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पटनापटनापटनापटना, शुबशुबशुबशुबवारवारवारवार, 6666 जनवर!जनवर!जनवर!जनवर! 2017
जल संसाधन विभाग
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अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना
27 अक्तू27 अक्तू27 अक्तू27 अक्तूबर बर बर बर 2016201620162016
सं0 22/नि0सि0(डि0)-14-08/2014/2345
2/नि0सि0(डि0)-14-08/2014/2345—श्री गोविन्द प्रसाद (आई0 डी0 -3948), तत्कालीन अवर श्री गोविन्द प्रसाद (आई0 डी0 -3948), तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, दुर्गावती दायॅा तट नहर अवर प्रमण्डल सं0-3, मल्हीपुर, शि0-चेनारी के विरूद्ध अनधिकृत रूप से प्रमण्डल पदाधिकारी, दुर्गावती दायॅा तट नहर अवर प्रमण्डल सं0-3, मल्हीपुर, शि0-चेनारी के विरूद्ध अनधिकृत रूप से प्रमण्डल पदाधिकारी, दुर्गावती दायॅा तट नहर अवर प्रमण्डल सं0-3, मल्हीपुर, शि0-चेनारी के विरूद्ध अनधिकृत रूप से
अवहेलना करने, दो वर्षों के सेवा काल में दुर्गावती अपने कर्त्तव्य से अनुपस्थित रहने, नियंत्री पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना करने, दो वर्षों के सेवा काल में दुर्गावती अपने कर्त्तव्य से अनुपस्थित रहने, नियंत्री पदाधिकारी के आदेश की
जलाशय योजना का कार्य नहीं करने, सरकारी कार्याे के निष्पादन में अभिरूचि नहीं रखने, राजपत्रित पदाधिकारियों के जलाशय योजना का कार्य नहीं करने, सरकारी कार्याे के निष्पादन में अभिरूचि नहीं रखने, राजपत्रित पदाधिकारियों के जलाशय योजना का कार्य नहीं करने, सरकारी कार्याे के निष्पादन में अभिरूचि नहीं रखने, राजपत्रित पदाधिकारियों के आचरण के प्रतिकूल झगड़ालू एवं अनुशासनहीनता का व्यवहार करने, चेनारी के असामाजिक तत्वों से साँठ-गाँठ कर आचरण के प्रतिकूल झगड़ालू एवं अनुशासनहीनता का व्यवहार करने, चेनारी के असामाजिक तत्वों से साँठ-गाँ आचरण के प्रतिकूल झगड़ालू एवं अनुशासनहीनता का व्यवहार करने, चेनारी के असामाजिक तत्वों से साँठ-गाँ शिविर में अराजकता की स्थिति उत्पन्न करने, नियंत्री पदाधिकारी के विरूद्ध झूठे एवं अनर्गल आरोप लगाकर भयभीत शिविर में अराजकता की स्थिति उत्पन्न करने, नियंत्री पदाधिकारी के विरूद्ध झूठे एवं अनर्गल आरोप लगाकर भयभीत शिविर में अराजकता की स्थिति उत्पन्न करने, नियंत्री पदाधिकारी के विरूद्ध झूठे एवं अनर्गल आरोप लगाकर भयभीत करने एवं सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में विभागीय अधिसूचना सं0-754 दिनांक 19.06.14 द्वारा करने एवं सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में विभागीय अधिसूचना सं0-754 दिनांक 19 करने एवं सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में विभागीय अधिसूचना सं0-754 दिनांक 19
रण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत निलंबित करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत निलंबित करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीक
विभागीय अधिसूचना सं0-2064 दिनांक 23.12.14 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। विभागीय अधिसूचना सं0-2064 दिनांक 23
श्री प्रसाद को विभागीय अधिसूचना सं0-1644 दिनांक 06.11.14 द्वारा निलंबन मुक्त किया गया। श्री प्रसाद को विभागीय अधिसूचना सं0-1644 दिनांक 06 14 द्वारा निलंबन मुक्त किया गया।
ागीय कार्यवाही के जाँच प्रतिवेदन में श्री प्रसाद के विरूद्ध गठित सभी संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित विभागीय कार्यवाही के जाँच प्रतिवेदन में श्री प्रसाद के विरूद्ध गठित सभी संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित विभ
आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। फलस्वरूप श्री प्रसाद से द्वितीय कारण पृच्छा की गई एवं उनसे प्राप्त द्वितीय आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। फलस्वरूप श्री प्रसाद से द्वितीय कारण पृच्छा की गई एवं उनसे प्राप्त द्वितीय आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। फलस्वरूप श्री प्रसाद से द्वितीय कारण पृच्छा की गई एवं उनसे प्राप्त द्वितीय
रा निम्न दण्ड संसूचित कारण पृच्छा के प्रत्युत्तर की समीक्षोपरान्त विभागीय अधिसूचना सं0 1109 दिनांक 15.06.16 द्वारा निम्न दण्ड संसूचित कारण पृच्छा के प्रत्युत्तर की समीक्षोपरान्त विभागीय अधिसूचना सं0 1109 दिनांक 15
किया गयाः-
(i) निन्दन वर्ष 2013-142 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 6 जनवर! 2017 (ii) दो वेतनवृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक।
दण्ड संसूचन के उपरान्त श्री प्रसाद से निलम्बन अवधि दिनांक 19.06.14 से दिनांक 05.11.14 के विनियमन एवं वेतन भत्ता की अनुमान्यता के संबंध में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-11(5) के तहत नोटिस निर्गत किया गया। श्री प्रसाद द्वारा नोटिस के जवाब में निम्न तथ्यों का उल्लेख किया गया हैः-
(i) विभागीय कार्यवाही का निष्पादन नियमानुसार नहीं किया गया है, उनके पक्ष को सुने बगैर आदेश पारित किया गया है।
(ii) निलम्बन आदेश निर्गत होने की तिथि से तीन माह के भीतर आरोप पत्र गठित कर उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया, विलम्ब से आरोप पत्र गठित किए जाने के संबंध में कारणों को अभिलेखित नहीं किया गया है। (iii) उनकी प्रोन्नति बाधित करने के उद्धेश्य से मिथ्या आरोप लगाकर आरोप पत्र निर्गत किया गया। विभिन्न तिथियों को अनुपस्थित होने के संदर्भ में कार्यपालक अभियंता द्वारा लगाया गया आरोप आधारहीन तथा तथ्यहीन है। (iv) उनके द्वारा सरकारी कार्यों का निष्पादन निष्ठा एवं तत्परतापूर्वक किया गया है।
श्री प्रसाद द्वारा दिए गए तथ्यों की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में यह पाया गया कि संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से विदित होता है कि श्री प्रसाद से बचाव बयान की माँग की गई थी तथा उन्हें आवश्यक कागजात विभागीय पत्रांक 483 दिनांक 18.02.15 द्वारा उपलब्ध कराया गया था किन्तु श्री प्रसाद द्वारा आरोपित बिन्दुओं के संदर्भ में किसी प्रकार का बचाव बयान न देकर कार्यपालक अभियंता के विरूद्ध 1,90,000/- रूपये के बंदरबाँट को उजागर करने की बात कही गई। संचालन पदाधिकारी द्वारा यह भी अंकित किया गया है कि कई पत्रों से उन्हें अपना बचाव बयान साक्ष्य उपलब्ध कराने हेतु मौका दिया गया किन्तु वे अपना बचाव बयान उपलब्ध नहीं कराए। ऐसी स्थिति में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संचालन पदाधिकारी द्वारा अभिमत गठित किया गया है। अतः श्री प्रसाद का यह कहना कि उनका पक्ष सुने बगैर आदेश पारित किया गया है, स्वीकार योग्य नहीं है।
अपने कर्त्तव्य से अनुपस्थिति के संबंध में श्री प्रसाद का कहना है कि वे हमेशा अपने कर्त्तव्य पर उपस्थित रहे हैंं तथा सरकारी कार्यों का निष्पादन पूरी निष्ठा एवं तत्परता से किया गया है। उनकी प्रोन्नति बाधित करने के उद्धेश्य से उन्हें कर्त्तव्य से अनुपस्थित दिखाकर उनके विरूद्ध प्रपत्र 'क' गठित किया गया है। प्रपत्र 'क' के साथ संलग्न साक्ष्य से विदित होता है कि श्री प्रसाद अपने कर्त्तव्य से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे हैं जिसके संदर्भ में कार्यपालक अभियंता द्वारा अनुपस्थिति अवधि के लिए इनसे विभिन्न तिथियों मेंं स्पष्टीकरण किया गया है। अतः श्री प्रसाद का यह कथन कि वे अपने कर्त्तव्य पर लगातार उपस्थित रहे हैं, मान्य नहीं है। अतएव स्पष्ट है कि विभिन्न तिथियों को कर्त्त्ाव्य से अनुपस्थित रहने के साथ ही अन्य प्रमाणित आरोपों के लिए श्री प्रसाद के विरूद्ध विभागीय अधिसूचना सं0 1109 दिनांक 15.06.16 द्वारा वर्ष 2013-14 के लिए निन्दन एवं दो वेतनवृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक का दण्ड दिया गया है।
अतः सम्यक समीक्षोपरान्त श्री प्रसाद की निलम्बन अवधि एवं विभिन्न तिथियों में अनधिकृत अनुपस्थिति के मामले में सरकार द्वारा निम्न निर्णय लिया गया हैः-
(i) निलम्बन अवधि (दिनांक 19.06.14 से दिनांक 05.11.14 तक) में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा, परन्तु उक्त अवधि पेंशन प्रयोजनार्थ परिगणित की जाएगी।
(ii) अनधिकृत रूप से अपुपस्थित अवधि दिनांक 02.07.13, उदिनांक 22.07.13, दिनांक 05.10.13 से दिनांक 09.10.13, दिनांक 12.10.13 से दिनांक 17.10.13, दिनांक 26.10.13 से दिनांक 31.10.13 एवं दिनांक 04.12.13 से दिनांक3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 6 जनवर! 2017 19.12.13 की अवधि को ''काम नहीं तो वेतन नहीं'' के आधार पर वेतन भुगतान नहीं होगा किन्तु पेंशन प्रयोजनार्थ उक्त अवधि की गणना की जाएगी।
उक्त निर्णय श्री गोविन्द प्रसाद, तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, दुर्गावती दायाँ तट नहर अवर प्रमण्डल सं0-3, मल्हीपुर शिविर-चेनारी को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
जीउत सिंह,
सरकार के उप-सचिव।
———— अधी)क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:1)बहार, प टनाप टनाप टनाप टना (cid:23)ारा ूकािशत एवं मु/ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 05-571+10-ड!0ट!0प ी0।