तहत माँगी गई सूचना में उनके कार्यालय द्वारा कम्प्यूटर ऑपरेटरों की परिवादियों द्वारा सूचना के अधिकार के तहत माँगी गई सूचना में उनके कार्यालय द्वारा कम्प्यूटर ऑपरेटरों की परिवादियों द्वारा सूचना के अधिकार के तहत माँगी गई सूचना में उनके कार्यालय द्वारा कम्प्यूटर ऑपरेटरों की या नहीं किए जाने की सूचना दी गई एवं इस तथ्य की मौखिक सूचना जाँच दल को भी दी गई। इन या नहीं किए जाने की सूचना दी गई एवं इस तथ्य की मौखिक सूचना जाँच दल को भी दी गई। इन नियुक्ति की प्रक्रिया नहीं किए जाने की सूचना दी गई एवं इस तथ्य की मौखिक सूचना जाँच दल को भी दी गई। इन दोनों तथ्यों में किसी प्रकार का विरोधाभास नहीं है। कार्यालय के अभिलेखों से भी स्पष्ट है कि कोई प्रक्रिया इस स्तर दोनों तथ्यों में किसी प्रकार का विरोधाभास नहीं है। कार्यालय के अभिलेखों से भी स्पष्ट है कि कोई प्रक्रिया इस स्तर दोनों तथ्यों में किसी प्रकार का विरोधाभास नहीं है। कार्यालय के अभिलेखों से भी स्पष्ट है कि कोई प्रक्रिया इस स्तर से नहीं अपनाई गई है। फिर भी जाँच रिपोर्ट में प्रक्रियात्मक अनियमितता अंकित किया जाना निराधार एवं साक्ष्य रहित यात्मक अनियमितता अंकित किया जाना निराधार एवं साक्ष्य रहित से नहीं अपनाई गई है। फिर भी जाँच रिपोर्ट में प्रक्रि 10 के आलोक में कार्रवाई करने का निदेश है। है क्योंकि अग्रसारित अभ्यावेदनों पर विभागीय पत्रांक 518 दिनांक 30.06.10 के आलोक में कार्रवाई करने का निदेश है। है क्योंकि अग्रसारित अभ्यावेदनों पर विभागीय पत्रांक 518 दिनांक 30 2 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 7 अ(cid:23)तूबर 2016 कोई कम्प्यूटर ऑपरेटर निर्धारित अहर्त्ता नहीं रखते हैं तो विभागीय निदेश एवं प्रावधान के तहत उन्हें नियुक्त करने के लिए अधीनस्थ पदाधिकारी ही सक्षम थे। इसके लिए उन्हें दोषी ठहराना कतई उचित नहीं है।

गुण नियंत्रण प्रमण्डल, डिहरी में कम्प्यूटर ऑपरेटर रखने के संदर्भ में उल्लेखनीय है कि उपनिदेशक, गुण नियंत्रण प्रमण्डल, डिहरी के पत्रांक 261 दिनांक 20.04.11 से अधियाचना पर उनके कार्यालय में प्राप्त श्री राजेश कुमार का अभ्यावेदन पत्रांक 1515 दिनांक 20.05.11 से पे्रषित करते हुए विभागीय पत्रांक 415 दिनांक 05.05.10 एवं पत्रांक 518 दिनांक 30.06.10 के आलोक में कार्रवाई करने का निदेश दिया गया। पत्रांक 2460 दिनांक 10.08.11 से रखे गए कम्प्यूटर ऑपरेटर के संबंध में विभागीय निदेश एवं प्रावधान के अनुपालित होने के संबंध में पृच्छा की गई। तदोपरान्त उपनिदेशक द्वारा कम्प्यूटर ऑपरेटर द्वारा निर्धारित अहर्त्ता पूरी करने, ऑपरेटर रखे जाने वाले कार्यालयों की सूची में नाम नहीं होने, कम्प्यूटर ऑपरेटर बहाल कर पत्रांक 1515 दिनांक 20.05.11 से भेजे जाने एवं भुगतान तथा आगे बहाल रखने के संदर्भ में मार्गदर्शन माँगा गया। तदोपरान्त पत्रांक 3415 दिनांक 24.10.11 से स्थिति स्पष्ट करते हुए विभागीय दिशा निदेश की माँग की गई। अन्त में श्री अम्बरकर द्वारा कहा गया है कि वर्णित तथ्यों से स्पष्ट है कि कम्प्यूटर ऑपरेटर रखने की प्रक्रिया उनके स्तर से नहीं की गई है। जाँच प्रतिवेदन में आरोप तथ्यहीन एवं निराधार है जिससे उन्हें मुक्त किया जाय।

कालक्रम में श्री ओम प्रकाश अम्बरकर, तत्कालीन मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, डिहरी के विरूद्ध श्री बसन्त कुमार राय, अध्यक्ष, डिहरी प्रखण्ड, जनता दल (यू0) द्वारा एक परिवाद प्रस्तुत किया गया जिसमें कम्प्यूटर ऑपरेटर की बहाली में अनियमितता के साथ-साथ अन्य आरोप लगाए गए। उक्त परिवाद की जाँच उड़नदस्ता द्वारा की गई एवं निष्कर्षतः कम्प्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति में अनयिमतता का आरोप प्रमाणित तथा अन्य आरोप प्रमाणित नहीं पाए गए।

श्री अम्बरकर से प्राप्त स्पष्टीकरण एवं उड़नदस्ता के जाँच प्रतिवेदनों के आलोक में मामले की समेकित समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि विभागीय पत्रांक 415 दिनांक 05.05.10 के संलग्न अनुसूची-1 के कार्यालयों में ई-टेन्डरिंग की व्यवस्था हेतु आवश्यक कम्प्यूटर, प्रिंटर एवं ऑपरेटर की सुविधा रेंट बेसिस पर प्राप्त करने का निदेश सभी मुख्य अभियंता/अधीक्षण अभियंता/कार्यपालक अभियंता को दिया गया जिसके लिए विभागीय स्तर से दर कोटेशन आमंत्रण सूचना निकालकर न्यूनतम दर प्राप्त किया जाएगा। इसी स्तर पर इन सेवाओं का भुगतान किया जाएगा। इसके उपरान्त विभागीय पत्रांक 518 दिनांक 30.06.10 से आवश्यक सेवा-शर्त्तों के साथ-साथ उक्त सेवाओं को आवश्यकतानुसार दर आमंत्रित कर रखने हेतु अधिकतम दर की स्वीकृति की गई।

श्री अम्बरकर, तत्कालीन मुख्य अभियंता, डिहरी के पत्रांक 3295, 3296, 3298, 3299 एवं 3327 दिनांक 30.08. 10 से उनके कार्यालय में इच्छुक सेवादाताओं से प्राप्त अभ्यावेदन को कार्यालय विशेष में रखने हेतु नियमानुकूल कार्रवाई के लिए सम्बद्ध अधीक्षण अभियंता को निदेशित किया गया। इससे स्पष्ट होता है कि श्री अम्बरकर द्वारा बिना कोटेशन आमंत्रित किए प्रासंगिक पत्र दिनांक 30.06.10 से स्वीकृत अधिकतम दर पर सेवाएँ प्राप्त करने हेतु परिक्षेत्राधीन कार्यालय प्रधान को निदेशित किया गया जो स्पष्टतया आवश्यकतानुसार दर आमंत्रित कर सेवा प्राप्त करने के विभागीय निदेश का उल्लंघन है। विभागीय पत्रांक 599 दिनांक 17.09.13 से श्री अम्बरकर द्वारा नामांकन पर रखे गए सेवादाताओं की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त किए जाने का निदेश दिया गया है। उक्त विभागीय पत्र से विभागीय पत्रांक 518 दिनांक 30.06.10 से निर्धारित अहर्त्ता से कम अहर्त्ता वाले कम्प्यूटर ऑपरेटर की सेवा लिए जाने का बोध होता है। विभागीय पत्रांक 415 दिनांक 05.05.10 से सूची में अंकित कार्यालयों में ही कम्प्यूटर एवं अन्य सामग्री के साथ-साथ स्नातक कम्प्यूटर ऑपरेटर की सेवा प्राप्त करने का निदेश है। उड़नदस्ता जाँच प्रतिवेदन से विदित होता है कि सूची में असम्बद्ध गुण नियंत्रण प्रमण्डल, डिहरी में उक्त सेवा प्राप्त करने हेतु श्री अम्बरकर द्वारा निदेशित किया गया जिसकी पुष्टि उनके पत्रांक 1515 दिनांक 20.05.11 से होती है।

श्री अम्बरकर द्वारा अपने स्पष्टीकरण में मुख्य रूप से कहा गया है कि विभागीय पत्रांक 415 दिनांक 05.05.10 से ई0-टेन्डरिंग व्यवस्था लागू करते हुए विभागीय पत्रांक 518 दिनांक 30.06.10 से अधिकतम दर की स्वीकृति की प्राप्त सूचना को ज्ञापांक 2586 दिनांक 09.07.10 से विभागीय निदेश के आलोक में कार्रवाई करने का निदेश अधीनस्थ पदाधिकारियों को दिया गया। कार्यालय में प्राप्त इच्छुक कम्प्यूटर ऑपरेटरों के आवेदन को बिना उनकी शैक्षणिक एवं अन्य अहर्त्ताओं की जाँच किए पूर्ण अभिलेख के साथ अधीनस्थ कार्यालयों को प्रेषित करते हुए विभागीय निदेश के आलोक में कार्रवाई करने का निदेश दिया गया और उनके कार्यालय द्वारा नियुक्ति की कोई प्रक्रिया नहीं अपनायी गई परन्तु तथ्य यह है कि बिना कोटेशन आमंत्रण सूचना के प्राप्त अभ्यावेदनों को कर्णांकित कार्यालयों में कर्णांकित आवेदकों का ही आवेदन पे्रषित किया गया। इसके आलोक में श्री अम्बरकर का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है एवं विभागीय पत्रांक 518 दिनांक 30.06.10 में निहित निदेशों के उल्लंघन के लिए वे दोषी हैं। 3

ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 7 अ(cid:23)तूबर 2016

गुण नियंत्रण प्रमण्डल, डिहरी में कम्प्यूटर ऑपरेटर की आधारभूत संरचनाओं की सेवा लेने के संदर्भ में श्री अम्बरकर का कहना है कि कार्यालय अभियंता की अधियाचना पर उपलब्ध आवेदक का अभ्यावेदन पर नियमानुकूल कार्रवाई हेतु पे्रषित किया गया है परन्तु तथ्य यह है कि विभागीय पत्रांक 415 दिनांक 05.05.10 में गुण नियंत्रण प्रमण्डल, डिहरी कर्णांकित नहीं है। श्री अम्बरकर को विभागीय निदेश प्राप्त कर ही कार्रवाई किया जाना चाहिए था जो उनके द्वारा नहीं किया गया। इस प्रकार विभागीय पत्रांक 415 दिनांक 05.05.10 में निहित प्रावधान का अनुपालन नहीं करने के संदर्भ में उनका स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है और इसके लिए वे दोषी हैं।

मामले की सम्यक समीक्षोपरान्त श्री ओम प्रकाश अम्बरकर, तत्कालीन मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, डिहरी के विरूद्ध विभागीय पत्रांक 518 दिनांक 30.06.10 में निहित निदेशों का उल्लंघन कर बिना कोटेशन आमंत्रित सूचना एवं असम्बद्ध प्रमण्डल में भी आधारभूत संरचनाओं सहित कम्प्यूटर ऑपरेटर की सेवा प्राप्त करने के प्रमाणित आरोप के लिए निम्न दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय सरकार के स्तर से लिया गया हैः-

''दो वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक''। उक्त निर्णय के आलोक में श्री ओम प्रकाश अम्बरकर (आई0 डी0 3467), तत्कालीन मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, डिहरी सम्प्रति मुख्य अभियन्ता बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड, वीरचन्द पटेल पथ, पटना के विरूद्ध निम्न दण्ड अधिरोपित करते हुए उन्हें संसूचित किया जाता हैः- ''दो वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक''।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 October 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-10-07.858/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-10-07.858.