िनबंधन सं(cid:18)या पी0ट&0-40 िनबंधन सं(cid:18)या (cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)बहारहारहारहार
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पटनापटनापटनापटना, शुबशुबशुबशुबवारवारवारवार, 7777 अ"तूअ"तूअ"तूअ"तूबरबरबरबर 2016
जल संसाधन विभाग ---------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 10101010 अगस्त 2016अगस्त 2016अगस्त 2016अगस्त 2016
सं0 22 नि0 सि0 (सिवान)-11-03/2014
22 नि0 सि0 (सिवान)-11-03/2014/1728—श्री सुरेन्द्र कुमार (आई0 डी0 जे0-7720), जब सहायक श्री सुरेन्द्र कुमार (आई0 डी0 जे0-7720), जब सहायक अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण अवर प्रमण्डल, डुमरिया के पद पर पदस्थापित थे तब उन्हें सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी टूटान अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण अवर प्रमण्डल, डुमरिया के पद पर पदस्थापित थे तब उन्हें सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी टूटान अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण अवर प्रमण्डल, डुमरिया के पद पर पदस्थापित थे तब उन्हें सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी टूटान आदि आरोपों के लिए प्रथम दृष्टया दोष् .08.14 द्वारा निलंबित आदि आरोपों के लिए प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए विभागीय अधिसूचना सं0-1167 दिनांक 26. किया गया एवं तदोपरान्त निम्नांकित आरोपों के लिए आरोप पत्र प्रपत्र-''क'' गठित कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1761 किया गया एवं तदोपरान्त निम्नांकित आरोपों के लिए आरोप पत्र प्रपत्र-''क'' गठित कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1761 किया गया एवं तदोपरान्त निम्नांकित आरोपों के लिए आरोप पत्र प्रपत्र-''क'' गठित कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1761 के नियम 17(2) के तहत 14 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17(2) के तहत दिनांक 25.11.14 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 विभागीय कार्यवाही संचालित की गयीः- विभागीय कार्यवाही संचालित की गयीः-
विभागीय आदेश/निदेश का उल्लंधन करना। 1. विभागीय आदेश/निदेश का उल्लंधन करना। सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के रख रखाव एवं बाढ़ से सुरक्षा कार्य में अपने दायित्व का निर्वहन नहीं करना 2. सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के रख रखाव एवं बाढ़ से सुरक्षा कार्य में अपने दायित्व का निर्वहन नहीं करना सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के रख रखाव एवं बाढ़ से सुरक्षा कार्य में अपने दायित्व का निर्वहन नहीं करना तथा इस कार्य में लापरवाही बरतना।
सरकारी राजस्व का नुकसान करना।
3. सरकारी राजस्व का नुकसान उक्त विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर की उक्त विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर की उक्त विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर की गयी। समीक्षा में पाया गया कि संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन में आरोपी पदाधिकारी के विरूद्व उक्त गयी। समीक्षा में पाया गया कि संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन में आरोपी पदाधिकारी के विरूद्व उक्त गयी। समीक्षा में पाया गया कि संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन में आरोपी पदाधिकारी के विरूद्व उक्त होने का मंतव्य दिया गया है। समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के प्रतिवेदित आरोपों के लिए विष्कर्षतः दोषी नहीं होने का मंतव्य दिया गया है। समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के प्रतिवेदित आरोपों के लिए विष्कर्षतः दोषी नहीं मंतव्य से असहमत होते हुए असहमति के निम्नांकित बिन्दु पर श्री कुमार से संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच मंतव्य से असहमत होते हुए असहमति के निम्नांकित बिन्दु पर श्री कुमार से संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच मंतव्य से असहमत होते हुए असहमति के निम्नांकित बिन्दु पर श्री कुमार से संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच 15 द्वारा अभ्यावेदन (द्वितीय कारण पृच्छा) प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 2001 दिनांक 04.09.15 द्वारा अभ्यावेदन (द्वितीय कार प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 2001 दिनांक 04 की मांग की गयीः-
(i) मुख्य अभियन्ता, सिवान के पत्रांक 1909 दिनांक 19 14 के अनुसार कहीं भी तटबंध पर उगे झाड़ी कटे ) मुख्य अभियन्ता, सिवान के पत्रांक 1909 दिनांक 19.08.14 के अनुसार कहीं भी तटबंध पर उगे झाड़ी कटे हुए नहीं पाये गये एवं तटबंध का टूटान बिल से पानी बहने (पाइपिंग) के कारण हुआ है। मुख्य अभियन्ता, सिवान के हुए नहीं पाये गये एवं तटबंध का टूटान बिल से पानी बहने (पाइपिंग) के कारण हुआ है। मुख्य अभियन्ता, सिवान के हुए नहीं पाये गये एवं तटबंध का टूटान बिल से पानी बहने (पाइपिंग) के कारण हुआ है। मुख्य अभियन्ता, सिवान के बेतार संवाद एन0 आर0-53 सह पत्रांक 1892 दिनांक 15 14 से गंडक नदी में जलश्राव बढ़ने के कारण रेड अलर्ट सह पत्रांक 1892 दिनांक 15.08.14 से गंडक नदी में जलश्राव बढ़ने के कारण रेड अलर्ट करते हुए निर्देश दिया गया था कि सभी तटबंधों पर चौबीसों धंटे निगरानी रखी जाय एवं आवश्यकतानुसार बाढ़ करते हुए निर्देश दिया गया था कि सभी तटबंधों पर चौबीसों धंटे निगरानी रखी जाय एवं आवश्यकतानुसार बाढ़ करते हुए निर्देश दिया गया था कि सभी तटबंधों पर चौबीसों धंटे निगरानी रखी जाय एवं आवश्यकतानुसार बाढ़ , सिवान के बेतार संवाद 57 सह संधर्षात्मक कार्य कराकर हरहाल में इसे सुरक्षित रखा जाय। पुनः मुख्य अभियन्ता, सिवान के बेतार संवाद 57 सह संधर्षात्मक कार्य कराकर हरहाल में इसे सुरक्षित रखा जाय। पुनः मुख्य अभियन्ता पत्रांक 01 आ0, दिनांक 16.08.14 द्वारा सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को दिन रात तटबंधों पर निगरानी करने का निर्देश 14 द्वारा सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को दिन रात तटबंधों पर निगरानी करने का निर्देश 14 द्वारा सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को दिन रात तटबंधों पर निगरानी करने का निर्देश दिया गया था। साथ ही SOP की कंडिका 4 4 के अनुसार जब तक नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से उपर रहे या की कंडिका 4.4 के अनुसार जब तक नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से उपर रहे या का पानी सट जाये तो कार्यपालक अभियन्ता से लेकर कनीय अभियन्ता तक रात दिन तटबंधों की तटबंध के टो में नदी का पानी सट जाये तो कार्यपालक अभियन्ता से लेकर कनीय अभियन्ता तक रात दिन तटबंधों की का पानी सट जाये तो कार्यपालक अभियन्ता से लेकर कनीय अभियन्ता तक रात दिन तटबंधों की 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7 अ"तूबर 2016 गस्ती गरेंगे, का अनुपालन किया जाना चाहिए था। इन निर्देशों का पालन नहीं करने से सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के कि0 मी0 4.25 पर क्षतिग्रस्त हो जाना परिलक्षित होता है।
(ii) अधीक्षण अभियन्ता, गोपलगंज के पत्रांक 01 दिनांक 06.09.14 द्वारा सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के टूटान एवं कटाव बिन्दु क्रमशः 4.25 एवं 10.13 कि0 मी0 के पुनस्र्थापन का प्राक्कलन (प्राक्कलित राशि 1004936.00 रूपये एवं 648749.00 रूपये) जिला पदाधिकारी, गोपालगंज को समर्पित किया गया। इस प्रकार छरकी के टूटने से सरकारी राजस्व का व्यय हुआ है। इस प्रकार टूटान से सरकारी राजस्व के नुकसान का आरोप प्रमाणित होता है।
श्री कुमार द्वारा प्रस्तुत द्वितीय कारण पृच्छा प्रत्युत्तर एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन के सम्यक समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई जिसमें निम्नलिखित तथ्य पाये गयेः-
मुख्य अभियन्ता, सिवान के बेतार संवाद एन0 आर0-53 सह पत्रांक 1892 दिनांक 15.08.14 से गंडक नदी में जलश्राव बढ़ने के कारण रेड एलर्ट करते हुए निर्देश दिया गया था कि सभी तटबंधों पर चौबीसों धंटे निगरानी रखी जाय एवं आवश्यकतानुसार बाढ़ संधर्षात्मक कार्य कराकर हर हाल में इसे सुरक्षित रखा जाय। पुनः मुख्य अभियन्ता के वेतन संवाद-57 सह पत्रांक 01 आ0, दिनांक 16.08.14 द्वारा सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को दिन रात तटबंधों पर निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था। इसमें कन्ट्री साइड में पाइपिंग हो रहा है या नहीं, पर ध्यान रखने का निर्देश दिया गया था।
मुख्य अभियन्ता, सिवान के पत्रांक 1909 दिनांक 19.08.14 में यह उल्लेख है कि स्थल निरीक्षण एवं गॅाव वालों से पुछताछ करने से यह स्पष्ट हुआ कि तटबंध का टुटान चूहे आदि के बिल से पानी बहने के कारण हुआ है। श्री कुमार का कहना है कि मुख्य अभियन्ता, सिवान के पत्रांक 1909 दिनांक 19.08.14 पूर्णतः अप्रासंगिक है। निरीक्षण के क्रम में कटाव की लम्बाई 50 मीटर पायी गयी। इससे यह स्पष्ब्ट है कि स्थल निरीक्षण में जॅाच दल द्वारा बिल में पानी बहने (पाइनिंग) को नहीं देखा गया है। स्थल निरीक्षण में मुख्य अभियन्ता, सिवान द्वारा ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर पाइनिंग के कारण टुटान का होना बताया गया है। सरपंच सह अध्यक्ष सिधवालिया के पत्रांक 135 दिनांक 07.09.15 में कहा गया है कि दिनांक 18.08.14 को अचानक छरकी टुट गई। मुख्य अभियन्ता द्वारा दिनांक 19.08.14 को निरीक्षण किया गया जबकि सरपंच द्वारा दिनांक 07.09.15 को पत्र लिखा गया। मुख्य अभियन्ता जैसे उच्चाधिकारी के निरीक्षण प्रतिवेदन के उपरोक्त टिप्पणी के आधार पर अमान्य नहीं किया जा सकता है।
SOP की कंडिका 4.4 के अनुसार जब तक नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से उपर जाये तो कार्यपालक अभियन्ता से लेकर कनीय अभियन्ता तक रात दिन तटबंधों की गश्ती करेंगे।
श्री कुमार का कहना है कि तटबंधों की गश्ती निरन्तर की गयी थी। अगर तटबंध की निरन्तर गश्ती की जाती तो सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के 4.25 कि0 मी0 पर तटबंध के क्षतिग्रस्त हो जाने के पूर्व की स्थिति के बारे में तुरन्त उच्चाधिकारियों को इनके द्वारा सूचना दी जाती जो नहीं किया गया है।
छरकी का 4.00 से 5.00 कि0 मी0 आक्राम्य स्थल के रूप में चिन्हित नहीं था कयोंकि इस स्थल से गंडक नदी की दुरी लगभग 2.67 कि0 मी0 थी। लेकिन नदी में जलस्तर बढ़ते ही तटबंध से पानी सट जाने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देशनुसार तटबंध की चौबीसों धंटे गश्ती की जानी थी, जिसका अभाव परिलक्षित होता है। श्री कुमार का कहना है कि बाढ़ का पानी छरकी पर लगने के पश्चात Over saturated स्थिति में Slip Circle की वजह से Shear Failure के कारण अचानक तटबंध टूट गया। लेकिन Slope Failure के कारण तटबंध के क्षतिग्रस्त होने की सूचना तत्काल उच्चाधिकारी को पे्रषित करने का दृष्टांत उपलब्ध नहीं है, अतः श्री कुमार की उक्ति को मान्य नहीं किया जा सकता है।
अधीक्षण अभियन्ता, गोपालगंज के पत्रांक 01 दिनांक 06.09.14 द्वारा सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के टुटान एवं कटाव बिन्दु क्रमशः 4.25 एवं 10.13 कि0 मी0 के पुनस्र्थापन का प्राक्कलन (प्राक्कलित राशि 1004936.00 रूपये एवं 648749.00 रूपये) जिला पदाधिकारी, गोपालगंज को समर्पित किया गया। उपरोक्त प्राक्कलन के आधार पर कार्य भी कराया गया। इस प्रकार छरकी के टुटने से सरकारी राजस्व का व्यय हुआ।
श्री कुमार का कहना है कि दो प्राक्कलनों की राशि को सरकारी नुकसान के रूप में देखने/मानने का कोई औचित्य नहीं है। लेकिन औचित्य नहीं होने के संदर्भ में कोई साक्ष्य नहीं दिया गया है। समीक्षोपरान्त श्री कृमार के विरूद्व निम्नांकित आरोपों को प्रमाणित पाया गयाः- 1. सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी के रख रखाव एवं बाढ़ में सुरक्षा कार्य में अपने दायित्व का निर्वहन नहीं करने तथा इस कार्य में लापरवाही बरतने।
2. सरकारी राजस्व का नुकसान। अतः उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार द्वारा श्री कुमार को निलंबनमुक्त करते हुए निम्नांकित दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गयाः-
(ंंa) देय प्रोन्नति पर तीन वर्ष तक रोक। (b) एक वेतनवृद्वि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक। उक्त निर्णय के आलोक में श्री कुमार को विभागीय अधिसूचना सं0-422 दिनांक 10.03.16 द्वारा निलंबन मुक्त किया जा चुका है।
उक्त दण्ड प्रस्ताव पर ''एक वेतनवृद्वि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक'' पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से सहमति प्राप्त है। 3
(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7 अ"तूबर 2016
उक्त निर्णय/सहमति के आलोक में श्री सुरेन्द्र कुमार (आई0 डी0 जे0-7720), तत्कालीन सहायक अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण अवर प्रमण्डल, डुमरिया सम्प्रति प्राक्कलन पदाधिकारी, समग्र योजना अन्वेषण प्रोजेक्ट प्रमण्डल, बिहारशरीफ को निम्न दण्ड दिया एवं सूचित किया जाता है। (ंंa) देय प्रोन्नति पर तीन वर्ष तक रोक। (b) एक वेतनवृद्वि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक। श्री कुमार के सेवा निरूपण एवं वेतन भत्ता के संबंध में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के कंडिका 11(3/5) के तहत पृथक से अभ्यावेदन प्राप्त कर निर्णय लिया जायेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जीउत सिंह, सरकार के उप-सचिव।
———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पपपपटना (cid:23)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 876-571+10-ड&0ट&0प ी0। Website: http://egazette.bih.nic.in