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सं॰ 22 नि0 सि0 (गया)-24-05/2014
22 नि0 सि0 (गया)-24-05/2014/1879—श्री हरिकेश्वर राम (आई0 डी0 3492), अधीक्षण अभियन्ता, हरिकेश्वर राम (आई0 डी0 3492), अधीक्षण अभियन्ता, कार्य अंचल, मगध प्रमण्डल, गया के विरूद्ध योजना एवं विकास विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त अनुशासनिक कार्रवाई कार्य अंचल, मगध प्रमण्डल, गया के विरूद्ध योजना एवं विकास विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त अनुशासनिक कार्रवाई कार्य अंचल, मगध प्रमण्डल, गया के विरूद्ध योजना एवं विकास विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त अनुशासनिक कार्रवाई 15 द्वारा निम्नांकित आरोपों के लिए की अनुशंसा के आलोक में आरोप पत्र के साथ विभागीय पत्रांक 68 दिनांक 08 की अनुशंसा के आलोक में आरोप पत्र के साथ विभागीय पत्रांक 68 दिनांक 08.01.15 द्वारा निम्नांकित आरोपों क श्री राम से स्पष्टीकरण किया गयाः- श्री राम से स्पष्टीकरण किया गयाः-
1. क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, मगध प्रमण्डल, गया के पत्र सं0 124 दिनांक 24 13 के द्वारा आपको दिनांक क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, मगध प्रमण्डल, गया के पत्र सं0 124 दिनांक 24.08.13 के द्वारा आपको दिनांक 13 को आहूत प्रमण्डलीय बैठक में भाग लेने हेतु संसूचित किया गया था इसके बावजूद दिनांक 03.09.13 को 13 को आहूत प्रमण्डलीय बैठक में भाग लेने हेतु संसूचित किया गया था इसके बावजूद दिनांक 03 03.09.13 को आहूत प्रमण्डलीय बैठक में भाग लेने हेतु संसूचित किया गया था इसके बावजूद दिनांक 03 बैठक में आप अनुपस्थित रहे। आपका यह कृत्य आपके कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं आहूत प्रमण्डलीय बैठक में आप अनुपस्थित रहे। आपका यह कृत्य आपके कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं बैठक में आप अनुपस्थित रहे। आपका यह कृत्य आपके कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं अनुशासनहीनता का द्योतक है।
2. दिनांक 03.09.13 को आहूत प्रमण्डलीय बैठक में आपके द्वारा भाग नहीं लेने के कारण आयुक्त कार्यालय, 13 को आहूत प्रमण्डलीय बैठक में आपके द्वारा भाग नहीं लेने के कारण आयुक्त कार्यालय, 13 को आहूत प्रमण्डलीय बैठक में आपके द्वारा भाग नहीं लेने के कारण आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमण्डल, गया के पत्रांक 424 दिनांक 09 ीन दिनों के अन्दर तथ्यपरक एवं साक्ष्य आधारित मगध प्रमण्डल, गया के पत्रांक 424 दिनांक 09.09.13 के द्वारा तीन दिनों के अन्दर तथ्यपरक एवं साक्ष्य आधारित स्पष्टीकरण समर्पित करने हेतु आपको निदेशित किया गया परन्तु ग्यारह माह बीत जाने के उपरान्त भी आपके द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित करने हेतु आपको निदेशित किया गया परन्तु ग्यारह माह बीत जाने के उपरान्त भी आपके द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित करने हेतु आपको निदेशित किया गया परन्तु ग्यारह माह बीत जाने के उपरान्त भी आपके द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया। आपका यह कृत्य कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं वरीय पदाधिकारियों के आदेश स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया। आपका यह कृत्य कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं वरीय पदाधिकारियों के आदेश स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया। आपका यह कृत्य कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं वरीय पदाधिकारियों के आदेश की अवहेलना का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
श्री राम द्वारा स्पष्टीकरण के जवाब में मुख्यतः निम्न तथ्य प्रस्तुत किया गयाः- श्री राम द्वारा स्पष्टीकरण के जवाब में मुख्यतः निम्न तथ्य प्रस्तुत किया गयाः- 1. प्रमण्डलीय आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया की अध्यक्षता में दिनांक 03 13 को सम्पन्न समीक्षा बैठक में प्रमण्डलीय आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया की अध्यक्षता में दिनांक 03.09.13 को सम्पन्न समीक्षा बैठक में ा प्रमण्डल, गया) आमंत्रित नहीं किया गया मुझे (अधीक्षण अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य अंचल, मगध प्रमण्डल, गया) आमंत्रित नहीं किया गया मुझे (अधीक्षण अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य अंचल, मगध् था। श्री गिरजेश प्रसाद श्रीवास्तव, आयुक्त के सचिव, मगध, प्रमण्डल गया के हस्ताक्षर से निर्गत पत्र सं0 375 दिनांक था। श्री गिरजेश प्रसाद श्रीवास्तव, आयुक्त के सचिव, मगध, प्रमण्डल गया के हस्ताक्षर से निर्गत पत्र सं0 375 दिनांक था। श्री गिरजेश प्रसाद श्रीवास्तव, आयुक्त के सचिव, मगध, प्रमण्डल गया के हस्ताक्षर से निर्गत पत्र सं0 375 दिनांक 22.08.13 का कृपया अवलोकन किया जा सकता है।
13 का कृपया अवलोकन किया जा सकता है। 2 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 7 अ(cid:23)तूबर 2016 4. उक्त अवधि के करीब ढाई माह पूर्व से मधुमेह एवं Pericandial effusion Tuberculousis नामक गंभीर रोग के कारण शारीरिक एवं मानसिक रूप से परेशान था एवं अस्वस्थ रहते हुए भी सरकारी कार्यों का सम्पादन कर रहा था। 5. आयक्त के सचिव, मगध प्रमण्डल, गया के द्वारा 03.09.13 को आहूत बैठक हेतु निर्गत पत्र में उन्हें आमंत्रित नहीं किए जाने एवं बैठक की कार्यावली में उनके साथ समीक्षा के समय का निर्धारण नहीं रहते हुए भी क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी की सूचना के आधार पर बैठक में भाग लेने के लिए तैयार हो ही रहा था कि अचानक दाँत एवं सिर दर्द की पीड़ा से काफी परेशान हो गया जिस कारण वे स्वयं बैठक में सम्मिलित नहीं होकर अपने कार्यालय के एकमात्र तकनीकी पदाधिकारी श्री प्रेमचन्द प्रसाद, सहायक अभियंता को सभी कागजातों के साथ बैठक में भाग लेने हेतु भेजा। स्थिति से तत्कालीन क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी को अवगत करा देने का भी निर्देश दिया।
6. दिनांक 03.09.13 के बाद आयुक्त महोदय की समीक्षा बैठक जब भी कराई गई है और उन्हें आमंत्रित किया गया है। उनके द्वारा बैठक में भाग लेकर अपने कर्त्तव्यों का पालन किया गया है।
7. उपरोक्त बैठक में उनके द्वारा भाग नहीं लेने के कारण आयुक्त के सचिव के द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया। गंभीर रोग से ग्रसित होने के कारण मानसिक एवं शारीरिक परेशानी, कार्य की व्यस्तता, मानसिक तनाव से दूर रहने की अनिवार्यता एवं कारण पृच्छा सामान्य प्रकृति का रहने के कारण कारण पृच्छा का उत्तर नहीं दे सका। मानसिक तनाव और अधिक बढ़ने से जीवन पर खतरा संभावित था।
श्री हरिकेश्वर राम, अधीक्षण अभियन्ता से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में यह पाया गया कि उनके द्वारा अपने स्पष्टीकरण की कण्डिका-1 में उद्धृत किया गया है कि प्रमण्डलीय आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया की अध्यक्षता में दिनांक 03.09.13 को सम्पन्न समीक्षात्मक बैठक में उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया था जबकि प्रपत्र 'क' के साथ संलग्न श्री संजय कुमार, क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, मगध प्रमण्डल, गया के ज्ञापांक 124 दिनांक 24.08.13 से स्पष्ट होता है कि इन्हें पूर्व सूचना दी गई थी जिसका अनुपालन श्री राम द्वारा नहीं किया गया है। श्री राम का यह कथन कि बैठक की सूचना उन्हें नहीं दी गई थी, गुमराह करने वाला है। इसलिए श्री राम के स्पष्टीकरण की कंडिका-1 स्वीकार योग्य नहीं है। श्री राम ने स्पष्टीकरण की कंडिका-3 में इस बात को स्वीकार किया है कि श्री संजय कुमार, क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, मगध प्रमण्डल, गया के पत्रांक 124 दिनांक 24.08.13 द्वारा बैठक की सूचना दी गई थी किन्तु क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी न तो उनके वरीय हैं और न नियंत्री पदाधिकारी। श्री राम का यह कथन गैर जिम्मेदाराना है क्योंकि क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, मगध प्रमण्डल, गया ने आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया के निदेशानुसार ही श्री राम को बैठक में उपस्थित होने के लिए पत्र निर्गत किया था। बैठक में अनुपस्थित रहने के संबंध में श्री राम से स्पष्टीकरण की माँग आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया के निदेश के आलोक में की गई थी परन्तु ग्यारह माह बीत जाने पर भी इसका जवाब श्री राम द्वारा नहीं दिया गया। इस संबंध में उनका कहना है कि गंभीर रोग से ग्रसित रहने के कारण मानसिक एवं शारीरिक परेशानी, कार्य की व्यस्तता, मानसिक तनाव से दूर रहने की अनिवार्यता एवं स्पष्टीकरण सामान्य प्रकृति का रहने के कारण वे इसका उत्तर नहीं दे सके। श्री राम का यह कथन गैर जिम्मेदाराना है। उच्चाधिकारी के द्वारा आयोजित बैठक में पूर्व सूचना के बाद भी उपस्थित नहीं होना, इस संबंध में स्पष्टीकरण पूछे जाने पर उसका जवाब नहीं देना, इनकी स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है। अतः इनका स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। श्री राम का यह कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1976 के नियम-3(i), (ii) एवं (iii) के प्रतिकूल है।
श्री राम से प्राप्त स्पष्टीकरण की सम्यक समीक्षोपरान्त यह स्पष्ट है कि बैठक की पूर्व सूचना की प्राप्ति के बावजूद भी न तो उन्होंने प्रमण्डलीय बैठक में भाग लिया और न ही अनुपस्थिति के संबंध में पूछे गये स्पष्टीकरण का जवाब दिया। उनका यह कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1976 के नियम-3 के प्रतिकूल है। अतः प्रमाणित आरोपों के आलोक में श्री हरिकेश्वर राम, अधीक्षण अभियंता के विरूद्ध निम्न शास्ति अधिरोपित करने का निर्णय सरकार के स्तर से लिया गया हैः-
एक वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। उक्त निर्णय के आलोक में श्री हरिकेश्वर राम, अधीक्षण अभियन्ता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य अंचल, मगध प्रमण्डल, गया के विरूद्ध निम्न शास्ति अधिरोपित करते हुए उन्हें संसूचित किया जाता हैः-
एक वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।
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