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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 29 November 2016

Published 29 November 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-11-29.1013
Languages
English, Hindi

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सं॰ 08/आरोप-01-

08/आरोप-01-104/2014-13916सा॰प्र॰

सामान्य प्रशासन विभाग

———

संकल्प

7 अक्तूबर 2016

श्री ओम प्रकाश, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-901/04, 492/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, परैया, विकास पदाधिकारी, परैया, श्री ओम प्रकाश, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-901/04, द्ध विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन से संबंधित अनियमितता के लिए त अन्य आरोप में निलंबित) के विरुद्ध विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन से संबंधित अनियमितता के लिए गया (सम्प्रति अन्य आरोप में निलंबित) के विरु 2007 द्वारा आरोप, प्रपत्र पदाधिकारी, गया के पत्रांक-802, दिनांक 09.02.2007 एवं पत्रांक-977, दिनांक 18.10.2007 द्वारा आरोप, प्रपत्र जिला पदाधिकारी, गया के पत्रांक-802, दिनांक 'क' प्रतिवेदित किया गया। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियत्रंण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 17 (2) 'क' प्रतिवेदित किया गया। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियत्रंण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 17 (2) 'क' प्रतिवेदित किया गया। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियत्रंण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 17 (2) प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के संकल्प ज्ञापांक-3412, के आलोक में उक्त प्रतिवेदित आरोपों की जाँच हेतु सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के संकल्प ज्ञापांक-3412, के आलोक में उक्त प्रतिवेदित आरोपों की जाँच हेतु सामान्य दिनांक 26.03.2008 द्वारा श्री प्रकाश के विरु

2008 द्वारा श्री प्रकाश के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। 2. संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में प्रमाणित आरोपों पर विभागीय पत्रांक-11813, दिनांक 12 संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में प्रमाणित आरोपों पर विभागीय पत्रांक-11813, दिनांक 12. संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में प्रमाणित आरोपों पर विभागीय पत्रांक-11813, दिनांक 12 08.2015 द्वारा श्री प्रकाश से लिखित अभिकथन/द्वितीय कारण-पृच्छा स्पष्टीकरण माँगा गया। इस क्रम में उनका लिखित अभिकथन/द्वितीय कारण-पृच्छा स्पष्टीकरण माँगा गया। इस क्रम में उनका लिखित अभिकथन/द्वितीय कारण-पृच्छा स्पष्टीकरण माँगा गया। इस क्रम में उनका स्पष्टीकरण (पत्रांक-45 (मु॰) दिनांक 27 2015) प्राप्त हुआ जिसमें उन्होंने स्वीकार किया है कि योजना स्पष्टीकरण (पत्रांक-45 (मु॰) दिनांक 27.11.2015) प्राप्त हुआ जिसमें उन्होंने स्वीकार किया है कि योजना सं॰-01/2006-07 में पी॰सी॰सी॰ प्लेटफार्म तोड़कर पुनः कार्य कराया गया तथा उसकी लागत राशि सं सं॰-01/2006-07 में पी॰सी॰सी॰ प्लेटफार्म तोड़कर पुनः कार्य कराया गया तथा उसकी लागत राशि संबंधित कनीय सं॰-01/2006-07 में पी॰सी॰सी॰ प्लेटफार्म तोड़कर पुनः कार्य कराया गया तथा उसकी लागत राशि सं अभियंता से वसूली गयी। कई योजनाऐं उनके स्थानांतरण के पश्चात्‌ प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा पूर्ण करायी गयी। योजना अभियंता से वसूली गयी। कई योजनाऐं उनके स्थानांतरण के पश्चात्‌ प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा पूर्ण करायी गयी। योजना अभियंता से वसूली गयी। कई योजनाऐं उनके स्थानांतरण के पश्चात्‌ प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा पूर्ण करायी गयी। योजना सं॰-03/2006-07 के अभिकर्त्ता से असमायोजित अग्रिम राशि की वसूली की गयी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी सं॰-03/2006-07 के अभिकर्त्ता से असमायोजित अग्रिम राशि की वसूली की गयी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी सं॰-03/2006-07 के अभिकर्त्ता से असमायोजित अग्रिम राशि की वसूली की गयी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी र्ण हो जाने एवं मापी पुस्तिका के आधार पर अधिकाई अग्रिम समायोजित हो जाने के र्ण हो जाने एवं मापी पुस्तिका के आधार पर अधिकाई अग्रिम समायो कहा है कि कई योजनाओं के पूर्ण हो जाने एवं मापी पुस्तिका के आधार पर अधिकाई अग्रिम समायो पश्चात्‌ उनके विरुद्ध कोई आरोप नहीं बनाता है।

द्ध कोई आरोप नहीं बनाता है।3. अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर आरोप, प्रपत्र 'क' जाँच प्रतिवेदन एवं आरोपित पदाधिकारी के लिखित अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर आरोप, प्रपत्र 'क' जाँच प्रतिवेदन एवं आरोपित पदाधिकारी के लिखित अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर आरोप, प्रपत्र 'क' जाँच प्रतिवेदन एवं आरोपित पदाधिकारी के लिखित अभिकथन के विश्लेषण में यह पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी के स्थानांतरण के पश्चात्‌ कई योजनाऐं पूर्ण हुई अभिकथन के विश्लेषण में यह पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी के स्थानांतरण के पश्चात्‌ कई योजनाऐं पूर्ण हुई अभिकथन के विश्लेषण में यह पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी के स्थानांतरण के पश्चात्‌ कई योजनाऐं पूर्ण हुई तथा कई योजनाओं में अधिकाई अग्रिम की राशि संबंधित अभिकर्त्ता से वसूली गयी। जाँच पदाधिकारी ने भी यह मंतव्य तथा कई योजनाओं में अधिकाई अग्रिम की राशि संबंधित अभिकर्त्ता से वसूली गयी। जाँच पदाधिकारी ने भी यह मंतव्य दिया है कि अभिकर्त्ताओं से अधिकाई अग्रिम की वसूली किये जाने से यह सिद्ध होता है कि अग्रिम देने में गम्भीर दिया है कि अभिकर्त्ताओं से अधिकाई अग्रिम की वसूली किये जाने से यह सिद्ध होता है कि अग्रिम देने में गम्भीर दिया है कि अभिकर्त्ताओं से अधिकाई अग्रिम की वसूली किये जाने से यह सिद्ध होता है कि अग्रिम देने में गम्भीर लापरवाही एवं अनियमितता बरती गयी। इनसब के आधार पर यह प्रमाणित होता है कि आरोपित पदाधिकारी ने लापरवाही एवं अनियमितता बरती गयी। इनसब के आधार पर यह प्रमाणित होता है कि आरोपित प लापरवाही एवं अनियमितता बरती गयी। इनसब के आधार पर यह प्रमाणित होता है कि आरोपित प योजनाओं के कार्यान्वयन के क्रम में बिना नापी एवं जाँच किये ही संबंधित अभिकर्त्ता को अग्रिम दिया। जो निःसंदेह योजनाओं के कार्यान्वयन के क्रम में बिना नापी एवं जाँच किये ही संबंधित अभिकर्त्ता को अग्रिम दिया। जो निःसंदेह योजनाओं के कार्यान्वयन के क्रम में बिना नापी एवं जाँच किये ही संबंधित अभिकर्त्ता को अग्रिम दिया। जो निःसंदेह योजनाओं के अनुश्रवण में इनकी लापरवाही को दर्शाता है तथा इस परिप्रेक्ष्य में श्री प्रकाश का स्पष्टीकरण स्वीकार योजनाओं के अनुश्रवण में इनकी लापरवाही को दर्शाता है तथा इस परिप्रेक्ष्य में श्री प्रकाश का स्पष्टीकरण स्वीकार योजनाओं के अनुश्रवण में इनकी लापरवाही को दर्शाता है तथा इस परिप्रेक्ष्य में श्री प्रकाश का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं पाया गया। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 29 नव(cid:14)बर 2016 4. उक्त के आलोक में सम्यक्‌ विचारोपरांत योजना के कार्यान्वयन में बरती गयी लापरवाही एवं अनियमितता के लिए दोषी मानते हुए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री प्रकाश के विरूद्ध (i) तीन वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक एवं (ii) प्रोन्नति पर चार वर्षों तक रोक (प्रोन्नति देयता तिथि से) का दंड विनिश्चित किया गया। विभागीय पत्रांक-8036, दिनांक 03.06.2016 द्वारा कंडिका-(i) में विनिश्चित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति माँगी गयी। इस क्रम में उक्त प्रस्तावित दंड पर आयोग की पूर्ण पीठ की दिनांक 20.09.2016 को सम्पन्न बैठक में दी गयी सहमति बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-2007, दिनांक 03.10.2016 द्वारा संसूचित की गयी।

5. अतएव बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियत्रंण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 14 के तहत श्री प्रकाश के विरुद्ध निम्नलिखित शास्ति अधिरोपित की जाती है :-

(i) तीन वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक। (ii) प्रोन्नति पर चार वर्षों तक रोक (प्रोन्नति देयता तिथि से)।

आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन राय, सरकार के अवर सचिव।

———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1013%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 29 November 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-11-29.1013/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-11-29.1013.