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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 09 December 2016

Published 09 December 2016

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2016-12-09.1045
Languages
English, Hindi

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बिहार विधान-सभा सचिवालय

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अधिसूचना

30 नवम्बर 2016

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बिहार मोटर वाहन करारोपण(संशोधन) विधेयक, 2016

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बिहार विा अधिनियम, 2014 (बिहार अधिनियम 15, 2014) की धारा 5(2)(क) का संशोधन करने हेतु विधेयक।

भारत गणराज्य के सड़सठवें वर्ष में बिहार राज्य मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-

1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ।-(1) यह अधिनियम बिहार मोटर वाहन करारोपण (संशोधन) अधिनियम, 2016 कहा जा सकेगा।

(2) इसका विस्तार संपूर्ण बिहार राज्य में होगा।

(3) यह तुरंत प्रवृत होगा।

2. बिहार विा अधिनियम, 2014 की धारा-5 में संशोधन।-बिहार विा अधिनियम, 2014 (बिहार अधिनियम 15, 2014) की धारा-5 (2) (क) में प्रयुक्त शब्द " सभी परिवहन वाहनों" के बाद कोष्ठक अंक एवं शब्द "[धारा-5 (2) (ख) द्वारा अच्छादित के अतिरिक्त]" जोड़े जाएंगे।

विाीय संलेख

बिहार मोटर वाहन करारोपण अधिनियम, 1994 में बिहार विा अधिनियम, 2014 (बिहार अधिनियम 15, 2014) के माध्यम से संशोधन किया गया था जो वितीय वर्ष 2014-15 से लागू है। इस अधिनियम के प्रशासन के क्रम में अनुभूत कठिनाइयों के निराकरण तथा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाने के उद्देश्य से आवश्यकतानुसार बिहार विा अधिनियम के माध्यम से समय-समय पर संशोधन किये जाते रहे है।

उपरोक्त संशोधन के आलोक में बिहार विा अधिनियम, 2014 की धारा 5(2)(क) एवं 5(2)(ख) में विरोधाभाष होने की सूचनाएं विभाग को प्राप्त हुई जिसके कारण उपर्युक्त अधिनियम की धारा 5(2)(क) एवं 5(2)(ख) के संबंध में कतिपय विवाद उत्पन्न हुए। उपर्युक्त नियम की समीक्षा से विदित हुआ कि बिहार विा अधिनियम, 2014 की धारा-5(2)(क) एवं 5(2)(ख) में कतिपय विरोधाभाष है जिसके कारण विवाद उत्पन्न हो रहा है एवं इस संबंध में स्पष्टीकरण के लिए उपरोक्त नियम में संधोधन की आवश्यकता है।

उपर्युक्त स्थिति में धारा 5(2)(क) "सभी प्रकार के वाहनों" पर लागू हो रहा है जबकि धारा 5(2)(ख) में "कंपनी द्वारा निर्मित वाहनों" के लिए पृथक प्रावधान है। उपर्युक्त के कारण इस विभाग के करारोपण पदाधिकारियों द्वारा स्पष्ट करने का अनुरोध किया गया है कि कंपनी द्वारा निर्मित वाहन सभी प्रकार के वाहनों के अधीन आता है कि नही ताकि राज्य-राजस्व के हित में विधिसम्मत कार्रवाई हो सके।

पूर्व में चेचिस, कंपनी से खरीद कर बस बॉडी बनाने का प्रचलन था जिसके कारण बिहार विा अधिनियम, 2014 में धारा 5(2)(क) डाला गया था। अब देश में AIS-052 बस कोड जारी किया गया जिसके द्वारा बसों के विनिर्माण के मानक तय करते हुए कंपनियों द्वारा मानक के आधार पर बस बनाना बाध्यकारी हो गया।

उपर्युक्त में धारा 5(2)(क) में "सभी परिवहन वाहनों" वाक्यांश अंकित है जबकि धारा 5(2)(ख) में "कंपनी द्वारा निर्मित" वाक्यांश अंकित है। उपर्युक्त में यह विवाद उत्पन्न हुआ कि सभी परिवहन वाहनों में कंपनी द्वारा निर्मित वाहन भी आते है। फलतः "कंपनी द्वारा निर्मित वाहनों" पर भी नियम 5(2)(क) के अनुसार ही जिला परिवहन कार्यालयों द्वारा करारोपण किया जाने लगा जिसके कारण वाहन स्वामी एवं जिला परिवहन कार्यालयों में विवाद उत्पन्न होने लगा। उपर्युक्त परिस्थिति में इस नियम को स्पष्ट करने हेतु इसमें संशोधन की आवश्यकता है।

बिहार विा अधिनियम, 2014 (बिहार अधिनियम 15, 2014) की धारा 5(2)(क) में प्रयुक्त शब्द "सभी परिवहन वाहनों" के बाद कोष्ठक अंक एवं शब्द "(धारा-5(2)(ख) द्वारा अच्छादित के अतिरिक्त) जोड़ा गया है।

विधेयक के प्रस्ताव पर विा विभाग की सहमति प्राप्त है।

चन्द्रिका राय भार-साधक सदस्य।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 9 (cid:14)दस(cid:16)बर 2016

उद्देश्य एवं हेतु

बिहार मोटर वाहन करारोपण अधिनियम, 1994 में बिहार विा अधिनियम, 2014 (बिहार अधिनियम 15, 2014) के माध्यम से संशोधन किया गया था जो वितीय वर्ष 2014-15 से लागू है। इस अधिनियम के प्रशासन के क्रम में अनुभूत कठिनाइयों के निराकरण तथा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाने के उद्देश्य से आवश्यकतानुसार बिहार विा अधिनियम के माध्यम से समय-समय पर संशोधन किये जाते रहे है।

उपरोक्त संशोधन के आलोक में बिहार विा अधिनियम, 2014 की धारा 5(2)(क) एवं 5(2)(ख) में विरोधाभाष होने की सूचनाएं विभाग को प्राप्त हुई जिसके कारण उपर्युक्त अधिनियम की धारा 5(2)(क) एवं 5(2)(ख) के संबंध में कतिपय विवाद उत्पन्न हुए। उपर्युक्त नियम की समीक्षा से विदित हुआ कि बिहार विा अधिनियम, 2014 की धारा-5(2)(क) एवं 5(2)(ख) में कतिपय विरोधाभाष है जिसके कारण विवाद उत्पन्न हो रहा है एवं इस संबंध में स्पष्टीकरण के लिए उपरोक्त नियम में संशोधन की आवश्यकता है।

उपर्युक्त स्थिति में धारा 5(2)(क) "सभी प्रकार के वाहनों" पर लागू हो रहा है जबकि धारा 5(2)(ख) में "कंपनी द्वारा निर्मित वाहनों" के लिए पृथक प्रावधान है। उपर्युक्त के कारण इस विभाग के करारोपण पदाधिकारियों द्वारा स्पष्ट करने का अनुरोध किया गया है कि कंपनी द्वारा निर्मित वाहन सभी प्रकार के वाहनों के अधीन आता है कि नही ताकि राज्य-राजस्व के हित में विधिसम्मत कार्रवाई हो सके।

पूर्व में चेचिस, कंपनी से खरीद कर बस बॉडी बनाने का प्रचलन था जिसके कारण बिहार विा अधिनियम, 2014 में धारा 5(2)(क) डाला गया था। अब देश में AIS-052 बस कोड जारी किया गया जिसके द्वारा बसों के विनिर्माण के मानक तय करते हुए कंपनियों द्वारा मानक के आधार पर बस बनाना बाध्यकारी हो गया।

उपर्युक्त में धारा 5(2)(क) में "सभी परिवहन वाहनों" वाक्यांश अंकित है जबकि धारा 5(2)(ख) में "कंपनी द्वारा निर्मित" वाक्यांश अंकित है। उपर्युक्त में यह विवाद उत्पन्न हुआ कि सभी परिवहन वाहनों में कंपनी द्वारा निर्मित वाहन भी आते है। फलतः "कंपनी द्वारा निर्मित वाहनों" पर भी नियम 5(2)(क) के अनुसार ही जिला परिवहन कार्यालयों द्वारा करारोपण किया जाने लगा जिसके कारण वाहन स्वामी एवं जिला परिवहन कार्यालयों में विवाद उत्पन्न होने लगा। उपर्युक्त परिस्थिति में इस नियम को स्पष्ट करने हेतु इसमें संशोधन की आवश्यकता है।

बिहार विा अधिनियम, 2014 (बिहार अधिनियम 15, 2014) की धारा 5(2)(क) में प्रयुक्त शब्द "सभी परिवहन वाहनों" के बाद कोष्ठक अंक एवं शब्द "(धारा-5(2)(ख) द्वारा अच्छादित के अतिरिक्त) जोड़ा गया है।

उपर्युक्त के कारण ही बिहार विा अधिनियम, 2014 (बिहार अधिनियम 15, 2014) की धारा 5(2)(क) में संशोधन कराना ही इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य है, जिसे अधिनियमित कराना ही इस विधेयक का मुख्य अभीष्ट है।

चन्द्रिका राय, भार-साधक सदस्य।

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पटना दिनांक-30.11.2016

सचिव, बिहार विधान-सभा।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 09 December 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2016-12-09.1045/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2016-12-09.1045.