(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40
ॢबह(cid:4)र गजट
ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत 7 पौष 1938 (श0) सं(cid:8)या 52 पटना, बुधवार, ———————— 28 "दस$बर 2016 (ई0) 'वषय-सूची पृ+ठ भाग-1—(cid:1)नयुि0त, पद2थापन, बदल(cid:15), शि0त, छु 6ी और अ9य :यि0तगत सूचनाएं। 2-10 भाग-1-क—2वयंसेवक गु?मA के समादे+टाओं के आदेश।
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भाग-1-ख—मैF(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Jाओं के पर(cid:15)Jा-फल, कायLMम, छाNवृिOत Pदान, आ"द।
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भाग-1-ग—QशJा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Jाफल आ"द ---
भाग-2—Rबहार-राTयपाल और कायाLUयJA Vवारा (cid:1)नकाले गये 'व(cid:1)नयम, आदेश, अWधसूचनाएं और (cid:1)नयम आ"द। 11-12 भाग-3—भारत सरकार, पिXचम बंगाल सरकार और उZच 9यायालय के आदेश, अWधसूचनाएं और (cid:1)नयम, 'भारत गजट' और राTय गजटA के उ]रण। ---
भाग-4—Rबहार अWध(cid:1)नयम ---
पृ+ठ भाग-5—Rबहार 'वधान मंडल म_ पुर:2था'पत 'वधेयक, उ0त 'वधान मंडल म_ उप2था'पत या उप2था'पत aकये जानेवाले Pवर सQम(cid:1)तयA के P(cid:1)तवेदन और उ0त 'वधान मंडल म_ पुर:2थापन के पूवL PकाQशत 'वधेयक। ---
भाग-7—संसद के अWध(cid:1)नयम िजनपर रा+Fप(cid:1)त कb Tये+ठ अनुम(cid:1)त Qमल चुकb है। ---
भाग-8—भारत कb संसद म_ पुर:2था'पत 'वधेयक, संसद म_ उप2था'पत Pवर सQम(cid:1)तयA के P(cid:1)तवेदन और संसद म_ उप2था'पत Pवर सQम(cid:1)तयA के P(cid:1)तवेदन और संसद म_ पुर:2थापन के पूवL PकाQशत 'वधेयक। ---
भाग-9—'वcापन
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भाग-9-क—वन 'वभाग कb नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—(cid:1)न'वदा सूचनाएं, पdरवहन सूचनाएं, 9यायालय सूचनाएं और सवLसाधारण सूचनाएं इOया"द। 13-13
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पूरक
पूरक-क 14-192 Rबहार गजट, 28 "दस$बर 2016
भ(cid:2)ग(cid:4)1
०नय१ॢफ(cid:12) पद(cid:16)थ(cid:2)पन(cid:12) बदल(cid:20)(cid:12) शॢफ(cid:12) छ१Ñट(cid:20) jर [(cid:28)य व(cid:30)यॢफक स३चन(cid:2)e $
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उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग
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अधिसूचनाएं
1 दिसम्बर 2016
सं॰ IX-11-18/2014-6028—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा 5 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल ने गया जिलान्तर्गत नीमचक बथानी (खिजरसराय) अनुमंडल मुख्यालय में वर्ष-2016-17 में अस्थायी रूप से पुनः स्थापित किये गये अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) केे एक-एक सृजित पद का वर्ष-2016-17 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।
2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0-2266 दिनांक 04.09.2009, 322, दिनांक 03.02.2012 6519 दिनांक 18.12.12, 1054 दिनांक 07.03.2014, 125 दिनांक 12.01.2015 एवं 2417 दिनांक 27.05.2015 के क्रम में निर्गत की जा रही है।
सं॰ IX-11-18/2014-6029—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा 5 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल ने पूर्वी चम्पारण जिलान्तर्गत पकड़ीदयाल अनुमंडल मुख्यालय में वर्ष-2009-10 में अस्थायी रूप सेे खोले गये अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के एक-एक सृजित पद का वर्ष-2016-17 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।
2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0-2047 दिनांक-06.08.2008, 399 दिनांक-11.02.2011, 5008 दिनांक 11.10.2012, 1547 दिनांक 28.06.2013, 126 दिनांक 12.01.2015 एवं 2422 दिनांक 27.05.2015 के क्रम में निर्गत की जा रही है।
सं॰ IX-11-18/2014-6030—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा 5 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल ने मुंगेर जिलान्तर्गत तारापुर अनुमंडल मुख्यालय में वर्ष-2010-11 में अस्थायी रूप से खोले गये अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के एक-एक सृजित पद का वर्ष-2016-17 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।
2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0-1344 दिनांक 24.05.2010, 1272 दिनांक 19.04.2012 1561 दिनांक 02.07.2013, 122 दिनांक 12.01.2015 एवं 2423 दिनांक 27.05.2015 के क्रम में निर्गत की जा रही है।
सं॰ IX-11-18/2014-6031—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा 5 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल ने बेगूसराय जिलान्तर्गत बलिया अनुमंडल मुख्यालय में वर्ष-2010-11 में अस्थायी रूप से खोले गये अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के एक-एक सृजित पद का वर्ष-2016-17 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।
2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0-29 दिनांक 05.01.2010, 959 दिनांक 27.03.2012 4178 दिनांक 12.12.2013, 128 दिनांक 12.01.2015 एवं 2425 दिनांक 27.05.2015 के क्रम में निर्गत की जा रही है।
सं॰ IX-11-18/2014-6032—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा 5 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल ने भोजपुर जिलान्तर्गत पीरो अनुमडल मुख्यालय में वर्ष-2010-11 में अस्थायी रूप से खोले गये अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के एक-एक सृजित पद का वर्ष-2016-17 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।
2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0-30 दिनांक 05.01.2010, 961 दिनांक 27.03.2012 4182 दिनांक 12.12.2013, 129 दिनांक 12.01.2015 एवं 2424 दिनांक 27.05.2015 के क्रम में निर्गत की जा रही है।
सं॰ IX-11-18/2014-6033—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा 5 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल ने कैमूर जिलान्तर्गत मोहनियाँ अनुमंडल मुख्यालय में वर्ष-2010-11 में अस्थायी रूप से खोले गये अवर3 Rबहार गजट, 28 "दस$बर 2016 निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के एक-एक सृजित पद का वर्ष-2016-17 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।
2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0-31 दिनांक 05.01.2010, 3572 दिनांक-28.11.2011 4177 दिनांक 12.12.2013, 127 दिनांक 12.01.2015 एवं 2426 दिनांक 27.05.2015 के क्रम में निर्गत की जा रही है।
सं॰ IX-11-18/2014-6034—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा 5 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल ने.मुजफ्फरपुर जिलान्तर्गत मोतीपुर अचंल मुख्यालय में वर्ष-2010-11 में अस्थायी रूप से खोले गये अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के एक-एक सृजित पद का वर्ष-2016-17 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।
2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0-32 दिनांक 05.01.2010, 963 दिनांक 27.03.2012 4175 दिनांक 12.12.2013, 131 दिनांक 12.01.2015 एवं 2418 दिनांक 27.05.2015 के क्रम में निर्गत की जा रही है।
सं॰ IX-11-18/2014-6035—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा 5 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल ने पूर्वी चम्पारण जिलान्तर्गत रक्सौल अनुमंडल मुख्यालय में वर्ष-2010-11 में अस्थायी रूप से खोले गये अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के एक-एक सृजित पद का वर्ष-2016-17 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।
2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0-34 दिनांक 05.01.2010, 964 दिनांक 27.03.2012 4174 दिनांक 12.12.2013, 130 दिनांक 12.01.2015, 130 दिनांक 12.01.2015 एवं 2421 दिनांक 27.05.2015 के क्रम में निर्गत की जा रही है।
सं॰ IX-11-18/2014-6036—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा 5 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल ने सहरसा जिलान्तर्गत सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल मुख्यालय में वर्ष-2010-11 में अस्थायी रूप से खोले गये अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के एक-एक सृजित पद का वर्ष-2016-17 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।
2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0-35 दिनांक 05.01.2010, 966 दिनांक 27.03.2012,ं 4179 दिनांक 12.12.2013 एव 132 दिनांक 12.01.2015 एवं 2420 दिनांक 27.05.2015 के क्रम में निर्गत की जा रही है।
सं॰ IX-11-18/2014-6037—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा 5 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल ने नवादा जिलान्तर्गत रजौली अनुमंडल मुख्यालय में वर्ष-2010-11 में अस्थायी रूप से खोले गये अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के एक-एक सृजित पद का वर्ष-2016-17 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।
2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0-36 दिनांक 05.01.2010, 960 दिनांक 27.03.2012, 4180 दिनांक 12.12.2013, 133 दिनांक 12.01.2015 एवं 2419 दिनांक 27.05.2015 के क्रम में निर्गत की जा रही है।
सं॰ IX-11-18/2014-6038—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा 5 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल ने लखीसराय जिलान्तर्गत सूर्यगढ़ा अंचल मुख्यालय में वर्ष-2010-11 में अस्थायी रूप से खोले गये अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के एक-एक सृजित पद का वर्ष-2016-17 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।
2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0-37 दिनांक 05.01.2010, 965 दिनांक 27.03.2012, 4161 दिनांक 11.12.2013. 124 दिनांक 12.01.2015 एवं 2415 दिनांक 27.05.2015 के क्रम में निर्गत की जा रही है।
सं॰ IX-11-18/2014-6039—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा 5 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल ने सिवान जिलान्तर्गत रघुनाथपुर अंचल मुख्यालय में वर्ष-2010-11 में अस्थायी रूप से खोले गये अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के एक-एक सृजित पद का वर्ष-2016-17 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।
2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0-33 दिनांक 05.01.2010, 962 दिनांक 27.03.2012, 4181 दिनांक 12.12.2013, 123 दिनांक 12.01.2015 एवं 2416 दिनांक 27.05.2015 के क्रम में निर्गत की जा रही है।
सं॰ IX-11-18/2014-6040—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा 5 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल ने गोपालगंज जिलान्तर्गत सिधवलिया प्रखंड मुख्यालय माधोपुर में वर्ष-2013-14 में अस्थायी रूप से खोले गये अवर निबंधन कार्यालय माधोपुर (सिधवलिया) तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी4 Rबहार गजट, 28 "दस$बर 2016 (अराजपत्रित) तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के एक-एक सृजित पद का वर्ष-2016-17 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।
2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0-2760 दिनांक 19.09.2013 एवं 2551 दिनांक 17.06.2014 एवं 2427 दिनांक 27.05.2015 के क्रम में निर्गत की जा रही है।
सं॰ IX-11-18/2014-6041—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा 5 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल ने पटना जिलान्तर्गत फुलवारीशरीफ प्रखंड मुख्यालय में वर्ष-2013-14 में अस्थायी रूप से खोले गये अवर निबंधन कार्यालय फुलवारीशरीफ का वर्ष-2016-17 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है। 2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0-1438 दिनांक 13.06.2013, 2374 दिनांक 06.06.2014 एव 2428 दिनांक 27.05.2016 के क्रम में निर्गत की जा रही है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, देवकी नन्दन दास, उप-सचिव।
———
15 दिसम्बर 2016
सं॰ IX-11-06/2016-6208—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा-5 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल ने निर्देश देने की कृपा की है कि कार्यालय खुलने की तिथि से वित्तीय वर्ष 2016-17 तक के लिए रोहतास (सासाराम) जिलान्तर्गत, डिहरी अनुमंडल के मुख्यालय में अस्थायी रूप से एक नया अवर निबंधन कार्यालय स्थापित किया जाएगा, जिसका क्षेत्राधिकार डिहरी, अकोढ़ीगोला, रोहतास, नौहट्टा एवं तिलौथु अंचलों तक सीमित रहेगा। 1. इसके फलस्वरूप जिला निबंधन कार्यालय, सासाराम (रोहतास) का क्षेत्राधिकार अब सासारम सदर (अधिसूचित क्षेत्र सहित), करगहर, कोचस, नोखा, शिवसागर, राजपुर, एवं चेनारी अंचल तक ही सीमित रहेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, आमिर सुबहानी, प्रधान सचिव।
——— पत्रांक- IX-11-06/2016-6209 निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग (निबंधन) ———
प्रेषक,
महालेखाकार, बिहार, वीरचन्द पटेल पथ, पटना।
द्वारा- *वित्त विभाग, बिहार, पटना।
पटना, दिनांक 15 दिसम्बर 2016 विषयः- निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग (निबंधन) के अधीन वर्ष 2016-17 तक के लिए रोहतास (सासाराम) जिलान्तर्गत, डिहरी अनुमंडल के मुख्यालय में अस्थायी रूप से एक नया अवर निबंधन कार्यालय स्थापित किया जाने तथा अवर निबंधक (राजपत्रित) का एक अस्थायी पद ंके सृजन एवं इस कार्यालय के स्थापना पर होने वाले वार्षिक व्यय रू0-5,59,236/- (पाँच लाख उनसठ हजार दो सौं छत्तीस) रूपये की स्वीकृति के संबंध में।
आदेश- स्वीकृत।
| क्र0 सं0 | पदनाम | पदों की संख्या | वेतन बैंड | ग्रेड वेतन | कुल वार्षिक व्यय |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| 01 | अवर निबंधक (राजपत्रित) | 01 (एक) | 9,300-34,800/- | 4,800/- | 2,17,800/- |
| कुल योगः- | 2,17,800/- |
3. उपर्युक्त पद ंके सृजन एवं कार्यालय स्थापना पर कुल वार्षिक व्यय कुल :-5,59,236/- (पाँच लाख उनसठ हजार दो सौ छत्तीस रूपये) मात्र अनुमानित है (व्यय विवरणी संलग्न)।
4. उक्त व्यय का वहन ''मुख्य शीर्ष -2030- स्टाम्प एवं पंजीकरण, उप मुख्य शीर्ष -03- पंजीकरण, लघुशीर्ष -001- निदेशन एवं प्रशासन, उप शीर्ष-0002 जिला प्रभार गैर योजना (विपत्र कोड- N-2030030010002), माँग संख्या- 38 के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष- 2016-17 के लिए उपबंधित राशि से किया जायेगा।5 Rबहार गजट, 28 "दस$बर 2016 5. उक्त राशि की निकासी जिला कोषागार, रोहतास के अन्तर्गत उप-कोषागार, डिहरी से की जायेगी तथा उसके निकासी व्ययन पदाधिकारी अवर निबंधक, डिहरी होगें। अनु0- यथोक्त।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, आमिर सुबहानी, प्रधान सचिव।
व्यय विवरणी
रोहतास जिलान्तर्गत डिहरी अनुमंडल में अस्थायी रूप से नया अवर निबधन कार्यालय खोले जाने के फलस्वरूप
| क्र0 सं0 | पदनाम | पदों की संख्या | वेतन बैंड | ग्रेड वेतन | कुल वार्षिक व्यय |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| 01 | अवर निबंधक (राजपत्रित) | 01 (एक) | 9,300-34,800/- | 4,800/- | 2,17,800/- |
| कुल योग- | 2,17,800/- |
| (1) वतेन :- 1. पदाधिकारी - | 2,17,800/- |
| (2) महँगाई भत्ता 125 प्रतिशत पदाधिकारी - 1. | 2,72,256/- |
| (3) मकान भाड़ा (10 प्रतिशत) पदाधिकारी - 1. | 21,780/- |
| (4) चिकित्सा भत्ता पदाधिकारी - 1. | 2,400/- |
| (5) आकस्मिक व्यय 01. कार्यालय का मकान भाड़ा - 02. लेखन सामग्री - | 0/-(अनुमंडल कार्यालय में संयुक्त भवन में निबंधन कार्यालय की व्यवस्था है) 20,000/- |
| (6) अनावर्त्त व्यय, उपस्कर इत्यादि | 25,000/- |
| कुल :- | 5,59,236/- |
व्यय का सारांश 1. पदाधिकारी का वेतन, महँगाई भत्ता एवं अन्य व्यय - 5,14,236/- 2. आकस्मिक व्यय - 45,000/- कुल :-5,59,236/-
(पाँच लाख उनसठ हजार दो सौ छत्तीस) रूपये मात्र।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, आमिर सुबहानी, प्रधान सचिव।
——— पत्रांक- IX-11-18/2014-6042 निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग (निबंधन) ———
सेवा में,
महालेखाकार, बिहार
बीरचंद पटेल पथ, पटना।
पटना, दिनांकः-1 दिसम्बर 2016 विषय- निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधीन वर्ष-2016-17 तक के लिए गोपालगंज जिलान्तर्गत सिंधवलिया प्रखंड मुख्यालय माधोपुर, मोहनियाँ, तारापुर, पकड़ीदयाल एवं नीमचक बथानी (खिजरसराय) अनुमंडल मुख्यालय, में खोले गये अस्थायी नये अवर निबंधन कार्यालयों एवं उक्त कार्यालयों के लिए अस्थायी रूप से अवर निबंधक (राजपत्रित) के पांच पद, रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) के पांच पद तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के पांच पद अर्थात कुल 15 (पन्द्रह) सृजित अस्थायी पदों का वर्ष-2016-17 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति के सबंध में।6 Rबहार गजट, 28 "दस$बर 2016 आदेश- स्वीकृत।
उपर्युक्त विषय के संबंध में सूचित करना है कि निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधीन वर्ष-2016-17 तक के लिए मोहनियाँ, तारापुर, पकड़ीदयाल एवं नीमचक बथानी (खिजरसराय) अनुमंडल मुख्यालय, में खोले गये अस्थायी नये अवर निबंधन कार्यालयों एवं उक्त कार्यालयों के लिए अस्थायी रूप से अवर निबंधक (राजपत्रित) के पांच पद, रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) के पांच पद तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के पांच पद अर्थात कुल 15 (पन्द्रह) सृजित अस्थायी पदों का वर्ष-2016-17 तक में कुल अनुमानित व्यय ` 52,75,955/- (बावन लाख पचहत्तर हजार नौ सौ पचपन रुपये) मात्र पर अवधि विस्तार के प्रस्ताव में अपनी स्वीकृति प्रदान की है। तत्संबंधी व्यय विवरणी संलग्न है।
2. सभी संबंधित अवर निबध्ांन कार्यालय के अवर निबंधक, जिनको महालेखाकार कार्यालय द्वारा निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी हेतु प्राधिकार पत्र निर्गत है, अपने कार्यालय का ''निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी'' होेगें तथा शेष अवर निबंधन कार्यालयों के लिए संबंधित जिला अवर निबंधक ही ''निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी'' होंगेंं।
3. उपर्युक्त सभी पदों पर नियुक्त कर्मियों का वेतनादि का भुगतान ''मुख्य शीर्ष 2030 स्टाम्प तथा पंजीकरण, उप मुख्यशीर्ष-03-पंजीकरण, लघुशीर्ष-001 निदेशक और प्रशासन , उपशीर्ष-0002-जिला प्रभार, मांग सं0-38, गैर योजना, विपत्र कोड एन-2030030010002 के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष-2016-17 के लिए उपबंधित राशि से किया जायेगा। 4. इसमें विभागीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।
अनु0- यथोक्त।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, देवकी नन्दन दास, उप-सचिव।
व्यय विवरणी
गोपालगंज जिलान्तर्गत सिन्धवालिया प्रखंड मुख्यालय माधोपुर तथा मोहनिया, तारापुर, पकड़ीदयाल एवं नीमचक बथानी (खिजरसराय) अनुमंडल मुख्यालय में अस्थायी रूप से खोले गए नया अवर निबंधन कार्यालय के स्थापना पर वित्तीय वर्ष- 2016-17 में हाने वाले संभावित व्यय।
| क्र0 सं0 | पदनाम | पदों की संख्या | वेतन बैंड | ग्रेड वेतन | कुल वार्षिक व्यय |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| 01 | अवर निबंधक (राजपत्रित) | 05(पाँच) | 9,300-34,800/- | 4,800/- | 10,89,000/- |
| 02 | रात्रिप्रहरी (अराजपत्रित) | 05(पाँच) | 5,200-20,200/- | 1,800/- | 4,20,000/- |
| 03 | कार्यलय परिचारी (अराजपत्रित) | 05(पाँच) | 5,200-20,200/- | 1,800/- | 4,20,000/- |
| कुल योगः- | 19,29,000/- |
| (1) वतेन :- पदाधिकारी - 1. 2. रात्रिप्रहरी - 3. कार्यलय परिचारी - | 10,89,000/- 4,20,000/- 4,20,000/- |
| (2) महँगाई भत्ता 125 प्रतिशत 1. पदाधिकारी - रात्रिप्रहरी - 2. 3. कार्यलय परिचारी- | 13,61,280/- 5,25,000/- 5,25,000/- |
| (3) मकान भाड़ा (7.5 प्रतिशत) 1. पदाधिकारी - 2. रात्रिप्रहरी - 3. कार्यलय परिचारी - | 81,675/- 31,500/- 31,500/- |
| (4) चिकित्सा भत्ता 1. पदाधिकारी - 2. रात्रिप्रहरी - 3. कार्यलय परिचारी - | 12,000/- 12,000/- 12,000/- |
| (5) आकस्मिक व्यय 5. कार्यालय का मकान भाड़ा - 6. लेखन सामग्री - | 1,80,000/- 75,000/- |
| (6) अनावर्त्त व्यय, उपस्कर इत्यादि | 5,00,000/- |
| कुल :- | 52,75,955/- |
व्यय का सारांश 07. पदाधिकारी का वेतन, महँगाई भत्ता एवं अन्य व्यय - 25,43,955/- 08. रात्रिप्रहरी एवं कार्यलय परिचारी का वेतन, महँगाई भत्ता, अन्य व्यय - 19,77,000/- 09. आकस्मिक व्यय एवं अनावर्त्त व्यय, - 7,55,000/-
कुल :-52,75,955/-
(बावन लाख पचहत्तर हजार नौं सौ पचपन) रूपये मात्र।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, देवकी नन्दन दास, उप-सचिव।
———
पत्रांक- IX-11-18/2014-6043
निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग (निबंधन)
———
सेवा में,
महालेखाकार, बिहार
बीरचंद पटेल पथ, पटना।
पटना, दिनांकः-1 दिसम्बर 2016 विषय- निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधीन वर्ष-2016-17 तक के लिए बलिया, पीरो, रक्सौल, सिमरी बख्तियारपुर एवं रजौली अनुमंडल मुख्यालय तथा मोतीपुर, रघुनाथपुर एवं सूर्यगढ़ा अंचल में खोले गये अस्थायी नये अवर निबंधन कार्यालयों एवं उक्त कार्यालयों के लिए अस्थायी रूप से अवर निबध्ांक (राजपत्रित) के आठ पद, रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) के आठ पद तथा संविदा के आधार पर कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के आठ पद अर्थात कुल-24 (चौबीस) सृजित अस्थायी पदों का वर्ष 2016-17 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति के संबंध में।
आदेश- स्वीकृत।
उपर्युक्त विषय के संबंध में सूचित करना है कि निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधीन वर्ष-2016-17 तक के लिए बलिया, पीरो, रक्सौल, सिमरी बख्तियारपुर व रजौली अनुमंडल मुख्यालय तथा मोतीपुर, रघुनाथपुर व सूर्यगढ़ा अंचल में खोले गये अस्थायी नये अवर निबंधन कार्यालयों और उक्त कार्यालयों के लिए अस्थायी रूप से अवर निबध्ांक (राजपत्रित) के आठ पद, रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) के आठ पद तथा संविदा के आधार पर कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के आठ पद अर्थात् कुल-24 (चौबीस) सृजित अस्थायी पदों का वर्ष 2016-17 तक में कुल अनुमानित व्यय ` 78,40,904/- (अठहत्तर लाख चालीस हजार नौ सौ चार रूपये) मात्र पर अवधि विस्तार के प्रस्ताव में अपनी स्वीकृति प्रदान की है। तत्संबंधी व्यय विवरणी संलग्न है।
2. सभी संबंधित अवर निबध्ांन कार्यालय के अवर निबंधक, जिनको महालेखाकार कार्यालय द्वारा निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी हेतु प्राधिकार पत्र निर्गत है, अपने कार्यालय का ''निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी'' होेगें तथा शेष अवर निबंधन कार्यालयों के लिए संबंधित जिला अवर निबंधक ही ''निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी'' होंगेंं।
3. उपर्युक्त सभी पदों पर नियुक्त कर्मियों का वेतनादि का भुगतान ''मुख्य शीर्ष-2030 स्टाम्प तथा पंजीकरण, उप मुख्यशीर्ष-03-पंजीकरण, लघुशीर्ष-001 निदेशक और प्रशासन, उपशीर्ष-0002-जिला प्रभार, मांग सं0-38, गैर योजना, विपत्र कोड एन-2030030010002 के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष-2016-17 के लिए उपबंधित राशि से किया जायेगा।
4. इसमें विभागीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।
अनु0- यथोक्त।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
देवकी नन्दन दास, उप-सचिव।8 Rबहार गजट, 28 "दस$बर 2016
व्यय विवरणी
बलिया, पीरों, रक्सौल, सिमरी बख्तियापुर व रजौली अनुमंडल मुख्यालय तथा मोतीपुर, रघुनाथपुर व सूर्यगढ़ा अंचल मुख्यालय में अस्थायी रूप से खोले गए नया अवर निबंधन कार्यालय के स्थापना पर वित्तीय वर्ष 2016-17 में होने वाले संभावित व्यय।
| क्र0 सं0 | पदनाम | पदों की संख्या | वेतन बैंड | ग्रेड वेतन | कुल वार्षिक व्यय |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| 01 | अवर निबंधक (राजपत्रित) | 08(आठ) | 9,300-34,800/- | 4,800/- | 17,42,400/- |
| 02 | रात्रिप्रहरी (अराजपत्रित) | 08(आठ) | 5,200-20,200/- | 1,800/- | 6,72,000/- |
| 03 | कार्यलय परिचारी (संविदा के आधार पर) | 08(आठ) | एकल पारिश्रामिक प्रतिमाह रू0- 10,219/- एकल पारिश्रामिक प्रतिवर्ष x 12 -रू/-1,22,628 | 9,81,024/- | |
| कुल योगः- | 33,95,424/- |
| (1) वतेन :- अपदाधिकारी - 3. 4. रात्रिप्रहरी - 5. परिचारी (संविदा) - | 17,42,400/- 6,72,000/- 9,81,024/- |
| (2) महँगाई भत्ता 125 प्रतिशत पदाधिकारी - 1. 2. रात्रिप्रहरी - | 21,78,000/- 8,40,000/- |
| (3) मकान भाड़ा (7.5 प्रतिशत) 1. पदाधिकारी - रात्रिप्रहरी - 2. | 1,30,680/- 50,400 /- |
| (4) चिकित्सा भत्ता 1. पदाधिकारी - रात्रिप्रहरी - 2. | 19,200/- 19,200/- |
| (5) आकस्मिक व्यय 1. कार्यालय का मकान भाड़ा - 2. लेखन सामग्री - | 2,88,000/- 1,20,000/- |
| (6) अनावर्त्त व्यय, उपस्कर इत्यादि | 8,00,000/- |
| कुल :- | 78,40,904/- |
व्यय का सारांश
10. पदाधिकारी का वेतन, महँगाई भत्ता एवं अन्य व्यय - 40,70,280/- 11. रात्रिप्रहरी एवं परिचारी (संविदा) का वेतन, महँगाई भत्ता, अन्य व्यय - 25,62,624 /- 12. आकस्मिक व्यय एवं अनावर्त्त व्यय, - 12,08,000/- कुल :-78,40,904/-
(अठहत्तर लाख चालीस हजार नौ सौं चार ) रूपये मात्र। बिहार-राज्यपाल के आदेश से, देवकी नन्दन दास, उप-सचिव।9 Rबहार गजट, 28 "दस$बर 2016
पत्रांक- IX-11-18/2014-6044
निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग (निबंधन)
———
सेवा में,
महालेखाकार, बिहार
बीरचंद पटेल पथ, पटना।
पटना, दिनांकः-1 दिसम्बर 2016 विषय- निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधीन वर्ष-2016-17 तक के लिए पटना जिलान्तर्गत फुलवारीशरीफ प्रखंड मुख्यालय में खोले गये अवर निबंधन कार्यालय का वर्ष-2016-17 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति के संबंध में।
आदेश- स्वीकृत।
उपर्युक्त विषय के संबंध में सूचित करना है कि कार्यालय खुलने की तिथि से अस्थायी रूप से पटना जिलान्तर्गत फुलवारीशरीफ प्रखंड मुख्यालय में एक नया अवर निबंधन कार्यालय खोलने के लिए निम्नलिखित मद से वर्ष 2016-17 के लिए रू0 2,35,000/-(दो लाख पैतीस हजार रूपये) की प्रस्तावित राशि की स्वीकृति दी गयी है।
(1) आकस्मिक व्ययः-
(क) कार्यालय का भाड़ा- 1,20,000/-
(ख) लेखन सामग्री- 15,000/-
(2) अनावर्त्त व्यय (उपस्कर आदि)- 1,00,000/-
कुल- 2,35,000/-
2. उक्त कार्यालय हेतु कोई नया पद सृजित नहीं किया गया है। तत्काल पटना जिलान्तर्गत पदस्थापित बिहार निबंधन सेवा अथवा बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी को प्रभारी अवर निबंधक के रूप में तथा जिला निबंधन कार्यालय, पटना के स्थापना बल से उच्चवर्गीय लिपिक, निम्नवर्गीय लिपिक तथा अनुसेवक-सह-रात्रि प्रहरी की प्रतिनियुक्ति कर उक्त कार्यालय में कार्य प्रारंभ किया जा रहा है।
3. उक्त व्यय का''मुख्य शीर्ष 2030 स्टाम्प तथा पंजीकरण, उप मुख्यशीर्ष-03-पंजीकरण, लघुशीर्ष-001 निदेशक और प्रशासन , उपशीर्ष-0002-जिला प्रभार विपत्र कोड एन-2030030010002 के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष-2016-17 के लिए उपबंधित राशि से किया जायेगा।
4. यू0ओ0 आर0 सं0- 1641 दिनांक 24.04.2013 द्वारा वित्त विभाग की सहमति प्राप्त है।
5. उक्त राशि का निकासी जिला कोषागार, पटना से की जायेगी तथा उसके निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी जिला अवर निबंधक, पटना होंगें।
6. इसमें विभागीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।
अनु0- यथोक्त।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, देवकी नन्दन दास, उप-सचिव।
व्यय विवरणी
पटना जिलान्तर्गत फुलवारीशरीफ में अस्थायी रूप से खोले गए नया अवर निबंधन कार्यालय के स्थापना पर वित्तीय
| (1) आकस्मिक व्यय 1. कार्यालय का मकान भाड़ा - 2. लेखन सामग्री - | 1,20,000/- 15,000/- |
| (2) अनावर्त्त व्यय, उपस्कर इत्यादि | 1,00,000/- |
| कुल :- | 2,35,000/- |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, देवकी नन्दन दास, उप-सचिव।10 Rबहार गजट, 28 "दस$बर 2016 गृह विभागगृह विभागगृह विभागगृह विभाग (आरक्षी शाखा)(आरक्षी शाखा)(आरक्षी शाखा)(आरक्षी शाखा) ——— अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 16 दिसम्बर 201616 दिसम्बर 201616 दिसम्बर 201616 दिसम्बर 2016
सं॰ 7/सी0सी0ए0-1024/2001(खंड-II)गृ0आ0-9852—बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1981 (7/81) की अध्याय 2 की धारा 12 (2) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, राज्य के सभी जिला दण्डाधिकारियों को उपर्युक्त अधिनियम की धारा 12 (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का अपने जिला के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के एतद् विषयक अधिसूचना संख्या-7456745674567456, दिनांक 15151515....09090909....2016201620162016 के क्रम में अगले तीन महीनों के लिए अर्थात दिनांक 01010101....01010101....2017 से 312017 से 312017 से 312017 से 31....03030303....2017201720172017 तक (एक जनवरी दो हजार सत्रह से एकतीस मार्च दो हजार सत्रह तक) प्रयोग करने की शक्ति प्रदान करते हैं।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीष मोहन ठाकुरगिरीष मोहन ठाकुरगिरीष मोहन ठाकुरगिरीष मोहन ठाकुर, , , , अवर सचिव।/-/-/-/-
—————
[ध&¡क(cid:12) स०चव(cid:2)लय म१)ण(cid:2)लय(cid:12)
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Website: http://egazette.bih.nic.in
11 Rबहार गजट, 28 "दस$बर 2016भ(cid:2)ग(cid:4)2
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———————
उद्योग विभाग
———
अधिसूचना
18 नवम्बर 2016
सं॰ ह॰क॰(10)बु॰क॰सं॰-2/15-1801—बिहार बुनकर कल्याण समिति (सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 21, 1860 के अन्तर्गत निबंधित, निबंधन संख्या-335 वर्ष 1985-86) की नियमावली की कंडिका-2 (ख) में प्रदत शक्ति के आलोक में दिनांक-24.06.2016 को आहूत बुनकर कल्याण समिति की बैठक में कार्यकारिणी समिति की गठन का निर्णय लिया गया जिसके अनुसार बुनकर कल्याण समिति के कार्यकारिणी समिति निम्नवत रूप से गठित की जाती हैः-
1. प्रधान सचिव, उद्योग विभाग - अध्यक्ष
2. निदेशक, हस्तकरघा एवं रेशम - सदस्य सचिव
3. वित्त विभाग के प्रतिनिधि - सदस्य
4. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रतिनिधि - सदस्य
5. ग्रामीण विकास विभाग के प्रतिनिधि - सदस्य
6. सहकारिता विभाग के प्रतिनिधि - सदस्य
कार्यकारिणी समिति का कर्त्तव्य एवं अधिकार निम्नवत होंगे।
(क) वार्षिक विवरणी एवं अंकेक्षित आय-व्ययक लेखा पर विचार करना तथा स्वीकृति देना।
(ख) अंकेक्षक की नियुक्ति करना।
(ग) संस्था की उन्नति के लिये प्रयत्नशील रहना।
(घ) अध्यक्ष की स्वीकृति से अन्य विषय पर विचार करना।
(ड.) संस्थान के कार्य संचालन हेतु उप नियमावली का निर्माण करना।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, संयुक्त सचिव।
———
Home Department
(Police Branch)
———
NOTIFICATION
The 8th November 2016
No. 7/CCA-1026/2001 H(P)-8841—Consequent upon appointment of Hon'ble Mr. Justice Hemant Gupta to perform the duties of Chief Justice of the Patna High Court, who was Chairman of the Advisory Board, it is expedient to re-constitute the Advisory Board for the under mentioned Acts :
1. Bihar Control of Crimes Act, 1981
2. National Security Act, 1980
3. Conservation of Foreign Exchange and Prevention of Smuggling Activities Act, 1974 and 4. Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1988.
12 Rबहार गजट, 28 "दस$बर 2016Now, therefore, in exercise of the powers conferred under the provision of the above Acts, the State Government is pleased to reconstitute the Advisory Board for above mentioned Acts as follows :
Hon'ble Mr. Justice Sri Navaniti Prasad Singh Chairman Hon'ble Mr. Justice Sri Aditya Narayan Chaturvedi (Retd.) Member Hon'ble Justice Smt. Rekha Kumari (Retd.) Member The reconstitution will come into effect with the issue of the notification
By order of the Governor of Bihar, Ranjan Kumar Sinha, Add. Secretary to Government.
———
सं॰ 10 नि0 (NLM) 03/2016-2866(नि॰)
i'kq ,oa eRL; lalk/ku foHkkx
¼i'kqikyu½
——— संकल्प
5 दिसम्बर 2016
राष्ट्रीय पशुधन मिशन अन्तर्गत Entrepreneurship Development and Employment Generation (EDEG) कार्यक्रम के कार्यान्वयन/स्वीकृति हेतु सचिव, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के अध्यक्षता में राज्यस्तरीय स्वीकृति एवं अनुप्रवर्तन समिति (State Level Sanctioning and Monitoring Committee) का गठन किया जाता है। इस समिति का स्वरूप निम्नवत् है :-
1. सचिव/प्रधान सचिव, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार, पटना - अध्यक्ष 2. संयुक्त/उप/अवर सचिव, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार, पटना - सदस्य 3. निदेशक, पशुपालन, बिहार, पटना - सदस्य 4. निदेशक, गव्य निदेशालय, बिहार, पटना - सदस्य 5. उप/सहायक महाप्रबंधक, नावार्ड क्षेत्राीय कार्यालय, पटना - सदस्य सचिव 6. राज्य के अग्रणी बैंक के एक प्रतिनिधि - सदस्य 7. प्रबंध निदेशक, कम्फेड, पटना - सदस्य 8. भारत सरकार, पशुपालन, गव्य एवं मत्स्यपालन विभाग नई दिल्ली के एक प्रतिनिधि - सदस्य उपरोक्त समिति इस कार्यक्रम के तहत प्राप्त परियोजनाओं की स्वीकृति एवं अनुप्रर्वतन/मूल्यांकन कार्य करेगी। समिति राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के साथ समन्वय स्थापित कर जिला स्तरीय कार्यक्रमों/प्रस्तावों हेतु राशि उपबंधन करायेगी। यह समिति पशुपालन/डेयरी/मत्स्यपालन से संबंधित वस्तुओं सेवाओं का Unit Cost प्रत्येक वर्ष निर्धारित करेंगी।
आदेश से,
( ह0) अस्पष्ट, अवर सचिव।
—————
[ध&¡क(cid:12) स०चव(cid:2)लय म१)ण(cid:2)लय(cid:12)
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ॢबह(cid:2)र गजट(cid:12) 41-571+100(cid:4)ड&4ट(cid:20)4प&4?
Website: http://egazette.bih.nic.in
13 Rबहार गजट, 28 "दस$बर 2016भाग-9(ख)
और सवLसाधारण सूचनाएं इOया"द।
—————
सूचना ——
No. 1450—I, SAMIR JHUNJHUNWALA, S/o Shri Kedarnath Jhunjhunwala R/o 23, Basant Vihar Colony, Boring Road,Patna vide Affidavit No. 18782 Dated .10.11.2016 declare that my son ANUJ shall henceforth be known as ANUJ JHUNJHUNWALA forall future purposes.
SAMIR JHUNJHUNWALA.
———
No. 1451—I, ANUSHREE, D/o Mr Samir Jhunjhunwala R/o 23, Basant Vihar Colony, Boring Road, Patna vide Affidavit No. 18784 Dated 10.11.2016 shall be known as ANUSHREE JHUNJHUNWALA for all future purposes.
ANUSHREE.
———
No. 1452—I, MINTU KUMAR, S/O Shri Lal Babu Prasad, Resident of village-Jagdishpur, Mohalla-Naya Pokhara, Near Bank of Baroda, PO+ PS-Jagdishpur, Dist-Bhojpur(Bihar) have changed my name from Mintu Kumar to "MINTU KUMAR GOYAL" and shall henceforth be known as "MINTU KUMAR GOYAL" for all purposes as per the affidavit no.2976 dated 27 May 2016.
MINTU KUMAR.
सं॰ 1452—मैं, मिन्टू कुमार, पिता-श्री लाल बाबू प्रसाद, निवासी-ग्रापोथाना-जगदीशपुर, मोहल्ला-नया पोखरा, बैक ऑफ बड़ौदा के नजदीक, जिला-भोजपुर-बिहार, शपथपूर्वक यह घोषणा करता हूँ कि मैं दिनांक 27.05.2016 को शपथ पत्र सं॰ 2976 के अनुसार सभी प्रयोजनों के लिए ''मिन्टू कुमार गोयल'' के नाम से जाना जाऊंंगा।
मिन्टू कुमार ।
—————
[ध&¡क(cid:12) स०चव(cid:2)लय म१)ण(cid:2)लय(cid:12)
ॢबह(cid:2)र(cid:12) पटन(cid:2) ह(cid:2)र(cid:2) -क(cid:2)०शत eव$ म१ॢ)त?
ॢबह(cid:2)र गजट(cid:12) 41-571+10(cid:4)ड&4ट(cid:20)4प&4?
Website: http://egazette.bih.nic.in
14 Rबहार गजट, 28 "दस$बर 2016ॢबह(cid:4)र गजट
क(cid:4)
प३रक(cid:13)[(cid:15)(cid:16) (cid:17)(cid:4)०धक(cid:4)र(cid:20) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:17)क(cid:4)०शत
————— कार्यालय, जिलाधिकारी, खगड़िया (जिला स्थापना शाखा) ——— आदेश 26 नवम्बर 2016
सं॰ 831/स्था॰—श्री कैलाश प्रसाद तत्कालीन राजस्व कर्मचारी अंचल कार्यालय, गोगरी सम्प्रति अंचल कार्यालय, परबत्ता के विरूद्ध अनुमंडल पदाधिकरी, गोगरी के पत्रांक 1339, दिनांक 05.09.2016 के द्वारा प्राप्त आरोप पत्र प्रपत्र-'क' के आलोक में इस कार्यालय के ज्ञापांक-VIII 42/2016/592/स्था0, दिनांक 10.09.2016 के द्वारा विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, गोगरी को संचालन पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी, गोगरी को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया था।
संचालन पदाधिकारी-सह भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, गोगरी द्वारा श्री कैलाश प्रसाद राजस्व कर्मचारी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के विधिवत संचालन के पश्चात् पत्रांक 556, दिनांक 05.10.2016 के द्वारा जाँच प्रतिवेदन अभिलेखबद्ध समर्पित किया गया है। आरोपी कर्मी के विरूद्ध गठित आरोप, उपस्थापन पदाधिकारी -सह-अंचल अधिकारी, गोगरी का मंतव्य तथा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन एवं मंतव्य का विवरण निम्नवत् हैः-
आरोप 01ः- भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, गोगरी के पत्रांक 355, दिनांक 01.07.2016 द्वारा जिला जन शिकायत कोषांग से प्राप्त आवेदन के आवेदक शेख अनवर, ग्राम-मुश्कीपुर, पो0-जमालपुर, अंचल-गोगरी के संबंध में प्रतिवेदित किया गया है कि श्री कैलाश प्रसाद, राजस्व कर्मचारी के द्वारा एक साथ वर्ष-1951-52 से 2015-16 तक का लगान रसीद निर्गत कर दिया गया है, जबकि तत्कालिन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, गोगरी एवं अपर समाहर्त्ता, खगड़िया दोनों के न्यायालय ने शेख अनवर द्वारा दाखिल आवेदन जो उनके हित में जमा बंदी कायम हेतु दिया गया था, खारिज कर दिया गया है। मामला माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है। फिर भी जान बूझकर आपके द्वारा एक मुस्त करीब 65 वर्षों का लगान रसीद निर्गत किया गया है जो गलत है। इससे स्पष्ट होता कि न्यायालयों के आदेश/अनुदेशों के बगैर परवाह किये स्वेच्छाचारिता से भू-धारी के मेल में आकर षडयंत्र पूर्वक गलत कार्यों में लिप्त रहने को प्रमाणित करता है।
आरोप 02ः- आवेदक मो0 अनवर ग्राम-मुश्कीपुर, पो0-जमालपुर गोगरी, थाना-गोगरी, जिला-खगड़िया द्वारा आवेदन दिया गया है कि मौजा-मुश्कीपुर में तौजी नं0-3339, थाना नं0-318, खाता नं0-277, खेसरा नं0-826, अराजी-00-15-00 अंचल एवं थाना-गोगरी अन्तर्गत अवस्थित भूमि की जमाबंदी सं0-2299 है। उक्त जमीन का लगान रसीद सं0-00569118 के द्वारा वर्ष 2015-16 तक निर्गत है। उक्त भूमि की अद्यतन रसीद वर्ष 2016-17 तक के लिए स्थानीय हल्का कर्मचारी श्री कैलाश प्रसाद से सम्पर्क करने पर उनके द्वारा पूर्व निर्गत लगान रसीद सं0-00569118 मांग लिया गया। आवेदक द्वारा पुराने रसीद राजस्व कर्मचारी को सुपुर्द कर दिया गया। तदुपरांत राजस्व कर्मचारी द्वारा मो0-50,000/- (पचास हजार) रू0 की मांग करते हुए अद्यतन लगान रसीद निर्गत करने से इन्कार कर दिया गया है। इस प्रकार का आपका कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रतिकूल है।
आरोप 03ः- दिनांक 28.05.2016 को जिलास्तरीय बैठक में वर्ष 1951-52 से 2015-16 कुल 65 वर्षों के एक मुस्त रसीद काटने के संबंध में पूछा गया तो आपके द्वारा तथ्य को छिपाकर यह बताया गया कि भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, गोगरी के आदेश के आलोक में उक्त लगान रसीद निर्गत किया गया है। इस संबंध में भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, गोगरी से समाहर्त्ता महोदय द्वारा जांच प्रतिवेदन मांगे जाने पर प्रतिवेदित किया गया है कि इस तरह का कोई आदेश नहीं दिया गया। इस तरह आपके द्वारा वरीय पदाधिकारी को भ्रमित करने का प्रयास किया गया है। इससे स्पष्ट है कि भू-धारी के मेल में आकर गलत मंशा से इस कार्य को सम्पादित किया गया है, जो बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रतिकूल है।15 Rबहार गजट, 28 "दस$बर 2016 आरोप 04ः-आप इस तथ्य से अवगत है कि खगड़िया जिला में रिविजनल सर्वे नहीं होने के कारण भूमि विवाद की समस्याएँ ज्यादा है। फिर भी वरीय पदाधिकारियों को भ्रम में रखकर अर्ध न्यायिक प्रक्रिया के अस्वीकृत मामले में भी करीब 65 वर्षों का राजस्व रसीद काटते हुए भूमि विवाद को बढ़ावा दिया गया, जो सरकार के नितिगत कार्यों के प्रतिकूल है। आपके द्वारा 1951-52 से 2015-16 कुल 65 वर्षों का लगान रसीद किसी वरीय पदाधिकारी से अनुमति प्राप्त किए बिना ही एक मुस्त काट देना आपका भू-माफिया से मिली भगत एवं आपराधिक षडयंत्र को प्रतिबिम्बित करता है।
उपस्थापन पदाधिकारी का मंतव्यः- अंचल अधिकारी, गोगरी के पत्रांक 1377, दिनांक 17.09.16 के द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि श्री कैलाश प्रसाद के द्वारा जिस आदेश को आधार बनाकर मो0 शेख अनवर के नाम से जमाबंदी कायम किया, उक्त आदेश में भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, के पूर्व के आदेश को ही बरकरार रखा गया है। चूंकि भूमि सुधार उप समाहर्त्ता के द्वारा भी उक्त वाद से संबंधित मामला खारिज कर दिया गया था। अतः इस प्रकार से कायम जमाबंदी गलत है। श्री प्रसाद के द्वारा आदेश से बाहर जाकर जमाबंदी कायम की गई। अतः विधिपूर्ण कार्यवाही की जा सकती है।
संचालन पदाधिकारी का जांच प्रतिवेदन एवं मन्तव्य संचालन पदाधिकारी द्वारा उल्लेखित किया गया है कि इस विभागीय कार्यवाही के संचालन के दौरान प्रपत्र 'क' में लगाए गए आरोप, आरोपी कर्मचारी से प्राप्त स्पष्टीकरण एवं अंचल अधिकारी से प्राप्त मन्तव्य एवं अभिलेख के परिशीलन से स्पष्ट है कि आरोपी कर्मचारी द्वारा एक साथ 1951-52 से 2015-16 तक लगान रसीद निर्गत किया गया। लगान रसीद निर्गत करने हेतु किसी भी सक्षम प्राधिकार का आदेश प्राप्त नहीं है। इसके बावजूद भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, गोगरी एवं अपर समाहर्त्ता, खगड़िया के आदेश के विपरीत यह कृत्य किया गया। यह आरोपी कर्मचारी का स्वेच्छाचारिता, कर्त्तव्यहीनता एवं मनमानीपन को दर्शाता है। इस परिप्रेक्ष्य में आवेदक मो0 अनवर ग्राम-मुश्कीपुर द्वारा लगाये गए आरोप को भी नकारा नहीं जा सकता है। अतः अंचल अधिकारी, गोगरी द्वारा अनुशंसित विधि पूर्ण कार्यवाई सही प्रतीत होता है। संचालन पदाधिकारी द्वारा आपके विरूद्ध उचित अनुशासनिक विधि सम्मत कार्यवाई हेतु प्रतिवेदित किया गया है।
द्वितीय कारणपृच्छाः- प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत एवं विभागीय निदेश के आलोक में आरोपी कर्मी से इस कार्यालय के ज्ञापांक 690/स्था0, दिनांक 15.10.2016 के द्वारा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन नियमानुसार उपलब्ध कराते हुए 15 दिनों का समय देते हुए द्वितीय कारणपृच्छा की मांग की गई। उक्त के आलोक में आरोपी कर्मी द्वारा दिनांक 03.11.2016 को द्वितीय कारणपृच्छा का प्रति उत्तर समर्पित किया गया है। अपने द्वितीय कारणपृच्छा में श्री प्रसाद द्वारा उल्लेखित किया गया कि जहाँ तक आरोप संख्या 01 में शेख अनवर के नाम से वर्ष 1951-52 से 2015-16 तक का एक मुश्त लगान रसीद निर्गत करने का आरोप है और तथ्य संबंधी न्यायालय अपर समाहर्त्ता, खगड़िया के द्वारा पारित आदेश खारिज करने का है इस संबंध में मेरा कथन है कि यह आरोप पूर्णतः निराधार है, क्योंकि माननीय न्यायालय के द्वारा पारित आदेश की प्रति तत्कालीन अंचलाधिकारी, गोगरी के ज्ञापांक 1280, दिनांक 14.09.2015 के द्वारा मुझे भेजी गई। मैं एक साधारण अल्पज्ञानी राजस्व कर्मचारी हूँ जिसका काम वरीय पदाधिकारी के द्वारा पारित आदेश के मात्र अनुपालन करना है। मैं विधि एवं न्याय की जटिलता से पूर्णतः अनिभिज्ञ हूँ । अंचलाधिकारी के द्वारा पारित निर्देश के आलोक में एवं उनके गलत व्याख्या के कारण मेरे द्वारा भूल से अज्ञानता के कारण एक मुश्त रसीद निर्गत किया गया। मुझ जैसे साधारण अल्पज्ञानी राजस्व कर्मचारी से यह उम्मीद की गयी कि मैं वरिष्ट न्यायालय के द्वारा पारित आदेश की विधि के जटिल प्रश्नों की अपने स्तर से समग्र एवं समकलित रूप में व्याख्या कर कार्रवाई करूंगा जिस कारण यह भ्रम की स्थिति पैदा हुई एवं मेरे द्वारा एक तथ्यात्मक भूल हुई। इसके लिए श्रीमान से क्षमाप्रार्थी हूँ और श्रीमान से निवेदन करता हूँ कि भविष्य में इस प्रकार की मानवीय भूल की पुनरावृति नहीं होगी। निष्कर्षः- श्री कैलाश प्रसाद, राजस्व कर्मचारी के विरूद्ध गठित आरोप संचालन पदाधिकरी का जाँच प्रतिवेदन आरोपी के द्वारा समर्पित द्वितीय कारणपृच्छा एवं इस पर संचालन पदाधिकारी के मंतव्य तथा अभिलेख के साथ संलग्न कागजातों का अवलोकन एवं परिशीलन किया गया। आरोपी द्वारा दिया गया प्रति उत्तर असंतोषप्रद एवं भ्रामक प्रतीत होता है इस प्रकार इन पर लगाये गये आरोप प्रमाणित होते है। आरोपी कर्मी का कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रतिकूल है। आरोपित राजस्व कर्मचारी द्वारा समर्पित द्वितीय कारणपृच्छा में प्रमाणित आरोपों के खंडन के संबंध में कोई तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया तथा विधि एवं न्याय की जटिलता से पूर्णतः अनभिज्ञ रहने की स्थिति में न्यायालय द्वारा पारित आदेश की विवेचना करने, तथा अर्थ निकालने से अपने आप को असमर्थ माना है, परन्तु उनके द्वारा यह भी उल्लेख किया गया है कि राजस्व कर्मचारी से इस तरह की जटिलताओं को समझने की अपेक्षा भी नहीं की जा सकती है।
राजस्व कर्मचारी का यह दृष्टिकोण राज्यहित में तो नहीं ही है न्यासंगत भी नहीं है। 65 वर्षों का भू-लगान रसीद एक साथ काट देने से भू-विवाद की किस प्रकार की जटिलता जनित होती है इसके आकलन की अपेक्षा राजस्व कर्मचारी से की जाती है। कम-से-कम आरोपित कर्मी को यह तो समझना चाहिए था कि जब भू-लगान रसीद प्रतिवर्ष काटे जाने की व्यवस्था है तो किसी एक रैयत के पक्ष में एक साथ इतने दिनों की रसीद क्यों काटी जा रही है। राजस्व कर्मचारी धरातल से जुड़े हुए कर्मी होते हैं तथा भू-विवाद से उनका सामना अक्सर होता रहता है। ऐसी स्थिति में यह नहीं माना जा सकता है कि वे भू-विवाद के कारणों से अवगत नहीं है।
इस स्थिति में यह स्पष्ट परिलक्षित है कि आरोपित राजस्व कर्मचारी द्वारा जान बूझकर इतनी लम्बी अवधि का लगान प्राप्त कर रसीद निर्गत की गयी है जो किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष में किया गया कार्य है। यह कृत्य सरकारी सेवक16 Rबहार गजट, 28 "दस$बर 2016 आचरण नियमावली के भी प्रतिकूल है। आरोपित राजस्व कर्मचारी द्वारा द्वितीय कारणपृच्छा में अंकित विवरण से उनकी मानसिकता परिलक्षित होती है तथा इस कृत्य से सामान्यतः भू-विवाद के वैसे मामले जनित होते हैं, जिसे प्रशासन को लम्बे दिनों तक झेलने की स्थिति बनती है। इस प्रकार के कर्मी सेवा में बने रहने के योग्य नहीं हैं तथा ऐसे कर्मियों की सेवा में निरंतरता से भू-विवाद संबंधी जटिलताऐं बढ़ने की प्रबल आशंका है।
शास्ति की अधिरोपनः- आरापों की गंभीरता व स्वेच्छाचारिता स्पष्ट है। आरोपी द्वारा प्रस्तुत द्वितीय कारणपृच्छा को अस्वीकार करते हुए संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से अधोहस्ताक्षरी सहमत है।
अतः उपर्युक्त आरोपों के प्रमाणित हो जाने की स्थिति में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 (यथा संशोधित 2007) के नियम 14(xi) के आलोक में मैं जय सिंह, (भा0प्र0से0) जिलाधिकारी, खगड़िया श्री कैलाश प्रसाद, राजस्व कर्मचारी, अंचल कार्यालय, परबत्ता को आदेश निर्गत की तिथि से सरकारी सेवा से बर्खास्त (Dismiss) करता हूँ तथा सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निर्रहित करता हूँ। श्री कैलाश प्रसाद, राजस्व कर्मचारी, अंचल कार्यालय, परबत्ता का व्योरा निम्न प्रकार हैः- 1. नाम- श्री कैलाश प्रसाद
2. पिता का नाम- श्री नन्देव राम 3. पदनाम- राजस्व कर्मचारी 4. कार्यालय का नाम- अंचल कार्यालय, परबत्ता 5. जन्म तिथि- 01.02.1965 6. नियुक्ति की तिथि- 08.07.1983 7. वेतनमान- PB-2-9300-34800 ग्रेड पे-4800 8. स्थायी पता- ग्राम-उत्तरी हाजीपुर, पो0थानाजिला-खगड़िया।
आदेश से, जिलाधिकारी, खगड़िया।
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आदेश
26 नवम्बर 2016
सं॰ 832/स्था॰— श्री राजेश कुमार वर्मा, राजस्व कर्मचारी, अंचल कार्यालय, खगड़िया के विरूद्ध अनुमंडल पदाधिकारी, खगड़िया के पत्रांक XI-17/16/1138/अनु0 सा0, दिनांक 28.05.16 द्वारा प्राप्त आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के आलोक में इस कार्यालय के ज्ञापांक 364/स्था0, दिनांक 03.06.2016 के द्वारा विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु अनुमंडल पदाधिकारी, गोगरी को संचालन पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी, खगड़िया को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया था।
संचालन पदाधिकारी -सह- अनुमंडल पदाधिकारी, गोगरी द्वारा श्री राजेश कुमार वर्मा, राजस्व कर्मचारी अंचल कार्यालय, खगड़िया के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही विधिवत संचालन के पश्चात पत्रांक-1534/ दिनांक 29.09.2016 के द्वारा जॉच प्रतिवेदन अभिलेखबद्ध समर्पित किया गया है। आरोपी कर्मी के विरूद्ध गठित आरोप, उपस्थापन पदाधिकारी -सह-अंचल अधिकारी, खगड़िया का मंतव्य तथा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन एवं मंतव्य का विवरण निम्नवत् हैः- आरोप 01ः- खगड़िया अंचल के मौजा हरदासचक थाना संख्या 270 तौजी संख्या-525 की खाता संख्या-97 खेसरा संख्या-296 की भूमि वर्ष 1987 में ही पुराने भू-अर्जन अधिनियम के तहत अर्जित की गई थी तथा माननीय उच्चतम न्यायालय के न्यायिक आदेश के आलोक में नए भू-अर्जन अधिनियम 2013 के तहत नये सीरे से प्रक्रिया प्रारंभ कर धारा II(I) में अधिसूचना जारी की गई है इस तथ्य से भलिभांति अवगत रहने के बावजूद आपके द्वारा उक्त खेसरा 296 की जमाबंदी संख्या 376 का 05 कट्ठा 15 धूर जमीन का राजस्व रसीद संख्या 00588248 भू-धारी को निर्गत कर दिया गया। आरोप 02ः-भू-अर्जन अधिनियम के तहत अधिग्रहित भूमि सरकारी भूमि होती है भू-अर्जन की प्रक्रिया संबंंधित राजस्व कर्मचारी के प्रतिवेदन के आधार पर प्रारंभ होती है और उक्त भूमि के अर्जन के उपरांत उस सरकारी भूमि की संरक्षा का भार आप पर भी है परंतु तथ्यों की सम्पूर्ण जानकारी रहते हुए आपके द्वारा उक्त अर्जित भूमि मौजा- हरदाशचक, खाता संख्या-97 खेसरा 296 की 5 कट्ठा 15 धूर भूमि का वर्ष 1989-90 से वर्ष 2015-16 तक 26 वर्षो का एक ही राजस्व रसीद भू-धारी के नाम से निर्गत कर दिया गया।
आपके द्वारा दिये गए स्पष्टीकरण में इन तथ्यों का उल्लेख है कि जमाबंदी संख्या-376 का अंतिम राजस्व रसीद संख्या 644619 दिनांक 26.05.1988 निर्गत हुआ था। तत्पश्चात करीब 26 वर्षों के उपरांत उक्त जमाबंदी संख्या-376 का राजस्व रसीद कटवाने हेतु भू-धारी के अनुरोध के दृष्टिगत स्वाभाविक रूप से उत्पन्न होने वाली शंका के समाधान हेतु आपके द्वारा सभी तथ्यों की व्यापक जांच करनी चाहिए थी। परंतु आपके द्वारा बिना कोई जांच-पड़ताल किए आनन-फानन में भू-धारी के मेल में आकर उक्त राजस्व रसीद निर्गत कर दिया गया। परिणाम स्वरूप भू-धारी द्वारा उक्त भू-खंड पर स्वमित्व का दावा किया जा रहा है, फलस्वरूप अनावश्यक परेशानी एवं विवाद उत्पन्न हो गया है तथा माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश का अनुपालन करने में कतिपय बाधा उत्पन्न हो रही है। आपका यह कृत्य आपके स्वेच्छाचारिता एवं मनमानेपन का द्योतक है तथा विधिक प्रावधानों के विरूद्ध है।17 Rबहार गजट, 28 "दस$बर 2016 आरोप 03ः- विभागीय प्रावधान के अनुसार सरकारी सेवक को बिना निकटतम वरिष्ठ अधिकारियों से पहले अपनी समस्या का समाधान कराऐं उच्च पदाधिकारियों को सीधे स्मार-पत्र या अभ्यावेदन देने की अनुज्ञा नहीं है।
परंतु आपके द्वारा विभागीय प्रावधान का घोर उल्लंघन करते हुए जिलाधिकारी, खगड़िया के ज्ञापांक 179/भू0 अ0, दिनांक 04.05.2016 के आलोक में अपना स्पष्टीकरण सीधे माननीय मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार बिहार, पटना को भेज दिया। आपका यह कृत्य सरकारी सेवा संहिता तथा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली का उल्लंघन है।
उपस्थापन पदाधिकारी का मंतव्यः-मौजा हरदासचक थाना-270 तौजी 525 जमाबंदी संख्या-376 वर्ष 1981-1982 से संबंधित है। पूर्व में 20.07.1981 एवं 26.05.1988 को दो लगान रसीद निर्गत है। वर्ष 1989-1990 से 15-16 तक 26 वर्षों का लगान रसीद (अर्जित जमीन) आपके द्वारा निर्गत कर दिया गया। जबकि इस संबंध में रसीद काटने से पहले छान-बीन कर एवं स्थलीय जाँच कर रसीद काटनी चाहिए थी।
वर्णित जमीन वर्ष 1987 में पुराने भू0 अर्जन अधिनियम के तहत अर्जित की गई थी। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में नये भू-अर्जन अधिनियम 2013 के अन्तर्गत नये सिरे से इस कार्यालय से समाहर्त्ता आवास भू-अर्जन वाद संख्या-02/2016 मौजा हरदासचक का प्रस्ताव दिया गया है। इसी समय श्री राजेश कुमार प्रश्नगत हल्का के राजस्व कर्मचारी के साथ अंचल निरीक्षक के प्रभार में थे। इस संबंध में श्री राजेश कुमार वर्मा को जानकारी थी।
संचालन पदाधिकारी का मंतव्य प्रश्नगत भूमि का भू-अर्जन का प्रस्ताव श्री राजेश कुमार वर्मा हल्का कर्मचारी मौजा-हरदासचक -सह- अंचल निरीक्षक खगड़िया द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत कर दिया गया था तो हल्का कर्मचारी द्वारा मौजा-हरदासचक जमाबंदी सं0-376 पर अभ्युक्ति कॉलम में इसे दर्ज किया जाना चाहिए था ताकि भू-अर्जन प्रक्रिया पूर्ण होने तक लगान रसीद निर्गत नहीं हो सके। परन्तु राजस्व कर्मचारी के द्वारा अपने दायित्व का निर्वहन नहीं किया गया तथा भू-धारी के नाम जमाबंदी नं0-376 का लगान रसीद निर्गत कर दिया गया।
जिलाधिकारी, खगड़िया के ज्ञापांक 179/भू0अ0, दिनांक 04.05.2016 के आलोक में स्पष्टीकरण माननीय मंत्री को दिया गया है। विभागीय ज्ञापांक 3213 दिनांक 21.03.57 के अनुसार इसकी अनुज्ञा नहीं है।
उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट होता है कि प्रश्नगत भूमि मौजा-हरदासचक थाना सं0-270, तौजी सं0-525, 0-5-15-0 जमाबंदी सं0-376 के भू-अर्जन का प्रस्ताव श्री राजेश कुमार वर्मा तत्कालीन प्रभारी अंचल निरीक्षक द्वारा भेजा गया। तत्पश्चात् श्री राजेश कुमार वर्मा हल्का कर्मचारी -सह-अंचल निरीक्षक द्वारा ही प्रश्नगत जमीन का राजस्व रसीद (जमाबंदी सं0-376) भूधारी को वर्ष 1989-90 से 2015-16 तक कुल 26 (छब्बीस) वर्षों का एक साथ निर्गत किया गया है, जो इनकी घोर लापरवाही, कर्त्तव्यहीनता तथा स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है। विभागीय निदेश के प्रतिकूल कार्य करने की भावना तथा इनका यह आचरण सरकारी सेवा के सर्वथा प्रतिकूल है।
उपरोक्त तथ्यों के आलोक में आपके विरूद्ध प्रपत्र ''क'' में लगाये गये तीनों आरोपों को संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित पाया गया है।
द्वितीय कारणपृच्छाः- प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत एवं विभागीय निदेश के आलोक में आरोपी कर्मी से इस कार्यालय के ज्ञापांक 676/स्था0, दिनांक 13.10.2016 के द्वारा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन नियमानुसार उपलब्ध कराते हुए 15 दिनों का समय देते हुए द्वितीय कारणपृच्छा की मांग की गई। उक्त के आलोक में आरोपी कर्मी द्वारा दिनांक 29.10.2016 को द्वितीय कारणपृच्छा का प्रतिउत्तर समर्पित किया गया है। अपने द्वितीय कारणपृच्छा में श्री वर्मा द्वारा उल्लेखित किया गया कि इस आरोप के बारे में कई बार मैंने संचालन पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी को स्पष्ट कर दिया था कि 1987 में अर्जित भूमि के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी और न सरकारी दस्तावेज जमाबंदी में इसका उल्लेख था ताकि उसकी छानबीन करना आवश्यक समझता आरोपी कर्मचारी के अनुसार गौर करने वाली बात यह थी कि 29 वर्ष पहले कार्यान्वित भू-अर्जन की कल्पना भी कैसे की जा सकती थी जबकि सरकारी दस्तावेज में यह बात नगण्य थी। ''इसलिए गैर जानकारी में रसीद निर्गत कर देना कौन-सा अपराध है। राजस्व संग्रह के लिए दिये गये कोटा को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया गया है। ऐसा कौन-सा राजस्व संबंधि कानून या नियम है जिसके तहत 26 वर्ष का रसीद काट देना न्याय के विरूद्ध है। क्या जमींदार उन्मूलन के पूर्व की रसीद काटी गयी है जो पूर्णतः प्रतिबंधित है या भू-हदबंदी की जमीन की जमीन की रसीद काटी गयी है जो गैर कानूनी होता या इस सिलसिले में सक्षम पदाधिकारी के संज्ञान में लिया जाता या सहमति प्राप्त की जाती।''
2 ''जमाबंदी से 376 या अंतिम राजस्व रसीद सं0-644619, दिनांक 26.05.1985 निर्गतीय उल्लेख किया जाना बिल्कुल सही है। चूंकि मेरे द्वारा यह छिपाया नहीं गया है। यही आधार था जिसके अनुसार रसीद निर्गत की गयी। यदि जमाबंदी में रोक का उल्लेख होता तो यह परिघटना नहीं होती। इसमें शंका की गुंजाइस कहां थी। सभी जमाबंदी-दारों का जांच पड़ताल करना (खासकर रसीद काटने के वक्त) अव्यावाहरिक और नियमबद्ध भी नही है। भू-धारी के मेल का सवाल ही कहां उठता है। रसीद काटना न तो स्वेच्छाचारिता है और न मनमानेपन ही है। इसमें विधिक प्रावधान का प्रश्न उठाया जाना बिल्कूल असंगत एवं निराधार है।''
माननीय राजस्व मंत्री को सीधे निवेदन करना नियमों की गैर जानकारी के कारण हुआ है। इसका आचार नियमावली मुझे ज्ञात नहीं था।18 Rबहार गजट, 28 "दस$बर 2016 3 भू-अर्जन के संबंध में मेरे द्वारा भेजे जाने वाले प्रस्ताव के संबंध में मैं पूर्व में ही स्पष्टीकरण दे चुका हूँ कि मेरे बीमार रहने के कारण अंचल अधिकारी द्वारा तैयार किये गये प्रस्ताव पर मैंने अपना हस्ताक्षर कर दिया था। मैं समझा था कि प्रस्ताव सही ही रहा होगा।
निष्कर्षः- श्री राजेश कुमार वर्मा, राजस्व कर्मचारी के विरूद्ध गठित आरोप संचालन पदाधिकरी का जाँच प्रतिवेदन आरोपी के द्वारा समर्पित द्वितीय कारणपृच्छा एवं इस पर संचालन पदाधिकारी के मंतव्य तथा अभिलेख के साथ संलग्न कागजातों का अवलोकन एवं परिशीलन किया गया। इनके द्वारा दिया गया प्रतिउत्तर असंतोषप्रद एवं भ्रामक प्रतीत होता है जिससे इन पर लगाये गये आरोप प्रमाणित होते है। इस प्रकार आरोपी कर्मी का कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रतिकूल है।
आरोपित राजस्व कर्मचारी द्वारा द्वितीय कारणपृच्छा में अंकित विवरण से उनकी मानसिकता परिलक्षित होती है तथा इस कृत्य से सामान्यतः भू-विवाद के वैसे मामले जनित होते हैं जिसे प्रशासन को लम्बे दिनों तक झेलने की स्थिति बनती है। इस प्रकार के कर्मी सेवा में बने रहने के योग्य नहीं है तथा ऐसे कर्मियों की सेवा में निरंतरता से भू-विवाद संबंधी जटिलताऐं बढ़ने की प्रबल आशंका है। यह विश्वास योग्य नहीं है कि जिस भू-अर्जन वाद के संदर्भ में जिलाधिकारी को माननीय सर्वोच्च न्यायालय में उपस्थित होना पड़ा हो, उससे संबंधित भूमि की जानकारी उस हल्का के कर्मचारी को न हो। इस स्थिति में आरोपी कर्मचारी का कृत्य सोची समझी एवं पूर्ण विचारित कार्य है।
शास्ति की अधिरोपनः- आरापों की गंभीरता व स्वेच्छाचारिता स्पष्ट है। आरोपी द्वारा प्रस्तुत द्वितीय कारणपृच्छा को अस्वीकार करते हुए संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से अधोहस्ताक्षरी सहमत हैं।
अतः उपर्युक्त आरोपों के प्रमाणित हो जाने की स्थिति में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 (यथा संशोधित 2007) के नियम 14(xi) के आलोक में मैं जय सिंह, (भा0प्र0से0) जिलाधिकारी, खगड़िया श्री राजेश कुमार वर्मा, राजस्व कर्मचारी, अंचल कार्यालय, खगड़िया को आदेश निर्गत की तिथि से सरकारी सेवा से बर्खास्त (Dismiss) करता हूँ तथा सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निर्रहित करता हूँ।
श्री राजेश कुमार वर्मा, राजस्व कर्मचारी, अंचल कार्यालय, खगड़िया का व्योरा निम्न प्रकार हैः-
1. नाम- श्री राजेश कुमार वर्मा 2. पिता का नाम- श्री सुरेन्द्र नाथ वर्मा 3. पदनाम- राजस्व कर्मचारी 4. कार्यालय का नाम- अंचल कार्यालय, खगड़िया 5. जन्म तिथि- 04.01.1963 6. नियुक्ति की तिथि- 02.06.1987 7. वेतनमान- PB-2-9300-34800 ग्रेड पे-4600 8. स्थायी पता- ग्रामपो0-वासुदेवपुर, जिला-मुंगेर आदेश से, जिलाधिकारी, खगड़िया।
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ग्रामीण कार्य विभाग
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अधिसूचना
29 नवम्बर 2016
सं॰ 3/अ0प्र0-1-117/16 -3508—श्री विनोद कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ अवर प्रमंडल, बिहारषरीफ सम्प्रति सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, बरारी (कार्य प्रमंडल, कटिहार) द्वारा पथ प्रमंडल, बिहारषरीफ के पदस्थापन काल में बिहारषरीफ-एकंगरसराय-तेलपा पथ के सुदृढ़ीकरण/चौड़ीकरण कार्य में बरती गयी अनियमितता के लिये मंत्रिमंडल (निगरानी) विभाग से प्राप्त जॉच प्रतिवेदन के आलोक में पथ निर्माण विभाग के अधिसूचना संख्या-5206(एस) दिनांक 19.05.2006 द्वारा श्री कुमार को निलंबित करते हुए संकल्प ज्ञापांक-8976(एस) दिनांक 01.08.2006 से विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। श्री कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॉच प्रतिवेदन में श्री कुमार के विरूद्ध आरोपों को प्रमाणित नहीं पाया गया।
संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा पथ निर्माण विभाग के स्तर से की गयी। समीक्षोपरान्त पथ निर्माण विभाग द्वारा संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमत होते हुए आरोप संख्या-2 जो कार्य में अव्यवहृत बिटूमिन के वसूली नहीं करने तथा आरोप संख्या-3 जो कार्य विषिष्टि के अनुरूप नहीं करने से संबंधित है को प्रमाणित पाया गया। उक्त प्रमाणित आरोपों के संबंध में असहमति के बिन्दु को स्पष्ट करते हुए पथ निर्माण विभाग के पत्राक 7582(एस) दिनांक 26.06.2007 द्वारा द्वितीय कारणपृच्छा की मांग की गयी। श्री कुमार के द्वारा समर्पित द्वितीय बचाव बयान की समीक्षोपरान्त पथ निर्माण विभाग द्वारा तत्कालिक प्रभाव से श्री कुमार को निलंबन से मुक्त करते हुए विभागीय अधिसूचना संख्या 1207419 Rबहार गजट, 28 "दस$बर 2016 सह-पठित ज्ञापांक-12075(एस) दिनांक 15.10.2007 द्वारा इनकी एक वेतन वृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोक एवं निलंबन अवधि में इन्हें देय जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होने का दण्ड दिया गया।
उक्त दंडादेष के विरूद्ध श्री कुमार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0डब्लू0जे0सी0 सं0-3395/2008 दायर की गयी। माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेष दिनांक 29.04.2011 में पथ निर्माण विभाग द्वारा निर्गत दंडादेष अधिसूचना संख्या-12074 सह-पठित ज्ञापांक-12075(एस) दिनांक 15.10.2007 एवं श्री कुमार से किये गये द्वितीय कारण पृच्छा से संबंधित पत्र पत्रांक 7582(एस) दिनांक 26.06.2007 को निरस्त करते हुए संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉच प्रतिवेदन पर असहमति के बिन्दु अंकित करते हुए आरोपित पदाधिकरी से द्वितीय कारणपृच्छा कर Proceed का निदेष दिया गया।
माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेष के आलोक में पथ निर्माण विभाग द्वारा अधिसूचना संख्या-3613(एस) दिनांक 07.05.2014 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध निर्गत अधिसूचना संख्या-12074 सह-पठित ज्ञापांक-12075 (एस) दिनांक 15.10.2007 एवं द्वितीय कारणपृच्छा से संबंधित पत्र पत्रांक 7582(एस) दिनांक 26.06.2007 को निरस्त किया गया एवं उनके पत्रांक 6562(एस) दिनांक 17.07.2014 द्वारा श्री कुमार से द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गयी।
श्री कुमार द्वारा पत्रांक- 48 दिनांक 26.09.2014 द्वारा द्वितीय कारणपृच्छा उत्तर पथ निर्माण विभाग को समर्पित किया गया जिसमें उनके द्वारा वर्तमान पदस्थापन सहायक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, बरारी (कार्य प्रमंडल, कटिहार) अंकित किया गया। उक्त के आलोक में पथ निर्माण विभाग द्वारा श्री कुमार का संवर्ग प्राधिकार ग्रामीण कार्य विभाग होने का उल्लेख करते हुए उनके पत्रांक 4119(एस) दिनांक 13.05.2015 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध अग्रेतर कार्रवाई हेतु संबंधित अभिलेख ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार, पटना को उपलब्ध करायी गयी।
उक्त के आलोक में श्री कुमार से प्राप्त द्वितीय बचाव बयान की समीक्षा ग्रामीण कार्य विभाग के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त श्री विनोद कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ अवर प्रमंडल, बिहारषरीफ सम्प्रति सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, बरारी (कार्य प्रमंडल, कटिहार) के बचाव बयान को स्वीकार योग्य पातेे हुए आरोप मुक्त किया जाता है।
प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, षंभू चौधरी, उप-सचिव।
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