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सं॰ 22 नि0 सि0 (भाग0)-09-08/2009
22 नि0 सि0 (भाग0)-09-08/2009/1940—श्री गिरिधारी प्रसाद (आई0 डी0 0802), तत्कालीन श्री गिरिधारी प्रसाद (आई0 डी0 0802), तत्कालीन के दौरान दिनांक 14.11.06 को कार्यपालक अभियन्ता को ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, शेखपुरा के पदस्थापन काल कार्यपालक अभियन्ता को ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, शेखपुरा के पदस्थापन काल के दौरान दिनांक 14 25,000/- (पच्चीस हजार रूपये) रिश्वत लेने के आ 077/06 के मामले में गिरफ्तार 25,000/- (पच्चीस हजार रूपये) रिश्वत लेने के आरोप में निगरानी थाना कांड सं0 077/06 के मामले में गिरफ्तार किये जाने के कारण ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के अधिसूचना ज्ञापांक 14102 दिनांक 23.12.06 द्वारा दिनांक किये जाने के कारण ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के अधिसूचना ज्ञापांक 14102 दिनांक 23 किये जाने के कारण ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के अधिसूचना ज्ञापांक 14102 दिनांक 23 14.11.06 के भूतलक्षी प्रभाव से निलंबित किया गया तथा अधिसूचना ज्ञापांक 11784 दिनांक 30 11.07 द्वारा श्री प्रसाद, ूतलक्षी प्रभाव से निलंबित किया गया तथा अधिसूचना ज्ञापांक 11784 दिनांक 30.11 तत्कालीन निलंबित कार्यपालक अभियन्ता का निलंबन अवधि में मुख्यालय परिवर्तित करते हुए इनके विरूद्व बिहार तत्कालीन निलंबित कार्यपालक अभियन्ता का निलंबन अवधि में मुख्यालय परिवर्तित करते हुए इनके विरूद्व बिहार तत्कालीन निलंबित कार्यपालक अभियन्ता का निलंबन अवधि में मुख्यालय परिवर्तित करते हुए इनके विरूद्व बिहार गीय कार्यवाही संचालित करने का सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित करने का सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के तहत विभा निर्णय संसूचित किया गया।
श्री प्रसाद, तत्कालीन निलंबित कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व विभागीय कार्यवाही संचालित किये जाने से पूर्व श्री प्रसाद, तत्कालीन निलंबित कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व विभागीय कार्यवाही संचालित किये जाने से पूर्व श्री प्रसाद, तत्कालीन निलंबित कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व विभागीय कार्यवाही संचालित किये जाने से पूर्व इनके दिनांक 31.01.08 को सेवानिवृत हो जाने के फलस्वरूप मामले को श्री प्रसाद के पैतृक विभाग को हस्तान्तरित 08 को सेवानिवृत हो जाने के फलस्वरूप मामले को श्री प्रसाद के पैतृक विभाग को हस्तान्तरित 08 को सेवानिवृत हो जाने के फलस्वरूप मामले को श्री प्रसाद के पैतृक विभाग को हस्तान्तरित किया गया तथा पैतृक विभाग अर्थात जल संसाधन विभाग द्वारा सम्पूर्ण मामले के समीक्षोपरान्त सरकार के स्तर पर ा गया तथा पैतृक विभाग अर्थात जल संसाधन विभाग द्वारा सम्पूर्ण मामले के समीक्षोपरान्त सरकार के स्तर पर ा गया तथा पैतृक विभाग अर्थात जल संसाधन विभाग द्वारा सम्पूर्ण मामले के समीक्षोपरान्त सरकार के स्तर पर 10 द्वारा ''श्री प्रसाद को उनकी लिये गये निर्णय के आलोक में विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 814 दिनांक 24.05.10 द्वारा ''श्री प्रसाद को उनकी लिये गये निर्णय के आलोक में विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 814 दिनांक 24 सेवानिवृति की तिथि, दिनांक 31.01.08 के प्रभाव से निलंब न से मुक्त करने, श्री प्रसाद के विरूद्व विभागीय कार्यवाही 08 के प्रभाव से निलंबन से मुक्त करने, श्री प्रसाद के विरूद्व विभागीय कार्यवाही संचालित करने के पूर्व के निर्णय को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी0) के तहत सम्परिवर्तित करने तथा संचालित करने के पूर्व के निर्णय को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी0) के तहत सम्परिवर्तित करने तथा संचालित करने के पूर्व के निर्णय को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी0) के तहत सम्परिवर्तित करने तथा इनके निलंबन अवधि के वेतन के संबंध में निर्णय विभागीय कार्यवाही एवं माननीय न्यायालय के न्यायादेश के उपर इनके निलंबन अवधि के वेतन के संबंध में निर्णय विभागीय कार्यवाही एवं माननीय न्यायालय के न्यायादेश के उपरान्त इनके निलंबन अवधि के वेतन के संबंध में निर्णय विभागीय कार्यवाही एवं माननीय न्यायालय के न्यायादेश के उपर करने परन्तु निलंबन अवधि की गणना पेंशन प्रदायी सेवा के लिए होगी'' का आदेश संसूचित किया गया। करने परन्तु निलंबन अवधि की गणना पेंशन प्रदायी सेवा के लिए होगी'' का आदेश संसूचित किया गया। करने परन्तु निलंबन अवधि की गणना पेंशन प्रदायी सेवा के लिए होगी'' का आदेश संसूचित किया गया।
श्री गिरिधारी प्रसाद सेवानिवृत कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक 823 दिनांक 26.05.10 श्री गिरिधारी प्रसाद सेवानिवृत कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक 823 दिनांक 26 श्री गिरिधारी प्रसाद सेवानिवृत कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक 823 दिनांक 26 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी0) के तहत संचालित विभागीय कार्यवाही के मामले में संचालन वभागीय कार्यवाही के मामले में संचालन द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी0) के तहत संचालित ि पदाधिकारी के पत्रांक 1332 दिनांक 18.04.11 द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा विभाग के स्तर पर किये जाने 11 द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा विभाग के स्तर पर किये जाने पदाधिकारी के पत्रांक 1332 दिनांक 18 11 द्वारा श्री प्रसाद, सेवानिवृत कार्यपालक के उपरान्त प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 978 दिनांक 08.08.11 द्वारा श्री प्रसाद, सेवानिवृत कार्यपालक के उपरान्त प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 978 दिनांक 08 अभियन्ता से द्वितीय कारण पृच्छा किया गया।
े द्वितीय कारण पृच्छा किया गया। 2 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 7 अ(cid:23)तूबर 2016 नहीं रखने के कारण इनके विरूद्व कार्यपालक अभियन्ता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, शेखपुरा पदस्थापन काल में श्री विनीत कुमार, सहायक अभियन्ता, ग्रामीण विकाश विशेष प्रमण्डल, शेखपुरा के बकाया वेतनादि भुगतान करने के निमित्त सरकारी सेवक के आचरण के खिलाफ पच्चीस हजार रूपये रिश्वत लेने, जिसे निगरानी विभाग द्वारा गठित धावा दल द्वारा सत्यापित किया गया है, के अतिरिक्त विभागीय कार्यवाही में सहयोग नहीं करने का आरोप प्रमाणित पाया गया एवं उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार के स्तर पर लिए गये निर्णय तथा बिहार लोक सेवा आयोग के परामर्श के आलोक में विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 837 दिनांक 27.07.12 द्वारा श्री गिरिधारी प्रसाद को निम्न दण्ड अधिरोपित करते हुए संसूचित किया गयाः-
(i) पचास प्रतिशत पेंशन पर सदा के लिए रोक। (ii) निलंबन अवधि (दिनांक 14.11.06 से 31.01.08) में प्राप्त जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा परन्तु उक्त अवधि की गणना पेंशन के प्रयोजनार्थ की जायेगी।
उक्त दण्ड के विरूद्ध श्री गिरिधारी प्रसाद, सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता द्वारा एक आवेदन, पत्रांक-शून्य/बिहारशरीफ दिनांक 04.06.16 द्वारा विभाग में समर्पित किया गया, जिसमें निम्न तथ्यों को प्रस्तुत किया गयाः-
(i) श्री विनीत कुमार, सहायक अभियन्ता, मई 2006 में अपने कर्तव्य से अनुपस्थित थे एवं बाद में भी लम्बे समय तक अनुपस्थित थे। जिला पदाधिकारी, शेखपुरा द्वारा इनका वेतन अवरूद्व कर दिये जाने के कारण श्री कुमार का वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा था।
(ii) सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना अन्तर्गत कुल 26 योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु श्री विनीत कुमार, सहायक अभियन्ता को मार्च, 2006 में अग्रिम राशि दी गयी थी। अगस्त 2006 तक श्री कुमार द्वारा 09 योजनाओं पर कार्य प्रारम्भ नहीं किये जाने के कारण पत्रांक 524 दिनांक 14.09.06 द्वारा इन योजनाओं पर दिये गये कुल अग्रिम 9,07,500.00 रूपये को प्रमंडल में वापस करने हेतु लिखा गया जिसपर श्री कुमार द्वारा कोई जबाब नहीं दिया गया और न ही राशि लौटायी गयी। (iii) श्री कुमार द्वारा कराये गये बहुत से कार्यो की मापी एवं विपत्र प्रस्तुत किये जाने पर पूर्ण रूपेण सही पाये जाने के स्थिति में ही उसे पारित किया जाता था। मापी एवं विपत्र को त्रुटिपूर्ण पाये जाने की स्थिति में उसे सुधार कर प्रस्तुत करने के लिए कहा जाता था। जबतक विपत्र सुधार कर प्रस्तुत नहीं किया जाता तबतक राशि का सामंजन नियमानुकूल नही था। ऐसे विपत्र का सामंजन उन्हें पूर्ण रूप से प्रस्तुत नहीं किये जाने तक लंबित रखा जाता था।
(iv) श्री कुमार द्वारा प्रारम्भ से ही किसी तरह का लेखा प्रस्तुत नहीं किया जाता था जो सरकारी नियमों का खुल्लम खुल्ला उल्लंधन था एवं जान बूझकर गड़बड़ी पैदा करने के उद्देश्य से लेखा प्रस्तुत न कर अॅधेरे में रखने का सफल प्रयास किया जाता था। इस प्रकार प्रमण्डलीय कार्यालय के अॅाखों में धूल झोंक कर झूठे मुकदमें में फॅसाकर सरकारी राशि का गबन करने में सफल हो गये। श्री गिरिधारी प्रसाद सेवानिवृत कार्यपालक अभियन्ता द्वारा समर्पित उक्त आवेदन में उठाये गये विन्दुओं की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त पाया गया कि बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 25 के तहत अपील/पुनर्विचार अभ्यावेदन दायर करने की सीमा 45 (पैतालीस) दिन निर्धारित है जबकि श्री प्रसाद द्वारा दण्ड निर्गत होने के लगभग चार वर्षो के बाद पुनर्विचार अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया है। साथ ही विलंबन से पुनर्विचार अभ्यावेदन समर्पित करने के संबंध में न तो कोई Bonafide कारण दिया गया है और न कोई नया तथ्य दिया गया है।
उपर्युक्त पाये गये तथ्यों के आलोक में श्री गिरिधारी प्रसाद सेवानिवृत कार्यपालक अभियन्ता के पुनर्विचार अभ्यावेदन को अस्वीकृत करने का निर्णय लिया गया है। उक्त निर्णय के आलोक में श्री गिरिधारी प्रसाद सेवानिवृत कार्यपालक अभियन्ता के पूनर्विचार अभ्यावेदन को अस्वीकृत किया जाता है।
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