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पटनापटनापटनापटना, शुबशुबशुबशुबवारवारवारवार, 7777 अ"तूअ"तूअ"तूअ"तूबरबरबरबर 2016
जल संसाधन विभाग ---------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 6666 जुलाईजुलाईजुलाईजुलाई 2016201620162016
सं0 22 नि0 सि0 (दर0)-16-13/2011
22 नि0 सि0 (दर0)-16-13/2011/1316—श्री विनय कुमार, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, पश्चिमी श्री विनय कुमार, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमण्डल सं0-1, राजनगर द्वारा अपने उक्त पदस्थापन के दौरान बरती गई कतिपय अनियमितताओं के 1, राजनगर द्वारा अपने उक्त पदस्थापन के दौरान बरती गई कतिपय अनियमितताओं के 1, राजनगर द्वारा अपने उक्त पदस्थापन के दौरान बरती गई कतिपय अनियमितताओं के 11 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग संबंध में मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, दरभंगा द्वारा पत्रांक 1715 दिनांक 10 संबंध में मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, दरभंगा द्वारा पत्रांक 1715 दिनांक 10.08.11 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग गई। जिसमें पाया गया कि नहर की गई। श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। जिसमें पाया गया कि नहर की गई। श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की का रूपांकित जलश्राव 4950 धनसेक के विरूद्व मात्र 1200 धनसेक जलश्राव में ही नहर का दायॅा भाग का टूटान हो का रूपांकित जलश्राव 4950 धनसेक के विरूद्व मात्र 1200 धनसेक जलश्राव में ही नहर का दायॅा भाग का टूटान हो का रूपांकित जलश्राव 4950 धनसेक के विरूद्व मात्र 1200 धनसेक जलश्राव में ही नहर का दायॅा भाग का टूटान हो गया। अतः नहर के जलश्राव के समय चौकसी एवं निगरानी नहीं बरतने, कर्तव्यहीनता एवं लापरवाही के कारण नहर गया। अतः नहर के जलश्राव के समय चौकसी एवं निगरानी नहीं बरतने, कर्तव्यहीनता एवं लापरवाही के कारण नहर गया। अतः नहर के जलश्राव के समय चौकसी एवं निगरानी नहीं बरतने, कर्तव्यहीनता एवं लापरवाही के कारण नहर टूटने इत्यादि प्रथम दृष्टया प्रमाणित गंभीर आरोपों के लिए श्री कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं गंभीर आरोपों के लिए श्री कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं गंभीर आरोपों के लिए श्री कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9(1) के तहत अधिसूचना सं0-1293 दिनांक 17.10.11 द्वारा तत्काल प्रभाव से 11 द्वारा तत्काल प्रभाव से अपील) नियमावली 2005 के नियम-9(1) के तहत अधिसूचना सं0-1293 दिनांक 17 11 द्वारा श्री कुमार के विरूद्व निलंबित किया गया तत्पश्चात विभागीय संकल्प सह पठित ज्ञापांक 1606 दिनांक 27.12.11 द्वारा निलंबित किया गया तत्पश्चात विभागीय संकल्प सह पठित ज्ञापांक 1606 दिनांक 27 आरोप पत्र प्रपत्र-''क'' गठित करते हुए विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया। आरोप पत्र प्रपत्र-''क'' गठित करते हुए विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया।
विभागीय कार्यवाही के क्रम में पाया गया कि श्री कुमार, सहायक अभियन्ता को निलंबन अवधि दो वर्ष से विभागीय कार्यवाही के क्रम में पाया गया कि श्री कुमार, सहायक अभियन्ता को निलंबन अवधि दो वर्ष से विभागीय कार्यवाही के क्रम में पाया गया कि श्री कुमार, सहायक अभियन्ता को निलंबन अवधि दो वर्ष से ाागीय कार्यवाही पर प्रतिकूल प्रभाव डाले अधिक हो गई है जबकि दो वर्ष से अधिक निलंबन नहीं होना चाहिए। अतः विभागीय कार्यवाही पर प्रतिकूल प्रभाव डाले अधिक हो गई है जबकि दो वर्ष से अधिक निलंबन नहीं होना चाहिए। अतः विभ् बिना श्री कुमार को निलंबन मुक्त करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया। सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में बिना श्री कुमार को निलंबन मुक्त करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया। सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में बिना श्री कुमार को निलंबन मुक्त करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया। सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में अधिसूचना सं0-1463 दिनांक 22.09.14 द्वारा श्री कुमार को निलंबन मुक्त किया गया।
14 द्वारा श्री कुमार को निलंबन मुक्त किया गया।
ा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वार गयी एवं सम्यक समीक्षोपरान्त पाया गया कि जॅाच प्रतिवेदन में कोई तथ्यात्मक समीक्षा किये बिना मात्र अस्पष्ट निर्णय गयी एवं सम्यक समीक्षोपरान्त पाया गया कि जॅाच प्रतिवेदन में कोई तथ्यात्मक समीक्षा किये बिना मात्र अस्पष्ट निर्णय गयी एवं सम्यक समीक्षोपरान्त पाया गया कि जॅाच प्रतिवेदन में कोई तथ्यात्मक समीक्षा किये बिना मात्र अस्पष्ट निर्णय अंकित किया गया। अतः जॅाच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए असहमति के बिन्दू पर श्री कुमार से द्वितीय कारण पृच्छा अंकित किया गया। अतः जॅाच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए असहमति के बिन्दू पर श्री कुमार से द्वितीय कारण पृच्छ अंकित किया गया। अतः जॅाच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए असहमति के बिन्दू पर श्री कुमार से द्वितीय कारण पृच्छ 14 द्वारा द्वितीय कारण करने का निर्णय लिया गया। सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में पत्रांक 1868 दिनांक 05.12.14 द्वारा द्वितीय कारण करने का निर्णय लिया गया। सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में पत्रांक 1868 दिनांक 05 पृच्छा किया गया।
श्री कुमार द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक श्री कुमार द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक श्री कुमार द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7 अ"तूबर 2016 उक्त प्रमाणित आरोप के लिए श्री कुमार को निम्न दण्ड देने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गयाः- 1. दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। 2. निलंबन अवधि में देय वेतन भत्ता के अतिरिक्त कोई भी राशि देय नहीं होगा परन्तु निलंबन अवधि का पेंशन प्रयोजनार्थ गणना की जाएगी। सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय अधिसूचना सं0-1065 दिनांक 11.05.15 द्वारा उक्त दण्ड श्री विनय कुमार, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमण्डल सं0-1, राजनगर को दिया एवं संसूचित किया गया।
उक्त दण्डादेश के विरूद्व श्री कुमार द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी समर्पित किया गया। अपने पुनर्विलोकन अर्जी में श्री कुमार द्वारा कहा गया कि कनीय अभियन्ता के द्वारा कार्य में टालमटोल एवं रूचि नहीं रखने एवं उन्हें मौखिक एवं लिखित रूप से निर्देशित करने के बावजूद भी वे कार्यो में अभिरूचि नहीं रखते थे परन्तु कार्यपालक अभियन्ता द्वारा कभी भी इस संदर्भ में कनीय अभियन्ता से स्पष्टीकरण की मांग नहीं की गई और न ही इस संबंध में सूचना दी गयी। अपने नियंत्री पदाधिकारी के द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मियों पर नियंत्रण रखने में किसी प्रकार की कोई मदद नहीं मिला, जिसके कारण उनका मनोबल गिरता गया। संसाधन का अभाव एवं कनीय अभियन्ता के कमी के कारण कार्यक्षेत्र का पूर्ण नियंत्रण असम्भव था।
श्री कुमार द्वारा समर्पित पूनर्विलोकन अर्जी की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समयक समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री कुमार ने स्वयं स्वीकार किया कि लिखित एवं मौखिक रूप से निदेशित किये जाने के बावजूद भी कनीय अभियन्ता द्वारा कार्य में टालमटोल किया जाता था। कनीय अभियन्ता अवर प्रमण्डल पदाधिकारी के अधीन होते है। इसलिए जब बार बार निदेशित किये जाने के बावजूद भी कनीय अभियन्ता द्वारा कार्य में असहयोग किया जाता था तब श्री कुमार को चाहिए था कि कनीय अभियन्ता के विरूद्व आरोप पत्र प्रपत्र-''क'' गठित कर अपने नियंत्री पदाधिकारी को भेजते। परन्तु श्री कुमार द्वारा कनीय अभियन्ता के विरूद्व कोई कार्रवाई नहीं की गई। अतः श्री कुमार का पुनर्विलोकन अर्जी स्वीकार योग्य नहीं मानते हुए अधिसूचना सं0-1065 दिनांक 11.05.15 द्वारा श्री कुमार के विरूद्व अधिरोपित दण्ड यथाः-
1. दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। 2. निलंबन अवधि में देय वेतन भत्ता के अतिरिक्त कोई भी राशि देय नहीं होगी, परन्तु निलंबन अवधि का पेंशन प्रयोजनार्थ गणना की जाएगी, को यथावत रखने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया।
सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री विनय कुमार, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमण्डल, राजनगर के पुनिर्वलोकन अर्जी को अस्वीकृत किया जाता है।
पुनर्विलोकन अर्जी में श्री कुमार ने निलंबन अवधि (दिनांक 17.10.2011 से दिनांक 22.09.2014 तक) में देय वेतनवृद्वि की मांग की है। निलंबन अवधि में वेतनवृद्वि की देयता के संबंध में संचिका वित्त विभाग को पृष्टांकित की गयी, जिसपर वित्त विभाग द्वारा परामर्श अंकित गया कि श्री कुमार के विरूद्व निर्गत दण्डादेश संबंधी अधिसूचना सं0-1065 दिनांक 11.05.15 में निलंबन अवधि को कर्तव्य अवधि नहीं माना गया है। फलतः बिहार सेवा संहिता के नियम 85 के आलोक में वेतनवृद्वि अनुमान्य नहीं होगा। अतः वित्त विभाग से प्राप्त परामर्श के आलोक में श्री विनय कुमार, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमण्डल, राजनगर को निलंबन अवधि दिनांक 17.10.2011 से दिनांक 22.09.2014 तक निलंबन अवधि में वेतनवृद्वि देय नहीं होगा।
सरकार का उक्त निर्णय श्री कुमार को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जीउत सिंह, सरकार के उप-सचिव।
———— अधी,कअधी,कअधी,कअधी,क, सिचवालयसिचवालयसिचवालयसिचवालय मुिणालयमुिणालयमुिणालयमुिणालय, (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार, पपपपटनाटनाटनाटना (cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत एवंएवंएवंएवं मु2ित।मु2ित।मु2ित।मु2ित। (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण) 896-571+10-ड&ड&ड&ड&0ट&ट&ट&ट&0प ीप ीप ीप ी0।।।। Website: http://egazette.bih.nic.in