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पटनापटनापटनापटना, सोमसोमसोमसोमवारवारवारवार, 9999 जनवर!जनवर!जनवर!जनवर! 2017
बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद विद्यापति मार्ग, पटना-विद्यापति मार्ग, पटना-विद्यापति मार्ग, पटना-विद्यापति मार्ग, पटना-800001800001800001800001 ÑÑÑÑÑÑÑ
अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना
28 जून 2016
सं0 1027—श्री उग्रतारा मंदिर, ग्रामपोस्ट-महिषी, जिला-सहरसा पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक श्री उग्रतारा मंदिर, ग्रामपोस्ट-महिषी, जिला-सहरसा पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक
ध आदेष निर्गत किया गया।
न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-1000 है। न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-1000 है। इस पौराणिक स्थान के सुचारू प्रबंधन परिसम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक् विकास हेतु पर्षदीय अधिसूचना इस पौराणिक स्थान के सुचारू प्रबंधन परिसम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक् विकास हेतु इस पौराणिक स्थान के सुचारू प्रबंधन परिसम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक् विकास हेतु ज्ञापांक-290 से 292, दिनांक 28.05.2007 द्वारा एक न्यास समिति का गठन 05 वर्षो के लिए किया गया था, जिसका 2007 द्वारा एक न्यास समिति का गठन 05 वर्षो के लिए किया गया था, जिसका 2007 द्वारा एक न्यास समिति का गठन 05 वर्षो के लिए किया गया था, जिसका 2012 द्वारा नई समिति के गठन तक वर्तमान कार्यकाल पूरा होने के पश्चात पर्षदीय आदेष ज्ञापांक 1312, दिनांक 27.09.2012 द्वारा नई समिति के गठन तक वर्तमान कार्यकाल पूरा होने के पश्चात पर्षदीय आदेष ज्ञापांक 1312, दिनांक 27 न्यास समिति को कार्यरत रहने संबंधि आदेष निर्गत किया गया। इसके प्रबंधन के लिए एक विस्तृत योजना का निरूपण तथा नई न्यास समिति का गठन आवष्यक है। इस इसके प्रबंधन के लिए एक विस्तृत योजना का निरूपण तथा नई न्यास समिति का गठन आवष्यक है। इस इसके प्रबंधन के लिए एक विस्तृत योजना का निरूपण तथा नई न्यास समिति का गठन आवष्यक है। इस हेतु एक न्यास समिति के गठन के लिए सदस्यों का नाम भेजने हेतु जिला पदाधिकारी, सहरसा को पर्षदीय पत्रांक 337 हेतु एक न्यास समिति के गठन के लिए सदस्यों का नाम भेजने हेतु जिला पदाधिकारी, सहरसा को पर्षदीय पत्रांक 337 हेतु एक न्यास समिति के गठन के लिए सदस्यों का नाम भेजने हेतु जिला पदाधिकारी, सहरसा को पर्षदीय पत्रांक 337 गया। उक्त पत्र के अनुपालन में जिला पदाधिकारी, सहरसा से उनके पत्रांक 2016 द्वारा अनुरोध किया गया। उक्त पत्र के अनुपालन में जिला पदाधिकारी, सहरसा से उनके पत्रांक दिनांक 05.05.2016 द्वारा अनुरोध किया 2016 द्वारा न्यास समिति के गठन हेतु व्यक्तियों का नाम प्राप्त हुआ है। इसके आलोक में न्यास के 667 दिनांक 20.05.2016 द्वारा न्यास समिति के गठन हेतु व्यक्तियों का नाम प्राप्त हुआ है। इसके आलोक में न्यास के 2016 द्वारा न्यास समिति के गठन हेतु व्यक्तियों का नाम प्राप्त हुआ है। इसके आलोक में न्यास के सुचारू प्रबंधन हेतु न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया। सुचारू प्रबंधन हेतु न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया। अतएव बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार, 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार, अतएव बिहार हिन्दू धार्मिक न्य 81 (ख) एवं 8 (क) के तहत प्रषासक को प्राप्त है, का प्रयोग करते धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-81 (ख) एवं 8 (क) के तहत प्रषासक को प्राप्त है, का प्रयोग करते जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा- हुए श्री उग्रतारा मंदिर, महिषी (सहरसा) ुचारू प्रबंधन तथा सम्यक् विकास हेतु श्री उग्रतारा मंदिर, महिषी (सहरसा) की परिसम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण, सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
योजनायोजनायोजनायोजना
1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 9 जनवर! 2017 3. इस न्यास समिति का प्रमुख दायित्व मन्दिर में परम्परागत पूजा-अर्चना, राग-भोग, उत्सव-समैया आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक् प्रबंधन सुनिष्चित करना होगा। 4. न्यास की समग्र आय समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में रखी जायेगी और बैंक खाता का संचालन समिति के सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त के हस्ताक्षर से होगा। 5. मन्दिर में प्राप्त होने वाले सभी चन्दा, चढ़ावा एवं मांगलिक/धार्मिक आयोजनों के लिए निर्धारित राषि के लिए दाताओं को उचित पावती रसीद दी जायेगी और उसका सम्यक् लेखा संधारण किया जायेगा।
6. न्यास समिति के आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता रखेगी। 7. मन्दिर में आने वाल आस्थावान भक्तों के साथ किसी प्रकार का भेद-भाव नहीं किया जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा। कुष्णाष्टमी आदि विषेष अवसरों पर भक्तों की सुविधा एवं सुरक्षा का ख्याल रखा जायेगा।
8. मन्दिर परिसर में भेंट पात्र रखे जायेंगे जो प्रत्येक माह एक निर्धारित तिथि को न्यास समिति के सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और गणना कर सत्यापित पंजी में प्रविष्टि के बाद बैंक खाता में जमा की जायेगी।
9. न्यास समिति न्यास परिसर को स्वच्छ एवं अतिक्रमणमुक्त रखेगी। 10. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित सभी प्रावधानों का सम्यक् अनुपालन सुनिष्चित करेगी तथा वार्षिक आय-व्यय का विवरण, बजट, देय शुल्क की राषि एवं बैठकों की कार्यवृत्त पर्षद को ससमय भेजेगी।
11. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक बुलायेंगे। जिसकी अध्यक्षता अध्यक्ष करेगें। सचिव समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्तरूप देने के लिए उत्तरदायी होगें और कोषाध्यक्ष लेखा की सम्यक् संधारण के लिए जिम्मेवार होंगे।
12. न्यास समिति की बैठक मन्दिर परिसर में प्रत्येक माह होगी। 13. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन अथवा संषोधन का अधिकार पर्षद में निहित होगा। 14. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि मन्दिर की सम्पत्ति से प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से लाभान्वित होगे अथवा आपराधिक पृष्ठभूमि के होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
15. न्यास समिति को न्यास की कोई सम्पत्ति बेचने, लीज पर देने या किसी प्रकार से अन्य संक्रमण का अधिकार नहीं होगा।
16. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराने हेतु आवष्यक वैधानिक कार्रवाई करेगी। उपर्युक्त योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति गठित की जाती है :-
(1) जिला पदाधिकारी, सहरसा - पदेन अध्यक्ष (2) श्री प्रमील कुमार मिश्रा - उपाध्यक्ष (3) श्री पियुष रंजन - सचिव (4) श्री माणिक चन्द्र झा - कोषाध्यक्ष (5) श्री भवनाथ चौधरी - सदस्य (6) श्री रामदेव रजक - सदस्य (7) श्री लखन पासवान - सदस्य (8) श्री तीर्थानन्द झा - सदस्य (9) श्री भगवान झा - सदस्य
यह अधिसूचना निर्गत तिथि से प्रभावी होगी और इसका कार्यकाल 05 (पाँच) वर्षो का होगा।
आदेश से,,,,, संजय कुमार,संजय कुमार,संजय कुमार,संजय कुमार, प्रशासक।प्रशासक।प्रशासक।प्रशासक।
———— अधी*क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटनापटनापटनापटना (cid:23)ारा ूकािशत एवं मु0ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 19-571+10-ड!0ट!0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in