(cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)बहारहारहारहार गजटगजटगजटगजट हारहारहारहार गजटगजटगजटगजट
(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार
असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण अंकअंकअंकअंक
असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण
सरकारसरकारसरकारसरकार (cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत
ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत 8 अमहायणअमहायणअमहायणअमहायण 1938 (शशशश0) 8
((((संसंसंसं0 पटनापटनापटनापटना 1017) ) ) ) पटनापटनापटनापटना
पटनापटनापटनापटना, मंगलमंगलमंगलमंगलवारवारवारवार, 22229999 नव!बनव!बनव!बनव!बरररर 2016
सं0 सं0 सं0 सं0 08/आरोप-01-120/2014,सा॰प्र॰08/आरोप-01-120/2014,सा॰प्र॰08/आरोप-01-120/2014,सा॰प्र॰08/आरोप-01-120/2014,सा॰प्र॰—14841 सं0 सं0 सं0 सं0 सामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभाग ------------------------------------ संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 31313131 अक्तूबर 2016अक्तूबर 2016अक्तूबर 2016अक्तूबर 2016
श्री रामजन्म पासवान, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1548/04, 1118/11, तत्कालीन प्रखंड विका श्री रामजन्म पासवान, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक- 1548/04, 1118/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, द्ध सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के कार्यान्वयन में अनियमितता बरतने संबंधी आरोप, प्रपत्र 'क' टेकारी, गया के विरुद्ध सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के कार्यान्वयन में अनियमितता बरतने संबंधी आरोप, प्रपत्र 'क' द्ध सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के कार्यान्वयन में अनियमितता बरतने संबंधी आरोप, प्रपत्र 'क' जिला पदाधिकारी, गया के पत्रांक-5849, दिनांक
गया के पत्रांक-5849, दिनांक 16.12.2003 द्वारा प्राप्त हुआ।
2222.... विभागीय पत्रांक-6608, ि
विभागीय पत्रांक-6608, दिनांक 20.07.2005 द्वारा श्री पासवान से उक्त आरोपों पर स्पष्टीकरण माँगी गयी। 2005 द्वारा श्री पासवान से उक्त आरोपों पर स्पष्टीकरण माँगी गयी। 2007) समर्पित किया जिसमें इस क्रम में श्री पासवान ने अपना स्पष्टीकरण (दिनां इस क्रम में श्री पासवान ने अपना स्पष्टीकरण (दिनांक 20.12.2006 तथा दिनांक 08.11.2007) समर्पित किया जिसमें परांत उक्त प्रतिवेदित उनके द्वारा योजनाओं के कार्यान्वयन में हल्की त्रुटि की सम्भावना को स्वीकारा गया। इसके उपरांत उक्त प्रतिवेदित उनके द्वारा योजनाओं के कार्यान्वयन में हल्की त्रुटि की सम्भावना को स्वीकारा गया। इसके उ आरोपों की गम्भीरता को देखते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के आरोपों की गम्भीरता को देखते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के आरोपों की गम्भीरता को देखते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के 2009 द्वारा श्री पासवान के विरुद्ध विभागीय नियम-17 (2) के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7046, दिनांक नियम-17 (2) के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7046, दिनांक 21.07.2009 द्वारा श्री पासवान के विरु कार्यवाही संचालित की गयी।
3333.... संचालन पदाधिकारी यथा विभागीय जाँच आयुक्त के पत्रांक-390, दिनांक 31 2005 द्वारा उक्त विभागीय धिकारी यथा विभागीय जाँच आयुक्त के पत्रांक-390, दिनांक 31.07.2005 द्वारा उक्त विभागीय ाप्त हुआ जिसमें श्री पासवान के विरुद्ध गठित आरोपों को प्रमाणित बताया गया। उक्त द्ध गठित आरोपों को प्रमाणित बताया गया। उक्त कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ जिसमें श्री पासवान के विरु जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-12958, दिनांक 3 2015 द्वारा श्री पासवान से लिखित जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-12958, दिनांक 31.08.2015 द्वारा श्री पासवान से लिखित अभिकथन की माँग की गयी। इस क्रम में श्री पासवान ने अपना लिखित अभिकथन/स्पष्टीकरण (दिनांक 06.10.2015) अभिकथन की माँग की गयी। इस क्रम में श्री पासवान ने अपना लिखित अभिकथन/स्पष्टीकरण (दिनांक 06 अभिकथन की माँग की गयी। इस क्रम में श्री पासवान ने अपना लिखित अभिकथन/स्पष्टीकरण (दिनांक 06 द्ध लगाये गये आरोप को तथ्यहीन दर्शाते समर्पित किया। जिसमें उन्होंने जाँच प्रतिवेदन को त्रुटिपूर्ण एवं स्वयं के विरुद्ध लगाये गये आरोप को तथ्यहीन दर्शाते समर्पित किया। जिसमें उन्होंने जाँच प्रतिवे हुए आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया है। 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 29 नव!बर 2016 योजनाओं में संबंधित अभिकर्त्ता से बिना प्राप्ति रसीद लिये ही चेक निर्गत कर दिया गया। इसके साथ ही कर्णाकित राशि से अधिक की योजनाऐं कार्यान्वयन हेतु ले ली गयी जिसके कारण उनके पूर्ण होने में भी समस्या उत्पन्न हुई। जाँच पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित इन आरोपों पर आरोपित पदाधिकारी ने अपने स्पष्टीकरण में बरसात के समय कार्य आरम्भ करने के संबंध में यह तर्क प्रस्तुत किया कि किसी अभियंत्रण विभाग द्वारा बरसात के समय कार्य बन्द करने का दृष्टांत उन्होंने नहीं देखा है। इसके साथ ही उन्होंने कनीय अभियंता के अनुशंसा पर अभिकर्त्ता को अग्रिम विमुक्त करने का तथ्य स्पष्ट करते हुए मस्टर रौल के समुचित संधारण नहीं किये जाने के लिए कनीय अभियंता को जिम्मेवार बताया। इस प्रकार श्री पासवान ने अपने लिखित अभिकथन में प्रमाणित आरोपों पर कोई ठोस तर्क प्रस्तुत नहीं किया, जिसके कारण उनका स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है।
अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री पासवान के विरुद्ध उपर्युक्त आरोपों की प्रमाणिकता के आधार पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 के तहत (i) तीन वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक (ii) प्रोन्नति पर चार वर्षों के लिए रोक (प्रोन्नति देयता की तिथि से) का दंड विनिश्चित किया गया। विभागीय पत्रांक-9931, दिनांक 19.07.2016 द्वारा कंडिका-1 में विनिश्चित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग, , , , पटना से मंतव्य माँगा गया। इस क्रम में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-2006, दिनांक 03.10.2016 से अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दंड पर आयोग की पूर्ण पीठ द्वारा प्रदत्त सहमति संसूचित की गयी। 5555.... अतएव सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के कार्यान्वयन में कर्णाकित राशि से अधिक योजना लेने, अनियमित रूप से अग्रिम विमुक्त करने, मस्टर रौल का समुचित रूप से संधारण एवं सत्यापन नहीं करने आदि वित्तीय अनियमितता के प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 के तहत श्री रामजन्म पासवान, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1118/11 के विरुद्ध निम्नलिखित शास्ति अधिरोपित की जाती है :-
(i) 03 (तीन) वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक। (ii) प्रोन्नति पर 04 (चार) वर्षों तक रोक (प्रोन्नति देयता तिथि से)।
बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया अंक में प्रकाशित किया अंक में प्रकाशित किया अंक में प्रकाशित किया आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश दिया जाता आदेश दिया जाता आदेश दिया जाता आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति है कि इस संकल्प की प्रति है कि इस संकल्प की प्रति है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण बिहार राजपत्र के अगले असाधारण बिहार राजपत्र के अगले असाधारण
जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन राय,राम बिशुन राय,राम बिशुन राय,राम बिशुन राय, सरकार के अवर सचिव।
———— अधी)कअधी)कअधी)कअधी)क, सिचवालयसिचवालयसिचवालयसिचवालय मुिणालयमुिणालयमुिणालयमुिणालय, (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार, पपपपटनाटनाटनाटना (cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत एवंएवंएवंएवं मु.ित।मु.ित।मु.ित।मु.ित। (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण) 1017-571+10-ड$ड$ड$ड$0ट$ट$ट$ट$0प ीप ीप ीप ी0।।।। Website: http://egazette.bih.nic.in