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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 October 2016

Published 07 October 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-10-07.866
Languages
English, Hindi

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सं॰ 22 नि0 सि0 (भाग0)-09-22/2010

22 नि0 सि0 (भाग0)-09-22/2010/1776—श्री राज कुमार प्रसाद सिन्हा, (आई0 डी0-4047), सहायक श्री राज कुमार प्रसाद सिन्हा, (आई0 डी0-4047), सहायक अभियन्ता से राष्ट्रीय सम विकास योजना अन्तर्गत लखीसराय जिला के अष्टघट्‌टी पोखर के सौन्दर्यीकरण योजना के अभियन्ता से राष्ट्रीय सम विकास योजना अन्तर्गत लखीसराय जिला के अष्टघट्‌टी पोखर के सौन्दर्यीकरण योजना के अभियन्ता से राष्ट्रीय सम विकास योजना अन्तर्गत लखीसराय जिला के अष्टघट्‌टी पोखर के सौन्दर्यीकरण योजना के 10 द्वारा प्राप्त तकनीकी परीक्षक कोषांग के जॅाच संबंध में निगरानी विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 6925 दिनांक 11.09.10 द्वारा प्राप्त तकनीकी परीक्षक कोषांग के जॅाच संबंध में निगरानी विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 6925 दिनांक प्रतिवेदन के आलोक में सिंचाई अवर प्रमण्डल सं0-5, रामगढ़, जिला-लखीसराय के पदस्थापन काल के लिए प्रतिवेदन के आलोक में सिंचाई अवर प्रमण्डल सं0-5, रामगढ़, जिला-लखीसराय के पदस्थापन काल के लिए प्रतिवेदन के आलोक में सिंचाई अवर प्रमण्डल सं0-5, रामगढ़, जिला-लखीसराय के पदस्थापन काल के लिए निम्नांकित प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 06 दिनांक 04 निम्नांकित प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 06 दिनांक 04.01.11 द्वारा स्पष्टीकरण किया गयाः-

11 द्वारा स्पष्टीकरण किया गयाः- (i) बिना विभागीय अनुमति के राष्ट्रीय सम विकास योजना के अन्तर्गत लखीसराय जिला के मत्स्य प्रक्षेत्र बिना विभागीय अनुमति के राष्ट्रीय सम विकास योजना के अन्तर्गत लखीसराय जिला के मत्स्य प्रक्षेत्र बिना विभागीय अनुमति के राष्ट्रीय सम विकास योजना के अन्तर्गत लखीसराय जिला के मत्स्य प्रक्षेत्र में अष्टघट्‌टी पोखर की खुदाई जीर्णोद्वार एवं सौन्दर्यीकरण योजना का कार्य कराना। में अष्टघट्‌टी पोखर की खुदाई जीर्णोद्वार एवं सौन्दर्यीकरण योजना का कार्य कराना। में अष्टघट्‌टी पोखर की खुदाई जीर्णोद्वार एवं सौन्दर्यीकरण योजना का कार्य कराना।

(ii) अष्टघट्‌टी पोखरी के पश्चिमी भिंडा पर 500 (पॅाच सौ) फीट की लम्बाई में ईंटकरण कार्य में सही अष्टघट्‌टी पोखरी के पश्चिमी भिंडा पर 500 (पॅाच सौ) फीट की लम्बाई में ईंटकरण कार्य में सही गुणवत्ता के ईंट का प्रयोग नहीं किया गया था। कार्यपालक अभियन्ता द्वारा घटिया ईंट की सुधार गुणवत्ता के ईंट का प्रयोग नहीं किया गया था। कार्यपालक अभियन्ता द्वारा घटिया ईंट की सुधार गुणवत्ता के ईंट का प्रयोग नहीं किया गया था। कार्यपालक अभियन्ता द्वारा घटिया ईंट की सुधार हेतु 5% (पॅाच प्रतिशत) की दर से भुगतान में कटौती करने की बात बतायी गयी परन्तु उक्त ईंट (पॅाच प्रतिशत) की दर से भुगतान में कटौती करने की बात बतायी गयी परन्तु उक्त ईंट (पॅाच प्रतिशत) की दर से भुगतान में कटौती करने की बात बतायी गयी परन्तु उक्त ईंट सोलिंग कार्य में सुधार किये जाने का केाई साक्ष्य जॅाच पद ाधिकारी को उपलब्ध नहीं कराया गया। सोलिंग कार्य में सुधार किये जाने का केाई साक्ष्य जॅाच पदाधिकारी को उपलब्ध नहीं कराया गया। स्थलीय जॅाच में ईंट सोलिंग कार्य अांशिक रूप से किया गया एवं क्षतिग्रस्त अवस्था में पाया गया। स्थलीय जॅाच में ईंट सोलिंग कार्य अांशिक रूप से किया गया एवं क्षतिग्रस्त अवस्था में पाया गया। स्थलीय जॅाच में ईंट सोलिंग कार्य अांशिक रूप से किया गया एवं क्षतिग्रस्त अवस्था में पाया गया। फलस्वरूप घटिया ब्रीक सोलिंग कार्य के लिए मापी पुस्त में मापी अंकित करना, विपत्र पारित करना फलस्वरूप घटिया ब्रीक सोलिंग कार्य के लिए मापी पुस्त में मापी अंकित करना, विपत्र पारित करना फलस्वरूप घटिया ब्रीक सोलिंग कार्य के लिए मापी पुस्त में मापी अंकित करना, विपत्र पारित करना एवं उक्त गलत कार्य के विरूद्व भुगतान की गयी राशि की वसूली नहीं करना। एवं उक्त गलत कार्य के विरूद्व भुगतान की गयी राि

(ii) F2 एकरारनामा के शत्र्तो के आलोक में निर्धारित समय सीमा के अन्दर विषयांकित अष्टघट्‌टी 2 एकरारनामा के शत्र्तो के आलोक में निर्धारित समय सीमा के अन्दर विषयांकित अष्टघट्‌टी 2 एकरारनामा के शत्र्तो के आलोक में निर्धारित समय सीमा के अन्दर विषयांकित अष्टघट्‌टी पोखर योजना का कार्य पूरा कराने हेतु संवेदक के विरूद्व सार्थक कार्रवाई नहीं करना। संवेदक द्वारा पोखर योजना का कार्य पूरा कराने हेतु संवेदक के विरूद्व सार्थक कार्रवाई नहीं करना। संवेदक द्वारा पोखर योजना का कार्य पूरा कराने हेतु संवेदक के विरूद्व सार्थक कार्रवाई नहीं करना। संवेदक द्वारा ा कराया गया कार्य मानक एवं प्राक्कलन के कार्य को जॅाच की तिथि तक नहीं कराया गया था तथ कार्य को जॅाच की तिथि तक नहीं कराया गया था तथा कराया गया कार्य मानक एवं प्राक्कलन के अनुरूप सही नहीं पाया गया। अनुरूप सही नहीं पाया गया।

उपर्युक्त के आलोक में श्री राज कुमार प्रसाद सिन्हा, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, सिंचाई अवर प्रमण्डल उपर्युक्त के आलोक में श्री राज कुमार प्रसाद सिन्हा, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, सिंचाई अवर प्रमण्डल उपर्युक्त के आलोक में श्री राज कुमार प्रसाद सिन्हा, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, सिंचाई अवर प्रमण्डल सं0-5, रामगढ़ के पत्रांक 45 दिनांक 03 11 द्वारा विभाग में समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की सं0-5, रामगढ़ के पत्रांक 45 दिनांक 03.05.11 द्वारा विभाग में समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त ''बिना विभागीय अनुमति के राष्ट्रीय सम विकास योजना अन्तर्गत लखीसराय जिला के मतस्य गयी एवं समीक्षोपरान्त ''बिना विभागीय अनुमति के राष्ट्रीय सम विकास योजना अन्तर्गत लखीसराय जिला के मतस्य गयी एवं समीक्षोपरान्त ''बिना विभागीय अनुमति के राष्ट्रीय सम विकास योजना अन्तर्गत लखीसराय जिला के मतस्य 2 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 7 अ(cid:23)तूबर 2016 प्रक्षेत्र में अष्टघट्‌टी पोखर की खुदाई, जीर्णोद्वार एवं सौन्दर्यीकरण योजना का कार्य कराने'' तथा ' F2 एकरारनामा के शत्र्तो के आलोक में निर्धारित समय सीमा के अन्दर अष्टघट्‌टी पोखर योजना का कार्य पूरा कराने हेतु संवेदक के विरूद्व सार्थक कार्रवाई नहीं करने'' के आरोपों के संबंध में श्री सिन्हा का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य पाया गया। परन्तु '' अष्टघट्‌टी पोखर के पश्चिमी भिंडा पर न्यून विशिष्टि के सोंलिग कार्य की मापी जॅाच कर प्रमण्डल में भुगतान हेतु उपस्थापित करने'' तथा ''दक्षिणी भिंडा पर न्यून विशिष्टि के सोलिंग कार्य कराने एवं कार्य मानक तथा प्राक्कलन के अनुरूप नहीं कराने के लिए दोषी पाये जाने के फलस्वरूप उक्त मामले में श्री सिन्हा का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं पाया गया तथा उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री राज कुमार प्रसाद सिन्हा, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, सिंचाई अवर प्रमण्डल सं0-5, रामगढ़ को विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 962 दिनांक 28.04.15 द्वारा ''दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' का दण्ड अधिरोपित करते हुए संसूचित किया गया।

श्री राज कुमार प्रसाद सिन्हा, सहायक अभियन्ता द्वारा उक्त संसूचित दण्ड के विरूद्व अपने पत्रांक शून्य दिनांक 04.04.16 द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी विभाग में समर्पित करते हुए निम्न तथ्यों को प्रस्तु किया गया हैः- (i) उनके द्वारा पूर्व में समर्पित स्पष्टीकरण के विभागीय समीक्षोपरान्त आरोप सं0-1 के मामले में स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य माना गया है।

(ii) आरोप सं0-2 जो ईंट सोलिंग कार्य में निम्न विशिष्टि का ईंट व्यवहार में लाये जाने से संबंधित है, के संबंध में उललेख किया है कि पश्चिमी भिंडा जिसकी जम्बाई 500 फीट है, में एकरारनामा के अनुसार On brick on edge soling over one brick on flat soling का कार्य किया जाना था। उक्त लम्बाई में संवेदक द्वारा विशिष्टि के अनुरूप ईट सोलिंग किये जाने के फलस्वरूप कनीय अभियन्ता द्वारा तैयार तृतीय चालू विपत्र के भुगतान हेतु उनके द्वारा सहायक अभियन्ता के रूप में अनुशंसा की गयी। इस लम्बाई पर जॅाच की तिथि को सम्पादित ईंट सोलिंग कार्य के उपर भवन निर्माण विभाग द्वारा कंक्रीट पथ का निर्माण कराया जा चुका था। फलस्वरूप तकनीकी परीक्षक कोषांग द्वारा सम्पादित कार्य की इस लम्बाई की जॅाच कार्य सम्पन्न नहीं किया जा सका, जिसका उल्लेख जॅाच प्रतिवेदन की कंडिका 4.0.0 में है। अतः सम्पादित कार्य की उक्त लॅम्बाई में कराये गये कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्नचिंह लगाया जाना उचित नहीं है।

(iii) निर्धारित समय सीमा के अन्दर संवेदक द्वारा कार्य पूर्ण नहीं किये जाने के फलस्वरूप संवेदक के विरूद्व सार्थक कार्रवाई नहीं करने का उनके विरूद्व प्रमाणित नहीं पाया गया है।

श्री सिन्हा द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी में प्रस्तुत उपर्युक्त तथ्यों की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त निम्नांकित तथ्य पाये गयेः-

(i) श्री सिन्हा के स्पष्टीकरण की समीक्षा में आरोप सं0-1 को इनके संदर्भ में प्रमाणित नहीं पाये जाने के फलस्वरूप आरोप सं0-1 के संबंध में इनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य पाया गया। (ii) आरोप सं0-2 के संदर्भ में पाया गया कि दक्षिणी भिंडा पर झामा ब्रिक से ईंट सोलिंग का कार्य किया गया है जो जॅाच के दौरान क्षतिग्रस्त पाया गया। अष्टघट्‌टी पोखर के भिंडा पर 1460 फीट सोंलिग कार्य किया जाना था। पश्चिमी भिंडा पर 500 फीट सोलिंग कार्य का पॅाच प्रतिशत कटौती के साथ भुगतान किया जा चुका था। संवेदक द्वारा निम्न विशिष्टि का सोलिंग कार्य कराये जाने के दौरान संवेदक के विरूद्व श्री सिन्हा द्वारा कृत कार्रवाई से संबंधित कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि संवेदक द्वारा ईंट सोलिंग कार्य में घटिया किस्म का ईंट प्रयोग करने में इनकी मौन सहमति रही है। अतः आरोप सं0-2 के संदर्भ में इनके पुनर्विचार अभ्यावेदन की कंडिका-2 स्वीकार योग्य नहीं है।

(iii) आरोप सं0-3 के प्रथम अंश से संबंधित श्री सिन्हा का स्पष्टीकरण पूर्व की समीक्षा में स्वीकार योग्य पाया गया है परन्तु आरोप का द्वितीय भाग, जो मानक प्राक्कलन के अनुसार कार्य नहीं कराये जाने से संबंधित है, के संदर्भ में इनका स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं पाया गया है। ईंट सोलिंग कार्य में संवेदक द्वारा घटिया सामग्री के उपयोग की रोकथाम के लिए इनके द्वारा क्या कदम उठाया गया था, इसका कोई दस्तावेजी साक्ष्य इनके द्वारा प्रस्तुत नही किया गया है।

उपर्युक्त पाये गये तथ्यों के आलोक में श्री सिन्हा के पुनर्विचार आवेदन को अस्वीकृत करने का निर्णय सरकार के स्तर पर लिया गया है। 3

ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 7 अ(cid:23)तूबर 2016

उक्त निर्णय के आलोक में श्री राज कुमार प्रसाद सिन्हा, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, सिंचाई अवर प्रमण्डल सं0 5, रामगढ़, जिला-लखीसाराय सम्प्रति सहायक अभियन्ता, जल निस्सरण अवर प्रमण्डल सं0 1, हाजीपुर के पूनर्विचार आवेदन को अस्वीकृत किया जाता है एवं उक्त आदेश संसूचित किया जाता है।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 October 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-10-07.866/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-10-07.866.