िनबंधन सं(cid:18)या पी0ट&0-40 िनबंधन सं(cid:18)या (cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)बहारहारहारहार
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पटनापटनापटनापटना, शुबशुबशुबशुबवारवारवारवार, 7777 अ"तूअ"तूअ"तूअ"तूबरबरबरबर 2016
जल संसाधन विभाग ---------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 5555 अगस्त 2016अगस्त 2016अगस्त 2016अगस्त 2016
सं0 22 नि0 सि0 (मुज0)-06-05/2007
22 नि0 सि0 (मुज0)-06-05/2007/1692—श्री अमरेन्द्र कुमार 'अमन', तत्कालीन कार्यपालक श्री अमरेन्द्र कुमार 'अमन', तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, जल निस्सरण अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपरु सम्प्रति अधीक्षण अभियंता, तिरहुत नहर अंचल, रतवारा, संधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपरु सम्प्रति अधीक्षण अभियंता, तिरहुत नहर अंचल, रतवारा, संधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपरु सम्प्रति अधीक्षण अभियंता, तिरहुत नहर अंचल, रतवारा, 00 (भदैया) पर बन रहे बाढ़ मुजफ्फरपुर के द्वारा वर्ष 2004-05 ई0 में सोमैठ झील लिंक चैनेल के आर0 डी0 21 मुजफ्फरपुर के द्वारा वर्ष 2004-05 ई0 में सोमैठ झील लिंक चैनेल के आर0 डी0 21.00 (भदैया) पर बन रहे बाढ़ ल द्वारा की गयी। उड़नदस्ता निरोधक फाटक के निर्माण में बरती गयी अनियमितता की जाँच विभागीय उड़नदस्ता अंचल द्वारा की गयी। उड़नदस्ता निरोधक फाटक के निर्माण में बरती गयी अनियमितता की जाँच विभागीय उड़नदस्ता अंच द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के 12 द्वारा श्री अमन के विरूद्ध प्रपत्र 'क' गठित करते हुए बिहार सरकारी लिए विभागीय पत्रांक 1214 दिनांक 30 लिए विभागीय पत्रांक 1214 दिनांक 30.10.12 द्वारा श्री अमन के विरूद्ध प्रपत्र 'क' गठित करते हुए बिहार सरकारी अपील) नियमावली 2005 के नियम-19 में विहित रीति से विभागीय कार्यवाही संचालित सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-19 में विहित रीति से विभागीय कार्यवाही संचालित अपील) नियमावली 2005 के नियम-19 में विहित रीति से विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
संचालन पदाधिकारी ने अपने जाँच प्रतिवेदन में निम्न बातें कही हैः- संचालन पदाधिकारी ने अपने जाँच प्रतिवेदन में निम्न बातें कही हैः- (i) श्री अमन दिनांक 14.06
04 तक कार्यपालक अभियन्ता, जल निस्सरण अनुसंधान 06.02 से दिनांक 15.10.04 तक कार्यपालक अभियन्ता, जल निस्सरण अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपरु के रूप में पदस्थापित रहे हैं।
रूप में पदस्थापित रहे हैं।
(ii) वर्ष 2004-05 ई0 में श्री अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता के पदस्थापन अवधि में ही सोमैठ झील ) वर्ष 2004-05 ई0 में श्री अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता के पदस्थापन अवधि में ही सोमैठ झील ) वर्ष 2004-05 ई0 में श्री अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता के पदस्थापन अवधि में ही सोमैठ झील लिंग चैनेल के आर0 डी0 21.00 पर बाढ़ निरोधक कार्य प्रारम्भ हुआ।
00 पर बाढ़ निरोधक कार्य प्रारम्भ हुआ। (iii) श्री अमन के पदस्थापन अवधि में पी0 सी0 सी0 (1ः3ः6)
) श्री अमन के पदस्थापन अवधि में पी0 सी0 सी0 (1ः3ः6) 76.25 प्रतिशत तथा प्लास्टर कार्य 30
25 प्रतिशत तथा प्लास्टर कार्य 30.50 प्रतिशत कराया गया है।
04 को पारित किया गया है। (iv) श्री अमर द्वारा उनके पदस्थापन अवधि में अंतिम विपत्र दिनांक 27 ) श्री अमर द्वारा उनके पदस्थापन अवधि में अंतिम विपत्र दिनांक 27.07.04 को पारित किया गया है। (v) श्री विजय कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, जल निस्सरण अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपरु के ) श्री विजय कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, जल निस्सरण अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपरु के ) श्री विजय कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, जल निस्सरण अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपरु के 05 से यह स्पष्ट है कि संरचना के U/S तथा D/S में फेसवाल तथा विंगवाल का प्लास्टर में फेसवाल तथा विंगवाल का प्लास्टर पत्रांक 03 दिनांक 09.01.05 से यह स्पष्ट है कि संरचना के एवं कैपिंग का कार्य अधूरा है।
(vi) दिनांक 13.09.05 को उड़नदस्ता अंचल द्वारा फेसवाल एवं विंगवाल के कैपिंंग के प्लास्टर एवं पी0 सी0 05 को उड़नदस्ता अंचल द्वारा फेसवाल एवं विंगवाल के कैपिंंग के प्लास्टर एवं पी0 सी0 05 को उड़नदस्ता अंचल द्वारा फेसवाल एवं विंगवाल के कैपिंंग के प्लास्टर एवं पी0 सी0 सी0 का जो नमूना संग्रह किया गया वो श्री अमन के पदस्थापन अवधि में नहीं हुआ है। सी0 का जो नमूना संग्रह किया गया वो श्री अमन क
अतएव उड़नदस्ता द्वारा जो नमूना संग्रह किया गया है वह श्री अमरेन्द्र कुमार 'अमन' के पदस्थापन अवधि के अतएव उड़नदस्ता द्वारा जो नमूना संग्रह किया गया है वह श्री अमरेन्द्र कुमार 'अमन' के पदस्थापन अवधि के अतएव उड़नदस्ता द्वारा जो नमूना संग्रह किया गया है वह श्री अमरेन्द्र कुमार 'अमन' के पदस्थापन अवधि के बाद कराया गया है। इस आधार पर आरोपित पदाधिकारी के पदस्थापन अवधि में कराये गये कार्य को मानक के बाद कराया गया है। इस आधार पर आरोपित पदाधिकारी के पदस्थापन अवधि में कराये गये कार्य को मानक के बाद कराया गया है। इस आधार पर आरोपित पदाधिकारी के पदस्थापन अवधि में कराये गये कार्य को मानक के नहीं माना जा सकता है। अतः श्री अमन के विरूद्ध आरोप प्रमाणित नहीं होता है। नहीं माना जा सकता है। अतः श्री अमन के विरूद्ध आरोप प्रमाणित नहीं होता है। अनुरूप नहीं होने का आधार नहीं माना जा सकता है। अतः श्री अमन के विरूद्ध आरोप प्रमाणित नहीं होता है।2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7 अ"तूबर 2016 संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा विभाग के स्तर पर की गयी। जिसमें निम्न तथ्य पाये गये हैंः-
(i) श्री अमन दिनांक 14.06.02 से 15.10.04 तक जल निस्सरण अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपरु में कार्यरत रहे हैं।
(ii) मापपुस्त सं0 846 पेज 16 से 20 तक दिनांक 27.07.04 में द्वितीय चालू विपत्र के अनुसार दिनांक 08.07. 04 तक कराये गये पी0 सी0 सी0 कार्य (1ः3ः6) एवं प्लास्टर (1ः4) का कार्य कुल प्रस्तावित पी0 सी0 सी0 एवं प्लास्टर कार्य क्रमशः 76.25 एवं 30.50 प्रतिशत का भुगतान किया गया है जो श्री अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता द्वारा किया गया है।
(iii) श्री विजय कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, जल निस्सरण अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपरु के पत्रांक 03 दिनांक 09.01.06 में यह उल्लेखित है कि संरचना के U/S तथा D/S में फेसवाल तथा विंगवाल का प्लास्टर एवं कैपिंग का कार्य अधूरा है न कि उक्त तिथि तक फेसवाल तथा विंगवाल का प्लास्टर एवं कैंपिग का कार्य हुआ ही नहीं।
संचालन पदाधिकारी ने दिनांक 09.01.05 को उड़नदस्ता अंचल द्वारा फेसवाल एवं विंगवाल के प्लास्टर एवं कैपिंग के पी0 सी0 सी0 का जो नमूना संग्रह किया गया है। वह श्री अमन के पदस्थापन अवधि का है ही नहीं के मंतव्य को स्वीकार नहीं किया जा सकता है क्याेंकि श्री अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता के स्तर से प्राक्कलन में प्रावधानित पी0 सी0 सी0 एवं प्लास्टर कार्य मात्र का क्रमशः 76.25 एवं 30.50 प्रतिशत का भुगतान किया गया है तथा साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराये गये प्रमण्डलीय पत्रांक 03 दिनांक 09.01.05 के अवलोकन से यह स्पष्ट है कि श्री अमन के कार्यकाल अवधि में फेसवाल तथा विंगवाल के प्लास्टर एवं कैपिंग के पी0 सी0 सी0 का आंशिक कार्य कराया गया है।
समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमत होते हुए उपरोक्त तथ्यों के आधार पर श्री अमन के विरूद्ध कार्य को विशिष्टि के अनुरूप नहीं कराने तथा अनियमितता के लिए आरोप को प्रमााणित पाया गया़ एवं प्रमाणित आरोपों के लिए असहमति के निम्न बिन्दु पर विभागीय पत्रांक 176 दिनांक 06.02.14 द्वारा श्री अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी।
(i) श्री विजय कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, जल निस्सरण अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपरु के पत्रांक 03 दिनांक 09.01.05 में उल्लेखित है कि संरचना के U/S तथा D/S में फेसवाल तथा विंगवाल का प्लास्टर एवं कैपिंग का कार्य अधूरा है न कि उक्त तिथि तक फेसवाल तथा विंगवाल का प्लास्टर एवं कैंपिग का कार्य हुआ ही नहीं। संचालन पदाधिकारी ने दिनांक 13.09.05 को उड़नदस्ता अंचल द्वारा फेसवाल एवं विंगवाल के प्लास्टर एवं कैपिंग को आपके पदस्थापन अवधि में नहीं कराये जाने के आधार पर जो मंतव्य दिया है वह स्वीकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि श्री अमन के स्तर से ही प्राक्कलन में प्रावधानित पी0 सी0 सी0 एवं प्लास्टर कार्य मात्रा का क्रमशः 76.25 एवं 30.50 प्रतिशत का भुगतान किया गया है। प्रमण्डलीय पत्रांक 03 दिनांक 09.01.05 के अवलोकन से यह स्पष्ट है कि आपके कार्यकाल अवधि में फेसवाल तथा विंगवाल के प्लास्टर एवं कैपिंग के पी0 सी0 सी0 का आंशिक कार्य कराया गया है। अतः कार्य को विशिष्टि के अनुरूप नहीं कराने तथा बरती गयी वित्तीय अनियमितता का आरोप प्रमाणित पाया गया है।
श्री अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में निम्न बातें कही गयी हैः- (i) कैपिंग पी0 सी0 सी0 कार्य उड़नदस्ता द्वारा कैपिंग पी0 सी0 सी0 कार्य के तीन नमूने लिये गये। इस कार्य में की नगन्य मात्राा होने के कारण कार्य Hand Mixing से कराया गया है जिसमें समरूपता संभव नहीं है। तीनों नमूनों 3 अंश बालू के स्थान पर 7.30, 5.68 एवं 7.41 पाया गया जिसका औसत 6.99 आता है। पायी गयी भिन्नता निम्न गणना के अनुसार लगभग 27.00 आता है जो कि तकनीकी परीक्षक कोषांग के पत्रांक 2961 दिनांक 03.12.90 के अनुसार 25% की अनुज्ञेय सीमा के लगभग करीब है जो नमूनों के संग्रहण में हुई कतिपय असावधानियों के कारण दो प्रतिशत की मामूली भिन्नता संभव है।
(ii) मेरे कार्यकाल में प्लास्टर का कुल 30.50 प्रतिशत कार्य ही कराया गया जिसके मोर्टार की जाँच स्थानीय गुण नियंत्रण द्वारा की गयी थी एवं जाँच प्रतिवेदन अनुकूल प्राप्त होने पर ही भुगतान किया गया था। शेष 69.50% प्लास्टर का कार्य दिनांक 01.09.05 से 13.09.05 के बीच कराया गया जो कि मेरे कार्यकाल से संबंधित नहीं है। इस प्रकार मेरे पदस्थापन के बाद अधिकतर प्लास्टर कार्य कराया गया है। अतः स्पष्ट है कि लिया गया नमूना मेरे कार्यकाल में कार्यान्वित प्लास्टर का नहीं है एवं इसके लिए मुझे दोषी ठहराना न्यायोचित नहीं है।
श्री अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी जिसमें निम्न तथ्य पाये गये :-
श्री अमन ने अपने द्वितीय कारण पृच्छा के बचाव बयान में कैपिंग पी0 सी0 सी0 कार्य के संर्दीा में यह उल्लेख किया है कि उड़नदस्ता द्वारा संग्रहित तीन अदद नमूनों के जाँचफल में तीन (अंश) बालू के स्थान पर औसत 6.79 आता है। पायी गयी भिन्नता गणना के अनुसार लगभग 27% होता है जो तकनीकी परीक्षक कोषांग के पत्रांक 2961 दिनांक 03.12.90 के अनुसार अनुज्ञेय सीमा के लगभग करीब है एवं दो प्रतिशत की मामूली भिन्नता कतिपय असावधानियों के कारण संभव है, को स्वीकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि तकनीकी परीक्षक कोषांग के पत्रांक 2961 दिनांक 03.12.90 में यह उल्लेखित है किः-3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7 अ"तूबर 2016 (क) संघटक सिमेंट, बालू, चिप्स, पानी के प्रकार, रासायनिक रचना। (ख) काटी गयी हाथ (Workmanship) या मशीन मिलावट इत्यादि। (ग) माप आयतन से या वजन से। (घ) सैंपल लेने का तरीका। (ड़) सैंपल लेने में। उपरोक्त तथ्यों को विचार करते हुए ही विशिष्टियों के अनुपात एवं जाँचफल में पायी गयी भिन्नता को 25% तक की भिन्नता को 25% तक ही अनुज्ञेय सीमा के अन्दर माना गया है। इस मामले में भिन्नता 27 प्रतिशत आता है जो अनुज्ञेय सीमा 25 प्रतिशत से अधिक है। प्लास्टर कार्य के संबंध में श्री अमन द्वारा यह उल्लेख किया है कि मेरे कार्यकाल (14.06.02 से 15.10.04) में प्लास्टर कार्य मात्र 30.50 प्रतिशत कराया गया है। उड़नदस्ता द्वारा संग्रह नमूना मेरे कार्यकाल से संबंधित नहीं है परन्तु श्री अमन द्वारा ऐसा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है जिससे प्रमाणित हो सके कि उड़नदस्ता द्वारा संग्रह प्लास्टर कार्य के नमूना उनके कार्यावधि से संबंधित नहीं है। अतः प्लास्टर कार्य में नमूना विशिष्ट के कार्य कराने का आरोप प्रमाणित पाया गया एवं प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना सं0 979 दिनांक 22.07.14 द्वारा श्री अमन को निम्न दण्ड संसूचित किया गयाः-
(i) दो वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। उक्त दण्ड के विरूद्ध श्री अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता द्वारा अपने पत्रांक- शून्य दिनांक 11.04.16 द्वारा विभाग में पुनर्विलोकन अर्जी समर्पित किया गया जिसमें मुख्य रूप से निम्न बातें कही गयी हैः-
(i) वर्ष 2005-06 में समस्तीपुर जिलान्तर्गत खनौत झील लिंग चैनल के वि0 दू0 21.00 पर बाढ़ निरोधक फाटक (जिसकी प्राक्कलित राशि 1454861.00 रूपये एवं एकरारित राशि 1358912.00 रूपये है) के निर्माण हेतु सक्षम पदाधिकारी से प्राक्कलन स्वीकृति के पश्चात निविदा के माध्यम से उक्त कार्य कुमार सतीश चन्द्र चैहान, संवेदक को आवंटित हुआ था। श्री चौहान, संवेदक द्वारा मेरे कार्यकाल में निम्न कार्य कराये गये थेः-
| क्रमांक | कार्य विवरणी | एकरारित मात्रा | भुगतान की गई मात्रा | कराये गये कार्य का प्रतिशत |
| 01 | 02 | 03 | 04 | 05 |
| 01 | नींव खुदाई | 3798.47m3 | 3604.80m3 | 94.90% |
| 02 | नींव में बालू भराई | 36.84m3 | 36.27m3 | 98.45% |
| 03 | नींव में ईंट सोलिंग | 239.76m2 | 234.18m2 | 97.67% |
| 04 | पी0 सी0 सी0 (1ः3ः6) | 230.91m3 | 176.09m3 | 76.25% |
| 05 | ईंट जोड़ाई (1ः4) | 124.25m3 | 121.01m3 | 98.03% |
| 06 | प्लास्टर (1ः4) | 126.76m2 | 69.17m2 | 30.50% |
4 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7 अ"तूबर 2016 जाने वाली कोई अपील/पुनर्विलोकन अर्जी तब तक ग्रहण नहीें की जायेगी, जब तक कि वह अपील में अन्तरिम आदेश की प्रति अपीलार्थी को दे दिये जाने की तिथि से 45 दिनों के अन्दर न की गयी हो अर्थात इस विभाग में दण्डादेश संसूचन के 45 दिनों के अन्दर ही अपील/पुनर्विलोकन अर्जी दायर किये जाने का प्रावधान है जबकि यह अर्जी दण्डादेश निर्गत होने के डेढ़ वर्ष बाद की गयी है। पुनर्विलोकन अर्जी में विलम्ब से अर्जी दायर करने के औचित्य के संबंध में कुछ भी नहीं कहा गया है। जहाँ तक श्री अमन के पुनर्विलोकन अर्जी में उल्लेखित तथ्यों का प्रश्न है इसमें सारवान तथ्यों का उल्लेख नहीं किया गया है जिसके आधार पर पूर्व निर्गत दण्डादेश पर पुर्नसमीक्षा की आवश्यकता हो।
श्री अमन को बाढ़ निरोधात्ःमक फाटक के निर्माण में पी0 सी0 सी0 निर्माण में 1ः3ः6 की जगह 1ः7ः6 के अनुपात में सामग्रियों का उपयोग किये जाने एवं प्लास्टर में सिमेंट एवं बालू का अनुपात 1ः4 के स्थान पर 1ः7 किये जाने का आरोप पूर्व में प्रमाणित है। श्री अमन द्वारा अपने कथन के समर्थन मेें कुछ भी ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है।
समीक्षोपरान्त सरकार द्वारा श्री अमन के पुनर्विलोकन अर्जी के गुण विहीन होने के कारण इसे अस्वीकार करते हुए पूर्व में विभागीय अधिसूचना सं0 979 दिनांक 22.07.14 द्वारा अधिरोपित निम्न दण्ड को बरकरार रखने का निर्णय लिया गया है।
(i) दो वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। उक्त निर्णय श्री अमरेन्द्र कुमार 'अमन' अधीक्षण अभियंता, तिरहुत नहर अंचल, रतवारा, मुजफ्फरपुर को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जीउत सिंह, सरकार के उप-सचिव।
———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पपपपटना (cid:23)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 878-571+10-ड&0ट&0प ी0। Website: http://egazette.bih.nic.in