(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40
ॢबह(cid:4)र गजट
ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत 11 का(cid:1)त(cid:21)क 1938 (श0) सं(cid:8)या 44 पटना, बुधवार, ———————— 2 नव!बर 2016 (ई0) $वषय-सूची पृ)ठ भाग-1—(cid:1)नयुि.त, पद0थापन, बदल(cid:15), शि.त, छु 4ी और अ7य 8यि.तगत सूचनाएं। 2-6 भाग-1-क—0वयंसेवक गु<म> के समादे)टाओं के आदेश।
---
भाग-1-ख—मैC(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Gाओं के पर(cid:15)Gा-फल, काय(cid:21)Iम, छाJवृिKत Lदान, आMद।
---
भाग-1-ग—NशGा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Gाफल आMद ---
भाग-2—Oबहार-राQयपाल और काया(cid:21)RयG> Sवारा (cid:1)नकाले गये $व(cid:1)नयम, आदेश, अTधसूचनाएं और (cid:1)नयम आMद। 7-7 भाग-3—भारत सरकार, पिUचम बंगाल सरकार और उWच 7यायालय के आदेश, अTधसूचनाएं और (cid:1)नयम, 'भारत गजट' और राQय गजट> के उZरण। ---
भाग-4—Oबहार अTध(cid:1)नयम ---
पृ)ठ भाग-5—Oबहार $वधान मंडल म] पुर:0था$पत $वधेयक, उ.त $वधान मंडल म] उप0था$पत या उप0था$पत _कये जानेवाले Lवर सNम(cid:1)तय> के L(cid:1)तवेदन और उ.त $वधान मंडल म] पुर:0थापन के पूव(cid:21) LकाNशत $वधेयक। ---
भाग-7—संसद के अTध(cid:1)नयम िजनपर रा)Cप(cid:1)त कa Qये)ठ अनुम(cid:1)त Nमल चुकa है। ---
भाग-8—भारत कa संसद म] पुर:0था$पत $वधेयक, संसद म] उप0था$पत Lवर सNम(cid:1)तय> के L(cid:1)तवेदन और संसद म] उप0था$पत Lवर सNम(cid:1)तय> के L(cid:1)तवेदन और संसद म] पुर:0थापन के पूव(cid:21) LकाNशत $वधेयक। ---
भाग-9—$वbापन
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भाग-9-क—वन $वभाग कa नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—(cid:1)न$वदा सूचनाएं, पcरवहन सूचनाएं, 7यायालय सूचनाएं और सव(cid:21)साधारण सूचनाएं इKयाMद। 8-8
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पूरक
पूरक-क 9-272 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016
भ(cid:2)ग(cid:4)1
०नय१ॢफ(cid:12) पद(cid:16)थ(cid:2)पन(cid:12) बदल(cid:20)(cid:12) शॢफ(cid:12) छ१Ñट(cid:20) jर [(cid:28)य व(cid:30)यॢफक स३चन(cid:2)e $
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समाज कल्याण विभागसमाज कल्याण विभागसमाज कल्याण विभागसमाज कल्याण विभाग ——— अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 17 अक्तूबर 2016
सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ स0क0स्था0-01-क्षे0-62/15 (खंड)-स0क0स्था0-01-क्षे0-62/15 (खंड)-स0क0स्था0-01-क्षे0-62/15 (खंड)-स0क0स्था0-01-क्षे0-62/15 (खंड)-4390439043904390—कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग, बिहार, पटना के परिपत्र संख्या-467 दिनांक 16.12.98 में राज्य सरकार के पदाधिकारी के सेवा में प्रवेश के बाद परिवीक्षा अवधि के सफल समाप्ति कि उपरांत सेवा संपुष्टि हेतु मापदंड निरूपित किये गये हैं जिसमें यह उल्लेखित है कि ''सेवा सम्पुष्टि के मामले में पदाधिकारी के क्षेत्रों में विभागीय परीक्षा में सफल होने में अगर देर लग जाती है तो जिस दिन ये विभागीय परीक्षा में सफल हो जाते हैं उस दिन से सेवा सम्पुष्टि की जायेगी बशर्ते कि दो वर्ष अवधि की सेवा करने के बारे में कोई प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोप नहीं हो''।
बिहार बाल विकास सेवा नियमावली, 2015 विभागीय अधिसूचना संख्या-3639 दिनांक 22.08.2015 के द्वारा गठित एवं अस्तित्व में है। इस नियमावली के अध्याय 3 नियम 9 में परिवीक्ष्यमान रूप से नियुक्त व्यक्ति के परिवीक्षा अवधि समाप्त होने के पश्चात् सेवा सम्पुष्टि के संबंध में प्रावधान विहित किया गया है। इस नियमावली के अस्तित्व में आने के पूर्व विभागीय पत्रांक-3287 दिनांक 28.07.2005 द्वारा सेवा सम्पुष्टि हेतु चार सप्ताह का कोषागार प्रशिक्षण प्रमाण पत्र तथा हिन्दी टिप्पण एवं प्रारूपण परीक्षा उाीर्णता प्रमाण पत्र के आलोक में सेवा सम्पुष्टि किया जाना था। बिहार बाल विकास सेवा नियमावली, 2015 के आलोक में वांिछत विभागीय परीक्षा का आयोजन अब तक नहीं हो सका है। सेवा संपुष्टि हेतु पूर्व निर्धारित प्रावधान तथा नियमावली दिनांक 22.08.2015 में निरूपित प्रावधान के आलोक में सामान्य प्रशासन विभाग का अभिमत संचिका संख्यः-स0क0स्था0 10-28/2008 में दिनांक 04.08.2016 को प्राप्त किया गया जिसके अनुसार दिनांक 22.08.2015 के पूर्व अर्हता प्राप्त पदाधिकारियों को पूर्व के प्रावधान के आलोक में सेवा संपुष्टि करने का परामर्श दिया गया है।
उपरोक्त तथ्यों के आलोक में सम्प्रति निम्नांकित बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों की सेवा सम्पुष्टि उनके नाम
| क्रं0क्रं0क्रं0क्रं0 | बा0वि0परि0पदा0 का नाम बा0वि0परि0पदा0 का नाम जिनसे प्राप्त | नियुक्ति का वर्ष, नियुक्ति का वर्ष, बैच/नियुक्ति की बैच/नियुक्ति की तिथि | सेवा संपुष्टि हेतु बा0वि0परि0पदा0 से सेवा संपुष्टि हेतु बा0वि0परि0पदा0 से सेवा संपुष्टि हेतु बा0वि0परि0पदा0 से सेवा संपुष्टि हेतु बा0वि0परि0पदा0 से प्राप्त कागजात | सेवा संपुष्टि की सेवा संपुष्टि की तिथि | |
| कोषागार प्रशिक्षण कोषागार प्रशिक्षण कोषागार कोषागार प्रशिक्षण प्रशिक्षण की तिथि | हिन्दी टिप्पण हिन्दी टिप्पण प्रारूपण उत्तीर्णता की प्रारूपण उत्तीर्णता की प्रारूपण उत्तीर्णता की प्रारूपण उत्तीर्णता की तिथि | ||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| 1 | श्रीमती रीमा कुमारी, नानपुर, सीतामढ़ी | 07.03.2008 | 02.5.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 2 | श्रीमती कुमारी पूजा, हरलाखी, मधुबनी | 07.03.2008 | 02.06.2008 | 18.06.2010 | 18.06.2010 |
| 3 | श्रीमती निर्मला दास, उजियारपुर/समस्तीपुर | 07.03.2008 | 24.5.2008 | 30.7.2009 | 07.03.2010 |
| 4 | सुश्री अंजना कुमारी-II पदस्थापन की प्रतीक्षा में | 07.03.2008 | 2.05.2008 | 30.7.2009 | 07.03.2010 |
| 5 | श्रीमती स्वाती एकंगरसराय/नालन्दा | 07.03.2008 | 13.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 6 | श्रीमती गुंजना कुमारी बाजपट्टी/सीतामढ़ी | 07.03.2008 | 05.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 7 | श्रीमती श्वेता कुमारी बेल्दौर/खगड़िया | 07.03.2008 | 09.05.2008 | 30.7.2009 | 07.03.2010 |
| 8 | श्रीमती मधु प्रियदर्शिनी गोगरी/खगड़िया | 07.03.2008 | 02.06.2008 | 30.7.2009 | 07.03.2010 |
| 9 | श्रीमती गुंजन मौली मानसी/खगड़िया | 07.03.2008 | 26.05.2008 | 30.7.2009 | 07.03.2010 |
| 10 | श्रीमती तनुजा साहा अलौली/खगड़िया | 30.09.2008 | 26.03.2009 | 18.6.2010 | 30.09.2010 |
| 11 | श्रीमती रजनी कुमारी-II संझौली, रोहतास | 07.03.2008 | 21.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 12 | श्रीमती श्वेता कुमारी-I भगवानपुर/कैमूर | 07.03.2008 | 18.6.2008 | 30.7.2009 | 07.03.2010 |
| 13 | श्रीमती मीरा कुमारी-iv कुदरा/कैमूर | 07.03.2008 | 06.5.2008 | 30.7.2009 | 07.03.2010 |
| 14 | श्रीमती आभा कुमारी-II भभुआ | 07.03.2008 | 17.05.2008 | 18.6.2010 | 18.06.2010 |
| 15 | श्रीमती स्नेहा सिन्हा, गया ग्रामीण/गया | 07.03.2008 | 2.5.2008 | 10.7.2015 | 10.07.2015 |
| 16 | श्रीमती सविता कुमारी पटेढ़ी बेलसर/वैशाली | 07.03.2008 | 10.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 17 | श्रीमती मनीषा रानी भगवानपुर/वैशाली | 07.03.2008 | 16.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 18 | श्रीमती मंजरी नाथ चेहराकलां/वैशाली | 07.03.2008 | 22.05.2008 | 11.6.2012 | 11.06.2012 |
| 19 | श्रीमती अर्चना कुमारी महुआ/वैशाली | 07.03.2008 | 08.05.2008 | 18.10.2011 | 18.10.2011 |
| 20 | श्रीमती तृप्ति सिन्हा वैशाली/वैशाली | 07.03.2008 | 17.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 21 | श्रीमती ओनम हाजीपुर सदर/वैशाली | 07.03.2008 | 22.10.2008 | 18.10.2011 | 18.10.2011 |
| 22 | कुमारी मुक्ता गिद्धौर/जमुई | 07.03.2008 | 08.5.2008 | 30.7.2009 | 07.03.2010 |
| 23 | सुश्री किरणबाला दिवाकर हरनौत/नालन्दा | 07.03.2008 | 08.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 24 | श्रीमती रजनी गुप्ता पूर्णियॉ ग्रामीण/सम्प्रति डगरूआ/पूर्णियॉ | 07.03.2008 | 10.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 25 | रेणु कुमारी-iv नूरसराय/नालन्दा | 07.03.2008 | 02.5.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 26 | श्रीमती एम0एम0 हाशमी बा0वि0परि0 पदा0-सह-सांख्यिकी पदा0 आई0सी0डी0एस0 | 07.03.2008 | 13.06.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 27 | श्रीमती जयश्री दास पुरैनी/मधेपुरा | 07.03.2008 | 28.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 28 | कुमारी आशा सिंह सहदेई बुजुर्ग/वैशाली | 07.03.2008 | 09.05.2008 | 18.06.2010 | 18.06.2010 |
| 29 | श्रीमती रश्मि रमण बाराहाट/बाँका | 07.03.2008 | 06.06.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 30 | श्रीमती पुतुल कुमारी अमरपुर/बांका | 07.03.2008 | 09.05.2008 | 24.02.2011 | 24.02.2011 |
| 31 | श्रीमती सुनीता कुमारी-v फुल्लीडुमर/बांका | 07.03.2008 | 10.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 32 | श्रीमती पिंकी कुढ़नी/मुजफ्फरपुर | 05.01.2012 | 02.08.2014 | 22.02.2013 | 02.08.2014 |
| 33 | श्रीमती अलका कुमारी राजापाकर/वैशाली | 07.03.2008 | 04.06.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 34 | श्रीमती पूनम कुमारी-II बिक्रम/पटना | 07.03.2008 | 23.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 35 | कुमारी दीपमाला अस्थावाँ/नालन्दा | 07.03.2008 | 29.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 36 | श्रीमती शबनम दानापुरी मुशहरी सदर/मुजफ्फरपुर | 07.03.2008 | 02.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 37 | श्रीमती राजलक्ष्मी कुमारी, देसरी, वैशाली। | 17.03.2008 | 27.01.2010 | 30.07.2009 | 17.03.2010 |
| 38 | पुष्पा कुमारी, इमामगंज, गया | 30.09.2008 | 30.12.2008 | 18.06.2010 | 30.09.2010 |
| 39 | अंजु कुमारी-II टनकुप्पा/गया | 07.03.2008 | 13.06.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 40 | संगीता कुमारी-VII काँटी/मुजफ्फरपुर | 07.03.2008 | 11.02.2011 | 18.06.2010 | 11.02.2011 |
| 41 | बसु श्री, पारू/मुजफ्फरपुर | 07.03.2008 | 08.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 42 | श्रीमती रीता कुमारी-I लखीसराय सदर/लखीसराय | 07.03.2008 | 22.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 43 | श्रीमती रंजना कुमारी चकिया/पू0 चम्पारण | 30.09.2008 | 18.12.2008 | 24.02.2011 | 24.02.2011 |
| 44 | श्रीमती रीता कुमारी पताही/पू0 चम्पारण | 07.03.2008 | 06.06.2008 | 18.08.2009 | 07.03.2010 |
| 45 | कुमारी रीना सिंह फेनहारा/पू0 चम्पारण | 07.03.2008 | 09.05.2008 | 22.02.2013 | 22.02.2013 |
| 46 | श्रीमती रंजना कुमारी-V बंजरिया/पू0 चम्पारण | 07.03.2008 | 08.05.2008 | 18.06.2010 | 18.06.2010 |
| 47 | श्रीमती कंचनमाला नवादा सदर/नवादा | 30.09.2008 | 02.01.2009 | 18.06.2010 | 30.09.2010 |
| 48 | र जना सिन्हा ं अकबरपुर/नवादा | 05.01.2012 | 16.07.2015 | 10.01.2014 | 16.07.2015 |
| 49 | रूपम रानी ह0खड़गपुर/मुंगेर | 07.03.2008 | 12.07.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 50 | प्रीति कुमारी बरौनी/बेगूसराय | 07.03.2008 | 18.06.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 51 | श्रीमती किरण कुमारी चकाई/जमुई | 07.03.2008 | 09.05.2008 | 18.06.2010 | 18.06.2010 |
| 52 | वीनू कुमारी तेघड़ा/बेगूसराय | 07.03.2008 | 06.06.2008 | 18.08.2007 | 07.03.2010 |
| 53 | अनिता कुमारी-III डण्डारी/बेगूसराय | 07.03.2008 | 03.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 54 | उर्वशी कुमारी बछवाड़ा/बेगूसराय | 07.03.2008 | 06.06.2008 | 18.08.2009 | 07.03.2010 |
| 55 | प्रियदर्शनी कुमारी खोदावन्तपुर/बेगूसराय | 07.03.2008 | 10.06.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 56 | सीमा गुप्ता आन्दर/सीवान | 07.03.2008 | 03.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 57 | मधुलता बड़हरिया/सिवान | 07.03.2008 | 09.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 58 | श्रीमती शशि कुमारी-II जीरादेई/सिवान सदर | 07.03.2008 | 22.05.2008 | 18.06.2010 | 18.06.2010 |
| 59 | शबीना अहमद बगहा-2/प0 चम्पारण | 07.03.2008 | 06.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 60 | श्रीमती प्रीति पटेल लालगंज/वैशाली | 07.03.2008 | 02.06.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 61 | पूनम कुमारी-I गौराबौड़ाम/दरभंगा | 11.10.2000 | 24.12.2005 | 30.12.2002 | 24.12.2005 |
| 62 | कुमारी उर्वशी जहानाबाद ग्रामीण | 07.03.2008 | 09.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 63 | कविता कुमारी-III लेखा पदा0/आई0सी0डी0एस0 | 07.03.2008 | 19.05.2008 | 18.06.2010 | 18.06.2010 |
| 64 | श्रीमती गीता कुमारी-III बेलसड/सीतामढ़ी | 07.03.2008 | 09.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 65 | उषा किरण बनमनखी/पूर्णियाँ | 28.09.2011 | 17.04.2014 | 22.02.2013 | 17.04.2014 |
| 66 | कुमारी अर्चना गौनाहा, प0 चम्पारण | 07.03.2008 | 10.05.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 67 | कुमारी वर्तिका सुमन, मोहिउद्दीनगर/समस्तीपुर | 07.03.2008 | 14.05.2008 | 24.02.2011 | 24.02.2011 |
| 68 | श्रीमती ममता कुमारी , हलसी/लखीसराय | 07.03.2008 | 22.07.2008 | 30.07.2009 | 07.03.2010 |
| 69 | श्रीमती नीता नारायण, परसौनी, सीतामढ़ी | 11.10.2000 | 10.05.2010 | 07.08.2007 | 10.05.2010 |
| 70 | श्रीमती जीनत यासमीन, तिलौथू/रोहतास | 07.03.2008 | 01.7.2008 | 18.6.2010 | 18.06.2010 |
| 71 | श्रीमती अर्चना कुमारी, साहेबगंज/मुजफ्फरपुर | 30.09.2008 | 30.12.2008 | 24.02.2011 | 24.02.2011 |
आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, (ह॰) अस्पष्ट, (ह॰) अस्पष्ट, (ह॰) अस्पष्ट, संयुक्त सचिवसंयुक्त सचिवसंयुक्त सचिवसंयुक्त सचिव।
—————
[ध&¡क(cid:12) स०चव(cid:2)लय म१)ण(cid:2)लय(cid:12)
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ॢबह(cid:2)र गजट(cid:12) 33-571+10(cid:4)ड&4ट(cid:20)4प&4?
Website: http://egazette.bih.nic.in
7 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016भ(cid:2)ग(cid:4)2
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——————— निर्वाचननिर्वाचननिर्वाचननिर्वाचन विभागविभागविभागविभाग ——— (शुद्धि-(शुद्धि-(शुद्धि-(शुद्धि-पत्र)पत्र)पत्र)पत्र) 24 अक्तूबर 2016
सं॰ ई2-1-33/2006-3987—निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना सं0 50 -सह-पठित ज्ञापांक 9444 दिनांक 22.12.2015 (जिसके द्वारा श्री प्रदीप कुमार पाण्डेय, तत्कालीन उप निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना को दिनांक 27.07.2015 को स्वैच्छिक सेवानिवृति के फलस्वरूप दिनांक 06.05.2015 से 27.07.2015 तक के उपार्जित अवकाष की स्वीकृति दी गयी है) में अंकित '82 दिनों क'82 दिनों क'82 दिनों क'82 दिनों का उपार्जित ा उपार्जित ा उपार्जित ा उपार्जित '83 दिनों का उपार्जित अवकाष' पढ़ा जाये। अवकाष'अवकाष'अवकाष'अवकाष' के स्थान पर '83 दिनों का उपार्जित अवकाष' '83 दिनों का उपार्जित अवकाष' '83 दिनों का उपार्जित अवकाष'
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, सोहन कुमार ठाकुर, संयुक्त सचिव-सह-संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार।
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8 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016भाग-9(ख)
और सव(cid:21)साधारण सूचनाएं इKयाMद।
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सूचना ——
No. 1231—I, TATHAGAT S/o Pramod Kumar Pandey R/o Anand Niwas Kanti Verma Path Near Dr.B. Bhattacharya Clinic West patel Nagar Patna 800023 Bihar Declare Vide Affidavit no-9829 Dated 06-06-2016 That now Onwards I shall be known as Tathagat Pandey.
TATHAGAT.
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9 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016ॢबह(cid:4)र गजट
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निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ——— अधिसूचनाएं अधिसूचनाएं अधिसूचनाएं अधिसूचनाएं 11 अप्रील 201611 अप्रील 201611 अप्रील 201611 अप्रील 2016
सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-10/2014-1862—श्री अष्विनी कुमार, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, मुंगेर सम्प्रति अधीक्षक उत्पाद, अररिया को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9 (1) (ग), (2) (क) में निहित प्रावधानों के अंतर्गत न्यायिक हिरासत में जाने की तिथि 26.11.2015 के प्रभाव से विभागीय अधिसूचना सं0-5291 दिनांक 17.12.2015 द्वारा निलंबित किया गया है। न्यायायिक हिरासत से रिहा होने के फलस्वरूप दिनांक 14.03.2016 को विभाग में योगदान किया गया है। उक्त के आलोक में श्री कुमार को निलम्बन से मुक्त करते हुए मुख्यालय में पदस्थापन हेतु प्रतीक्षारत मानते हुए योगदान करने की तिथि से योगदान स्वीकृत किया जाता है।
4. इसमें सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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18 जुलाई 201618 जुलाई 201618 जुलाई 201618 जुलाई 2016
सं॰ 8/आ0(राज0नि0)-1-03/2016-3342—श्रीमती पूजा भारती, अवर निबंधक, षिकारपुर, वेतिया के विरूद्ध अनुषासनहीनता, कार्यालय से अनुपस्थित रहना एवं अन्य आरोपों पर विभागीय कार्यवाही संचालित है। कार्यालय में इनकी उपस्थिति की जॉच हेतु दिनांक 15.06.2016 से 30.06.2016 तक कार्यालय अवधि में इनके दूरभाष संख्या-06253-244163 पर सम्पर्क करने पर दिनांक 16.06.2016 को छोड़कर अन्य किसी दिवस में दूरभाष नहीं उठाया गया। पुनः दिनांक 01.07.2016 को प्रातः 10.00 बजे दूरभाष की घंटी बजती रही परन्तु दूरभाष नहीं उठाया गया। मोबाईल पर अपनी उपस्थिति के संबंध में भ्रामक सूचनार्थ दी जाती है। इससे स्पष्ट होता है कि वे कार्यालय से अनधिकृत अनुपस्थित रहती है। अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण उन्हें बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम -9 (1)(क) के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
2. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 10 के अधीन निलम्बन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
3. निलम्बन अवधि में इनका मुख्यालय सहायक निबंधन महानिरीक्षक का कार्यालय, तिरहुत प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर निर्धारित किया जाता है।
4. इसमें सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।10 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016
28 जून 201628 जून 201628 जून 201628 जून 2016
सं॰ 9/आरोप (राज0) (उ0)-02-02/2012-3038—श्री अष्विनी कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, उत्पाद, नवादा सम्प्रति (मुख्यालय) के विरूद्ध विदेषी शराब/बीयर के न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा में उठाव नहीं होने से राजस्व की अपूरणीय क्षति, अनुज्ञप्तिधारी से मिली भगत कर निजी लाभ उठाना एवं कत्र्तव्य में षिथिलता एवं उच्चाधिकारी के निदेषों की अवहेलना आदि आरोप में विभागीय संकल्प संख्या-2498 दिनांक 22.05.2012 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। 2. विभागीय जॉच आयुक्त, बिहार, पटना ने अपने ज्ञापांक-271 दिनांक 18.05.2015 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया है, जिसमें आरोप संख्या-01,02 एवं 03 को पूर्णतया प्रमाणित बतलाया गया। 3. संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 3 के अंतर्गत विभागीय पत्रांक-2500 दिनांक 29.05.2015 द्वारा श्री कुमार से द्वितीय बचाव बयान की मांग की गयी।
4. पत्रांक-711 दिनांक 15.07.2015 द्वारा श्री कुमार द्वारा अपना द्वितीय बचाव बयान सपर्पित करने हेतु तथ्यों एवं सटिक आकडे़ प्राप्त करने के लिए दो माह के समय की माँग की गई। विभागीय पत्रांक 3719 दिनांक 12.08.2015 द्वारा एक सप्ताह का समय निर्धारित करते हुए स्मारित किया गया, इसके बावजूद उनसे स्पष्टीकरण अप्राप्त रहा है। 5. इसके अतिरिक्त इनके विरूद्ध अधीक्षक उत्पाद कार्यालय, मुंगेर में फर्जी चालान के माध्यम से सरकारी राजस्व की हुई क्षति के लिये विभागीय संकल्प संख्या-335 दिनांक 19.01.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी है, जो विभागीय जॉच आयुक्त के स्तर पर विचाराधीन है। उक्त मामले में उन्हें आर्थिक अपराध इकाई द्वारा गिरफ्तार भी किया गया था तथा इन्हें न्यायिक हिरासत में रखा गया था। इनके कार्यो की समीक्षा से स्पष्ट होता है कि ये सरकारी कार्यो में नियमो के विरूद्ध कार्य करने हेतु आदतन प्रवृत्त रहे है। इनका आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 में परिभाषित कार्यो के प्रतिकूल रहा है।
6. ऐसी स्थिति में ऐसे सरकारी सेवक को सरकारी सेवा में बनाये रखने की आवष्यकता नही है। अतएव श्री कुमार को वृहद दण्ड के रूप में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा संषोधित 2007 के नियम 14 (Xi) के अंतर्गत सेवा से वर्खास्त करने का निर्णय लिया गया।
7. विभागीय पत्रांक-1006 दिनांक 24.02.2016 द्वारा श्री अष्विनी कुमार, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, नवादा को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा संषोधित के नियम 14 (Xi) के अंतर्गत सेवा से बर्खास्त करने हेतु बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष/अभिमत की मांग की गयी।
8. बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-560 दिनांक 20.05.2016 द्वारा उक्त प्रस्ताव के विचारार्थ दिनांक 13.
04.2016 को सम्पन्न आयोग की पूर्ण पीठ की बैठक में सम्यक विचारोपरांत आयोग द्वारा विभागीय दण्ड प्रस्ताव में सहमति व्यक्त की गयी है।
9. अतएव पूर्ण विचारोपरांत राज्य सरकार के निर्णयानुसार श्री अष्विनी कुमार, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, नवादा सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में (मुख्यालय) को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा संषोधित के नियम 14 (Xi) के अंतर्गत सेवा से बर्खास्त किया जाता है।
10. इसमे सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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12 अगस्त 201612 अगस्त 201612 अगस्त 201612 अगस्त 2016
सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-02-20/2013-3865—श्री सुधीर कुमार झा, सम्प्रति अधीक्षक उत्पाद, कैमूर (तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद) के विरुद्ध कतिपय आरोपों के चलते 02 विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई, आरोप निम्नलिखित हैं :-
क- औरंगाबाद जिले में अधीक्षक उत्पाद के पद पर रहते हुए वर्ष 2013-14 के दौरान ` 24,51,000 (` चौबीस लाख इकावन हजार) की राशि गबन होने में इनकी भूमिका।
ख- बतौर अधीक्षक उत्पाद औरंगाबाद, अपने कार्यालय में टेबुल पर पैर रखकर सोते हुए पाये जाना। ग- अधीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद के रूप में पदस्थापित रहते हुए 2015 के विधानसभा चुनाव में कर्त्तव्यहीनता। उपरोक्त तीनों आरोपों पर विभागीय कार्यवाही संचालित की गई एवं आरोपी पदाधिकारी को अपना पक्ष रखने का समुचित अवसर दिया गया। उक्त दोनों विभागीय कार्यवाही के प्राप्त प्रतिवेदन एवं संचालन पदाधिकारी के मंतव्य के आधार पर तीनों आरोप पूर्णरूपेण प्रमाणित पाये गये हैं, जिनकी विवेचना निम्न प्रकार है :-
आरोप संख्या-1 2. श्री सुधीर कुमार झा, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद सम्प्रति अधीक्षक उत्पाद कैमूर, के विरूद्ध औरंगाबाद जिला में वर्ष-2013-14 के लिए शराब दुकानों की बन्दोबस्ती हेतु आवेदन शुल्क के रूप में प्राप्त ` 24,51,000 (` चौबीस लाख इकावन हजार) गायब हो जाने के संबंध में उपायुक्त उत्पाद पटना-सह-मगध प्रमण्डल, पटना द्वारा अपने पत्रांक-61 दिनांक-08.03.2016 द्वारा प्रतिवेदित किया है कि आवेदन शुल्क के रूप में प्राप्त राशि को कोषागार के बज्रगृह में नही रख कर देशी शराब विनिर्माणशाला/मद्य भण्डागार परिसर में रखा गया, जहॉ से दिनांक 01.03.2013 की रात्रि में उक्त राशि गायब हो गयी। यह स्पष्टतः उत्पाद पदाधिकारियों की लापरवाही का द्योतक है।11 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016 3. उपायुक्त उत्पाद पटना-सह-मगध प्रमण्डल पटना, के प्रतिवेदन से यह परिलक्षित नहीं होता है, कि किन कारणों से इतनी बडी राशि बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के कोषागार के बज्रगृह में न रखकर मद्य भण्डागार परिसर में रखी गयी। अधीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद जिला स्तर पर उत्पाद के उच्चाधिकारी थे, अतएव उनकी जबाबदेही थी कि राशि की समुचित रखरखाव की व्यवस्था की जाए। इस संबंध में समाहर्त्ता औरंगाबाद, ने आवेदन शुल्क की राशि को बज्रगृह मेें सुरक्षित रखने की व्यवस्था हेतु कोषागार पदाधिकारी औरंगाबाद को पत्र द्वारा निदेशित किया था। उक्त पत्र की कार्यालय प्रति में अधीक्षक उत्पाद के हस्ताक्षर से यह स्पष्ट है कि इस व्यवस्था की जानकारी अधीक्षक उत्पाद औरंगाबाद, को थी। फिर भी उनके द्वारा राशि को बज्रगृह में न रख कर बिना किसी सुरक्षा के अन्य परिसर में रखा गया।
4. दिनांक 01.03.2013 के रात्रि में गायब हो गयी उक्त राशि के विरूद्ध दिनांक 02.03.2013 को नगर थाना में अपने मातहत अवर निरीक्षक उत्पाद श्री राम नरेश चौधरी, पर राशि गबन का आरोप लगाकर प्राथमिक दर्ज कर देने मात्र से अधीक्षक उत्पाद केे कर्तव्य का इतिश्री नही होता है। उनके द्वारा इतने गम्भीर मामले को अपने उच्चाधिकारी एंव विभाग के संज्ञान में नही लाना भी इस पुरे प्रकरण में उनकी भूमिका को संदेहास्पद बनाता है।
5. अधीक्षक उत्पाद औरंगाबाद द्वारा कार्यालय से बाहर राशि की सुरक्षा की समुचित व्यवस्था किये बिना अन्यत्र रखकर एवं रात्रि में इसके गायब होने की सूचना अपने उच्चाधिकारी एवं विभाग में नही देकर अपने कर्तव्य के निर्वहन में लापरवाही बरती गयी है। अतः उपायुक्त उत्पाद के प्रतिवेदन पर उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी।
6. श्री झा द्वारा अपने स्पष्टीकरण में यह कहना कि अवर निरीक्षक उत्पाद श्री राम नरेश चौधरी ने मद्य भण्डागार में आवेदन, आवेदन शुल्क के साथ लेने का स्थान बनाया था, उनके द्वारा निर्गत कार्यालय आदेश के आलोक में स्वीकार योग्य नही है। कार्यालय आदेश में श्री झा, द्वारा आवेदन पत्र, आवेदन शुल्क के साथ स्वीकार करने हेतु समाहरणालय औरंगाबाद स्थित अधीक्षक उत्पाद औरंगाबाद कार्यालय का स्थान निर्धारित किया गया था। इससे स्पष्ट है कि आदेशित स्थान से अलग स्थान पर आवेदन लेने एवं आवेदन शुल्क रखने में उनकी सहमति थी, अन्यथा उसी दिन आवेदन लेने के पूर्व अवर निरीक्षक पर कार्रवाई कर सकते थे। आवेदन शुल्क की राशि कोषागार के बज्रगृह में रखने का समाहर्त्ता के स्तर से कोषागार पदाधिकारी को निर्गत पत्र जिसपर श्री झा, का हस्ताक्षर है, के संबंध में स्पष्टीकरण में कुछ नही कहा गया है। उपरोक्त परिस्थिति में श्री झा, पर समाहर्त्ता औरंगाबाद द्वारा औरंगाबाद कोषागार के बज्रगृह में आवेदन शुल्क की राशि सुरक्षित जमा रखने के स्पष्ट निर्देश का उल्लंघन करने, राशि की सुरक्षा की समुचित व्यवस्था नही करने, घटना की सूचना तुरन्त विभाग को नही देने, बंदोबस्ती आवेदन शुल्क की प्राप्त राशि को जमा करने में स्थापित नियमों की अनदेखी करने एवं आवेदन शुल्क की राशि को कोषागार के बज्रगृह में सुरक्षित न रखकर देशी शराब निर्माणशाला एवं मद्य भण्डागार परिसर में रखने के कारण राशि का गबन करने में संलिप्तता परिलक्षित होती है। अतः श्री झा, के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुये उनके विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-3576 दिनांक 05.11.2013 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
7. संचालन पदाधिकारी-सह-संयुक्त आयुक्त उत्पाद बिहार, पटना द्वारा गै0स0प्रे0सं0-593 दिनांक 30.09.1994 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जॉच प्रतिवेदन समर्पित किया गया जिसमें उन्होंने निम्न तथ्यों का उल्लेख किया है -
(i) वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए औरंगाबाद जिले में लॉटरी के माध्यम से उत्पाद दुकानों की बन्दोबस्ती में भाग लेने के लिए आवेदन प्राप्त करने हेतु कार्य का बंटवारा अधीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद के कार्यालय के ज्ञापांक-190 दिनांक-18.02.2013 के द्वारा किया गया था। उक्त आदेश में दुकान की बन्दोबस्ती में भाग लेने हेतु आवेदकों के आवेदनों एवं आवेदन शुल्क को अधीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद के समाहरणालय अवस्थित कार्यालय में प्राप्त करने के लिए स्थल निर्धारित था।
(ii) समाहर्त्ता, औरंगाबाद के पत्रांक-187 दिनांक 18.02.2013 द्वारा कोषागार पदाधिकारी, औरंगाबाद को यह निदेश दिया गया था कि वे उत्पाद विभाग औरंगाबाद में शराब दुकानों की बन्दोवस्ती हेतु प्राप्त आवेदन शुल्क की राशि को औरंगाबाद के कोषागार के स्ट्रॉग रूम (बज्रगृह) में सुरक्षित जमा रखेंगें।
(iii) अधीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद द्वारा बिना समाहर्त्ता से आदेश प्राप्त किये श्री राम नरेश चौधरी, अवर निरीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद सदर अंचल को किस परिस्थिति में मद्य भण्डागार, औरंगाबाद में आवेदकों से आवेदन एवं आवेदन शुल्क प्राप्त करने के लिए अनुमति दी गई, इसका कोई आदेश या समाहर्त्ता की अनुमति नहीं प्रस्तुत की गई।
(iv) आवेदन लेने की अन्तिम तिथि को प्राप्त आवेदनों से आवेदन पत्रों के विरूद्ध ` 24,51,000/- (` चौबीस लाख इकावन हजार) मद्य भण्डागार पदाधिकारी, श्री राम नरेश चौधरी, द्वारा मद्य भण्डागार में रखा गया इसकी जानकारी अधीक्षक उत्पाद को क्यों नहीं हुई? जबकि समाहर्त्ता द्वारा कोषागार के बज्रगृह में राशि जमा करने के लिए निदेश दिया गया था तो क्यों नहीं राशि को कोषागार में रखा गया? इस प्रश्न पर उनके स्पष्टीकरण में कोई उल्लेख नही है।
(v) कार्यालय प्रधान होने के नाते उनका दायित्व था कि सरकारी राजस्व को सुरक्षित ढंग से कोषागार के स्ट्रॉग रूम में रखा गया या नहीं इसके लिए उन्हें संतुष्ट हो लेना चाहिए था। अतः आरोपी पदाधिकारी प्रशासनिक विफलता के लिए जिम्मेवार है जिसके कारण सरकारी राजस्व की क्षति हुई।
(vi) आरोपी पदाधिकारी की निष्क्रीयता के कारण सरकारी राजस्व ` 24,51,000/- की क्षति हुई। इसमें आरोपी पदाधिकारी की लापरवाही रही है। कार्यालय प्रधान होने के नाते अपने दायित्व के निर्वहन में विफलता के कारण दोषी प्रमाणित होते है।12 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016 8. संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन की प्रति को संलग्न करते हुये विभागीय पंत्राक-1706 दिनांक 13.04.2015 द्वारा श्री झा, से द्वितीय बचाव बयान की मांग की गयी।
9. श्री झा द्वारा पत्रांक-195 दिनांक 19.04.2015 द्वारा अपना द्वितीय बचाव बयान विभाग में समर्पित किया गया। श्री झा द्वारा अपने बचाव बयान मेें राशि का गबन बताकर श्री राम नरेश चौधरी, तत्कालीन अवर निरीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद को जबावदेह माना है एवं श्री चौधरी के विरूद्ध उक्त राशि के गबन का मामला नगर थाना औरंगाबाद, में दर्ज करने की बात उल्लेखित की है, तथा आरोप से मुक्त करने का अनुरोध किया है।
10. संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन एवं श्री झा के द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को ठोस साक्ष्यों के अभाव में संतोषप्रद नहीें मानते हुए वृहद दण्ड के रूप में तीन वार्षिक वेतनवृद्धियॉ संचयी प्रभाव से अवरूद्ध करने का निर्णय लिया गया था। जिस पर बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति प्राप्त की गयी जिसमें आयोग द्वारा सहमति व्यक्त किया गया है। 11. श्री झा के आरोपों की गम्भीरता एवं राजस्व क्षति के आलोक में पुनः समीक्षा की गयी। बिहार कोषागार नियमावली 2011 के नियम 45(B) के अन्तर्गत कार्यालय प्रधान का यह कर्तव्य होता है कि वे यह सुनिश्चित करें कि सरकारी राजस्व का गबन/क्षति नही हो। बिहार वित्त नियमावली के नियम-34 के अन्तर्गत राशि के गबन होने के लिए कार्यालय प्रधान के रूप में अधीक्षक उत्पाद पूर्णतः उत्तरदायी है। अधीक्षक उत्पाद द्वारा इतनी बड़ी राशि को रखने की जिम्मेवारी एक अवर निरीक्षक पर डाली गयी यह उनके कर्तव्यों के विपरित है, एवं उनके प्रशासनिक विफलता का सूचक है। प्राप्त राशि को कोषागार में न रखकर अन्यत्र रखने का निर्णय क्यों एवं किस परिस्थिति में लिया गया, उतनी बड़ी राशि को रखने के लिए वह स्थल सुरक्षित था या नही तथा उक्त स्थल पर राशि सुरक्षित रखने हेतु स्थानीय थाना/जिला प्रशासन को सूचना दी गयी थी या नही इन तथ्यों का उल्लेख उनके स्पष्टीकरण में नही है। श्री झा, को अपनी जिम्मेवारी निभाते हुए आवेदन शुल्क के रूप में प्रतिदिन प्राप्त राशि की समीक्षा कर बज्रगृह में जमा करने के कार्य को सुनिश्चित करना चाहिए था। अधीक्षक उत्पाद के रूप में यह जिम्मेवारी बनती थी कि आवेदन और आवेदनों शुल्कों को निर्धारित स्थल (समाहरणालय स्थित अधीक्षक उत्पाद कार्यालय) में स्वीकार करना सुनिश्चिित कराया जाए ऐसा नही करना नियंत्री पदाधिकारी के रूप मेें की गयी यह एक बहुत बड़ी गलती है। अपने जिम्मेवारी के निर्वहन में वे पूर्णतः दोषी है। कार्यालय प्रधान के रूप में कार्य के प्रति प्रमाणित लापरवाही एंव निर्धारित मापदण्डों के विरूद्ध कार्य करने के लिए उन्हें दोषी मानते हुए आरोपों की गम्भीरता एवं राजस्व क्षति के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा संशोधित 2007 के नियम 14(Xi) के आलोक में श्री झा, को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया।
आरोप संख्या-2 12. श्री झा के विरूद्ध उनके कैमूर पदस्थापन काल में दिनांक 03.11.2015 को दैनिक समाचार पत्र प्रभात खबर में अपने कार्यालय कक्ष में कार्य टेबुल पर पैर रखकर सोते हुये फोटो प्रकाशित होने संबंधी आरोप मे विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी है। सरकारी कार्यालयों मेें स्थापित नियमों के अनुरूप कार्य निष्पादित किया जाना प्रावधानित है तथा सरकारी सेवकों को अपने कार्य के दौरान कार्यालय/नियमाें की गरिमा को बनाये रखना भी आवश्यक है। परन्तु श्री झा, कैमूर में पदस्थापन काल में अपने कार्यालय कक्ष में कार्य टेबुल पर पैर रखकर सोतेे हुये पाये गये जिसकी खबर दैनिक समाचार पत्र में दिनांक-03.11.2015 को प्रकाशित हुयी। यह इस बात को प्रमाणित करता है कि श्री झा में कार्य संस्कृति का पूर्णतः अभाव है। वे अपने पद के अनुरूप अपने कर्त्तव्यों एवं दायित्वों के प्रति सजग नही रहते हैं। उनके द्वारा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के निहित प्रावधानों के विरूद्ध किए गये इस कार्य से कार्यालय/नियमों की गरिमा तो भंग होती ही है साथ ही साथ सरकार की छवि भी धुमिल होती है। उक्त आरोप के विरूद्ध श्री झा, द्वारा यह कहना कि ब्लड सुगर कम हो जाने के कारण बेहोश होकर कुर्सी टेबुल पर गिर पडे थे तथा लिपिक ने आकर पानी का झोका दिया, तब वे होश में आये, स्वीकार योग्य नही है। बेहोश होने के बाद कोई व्यक्ति टेबुल पर पैर नहीं रख सकता है। संचालन पदाधिकारी द्वारा दिनांक-03.11.2015 को प्रकाशित फोटो का अवलोकन से यह तय है कि उपर्युक्त स्पष्टीकरण एवं आरोप में किसी भी प्रकार सामंजस्य नहीं है। विभागीय कार्यवाही में यह निष्कर्ष निकला कि अचेता अवस्था में पैर का टेबुल पर रखना तथ्य परख नहीं है, अतः आरोप पूर्णतः प्रमाणित है। आरोप संख्या-3 13. इसके अतिरिक्त एक अन्य आरोप बिहार विधान सभा के चुनाव 2015 के दौरान 205-भभूआ निर्वाचन क्षेत्र के सामान्य पे्रेक्षक श्री मणिराज, को हवाई अडड्े पर लाने के लिए नही पहॅुचना भी उनका कर्तव्य के प्रति लापरवाही, एवं उदासीनता का परिचायक है, साथ ही यह Representation of People's Act 1951 का उल्लंघन करने का मामला बनता है। जिलाधिकारी कैमूर ने इनकी इस लापरवाही के कारण विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की थी और उक्त आरोप पर इनसे स्पष्टीकरण भी पूछा गया। इन पर प्रथम दृष्टया यह आरोप था कि वे चुनाव कार्य में प्रेक्षक कोषांग में लगी ड्यूटी में रुचि नहीं ले रहे थे। इस चलते नोड्ल पदाधिकारी का ये जानबूझकर फोन भी रिसिव नहीं कर रहे थे। नोड्ल पदाधिकारी का यह भी आरोप था कि ये आम तौर पर उनका फोन नहीं रिसिव करते हैं। उक्त आरोप पर संचालन पदाधिकारी का मंतव्य है कि श्री झा को प्रेक्षक महोदय की आने की सूचना की जानकारी विभिन्न माध्यमों से प्राप्त हो रही थी। प्रेक्षक कोषांग के नोडल पदाधिकारी का फोन रिसीव नही कर मोबाईल को डिस्चार्ज बताया जाना स्वीकार योग्य नही है। स्पष्ट है कि वे प्रेक्षक को रिसीव करने के कर्तव्य से बचना चाह रहे थे। उनके द्वारा नोडल पदाधिकारी के फोन रिसीव नही करने के कारण सहायक जिला आपूर्त्ति पदाधिकारी को सूचना दी गयी जो कि विलम्ब से एयर पोर्ट पहुंचे और प्रेक्षक को दो घंटे से अधिक समय तक वाराणसी हवाई अड्डे पर इंतजार करना पड़ा। अतः कर्तव्य के प्रति लापरवाही का आरोप पूर्णतः प्रमाणित है।13 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016 निष्कर्ष :- 14. दोनों विभागीय कार्यवाहियों के संचालन पदाधिकारियों के मंतव्य से स्पष्ट है कि तीनों आरोप प्रमाणित हैं। तीनों आरोपों के प्रमाणित होने से यह सिद्ध है कि श्री झा अत्यंत ही गैर जिम्मेदार, लापरवाह और कर्त्तव्य से मुंह मोड़ने वाले पदाधिकारी रहे हैं। उनकी इस हरकत के कारण राज्य सरकार को लगभग 25 लाख रुपये की राशि के गबन का शिकार होना पड़ा। श्री झा, आम तौर पर कर्त्तव्यहीन पदाधिकारी सिद्ध हुए हैं, जो अपने वरीय पदाधिकारियों की बात नहीं मानते हैं। जिलाधिकारी, औरंगाबाद द्वारा स्पष्ट आदेश था कि बन्दोबस्ती की राशि कोषागार में रखा जाना है, जो कि श्री झा द्वारा नहीं किया गया। यही नहीं, जब यह राशि दिनांक 01 मार्च 2016 को गायब हो गयी तो इन्होंने पटना स्थित विभागीय मुख्यालय में न तो उत्पाद आयुक्त को और न ही विभागीय सचिव को दूरभाष अथवा फैक्स द्वारा इसकी सूचना देने की आवश्यकता महसूस की। दिनांक 02 मार्च 2016 को इन्होंने जो प्राथमिकी दर्ज की, उसकी प्रतिलिपि भी समाहर्त्ता को नहीं दी गई। इस कांड की जानकारी मुख्यालय को अन्य सूत्रों से दिनांक 08 मार्च 2016 को प्राप्त हुई। इससे यह सिद्ध होता है कि श्री झा न सिर्फ सभी स्थापित विभागीय प्रक्रियाओं को ताक पर रखते हुए इतनी बड़ी राशि एक निजी स्थान पर रखने का अपराध किया, अपितु कांड हो जाने के बाद इसकी सूचना किसी भी वरीय पदाधिकारी को देने की आवश्यकता नहीं महसूस की। मात्र एक पत्र उन्होंने आयुक्त उत्पाद के सचिव को 06 मार्च 2016 को लिखा, वह भी घटना के 05 दिन बाद। इसी प्रकार, बतौर राजपत्रित पदाधिकारी, टेबुल पर पैर रखकर सोते हुए पाये जाना उनकी, उनके कार्यालय की एवं समस्त राज्य सरकार की छवि धूमिल करती है। इस बात के समाचार पत्र पर प्रकाशित होने के बाद इस पर शर्मिन्दा महसूस करना और गरिमा से अपनी गलती स्वीकार करते हुए अपने चाल-चलन को सुधारने की कोशिश करने के बजाय श्री झा ने बेहद ही हास्यास्पद बचाव दिया कि वे कुर्सी पर बेहोश हो गये और उसके बाद क्या हुआ, उसका उन्हें पता नहीं। चुनाव कार्य में उदासीनता बरतने का आरोप भी इनके विरुद्ध प्रमाणित हैं। जानबूझकर कर्त्तव्य से भागना एवं वरीय पदाधिकारियों का फोन चुनाव कार्यों में रिसिव नहीं करना, राजपत्रित पदाधिकारी के पद की गरिमा के विरुद्ध है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वे कार्यालय में गरिमापूर्ण व्यवहार करें तथा कर्त्तव्य के समय, विशेष तौर पर चुनाव कार्य के समय, हर समय हर हालत में फोन पर अथवा व्यक्तिगत रूप से वरीय पदाधिकारियों के आदेशानुसार उपलब्ध रहें। उपरोक्त मापदण्डों पर श्री झा, किसी भी कोने से खरे नहीं उतरते हैं। इनका सेवा में बने रहना राज्य हित तथा जन हित में हानिकारक है। अतएव पूर्ण विचारोपरांत श्री सुधीर कुमार झा, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद सम्प्रति अधीक्षक उत्पाद, कैमूर को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण,नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा संशोधित 2007 के नियम-14(Xi) के तहत सेवा से बर्खास्तगी का दण्ड अधिरोपित किया जाता है।
15. इसमें सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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28 जुलाई 201628 जुलाई 201628 जुलाई 201628 जुलाई 2016
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-41/2014-3572—श्री धनंजय कुमार राव, अवर निबंधक, दानापुर के विरूद्ध निबंधन अधिनियम 1908 एवं निबंधन नियमावली 2008 में वर्णित प्रावधानों की अनदेखी कर फर्जी निबंधन को स्वीकार करना, प्रशासनिक क्षमता की कमी एवं दायित्व बोध का अभाव आदि आरोप के लिए आरोप पत्र गठित करते हुए विभागीय संकल्प सं0-5257 दिनांक 16.12.2015 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
2. संचालन पदाधिकारी-सह-सहायक निंबंधन महानिरीक्षक द्वारा दिनांक 21.03.2016 को विभागीय कार्यवाही का जॉच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। जॉच प्रतिवेदन में उनके द्वारा सभी आरोपों एवं उन आरोपों पर प्रदत्त आरोपी पदाधिकारी के उत्तर एवं उत्तर के समर्थन में प्रस्तुत साक्ष्यों के अवलोकन एवं अनुशीलन कर निष्कर्षित किया गया है कि दस्तावेज में साइवर जालसाजी कर गलत निबंधन हुआ है, सत्य है। संविदा पर कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर पर इतने महत्वपूर्ण कार्य के प्रभारी पर पर्यवेक्षण रखना अनिवार्य था, जिसके अभाव में घटना घटी। घटना की सारी जिम्मेदारी कम्प्यूटर ऑपरेटर श्री मुकेश राज प्रतीक उर्फ मुकेश कुमार पर ही डाल दिया गया है, तथा उल्लेख किया गया है कि संपूर्ण आरोप कम्प्यूटर ऑपरेटर के विरूद्ध स्थापित होते है सिवाय इसके कि यह घटना आरोपी पदाधिकारी के अधीन घटी।
3. संचालन पदाधिकारी के प्राप्त प्रतिवेदन की समीक्षा से स्पष्ट होता है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रशासनिक चूक, कार्यालय पर प्रभावी नियंत्रण के अभाव एवं कार्यालय प्रधान के दायित्व पर विस्तृत प्रकाश नहीं डाला गया है, जिसके कारण बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा संशोधित 2007 के प्रावधानों के अंतर्गत प्राप्त जॉच प्रतिवेदन पर विभाग द्वारा असहमति व्यक्त की गयी है तथा नियम 18 (3) के अंतर्गत आरोपी पदाधिकारी से विभागीय पत्रांक-2206 दिनांक 04.05.2016 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की गयी।
4. आरोपित पदाधिकारी से प्राप्त द्वितीय बचाव बयान की समीक्षा की गयी तथा पाया गया है कि इन्होनें अपने दायित्वों का निर्वहन भलि भॉति नहीं कर अन्य कर्मी को आरोपित करने का प्रयास किया है। इनका कथन कार्य सम्पादित करने के निर्धारित स्थान के व्यवहारिक संज्ञान से कम्प्यूटर ऑपरेटरों के कुछ दूरी पर बैठकर कार्य सम्पादित करने से उनके कार्यो पर पर्यवेक्षण करना संभव नही है, इसे स्वीकार योग्य नही पाया गया है। वस्तुतः कार्यालय प्रधान होने के नाते उनका संपूर्ण कार्यालय पर प्रभावकारी नियंत्रण होना चाहिए तथा कार्यालय की संपूर्ण गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए जिसमें वे असफल रहें है। उनके द्वारा यह कहना है कि निबंधन नियमावली 2008 के नियम 12 का अनुपालन अन्य अवर निबंधन14 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016 कार्यालयों में नही रहा है इसलिए उनके द्वारा भी नहीं किया गया है, यह दायित्व विहीन स्पष्टीकरण है, एवं उन्हें आरोपों से मुक्त करने हेतु पर्याप्त नही है।
5. संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन तथा इनसे प्राप्त द्वितीय बचाव बयान की समीक्षा कर पूर्ण विचारोपरांत यह पाया गया है कि श्री धनन्जय कुमार राव, अवर निबंधक, दानापुर कार्यालय प्रधान के नाते कार्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता एवं प्रशासनिक क्षमता की अभाव के लिए दोषी है। अतएव बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा संशोधित 2007 के नियम 14 (v) के तहत तीन वार्षिक वेतनवद्धियॉ असंचयात्मक प्रभाव से रोकने का दण्ड अधिरोपित करते हुए विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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30 अगस्त 201630 अगस्त 201630 अगस्त 201630 अगस्त 2016
सं॰ 8/आ0 (राज0उ0)-2-14/2015-4080—श्री कुमार अमित, तत्कालीन प्रभारी अधीक्षक उत्पाद, सीतामढ़ी सम्प्रति प्रभारी अधीक्षक उत्पाद, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध महालेखाकार (अंकेक्षण) द्वारा अपने निरीक्षण प्रतिवेदन संख्या-137/2012-13 में प्रतिवेदित किया गया है कि अधीक्षक उत्पाद कार्यालय, सीतामढ़ी में वित्तीय वर्ष 2010-11, 2011-12 एवं 2012-13 (अगस्त माह तक) के उत्पाद शीर्ष 0039 में जमा अनुज्ञाशुल्क के रूप में 7.10 लाख रूपया जमा नही पाये जाने के कारण कर्त्तव्यहीनता, सरकारी कार्यो में लापरवाही एवं प्रशासनिक क्षमता के अभाव के कारण अधीनस्थ कर्मियों/कार्यालय पर प्रभावकारी नियंत्रण नही रखने आदि आरोप के लिए विभागीय संकल्प संख्या-190 दिनांक 12.01.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
2. संचालन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त उत्पाद, तिरहुत-सह-सारण प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक-128 दिनांक 26.04.2016 द्वारा विभागीय कर्यवाही का जाँच प्रतिवेदन विभाग को भेजा गया। जॉच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोपी पदाधिकारी पर लगाये गये आरोप सं0-1 से 3 को प्रमाणित नही बताया गया है।
3. संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए विभागीय पत्रांक-2793 दिनांक 08.06.2016 द्वारा द्वितीय बचाव बयान की मांग की गयी। आरोपी पदाधिकारी ने पत्रांक-1999 दिनांक 27.06.2016 द्वारा द्वितीय बचाव बयान विभाग में समर्पित किया गया। बचाव बयान से स्पष्ट है कि इन्हें राजस्व वृ़द्धि के लिए सीतामढ़ी का भी प्रभार दिया गया था और उन्होने वर्ष 2012-13 में बंदोवस्ती का कार्य सफलता पूर्वक सम्पन्न किया गया है। उन्होने अपने बचाव बयान में अधीक्षक उत्पाद, सीतामढ़ी कार्यालय के लिपिक श्री प्रमोद कुमार झा को जवाबदेह ठहराया गया है। इस मामले में श्री प्रमोद कुमार झा, तत्कालीन प्रधान लिपिक को विभागीय आदेश सं0-1841 दिनांक 20.04.2015 द्वारा आनिवार्य सेवानिवृत्ति का दण्ड अधिरोपित किया जा चुका है। उक्त के आलोक में द्वितीय बचाव बयान को स्वीकार करते हुए इन्हें आरोपों से मुक्त किया जाता है, तथा विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है।
4. इसमे सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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30 अगस्त 201630 अगस्त 201630 अगस्त 201630 अगस्त 2016
सं॰ 8/आ0 (राज0नि0)-1-03/2015-4081—श्री मुकेष कुमार सुमन, अवर निबंधक, फुलपरास (मधुबनी) के विरूद्ध अपने पद का दुरूपयोग करना, दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतना, प्रभार्य निबंधन शुल्क एवं मुद्रांक शुल्क की वसूली नही करना एवं दस्तावेज संख्या-2317 एवं 2318 दिनांक 26.03.2014 के निबंधन में राजस्व क्षति आदि आरोप के लिए विभागीय संकल्प संख्या-1118 दिनांक 29.02.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
2. संचालन पदाधिकारी-सह-सहायक निबंधन महानिरीक्षक द्वारा दिनांक 20.04.2016 द्वारा विभागीय कर्यवाही का जाँच प्रतिवेदन विभाग को भेजा गया। जाँच प्रतिवेदन के निष्कर्ष में कहा गया है कि आरोपी पदाधिकारी के द्वारा समर्पित बचाव का लिखित अभिकथन पर प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी का पत्रांक-131 दिनांक 01.04.2016 द्वारा प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रतिवेदित है कि प्रासंगिक विभागीय कार्यवाही में आरोप का मुख्य आधार एवं साक्ष्य जिला अवर निबंधक, मधुबनी का जाँच प्रतिवेदन पत्रांक-560 दिनांक 04.08.2014 एवं आरोपी पदाधिकारी का बचाव अभिकथन एक दूसरे को प्रतिबिम्ब एवं समर्थन में है। प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी द्वारा कोई विरूद्ध प्रतिक्रिया/साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। उक्त के आलोक में आरोप को प्रमाणित नही बताया गया है।
3. संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन श्री समीक्षा की गई तथा समीक्षोपरांत श्री मुकेष कुमार सुमन को ससमय भविष्य में मामले को नियम-47A में संदर्भित किये जाने की चेतावनी देते हुए विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है।
4. इसमे सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।15 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016
5 सितम्बर 20165 सितम्बर 20165 सितम्बर 20165 सितम्बर 2016
सं॰ 8/आ0 (राज0उ0)-2-22/2016-4188—श्री राजू कुमार मिश्र, निरीक्षक उत्पाद, मोतिहारी के विरूद्ध कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं पर्यवेक्षण कार्य का अभाव, अवैध शराब के कारोबार पर नियंत्रण नही रखने के कारण उत्पाद राजस्व की हानि होना एवं बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल कर्त्तव्य के प्रति निष्ठा का पालन नही करना एवं अधीनस्थ सरकारी सेवक पर नियंत्रण का अभाव आदि के आरोप में विभागीय संकल्प संख्या-891 दिनांक 17.02.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
2. संचालन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त उत्पाद, तिरहुत-सह-सारण प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर द्वारा दिनांक 04.05.2016 को विभागीय कार्यवाही का जॉच प्रतिवेदन विभाग में समर्पित किया गया। जॉच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप संख्या-1 से 3 तक को प्रमाणित नही बताया गया। संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए विभागीय पत्रांक-3156 दिनांक 05.07.2016 द्वारा आरोपी पदाधिकारी से द्धितीय बचाव बयान की मांग की गयी।
3. श्री मिश्र द्वारा अपने द्वितीय बचाव बयान में घटना की तिथि को अन्य विभागीय कार्य में व्यस्त रहने के तथ्य को दोहराया है। साथ ही इसमें इन्होंने तत्कालीन विभागीय मंत्री के विरूद्ध प्रतिकूल टिप्पणी की है तथा विभागीय कार्यवाही को खेदपूर्ण बताया गया। श्री मिश्र ने विभागीय पत्रांक-967 दिनांक 02.03.2015 के अनुपालन में अपने को विभागीय कार्यो में व्यस्त बताया है। घटना की तिथि दिनांक 23.03.2015 उक्त पत्र के निर्गत की तिथि से 21 (इक्कीस) दिनों बाद की है। ठीक छापेमारी की तिथि को ही अपने को उक्त कार्य में व्यस्त बताना छापेमारी कार्य में शामिल नहीं होने की उनकी मंशा को स्पष्ट करता है। इनके बचाव बयान के समीक्षोपरांत निष्कर्षित किया गया है कि आरोपी पदाधिकारी की जिम्मेवारी बनती है कि वे अपने क्षेत्र में अवैध शराब के संचयन पर रोक लगाये, परंतु वे अपने दायित्व के निर्वहन में विफल रहें है। अतएव पूर्ण विचारोपरांत उक्त के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14 (V) के तहत श्री राजू कुमार मिश्र, निरीक्षक उत्पाद, मोतिहारी के विरूद्ध अधिरोपित आरोप प्रमाणित होने के कारण उन्हें लघु दण्ड के रूप में ''तीन वार्षिक वेतनवृद्धियॉ असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दण्ड'' अधिरोपित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0 (संसदीय)-13-01/2014-2347 ——— संकल्प 12 मई12 मई12 मई12 मई 2016201620162016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्रीमती पूजा भारती, अवर निबंधक, षिकारपुर (बेतिया) के विरूद्ध कार्य के्र प्रति लापरवाही, सरकारी सेवक के आचरण के प्रतिकूल कार्य करना, अनुषासनहीनता एवं उनकी सहमति से उनके पति के द्वारा सरकारी कार्यो में बाधा पहुॅचाना आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्रीमती पूजा भारती के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए सहायक निबंधन महानिरीक्षक, तिरहुत प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्रीमती पूजा भारती के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में जिला अवर निबंधक,प0 चम्पारण को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हे।
4. श्रीमती पूजा भारती से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों। 5. इसमें सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-19/2015-2244 ——— संकल्प 6 मई 20166 मई 20166 मई 20166 मई 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री प्रियरंजन, तत्कालीन प्रभारी अधीक्षक उत्पाद, प0 चम्पाण बेतिया सम्प्रति अधीक्षक उत्पाद, गोपालगंज के विरूद्ध कार्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता के कारण राजस्व की क्षति, अनुज्ञप्ति का विलंब से विघटन एवं राजस्व क्षति की सूचना जिला पदाधिकारी को नही देना, विखंडित दुकानों के16 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016 पुर्नबंदोवस्ती हेतु न तो प्रयास किया गया और न ही बकाये राषि की वसूली की गयी जिसके कारण राजस्व क्षति, बिहार सरकारी सेवा आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन करना, वित्तीय वर्ष, 2015-16 में बिना अनुज्ञाषुल्क लिये दुकानों को संचालित होने के कारण जुलाई 2015 तक ` 4,28,41,260 (चार करोड़ अठाईस लाख इकतालीस हजार दो सौ साठ) रूपये का बकाया होना तथा पद का दुरूपयोग करने आदि आरोप विनिर्दिष्ट है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है। 2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री प्रियरंजन के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए, विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री प्रियरंजन के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री कृष्णा पासवान, उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमण्डल, पटना को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
4. श्री प्रियरंजन से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-03/2016-2066 ——— संकल्प 27 अप्रील 201627 अप्रील 201627 अप्रील 201627 अप्रील 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री अरविन्द कुमार, अधीक्षक उत्पाद, वैषाली के विरूद्ध अनुज्ञाषुल्क ससमय जमा नहीं करना, अनुज्ञाषुल्क विलम्ब से जमा कराया गया जिससे राजस्व की क्षति एवं कत्र्तव्य के प्रति लापरवाही, दायित्वो का निर्वहन नहीं करने आदि आरोप विनिर्दिष्ट है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री अरविन्द कुमार के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमण्डल, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री अरविन्द कुमार के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री गणेष प्रसाद, विषेष अधीक्षक उत्पाद (मुख्यालय) को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
4. श्री अरविन्द कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0 (राज0 नि0)-1-03/2016-2067 ——— संकल्प 27 अप्रील 201627 अप्रील 201627 अप्रील 201627 अप्रील 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्रीमती पूजा भारती, अवर निबंधक, षिकारपुर (बेतिया) के विरूद्ध समाहत्र्ता-सह-जिला निबंधक, प0 चम्पारण द्वारा निर्गत निदेष का उल्लंघन, समाहत्र्ता-सह-जिला निबंधक द्वारा पूछे गये स्पष्टीकरण का असत्य, अस्पष्ट तथा विषय से इतर उत्तर देकर भ्रमित करने का कुप्रयास करना, मिथ्या प्रतिवेदन समर्पित करना तथा राजस्व क्षति के मामले में लीपापोती का प्रयास करना, जिला अवर निबंधक के आदेष का उल्लंघन करते हुए राजस्व क्षति के आकलन में जानबूझ कर अवरोध उत्पन्न करना एवं अवकाष स्वीकृति के बिना कार्यालय से अनुपस्थित रहना तथा निबंधन कार्य अवरूद्ध रहने की परिस्थिति पैदा करना आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्रीमती पूजा भारती के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के17 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016 नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए सहायक निबंधन महानिरीक्षक, तिरहुत प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्रीमती पूजा भारती के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में जिला अवर निबंधक,प0 चम्पारण को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हे।
4. श्रीमती पूजा भारती से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-24/2015-1847
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संकल्प
11111 अप्रील 20161 अप्रील 20161 अप्रील 20161 अप्रील 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री विजय शेखर दुबे, तत्कालीन प्रभारी अधीक्षक उत्पाद, सिवान सम्प्रति प्रभारी अधीक्षक उत्पाद, भागलपुर के विरूद्ध कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता के कारण राजस्व की क्षति, आदेष का उल्लंघन, बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन एवं विभागीय नियमावली एवं वित्तीय नियमावली का उल्लंघन करने आदि आरोप विनिर्दिष्ट है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है। 2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री विजय शेखर दुबे के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए, श्री कृष्ण पासवान, उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमण्डल, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। 3. श्री विजय शेखर दुबे के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में अधीक्षक उत्पाद, सिवान को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
4. श्री विजय शेखर दुबे से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-19/2016-4333 ——— संकल्प 12 सितम्बर12 सितम्बर12 सितम्बर12 सितम्बर 2016201620162016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने का कारण है कि श्री अरूण कुमार मिश्र, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, मुजफ्फरपुर सम्प्रति अधीक्षक उत्पाद, कटिहार के विरूद्ध कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं राजस्व क्षति आदि आरोप विनिर्दिष्ट है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री अरूण कुमार मिश्र के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए श्री श्रीकृष्ण पासवान, उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमण्डल, पटना (सम्प्रति मुख्यालय में प्रतिनियुक्त) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री अरूण कुमार मिश्र, के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री गणेश प्रसाद, विशेष अधीक्षक उत्पाद, मुख्यालय को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।18 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016 4. श्री अरूण कुमार मिश्र से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-12/2015-1673
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संकल्प
31 मार्च 201631 मार्च 201631 मार्च 201631 मार्च 2016
विभागीय संकल्प संख्या-335 दिनांक 19.01.2016 द्वारा सर्वश्री (1) अष्विनी कुमार (2) बिनोद कुमार झा (3) मो0 तारिक महम्मूद (4) सुनील कुमार एवं (5) राम सुन्दर प्रसाद, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद/निरीक्षक उत्पाद, मुगेर के विरूद्ध सम्मिलित विभागीय कार्यवाही संचालित है। विभागीय जाँच आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, बिहार, पटना के पत्रांक-35 दिनांक 27.01.2016 के आलोक में उक्त संकल्प को संषोधित करते हुए श्री अष्विनी कुमार तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, मुंगेर सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को सम्मिलित विभागीय कार्यवाही से अलग की जाती है।
2. अधीक्षक उत्पाद, मुंगेर के स्थान पर श्री जितेन्द्र सिंह, प्रषाखा पदाधिकारी (प्रषाखा-8 राजपत्रित आरोप) को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. संकल्प की शेष बिन्दु यथावत रहेंगे।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं श्री अष्विनी कुमार, तत्का0 अधीक्षक उत्पाद, मुंगेर को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-10/2015-1674 ——— संकल्प 31 मार्च 201631 मार्च 201631 मार्च 201631 मार्च 2016
विभागीय संकल्प संख्या-335 दिनांक 19.01.2016 द्वारा सर्वश्री (1) अष्विनी कुमार (2) बिनोद कुमार झा (3) मो0 तारिक महम्मूद (4) सुनील कुमार एवं (5) राम सुन्दर प्रसाद, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद/निरीक्षक उत्पाद, मुगेर के विरूद्ध सम्मिलित विभागीय कार्यवाही संचालित है। विभागीय जाँच आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, बिहार, पटना के पत्रांक-35 दिनांक 27.01.2016 के आलोक में उक्त संकल्प को संषोधित करते हुए श्री राम सुन्दर प्रसाद, तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक उत्पाद, मुंगेर सम्प्रति निलंबित मुख्यालय-निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को सम्मिलित विभागीय कार्यवाही से अलग की जाती है।
2. अधीक्षक उत्पाद, मुंगेर के स्थान पर श्री जितेन्द्र सिंह, प्रषाखा पदाधिकारी (प्रषाखा-8 राजपत्रित आरोप) को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. संकल्प की शेष बिन्दु यथावत रहेंगे।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं श्री राम सुन्दर प्रसाद, तत्का0 प्रभारी निरीक्षक उत्पाद, मुंगेर को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।19 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016 सं॰ V/एम1-417/2015-2740 ——— संकल्प 3 जून3 जून3 जून3 जून 2016201620162016
विभागीय संकल्प संख्या-1240 दिनांक 04.03.2016 अधीक्षक उत्पाद, जहानाबाद के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी श्री नवीन कुमार मिश्र, संयुक्त आयुक्त उत्पाद (मुख्यालय) के दिनांक 31.05.2016 को सेवा निवृत्त होने के कारण उनके स्थान पर श्री सत्येन्द्र कुमार सिन्हा, उपायुक्त उत्पाद (आ0भ0) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
2. संकल्प की अन्य शत्र्ते यथावत रहेगी। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-25/2015-3034
——— संकल्प 27 जून 201627 जून 201627 जून 201627 जून 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने का कारण है कि श्री रामसुन्दर प्रसाद, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, लखीसराय सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय-निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, बिहार, पटना के विरूद्ध कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता के कारण चौर्य बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखने के फलस्वरूप सरकारी राजस्व की क्षति, पर्यवेक्षण का अभाव, नियंत्रण की कमी, आदेष का उल्लंघन, वरीय पदाधिकारियों को गुमराह करना, चौर्य बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण रखने में विफलता एवं निरीक्षण का अभाव, अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहकर आवष्यक कार्यो से व्यवधान उत्पन्न करना एवं अधीनस्थ पदाधिकारियों पर प्रभावी नेतृत्व रखने में अक्षम, अनुचित लाभ के लिए बकाये राषि की वसूली नहीं कर राजस्व की क्षति पहुॅचाना, कत्र्तव्यहीनता एवं आपराधिक गठजोड़ कर राजस्व की क्षति पहुॅचाना, स्पष्टीकरण देने में अनावष्यक विलम्ब कर निदेषों का उल्लंघन करना आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है। 2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री रामसुन्दर प्रसाद के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों की जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए, श्री सत्येन्द्र कुमार सिन्हा ,उपायुक्त उत्पाद (आ0भा0) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री राम सुन्दर प्रसाद के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में उपायुक्त उत्पाद, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हे।
4. श्री रामसुन्दर प्रसाद से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-20/2015-3033 ——— संकल्प 27 जून 201627 जून 201627 जून 201627 जून 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने का कारण है कि श्री राकेष कुमार, तत्का0 अधीक्षक उत्पाद, कटिहार सम्प्रति प्रभारी अधीक्षक उत्पाद, प0 चम्पारण, बेतिया के विरूद्ध कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता के कारण राजस्व क्षति, विभागीय नियमों की अनदेखी एवं पद का दुरूप्योग कर राजस्व की क्षति पहुॅचाना एवं बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन करना आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है। 2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री राकेष कुमार के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 1720 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए, श्री रविन्द्र कुमार शर्मा ,उपायुक्त उत्पाद,दरभंगा-सह-कोषी-सह पूर्णियॉ प्रमंडल (मुख्यालय में प्रतिनियुक्त) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। 3. श्री राकेष कुमार के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में अधीक्षक उत्पाद, कटिहार को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हे।
4. श्री राकेष कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-24/2015-2975 ——— संकल्प 17 जून 201617 जून 201617 जून 201617 जून 2016
विभागीय संकल्प सं0-1847 दिनांक 11.04.2016 द्वारा श्री विजय शेखर दुबे, तत्कालीन प्रभारी अधीक्षक उत्पाद, सिवान सम्प्रति प्रभारी अधीक्षक उत्पाद, भागलपुर के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी श्री कृष्ण पासवान, उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमण्डल, पटना के स्थान पर श्री सत्येन्द्र कुमार सिन्हा, उपायुक्त उत्पाद (आ0 भ0) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. संकल्प की अन्य शत्र्ते यथावत रहेगी। 4. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0 (राज0 नि0)-1-39/2014-2857 ——— संकल्प 10 जून 201610 जून 201610 जून 201610 जून 2016
विभागीय संकल्प सं0-191 दिनांक 12.01.2016 द्वारा श्री निलेष कुमार, तत्कालीन अवर निबंधक, दानापुर सम्प्रति जिला अवर निबंधक, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला अवर निबंधक, पटना के स्थान पर जिला अवर निबंधक, वैषाली को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
2 संकल्प की अन्य शत्र्ते यथावत रहेगी। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं श्री निलेष कुमार को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0 (राज0उ0)-2-15/2015-3125 ——— संकल्प 1 जुलाई1 जुलाई1 जुलाई1 जुलाई 2016201620162016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री अनिल कुमार सिन्हा, तत्कालीन प्रभारी अधीक्षक उत्पाद, सीतामढ़ी सम्प्रति प्रभारी अधीक्षक उत्पाद, समस्तीपुर के विरूद्ध कर्त्तव्यहीनता एवं सरकारी कार्यो में लापरवाही, प्रषासनिक क्षमता का अभाव के कारण अधीनस्थ कर्मियों/कार्यालय पर प्रभावकारी नियंत्रण नहीं एवं निजी स्वार्थ के लिए अनुज्ञाधारियों को अनुचित लाभ पहुॅचाकर सरकारी राजस्व का गबन करना आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।21 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016 2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री अनिल कुमार सिन्हा के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए, श्री रविन्द्र कुमार शर्मा, प्रभारी उपायुक्त उत्पाद दरंभगा-सह-कोषी-सह-पूर्णियॉ प्रमण्डल (सम्प्रति मुख्यालय) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री अनिल कुमार सिन्हा के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में प्रषाखा पदाधिकारी, प्रषाखा-8 निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
4. श्री अनिल कुमार सिन्हा से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-2-14/2016-3113 ——— संकल्प 1 जुलाई 20161 जुलाई 20161 जुलाई 20161 जुलाई 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री आनन्द कुमार, तत्का0 प्रभारी सहायक आयुक्त उत्पाद, रोहतास सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय-निबंधन उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, बिहार, पटना के विरूद्ध समाहत्र्ता, रोहतास को अवकाष में जाने हेतु दिनांक 13.05.2016 को आवेदन देकर दिनांक 14.05.2016 से बिना अवकाष स्वीकृति के ही अवकाष में प्रस्थान करने एवं बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के प्रतिकूल कार्य करने आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री आनन्द कुमार के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए, श्री श्रीकृष्ण पासवान, उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमंडल, पटना (सम्प्रति मुख्यालय में प्रतिनियुक्त) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री आनन्द कुमार के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री जीतेन्द्र सिंह, प्रषाखा पदाधिकारी, प्रषाखा-8 को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हे।
4. श्री आनन्द कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-2-04/2015-3235 ——— संकल्प 11 जुलाई 201611 जुलाई 201611 जुलाई 201611 जुलाई 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री आनन्द कुमार, तत्का0 प्रभारी सहायक आयुक्त उत्पाद, रोहतास सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय-निबंधन उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, बिहार, पटना के विरूद्ध कार्यालय के अधीनस्थ कर्मियों के साथ अमर्यादित व्यवहार करना, अपमानित करना एवं उनके साथ असंसदीय एवं जाति सूचक भाषा का प्रयोग करना तथा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रतिकूल कार्य करने आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री आनन्द कुमार के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए, श्री श्रीकृष्ण पासवान,22 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016 उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमंडल, पटना (सम्प्रति मुख्यालय में प्रतिनियुक्त) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री आनन्द कुमार के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री जीतेन्द्र सिंह, प्रषाखा पदाधिकारी, प्रषाखा-8 को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हे।
4. श्री आनन्द कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0 (राज0 नि0)-1-28/2016-3146 ——— संकल्प 4 जुलाई 20164 जुलाई 20164 जुलाई 20164 जुलाई 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री विनय कुमार, तत्कालीन अवर निबंधक, बहादुरगंज (किषनगंज) सम्प्रति निलंबित मुख्यालय-सहायक निबंधन महानिरीक्षक का कार्यालय, पटना प्रमण्डल, पटना के विरूद्ध अपने कार्यालय में नषे की हालत में पाये जाने, चिकित्सक द्वारा शराब लेने की पुष्टि एवं प्राथमिकी संख्या-85/16 दिनांक 12.05.2016 को बिहार उत्पाद अधिनियम 2016 (संषोधित) की धारा-53 बी0 के तहत वाद दायर होना आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि सभी पदाधिकारियों के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए, श्री शेखर नीलम कुमार, सहायक निबंधन महानिरीक्षक, पूर्णियॉ प्रमण्डल, पूर्णियॉ को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री विनय कुमार के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में जिला अवर निबंधक, किषनगंज को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हे।
4. श्री विनय कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0 (राज0उ0)-2-20/2016-3573 ——— संकल्प 28 जुलाई 201628 जुलाई 201628 जुलाई 201628 जुलाई 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री नीरज कुमार रंजन, अधीक्षक उत्पाद, किषनगंज के विरूद्ध देषी एवं विदेषी शराब के उठाव में क्रमिक ह््ास, अभियोग एवं छापामारी में षिथिलता आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है। सी0डब्लू0जे0सी0सं0-13873/2015 में दिनांक 11.12.2015 को पारित न्यायादेष के आलोक में विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री नीरज कुमार रंजन के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए, श्री श्रीकृष्ण पासवान, उपायुक्त उत्पाद पटना-सह-मगध प्रमण्डल, पटना (सम्प्रति मुख्यालय) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। 3. श्री नीरज कुमार रंजन के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री जीतेन्द्र सिंह, प्रषाखा पदाधिकारी, प्रषाखा-8 निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।23 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016 4. श्री नीरज कुमार रंजन से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
सं॰ 8/आ0 (राज0उ0)-2-31/2015-3664 ——— संकल्प 2 अगस्त 2 अगस्त 2 अगस्त 2 अगस्त 2016201620162016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने का कारण है कि श्री सरोज कुमार, तत्का0 अधीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय-उपायुक्त उत्पाद का कार्यालय, पटना-सह मगध प्रमंडल, पटना के विरूद्ध निगरानी अन्वेषण व्यूरो, पटना द्वारा निगरानी थाना कांड सं0-110/2015 दिनांक 23.12.2015 की धारा-13 (2)-सह पठित धारा-13 (1) (ई) भ्र0नि0अधि0-1988 दर्ज किये जाने, पद का दुरूपयोग कर अप्रत्यानुपातिक धर्नाजन एवं बिहार सरकारी सेवक आचारण नियमावली 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल आचरण आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री सरोज कुमार के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए, श्री कृष्णा पासवान, उपायुक्त उत्पाद, मगध प्रमण्डल को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री सरोज कुमार के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में प्रभारी अधीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हे।
4. श्री सरोज कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0 (राज0 नि0)-1-07/2013-3665 ——— संकल्प 2 अगस्त 20162 अगस्त 20162 अगस्त 20162 अगस्त 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री अषोक कुमार ठाकुर, तत्कालीन जिला अवर निबंधक, पटना सम्प्रति जिला अवर निबंधक, औरंगाबाद के विरूद्ध द्विपक्षीय रूप से प्रारूपित Cancellation Of Development Agreement को मात्र एक पक्षीय Excuation के बावजूद निबंधन स्वीकार करना, उपस्थापित दस्तावेज के प्रारूपकर्त्ता के बिना दस्तावेज स्वीकार करना एवं बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम-3 आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री अषोक कुमार ठाकुर के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए, श्री अयाज अहमद खाँ सहायक निबंधन महानिरीक्षक (मुख्यालय) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री अषोक कुमार ठाकुर के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री ऋषि कुमार सिनहा, संयुक्त अवर निबंधक, फुलवारीषरीफ को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हे।
4. श्री अषोक कुमार ठाकुर से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपित पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।24 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016 सं॰ 8/आ0 (राज0 नि0)-1-50/2016-4192 ——— संकल्प 5 सितम्बर5 सितम्बर5 सितम्बर5 सितम्बर 2016201620162016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री पंकज कुमार बसाक, तत्कालीन अवर निबंधक, उदाकिशुनगंज (मधेपुरा) सम्प्रति निलंबित मुख्यालय-निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के विरूद्ध गलत जाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी सेवा प्राप्त करना एवं निलंबन अवधि में निर्धारित मुख्यालय में विलंब से योगदान देना तथा प्रतिदिन उपस्थिति दर्ज नही करना आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री पंकज कुमार बसाक के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए श्री मणिभूषण प्रसाद, सहायक निबंधन महानिरीक्षक, बिहार, पटना नियुक्त किया जाता है।
3. श्री पंकज कुमार बसाक के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री कृष्ण कुमार वर्मा, अवर सचिव को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हे।
4. श्री पंकज कुमार बसाक से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-2-28/2016-4193 ——— संकल्प 5 सितम्बर 20165 सितम्बर 20165 सितम्बर 20165 सितम्बर 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री बृजबिहारी सिंह, तत्कालीन निरीक्षक उत्पाद, नवादा सम्प्रत्ति निलंबित मुख्यालय-सहायक आयुक्त उत्पाद का कार्यालय, पटना के विरूद्ध अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहकर कार्यो में व्यवधान उत्पन्न करना एवं वरीय पदाधिकारी के आदेश का पालन नही करना आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री बृजबिहारी सिंह के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए, श्री रविन्द्र कुमार शर्मा, प्रभारी उपायुक्त उत्पाद, दरभंगा-सह-कोशी-सह-पूर्णिया प्रमण्डल, दरभंगा (सम्प्रति मुख्यालय में प्रतिनियुक्त) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री बृजबिहारी सिंह के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री कृष्ण कुमार, प्रषाखा पदाधिकारी, प्रषाखा-5 को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हे।
4. श्री बृजबिहारी सिंह से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0 (राज0उ0)-2-06/2015-4311 ——— संकल्प 9 सितम्बर 20169 सितम्बर 20169 सितम्बर 20169 सितम्बर 2016
विभागीय संकल्प संख्या-4491 दिनांक 07.10.2015 द्वारा श्री बिनोद कुमार झा, तत्कालीन सहायक आयुक्त उत्पाद, भोजपुर सम्प्रति सेवानिवृत्त उपायुक्त उत्पाद के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी सहायक आयुक्त उत्पाद, भोजपुर के स्थान पर श्री रविन्द्र कुमार शर्मा, प्रभारी उपायुक्त उत्पाद (मुख्यालय में प्रतिनियुक्त) को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।25 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016 2. संकल्प की अन्य शर्त्ते यथावत् रहेगी। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-31/2015-4312 ——— संकल्प 9 सितम्बर 20169 सितम्बर 20169 सितम्बर 20169 सितम्बर 2016
विभागीय संकल्प संख्या-3664 दिनांक 02.08.2016 द्वारा श्री सरोज कुमार, तत्का0 अधीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय-उपायुक्त उत्पाद का कार्यालय, पटना-सह मगध प्रमंडल, पटना के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी अधीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद के स्थान पर श्री कृष्ण कुमार वर्मा, अवर सचिव, निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
2. संकल्प की अन्य शर्त्ते यथावत् रहेगी। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0 (राज0उ0)-2-37/2013-4313 ——— संकल्प 9 सितम्बर 20169 सितम्बर 20169 सितम्बर 20169 सितम्बर 2016
विभागीय संकल्प संख्या-44 दिनांक 06.01.2015 द्वारा श्री अंजनी कुमार सिन्हा, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, सिवान सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी अधीक्षक उत्पाद, सिवान के स्थान पर श्री रविन्द्र कुमार शर्मा, प्रभारी उपायुक्त उत्पाद (मुख्यालय में प्रतिनियुक्त) को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
2. संकल्प की अन्य शर्त्ते यथावत् रहेगी। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-2-15/2016-3816
——— संकल्प 11 अगस्त 201611 अगस्त 201611 अगस्त 201611 अगस्त 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री कृष्ण कुमार, सहायक आयुक्त उत्पाद, पटना के विरूद्ध मे0 ई0एस0बी0जी0 ब्रेवरीज प्रा0लि0 एवं मे0 गलोबल स्प्रीट्स लि0 पर अधिरोपित दण्ड की राशि वसूल नही करने के कारण विभाग द्वारा कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं राजस्व क्षति आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री कृष्ण कुमार के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए, श्री श्रीकृष्ण पासवान, उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमंडल, पटना (सम्प्रति मुख्यालय में प्रतिनियुक्त) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।26 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016 3. श्री कृष्ण कुमार के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री गणेश प्रसाद, विशेष अधीक्षक उत्पाद, (मुख्यालय) को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हेै।
4. श्री कृष्ण कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-2-16/2016-3818 ——— संकल्प 11 अगस्त 201611 अगस्त 201611 अगस्त 201611 अगस्त 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री विकास कुमार सिन्हा, सहायक आयुक्त उत्पाद, गया के विरूद्ध मे0 शिप्रा बिवरेज प्रा0 लि0 पर अधिरोपित दण्ड की राशि वसूल नहीं करने के कारण विभाग द्वारा कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं राजस्व क्षति आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है। 2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री विकास कुमार सिन्हा के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए, श्री श्रीकृष्ण पासवान, उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमंडल, पटना (सम्प्रति मुख्यालय में प्रतिनियुक्त) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री विकास कुमार सिन्हा के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री गणेश प्रसाद, विशेष अधीक्षक उत्पाद, (मुख्यालय) को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हे।
4. श्री विकास कुमार सिन्हा से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— सं॰ कारा/नि0को0(क)-17/2012-6462 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ——— संकल्प 21 अक्तूबर 2016
श्री देवेन्द्र प्रसाद, काराधीक्षक, (सम्प्रति सेवा से बर्खास्त) के विरूद्ध उनके मंडल कारा, सहरसा में पदस्थापन के दौरान प्रतिवेदित वित्तीय अनियमितता, लापरवाही, कर्तव्यहीनता एवं प्रषासनिक विफलता के लिए निगरानी थाना काण्ड संख्या-26/12 दिनांक 24.02.2012 धारा-420/409/467/468/471/120 बी0 भा0द0वि0 के अन्तर्गत एवं 13 (2) सहपठित धारा-13 (1) सी0डी0 भ्रष्टाचार अधिनियम-1988 दर्ज है। उक्त घटना के लिए श्री प्रसाद के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक-187 दिनांक 11.01.2013 द्वारा विभागीय कार्यवाही संस्थित की गई। विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, कोषी प्रमण्डल, सहरसा नामित किए गए।
2. निगरानी विभाग द्वारा घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गये कर्मियों/भ्रष्टाचार/वित्तीय अनियमितता एवं गबन से संबंधित मामलों की समीक्षोपरांत श्री प्रसाद को उक्त घटना तथा उनके मंडल कारा किषनगंज में पदस्थापन के दौरान जिला पदाधिकारी, किषनगंज द्वारा उनके विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों यथा कारा के अंदर जादू-टोना का कार्य कराये जाने, महिला बंदियों के साथ दुव्र्यवहार, कारा चिकित्सक पर अनुचित दबाव, अनधिकृत अनुपस्थिति एवं वरीय पदाधिकारी के आदेष की अवहेलना संबंधी आरोपों के लिए इन्हें विभागीय संकल्प ज्ञापांक 673 दिनांक 05.02.2014 द्वारा निलंबित किया गया। 3. श्री प्रसाद के विरूद्ध मंडल कारा, किषनगंज के प्रतिवेदित आरोपों के लिए गठित पूरक आरोप पत्र को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 843 दिनांक 13.02.2014 द्वारा पूर्व से संस्थित विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी को उपलब्ध कराते हुए पूरक आरोप पत्र पर भी जांच कर जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का निदेष दिया गया।27 Oबहार गजट, 2 नव!बर 2016 4. उक्त विभागीय कार्यवाही के संचालन के पष्चात् श्री प्रसाद के विरूद्ध गठित आरोपों को प्रमाणित पाये जाने के फलस्वरूप अनुषासनिक प्राधिकार के द्वारा विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6285 दिनांक 13.10.2015 के द्वारा निम्न दंड अधिरोपित किया गया है :-
'' सेवा से बर्खास्तगी का दंड ''। 5. उक्त आरोप प्रकरण में श्री प्रसाद दिनांक 05.02.2014 से 12.10.2015 तक निलंबित रहे है। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-11 के उप नियम-5 में विहित प्रावधानों के तहत् विभागीय ज्ञापांक 4554 दिनांक 01.08.2016 द्वारा श्री प्रसाद से अभ्यावेदन की माँग की गई, कि क्यों नहीं इस आषय का निर्णय लिया जाय कि निलंबन अवधि के लिए आपको जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा।
6. तदालोक में श्री प्रसाद द्वारा अपना अभ्यावेदन दिनांक 25.09.2016 समर्पित किया गया। श्री प्रसाद द्वारा समर्पित अभ्यावेदन की समीक्षा की गई। उनके अभ्यावेदन में जो तथ्य उठाये गये है वह स्वीकार योग्य नहीं है क्योंकि उन्होंने अभ्यावेदन में कोई तर्क संगत बात नहीं लिखकर विभाग पर अनावष्यक आरोप लगाया है। उनके अभ्यावेदन की भाषा अमर्यादित एवं असंयत है। उन्होंने अपने विरूद्ध कराये गये जाँच पर भी प्रष्न चिन्ह लगाया है और इसे नकार कर सिर्फ अनर्गल बातें लिखी है। उन्होने इस संबंध में माननीय न्यायालय में CWJC No- 934/2016 दायर करने की बात भी अंकित किया है।
7. श्री देवेन्द्र प्रसाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के फलाफल के पष्चात् सभी प्रक्रियाओं का विधिवत् पालन करते हुए प्रमाणित आरोपों के लिये विनिष्चय किये गये दंड एवं उस पर बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्ष के पष्चात् उन्हें नियमानुसार दण्ड अधिरोपित किया गया है। इस प्रकार स्पष्ट है कि श्री प्रसाद का निलंबन औचित्यपूर्ण था, जिसके लिए उन्हें दण्डित किया गया।
8. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक् विष्लेषणोपरान्त संसूचित किया जाता है कि श्री देवेन्द्र प्रसाद, काराधीक्षक, (सम्प्रति सेवा से बर्खास्त) के निलंबन अवधि (दिनांक 05.02. 2014 से 12.10.2015 तक) में जीवन निर्वाह भत्ता मद में किये गये भुगतान के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव वर्मा, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।
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