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पटनापटनापटनापटना, शुबशुबशुबशुबवारवारवारवार, 6666 जनवर!जनवर!जनवर!जनवर! 2017
जल संसाधन विभाग
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27 अक्तूबर27 अक्तूबर27 अक्तूबर27 अक्तूबर 2016201620162016
सं0 22/नि0सि0(सिवान)-11-05/2016/234
/नि0सि0(सिवान)-11-05/2016/2344—श्री मनी कुमार (आई0 डी0-3830), तत्कालीन अवर श्री मनी कुमार (आई0 डी0-3830), तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, सारण नहर अवर प्रमण्डल, कुचायकोट सम्प्रति रीडर (बाढ़ प्रबंधन), वाल्मी, पटना के विरूद्ध इनके प्रमण्डल पदाधिकारी, सारण नहर अवर प्रमण्डल, कुचायकोट सम्प्रति रीडर (बाढ़ प्रबंधन), वाल्मी, पटना के विरूद्ध इनके प्रमण्डल पदाधिकारी, सारण नहर अवर प्रमण्डल, कुचायकोट सम्प्रति रीडर (बाढ़ प्रबंधन), वाल्मी, पटना के विरूद्ध इनके
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के प्रतिवेदन वर्ष सारण नहर अवर प्रमण्डल, कुचायकोट के पदस्थापन काल में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के प्रतिवेदन वर्ष सारण नहर अवर प्रमण्डल, कुचायकोट के पदस्थापन काल में भारत के
00 रूपये के फर्जी भुगतान में पाई 2010-11 (राज्य का वित्त) की कंडिका सं0 3.4 में मस्टर रॉल के आधार पर 12,474.00 रूपये के फर्जी भुगतान में पाई 2010-11 (राज्य का वित्त) की कंडिका सं0 3
गई संबद्धता हेतु इनसे विभागीय पत्रांक 407 दिनांक 08.03.16 द्वारा स्पष्टीकरण की माँग की गई। गई संबद्धता हेतु इनसे विभागीय पत्रांक 407 दिनांक 08
उक्त के आलोक में श्री कुमार द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पत्रांक 07 दिनांक 29 16 में अंकित किया गया है श्री कुमार द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पत्रांक 07 दिनांक 29.08.16 में अंकित किया गया है कि पी0 डब्लू0 डी0 कोड की कंडिका 227 क्रमांक 'घ' में प्रावधानित है कि जब भुगतान पदाधिकारी अनुमण्डल कि पी0 डब्लू0 डी0 कोड की कंडिका 227 क्रमांक 'घ' में प्रावधानित है कि जब भुगतान पदाधिकारी अनुमण्डल कि पी0 डब्लू0 डी0 कोड की कंडिका 227 क्रमांक 'घ' में प्रावधानित है कि जब भुगतान पदाधिकारी अनुमण्डल
गतान की रकम पाँच सौ रूपया से पदाधिकारी के नीचे की पंक्ति का हो, तो प्राप्तिकर्त्ता से पावती ले ली जाय। यदि भुगतान की रकम पाँच सौ रूपया से पदाधिकारी के नीचे की पंक्ति का हो, तो प्राप्तिकर्त्ता से पावती ले ली जाय। यदि भु
अधिक हो तो भारतीय स्टाम्प अधिनियम के अनुसार प्राप्तकर्त्ता की रसीद पर स्टाम्प लगा होना चाहिए। श्री कुमार द्वारा अधिक हो तो भारतीय स्टाम्प अधिनियम के अनुसार प्राप्तकर्त्ता की रसीद पर स्टाम्प लगा होना चाहिए। श्री कुमार द्वारा अधिक हो तो भारतीय स्टाम्प अधिनियम के अनुसार प्राप्तकर्त्ता की रसीद पर स्टाम्प लगा होना चाहिए। श्री कुमार द्वारा प्रश्नगत मामले में दैनिक मजदूरों को कनीय अभियंता द्वारा मजदूरी का भुगतान किये जाने का उल्लेख किया गया है। प्रश्नगत मामले में दैनिक मजदूरों को कनीय अभियंता द्वारा मजदूरी का भुगतान किये जाने का उल्लेख किया गया है। प्रश्नगत मामले में दैनिक मजदूरों को कनीय अभियंता द्वारा मजदूरी का भुगतान किये जाने का उल्लेख किया गया है। उल्लेख किया गया है कि श्री सूर्य नारायण झा, कनीय अभियंता जिनके द्वारा फर्जी भुगतान किया गया साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि श्री सूर्य नारायण झा, कनीय अभियंता जिनके द्वारा फर्जी भुगतान किया गया उल्लेख किया गया है कि श्री सूर्य नारायण झा, कनीय अभियंता जिनके द्वारा फर्जी भुगतान किया गया था, सेवानिवृत हो गये, फलस्वरूप मामले की गंभीरता को देखते हुए कथित अनियमित भुगतान की राशि चालान के था, सेवानिवृत हो गये, फलस्वरूप मामले की गंभीरता को देखते हुए कथित अनियमित भुगतान की राशि चालान के था, सेवानिवृत हो गये, फलस्वरूप मामले की गंभीरता को देखते हुए कथित अनियमित भुगतान की राशि चालान के माध्यम से सरकारी खाते में जमा कर दी गयी। माध्यम से सरकारी खाते में जमा कर दी गयी। 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 6 जनवर! 2017 द्वारा पारित किया गया है। मामला प्रकाश में आने पर सहायक अभियंता के द्वारा फर्जी मास्टर रॉल के अधार पर भुगतान की राशि 11016.00 (ग्यारह हजार सोलह रूपये) चालान के माध्यम से सरकारी खाते में जमा कर दी गयी है। इस प्रकार महालेखाकार द्वारा उठाये गये आपत्ति की कंडिका का अनुपालन हो चुका है। फिर भी भुगतान करने के पूर्व श्री कुमार को आश्वस्त हो लेना चाहिए था कि कनीय अभियंता द्वारा संधारित मास्टर रॉल सही है। लेकिन श्री कुमार द्वारा ऐसा नहीं किया गया।
उक्त पाये गये तथ्यों के आलोक में सक्षम प्राधिकार के द्वारा श्री मनी कुमार, तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, सारण नहर अवर प्रमण्डल, कुचायकोट सम्प्रति रीडर (बाढ़ प्रबंधन), वाल्मी, पटना को ''चेतावनी जिसकी प्रविष्टि चरित्र-पुस्त/सेवापुस्त में की जायेगी'' निर्गत करने का निर्णय लिया गया है।
सक्षम प्राधिकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री मनी कुमार, तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, सारण नहर अवर प्रमण्डल, कुचायकोट सम्प्रति रीडर (बाढ़ प्रबंधन), वाल्मी, पटना को ''चेतावनी जिसकी प्रविष्टि चरित्र-पुस्त/सेवापुस्त में की जायेगी'' देते हुए उन्हें संंसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
जीउत सिंह,
सरकार के उप-सचिव।
———— अधी)कअधी)कअधी)कअधी)क, सिचवालयसिचवालयसिचवालयसिचवालय मुिणालयमुिणालयमुिणालयमुिणालय,
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