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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 October 2016

Published 07 October 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-10-07.897
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:18)या पी0ट&0-40 िनबंधन सं(cid:18)या (cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)बहारहारहारहार

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ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत 15 आ(cid:28)(cid:29)नआ(cid:28)(cid:29)नआ(cid:28)(cid:29)नआ(cid:28)(cid:29)न 1938 (शशशश0)

((((संसंसंसं0 पटनापटनापटनापटना 897) ) ) ) पटनापटनापटनापटना

पटनापटनापटनापटना, शुबशुबशुबशुबवारवारवारवार, 7777 अ"तूअ"तूअ"तूअ"तूबरबरबरबर 2016

जल संसाधन विभाग ---------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 6666 जुलाईजुलाईजुलाईजुलाई 2016201620162016

सं0 22 नि0 सि0 (भाग0)-09-12/2014

22 नि0 सि0 (भाग0)-09-12/2014/1315—श्री रवीन्द्र चौधरी (आई0डी0-4626), तत्कालीन कार्यपालक श्री रवीन्द्र चौधरी (आई0डी0-4626), तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल, बौंसी के विरूद्ध इनके द्वारा उक्त पदस्थापन काल में हिरम्बी बाँध के क्षतिग्रस्त होने के अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल, बौंसी के विरूद्ध इनके द्वारा उक्त पदस्थापन काल में हिरम्बी बाँध के क्षतिग्रस्त होने के अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल, बौंसी के विरूद्ध इनके द्वारा उक्त पदस्थापन काल में हिरम्बी बाँध के क्षतिग्रस्त होने के कारण सरकार के स्तर पर लिये गये निर्णय के आलोक में विभागीय संकल्प मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने के कारण सरकार के स्तर पर लिये गये निर्णय के आलोक में विभागीय संकल्प मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने के 14 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम ज्ञापांक 1520 दिनांक 16.10.14 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत कार्यवाही संचालित किया गया। 17 के तहत कार्यवाही संचालित किया गया।

जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर किये विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर किये विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाने के उपरान्त यह पाये जाने पर कि संचालन पदाधिकारी द्वारा निम्नांकित आरोपों को श्री चौधरी के विरूद्ध प्रमाणित जाने के उपरान्त यह पाये जाने पर कि संचालन पदाधिकारी द्वारा निम्नांकित आरोपों को श्री चौधरी के विरूद्ध प्रमाणित जाने के उपरान्त यह पाये जाने पर कि संचालन पदाधिकारी द्वारा निम्नांकित आरोपों को श्री चौधरी के विरूद्ध प्रमाणित पाया गया है, श्री चौधरी से विभागीय पत्रांक 888 दिनांक 16.04.15 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा किया गयाः- पाया गया है, श्री चौधरी से विभागीय पत्रांक 888 दिनांक 16 15 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा किया गयाः- (i) राज्य स्तरीय बैठक में सभी गेटों के संयुक्त निरीक्षण एवं सामान्य अनुरक्षण तथा मरम्मति कार्य के कराये ाज्य स्तरीय बैठक में सभी गेटों के संयुक्त निरीक्षण एवं सामान्य अनुरक्षण तथा मरम्मति कार्य के कराये ाज्य स्तरीय बैठक में सभी गेटों के संयुक्त निरीक्षण एवं सामान्य अनुरक्षण तथा मरम्मति कार्य के कराये जाने के संबंध में माँगी गयी जानकारी के बावजूद श्री चौधरी द्वारा उक्त बैठक में कुछ भी प्रतिकूल प्रतिवेदन नहीें जाने के संबंध में माँगी गयी जानकारी के बावजूद श्री चौधरी द्वारा उक्त बैठक में कुछ भी प्रतिकूल प्रतिवेदन नहीें जाने के संबंध में माँगी गयी जानकारी के बावजूद श्री चौधरी द्वारा उक्त बैठक में कुछ भी प्रतिकूल प्रतिवेदन नहीें किया, जो स्पष्ट रूप से सरकारी कार्य के निष्पादन में उदासीनता एवं लापरवाही का द्योतक है। किया, जो स्पष्ट रूप से सरकारी कार्य के निष्पादन में उदासी

(ii) मुख्यालय के पदाधिकारी द्वारा दिनांक 08 14 को हिरम्बी बाँध के टूटान स्थल के निरीक्षण के समय श्री ) मुख्यालय के पदाधिकारी द्वारा दिनांक 08.07.14 को हिरम्बी बाँध के टूटान स्थल के निरीक्षण के समय श्री 14 द्वारा इनको सूचना दी गयी चौधरी निरीक्षण स्थल पर उपस्थित नहीं थे जबकि विभागीय पत्रांक 832 दिनांक 07.07.14 द्वारा इनको सूचना दी गयी चौधरी निरीक्षण स्थल पर उपस्थित नहीं थे जबकि विभागीय पत्रांक 832 दिनांक 07 4 को मोबाइल पर भी सम्पर्क करने का प्रयास किये जाने पर इनसे सम्पर्क स्थापित नहीं हो सका। 4 को मोबाइल पर भी सम्पर्क करने का प्रयास किये जाने पर इनसे सम्पर्क स्थापित नहीं हो सका। थी। दिनांक 08.07.14 को मोबाइल पर भी सम्पर्क करने का प्रयास किये जाने पर इनसे सम्पर्क स्थापित नहीं हो सका। श्री चौधरी द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर में प्रस्तुत तथ्यों की समीक्षा पुनः सरकार के स्तर पर श्री चौधरी द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर में प्रस्तुत तथ्यों की समीक्षा पुनः सरकार के स्तर पर श्री चौधरी द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर में प्रस्तुत तथ्यों की समीक्षा पुनः सरकार के स्तर पर किये जाने के उपरान्त निम्नांकित तथ्य पाये गयेः- किये जाने के उपरान्त निम्नांकित तथ्य पाये गयेः- (i) राज्य स्तरीय बैठक में सभ् ाी गेटों के संयुक्त निरीक्षण एवं सामान्य अनुरक्षण तथा मरम्मति कार्य के कराये ) राज्य स्तरीय बैठक में सभी गेटों के संयुक्त निरीक्षण एवं सामान्य अनुरक्षण तथा मरम्मति कार्य के कराये जाने के संबंध में माँगी गयी जानकारी के बावजूद इनके द्वारा उक्त बैठक में कुछ भी प्रतिकूल प्रतिवेदन नहीं किये जाने जाने के संबंध में माँगी गयी जानकारी के बावजूद इनके द्वारा उक्त बैठक में कुछ भी प्रतिकूल प्रतिवेदन नहीं किये जाने जाने के संबंध में माँगी गयी जानकारी के बावजूद इनके द्वारा उक्त बैठक में कुछ भी प्रतिकूल प्रतिवेदन नहीं किये जाने के संबंध में आरोपित पदाधिकारी द्वारा संचालन पदाधिकारी को समर्पित बचा व बयान एवं द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर के संबंध में आरोपित पदाधिकारी द्वारा संचालन पदाधिकारी को समर्पित बचाव बयान एवं द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर में सदृश तथ्यों का उल्लेख किया गया है। आरोपित पदाधिकारी द्वारा राज्य स्तरीय बैठक में गेटों के सामान्य में सदृश तथ्यों का उल्लेख किया गया है। आरोपित पदाधिकारी द्वारा राज्य स्तरीय बैठक में गेटों के सामान्य में सदृश तथ्यों का उल्लेख किया गया है। आरोपित पदाधिकारी द्वारा राज्य स्तरीय बैठक में गेटों के सामान्य अनुरक्षण/मरम्मति के संबंध में इनके द्वारा स्थिति स्पष्ट करने का उल्लेख किया गया है । साथ ही बैठक की कार्यवाही के संबंध में इनके द्वारा स्थिति स्पष्ट करने का उल्लेख किया गया है। साथ ही बैठक की कार्यवाही प्रतिवेदन में इसका उल्ल्ेख नहीं होने की बात कही गयी है परन्तु साक्ष्य के रूप में संलग्न किये गये दिनांक 20.06.14 प्रतिवेदन में इसका उल्ल्ेख नहीं होने की बात कही गयी है परन्तु साक्ष्य के रूप में संलग्न किये गये दिनांक 20 प्रतिवेदन में इसका उल्ल्ेख नहीं होने की बात कही गयी है परन्तु साक्ष्य के रूप में संलग्न किये गये दिनांक 20 एवं 21.06.14 के राज्य स्तरीय बैठक के कार्यवाही प्रतिवेदन में इस आशय की पुष्टि नहीं होती है। इस प्रकार आरोपित 14 के राज्य स्तरीय बैठक के कार्यवाही प्रतिवेदन में इस आशय की पुष्टि नहीं होती है। इस प्रकार आरोपित 14 के राज्य स्तरीय बैठक के कार्यवाही प्रतिवेदन में इस आशय की पुष्टि नहीं होती है। इस प्रकार आरोपित उल्लिखित बयान की ाज्य स्तरीय बैठक में संयुक्त निरीक्षण/सामान्य अनुरक्षण/मरम्म्ति के संदर्भ में उल्लिखित बयान की पदाधिकारी के राज्य स्तरीय बैठक में संयुक्त 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7 अ"तूबर 2016 पुष्टि में साक्ष्य उपलब्ध कराने में विफल रहने के कारण संचालन पदाधकारी के समीक्षा एवं निष्कर्ष से सहमत होकर इनका आरोप के संबंध में द्वितीय कारण पृच्छा का उत्तर स्वीकार योग्य नहीं पाया गया।

(ii) दिनांक 08.07.14 को विभागीय सूचना के बावजूद मुख्यालय के पदाधिकारी के निरीक्षण के समय उपस्थित नहीं रहने एवं उक्त तिथि को मोबाइल पर भी सम्पर्क नहीं होने के आरोप को संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँच प्रतिवेदन में प्रमाणित पाया है। आरोपित पदाधिकरी द्वारा संचालन पदाधिकारी को समर्पित बचाव बयान एवं द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर में सदृश तथ्यों का उल्लेख किया गया है। साक्ष्य के रूप में संलग्न दो अदद फोटोग्राफ्स, जिसपर कनीय अभियंता, सहायक अभियंता एवं कार्यपालक अभियंता का दिनांक 08.07.14 का हस्ताक्षर है, से स्पष्ट नहीं होता है कि उक्त फोटोग्राफ्स दिनांक 08.07.14 का चन्दन डैम के कंट्रोल रूम का ही है। आरोपित पदाधिकारी द्वारा निरीक्षण की तिथि की सूचना के बावजूद मुख्यालय छोड़ने के पूर्व निरीक्षी पदाधिकारी को सूचित करने अथवा अनुमति प्राप्त करने संबंधी कोई तथ्य नहीं दिया गया है जबकि आरोपित पदाधिकारी को सूचित कर ही मुख्यालय छोड़ना चाहिए था। फलस्वरूप उक्त पाये गये तथ्यों के आलोक में संचालन के संबंध में अंकित किया गया है कि यह आरोप प्रथम मूल आरोप से ही Co-related है। राज्य स्तरीय बैठक में गेटों का संयुक्त निरीक्षण तथा गेटों का सामान्य अनुरक्षण/मरम्मति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया था कि कार्यपालक अभियंता, सिंचाई याँत्रिक प्रमण्डल, बौंसी के साथ गेटों का संयुक्त निरीक्षण कर लिया गया है, लेकिन उसका मरम्मति कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। उनके द्वारा यह भी प्रतिवेदित किया गया था कि अभी सिर्फ चन्दन डैम के गेटों का मरमति कार्य किया जा रहा है, अन्य गेटों के मरम्मति का कार्य अभी बाकी है। बैठक में कार्यपालक अभियंता, सिंचाई याँत्रिक प्रमण्डल, बौंसी को भी जल्द से जल्द अपने परिक्षेत्राधीन सभी गेटों का सामान्य सम्पोषण का कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया था लेकिन उनके द्वारा अपने दायित्व का निर्वहन नहीं किया गया।

मुख्यालय के पदाधिकारी द्वारा दिनांक 08.07.14 को हिरम्बी बाँध के टूटान स्थल के निरीक्षण के समय श्री चौधरी के निरीक्षण स्थल पर उपस्थित नहीं रहने जबकि विभागीय पत्रांक 832 दिनांक 07.07.14 द्वारा इनको सूचना दी गयी थी एवं दिनांक 08.07.14 को मोबाइल पर सम्पर्क स्थापित नहीं होने के संबंध में इनका कहना है कि इनके परिक्षेत्राधीन एक अति संवेदनशील चन्दन डैम पड़ता है जो बाँका जिला के लाइफ लाईन के नाम से जाना जाता है। यह Eastern Dam है जो बाँका जिला मुख्यालय के निकट है। अतिमहत्वपूर्ण डैम होने के बावजूद भी इस डैम के गेटों का संचालन वर्तमान समय में भी मानव श्रम द्वारा किया जाता है। इस डैम के स्वास्थ्य पर ही बाँका एवं भागलपुर जिला के हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई निर्भर करता है। चन्दन नदी मूल रूप से बरसाती नदी है जो झारखण्ड से आती है। इस नदी को बाँधकर डैम का निर्माण किया गया है। दिनांक 01.07.14 से दिनांक 08.07.14 तक लगातार कभी हल्की कभी भारी बारिस होने के कारण डैम पूरा लबालब भर गया था एवं पानी का लेवल लगातार तेजी से बढ़ रहा था। चन्दन डैम के नियंत्रण कक्ष की गेटों पर पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए संदर्भित आरोप के संबंध में श्री चौधरी का द्वितीय कारण पृच्छा का उत्तर स्वीकार योग्य नहीं पाया गया एवं प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए सरकार के स्तर पर लिये गये निर्णय के आलोक में विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 2379 दिनांक 15.10.15 द्वारा श्री रवीन्द्र चौधरी, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल, बौंसी, बाँका को निम्न दण्ड अधिरोपित करते हुए संसूचित किया गयाः-

(i) निन्दन, वर्ष 2014-15 (ii) दो वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। उक्त संसूचित दण्ड के विरूद्ध श्री रवीन्द्र चौधरी, कार्यपालक अभियंता द्वारा उनके पत्रांक 1042 दिनांक 20.

11.15 द्वारा पुनर्विचार अभ्यावेदन समर्पित किया गया जिसमें मुख्य रूप से निम्न तथ्यों को प्रस्तुत किया गयाः- (i) हिरम्बी बाँध एक अर्द्धनिर्मित गाइड बाँध है जिसमें वर्षा का पानी संग्रह करने हेतु रकौली नदी में निर्मित वीयर पर सिंचाई याँत्रिक प्रमण्डल, बौंसी द्वारा फॉलिंग शटर लगाया गया है। फॉलिंग शटर से पानी अवरूद्ध कर हिरम्बी बाँध तक पानी संग्रह किया जाता है और संग्रहित पानी को किसान अपने श्रमबल से खेत तक पहुँचाया करते हैं क्यांंेंकि आगे नहर का निर्माण अभी हुआ ही नहीं है। बगैर नहर निर्माण के रकौली नदी में फॉलिंग शटर का निर्माण नहीं होना चाहिए था लेकिन विभागीय निदेश के आलोक में तत्कालीन अभियंताओं द्वारा फॉलिंग शटर का निर्माण करा दिया गया।

(ii) '' राज्य स्तरीय बैठक में सभी गेटों के संयुक्त निरीक्षण एवं सामान्य अनुरक्षण तथा मरम्मति कार्य के कराये जाने के संबंध में माँगी गयी जानकारी के बावजूद इनके द्वारा उक्त बैठक में कुछ भी प्रतिकूल प्रतिवेदन नहीं किया, जो स्पष्ट रूप से सरकारी कार्य के निष्पादन में उदासीनता एवं लापरवाही का द्योतक है'' पानी का अत्यधिक दवाब एवं तकनीकी कारणों से गेटों को मानव श्रम से उठाने में दिक्कत होने, खतरा लगातार बढते जाने एवं आसपास के लोगों के दहशत में रहने के कारण डैम के प्रभारी सहायक अभियंता, श्री अरविन्द कुमार सिंह द्वारा लिखित सूचना दी गयी कि इमरजेंसी गेट फँस गया है तथा नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण करना आवश्यक है। उक्त परिस्थिति में डैम की सुरक्षा प्रथम प्राथमिकता थी इसलिए ये दिनांक 08.07.14 को चन्दन डैम के लिए यह सोचकर कि हिरम्बी वीयर स्थल पर भी लौटकर उपस्थित हो जाएंेंगे, प्रस्थान कर गये। फिर भी सावधानी बरतते हुए हिरम्बी वीयर के प्रभारी सहायक अभियंता, श्री प्रभांशु शेखर, प्राक्कलन पदाधिकारी, श्री सुजाउल्ला खाँ एवं कनीय अभियंता, श्री शेखर कुमार को तुरंत हिरम्बी स्थल पर पहुँचने तथा पटना से स्थल निरीक्षण हेतु आये सहायक अभियंता श्री संजय कुमार को निरीक्षण में सहयोग करने का सख्त निर्देश दिया गया। दुर्भाग्यवश डैम के गेटों को Regulate करने में अत्यधिक समय व्ययतीत 3

(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7 अ"तूबर 2016

हो जाने के कारण ये समय पर हिरम्बी वीयर स्थल पर नहीं पहुँच सके परन्तु प्रमण्डल के सभी संबंधित अभियंतागण द्वारा स्थल पर पहुँचकर निरीक्षण में यथोचित एवं वांछित सहयोग प्रदान किया गया। विषम परिस्थिति में इनके द्वारा विवेकपूर्ण एवं उचित कदम उठाया गया है जिसमें किसी प्रकार की लापरवाही अथवा चौकसी में कमी परिलक्षित नहीं होता है, इसलिए इनके द्वारा निर्गत दण्डादेश को विलोपित करने का अनुरोध किया गया है।

श्री चौधरी द्वारा समर्पित बचाव बयान में उल्लिखित उपर्युक्त तथ्यों की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त पाया गया कि इनके द्वारा पुनर्विचार अभ्यावेदन में संचालन पदाधिकारी को दिये गये बचाव बयान की प्रति संलग्न करते हुए बचाव बयान में वर्णित तथ्यों की ही पुनरावृति की गयी है। श्री चौधरी ने पुनर्विचार अभ्यावेदन के साथ संचालन पदाधिकारी को समर्पित दिनांक 21.11.14 एवं द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर, दिनांक 29.03.15 की प्रति संलग्न किया गया है जिसके समीक्षोपरान्त ही इन्हें '' राज्य स्तरीय बैठक में सभी गेटों के संयुक्त निरीक्षण एवं सामान्य अनुरक्षण तथा मरम्मति कार्य के कराये जाने के संबंध में माँगी गयी जानकारी के बावजूद उक्त बैठक में कुछ भी प्रतिकूल प्रतिवेदन नहीं करने, जो स्पष्ट रूप से सरकारी कार्य के निष्पादन में उदासीनता एवं लापरवाही का द्योतक है'' तथा ''विभागीय पत्रांक 832 दिनांक 07.07.14 द्वारा सूचना दिये जाने के बावजूद दिनांक 08.07.14 को मुख्यालय के पदाधिकारी द्वारा हिरम्बी बॅाध के टूटान स्थल के निरीक्षण के समय निरीक्षण स्थल पर श्री चौधरी के उपस्थित नहीं रहने एवं मोबाइल पर सम्पर्क स्थापित नहीं होने'' के आरोपों के लिए दोषी पाते हुए ही दण्डादेश निर्गत किया गया है। श्री चौधरी द्वारा पुनर्विचार अभ्यावेदन में कोई नया तथ्य प्रस्तुत नही किये जाने के कारण इनके पुनर्विचार अभ्यावेदन को अस्वीकृत करने का निर्णय सरकार के स्तर पर लिया गया है।

उक्त निर्णय के आलोक में श्री चौधरी के पुनर्विचार अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते हुए इन्हें विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 2379 दिनांक 15.10.15 द्वारा अधिरोपित दण्ड को यथावत रखते हुए संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, श्यामानन्द झा, भा0 प्र0 से0, सरकार के संयुक्त सचिव।

———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पपपपटना (cid:23)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 897-571+10-ड&0ट&0प ी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 October 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-10-07.897/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-10-07.897.