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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 17 October 2016

Published 17 October 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-10-17.906
Languages
English, Hindi

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सं॰ 2/सी0-3-3069/2000-सा0प्र0-13677

सं॰

lkekU; iz'kklulkekU; iz'kklulkekU; iz'kklulkekU; iz'kklu foHkkxfoHkkxfoHkkxfoHkkx ——— ladYiladYiladYiladYi 5 vDrwcj 2016

मो0 मुस्ताक (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 692/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, खिजरसराय, गया मो0 मुस्ताक (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 692/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, खिजरसराय, गया मो0 मुस्ताक (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 692/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, खिजरसराय, गया सम्प्रति वरीय उप समार्हाा, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के विरूद्ध आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमंडल, गया के पत्रांक सम्प्रति वरीय उप समार्हाा, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के विरूद्ध आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमंडल, गया के पत्रांक सम्प्रति वरीय उप समार्हाा, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के विरूद्ध आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमंडल, गया के पत्रांक 2004 द्वारा इंदिरा आवास में अनियमितता अप्रत्यक्ष रूप से ठीकेदारी को बढ़ावा देने, काम कराये 2004 द्वारा इंदिरा आवास में अनियमितता अप्रत्यक्ष रूप से ठीकेदारी को बढ़ावा देने, काम कराये 1110 दिनांक 05.07.2004 द्वारा इंदिरा आवास में अनियमितता अप्रत्यक्ष रूप से ठीकेदारी को बढ़ावा देने, काम कराये ें को मनमाने ढ़ंग से अग्रिम राशि देने, जिला स्तरीय बैठक में विकास कार्यों की धीमी प्रगति का ा देने, जिला स्तरीय बैठक में विकास कार्यों की धीमी प्रगति का बिना अभिर्कााओं को मनमाने ढ़ंग से अग्रिम राश्ि रहने इत्यादि संबंधी आरोपों के लिए आरोप-पत्र संतोषजनक उार नहीं देने तथा अनधि संतोषजनक उार नहीं देने तथा अनधि—त रूप से अनुपस्थित रहने इत्यादि संबंधी आरोपों के लिए आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर प्रतिवेदित किया गया। प्रपत्र 'क' गठित कर प्रतिवेदित किया गया।

2. प्रतिवेदित आरोपों के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 71

प्रतिवेदित आरोपों के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 7147 दिनांक 21.08.2004 द्वारा

2004 द्वारा मो0 मुस्ताक से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। कतिपय स्मार पत्रों के बावजूद मो0 मुस्ताक द्वारा स्पष्टीकर ण समर्पित नहीं करने के स्पष्टीकरण की मांग की गयी। कतिपय स्मार पत्रों के बावजूद मो0 मुस्ताक द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित नहीं करने के तदोपरान्त प्रतिवेदित आरोपों की सम्यक समीक्षोपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक 8190 दिनांक 19 तदोपरान्त प्रतिवेदित आरोपों की सम्यक समीक्षोपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक 8190 दिनांक 19.08.2009 द्वारा तदोपरान्त प्रतिवेदित आरोपों की सम्यक समीक्षोपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक 8190 दिनांक 19 विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

3. संचालन पदाधिकारी-सह-अप

संचालन पदाधिकारी-सह-अपर समार्हाा, विभागीय जाँच गया के पत्रांक 105 दिनांक

जाँच गया के पत्रांक 105 दिनांक 29.04.2014 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। बार-बार स्मार पत्रों के बावजूद भी मो0 मुस्ताक द्वारा संचालन जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। बार-बार स्मार पत्रों के बावजूद भी मो0 मुस्ताक द्वारा संचालन जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। बार-बार स्मार पत्रों के बावजूद भी मो0 मुस्ताक द्वारा संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया के न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के आधार पर उनके विरूद्ध पदाधिकारी-सह-आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया के न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के आधार पर उनके विरूद्ध पदाधिकारी-सह-आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया के न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के आधार पर उनके विरूद्ध ाासनहीनता एवं लापरवाही का भी गये आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। साथ ही उनकी अनुशासनहीनता एवं लापरवाही का भी लगाये गये आरोपों को प्रमाणित प्रतिव आरोप प्रतिवेदित किया गया। इसके साथ ही आरोपों के संबंध में उपस्थापन पदाधिकारी के मंतव्य को सही मानते आरोप प्रतिवेदित किया गया। इसके साथ ही आरोपों के संबंध में उपस्थापन पदाधिकारी के मंतव्य को स आरोप प्रतिवेदित किया गया। इसके साथ ही आरोपों के संबंध में उपस्थापन पदाधिकारी के मंतव्य को स हुए अभिलेख सामान्य प्रशासन विभाग को वापस कर दिया गया

ाासन विभाग को वापस कर दिया गया।

4. विभागीय पत्रांक 18002 दिनांक 30

विभागीय पत्रांक 18002 दिनांक 30.12.2014 द्वारा मो0 मुस्ताक को प्रमाणित आरोपों के लिए अभ्यावेदन 2014 द्वारा मो0 मुस्ताक को प्रमाणित आरोपों के लिए अभ्यावेदन 2015 द्वारा समर्पित अभ्यावेदन में समर्पित करने का निदेष दिया गया। मो0 मुस्ताक के पत्रांक 14 दिनांक 28.01.2015 द्वारा समर्पित अभ्यावेदन में समर्पित करने का निदेष दिया गया। मो0 मुस्ताक के पत्रांक 14 दिनांक 28 उनका कहना है कि उनके विरूद्ध गठित आरोप प्रपत्र 'क' में सभी आरोप मनगढ़ंत, निराधार, साक्ष्यहीन एवं उनका कहना है कि उनके विरूद्ध गठित आरोप प्रपत्र 'क' में सभी आरोप मनगढ़ंत, निराधार, साक्ष्यहीन एवं तथ्यहीन है। आरोपों के संबंध में उनके द्वारा कंडिकावार साक्ष्यों/दस्तावेजों को उपलब्ध नहीं कराये जाने एवं तथ्यहीन है। आरोपों के संबंध में उनके द्वारा कंडिकावार साक्ष्यों/दस्तावेजों को उपलब्ध नहीं कराये जाने एवं तथ्यहीन है। आरोपों के संबंध में उनके द्वारा कंडिकावार साक्ष्यों/दस्तावेजों को उपलब्ध नहीं कराये जाने एवं ोजे जाने और अभिलेख के आदेश फलक में संचालन पदाधिकारी द्वारा सुनवाई के पूर्व उन्हें कोई बुलावा पत्र नहीं भेजे जाने और अभिलेख के आदेश् संचालन पदाधिकारी द्वारा सुनवाई के पूर्व उन्हें कोई बुलावा पत्र नहीं भ् अनुपस्थिति दर्ज करते हुए उनके विरूद्ध एक तरफा निर्णय लिया गया।

स्थिति दर्ज करते हुए उनके विरूद्ध एक तरफा निर्णय लिया गया।2 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 17 अ(cid:24)तूबर 2016 5. अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा मो0 मुस्ताक के अभ्यावेदन एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं अभिलेख के अवलोकनोपरान्त यह पाया कि विभागीय पत्रांक 13655 दिनांक 15.12.2011 के कंडिका-2(ग) में निहित निदेश के आलोक में संचालित विभागीय कार्यवाही में अपर समार्हाा, विभागीय जाँच, गया को दिनांक 26.07.2013 को स्थानांतरित कर दिया गया। विभागीय कार्यवाही स्थानांतरित किये जाने के बाद नियमतः आरोपित पदाधिकारी को सूचना निर्गत नहीं किया गया एवं उपस्थापन पदाधिकारी के मंतव्य को ही सही माना गया है। यह पाया गया कि बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-17 के उपबन्धों के अनुसार जाँच नहीं की गयी। अंततः उक्त नियमावली के नियम-18(1) तहत इसे संचालन पदाधिकारी को वापस करते हुए इस नियमावली के नियम-17 के उपबन्धों के तहत पुनः जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध करने का निदेश दिया गया।

6. अपर समार्हाा, विभागीय जाँच, गया के पत्रांक 330 दिनांक 18.12.2015 द्वारा जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में मो0 मुस्ताक के विरूद्ध आरोप प्रपत्र 'क' में प्रतिवेदित कुल सात आरोपों के संदर्भ में मंतव्य प्रतिवेदित किये गये, जिसमें आरोप संख्या-1 को आंशिक रूप से प्रमाणित एवं शेष सभी छः आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।

7. विभागीय पत्रांक 798 दिनांक 15.01.2016 द्वारा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित प्रमाणित आरोपों के लिए मो0 मुस्ताक से अभ्यावेदन की मांग की गयी। मो0 मुस्ताक के पत्र दिनांक 06.08.2016 द्वारा अभ्यावेदन समर्पित किया गया।

समर्पित अभ्यावेदन में मो0 मुस्ताक का कहना है कि आरोप का आधार 62 लाभार्थियों की सूची को बनाया गया है। इसलिए 62 लाभार्थियों की सूची उन्हें उपलब्ध कराया जाय। उनका कहना है कि प्रखंड कार्यालय, डी0आर0डी0ए0 उपस्थापन पदाधिकारी व जाँच पदाधिकारी के पास उक्त विषयगत सूची उपलब्ध नहीं है। योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु अवैध तरीके से आम सभा कर के छद्‌म अभिर्काा से कराये जाने का आरोप निराधार है। नियमानुसार आम सभा कर के वास्तविक अभिर्काा द्वारा कार्य कराये जाने का साक्ष्य अभिलेख में संलग्न है जिसे उपलब्ध करवा कर अवलोकन किया जा सकता है। छद्‌म अभिर्काा द्वारा अवैध तरीके से कार्य कराने या अप्रत्यक्ष ठेकेदारी के बढ़ावा देने संबंधी कोई साक्ष्य उपस्थापन पदाधिकारी या जाँच पदाधिकारी के पास नहीं है, यदि है तो अवलोकन करने के उपरांत आरोप की प्रमाणिकता पर विचार किया जा सकता है। आगे उनका कहना है कि जिन योजनाओं को आधार बनाया गया है उन योजनाओं के कार्यहित में नियमानुसार अग्रिम दिया गया है। जाँच के बाद सभी योजनाओं में कार्य हुआ और कालान्तर में योजनाएँ पूर्ण हो गयी। जिन योजनाओं के धीमी प्रगति का आरोप लगाया गया है वे सभी योजनाएँ इनके पदस्थापन काल में ही पूर्ण हो गयी। सभी अभिलेख की कार्रवाई समाप्त कर दी गयी है। इनका आगे कहना है कि मुख्यालय में रहने संबंधी प्रमाण संचालन पदाधिकारी को दिया जा चुका है, मांगे जाने पर अब भी उपलब्ध कराने को तैयार हैं। आरोप संख्या-6 के संबंध में उनका कहना है कि यह आरोप संख्या-2 एवं 3 की पुनरावृति है। आरोप संख्या-7 के संबंध में इनका कहना है कि इसमें आरोप संख्या-1 से 6 तक का समावेश है।

मो0 मुस्ताक के द्वारा समर्पित अभ्यावेदन में अपने कथन के समर्थन में कोई साक्ष्य समर्पित नहीं किया गया है।

8. अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा मो0 मुस्ताक के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, संलग्न दस्तावेजों, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन तथा मो0 मुस्ताक द्वारा समर्पित अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त पाया गया कि :-

(i) जिला पदाधिकारी, गया के पत्रांक 5134 दिनांक 21.07.2000 द्वारा मो0 मुस्ताक के प्रखंड मुख्यालय में नहीं रहने, अनधि—त रूप से अनुपस्थित रहने तथा विकास कार्योें में रूची नहीं लेने के संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन समर्पित करते हुए विभागीय कार्यवाही की अनुशंसा की गयी।

(ii) ओरिजिनेटर संख्या 4097 दिनांक 15.06.2000 द्वारा जिला पदाधिकारी, गया के द्वारा मो0 मुस्ताक के दिनांक 12.06.2000 को अनधि—त रूप से अनुपस्थित रहने एवं उनकी अनुपस्थिति के कारण जनगणना से संबंधित कार्यों के प्रभावित होने के संबंध में आयुक्त, ग्रामीण विकास विभाग/कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग/मंत्रिमंडल समन्यव वितन्तु द्वारा संवाद भेजा गया था।

(iii) जिला पदाधिकारी, गया के पत्रांक 2069 दिनांक 04.04.2000 द्वारा मो0 मुस्ताक से दिनांक 04.04. 2000 को मुख्यालय से अनुपस्थिति रहने के लिए स्पष्टीकरण की मांग की गयी थी।

(iv) जिला पदाधिकारी, गया के पत्रांक 2188 दिनांक 08.04.2000 द्वारा मो0 मुस्ताक के अनधि—त अनुपस्थिति एवं विकास कार्यों में रूची नहीं लेने के लिए आयुक्त, मगध प्रमंडल को विस्तृत प्रतिवेदन समर्पित किया गया।

(v) जिला पदाधिकारी, गया के ज्ञापांक 4233 दिनांक 24.06.1999 द्वारा खिंजरसराय प्रखंड अन्तर्गत योजनाओं में किये गये जाँच के आधार पर योजनाओं में पायी गयी अनियमितता के लिए योजनावार स्पष्टीकरण की मांग मो0 मुस्ताक से की गयी थी।

(vi) जिला पदाधिकारी, गया के ज्ञापांक 8812 दिनांक 10.12.1999 द्वारा दिनांक 02.12.1999 को प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किये जाने पर मो0 मुस्ताक एवं अन्य कर्मियाें के मुख्यालय से अनुपस्थित पाये जाने के आधार पर एक दिन का वेतन कटौती का आदेश दिया गया।3 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 17 अ(cid:24)तूबर 2016 उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर मो0 मुस्ताक के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप की पुष्टि होती है। मो0 मुस्ताक के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण एवं संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त मो0 मुस्ताक के अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 के संगत प्रावधानों के तहत असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक का दंड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया।

अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार मो0 मुस्ताक (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 692/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, खिजरसराय, गया सम्प्रति वरीय उप समार्हाा, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 के संगत प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड संसूचित किया जाता है :-

(i) असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक। आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अनिल कुमार, सरकार के विशेष सचिव।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 17 October 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-10-17.906/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-10-17.906.