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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 October 2016

Published 07 October 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-10-07.875
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:18)या पी0ट&0-40 िनबंधन सं(cid:18)या (cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)बहारहारहारहार

हारहारहारहार गजटगजटगजटगजट गजटगजटगजटगजट

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सरकारसरकारसरकारसरकार (cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत

ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत 15 आ(cid:28)(cid:29)नआ(cid:28)(cid:29)नआ(cid:28)(cid:29)नआ(cid:28)(cid:29)न 1938 (शशशश0)

((((संसंसंसं0 पटनापटनापटनापटना 875) ) ) ) पटनापटनापटनापटना

पटनापटनापटनापटना, शुबशुबशुबशुबवारवारवारवार, 7777 अ"तूअ"तूअ"तूअ"तूबरबरबरबर 2016

जल संसाधन विभाग ---------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 10101010 अगस्त 2016अगस्त 2016अगस्त 2016अगस्त 2016

सं0 22 नि0 सि0 (सिवान)-11-03/2014

22 नि0 सि0 (सिवान)-11-03/2014/1729—श्री राहुल कुमार मिश्र (आई0 डी0-3557), जब श्री राहुल कुमार मिश्र (आई0 डी0-3557), जब कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, ठकराहॅा, शि0-गोपालगंज के पद पर पदस्थापित थे तब उन्हें सल्लेहपुर कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, ठकराहॅा, शि0-गोपालगंज के पद पर पदस्थापित थे तब उन्हें सल्लेहपुर कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, ठकराहॅा, शि0-गोपालगंज के पद पर पदस्थापित थे तब उन्हें सल्लेहपुर लिए प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए विभागीय अधिसूचना टंडसपुर छरकी टूटान में बरती गई लापरवाही आदि आरोपों के लिए प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए विभागीय अधिसूचना टंडसपुर छरकी टूटान में बरती गई लापरवाही आदि आरोपों के सं0-1299 दिनांक 09.09.14 द्वारा निलंबित किया गया एवं तदोपरान्त निम्नांकित आरोपों के लिए आरोप पत्र 14 द्वारा निलंबित किया गया एवं तदोपरान्त निम्नांकित आरोपों के लिए आरोप पत्र 14 द्वारा निलंबित किया गया एवं तदोपरान्त निम्नांकित आरोपों के लिए आरोप पत्र 14 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण प्रपत्र-''क'' गठित कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1902 दिनांक 08.12.14 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण प्रपत्र-''क'' गठित कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1902 दिनांक 08 एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17(2) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयीः-

वं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17(2) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयीः-

विभागीय आदेश/निदेश का उल्लंधन करना। 1. विभागीय आदेश/निदेश का उल्लंधन करना। सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के रख रखाव एवं बाढ़ से सुरक्षा कार्य में अपने दायित्व का निर्वहन नहीं करना 2. सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के रख रखाव एवं बाढ़ से सुरक्षा कार्य में अपने दायित्व का निर्वहन नहीं करना सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के रख रखाव एवं बाढ़ से सुरक्षा कार्य में अपने दायित्व का निर्वहन नहीं करना तथा इस कार्य में लापरवाही बरतना।

सरकारी राजस्व का नुकसान करना।

3. सरकारी राजस्व का नुकसान करना। उक्त विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर की उक्त विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर की उक्त विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर की गयी। समीक्षा में पाया गया कि संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन में आरोपी पदाधिकारी के विरूद्व उक्त गयी। समीक्षा में पाया गया कि संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन में आरोपी पदाधिकारी के विरूद्व उक्त गयी। समीक्षा में पाया गया कि संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन में आरोपी पदाधिकारी के विरूद्व उक्त उन्हें निष्कर्षतः दोषी नहीं होने का मंतव्य दिया गया है। समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के उन्हें निष्कर्षतः दोषी नहीं होने का मंतव्य दिया गया है। समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के प्रतिवेदित आरोपों के लिए उन्हें निष्कर्षतः दोषी नहीं होने का मंतव्य दिया गया है। समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमत होते हुए असहमति के निम्नांकित बिन्दु पर श्री मिश्र से संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन मंतव्य से असहमत होते हुए असहमति के निम्नांकित बिन्दु पर श्री मिश्र से संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन मंतव्य से असहमत होते हुए असहमति के निम्नांकित बिन्दु पर श्री मिश्र से संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन 5 द्वारा अभ्यावेदन (द्वितीय कारण पृच्छा) की मांग की छायाप्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 2002 दिनांक 04.09.15 द्वारा अभ्यावेदन (द्वितीय कारण पृच्छा) की मांग की छायाप्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 2002 दिनांक 04 की गयीः-

(i) मुख्य अभियन्ता, सिवान के पत्रांक 1909 दिनांक 19

SOP की कंडिका 4.4 के अनुसार जब तक नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर स

14 के अनुसार कहीं भी तटबंध पर उगे झाड़ी कटे ) मुख्य अभियन्ता, सिवान के पत्रांक 1909 दिनांक 19.08.14 के अनुसार कहीं भी तटबंध पर उगे झाड़ी कटे हुए नहीं पाये गये एवं तटंध का टूटान बिल से पानी बहने (पाइपिंग) के कारण हुआ है। मुख्य अभियन्ता, सिवान के हुए नहीं पाये गये एवं तटंध का टूटान बिल से पानी बहने (पाइपिंग) के कारण हुआ है। मुख्य अभियन्ता, सिवान के हुए नहीं पाये गये एवं तटंध का टूटान बिल से पानी बहने (पाइपिंग) के कारण हुआ है। मुख्य अभियन्ता, सिवान के बेतार संवाद एन0 आर0-53 सह पत्रांक 1892 दिनांक 15 14 से गंडक नदी में जलश्राव बढ़ने के कारण रेड अलर्ट बेतार संवाद एन0 आर0-53 सह पत्रांक 1892 दिनांक 15.08.14 से गंडक नदी में जलश्राव बढ़ने के कारण रेड अलर्ट करते हुए निर्देश दिया गया था कि सभी तटबंधों पर चौबीसों धंटे निगरानी रखा जाय एवं आवश्यकतानुसार बाढ़ करते हुए निर्देश दिया गया था कि सभी तटबंधों पर चौबीसों धंटे निगरानी रखा जाय एवं आवश्यकतानुसार बाढ़ करते हुए निर्देश दिया गया था कि सभी तटबंधों पर चौबीसों धंटे निगरानी रखा जाय एवं आवश्यकतानुसार बाढ़ ा जाय। पुनः मुख्य अभियन्ता, सिवान ने बेतार संवाद 57 सह संधर्षात्मक कार्य कराकर हरहाल में इसे सुरक्षित रखा जाय। पुनः मुख्य अभियन्ता, सिवान ने बेतार संवाद 57 सह संधर्षात्मक कार्य कराकर हरहाल में इसे सुरक्षित रख पत्रांक 01 आ0, दिनांक 16.08.14 द्वारा सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को दिन रात तटबंधों पर निगरानी सुनिश्चित करने 14 द्वारा सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को दिन रात तटबंधों पर निगरानी सुनिश्चित करने 14 द्वारा सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को दिन रात तटबंधों पर निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था। साथ ही 4 के अनुसार जब तक नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से उपर रहे या तटबंध के टो में नदी का पानी सट जाये तो कार्यपालक अभियन्ता से लेकर कनीय अभियन्ता तक रात उपर रहे या तटबंध के टो में नदी का पानी सट जाये तो कार्यपालक अभियन्ता से लेकर कनीय अभियन्ता तक रात उपर रहे या तटबंध के टो में नदी का पानी सट जाये तो कार्यपालक अभियन्ता से लेकर कनीय अभियन्ता तक रात 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7 अ"तूबर 2016 दिन तटबंधों की गस्ती करेंगे, का अनुपालन किया जाना चाहिए था। इन निर्देशों का पालन नहीं करने से सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के कि0 मी0 4.25 पर क्षतिग्रस्त हो जाना परिलक्षित होता है।

सचिव महोदय की टिप्पणी कि ''तटबंध टुटने के तुरन्त बाद कार्यपालक अभियन्ता द्वारा मुख्यालय में यह सूचना दी गई कि नदी का पानी ओभर टॅाप करने के कारण सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी टूट गई, जबकि मुख्य अभियन्ता के प्रतिवेदन एवं सचिव महोदय द्वारा दिनांक 20.08.14 के निरीक्षण से स्पष्ट है कि बॅाध के उपरी सतह से जलस्तर लगभग 03 फीट नीचे था। इसलिए ओभर टॅाप करने की संभावना बिल्कुल ही नहीं थी एवं पाइपिंग के कारण यह तटबंध टूटा है। अपने गलती को छिपाने के लिए कार्यपालक अभियन्ता द्वारा यह प्रतिवेदन दिया गया है'' से स्पष्ट परिलक्षित होता है कि तटबंध पाइपिंग के कारण की टूटा है।

(ii) अधीक्षण अभियन्ता, गोपलगंज के पत्रांक 01 दिनांक 06.09.14 द्वारा सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के टूटान एवं कटाव बिन्दु क्रमशः 4.25 एवं 10.13 कि0 मी0 के पुनस्र्थापन का प्राक्कलन (प्राक्कलित राशि 1004936.00 रूपये एवं 648749.00 रूपये) जिला पदाधिकारी, गोपालगंज को समर्पित किया गया। इस प्रकार छरकी के टूटने से सरकारी राजस्व का व्यय हुआ है। इस प्रकार सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के टुटान/कटान की मरम्मति में सरकारी राजस्व के नुकसान का आरोप प्रमाणित होता है।

श्री मिश्र द्वारा प्रस्तुत द्वितीय कारण पृच्छा प्रत्युत्तर एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन के सम्यक समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई जिसमें निम्नलिखित तथ्य पाये गयेः-

श्री मिश्र, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता द्वारा अनुमण्डल पदाधिकारी तथा अपर समाहत्र्ता के साथ क्षेत्राधीन सारण तटबंध के कि0 मी0 80 से 152 एवं इससे निस्सृत सभी छरकियों का संयुक्त निरीक्षण कर प्रतिवेदन मुख्य अभियन्ता, सिवान को हाथो हाथ समर्पित किया गया था। इस निरीक्षण में सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के 8.50 कि0 मी0 से 10.50 कि0 मी0 तक का भाग संवेदनशील बताया गया था। मुख्य अभियन्ता, सिवान द्वारा निर्गत बाढ़ निर्देशिका 2014 में छरकी के उपरोक्त भाग को ही संवेदनशील बताया गया था। अतः इस स्थल पर ही TAC एवं SRC के अनुमोदनोपरान्त कटाव निरोधक कार्य कराया गया। यह सत्य है कि किसी भी सूची में सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी का टूटान स्थल 4.25 कि0मी0 कमजोर बिन्दु या आक्राम्य स्थल के रूप में चिन्हित नहीं था।

मुख्य अभियन्ता, सिवान के बेतार संवाद एन0 आर0-53 सह पत्रांक 1892 दिनांक 15.08.14 से गंडक नदी में जलश्राव बढ़ने के कारण रेड एलर्ट करते हुए निर्देश दिया गया था कि सभी तटबंधों पर चौबीसों धंटे निगरानी रखी जाय एवं आवश्यकतानुसार बाढ़ संधर्षात्मक कार्य कराकर हर हाल में इसे सुरक्षित रखा जाय। पुनः मुख्य अभियन्ता, सिवान के वेतार संवाद-57 सह पत्रांक 01 आ0, दिनांक 16.08.14 द्वारा सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को दिन रात तटबंधों पर निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था। इसमें कन्ट्री साइड में पाइपिंग हो रहा है या नहीं, पर ध्यान रखने का निर्देश दिया गया था।

श्री मिश्र का कहना है कि सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी की 10.5 कि0 मी0 लम्बाई में मात्र 8.5 से 10.5 कि0 मी0 तक ही नदी छरकी के किनारे से बहती है। टूटान बिन्दु के सामने नदी से छरकी की दूरी लगभग तीन कि0 मी0 है। जिला प्रशासन के साथ संयुक्त निरीक्षण में तथा बाढ़ 2014 के पूर्व कटाव निरोधक समिति द्वारा छरकी के 8.5 से 10.5 कि0 मी0 भाग को ही संवेदनशील माना गया था। तदनुसार ही योजना कार्यान्वित हुई थी।

श्री मिश्र का बचाव बयान में कहा गया ह,ै कि बाढ़ 2014 के पूर्व कटाव निरोधक समिति से स्थल निरीक्षण के दौरान सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी पर उपस्थित ग्रामीणों ने छरकी के कि0 मी0 8.5 के उध्र्व भाग का भी निरीक्षण करने का आग्रह किया गया तो समिति के सदस्य के रूप में उपस्थित मुख्य अभियन्ता, सिवान के उध्र्व भाग के निरीक्षण से यह कहते हुए इन्कार कर दिया कि उधर नदी है ही नहीं तो कार्य की क्या आवश्यकता है। इस संदर्भ में कोई साक्ष्य संलग्न नहीं किया गया है, अतः इसे मान्य नहीं किया जा सकता है।

मुख्य अभियन्ता, सिवान के पत्रांक 1909 दिनांक 19.08.14 जिसमें तटबंध टूटने का कारण पाइपिंग बताया गया है, को श्री मिश्र द्वारा कोरी कल्पना बतायी गयी है। इस पत्र में यह उल्लेख है कि स्थल निरीक्षण एवं गॅाव वालों से पूछताछ करने से स्पष्ट हुआ कि तटबंध का टूटान चूहे आदि के बिल से पानी बहने (पाइनिंग) के कारण हुआ है। श्री मिश्र द्वारा पाइपिंग के टूटान के संदर्भ में साक्ष्य की मांग की गई है जो उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया है। मुख्य अभियन्ता जैसे उच्चाधिकारी के निरीक्षण प्रतिवेदन को साक्ष्य विहिन कहकर अमान्य नहीं किया जा कसता है। श्री मिश्र का कहना है कि दिनांक 15.08.14 को जलश्राव में बृद्वि की सूचना मुख्य अभियन्ता से प्राप्त होने पर उन्होंने तत्काल मोबाइल से मैसेज द्वारा प्रमण्डल के सभी सहायक एवं कनीय अभियन्ता को जल स्तर में वृद्वि के कारण तटबंधों के ओभर टापिंग एवं पाइपिंग को रोकने का निदेश दिया था। सहायक अभियन्ता एवं कनीय अभियन्ता को उपरोक्त निर्देश यथा मुख्य अभियन्ता, सिवान के बेतार संवाद 53 एवं 57 की प्रति उपलब्ध कराने का साक्ष्य संलग्न नहीं किया गया है।

SOP की कंडिका 4.4 में यह अनुदेश निहित है कि ''जब नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर के उपर रहे या तटबंध के टो से सट जाय तो कार्यपालक अभियन्ता से कनीय अभियन्ता तक रात दिन तटबंधों की गश्ती करेंगें''। कार्यपालक अभियन्ता के अनुसार दिनांक 17.08.14 को सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के 3.30 एवं 5.50 कि0 मी0 स्थिल ढ़ाला को सुरक्षात्मक कार्य कर OverTopping से बचाया जाना छरकी पर नियमित गश्ती को दर्शाता है। लेकिन मुख्य अभियन्ता, सिवान के रेड एलर्ट एवं जल स्तर में वृद्वि हो जाने पर तटबंधों पर दिन रात गश्ती करने के निर्देश के बावजूद उपरोक्त दो बिन्दुओं के बीच में 4.25 कि0 मी0 पर छरकी के क्षतिग्रस्त हो जाने से कार्यपालक अभियन्ता के नियमित गश्ती की उक्ति परितार्थ होती प्रतीत नहीं होती है। 3

(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7 अ"तूबर 2016

श्री मिश्र का कहना है कि टूटान न ओभर टापिंग से हुई है न ही पाइपिंग से बल्कि यह टूटा Over saturated स्थिति में Slip Circle के कारण हुआ है, जैसा कि इस परिक्षेत्राधीन अन्य छरकियों में प्रायः होता है। पतहरा छरकी में बाढ़ 2014 के दौरान प्रायः प्रतिदिन क्लोप स्लिप करने पर भी ससमय कार्रवाई कर इसे बचाया गया तो सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के स्लोप स्लिप करने के कारण क्षतिग्रस्त होने से कैसे नहीं बचाया जा सका। इस संबंध में आरोपी पदाधिकारी द्वारा कुछ नहीं कहा गया है।

अधीक्षण अभियन्ता, गोपालगंज के पत्रांक 01 दिनांक 06.04.14 द्वारा सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के टूटान एवं कटान बिन्दु क्रमशः 4.25 एवं 10.13 कि0 मी0 के पुनस्र्थापन का प्राक्कलन (प्राक्कलित राशि 1004936.00 रू0 एवं 648749.00 रू0) जिला पदाधिकारी, गोपालगंज को समर्पित किया गया। उपरोक्त प्राक्कलन के आधार पर कार्य भी कराया गया। इस प्रकार छरकी के टूटने से सरकारी राजस्व का व्यय हुआ।

सचिव महोदय की टिप्पणी कि ''तटबंध टुटने के तुरन्त बाद कार्यपालक अभियन्ता द्वारा मुख्यालय में यह सूचना दी गई कि नदी का पानी ओभर टॅाप करने के कारण सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी टूट गई, जबकि मुख्य अभियन्ता के प्रतिवेदन एवं सचिव महोदय द्वारा दिनांक 20.08.14 के निरीक्षण से स्पष्ट है कि बॅाध के उपरी सतह से जलस्तर लगभग तीन फीट नीचे था। इसलिए ओभर टॅाप करने की संभावना बिल्कुल नहीं थी एवं पाइपिंग के कारण यह तटबंध टूटा है। अपने गलती को छिपाने के लिए कार्यपालक अभियन्ता द्वारा यह प्रतिवेदन दिया गया है'' से स्पष्ट परिलक्षित होता है कि तटबंध पाइपिंग के कारण की टूटा है। श्री मिश्र ने सचिव महोदय की उपरोक्त टिप्पणी की ''टूटने के तुरन्त बाद कार्यपालक अभियन्ता द्वारा मुख्यालय में यह सूचना दी गई कि नदी का पानी ओभरअॅाप करने के कारण सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी टुट गई'' से स्पष्ट रूप से इन्कार किया है। श्री मिश्र के अनुसार उन्होंने यह कभी नहीं कहा कि छरकी ओभर टॅापिंग से टूटा है। उन्होंने इस संदर्भ में एन0 आर0 सं0-41 दिनांक 19.08.14 संलग्न किया है, इसमें सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के कि0 मी0 4.25 रामचन्द्रपुर ग्राम के निकट नदी के अत्यधिक दबाव के कारण 20 मी0 में कल दिनांक 18.08.14 को छरकी क्षतिग्रस्त हो जाने की बात कही गयी है, लेकिन सचिव महोदय की उपरोक्त टिप्पणी के संदर्भ में श्री मिश्र द्वारा कोई साक्ष्य नहीं दिया गया है।

समीक्षोपरान्त श्री मिश्र के विरूद्ध निम्नांकित आरोपों को प्रमाणित पाया गयाः- 1. सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के रख रखाव एवं बाढ़ में सुरक्षा कार्य में अपने दायित्व का निर्वहन नहीं करने तथा इस कार्य में लापरवाही बरतने।

2. सरकारी राजस्व का नुकसान। 3. टूटान का कारण पाइपिंग के बदले ओभर टापिंग बताये जाने से गलत बयानी का आरोप। अतः उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार द्वारा श्री मिश्र को निलंबनमुक्त करते हुए निम्नांकित दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गयाः-

(ंंa) देय प्रोन्नति पर तीन वर्ष तक रोक। (b) दो वेतनवृद्वि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक। उक्त निर्णय के आलोक में श्री मिश्र को विभागीय अधिसूचना सं0-421 दिनांक 10.03.16 द्वारा निलबन मुक्त किया जा चुका है।

उक्त दण्ड प्रस्ताव ''दो वेतनवृद्वि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक'' पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से सहमति प्राप्त है।

उक्त निर्णय/सहमति के आलोक में श्री राहुल्र कुमार मिश्र (आई0 डी0-3557), तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, ठकराहॅा, शि0-गोपालगंज सम्प्रति तकनीकी सलाहकार, सिंचाई अंचल, जमुई को निम्न दण्ड दिया एवं संसूचित किया जाता हैः-

(ंंa) देय प्रोन्नति पर तीन वर्ष तक रोक। (b) दो वेतनवृद्वि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक। श्री मिश्र के निलंबन अवधि के वेतन भत्ता एवं सेवा निरूपण के संबंध में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के कंडिका 11(3/5) के तहत पृथक से अभ्यावेदन प्राप्त कर निर्णय लिया जायेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जीउत सिंह, सरकार के उप-सचिव।

———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पपपपटना (cid:23)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 875-571+10-ड&0ट&0प ी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 October 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-10-07.875/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-10-07.875.