(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:31)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या ॢबह(cid:4)र
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सं॰ 05/सह॰फ॰बी॰-11/2016-2025सं॰ 05/सह॰फ॰बी॰-11/2016-2025सं॰ 05/सह॰फ॰बी॰-11/2016-2025सं॰ 05/सह॰फ॰बी॰-11/2016-2025 सहकारिता विभागसहकारिता विभागसहकारिता विभागसहकारिता विभाग ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 26 ebZ 2016
Unified Package Insurance Scheme (UPIS) लागू करने के संबंध में।लागू करने के संबंध में।लागू करने के संबंध में।लागू करने के संबंध में।
लागू करने के संबंध में।लागू करने के संबंध में।लागू करने के संबंध में।लागू करने के संबंध में।
) को बंद कर पत्रांक-13015/03/2016 -Credit II, दिनांक
एवं पायलट आधार पर Unified Package Insurance Scheme (UPIS) बिहार राज्य में खरीफ 2016 मौसम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) तथा पायलट आधार ) तथा पायलट आधार ) तथा पायलट आधार ) तथा पायलट आधार ) तथा पायलट आधार ) तथा पायलट आधार ) तथा पायलट आधार ) तथा पायलट आधार विषयः-विषयः-विषयः-विषयः- बिहार राज्य में खरीफ 2016 मौसम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ( बिहार राज्य में खरीफ 2016 मौसम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ( बिहार राज्य में खरीफ 2016 मौसम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ( बिहार राज्य में खरीफ 2016 मौसम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ( बिहार राज्य में खरीफ 2016 मौसम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ( बिहार राज्य में खरीफ 2016 मौसम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ( बिहार राज्य में खरीफ 2016 मौसम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ( पर पर पर पर Unified Package Insurance Scheme (UPIS) इत्यादि कारणों से फसलों की क्षति होने की अवस्था में प्राकृतिक विपदाओं यथा बाढ,़ सुखाड़, तुषारापात इत्यादि कारणों से फसलों की क्षति होने की अवस्था में प्राकृतिक विपदाओं यथा बाढ,़ सुखाड़, तुषारापात किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान कर अगली फसल उगाने हेतु उनको प्रोत्साहित करने एवं उनका मनोबल बढ़ाने के किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान कर अगली फसल उगाने हेतु उनको प्रोत्साहित करने एवं उनका मनोबल बढ़ाने के किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान कर अगली फसल उगाने हेतु उनको प्रोत्साहित करने एवं उनका मनोबल बढ़ाने के उद्देष्य से भारत सरकार द्वारा पूर्व में व्यापक फसल बीमा योजना लागू की गई थी, जिसे राज्य में वर्ष 1985 उद्देष्य से भारत सरकार द्वारा पूर्व में व्यापक फसल बीमा योजना लागू की गई थी, जिसे राज्य में वर्ष 1985 से लागू उद्देष्य से भारत सरकार द्वारा पूर्व में व्यापक फसल बीमा योजना लागू की गई थी, जिसे राज्य में वर्ष 1985 किया गया था। तत्पष्चात् भारत सरकार द्वारा उक्त योजना को बंद कर रबी 1999 से राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना किया गया था। तत्पष्चात् भारत सरकार द्वारा उक्त योजना को बंद कर रबी 1999 से राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना किया गया था। तत्पष्चात् भारत सरकार द्वारा उक्त योजना को बंद कर रबी 1999 से राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (NAIS) नामक एक नयी फसल बीमा योजना लागू करने का निर्णय लिया गया, जिसे राज्य में खरीफ 2000 से लागू ) नामक एक नयी फसल बीमा योजना लागू करने का निर्णय लिया गया, जिसे राज्य में खरीफ 2000 से लागू ) नामक एक नयी फसल बीमा योजना लागू करने का निर्णय लिया गया, जिसे राज्य में खरीफ 2000 से लागू किया गया। पुनः रबी 2007-08 मौसम से राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (NAIS) के साथ-साथ भारत सरकार द्वारा ) के साथ-साथ भारत सरकार द्वारा किया गया। पुनः रबी 2007-08 मौसम से राष्ट्रीय कृषि पायलट आधार पर मौसम आधारित फसल बीमा योजना (WBCIS) लागू की गई जिसे राज्य में पायलट आधार पर पायलट आधार पर मौसम आधारित फसल बीमा योजना ( ) लागू की गई जिसे राज्य में पायलट आधार पर रबी 2007-08 मौसम से लागू किया गया। इसके बाद रबी 2010-11 मौसम से उक्त दोनों योजनाओं के साथ-साथ रबी 2007-08 मौसम से लागू किया गया। इसके बाद रबी 2010-11 मौसम से उक्त दोनों योजनाओं के साथ-साथ रबी 2007-08 मौसम से लागू किया गया। इसके बाद रबी 2010-11 मौसम से उक्त दोनों योजनाओं के साथ-साथ रकार द्वारा एक अन्य योजना मोडिफायड राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (MNAIS) लागू किया गया जिसे ) लागू किया गया जिसे भारत सरकार द्वारा एक अन्य योजना मोडिफायड राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना ( पायलट आधार पर राज्य के तीन जिलों में रबी 2010-11 मौसम से लागू किया गया। पायलट आधार पर राज्य के तीन जिलों में रबी 2010-11 मौसम से लागू किया गया। वर्त्तमान में भारत सरकार द्वारा उक्त में से दो योजनाओं यथा राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (NAIS) एवं वर्त्तमान में भारत सरकार द्वारा उक्त में से दो योजनाओं यथा राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना ( वर्त्तमान में भारत सरकार द्वारा उक्त में से दो योजनाओं यथा राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना ( मोडिफायड राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (MNAIS) को बंद कर पत्रांक-13015/03/2016 - मोडिफायड राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना ( 2016 से खरीफ 2016 मौसम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), प्रीमियम संरचना में संषोधन करते ), प्रीमियम संरचना में संषोधन करते 23.02.2016 से खरीफ 2016 मौसम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ( age Insurance Scheme (UPIS) के हुए Restructured WBCIS एवं पायलट आधार पर कार्यान्वयन हेतु प्रषासनिक स्वीकृति दी गई है। चूँकि WBCIS की स्वीकृति पूर्व से ही प्राप्त है, अतः राज्य सरकार की स्वीकृति पूर्व से ही प्राप्त है, अतः राज्य सरकार कार्यान्वयन हेतु प्रषासनिक स्वीकृति दी गई है। चूँकि द्वारा बिहार राज्य में खरीफ 2016 मौसम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) एवं पायलट आधार पर ) एवं पायलट आधार पर द्वारा बिहार राज्य में खरीफ 2016 मौसम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ( Unified Package Insurance Scheme (UPIS) को लागू करने का निर्णय लिया गया है। Unified Package Insurance Sch2 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 20 अ(cid:27)तूबर 2016 2222.... प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की मुख्य विषेषताएँ निम्न प्रकार हैं :-) की मुख्य विषेषताएँ निम्न प्रकार हैं :-) की मुख्य विषेषताएँ निम्न प्रकार हैं :-) की मुख्य विषेषताएँ निम्न प्रकार हैं :-
(i) कार्यान्वयन एजेंसी ।कार्यान्वयन एजेंसी ।कार्यान्वयन एजेंसी ।कार्यान्वयन एजेंसी ।---- इस योजना में सरकारी बीमा कंपनी एग्रीकल्चर इंष्योरेन्स कंपनी ऑफ इंडिया लि॰ के साथ-साथ 10 प्राईवेट बीमा कंपनियों को भी कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में भारत सरकार द्वारा प्राधिकृत किया गया है।
(ii) बीमा इकाई ।बीमा इकाई ।बीमा इकाई ।बीमा इकाई ।- - - - इस योजना में मुख्य फसलों (धान/गेहूँ) के लिए बीमा इकाई ग्राम/ग्राम पंचायत तथा अन्य फसलों के लिए इससे बड़ी बीमा इकाई रखने का प्रावधान है। (iii) प्रीमियम एवं क्षतिपूर्ति ।प्रीमियम एवं क्षतिपूर्ति ।प्रीमियम एवं क्षतिपूर्ति ।प्रीमियम एवं क्षतिपूर्ति ।---- इस योजना में किसानों की प्रीमियम राषि खरीफ मौसम में खाद्यानों दलहन एवं तेलहन फसलों के लिए 2%, रबी मौसम में खाद्यान्न, दलहन एवं तेलहन फसलों के लिए 1.5% तथा वार्षिक Commercial /Horticultural फसलों के लिए 5% निर्धारित की गई है। साथ ही किसानों के अंषदान के पष्चात् शेष प्रीमियम राषि राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा बराबर-बराबर बीमा कंपनी को भुगतेय होगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दिषा-निदेष के अनुसार यथा अपेक्षित क्षतिपूर्ति राषि बीमा कंपनियों द्वारा दिया जाएगा। क्षतिपूर्ति का निर्धारण बीमा इकाईवार फसल कटनी प्रयोग के आधार पर किया जायेगा। (iv) बीमा आच्छादन ।बीमा आच्छादन ।बीमा आच्छादन ।बीमा आच्छादन ।----इस योजना में ऋणी किसानों का बीमा अनिवार्य तथा गैर - ऋणी किसानों का बीमा स्वैच्छिक होगा। साथ ही बटाईदार एवं tenant दोनों किसान भी बीमा आच्छादन हेतु योग्य होगें, परन्तु इन्हें एतद् संबंधी एकरारनामा अथवा राज्य सरकार द्वारा अनुमान्य अभिलेख संलग्न करना अनिवार्य होगा।
(v) जोखिम आच्छादन ।जोखिम आच्छादन ।जोखिम आच्छादन ।जोखिम आच्छादन ।----
(क)(क)(क)(क) Prevented sowing/Planting Risk :- यदि बीमित क्षेत्रफल में विपरीत मौसम के कारण 75% से अधिक क्षेत्र में बुआई संभव नही हो तो बीमित राषि के 25% की अधिसीमा तक क्षतिपूर्ति भुगतान अनुमान्य होगा एवं पॉलिसी समाप्त मानी जायेगी। (ख)(ख)(ख)(ख) खड़ी फसल हेतु :-खड़ी फसल हेतु :-खड़ी फसल हेतु :-खड़ी फसल हेतु :- इस योजना में खड़ी फसल हेतु बुआई से कटनी तक जोखिम आच्छादित रहेगा। इसके अन्तर्गत Drought, Dry spells, Flood, Inundation, Pests and Diseases, Landslides, Natural Fire and Lightening, Storm, Hailstrom, Cyclone, Typhoon, Tempest, Hurricane and Tornado इत्यादि से फसल क्षति होने पर विस्तृत जोखिम बीमा का प्रावधान है। (ग)(ग)(ग)(ग) Post-Hasrvest Losses:- इसके साथ-साथ फसल कटनी के पष्चात् खेत में सूखने हेतु रखी फसल के लिए कटनी से 14 दिनों तक जोखिम आच्छादन का प्रावधान है।
(घ)(घ)(घ)(घ) Localized Calamities:- इसके अन्तर्गत स्थानीय ओलावृष्टि, landslide एवं inundation के कारण बीमित क्षेत्र के 25% से अधिक क्षेत्र में क्षति होने की स्थिति में भी क्षतिपूर्ति अनुमान्य होगा।
इसके अतिरिक्त यदि वास्तविक उपज थ्रेसहोल्ड उपज के 50% से कम होने की संभावना निष्चित हो तो राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना निर्गत करते हुए बीमित किसानों को तत्काल 25% तक की अधिसीमा में क्षतिपूर्ति अनुमान्य हो सकता है जो फसल कटनी प्रयोग पर आधारित अंतिम अनुमान्य क्षतिपूर्ति के विरूद्ध समायोजन योग्य होगा एवं इसका आंकलन एवं निर्णय Proxy Indicator के आधार पर किया जायेगा।
(vi) बीमित राषि एवं बीमित राषि एवं बीमित राषि एवं बीमित राषि एवं Indemnity ।।।।- - - - इस योजना में ऋणी एवं गैर-़ऋणी दोनों किसानों के लिए समान बीमित राषि होगी तथा जिलावार फसल के लिए निर्धारित Scale of Finance के आधार पर बीमित राषि का निर्धारण होगा। कम जोखिम वाले जिलों में 90%, साधारण जोखिम वाले जिलों में 80% तथा ज्यादा जोखिम वाले जिलों में 70% Indemnity का प्रावधान नयी फसल बीमा योजना में किया गया है।
(vii) Clubbing of Districts एवं वास्तविक प्रीमियम दर का निधएवं वास्तविक प्रीमियम दर का निधएवं वास्तविक प्रीमियम दर का निधएवं वास्तविक प्रीमियम दर का निर्धारण तथा बीमा कार्य कार् ारण तथा बीमा कार्य कार् ारण तथा बीमा कार्य कार् ारण तथा बीमा कार्य का आवंटन ।आवंटन ।आवंटन ।आवंटन ।- - - - इस योजना में राज्य सरकार द्वारा निविदा के पूर्व अलग-अलग जिलों के risk profile के आलोक में 15-20 जिलों का एक समूह तैयार किया जायेगा एवं एक समूह के सभी जिलों के लिए सभी बीमा कंपनी से जिलावार एवं फसलवार कोटेषन प्राप्त कर weighted प्रीमियम के आधार पर कंपनी का चयन एवं उक्त चयनित कंपनी को एक समूह के जिलों का बीमा कार्य आवंटित किया जायेगा।3 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 20 अ(cid:27)तूबर 2016 (viii) रररराज्य सरकार का नोडल विाज्य सरकार का नोडल विाज्य सरकार का नोडल विाज्य सरकार का नोडल विभाग ।भाग ।भाग ।भाग ।- - - - पूर्व से फसल बीमा योजना हेतु राज्य सरकार का नोडल विभाग PMFBY में भी नोडल विभाग अनुमान्य होगा। नयी योजना के कार्यान्वयन हेतु पूर्व योजना हेतु गठित राज्य स्तरीय समन्वय समिति (SLCC) ही अनुमान्य होगी। उल्लेखनीय है कि पूर्व से सहकारिता विभाग फसल बीमा योजना के कार्यान्वयन हेतु नोडल विभाग घोषित है, जो नई योजनाओं के लिए भी नोडल विभाग होगा।
(ix) फसल कटनी प्रयोग ।फसल कटनी प्रयोग ।फसल कटनी प्रयोग ।फसल कटनी प्रयोग ।- - - - इस योजना में प्रत्येक पंचायत में न्यूतनम 04 तथा प्रत्येक प्रखंड में न्यूनतम 16 फसल कटनी प्रयोग अपेक्षित है। इस प्रकार मुख्य फसलों के लिए पंचायत स्तर पर फसल कटनी प्रयोग अर्थ एवं सांख्यिकी निदेषालय द्वारा किया जाना अपेक्षित होगा। फसल कटनी प्रयोग में नयी तकनीक के समावेष के तहत् स्मार्ट फोन का प्रयोग अनिवार्य होगा। (x) ऋण वितरण एवं बीमा अवधि ।ऋण वितरण एवं बीमा अवधि ।ऋण वितरण एवं बीमा अवधि ।ऋण वितरण एवं बीमा अवधि ।---- इस योजना में ऋणी और गैर-ऋणी दोनों किसानों के लिए बीमा अवधि खरीफ मौसम हेतु 31 जुलाई एवं रबी मौसम हेतु 31 दिसम्बर निर्धारित है, जो भारत सरकार के राज्यवार, फसलवार Crop Calendar में निर्धारित विभिन्न तिथियों के आलोक में राज्य स्तरीय समन्वय समिति (SLCC) द्वारा निर्धारित हो सकेगा।
3. Unified package Insurance scheme (UPIS) में निम्न 7 (सात) में निम्न 7 (सात) में निम्न 7 (सात) में निम्न 7 (सात) Sections है :-है :-है :-है :-
(i) फसल बीमा (ii) व्यक्तिगत दुर्धटना बीमा (iii) जीवन बीमा (प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना) (iv) आग एवं इससे सम्बद्ध जोखिम (v) कृषि पम्प सेट बीमा (vi) छात्र सुरक्षा बीमा (vii) कृषि ट्रेक्टर बीमा।
उपर्युक्त में फसल बीमा अनिवार्य रूप से कराना है तथा शेष छः बीमाओं में से किसान द्वारा कम से कम दो Sections का बीमा अवष्य कराना है। फसल बीमा के अतिरिक्त अन्य खंड व्यक्तिगत आधारित हैं एवं इनके प्रीमियम में किसी प्रकार का अनुदान अनुमान्य नहीं है।
4. उक्त योजनाओं के कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु फसल बीमा योजना के लिए पूर्व से गठित राज्य स्तरीय समन्वय समिति (SLCC) को निम्न प्रकार से पुनर्गठित किया गया है :-
(i) विकास आयुक्त, बिहार - अध्यक्ष (ii) प्रधान सचिव, वित्त विभाग, बिहार, पटना - सदस्य (iii) प्रधान सचिव, योजना एवं विकास विभाग, बिहार, पटना - सदस्य (iv) प्रधान सचिव, कृषि विभाग, बिहार, पटना - सदस्य (v) प्रधान सचिव, सहकारिता विभाग, बिहार, पटना - सदस्य (vi) निदेषक, अर्थ एवं सांख्यिकी निदेषालय, बिहार, पटना - सदस्य (vii) निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना - सदस्य (viii) निदेषक, भारत मौसम विज्ञान केन्द, अनिसाबाद, पटना - सदस्य (ix) निदेषक, बिहार रिमोट संेंसिंग केन्द्र, तारामंडल, पटना - सदस्य (x) निदेषक, बागवानी निदेषालय, बिहार, पटना - सदस्य (xi) संयुक्त सचिव, कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली - सदस्य (xii) मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, बिहार, पटना - सदस्य (xiii) मुख्य महाप्रबंधक, रिजर्ब बैंक ऑफ इंडिया, पटना - सदस्य (xiv) प्रबंध निदेषक, बिहार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक, लि॰, पटना - सदस्य (xv) संयोजक राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, बिहार, पटना - सदस्य उक्त पुनर्गठित राज्य स्तरीय समन्वय समिति प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) हेतु भारत सरकार के द्वारा निर्गत योजना दिषा-निदेष के आलोक में यथा अपेक्षित एवं आवष्यक निर्णय ले सकेगी।
5. राज्य स्तरीय समन्वय समिति की तरह उक्त फसल बीमा योजनाओं के सुचारू रूप से कार्यान्वयन हेतु जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति का गठन निम्न प्रकार से किया गया है :- (i) जिला पदाधिकारी - अध्यक्ष (ii) जिला सहकारिता पदाधिकारी - सदस्य सचिव (iii) अपर समाहर्ता - सदस्य (iv) जिला कृषि पदाधिकारी - सदस्य (v) जिला सांख्यिकी पदाधिकारी - सदस्य (vi) डी॰डी॰एम॰, नाबार्ड - सदस्य4 ॢबह(cid:5)र गजट (cid:10)[स(cid:5)ध(cid:5)रण(cid:15)(cid:16) 20 अ(cid:27)तूबर 2016 (vii) प्रबंध निदेषक, केन्द्रीय सहकारी बैंक, लि॰ - सदस्य (viii) लीड बैंक प्रबंधक - सदस्य (ix) जिला पंचायती राज पदाधिकारी - सदस्य (x) वरीय उप समाहर्ता (बैंकिंग) - सदस्य जिला पदाधिकारी की अनुपस्थिति में अपर समाहर्ता द्वारा समिति की अध्यक्षता की जाएगी। उक्त जिला अनुश्रवण समिति के द्वारा योजना के दिषा-निदेष के आलोक में यथा अपेक्षित कार्रवाईयाँ की जाएगी।
6. इस योजना के लिए मुख्य फसलों के लिए पंचायत स्तर पर फसल कटनी प्रयोग सम्पन्न करते हुए एतद् संबंधी आँकड़ा कृषि विभाग, बिहार, पटना के सहयोग से अर्थ एवं सांख्यिकी निदेषालय, बिहार, पटना द्वारा संबंधित बीमा कंपनी एवं सहकारिता विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा।
7. इस योजना का कार्यान्वयन भारत सरकार द्वारा प्रचारित दिषा-निदेष के अनुरूप किया जाएगा। 8. यह संकल्प दिनांक 01.04.2016 से राज्य में प्रभावी समझा जायेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अमृत लाल मीणा,अमृत लाल मीणा,अमृत लाल मीणा,अमृत लाल मीणा, सरकार के प्रधान सचिव।
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