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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 October 2016

Published 07 October 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-10-07.867
Languages
English, Hindi

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सं॰ 22/नि0सि0(पट0)-03-

-12/2012/1775—श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, नौबतपुर सम्प्रति सेवानिवृत जब उक्त पद पर पदस्थापित थे (माह सितम्बर, 2009 से मार्च, 2012 तक) तब उनकेे नौबतपुर सम्प्रति सेवानिवृत जब उक्त पद पर पदस्थापित थे (माह सितम्बर, 2009 से मार्च, 2012 तक) तब उनकेे विरूद्ध जल संसाधन विभाग की बहुमूल्य सरकारी जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी जमीन का अतिक्रमण विरूद्ध जल संसाधन विभाग की बहुमूल्य सरकारी जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी जमीन का अतिक्रमण विरूद्ध जल संसाधन विभाग की बहुमूल्य सरकारी जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी जमीन का अतिक्रमण करने में एवं उक्त जमीन पर बहुमंजिली इमारत निर्माण करने में अन्तर्लिप्त रहने, फर्जी दस्तावेज को सच्ची प्रतिलिपि करने में एवं उक्त जमीन पर बहुमंजिली इमारत निर्माण करने में अन्तर्लिप्त रहने, फर्जी दस्तावेज को सच्ची प्रतिलिपि करने में एवं उक्त जमीन पर बहुमंजिली इमारत निर्माण करने में अन्तर्लिप्त रहने, फर्जी दस्तावेज को सच्ची प्रतिलिपि मानकर उक्त जमीन की वर्ष 2004-05 से वर्ष 2012 तक रसीद काटने के प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए -05 से वर्ष 2012 तक रसीद काटने के प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए -05 से वर्ष 2012 तक रसीद काटने के प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16 दिनांक 07.01.13 विभागीय अधिसूचना सं0 1109 दिनांक 11.10.12 द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16 दिनांक 07 विभागीय अधिसूचना सं0 1109 दिनांक 11 बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही 005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2 13 को सेवानिवृत हो गये। तत्पश्चात विभागीय अधिसूचना सं0-912 चलाई गयी। इस बीच श्री सिंह दिनांक 28.02.13 को सेवानिवृत हो गये। तत्पश्चात विभागीय अधिसूचना सं0-912 चलाई गयी। इस बीच श्री सिंह दिनांक 28 13 के प्रभाव से निलंबन मुक्त करते हुए पूर्व से नियम-17 के तहत 13 द्वारा श्री सिंह को दिनांक 28.02.13 के प्रभाव से निलंबन मुक्त करते हुए पूर्व से नियम-17 के तहत दिनांक 02.08.13 द्वारा श्री सिंह को दिनांक 28 भागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) में सम्परिवर्तित किया गया। भागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) में सम्परिवर्तित किया गया। संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) में सम्परिवर्तित किया गया।

उक्त विभागीय के संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 99 दिनांक उक्त विभागीय के संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 99 दिनांक उक्त विभागीय के संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 99 दिनांक 20.01.14 द्वारा जाँच प्रतिवेदन से निम्नलिखित असहमति के बिन्दु पर श्री सिंह से ि

से निम्नलिखित असहमति के बिन्दु पर श्री सिंह से द्वितीय कारण पृच्छा किया गयाः-

द्वतीय कारण पृच्छा किया गयाः- ''विभागीय भू-खण्ड के लीज की प्रमाणिकता के बिना जाँच किए ही आपके द्वारा लीज रेन्ट की वसूली की ''विभागीय भू-खण्ड के लीज की प्रमाणिकता के बिना जाँच किए ही आपके द्वारा लीज रेन्ट की वसूली की ''विभागीय भू-खण्ड के लीज की प्रमाणिकता के बिना जाँच किए ही आपके द्वारा लीज रेन्ट की वसूली की गयी जबकि लीज कागजात फर्जी थे। अतएव विभागीय बहुमूल्य भू-खण्ड का बिना किसी प्रमाण के आधार पर गलत गयी जबकि लीज कागजात फर्जी थे। अतएव विभागीय बहुमूल्य भू-खण्ड का बिना किसी प्रमाण के आधार पर गलत गयी जबकि लीज कागजात फर्जी थे। अतएव विभागीय बहुमूल्य भू-खण्ड का बिना किसी प्रमाण के आधार पर गलत भू-खण्ड से बेदखल करने की साजश में आपकी संलिप्तता प्रमाणित होती ढंग से रेन्ट रसीद निर्गत कर विभाग को भू-खण्ड से बेदखल करने की साजश में आपकी संलिप्तता प्रमाणित होती ढंग से रेन्ट रसीद निर्गत कर विभाग को है।''श्री सिंह से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया श्री सिंह से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया श्री सिंह से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री सिंह द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में स्वयं स्वीकार किया गया है कि तथाकि गया कि श्री सिंह द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में स्वयं स्वीकार किया गया है कि तथाकथित लीज को गया कि श्री सिंह द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में स्वयं स्वीकार किया गया है कि तथाकि समाप्त करने के लिए कार्यपालक अभियंता द्वारा वर्ष 2012-13 में वाद दायर किया गया था। उल्लेखनीय है कि समाप्त करने के लिए कार्यपालक अभियंता द्वारा वर्ष 2012-13 में वाद दायर किया गया था। उल्लेखनीय है कि समाप्त करने के लिए कार्यपालक अभियंता द्वारा वर्ष 2012-13 में वाद दायर किया गया था। उल्लेखनीय है कि उस भूमि को लीज पर दिये जाने की ना तो कोई अनुमति दी गयी और न ही स्वीकृति दिया गया था। उस भूमि को लीज पर दिये जाने की ना तो कोई अनुमति दी गयी और न ही स्वीकृति दिया गया था। सरकार द्वारा उस भूमि को लीज पर दिये जाने की ना तो कोई अनुमति दी गयी और न ही स्वीकृति दिया गया था। श्री सिंह द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में कोई नया तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया एवं श्री सिंह के विरूद्ध श्री सिंह द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में कोई नया तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया एवं श्री सिंह के विरूद्ध तथाकथित लीज को बिना जाँच पड़ताल के रेन्ट रसीद काटने का आरोप प्रमाणित पाया गया। प्रमाणित आरोपों के लिए तथाकथित लीज को बिना जाँच पड़ताल के रेन्ट रसीद काटने का आरोप प्रमाणित पाया गया। प्रमाणित आरोपों के लिए तथाकथित लीज को बिना जाँच पड़ताल के रेन्ट रसीद काटने का आरोप प्रमाणित पाया गया। प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना सं0 1771 दिनांक 10.08.15 द्वारा ''पाँच प्रतिशत पेंशन पर पाँच वर्षों तक रोंक'' का दण्ड संसूचित क रोंक'' का दण्ड संसूचित विभागीय अधिसूचना सं0 1771 दिनांक 10 12 से दिनांक 28.02.13) किया गया तथा विभागीय पत्रांक 1898 दिनांक 24.08.15 द्वारा निलंबन अवधि (दिनांक 11.10.12 से दिनांक 28 किया गया तथा विभागीय पत्रांक 1898 दिनांक 24 2 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 7 अ(cid:23)तूबर 2016 के सेवा निरूपण एवं वेतन भत्ता के अनुमान्यता के संबंध में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-11 (5) में निहित प्रावधान के आलोक में नोटिस निर्गत किया गया। श्री सिंह से प्राप्त नोटिस का जवाब से उनके द्वारा निम्न तथ्यों का उल्लेख किया गयाः- (i) विभागीय कार्यवाही के संचालन में संचालन पदाधिकारी ने प्रपत्र 'क' में गठित आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया है।

(ii) संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप प्रमाणित नहीं पाये जाने के बावजूद उनके पेंशन से 5 वर्षाेंं तक 5 प्रतिशत की कटौती करने का दण्डादेश निर्गत किया गया है जिसका कोई वैधानिक औचित्य नहीं है।

(iii) बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा भी इनके संदर्भ में अनुमोदित दण्ड प्रस्ताव को आरोपी के परिप्रेक्ष्य में दण्ड को अनुपातिक नहीं मानते हुए विभागीय दण्ड प्रस्ताव से असहमति व्यक्त किया है।

प्राप्त नोटिस के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री सिंह के विरूद्ध जल संसाधन विभाग की बहुमूल्य सरकारी जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार करने, इन पर बहुमंजिली इमारत निर्माण करने में सम्मिलित रहने तथा नियम के विरूद्ध गलत तरीके से वर्ष 2004-05 से वर्ष 2012 तक रसीद काटने के प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' गठित कर विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-18 (2) में उपबंधित है कि अनुशासनिक प्राधिकार जाँच प्राधिकार के किसी निष्कर्ष से असहमत हो सकता है। इस मामले में संचालन पदाधिकारी द्वारा अभिलेखित अभिमत से असहमति के बिन्दुओं को अंकित करते हुए श्री सिंह से द्वितीय कारण पृच्छा की माँग की गयी एवं इनसे प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर के समीक्षोपरान्त ही दण्डादेश निर्गत किया गया। बिहार लोक सेवा आयोग ने अपने परामर्श में प्रस्तावित दण्ड किस आधार पर अनुपातिक नहीं है इसका स्पष्ट उल्लेख आयोग के परामर्श में अंकित नहीं है। इसलिए ऐसे परामर्श को मानने के लिए विभाग बाध्य नहीं है।

उपरोक्त तथ्यों के आलोक में श्री सिंह से प्राप्त नोटस के जवाब को अस्वीकृत करते हुए ''निलंबन अवधि दिनांक 11.10.12 से दिनांक 28.02.13 तक में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा परन्तु उक्त अवधि को पेंशन प्रयोजनार्थ कर्त्तव्य पर बितायी गयी अवधि मानी जाएगी'' का निर्णय लिया गया।

उक्त निर्णय श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, नौबतपुर सम्प्रति सेवानिवृत को संसूचित किया जाता है।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 October 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-10-07.867/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-10-07.867.