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सं॰ 08/आरोप-01-314/2014-15771 सा॰प्र॰ सं॰ 08/ सामान्य प्रशासन विभाग ——— ladYiladYiladYiladYi 25252525 uoEcjuoEcjuoEcjuoEcj 2016201620162016
श्री राजेन्द्र राम, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-502/11, तत्कालीन निदेशक लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन जिला श्री राजेन्द्र राम, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-502/11, तत्कालीन निदेशक लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन जिला श्री राजेन्द्र राम, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-502/11, तत्कालीन निदेशक लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, अररिया के विरूद्ध हाई मास्ट लाईट के अधिष्ठापन में अनियमितता बरतने से संबंधित जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, अररिया के विरूद्ध हाई मास्ट लाईट के अधिष्ठापन में अनियमितता बरतने से संबंधित जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, अररिया के विरूद्ध हाई मास्ट लाईट के अधिष्ठापन में अनियमितता बरतने से संबंधित जिला 2014 द्वारा प्रतिवेदित आरोपों (प्रपत्र 'क' सहित) पर ग्रामीण विकास पदाधिकारी, अररिया के पत्रांक-1431, दिनांक 28.10.2014 द्वारा प्रतिवेदित आरोपों (प्रपत्र 'क' सहित) पर ग्रामीण विकास पदाधिकारी, अररिया के पत्रांक-1431, दिनांक 28 2014 द्वारा श्री राम के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की विभाग, बिहार, पटना का पत्रांक-209386, दिनांक 21.11.2014 द्वारा श्री राम के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की विभाग, बिहार, पटना का पत्रांक-209386, दिनांक 21 अनुशंसा की गयी। विभागीय पत्रांक-16999, दिनांक 10 2014 द्वारा श्री राम से स्पष्टीकरण की माँग की गई। मामले अनुशंसा की गयी। विभागीय पत्रांक-16999, दिनांक 10.12.2014 द्वारा श्री राम से स्पष्टीकरण की माँग की गई। मामले की गम्भीरता के मद्देनजर विभागीय स्तर पर आरोप, प्रपत्र 'क' गठित करते हुए श्री राम के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों की की गम्भीरता के मद्देनजर विभागीय स्तर पर आरोप, प्रपत्र 'क' गठित करते हुए श्री राम के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों की की गम्भीरता के मद्देनजर विभागीय स्तर पर आरोप, प्रपत्र 'क' गठित करते हुए श्री राम के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों की जाँच हेतु संकल्प ज्ञापांक-3197, दिनांक 26 2015 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। कालान्तर में श्री राम जाँच हेतु संकल्प ज्ञापांक-3197, दिनांक 26.02.2015 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। कालान्तर के अनुरोध पर प्रमंडलीय आयुक्त, पूर्णियाँ के स्थान पर विभागीय जाँच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया के अनुरोध पर प्रमंडलीय आयुक्त, पूर्णियाँ के स्थान पर विभागीय जाँच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया के अनुरोध पर प्रमंडलीय आयुक्त, पूर्णियाँ के स्थान पर विभागीय जाँच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया (विभागीय संकल्प ज्ञापांक-13011, दिनांक
पांक-13011, दिनांक 01.09.2015)
2. विभागीय जाँच आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, पटना के पत्रांक-43 (अनु॰) दिनांक 29 विभागीय जाँच आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, पटना के पत्रांक-43 (अनु॰) दिनांक 29.01.2016 द्वारा विभागीय जाँच आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, पटना के पत्रांक-43 (अनु॰) दिनांक 29 उक्त जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। जिसकी प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-2126, दिनांक 10 उक्त जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। जिसकी प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-2126, दिनांक 10.02.2016 द्वारा जाँच उक्त जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। जिसकी प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-2126, दिनांक 10 प्रतिवेदन पर श्री राम से लिखित अभिकथन माँगा गया। इस क्रम में श्री राम ने अपना लिखित अभिकथन (दिनांक 29. प्रतिवेदन पर श्री राम से लिखित अभिकथन माँगा गया। इस क्रम में श्री राम ने अपना लिखित अभिकथन (दिनांक 29 प्रतिवेदन पर श्री राम से लिखित अभिकथन माँगा गया। इस क्रम में श्री राम ने अपना लिखित अभिकथन (दिनांक 29 02.2016) समर्पित किया।
3. आरोप, प्रपत्र 'क', जाँच प्रतिवेदन एवं श्री राम के लिखित अभिकथन की समीक्षा के उपरान्त निम्न स्थिति त्र 'क', जाँच प्रतिवेदन एवं श्री राम के लिखित अभिकथन की समीक्षा के उपरान्त निम्न स्थिति त्र 'क', जाँच प्रतिवेदन एवं श्री राम के लिखित अभिकथन की समीक्षा के उपरान्त निम्न स्थिति पाया गयी :-
2ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 12 जनवर(cid:18) 2017 (ख) वस्तुतः कुल स्वी—त राशि के विरूद्ध 80 प्रतिशत राशि विमुक्त किये जाने के बावजूद कार्यकारी एजेन्सी द्वारा एक भी हाई मास्ट लाईट अधिष्ठापित एवं क्रियाशील नहीं किये जाने के कारण उनके विरूद्ध प्राथमिकी (485/2009, दिनांक 19.10.2009) भी दर्ज हुई।
(ग) उक्त योजना में हुई अनियमितता का संज्ञान भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के द्वारा भी लेखा परीक्षा (सिविल) वर्ष-2009-10 की प्रस्तावित कंडिका 2.4.1 के रूप में लिया गया। (घ) उक्त योजना में गबन की गयी राशि की वसूली संबंधित कार्यकारी एजेन्सी से करने हेतु निलाम पत्र वाद दायर हुआ।
4. वस्तुतः तत्कालीन निदेशक, लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, अररिया के पद पर पदस्थापन के दौरान (दिनांक 11.01.07 से दिनांक 15.12.2008) हाई मास्ट लाईट के अधिष्ठापन हेतु कार्यकारी एजेन्सी के चयन में श्री राम द्वारा बिहार वित्त नियमावली की अनदेखी एवं लापरवाही के कारण चयनित एजेन्सी का स्थायी पता प्राप्त नहीं किया गया। जिसके फलस्वरूप प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद संवेदक की गिरफ्तारी नहीं हो सकी तथा निलाम पत्र वाद दायर होने के बावजूद उनसे राशि की वसूली नहीं हो सकी। एजेन्सी ने एक भी हाई मास्ट लाईट क्रियाशील नहीं किया इसके बवजूद 80 प्रतिशत योजना राशि का भुगतान किया गया।
5. श्री राम ने अपने लिखित अभिकथन में वित्तीय नियमों को अनदेखी करते हुए कार्यकारी एजेन्सी को अग्रिम प्रदान करने में निहित प्रमाणित आरोपों पर कोइ ठोस तर्क प्रस्तुत किये बिना केवल कार्यादेश निर्गत करने के औचित्य को सही बताया है। निर्धारित अधिसीमा से ज्यादा अग्रिम देने के साथ-साथ एकरारनामा की शर्त्तो का उल्लंघन करने पर भी द्वितीय किस्त (अग्रिम) विमुक्त कर दिया गया। इस संबंध में लिखित अभिकथन में कोई युक्ति-युक्त कारण नहीं दर्शाया गया। यधपि द्वितीय किस्त की विमुक्ति का आधार सहायक विधुत अभियंता से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन को बताया गया है तथापि एक भी हाई मास्ट लाईट पूर्ण रूप से अधिष्ठापित नहीं होने की भौतिक स्थिति के आलोक में उक्त अग्रिम विमुक्ति करने का कोई औचित्य स्पष्ट नहीं किया गया। हाई मास्ट लाईट के विधुत विपत्र भुगतान एवं उसके रख-रखाव हेतु जिम्मेवारी का निर्धारण किये बिना ही योजना का कार्यान्वयन कराया गया। इन आरोपों के संबंध में में लिखित अभिकथन में अंकित तथ्य स्वीकार योग्य नहीं पाया गया।
6. वर्णित स्थिति में राजस्व क्षति में निहित आरोपों की प्रमाणिकता के आधार पर सम्यक् विचारोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के सुसंगत प्रावधानों के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री राम के विरूद्ध संचयात्मक प्रभाव से तीन वेतन वृद्वि रोकने का दंड विनिश्चित किया गया। विभागीय पत्रांक-12385, दिनांक 09.09.2016 द्वारा उक्त विनिश्चित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति माँगी गयी। इस क्रम में आयोग की पूर्ण पीठ द्वारा उक्त विनिश्चित दंड पर दी गयी सहमति बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-2141, दिनांक 19.10.2016 से प्राप्त हुई।
7. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में सम्यक् विचारोपरांत श्री राजेन्द्र राम, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-502/11 को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 में प्रावधानित शास्ति निम्नवत संसूचित की जाती है :-
(क) 03 (तीन) वेतन वृद्वियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक।
आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन राय, सरकार के अवर सचिव।
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