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ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत 22 पौषपौषपौषपौष 1938 (शशशश0)
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सं0 2/सी0-3-3003/1998-सा0प्र0-11116707670767076707 सं0 2/ सामान्य सामान्य सामान्य सामान्य प्रप्रप्रप्रश्श्श्शासन विभागाासन विभागाासन विभागाासन विभाग ------------------------------------ संकल्संकल्संकल्संकल्पपपप 16 दिस16 दिस16 दिस16 दिसम्बर 2016म्बर 2016म्बर 2016म्बर 2016 श्री महफूज आलम (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 620/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाढ़, पटना श्री महफूज आलम (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 620/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाढ श्री महफूज आलम (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 620/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाढ सम्प्रति जिला पंचायत राज पदाधिकारी, अरवल के विरूद्ध विभिन्न विकास योजनाओं में बरती गयी अनियमितताओं के सम्प्रति जिला पंचायत राज पदाधिकारी, अरवल के विरूद्ध विभिन्न विकास योजनाओं में बरती गयी अनियमितताओं के सम्प्रति जिला पंचायत राज पदाधिकारी, अरवल के विरूद्ध विभिन्न विकास योजनाओं में बरती गयी अनियमितताओं के 1998 द्वारा विहित प्रपत्र 'क' में आरोप लिए ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 2108 दिनांक 12.03.1998 द्वारा विहित प्रपत्र लिए ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 2108 दिनांक 12 प्रतिवेदित कर आवश्यक कार्रवाई हेतु विभाग को
यक कार्रवाई हेतु विभाग को उपलब्ध कराया गया।
प्रतिवेदित आरोप के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 3183 दिनांक 25.03.1998 के अनुपालन में प्रतिवेदित आरोप के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 3183 दिनांक 1998 के अनुपालन में श्री आलम द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। जिला पदाधिकारी, पटना के पत्रांक 1742 दिनांक 04.04.1998 के माध्यम से श्री आलम 1998 के माध्यम से श्री आलम स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। जिला पदाधिकारी, पटना के पत्रांक 1742 दिनांक 04 ााग को उपलब्ध कराया गया। प्राप्त मंतव्य में श्री आलम के विरूद्ध द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर मंतव्य सहित विभ् द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर मंतव्य सहित विभाग को उपलब्ध कराया गया। प्राप्त मंतव्य में श्री आलम के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के संदर्भ में निष्कर्ष के रूप में निम्नवत अंकित है :- प्रतिवेदित आरोपों के संदर्भ में निष्कर्ष के रूप में निम्नवत अंकित है :-
''प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाढ़ के विरूद्ध ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रतिवेदित आरोप-पत्र एवं प्रखंड ''प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाढ़ के विरूद्ध ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रतिवेदित आरोप-पत्र एवं प्रखंड ''प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाढ़ के विरूद्ध ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रतिवेदित आरोप-पत्र एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाढ़ द्वारा प्राप्त स्पष्टीकरण के आलोक में मेरे विचार से श्री महफूज आलम, प्र0वि0पदा0, बाढ़ के ाप्त स्पष्टीकरण के आलोक में मेरे विचार से श्री महफूज आलम, प्र0वि0पदा0, बाढ़ के ाप्त स्पष्टीकरण के आलोक में मेरे विचार से श्री महफूज आलम, प्र0वि0पदा0, बाढ़ के विरूद्ध किसी गंभीर आरोप का मामला नहीं बनता है। श्री आलम द्वारा दिये गये स्पष्टीकरण से सहमत होते हुए उन्हें विरूद्ध किसी गंभीर आरोप का मामला नहीं बनता है। श्री आलम द्वारा दिये गये स्पष्टीकरण से सहमत होते हु विरूद्ध किसी गंभीर आरोप का मामला नहीं बनता है। श्री आलम द्वारा दिये गये स्पष्टीकरण से सहमत होते हु आरोप मुक्त करने की अनुशंसा की जाती है।''
ांसा की जाती है।''
1998 द्वारा ग्रामीण विकास विभाग से जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा विभागीय पत्रांक 10107 दिनांक 12.09.1998 द्वारा ग्रामीण विकास विभाग से जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा विभागीय पत्रांक 10107 दिनांक प्राप्त मंतव्य पर विभागीय मंतव्य की मांग की गयी। ग्रामीण विकास विभाग के पत्रांक 2054 दिनांक 22.03.2003 द्वारा प्राप्त मंतव्य पर विभागीय मंतव्य की मांग की गयी। ग्रामीण विकास विभाग के पत्रांक 2054 दिनांक 22 प्राप्त मंतव्य पर विभागीय मंतव्य की मांग की गयी। ग्रामीण विकास विभाग के पत्रांक 2054 दिनांक 22 प्राप्त मंतव्य में श्री आलम के विरूद्ध आरोप संख्या-02, 04 एवं 06 के संबंध में आरोपी पदाि धकारी के स्पष्टीकरण को प्राप्त मंतव्य में श्री आलम के विरूद्ध आरोप संख्या-02, 04 एवं 06 के संबंध में आरोपी पदाधिकारी के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य प्रतिवेदित किया गया एवं आरोप संख्या-01, 03, 05 एवं 07 के संबंध में आरोपी पदाधिकारी के स्वीकार योग्य प्रतिवेदित किया गया एवं आरोप संख्या-01, 03, 05 एवं 07 के संबंध में आरोपी पदाधिकारी के स्वीकार योग्य प्रतिवेदित किया गया एवं आरोप संख्या-01, 03, 05 एवं 07 के संबंध में आरोपी पदाधिकारी के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं है, प्रतिवेदित किया गया। स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं है, प्रतिवेदित किया गया।
अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा ग्रामीण विकास विभाग द्वारा समर्पित मंतव्य पर सम्यक् 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 12 जनवर" 2017 आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक 424 दिनांक 07.10.2011 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें आरोपी पदाधिकारी पर लगाये गये सभी आरोपों को अप्रमाणित पाते हुए उन्हें आरोप मुक्त करने की अनुशंसा की गयी। श्री आलम के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण, जिला पदाधिकारी के मंतव्य एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की सम्यक् समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि सामान्य कार्यों यथा दरवाजे की लकड़ी, प्लास्टर आदि में पायी गयी शिकायत के लिए आरोपित पदाधिकारी द्वारा तकनीकी कार्य बताते हुए तकनीकी पदाधिकारी की जिम्मेदारी बतायी गयी और संचालन पदाधिकारी द्वारा स्वीकार कर लिया गया, जबकि यह सामान्य प्र—ति के कार्य हैं। ऐसे सामान्य कार्यों के लिए भी प्रशासनिक पदाधिकारी द्वारा तकनीकी पदाधिकारी को जिम्मेदार बताना अपने जिम्मेदारी से बचने का प्रयास है। आरोप संख्या-04 में बेढ़ना कन्या प्राथमिक विद्यालय के छत से पानी चुने के आरोप के संबंध में श्री आलम का स्पष्टीकरण में यह कहना कि पानी नहीं चू रहा था, बल्कि छत पसीजा हुआ था। फोटोग्राफी अथवा स्थानीयजनों के बयान रूपी साक्ष्य के अभाव में आरोप प्रमाणित नहीं होने का मंतव्य संचालन पदाधिकारी द्वारा दिया गया, जबकि पानी का चूना या छत का पसीजना स्वयं ही छत के कमजोर निर्माण का सूचक है। संचालन पदाधिकारी के इस निष्कर्ष से असहमत होते हुए आरोपित पदाधिकारी के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं माना गया।
अतः उपर्युक्त तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर योजनाओं के क्रियान्वयन में श्री आलम की लापरवाही एवं प्रशासनिक नियंत्रण की कमी पायी गयी और इस चूक के लिए उनके विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या 452 दिनांक 10. 01.2013 द्वारा निम्नांकित दण्ड संसूचित किये गये :-
(1) संगत वर्ष के लिए निन्दन (वर्ष 1996-97), (2) असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक। श्री आलम के पत्रांक-शून्य दिनांक 11.02.2013 द्वारा संसूचित दण्ड के विरूद्ध पुनर्विलोकन अर्जी समर्पित की गयी। पुनर्विलोकन अर्जी में उनके द्वारा अंकित किया गया है कि बेढ़ना कन्या प्राथमिक विद्यालय का दिवाल बरसात के कारण भीगा हुआ था तथा फर्ष खंती से तोड़ने पर टूट गया था एवं तकनीकी खामियों के लिए जिम्मेवार नहीं मानने का अनुरोध किया है।
श्री आलम द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी के सम्यक् समीक्षोपरान्त पाया गया कि दिवाल का पसीजना अपने आप में कमजोर निर्माण का सूचक है तथा योजना के कार्यान्वयन में लापरवाही एवं प्रशासनिक नियंत्रण की कमी स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।
अतएव श्री आलम द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16592 दिनांक 18.10.2013 द्वारा विचारोपरांत अस्वी—त करते हुए संसूचित दंड को पूर्ववत बरकरार रखा गया।
श्री आलम द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी के निरस्त किये जाने के पश्चात् संसूचित दंड के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय, पटना में याचिका सी0डब्लू0जे0सी0 सं0 306/2015 दायर की गयी। दिनांक 06.09.2016 को पारित न्यायादेश में माननीय न्यायालय द्वारा कहा गया है कि जाँच पदाधिकारी द्वारा आरोपित पदाधिकारी के समर्पित सातों आरोपों से संबंधित स्पष्टीकरण को स्वीकार किया गया है। जाँच पदाधिकारी द्वारा आरोपित पदाधिकारी को आरोप मुक्त करने के निष्कर्ष के बावजूद आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध लधु दंड अधिरोपित करने के विभागीय आदेश में कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है। इसके आलोक में माननीय न्यायालय द्वारा श्री आलम के विरूद्ध अधिरोपित शास्ति से संबंधित विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16592 दिनांक 18.10.2013 को निरस्त कर दिया गया।
अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक् विचारोपरान्त ज्ञापांक 452 दिनांक 10.01.2013 एवं माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के अनुपालन के क्रम में श्री आलम के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 452 दिनांक 10.01.2013 द्वारा अधिरोपित शास्ति को निरस्त करने का निर्णय लिया गया।
अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री महफूज आलम (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 620/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाढ़, पटना सम्प्रति जिला पंचायत राज पदाधिकारी, अरवल के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 452 दिनांक 10.01.2013 द्वारा अधिरोपित दंड निन्दन (वर्ष 1996-97) एवं असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक के दंड को निरस्त एवं संसूचित किया जाता है। ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया असाधारण अंक में प्रकाशित किया असाधारण अंक में प्रकाशित किया असाधारण अंक में प्रकाशित किया आदेशः-आआदेशः-आआदेशः-आआदेशः-आदेश्देश्देश्देश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,/ अनिल कुमार,अनिल कुमार,अनिल कुमार,अनिल कुमार, सरकार के विशेष सचिव।