िनबंधन सं(cid:18)या पी0ट#0-40 िनबंधन सं(cid:18)या (cid:1)बहार गजट गजट (cid:1)बहार
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असाधारण अंक
असाधारण
सरकार (cid:23)ारा ूकािशत
ूकािशत 2 फा(cid:28)गुफा(cid:28)गुफा(cid:28)गुफा(cid:28)गुनननन 1938 (शशशश0)
((((संसंसंसं0 पटनापटनापटनापटना 125) ) ) ) पटनापटनापटनापटना
पटनापटनापटनापटना, मंगलमंगलमंगलमंगलवारवारवारवार, 2222 1111 फरफरफरफरवर#वर#वर#वर# 2017
सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ को॰प्र॰/कम्प्यूटर-03/2017को॰प्र॰/कम्प्यूटर-03/2017को॰प्र॰/कम्प्यूटर-03/2017को॰प्र॰/कम्प्यूटर-03/2017—1212121212121212/वि॰/वि॰/वि॰/वि॰ सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ वित्त वित्त वित्त वित्त विभागविभागविभागविभाग ---------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 20 फरवरी 201720 फरवरी 201720 फरवरी 201720 फरवरी 2017
के क्रियान्वयन के संबंध में।के क्रियान्वयन के संबंध में।के क्रियान्वयन के संबंध में।के क्रियान्वयन के संबंध में।
Comprehensive Treasury Management Information System (CTMIS) के अंतर्गत सरकारी के अंतर्गत सरकारी के अंतर्गत सरकारी के अंतर्गत सरकारी Comprehensive Treasury Management Information System (CTMIS) विविविविषयः- षयः- षयः- षयः- Comprehensive Treasury Management Information System (CTMIS) Online Government Revenue and Accounting प्राप्तियों हेतु ऑनलाइन भुगतान के लिए Online Government Revenue and Accounting प्राप्तियों हेतु ऑनलाइन भुगतान के लिए प्राप्तियों हेतु ऑनलाइन भुगतान के लिए प्राप्तियों हेतु ऑनलाइन भुगतान के लिए प्राप्तियों हेतु ऑनलाइन भुगतान के लिए प्राप्तियों हेतु ऑनलाइन भुगतान के लिए प्राप्तियों हेतु ऑनलाइन भुगतान के लिए प्राप्तियों हेतु ऑनलाइन भुगतान के लिए System (O-GRAS) के क्रियान्वयन के संबंध में।के क्रियान्वयन के संबंध में।के क्रियान्वयन के संबंध में।के क्रियान्वयन के संबंध में। सरकारी कोष में राशि जमा कराने एवं कोषागार द्वारा प्राप्तियों का मासिक लेखा तैयार कराने की वर्तमान में सरकारी कोष में राशि जमा कराने एवं कोषागार द्वारा प्राप्तियों का मासिक लेखा तैयार कराने की सरकारी कोष में राशि जमा कराने एवं कोषागार द्वारा प्राप्तियों का मासिक लेखा तैयार कराने की मैनुअल प्रक्रिया प्रचलित है। इसके तहत जमाकर्ता बाजार से प्राप्त चालान को भरकर कोषागार से पारित कराते हुए मैनुअल प्रक्रिया प्रचलित है। इसके तहत जमाकर्ता बाजार से प्राप्त चालान को भरकर कोषागार से पारित कराते हुए मैनुअल प्रक्रिया प्रचलित है। इसके तहत जमाकर्ता बाजार से प्राप्त चालान को भरकर कोषागार से पारित कराते हुए नगद/चेक/ड्राफ्ट द्वारा कोषागार से लिंक बैंक में जमा करते है। का ेषागार बैंक द्वारा प्रतिदिन की प्राप्तियों की सूचना नगद/चेक/ड्राफ्ट द्वारा कोषागार से लिंक बैंक में जमा करते है। कोषागार बैंक द्वारा प्रतिदिन की प्राप्तियों की सूचना भारतीय रिजर्व बैंक को दी जाती है जहाँ राज्य सरकार के खाते को क्रेडिट किया जाता है। लिंक बैंक द्वारा भौतिक भारतीय रिजर्व बैंक को दी जाती है जहाँ राज्य सरकार के खाते को क्रेडिट किया जाता है। लिंक बैंक द्वारा भौतिक भारतीय रिजर्व बैंक को दी जाती है जहाँ राज्य सरकार के खाते को क्रेडिट किया जाता है। लिंक बैंक द्वारा भौतिक चालान एवं स्क्रौल संबंधित कोषागार को प्रेषित किया जाता है। कोषागार द्वारा चालान एवं स्क्रौल के आधार चालान एवं स्क्रौल संबंधित कोषागार को प्रेषित किया जाता है। कोषागार द्वारा चालान एवं स्क्रौल के आधार पर चालान एवं स्क्रौल संबंधित कोषागार को प्रेषित किया जाता है। कोषागार द्वारा चालान एवं स्क्रौल के आधार प्राप्तियों का मासिक लेखा तैयार कर महालेखाकार को प्रेषित किया जाता है। राजस्व संग्रहण करने वाले सभी विभाग प्राप्तियों का मासिक लेखा तैयार कर महालेखाकार को प्रेषित किया जाता है। राजस्व संग्रहण करने वाले सभी विभाग प्राप्तियों का मासिक लेखा तैयार कर महालेखाकार को प्रेषित किया जाता है। राजस्व संग्रहण करने वाले सभी विभाग अपने क्षेत्रीय कार्यालयों से प्राप्त राजस्व प्राप्ति व्यौरा का मिलान कोषागार एवं महालेखाकार के लेखा से करते है। अपने क्षेत्रीय कार्यालयों से प्राप्त राजस्व प्राप्ति व्यौरा का मिलान कोषागार एवं महालेखाकार के लेखा से करते है। अपने क्षेत्रीय कार्यालयों से प्राप्त राजस्व प्राप्ति व्यौरा का मिलान कोषागार एवं महालेखाकार के लेखा से करते है। CTMIS में राजस्व प्राप्ति की ऑनलाईन व्यवस्था नहीं की गयी है। इससे निम्नांकित समस्याओं का सामना करना पड़ में राजस्व प्राप्ति की ऑनलाईन व्यवस्था नहीं की गयी है। इससे निम्नांकित समस्याओं का सामना करना पड़ में राजस्व प्राप्ति की ऑनलाईन व्यवस्था नहीं की गयी है। इससे निम्नांकित समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैः-
(क). बैंकों द्वारा संग्रहित राजस्व की राशि का विलंब से सरकारी खाते में अंतरण। बैंकों द्वारा संग्रहित राजस्व की राशि का विलंब से सरकारी खाते में अंतरण। राजस्व प्राप्ति की वास्तविक समय आधारित सूचना प्राप्त नहीं होना। (ख). राजस्व प्राप्ति की वास्तविक समय आधारित सूचना प्राप्त नहीं होना। प्रशासी विभाग, कोषागार एवं महालेखाकार तथा बैंकों द्वारा दिखाई जाने वाली प्राप्तियों में भिन्नता। प्रशासी विभाग, कोषागार एवं महालेखाकार तथा बैंकों द्वारा दिखाई जाने वाली प्राप्तियों में भिन्नता। (ग). प्रशासी विभाग, कोषागार एवं महालेखाकार तथा बैंकों द्वारा दिखाई जाने वाली प्राप्तियों में भिन्नता। राज्य में वित्त एवं अर्थोपाय प्रबंधन में कठिनाई। (घ). राज्य में वित्त एवं अर्थोपाय प्रबंधन में कठिनाई। आम आदमी को छोटी-छोटी राशि सरकारी कोष में जमा कराने हेतु जिला/अनुमंडल स्थित कोषागार आम आदमी को छोटी-छोटी राशि सरकारी कोष में जमा कराने हेतु जिला/अनुमंडल स्थित कोषागार (ड़). आम आदमी को छोटी-छोटी राशि सरकारी कोष में जमा कराने हेतु जिला/अनुमंडल स्थित कोषागार एवं उससे संबंधित लिंक बैंक में जाना पड़ता है। इससे जनप्रतिनिधियों के द्वारा प्रखंड स्तर पर एवं उससे संबंधित लिंक बैंक में जाना पड़ता है। इससे जनप्रतिनिधियों के द्वारा प्रखंड स्तर पर एवं उससे संबंधित लिंक बैंक में जाना पड़ता है। इससे जनप्रतिनिधियों के द्वारा प्रखंड स्तर पर कोषागार स्थापित करने की मांग की जा रही है जिसमें राज्य सरकार पर अनावश्यक वित्तीय भार कोषागार स्थापित करने की मांग की जा रही है जिसमें राज्य सरकार पर अनावश्यक वित्तीय भार कोषागार स्थापित करने की मांग की जा रही है जिसमें राज्य सरकार पर अनावश्यक वित्तीय भार सृजित होता हैं। सूचना प्रावैधिकी का लाभ उठाते हुए आम आदमी को कहीं से और कभी भी राज्य सृजित होता हैं। सूचना प्रावैधिकी का लाभ उठाते हुए आम आदमी को कहीं से और क सृजित होता हैं। सूचना प्रावैधिकी का लाभ उठाते हुए आम आदमी को कहीं से और क सरकार के खाते में राशि जमा करने की सुविधा दी जा सकती है । सरकार के खाते में राशि जमा करने की सुविधा दी जा सकती है ।
नगदी की कमी से राज्य के करदाताओं एवं आमजनों को सरकारी राशि जमा करने में कठिनाई हो रही (च). नगदी की कमी से राज्य के करदाताओं एवं आमजनों को सरकारी राशि जमा करने में कठिनाई हो रही नगदी की कमी से राज्य के करदाताओं एवं आमजनों को सरकारी राशि जमा करने में कठिनाई हो रही है।2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 21 फरवर# 2017 उपर्युक्त समस्याओं के निदान हेतु राज्य सरकार के वित्त विभाग के द्वारा CTMIS में ऑनलाईन प्राप्ति पोर्टल Online Government Revenue and Accounting System (O-GRAS) विकसित एवं संस्थापित किया गया है। सफल पायलट टेस्टिंग के उपरांत राज्य सरकार द्वारा O-GRAS को कार्यान्वित करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत निम्नांकित चार प्रकार से सीधे राज्य सरकार के खाते में कहीं से कभी भी राशि जमा करायी जा सकती है :-
(i) इंटरनेट बैंकिंग/डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऑनलाईन भुगतान। (ii) ऑनलाईन सृजित चालान के माध्यम से बैंक के काउन्टर पर भुगतान। (iii) RTGS/NEFT से भुगतान। (iv) विभागीय काउन्टर पर भुगतान। इस साफ्टवेयर के माध्यम से ई-कोषागार द्वारा ऑनलाईन प्राप्तियों का मासिक लेखा तैयार किया जायेगा। 2. O-GRAS के माध्यम से प्राप्तियों की व्यवस्था से निम्नांकित लाभ होंगे :- (i) करदाताओं/सरकारी राशि जमाकर्ताओं द्वारा कहीं से कभी भी राशि सरकारी कोष में ऑनलाईन बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से जमा करा सकते हैं। इस हेतु बैंक या कोषागार जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
(ii) वैसे जमाकर्ता जिन्हें ऑनलाईन बैंकिंग की सुविधा नहीं है वे भी O-GRAS Portal से राशि जमा करने हेतु चालान सृजित कर नजदीक के किसी भी बैंक में राशि जमा करा सकते हैं।
(iii) O-GRAS से सृजित चालान एवं Payment Mandate के माध्यम से जमाकर्ता अपने बैंक से (जिसमें जमाकर्ता का खाता है) चेक के द्वारा RTGS/NEFT के माध्यम से सीधे राज्य सरकार के खाते में राशि जमा करा सकते हैं।
(iv) उपर्युक्त विधि से जमा की गयी राशि का चालान O-GRAS Portal से मुद्रित कर सकते हैं तथा सरकारी सेवा प्राप्त कर सकते हैं।
(v) सरकारी राशि प्राप्त करने वाला विभाग/कार्यालय अपने काउन्टर पर भी जमाकर्ताओं से छोटी-छोटी राशि की वसूली कर सकता है तथा O-GRAS Portal से चालान सृजित कर राशि जमा करा सकता है। इस प्रक्रिया में प्राप्तियों का विस्तृत व्यौरा संबंधित कार्यालयों को ही रखना होगा।
3. O-GRAS, Bank, RBI and e-Treasury के माध्यम से ऑनलाईन प्राप्तियों के लिए विहित प्रक्रिया निम्नानुसार हैः-
(क). जमाकर्ता का निबंधनजमाकर्ता का निबंधनजमाकर्ता का निबंधनजमाकर्ता का निबंधन- नियमित जमाकर्ता O-GRAS में निबंधन कराकर User ID and Password प्राप्त कर सकते हैं। User ID and Pass word से Login करने पर जमाकर्ता को बार-बार अपने से संबंधित सूचना सिस्टम में डालने की आवश्यकता नहीं होगी। कभी कभार राशि जमा करने वाले के लिए जमाकर्ताओं के लिए सिस्टम में निबंधित होना आवश्यक नहीं है। ऐसे जमाकर्ताओं के लिए लौगिन User ID "guest" तथा Password ''guest'' होगा।
(ख). राशि जमा करने की प्रक्रिया O-GRAS के माध्यम से सरकारी कोष में निम्नवत चार प्रकार से राशि जमा करायी जा सकती है :-
(i) ऑनलाइन भुगतान - ऑनलाइन भुगतान - ऑनलाइन भुगतान - ऑनलाइन भुगतान - सिस्टम में Login करने के बाद स्क्रीन पर e-challan form दिखेगा। जमाकर्त्ताओ को निन्नांकित सूचनाओं की प्रविष्टि चालान में करनी होगीः-
* विभाग और कार्यालय, जिसके लिए राशि सरकारी कोष मे जमा की जा रही है । * सेवा एंव संबंधित बजट शीर्ष, जिसमें राशि जमा करनी है । * जमाकर्त्ता की व्यक्तिगत सूचना । * भुगतान का तरीका (Mode of Payment) यथा Net Banking, over the counter, RTGS/NEFT आदि
* बैंक का नाम जिसमें राशि जमा करनी है । चालान भरने के बाद "Mode of Payment" का चयन करना होगा। Net Banking/Debit card/Credit card चयन करने के बाद चालान सबमिट किया जायेगा। O-GRAS से एक Unique Government Reference Number (GRN) सृजित होता है। चालान की सभी सूचनाएँ चयनित बैंक के पोर्टल पर भी अंतरित हो जायेंगी। इसके बाद जमाकर्ता अपने चयनित बैंक के पोर्टल में बैंक द्वारा प्रदत नेट बैंकिंग के ID/Pass word से प्रवेश करेंगे एवं भुगतान करेंगे। भुगतान की गयी राशि चयनित बैंक में संधारित राज्य सरकार के पुलिंग खाता में अंतरित हो जायेगी। बैंक के पोर्टल से Challan Identification Number (CIN) सृजित होगा जो यूनिक होगा तथा सफल भुगतान का साक्ष्य होगा। GRN and CIN के माध्यम से जमाकर्ता O-GRAS Portal से चालान का सत्यापन कर सकते हैं तथा चालान का मुद्रण भी कर सकते हैं।3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 21 फरवर# 2017 जमाकर्ता डेविट/क्रेडिट कार्ड का प्रयोग कर भी ऑनलाईन भुगतान कर सकते हैं। इसकी व्यवस्था अगले चरण में की जायेगी।
) बैंक के काउन्टर (Over the counter-OTC)पर भुगतान)पर भुगतान)पर भुगतान)पर भुगतान - यदि जमाकर्ता को Net ((((ii) बैंक के काउन्टर ( ) बैंक के काउन्टर ( ) बैंक के काउन्टर ( Banking/Credit Card/Debit Card की सुविधा नहीं है तो वह O-GRAS में Login कर Challan भरेंगे। इसके बाद वह Mode of Payment में "Over the Counter (OTC)" का चयन करेंगे। इसके बाद उस बैंक का चयन करेंगे जिसके किसी भी शाखा में जाकर नगद/चेक/ड्राफ्ट से राशि जमा करा सकते हैं। चालान Submit करने के बाद GRN सृजित होगा जिसकी सूचना चयनित बैंक में जायेगी। चालान की दो प्रति Print लेकर जमाकर्ता चयनित बैंक जायेंगे। संबंधित बैंक राशि प्राप्त करेगा तथा जमाकर्ता को प्राप्ति रसीद देगा। यदि नगद राशि जमा की जाती है तो CIN, T+1 (जमा के दूसरे दिन) पर प्राप्त होगा और यदि चेक से जमा किया जाता है तो चेक के नगदीकरण के बाद CIN सृजित होगा। CIN सृजित होने के बाद सरकारी खाते में भुगतान माना जायेगा। (iii) RTGS/NEFT के माध्यम से भुगतानके माध्यम से भुगतानके माध्यम से भुगतानके माध्यम से भुगतान - सरकारी राशि प्राप्त करने हेतु RBI द्वारा सरकारी बैंकों को एजेन्सी बैंक/प्राधिकृत बैंक घोषित किया गया है। ऐसे बैंक जो एजेन्सी/प्राधिकृत बैंक नहीं है उनके भी ग्राहक O- GRAS के माध्यम से सरकारी राशि जमा करा सकते है। इस हेतु RTGS/NEFT की प्रक्रिया विहित की गयी है। जमाकर्ता O-GRAS Portal से चालान के साथ-साथ RTGS/NEFT Payment Mandate form सृजित करेंगे। Mode of Payment में RTGS/NEFT का चयन करने के बाद Reserve Bank of India (RBI) स्वतः चयनित होगा। सबमिट करने पर GRN सृजित होगा। चालान एवं Mandate form के माध्यम से चेक द्वारा अपने बैंक से RTGS/NEFT के द्वारा Reserve Bank of India में संधारित बिहार सरकार के खाते में राशि अंतरित की जायेगी। बैंक द्वारा सृजित Unique Transaction Record Number (UTR No.) जमाकर्ता प्राप्त करेगा तथा इसे O-GRAS पर अपलोड कर देगा। GRN एवं UTR के मिलान से RBI जमा राशि की पहचान कर इसे सरकार के खाते में क्रेडिट करता है। यहाँ RBI के पोर्टल से CIN सृजित होता है, जिसकी सूचना O- GRAS पर प्राप्त होगी।
((((iv) विभागीय काउन्टर पर भुगतान) विभागीय काउन्टर पर भुगतान) विभागीय काउन्टर पर भुगतान) विभागीय काउन्टर पर भुगतान - छोटी-छोटी राशि Money Receipt के द्वारा विभागीय काउन्टर पर भी प्राप्त किया जा सकता है। विभागीय पदाधिकारी दिन भर में प्राप्त राशि एक चालान के माध्यम से Over the counter (OTC) प्रक्रिया से जमा करा सकते हैं। इस प्रक्रिया को अगले चरण मेें लागू किया जायेगा।
(ग). लेखांकन की व्यवस्था- ई-प्राप्ति और सरकारी खाते में अंतरण, लेखांकन, त्रुटि सुधार आदि के कार्य e- FPB, RBI तथा e-Treasury द्वारा संपादित किया जायेगा जो निम्नवत होगाः-
(i) ऑनलाईन प्राप्ति की प्रक्रिया में भाग लेने वाले प्रत्येक बैंक द्वारा पटना के किसी एक शाखा को ऑनलाईन प्राप्ति हेतु e-Focal Point Branch(E-FPB) नामित किया जायेगा।
(ii) प्रत्येक बैंक की e-FPB में राज्य सरकार का ई-प्राप्ति पुलिंग खाता खोला जायेगा। RTGS/NEFT के लिए RBI में राज्य सरकार का पुलिंग खाता खोला जायेगा। इसके संचालक कोषागार पदाधिकारी, ई-कोषागार होंगे।
(iii) बैंक के किसी भी शाखा में प्राप्त राशि Core Banking System के माध्यम से पुलिंग खाता में अंतरित की जायेगी।
(iv) बैंक द्वारा प्रत्येक दिन, पूर्व के दिन के 20ः01 से अगले दिन 20ः00 तक प्राप्त राशि को अगले दिन (T+1) आधार पर Luggage file तैयार कर RBI को प्रेषित किया जायेगा।
(v) RBI द्वारा राज्य सरकार के खाते में राशि क्रेडिट करते हुए e-Scroll सीधे e-Treasury को प्रेषित किया जायेगा।
(vi) e-FPB द्वारा T+1 आधार पर फार्म-E में प्राप्तियों का मुहरित एवं हस्ताक्षरित स्क्रॉल (चालान का सारांश) e-Treasury को भेजा जायेगा।
(vii) RTGS/NEFT के माध्यम से प्राप्त राशि के लेखांकन में e-FPB की भूमिका नहीं है। इस मामले में CIN, चालान स्क्रॉल तथा भौतिक Scroll ,RBI द्वारा e-Treasury को भेजा जायेगा।
(viii) इस प्रकार RBI के द्वारा e-FPB के माध्यम से प्राप्त राशि, तथा RTGS/NEFT के माध्यम से सीधे RBI में प्राप्त राशि का ई- स्क्रॉल तथा VDMS e-Treasury को भेजा जायेगा।
(ix) e-Treasury द्वारा प्राप्तियों का समाशोधन (Reconciliation), संशोधन (Rectification) तथा लेखांकन (Accounting) किया जायेगा।
(x) GRN, CIN and e-Scroll की विवरणी में भिन्नता की स्थिति में e-Treasury RBI को सूचना देंगे। RBI द्वारा संबंधित e-FPB से सत्यापन/सुधार कराकर e-Treasury को प्रेषित किया जायेगा।4 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 21 फरवर# 2017 (xi) e-Treasury द्वारा सत्यापन एवं समाशोधन के उपरांत ई-प्राप्तियों का मासिक लेखा तैयार कर महालेखाकार कार्यालय को प्रेषित किया जायेगा।
4444.... विभाग/कार्यालय के कार्य -विभाग/कार्यालय के कार्य -विभाग/कार्यालय के कार्य -विभाग/कार्यालय के कार्य - (i) O-GRAS द्वारा सृजित सभी सूचनाआें एवं अभिलेखों पर संबंधित विभाग की पहुँच (Access) होगी। वे चालान का खोज, सत्यापन, मुद्रण आदि कार्य कर सकते हैं।
(ii) यदि विभाग का अपना Portal है तो वे O-GRAS से Integration करेंगे। जमाकर्ता जमाराशि की गणना हेतु विभागीय पोर्टल पर जायेेंगे। जमा की जाने वाली राशि ज्ञात करने के बाद वे O-GRAS Portal पर Redirect हो जायेंगे। तथापि जमाकर्ता सीधे भी O-GRAS पर राशि जमा करा सकता है।
(iii) O-GRAS से विभागीय पोर्टल के Integration के कारण सभी प्रकार के आंकड़े/सूचनायें Online विभाग को प्राप्त होता रहेगा। यदि विभाग का अपना पोर्टल नहीं है तो e-Treasury द्वारा e-mail/CD के माध्यम से उक्त आंकड़े/सूचनाएँ उपलब्ध करायी जायेगी।
(iv) सभी विभाग अपने विभागीय पोर्टल का O-GRAS से Interface करने की कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करेंगे ताकि उन्हें ऑनलाईन सूचना प्राप्त होता रहे। वित्त विभाग द्वारा एक-एक कर सभी विभागों को O-GRAS में शामिल किया जायेगा। 01.04.2017 से राज्य सरकार की सभी प्राप्तियाँ O-GRAS के माध्यम से ही जमा करायी जायेंगी। 5. O-GRAS के माध्यम से प्राप्तियों की प्रक्रिया जब तक पूर्णतः स्थापित नहीं हो जाती है तब तक वर्तमान में प्रचलित प्राप्ति की मैनुअल प्रक्रिया जारी रहेगी। इस प्रकार की प्राप्तियों का लेखा पूर्ववत संबंधित कोषागार एवं उससे संबंधित लिंक बैंक द्वारा किया जायेगा। इनका लेखांकन e-Treasury द्वारा नहीं किया जायेगा। कोषागार लिंक बैंक द्वारा पूर्ववत स्क्रॉल एवं भौतिक चालान प्रतिदिन कोषागार को प्रेषित किया जायेगा।
6. O-GRAS Portal के माध्यम से ऑनलाईन प्राप्ति की प्रक्रिया में सभी बैंकों को शामिल किया जायेगा। तत्काल भारतीय स्टेट बैंक तथा पंजाब नेशनल बैंक से Integration का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। धीरे-धीरे सभी राष्ट्रीयकृत एवं Scheduled बैंकों को वित्त विभाग के स्तर से शामिल कराया जायेगा।
7. जब भुगतानकर्ता भुगतान करने हेतु भागीदार बैंक के साईट पर चला जाता है तो भुगतानकर्ता द्वारा अपने बैंक खाते से किये गये संव्यवहार के लिए भागीदार बैंक उत्तरदायी होगा। भागीदार बैंक अपने ग्राहक को Transaction Charge, Double Payment, Wrong Credit/debit आदि से होने वाली हानि की प्रतिपूर्ति के लिए जिम्मेदार होंगे। ऑनलाईन प्राप्ति की प्रक्रिया में शामिल बैंक एक बार भुगतान सफल हो जाने एवं CIN (Challan Identification Number) upload हो जाने के बाद भुगतान की स्थिति पर कोई विवाद नहीं कर सकते हैं। जमाकर्ता के शिकायतों का निवारण करना उनका दायित्व होगा। RTGS/NEFT से राशि जमा करने की स्थिति में भुगतान की जिम्मेवारी जमाकर्ता के बैंक की होगी। प्रत्येक बैंक अपने यहाँ एक नोडल पदाधिकारी नामित करेंगे जो RBI, वित्त विभाग एवं e-Treasury के संपर्क में रहेंगे तथा O-GRAS के सफल क्रियान्वयन तथा परिचालन की व्यवस्था में सहयोग करेंगे।
8. कोषागार मासिक लेखा प्रेषण के पूर्व किसी लिपिकीय त्रुटि का सुधार e-Treasury द्वारा किया जायेगा। लेखा प्रेषण के बाद महालेखाकार से सहमति लेकर ही सुधार किया जा सकता है। लेकिन यदि गलत शीर्ष में जमाकर्ता द्वारा राशि जमा की जाती है तो जमा राशि की ''राजस्व वापसी'' ही किया जा सकता है। उसमें किसी प्रकार का सुधार नहीं किया जा सकता है।
9. ऑनलाईन प्राप्ति के लिए सिंचाई भवन स्थित सचिवालय कोषागार में सीधे वित्त विभाग के नियंत्रणाधीन एक e-Treasury स्थापित किया जाता है जिसके द्वारा ऑनलाईन प्राप्तियों तथा भुगतान का लेखांकन एवं समाशोधन का कार्य किया जायेगा तथा ऑनलाईन प्राप्तियों एवं भुगतान के लिए Accounting Authority होगा। तत्काल e- Treasury सिंचाई भवन कोषागार के अधीन चालित होगा। निकट भविष्य में वित्त विभाग द्वारा e-Treasury के लिए अलग भवन तथा पदसृजन की व्यवस्था की जायेगी।
10. ऑनलाईन प्राप्तियों का लेखांकन e-Treasury द्वारा किया जायेगा। लेकिन किसी प्रकार की वापसी राजस्व प्राप्त करने वाले विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय एवं कोषागार द्वारा किया जायेगा। वित्त विभाग द्वारा जमा राशि की वापसी की प्रक्रिया विहित की जायेगी।
11. e-FPB (Focal Point Branch) मेें संधारित राज्य सरकार के पुलिंग खाता में राशि क्रेडिट होने की तिथि राशि प्राप्ति की तिथि मानी जायेगी। चेक/ड्राफ्ट से Over the Counter payment की स्थिति में प्राप्ति तिथि चेक के नगदीकरण की तिथि होगी।
12. Over the Counter प्रक्रिया के तहत प्राप्त राशि को प्राप्तकर्ता बैंक द्वारा CBS (Core Banking System) के द्वारा राशि सीधे ई-फोकल प्वाईंट शाखा में संधारित राज्य सरकार के पुलिंग खाता में अंतरित किया जायेगा। Online and Over the Counter विधि से प्राप्त राशि e-FPB द्वारा T+1 आधार पर RBI के e-Kuber पर अपलोड किया जायेगा। यदि किसी बैंक द्वारा उक्त प्रावधान का उल्लंघन किया जाता है तो RBI के5 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 21 फरवर# 2017 दिशानिदेशों के अनुसार e-Treasury द्वारा विलंब से राशि अंतरण के लिए ब्याज अधिरोपित किया जायेगा। उपरोक्त कार्य हेतु वित्त विभाग संबंधित बैंकों से MOU करेगा।
13. वित्त विभाग द्वारा O-GRAS के सफल क्रियान्वयन एवं संचालन हेतु आवश्यक प्रावधान एवं प्रक्रिया और User Manual विहित किया जायेगा। इस हेतु सभी प्रकार के आधारभूत संरचना संबंधी व्यवस्था भी वित्त विभाग द्वारा की जायेगी।
14. ऑनलाईन प्राप्ति के तहत चालान की तीन/चार भौतिक प्रति जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। मासिक लेखा के साथ चालान के स्थान पर e-FPB द्वारा दिया गया मुहरित एवं हस्ताक्षरित स्क्रॉल महालेखाकार को प्रेषित किया जायेगा। चालान की इलेक्ट्रॉनिक प्रति O-GRAS में संचित रहेगी जिसे GRN एवं CIN के माध्यम से देखा जा सकता है तथा मुद्रित किया जा सकता है।
15. ऑनलाईन प्राप्ति की उपर्युक्त प्रक्रिया प्रयोग के तौर पर दिनांक 02.12.2016 से लागू की गयी है। निबंधन विभाग के द्वारा O-GRAS से कई संव्यवहार किये गये हैं। इसलिए O-GRAS को दिनांक 02.12.2016 से लागू माना जाता है।
16. ऑनलाईन प्राप्ति के तहत Backend में प्रेषित की जाने वाली सूचनाओं तथा हार्ड प्रति उपलब्ध करायी जाने वाली सूचनाओं के लिए प्रपत्र A, B, C, D, E विहित किया गया है।
17. वित्त विभाग द्वारा आवश्यकतानुसार अन्य विभाग/कार्यालय/बैंक/RBI/GSTN के पोर्टल से O- GRAS के Integration की कार्रवाई की जायेगी।
18. उपर्युक्त विहित प्रक्रिया के आलोक में बिहार बजट हस्तक 2016, प्राप्तियों के लिए लेखा शीर्ष तथा बिहार कोषागार संहिता, 2011 में आवश्यक संशोधन कोषागार के पूर्ण कम्प्यूटराईजेशन के उपरांत समेकित रूप से कर दिया जायेगा। तब तक उपर्युक्त व्यवस्था की सीमा तक उक्त संहिता, हस्तक, नियमों एवं निर्गत आदेश को संशोधित समझा जायेगा। आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु आदेशःआदेशःआदेशःआदेशः----आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु प्रकाशित किया जाय।प्रकाशित किया जाय।प्रकाशित किया जाय।प्रकाशित किया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, एच॰आर॰ श्रीनिवासएच॰आर॰ श्रीनिवासएच॰आर॰ श्रीनिवासएच॰आर॰ श्रीनिवास, सचिव (संसाधन), वित्त विभाग।
———— अधी)क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, iटना (cid:23)ारा ूकािशत एवं मु-ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 125-571+10-ड#0ट#0प ी0। Website: http://egazette.bih.nic.in