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अधिसूचना
6 दिसम्बर 2016
सं0 lh0@bZ0,p0&38@2000&
lh0@bZ0,p0&38@2000&7156@ts0—विधि विभागीय अधिसूचना संख्या-4421/जे0,
ाागीय अधिसूचना संख्या-4421/जे0, दिनांक 20.07.2016 के निरंतरता में राज्य सरकार द्वारा लिये गये निर्णय के आलोक में पटना उच्च न्यायालय में सरकारी मुकदमों के के निरंतरता में राज्य सरकार द्वारा लिये गये निर्णय के आलोक में पटना उच्च न्यायालय में सरकारी मुकदमों के के निरंतरता में राज्य सरकार द्वारा लिये गये निर्णय के आलोक में पटना उच्च न्यायालय में सरकारी मुकदमों के
सलाहकार का एक नवसृजित पद पर निम्नरूपेण नियुक्त संचालनार्थ विधि पदाधिकारियों के रिक्त पदों एवं स्थायी सलाहकार का एक नवसृजित पद पर निम्नरूपेण नियुक्त संचालनार्थ विधि पदाधिकारियों के रिक्त पदों एवं स्थायी किया जाता है :-
| I. jktdh; vf/koDrk jktdh; vf/koDrk | ||
| क्र0 | नाम | वरीय अधिवक्ता/पंजीयन संख्या/ए0ओ0आर0 संख्या पंजीयन संख्या/ए0ओ0आर0 संख्या |
| 1. | श्री ज्ञान प्रकाश ओझा | डी990/1995 |
| 2. | श्री अजीत कुमार | 00635 |
| LFkk;h lykgdkj II. LFkk;h lykgdkj | ||
| क्र0 | नाम | पंजीयन संख्या/ए0ओ0आर0 संख्या |
| 1. | श्रीमती बिनीता सिंह मती बिनीता सिंह | 3210/1999 |
| III. ljdkjh odhy | ||
| क्र0 | नाम | पंजीयन संख्या/ए0ओ0आर0 संख्या |
| 1. | श्री मनीष कुमार | 02423 |
| 2. | श्रीमती अर्चना मीनाक्षी | 03449 |
2. उक्त पदों पर नियुक्ति के फलस्वरूप पूर्व से नियुक्त राजकीय अधिवक्ता, मो0 सैयद अलमदार हुसैन, सरकारी वकील, श्री मधुरेश प्रसाद एवं श्री सत्यव्रत वर्मा द्वारा पद ग्रहण नहीं करने एवं राजकीय अधिवक्ता, श्रीमती निवेदिता निर्विकार द्वारा समर्पित त्याग पत्र स्वीकृत होने के आधार पर उनकी नियुक्ति को समाप्त किया जाता है।
3. यह नियुक्ति अगले आदेश तक के लिए होगी तथा इन पदों पर नियुक्ति के फलस्वरूप विधि पदाधिकारियों के पदभार ग्रहण की तिथि से आदेश प्रभावी होगा ।
4. उपरोक्त विधि पदाधिकारियों की नियुक्ति भार ग्रहण की तिथि से अगले आदेश तक के लिए प्रभावी होगी । विधि पदाधिकारियों की कार्यों की मासिक समीक्षात्मक बैठक प्रधान अपर महाधिवक्ता के स्तर पर होगी और इससे संबंधित प्रतिवेदन उनके द्वारा विधि विभाग को प्रत्येक माह भेंजा जायेंगा जिसके आधार पर विधि पदाधिकारियों के कार्यों का विश्लेषण राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति (SLEC), जिसमें महाधिवक्ता आमंत्रित सदस्य रहेंगे, के द्वारा की जायगी और यदि कार्य संतोषप्रद नहीं पाया जायेंगा तो उनहें विधि पदाधिकारी के पद से हटा दिया जायेगा।
5 सभी विधि पदाधिकारी अपने कार्यों की विवरणी जिसमें उनके द्वारा निष्पादित केस जिसमें विशेष रूप से सरकार के पक्ष में पारित आदेश और सरकार के विरुद्ध पारित आदेश का उल्लेख करते हुए संबंधित प्रधान अपर महाधिवक्ता को प्रत्येक सप्ताह समर्पित करेंगे। इसमें यह भी उल्लेख करेंगे की कितने मामलें में प्रति शपथ पत्र दाखिल हुआ है और कितनें में नहीं हुआ।
6 विधि पदाधिकारी अपने आवंटित मामलों में सुनवाई हेतु स्वयं उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगे। 7 विधि पदाधिकारी सरकार के विरुद्ध आदेश होने पर विद्वान महाधिवक्ता को सूचित करते हुए संबंधित विभाग के प्रधान सचिव/सचिव या विभागाध्यक्ष को शीघ्रातिशीघ्र (अधिकतम एक सप्ताह के अन्दर) अपने परामर्श के साथ सूचित करेंगे कि संबंधित मामले में अपील/पुनर्विचार राज्य हित में दायर किया जाना उचित होगा अथवा नहीं।
8 विधि पदाधिकारी अपने आंवटित मामलों में सरकार के खिलाफ या सरकारी निगम/बोर्ड/अर्द्धनिकाय या जहॉ भी सरकार का कोई हित निहित है, ऐसे मामलें में सरकार के विरुद्ध काम नहीं करेंगे चाहे वह मामला उनकी नियुक्ति की तिथि के पूर्व का ही क्यों न हो। ऐसे मामलें दृष्टांत में आने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सरकार स्वतंत्र होगी।
9 उपर्युक्त नामित राजकीय अधिवक्ता को पॉच सहायक अधिवक्ता एवं सरकारी वकील तथा स्थायी सलाहकार को चार-चार सहायक अधिवक्ताओं की सेवा अनुमान्य होंगी। परन्तु सहायक अधिवक्ता को विधि व्यवसाय का तीन साल का अनुभव होना आवश्यक होगा। इस संबंध में पूर्व के सारे आदेश शिथिल समझे जायेंगे।
10 सभी विधि पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे की नियुक्ति के बाद सहायक अधिवक्ता की नियुक्ति की अनुशंसा, सहायक अधिवक्ता के योगदान के एक सप्ताह के अन्दर महाधिवक्ता के माध्यम से, बायोडाटा सहित विधि विभाग को अवश्य भेज दें। उसके बाद की अनुशंसाओं पर विचार नहीं किया जायेगा साथ ही, अगर बीच में किसी सहायक अधिवक्ता को हटाकर किसी दूसरे सहायक अधिवक्ता को नियुक्त किया जाता है तो सहायक अधिवक्ता को हटाने के एक सप्ताह के अंदर विधि विभाग को महाधिवक्ता के माध्यम से सूचित करना होगा तथा उसके बाद नये सहायक अधिवक्ता के नियुक्ति, योगदान के एक सप्ताह के अन्दर उक्त की तरह नयी नियुक्ति हेतु प्रस्ताव भेजना होगा। इस संबंध में पूर्व के निर्देश शिथिल समझे जायेंगे।
11 विधि पदाधिकारियों की नियुक्ति संबंधी विभागीय आदेश का क्रमांक विधि पदाधिकारी के क्रम (Numbering) के लिए नहीं होगा बल्कि सभी विधि पदाधिकारियों का क्रम महाधिवक्ता द्वारा इस प्रकार किया जायेगा कि पूर्व के विधि पदाधिकारियों का क्रम यथावत् रहें और नई नियुक्ति के विधि पदाधिकारियों का क्रम उनकी वरीयता के अनुसार हो। साथ ही अगर किसी भी पद के लिए अगर Designated Senior Advocate का चयन किया गया है तो उनकी पारस्परिक वरीयता को ध्यान में रखा जायेगा तथा उन्हें अन्य अधिवक्ताओं से क्रम में ऊपर रखा जायेगा।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 (cid:14)दस(cid:16)बर 2016 12 विधि पदाधिकारी अधिसूचना निर्गत होने की तिथि के एक सप्ताह के अंदर अपने योगदान के संबंध में महाधिवक्ता के माध्यम से विधि विभाग को सूचित करेंगे। उपरोक्त समयावधि की समाप्ति के बाद यह समझा जायेगा कि वे विधि पदाधिकारी के रूप में कार्य करने के इच्छुक नहीं हैं तथा उनकी नियुक्ति को निरस्त कर दिया जायेगा।
13. पटना उच्च न्यायालय के लिए नियुक्त उक्त विधि पदाधिकारियों को पूर्व निर्धारित दर पर अनुमान्य प्रतिधारण/दैनिक/एडमिशन/सुनवाई शुल्क देय होगा ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संजय कुमार, सरकार के सचिव ।
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