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सं॰ 08/आरोप-01-322/2014-16005 सा॰प्र॰ सं॰ 08/आरोप-01- सामान्य प्रशासन विभाग ——— ladYiladYiladYiladYi 1 fnlEcj1 fnlEcj1 fnlEcj1 fnlEcj 2016201620162016
शब्बीर हसन, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-686/11 के विरूद्ध कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्, पूर्णियाँ के विरूद्ध कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्, पूर्णियाँ श्री शब्बीर हसन, बि॰प्र॰से॰, के पद पर पदस्थापन के दौरान अनियमित रूप से कर्मियों की नियुक्ति, प्रोन्नति एवं अवैध तरीके से राजस्व की वसूली कर्मियों की नियुक्ति, प्रोन्नति एवं अवैध तरीके से राजस्व की वसूली के पद पर पदस्थापन के दौरान अनियमित रूप से 2014 द्वारा प्रेषित आरोप, प्रपत्र 'क' करने के आरोपों पर जिला पदाधिकारी, पूर्णियाँ के पत्रांक-2322, दिनांक 12.12.2014 द्वारा प्रेषित आरोप, प्रपत्र 'क' करने के आरोपों पर जिला पदाधिकारी, पूर्णियाँ के पत्रांक-2322, दिनांक 12 नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक-4288, दिनांक 29.12.2014 द्वारा प्राप्त हुआ। नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक-4288, दिनांक 29
2. उक्त आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-1586, दिनांक 29 उक्त आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-1586, दिनांक 29.01.2015 द्वारा श्री उक्त आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-1586, दिनांक 29 2015) प्राप्त हुआ। उक्त स्पष्टीकरण पर हसन से स्पष्टीकरण माँगी गयी। इस क्रम में उनका स्पष्टीकरण (दिनांक 18.02.2015) प्राप्त हुआ। उक्त स्पष्टीकरण पर हसन से स्पष्टीकरण माँगी गयी। इस क्रम में उनका स्पष्टीकरण (दिनांक 18 क्रमशः जिला पदाधिकारी, पूर्णियाँ का मंतव्य तथा नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना से मंतव्य प्राप्ति के क्रमशः जिला पदाधिकारी, पूर्णियाँ का मंतव्य तथा नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना से मंतव्य प्राप्ति के उपरांत विभागीय स्तर पर पुनर्गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलग्न करते उपरांत विभागीय स्तर पर पुनर्गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलग्न करते उपरांत विभागीय स्तर पर पुनर्गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलग्न करते 2016 द्वारा श्री हसन से पुनः स्पष्टीकरण माँगी गयी। इस क्रम में श्री हसन हुए विभागीय पत्रांक-7174, दिनांक 19.05.2016 द्वारा श्री हसन से पुनः स्पष्टीकरण माँगी गयी। इस क्रम में श्री हसन हुए विभागीय पत्रांक-7174, दिनांक 19 2016) प्राप्त हुआ। जिसमें उन्होंने उक्त गठित आरोपों का प्रतिकार करते हुए स्वयं को का स्पष्टीकरण (दिनांक 14.06.2016) प्राप्त हुआ। जिसमें उन्होंने उक्त गठित आरोपों का प्रतिकार करते हुए स्वयं को 2016) प्राप्त हुआ। जिसमें उन्होंने उक्त गठित आरोपों का प्रतिकार करते हुए स्वयं को आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया। आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया।
3. आरोप, प्रपत्र 'क' एवं श्री हसन से प्राप्त स्पष्टीकरण की विभागीय स्तर पर समीक्षा के उपरांत यह पाया , प्रपत्र 'क' एवं श्री हसन से प्राप्त स्पष्टीकरण की विभागीय स्तर पर समीक्षा के उपरांत यह पाया पदाधिकारी द्वारा विभागीय निदेश का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से कतिपय कर्मियों की नियुक्ति गया कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा विभागीय निदेश का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से कतिपय कर्मियों की नियुक्ति पदाधिकारी द्वारा विभागीय निदेश का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से कतिपय कर्मियों की नियुक्ति तथा प्रोन्नति देने का कार्य नियम संगत प्रतीत नहीं होता है। आरोपों पर बचाव के संबंध में श्री हसन ने अपने तथा प्रोन्नति देने का कार्य नियम संगत प्रतीत नहीं होता है। आरोपों पर बचाव के संबंध में श्री हसन ने अपने तथा प्रोन्नति देने का कार्य नियम संगत प्रतीत नहीं होता है। आरोपों पर बचाव के संबंध में श्री हसन ने अपने ाम दृष्टया निर्दोष होने का प्रमाण नहीं मिलता है। स्पष्टीकरण में जो तथ्य अंकित किये है, उसके आधार पर उनके प्रथ् स्पष्टीकरण में जो तथ्य अंकित किये है, उसके आधार पर उनके प्रथम दृष्टया निर्दोष होने का प्रमाण नहीं मिलता है। इस आलोक में मामले के वृहद जाँच की आवश्यकता है। इस आलोक में मामले के वृहद जाँच की आवश्यकता है।
4. अतएव सम्यक् विचारोपरांत यह निर्णय लिया गया कि श्री 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 12 जनवर(cid:18) 2017 उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना द्वारा मनोनीत पदाधिकारी होंगे। 5. श्री शब्बीर हसन, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-686/11 से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हाेंगे। आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन राय, सरकार के अवर सचिव।
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