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सं॰ 22/नि0सि0(मोति0)-08-03/2013
22/नि0सि0(मोति0)-08-03/2013/1774—श्री राम पुकार रंजन (आई0 डी0-3276), तत्कालीन मुख्य श्री राम पुकार रंजन (आई0 डी0-3276), तत्कालीन मुख्य अभियन्ता, वाल्मीकिनगर सम्प्रति अभियन्ता प्रमुख, सिंचाई सृजन के विरूद्व नेपाल हितकारी योजना 2009 गंडक अभियन्ता, वाल्मीकिनगर सम्प्रति अभियन्ता प्रमुख, सिंचाई सृजन के विरूद्व नेपाल हितकारी योजना 2009 गंडक अभियन्ता, वाल्मीकिनगर सम्प्रति अभियन्ता प्रमुख, सिंचाई सृजन के विरूद्व नेपाल हितकारी योजना 2009 गंडक
के पुनस्र्थापन कार्य में बरती गई परियोजना के अन्तर्गत मुख्य पश्चिमी नहर प्रमण्डल, वाल्मीकिनगर मुख्य नहर के पुनस्र्थापन कार्य में बरती गई परियोजना के अन्तर्गत मुख्य पश्चिमी नहर प्रमण्डल, वाल्मीकिनगर मुख्य नहर
अनियमितता यथा स्थानीय श्रोत से निर्माण सामग्री प्राप्त कर कार्य में उपयोग होने के बावजूद भुगतान वास्तविक लीड अनियमितता यथा स्थानीय श्रोत से निर्माण सामग्री प्राप्त कर कार्य में उपयोग होने के बावजूद भुगतान वास्तविक लीड अनियमितता यथा स्थानीय श्रोत से निर्माण सामग्री प्राप्त कर कार्य में उपयोग होने के बावजूद भुगतान वास्तविक लीड के बजाय एकरारित कार्यमद दर से किया गया एवं एकरारनामा के अनुसार विशिष्टी के अनुरूप कार्य नहीं होने के लिए के बजाय एकरारित कार्यमद दर से किया गया एवं एकरारनामा के अनुसार विशिष्टी के अनुरूप कार्य नहीं होने के लिए के बजाय एकरारित कार्यमद दर से किया गया एवं एकरारनामा के अनुसार विशिष्टी के अनुरूप कार्य नहीं होने के लिए प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 220 दिनांक 18
्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 220 दिनांक 18.02.12 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया।
12 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री रंजन द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण का जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त श्री रंजन द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण का जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त श्री रंजन द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण का जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 1933 दिनांक 28.08.
या। श्री रंजन द्वारा अपने .15 द्वारा आरोप प्रपत्र-''क'' के साथ स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री रंजन द्वारा अपने 15 द्वारा स्पष्टीकरण का जवाब समर्पित किया गया, जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की पत्रांक 205 दिनांक 09.10.15 द्वारा स्पष्टीकरण का जवाब समर्पित किया गया, जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की 15 द्वारा स्पष्टीकरण का जवाब समर्पित किया गया, जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की
12 को कार्य स्थल का निरीक्षण गई। समीक्षा में पाया गया कि श्री रंजन प्रभार ग्रहण करने के अगले ही दिन 17.02.12 को कार्य स्थल का निरीक्षण गई। समीक्षा में पाया गया कि श्री रंजन प्रभार ग्रहण करने के अगले ही दिन 17
दृष्टया विशिष्टि के अनुरूप नहीं पाये जाने के कारण गुणवत्ता की जॅाच प्रशिक्षण किया और कार्य की गुणवत्ता प्रथम दृष्टया विशिष्टि के अनुरूप नहीं पाये जाने के कारण गुणवत्ता की जॅाच प्रशिक्षण दृष्टया विशिष्टि के अनुरूप नहीं पाये जाने के कारण गुणवत्ता की जॅाच प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान, खगौल से कराने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही पत्रांक 276 दिनांक 31.03.12 द्वारा अधीक्षण एवं शोध संस्थान, खगौल से कराने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही पत्रांक 276 दिनांक 31 एवं शोध संस्थान, खगौल से कराने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही पत्रांक 276 दिनांक 31
े का निर्देश दिया गया, जिसकी प्रतिलिपि अभियन्ता, शीर्ष कार्य प्रमण्डल, वाल्मीकिनगर को भुगतान तत्काल लंबित रखने का निर्देश दिया गया, जिसकी प्रतिलिपि अभियन्ता, शीर्ष कार्य प्रमण्डल, वाल्मीकिनगर को भुगतान तत्काल लंबित रखन
12 द्वारा सम्पूर्ण वस्तुस्थिति से कार्यपालक अभियन्ता को भी दी गई। श्री रंजन अपने पत्रांक 493 दिनांक 09.04.12 द्वारा सम्पूर्ण वस्तुस्थिति से कार्यपालक अभियन्ता को भी दी गई। श्री रंजन अपने पत्रांक 493 दिनांक 09 2 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 7 अ(cid:23)तूबर 2016 गई जिसका उल्लेख तकनीकी परीक्षक कोषांग के प्रतिवेदन में भी किया गया है, जो इस तथ्य को प्रमाणित करता है कि श्री रंजन द्वारा नियमित अन्तराल पर अनियमित भुगतान को रोकने का प्रयास किया गया। अतएव मामले की सम्यक समीक्षोपरान्त श्री रंजन से प्राप्त स्पष्टीकरण को स्वीकार करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया।
उक्त निर्णय के आलोक में श्री रंजन, तत्कालीन मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, वाल्मीकिनगर सम्प्रति अभियन्ता प्रमुख, सिंचाई सृजन का स्पष्टीकारण स्वीकार किया जाता है।
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