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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 21 February 2017

Published 21 February 2017

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2017-02-21.128
Languages
English, Hindi

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मु॰अ॰(अनु॰) अनुशंसित (पथ/पुल)-18/2016-935(S)

पथ निर्माण विभाग

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संकल्प

7 फरवरी 2017

विषयः- पथ निर्माण विभाग, बिहार के अधीन परियोजनाओं, यथा-पथों/पुल-पुलियों एवं अन्य पथ निर्माण विभाग, बिहार के अधीन परियोजनाओं, यथा-पथों/पुल-पुलियों एवं अन्य पथ निर्माण विभाग, बिहार के अधीन परियोजनाओं, यथा-पथों/पुल-पुलियों एवं अन्य संरचनाओं के निर्माण/उन्नयन हेतु वार्षिक कार्य योजना की स्वीकृति एवं पथ अधिग्रहण निमित्त संरचनाओं के निर्माण/उन्नयन हेतु वार्षिक कार्य योजना की स्वीकृति एवं पथ अधिग्रहण निमित्त् संरचनाओं के निर्माण/उन्नयन हेतु वार्षिक कार्य योजना की स्वीकृति एवं पथ अधिग्रहण निमित्त् मार्गदर्शिका के संबंध में। मार्गदर्शिका के संबंध में।

बिहार में पथ निर्माण के क्षेत्र में विगत वर्षों में आमूल-चूल परिवर्तन हुआ है। राज्य के सर्वांगीण विकास बिहार में पथ निर्माण के क्षेत्र में विगत वर्षों में आमूल-चूल परिवर्तन हुआ है। राज्य के सर्वांगीण विकास बिहार में पथ निर्माण के क्षेत्र में विगत वर्षों में आमूल-चूल परिवर्तन हुआ है। राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के क्रम में राज्य सरकार द्वारा विगत वर्षों में बड़े पैमाने पर पथों / के लिए आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के क्रम में राज्य सरकार द्वारा विगत वर्षों में बड़े पैमाने पर पथों / के लिए आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के क्रम में राज्य सरकार द्वारा विगत वर्षों में बड़े पैमाने पर पथों / निर्माण/उन्नयन का कार्य किया गया है। राज्य सरकार द्वारा लगातार गुणवत्तापूर्ण एवं उच्च धनत्व निर्माण/उन्नयन का कार्य किया गया है। राज्य सरकार द्वारा लगातार गुणवत्तापूर्ण एवं उच्च धनत्व पुल-पुलियों के निर्माण/उन्नयन का कार्य किया गया है। राज्य सरकार द्वारा लगातार गुणवत्तापूर्ण एवं उच्च धनत्व वाले पथों के साथ बारहमासी सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे राज्य की जनता को सुगम यातायात वाले पथों के साथ बारहमासी सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे राज्य की जनता को सुगम यातायात वाले पथों के साथ बारहमासी सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे राज्य की जनता को सुगम यातायात उपलब्ध हो रहा है। इस क्रम में जिले से राजधानी पटना आने हेतु अधिकतम लगने वाले समय छः घंटे के निर्धारित उपलब्ध हो रहा है। इस क्रम में जिले से राजधानी पटना आने हेतु अधिकतम लगने वाले समय छः घंटे के निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त कर लिया गया है। विभाग की उपरोक्त उपलब्धि को देखते हुए ग्रामीण सड़कों/गैर विभागीय पथों को लक्ष्य को प्राप्त कर लिया गया है। विभाग की उपरोक्त उपलब्धि को देखते हुए ग्रामीण सड़कों/गैर विभागीय पथों को लक्ष्य को प्राप्त कर लिया गया है। विभाग की उपरोक्त उपलब्धि को देखते हुए ग्रामीण सड़कों/गैर विभागीय पथों को पथ निर्माण विभाग के अधीन अधिग्रहण कर निर्माण/उन्नयन करने की माँग जनता एवं जन प्रतिनिधियों की ओर से पथ निर्माण विभाग के अधीन अधिग्रहण कर निर्माण/उन्नयन करने की माँग जनता एवं जन प्रतिनिधियों की ओर से पथ निर्माण विभाग के अधीन अधिग्रहण कर निर्माण/उन्नयन करने की माँग जनता एवं जन प्रतिनिधियों की ओर से लगातार बढ़ती जा रही है।

वर्तमान में पथ निर्माण विभाग के अधीन लगभग 10634 कि0मी0 वृहद जिला पथ एवं 4253 कि0मी0 2. वर्तमान में पथ निर्माण विभाग के अधीन लगभग 10634 कि0मी0 वृहद जिला पथ एवं 4253 कि0मी0 वर्तमान में पथ निर्माण विभाग के अधीन लगभग 10634 कि0मी0 वृहद जिला पथ एवं 4253 कि0मी0 राज्य उच्च पथों एवं उनपर अवस्थित पुल-पुलियों के निर्माण / उन्नयन / रख-रखाव के साथ राज्य के अन्दर उच्च राज्य उच्च पथों एवं उनपर अवस्थित पुल-पुलियों के निर्माण / उन्नयन / रख-रखाव के साथ राज्य के अन्दर उच्च राज्य उच्च पथों एवं उनपर अवस्थित पुल-पुलियों के निर्माण / उन्नयन / रख-रखाव के साथ राज्य के अन्दर उच्च क्षमता का प्रभावी पथ श्रृंखला (Efficient Roa

Efficient Road Network) विकसित करने की जिम्मेवारी है।

3. राज्य सरकार के ''पथ विकास दृष्टिपथ-2020 (

राज्य सरकार के ''पथ विकास दृष्टिपथ-2020 (Road Development Vision

Road Development Vision-2020)'' के अधीन राज्य के किसी भी कोने से राजधानी पटना आने में अधिकतम पाँच घण्टे का समय लगे, इस निर्णय के आलोक में पथ राज्य के किसी भी कोने से राजधानी पटना आने में अधिकतम पाँच घण्टे का समय लगे, इस निर्णय के आलोक में पथ राज्य के किसी भी कोने से राजधानी पटना आने में अधिकतम पाँच घण्टे का समय लगे, इस निर्णय के आलोक में पथ निर्माण विभाग द्वारा निम्न प्राथमिकता निर्धारित की जाती हैः-

50 मी॰) में चौड़ीकरण कार्य। (i) सभी राज्य उच्च पथों को न्यूनतम 2-लेन (7 (ii) सभी वृहद जिला पथों का न्यूनतम इन्टरमेडिएट लेन (5 (iii) विभागीय पथों पर

न प्राथमिकता निर्धारित की जाती हैः- सभी राज्य उच्च पथों को न्यूनतम 2-लेन (7.00 मी॰) में चौड़ीकरण कार्य। सभी वृहद जिला पथों का न्यूनतम इन्टरमेडिएट लेन (5.50 मी॰) में चौड़ीकरण कार्य। स्थित संकीर्ण एवं जर्जर पुल/पुलियोेंं को आर0सी0सी0 पुल/पुलिया से विभागीय पथों पर स्थित संकीर्ण एवं जर्जर पुल/पुलियोेंं को आर0सी0सी0 पुल/पुलिया से प्रतिस्थापन।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 21 फरवर(cid:18) 2017 (iv) राज्य उच्च पथों एवं वृहद जिला पथों पर बढ़े हुए यातायात घनत्व (Traffic Density) एवं व्यावसायिक भारी वाहन (Axle Load) के कारण पथों पर स्थित स्क्रू पाईल पुलों के स्थान पर उच्च स्तरीय आर0सी0सी0 पुल का चरणबद्ध तरीके से निर्माण।

(v) बारहमासी सड़क सम्पर्क (All-weather road connectivity) के मद्देनजर बाधायुक्त पुल-पुलियों (यथा submersible bridge, causeway, low level culverts etc.) के स्थान पर बाधा रहित चौड़े पुलों का निर्माण।

(vi) राज्य के किसी भी कोने से राजधानी पटना पहुँचने में अधिकतम पाँच घंटे समय लगे, इस निमित्त संबंधित विभागीय पथों के साथ-साथ वैकल्पिक मार्गों का अधिग्रहण एवं तद्‌नुसार यातायात घनत्व एवं वाहन भार के अनुसार पर्याप्त श्रेणी (adequate configuration) में विकसित करना।

(vii) राज्य के पथों पर बढ़ते यातायात घनत्व (Traffic Density) एवं भारी वाहनों (Axle Load) को देखते हुए NH, SH एवं MDR के Missing Link को जोड़कर Star-Grid Pattern पर उच्च गति गलियारा (High Speed Corridor) विकसित करना।

(viii) शहरों में जाम की समस्या को देखते हुए यातायात को सुगम बनाने हेतु सड़क विभाजक सहित बहु लेन पथ (Multi Lane with Divider) एवं द्रुत गति से जल निकासी हेतु नाला का निर्माण करना।

(ix) वैसे संकीर्ण शहरी पथ (Bottleneck) जहाँ लगातार जाम की समस्या रहती है एवं पथ का चौड़ीकरण संभव नहीं है, वैसे शहरी क्षेत्र में वैकल्पिक मार्ग एवं बाईपास का निर्माण करना। (x) राज्य के अधीन पर्यटन, सांस्कृतिक महत्व, विशिष्टि कृषि उत्पादक क्षेत्र तथा राज्य के प्रमुख बाजार को चिन्हित कर इनके उत्तम सड़क सम्पर्कता (road connectivity) के लिए प्रमुख मार्गों का चयन एवं तद्‌नुसार पर्याप्त श्रेणी (adequate configuration) में विकास कार्य। (xi) पथ प्रक्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रयुक्त नये तकनीक (technology) का उपयोग कर सड़क सुरक्षा (Road Safety) के मानक प्रावधानों के अनुरूप रोड नेटवर्क (Road Network) का व्यापक एवं सुदृढ़ विकास।

(xii) जिला मुख्यालय को अनुमंडल एवं प्रखण्ड कार्यालयों से जोड़ने वाले विभागीय पथों का आवश्यकता एवं यातायात घनत्व के अनुसार चौड़ीकरण तथा सुदृढ़ीकरण करना और आपदा प्रबंधन एवं प्रशासनिक संवेदनशीलता के आलोक में नये बैकल्पिक मार्ग / बाईपास का निर्माण। (xiii) उपरोक्त लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु आम जनों / जन प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझाव की समीक्षा कर निर्माण पर विचार किया जाएगा।

4. अन्य विभागों से पथों का अधिग्रहण।-पथ निर्माण विभाग के अधीन उपलब्ध संसाधनों के Optimum उपयोग एवं सुशासन के कार्यक्रम के अन्तर्गत निर्धारित लक्ष्य, यथा-राज्य के सुदूर जिले से पाँच घंटे में राजधानी पटना पहुँचना, Traffic Congestion को दूर करने एवं घनी आबादी वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक मार्ग का निर्माण आदि हेतु नये पथों का अधिग्रहण अपेक्षित है। पथ निर्माण विभाग द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली पथों का मापदंड निम्नरूप से निर्धारित की जाती हैः-

(i) पथ, सरकारी निकाय/संस्थान/पर्षद/विभाग के अधीन हो एवं पूर्व से पथ का मार्ग रेखांकण (alignment) निर्धारित हो।

(ii) ऐसे पथ जो दो राष्ट्रीय उच्च पथों, दो राज्य उच्च पथों, एक राज्य उच्च पथ से दूसरे वृहद्‌ जिला पथ, एक राष्ट्रीय उच्च पथ से दूसरे राज्य उच्च पथ या वृहद जिला पथ अथवा दो वृहद जिला पथों अथवा महत्वपूर्ण स्थानों यथा महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल, महत्वपूर्ण कृषि उत्पादन क्षेत्र, विकासशील औद्योगिक क्षेत्र, महत्वपूर्ण सांस्कृतिक क्षेत्र इत्यादि को जोड़ता हो।

(iii) पटना राजधानी क्षेत्र (Patna Capital Region) एवं शहरी क्षेत्र में पड़ने वाले पथों के मामले में पथ भूमि की चौड़ाई (Right of Way) 8.5 मीटर वांछनीय होगी, परन्तु न्यूनतम 6.0 मीटर पथ चौडाई के पथों का भी चयन किया जायेगा, बशर्ते भविष्य में उसकी चौड़ीकरण की सम्भाव्यता हो।

(iv) पथ विकास दृष्टिपथ-2020 के अनुरूप निर्धारित नीति/लक्ष्य के आलोक में ग्रामीण क्षेत्र में पड़ने वाले पथों के मामले में पथ भूमि की चौड़ाई (Right of Way) 8.5 मीटर वांछनीय होगी, परन्तु न्यूनतम 6.0 मीटर चौड़ाई के पथों का भी चयन किया जाएगा, बशर्ते भविष्य में उसकी चौड़ीकरण की सम्भाव्यता हो। साथ ही पथ में यातायात घनत्व कम से कम 2000 PCU/दिन हो।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 21 फरवर(cid:18) 2017 (v) प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रस्तावित द्वितीय चरण के अन्तर्गत उन्नयन हेतु स्वीकृत/प्रस्तावित ग्रामीण पथों का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा।

(vi) विशेष परिस्थिति में पथ ऋंखला के विकास (Road Network Development), पर्यटन, राज्य सीमा से संबंधित पथों के लिए उपरोक्त निर्धारित मापदंड में छूट दिया जा सकेगा। (vii) वैसे पथ जो किसी सघन आबादी क्षेत्र वाले वृहद जिला पथ / राज्य उच्च पथ / राष्ट्रीय उच्च पथ को बाईपास करता हो उसे पथ निर्माण विभाग द्वारा अधिग्रहण की जा सकती है जिसके लिए अन्य शर्तों में छूट दी जा सकती है।

(viii) पथ विकास दृष्टिपथ-2020 के अन्तर्गत बिहार के किसी दूरस्थ स्थान से 5 घंटे में पटना पहुँचने के मद्देनजर वैकल्पिक पथ के रूप में किसी ग्रामीण पथों का चयन कर अधिग्रहण किया जा सकेगा, जिसके लिए अधिग्रहण के उपरोक्त शर्तों में छूट दिया जा सकेगा।

(ix) पथ में कोई दायित्व लंबित न हो। अन्य विभाग से हस्तांतरित पथ, जो पूर्व में सरकार के किसी भी योजना के अन्तर्गत निर्मित की गयी हो और आम जनों द्वारा जिसका उपयोग किया जाता है, वैसे पथों के पथ निर्माण विभाग द्वारा अधिग्रहण के पश्चात्‌ वर्त्तमान ROW (Right of Way) पर किसी भी रैयत का किसी भी प्रकार की भूमि अधिग्रहण के मुआवजे का दावा राज्य सरकार और पथ निर्माण विभाग द्वारा मान्य नहीं होगा।

5. वर्तमान में पथ निर्माण विभाग द्वारा उपरोक्त प्राथमिकता के अनुरूप एवं उपलब्ध संसाधन के मद्देनजर पथों/पुल-पुलियों के निर्माण/उन्नयन हेतु वार्षिक कार्य योजना स्वीकृत कर इसका कार्यान्वयन किया जाता है, जिसे बदलते परिवेश में इसे पारदर्शी, संस्थागत एवं परियोजना कार्यान्वयन में कुशल प्रबंधन हेतु मार्गदर्शी सिद्धांत अपनाया जाना आवश्यक है।

6. सीमित संसाधन से वृहद पैमाने पर पथों/पुल-पुलियों को निर्माण/उन्नयन/रख-रखाव हेतु विभाग द्वारा स्वीकृत किये जाने वाले वार्षिक कार्य योजना को और व्यापक, प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, तद्‌आलोक में वार्षिक कार्य योजना का प्रस्ताव तैयार करने एवं अन्य विभाग के पथों के अधिग्रहण हेतु निम्नवत्‌ मार्गदर्शी प्रावधान निरूपित किया जाता है;

6.1 इस उद्‌ेश्य हेतु प्रधान सचिव/सचिव, पथ निर्माण विभाग की अध्यक्षता में एक समिति का गठन निम्नवत्‌ किया जाता हैः-

(i) प्रधान सचिव/सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार - अध्यक्ष (ii) अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार - सदस्य सचिव (iii) अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव, ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार - विशेष आमंत्रित सदस्य (iv) मुख्य अभियंता, नगर विकास एव आवास विभाग - विशेष आमंत्रित सदस्य (v) मुख्य अभियंता (अनुश्रवण), प0नि0वि0 - सदस्य (vi) मुख्य अभियंता, उत्तर बिहार उपभाग, प0नि0वि0 - सदस्य (vii) मुख्य अभियंता, दक्षिण बिहार उपभाग, प0नि0वि0 - सदस्य (viii) मुख्य अभियंता, रा0उ0प0 उपभाग, प0नि0वि0 - सदस्य

6.2 उपरोक्त समिति परियोजनाओं यथा पथों/पुल-पुलियों एवं अन्य संरचनाओं के निर्माण/उन्नयन हेतु स्थल निरीक्षण एवं सम्भाव्यता प्रतिवेदन (Feasibility Report) के साथ प्राप्त प्रस्ताव की समीक्षा कर वार्षिक कार्य योजना की अनुशंसा करेगी। समिति इस बात पर भी ध्यान रखेगी कि योजनाओं के चयन में क्षेत्रीय असमानता भौगोलिक दृष्टिकोण से कम पथ धनत्व वाले क्षेत्र के साथ निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने हेतु आवश्यकतानुसार पथ को शामिल करने का प्रयास करेगी। 6.3 वार्षिक कार्य योजना की स्वीकृति हेतु योजनाओं का चयन उपरोक्त कंडिका-3 में अंकित प्राथमिकता एवं कंडिका-4 में उल्लेखित मार्गदर्शी मापदण्ड के अनुरूप की जायेगी। क्षेत्रीय पदाधिकारियों से कंडिका-(3) के आलोक में संभाव्यता प्रतिवेदन (feasibility report ) प्राप्त कर समिति के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया जाएगा एवं समिति की अनुशंसा/मंतव्य पर प्रधान सचिव/सचिव के माध्यम से विभागीय मंत्री से अनुमोदन प्राप्त करेंगे।

6.4 वार्षिक कार्य योजना के कार्यान्वयन हेतु निधि के स्रोत - दीर्घकालीन दृष्टिपथ (Vision Document) के आधार पर योजनाओं के चयन में वार्षिक उद्‌व्यय का ध्यान रखा जायेगा एवं राज्य योजना मद, केन्द्र सरकार से प्राप्त राशि केन्द्रीय सड़क निधि (CRF), नाबार्ड (RIDF), बाह्‌य वित्त सम्पोषित निधि (यथा- एशियन विकास बैंक (ADB), JICA, विश्व बैंक (World Bank) BRICS अंतर्गत NDB (New Development Bank एवं अन्य संस्थाओं) से प्राप्त4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 21 फरवर(cid:18) 2017 होने वाले ऋण एवं निवेश का आंकलन कर इसके अन्तर्गत चयन की जाने वाली योजनाओं का कार्यान्वयन किया जायेगा। बाह्‌य वित्त संपोषित संसाधन पर वित्त विभाग की सहमति प्राप्त की जायेगी।

6.5 वार्षिक कार्य योजना में चयनित पथ यदि वर्तमान में OPRMC के अधीन संधारित किए जा रहे हैं तो औचित्य के साथ विलोपन (Deletion) की आवश्यकता को उद्धृत करते हुए नियमानुसार ऐसे पथ/पथांश को OPRMC पैकेज से विलोपन (Deletion) करने के उपरांत ही परियोजना की स्वीकृति दिया जाएगा एवं अन्य विभागों से अधिग्रहित होनेवाले पथों को रख-रखाव की सूची से विलोपन भी संबंधित विभाग द्वारा की जायेगी।

7. मार्गदर्शिका के उद्धेश्यों एवं इससे संबंधित प्रावधानों की कंडिका 3, 4 एवं 6 में वर्णित बिन्दुओं में भविष्य में आने वाली कठिनाईयों/बाधाओं को दूर करने हेतु कंडिका 3, 4 एवं 6 में संशोधन माननीय मुख्यमंत्री से अनुमोदन प्राप्त कर किया जाएगा।

आदेशः- आदेश दिया जाता है कि सर्वसाधारण की जानकारी के लिए इसे बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय और इसकी प्रतिलिपि महालेखाकार, बिहार, पटना/ सभी विभागों/सभी विभागाध्यक्ष को सूचनार्थ भेजी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कृष्ण चन्द्र ठाकुर संयुक्त सचिव (प्र0को0)।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 21 February 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2017-02-21.128/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2017-02-21.128.