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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 28 February 2017

Published 28 February 2017

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2017-02-28.174
Languages
English, Hindi

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पत्रांक-3/सी॰- 153/2016-2343/सा॰प्र॰

पत्रांक

सामान्य प्रशासन विभाग

———

केशव कुमार सिंह, भा0प्र0से0, सरकार के संयुक्त सचिव।

प्रेषक, केशव कुमार सिंह, भा0प्र0से0, सरकार के संयुक्त सचिव। सेवा में, सभी विभाग।

सभी विभागाध्यक्ष। सभी प्रमंडलीय आयुक्त। सभी जिला पदाधिकारी।

पटना-15, दिनांक 27 फरवरी 2017 पटना-15, दिनांक 27 फरवरी 2017 कार्यालयों में प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों/अभ्यावेदनों/पत्रों की पावती विषयः- सरकारी कार्यालयों में प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों/अभ्यावेदनों/पत्रों की पावती कार्यालयों में प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों/अभ्यावेदनों/पत्रों की पावती (Acknowledgment) के संबंध में।

) के संबंध में।

महाषय, उपर्युक्त विषय के संबंध में कहना है कि सरकारी विभागों/कार्यालयाें में नागरिकों से प्राप्त उपर्युक्त विषय के संबंध में कहना है कि सरकारी विभागों/कार्यालयाें में नागरिकों से प्राप्त उपर्युक्त विषय के संबंध में कहना है कि सरकारी विभागों/कार्यालयाें में नागरिकों से प्राप्त पत्रों/अभ्यावेदनों की पावती में हस्ताक्षर करते समय संबंधित पदाधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा केवल अपना लघु संबंधित पदाधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा केवल अपना लघु पत्रों/अभ्यावेदनों की पावती में हस्ताक्षर करते समय हस्ताक्षर (Initial) अंकित किया जाता है। कालक्रम में आवश् यकता होने पर यह ज्ञात करना लगभग असंभव हो जाता कित किया जाता है। कालक्रम में आवश्यकता होने पर यह ज्ञात करना लगभग असंभव हो जाता है कि संबंधित आद्याक्षर किस पदाधिकारी अथवा कर्मचारी का है और फलस्वरूप दायित्व निर्धारण करना संभव नहीं हो है कि संबंधित आद्याक्षर किस पदाधिकारी अथवा कर्मचारी का है और फलस्वरूप दायित्व निर्धारण करना संभव नह है कि संबंधित आद्याक्षर किस पदाधिकारी अथवा कर्मचारी का है और फलस्वरूप दायित्व निर्धारण करना संभव नह ा प्रसाद यादव बनाम राज्य उच्च न्यायालय द्वारा एम0जे0सी0सं0-463/2013 महेश प्रसाद यादव बनाम राज्य पाता है। इस संबंंध में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा एम0जे0सी0सं0-463/2013 महेश् ा द्वारा विभागों/कार्यालयों में तथा अन्य समरूप वादों में दिनांक 05.02.2014 को पारित आदेश द्वारा विभागों/कार्यालयों में सरकार एवं अन्य तथा अन्य समरूप वादों में दिनांक 05 नागरिकों से प्राप्त पत्रों/अभ्यावेदनों की पावतियाँ दिये जाने के संबंध में एक Model प्रारूप विकसित करने का निदेश् नागरिकों से प्राप्त पत्रों/अभ्यावेदनों की पावतियाँ प्रारूप विकसित करने का निदेश दिया गया, जिससे कि भविष्य में ऐसे पत्रों/अभ्यावेदनों को प्राप्त करने वाले सरकारी सेवकों की पहचान संभव हो दिया गया, जिससे कि भविष्य में ऐसे पत्रों/अभ्यावेदनों को प्राप्त करने वाले सरकारी सेवकों की पहचान संभव हो दिया गया, जिससे कि भविष्य में ऐसे पत्रों/अभ्यावेदनों को प्राप्त करने वाले सरकारी सेवकों की पहचान संभव हो सके।ा के आलोक में मामले की समीक्षा की गयी है। समीक्षा में पाया गया है कि सरकारी ा के आलोक में मामले की समीक्षा की गयी है। समीक्षा में पाया गया है 2. उक्त न्यायादेश के आलोक में मामले की समीक्षा की गयी है। समीक्षा में पाया गया है कार्यालय में मुख्यतः दो माध्यम से अ एक तो कार्यालय/पदाधिकारी को आवेदक द्वारा कार्यालय में मुख्यतः दो माध्यम से आवेदन/अभ्यावेदन प्राप्त होते हैं-एक तो कार्यालय/पदाधिकारी को आवेदक द्वारा सीधे समर्पित किए जाते हैं, और दूसरे जो डाक के माध्यम से प्राप्त होते हैं। दोनों ही स्थितियों में आवेदकों को पावती सीधे समर्पित किए जाते हैं, और दूसरे जो डाक के माध्यम से प्राप्त होते हैं। दोनों ही स्थितियों में आवेदकों को पावती सीधे समर्पित किए जाते हैं, और दूसरे जो डाक के माध्यम से प्राप्त होते हैं। दोनों ही स्थितियों में आवेदकों को पावती दी जानी चाहिए। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 28 फरवर(cid:18) 2017 3. उक्त के आलोक में विभागीय परिपत्र संख्या-2943 दिनांक 04.03.2014 द्वारा सभी संबंधित को निदेश दिया गया कि कार्यालय/पदाधिकारी को सीधे प्राप्त आवेदनों की स्थिति में आवेदक को संलग्न प्रपत्र-I में पावती तुरंत दे दी जाय एवं डाक से प्राप्त आवेदनों के संदर्भ में प्रपत्र-II में डाक से आवेदक को पावती भेजी जाय।

4. उपर्युक्त प्रावधान के अनुपालन में होने वाले व्यतिक्रम को ध्यान में रखते हुए पुनः विभागीय पत्रांक-8344 दिनांक 10.06.2015 द्वारा सभी संबंधित से अनुपालन का अनुरोध किया गया।

5. जनशिकायत/माननीय उच्च न्यायालय में पारित वाद के माध्यम से सरकार के संज्ञान में ऐसे मामले लाये गये हैं कि उक्त निर्णय का अनुपालन कतिपय विभागों/कार्यालयों द्वारा नहीं किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि अनेक मामलों में माननीय न्यायालय द्वारा इस संबंध में दिशा-निर्देश दिये गये हैं एवं अनुपालन नहीं होने कि स्थिति में संप्रति अवमाननावद भी लंबित है। यह स्थिति किसी भी प्रकार से स्वीकार करने योग्य नहीं है। उपर्युक्त परिस्थिति में समुचित विचारोपरांत राज्य सरकार यह द्वारा निम्नलिखित निर्णय लिया जाता हैः-

(i) राज्य सरकार के विभिन्न विभागों/कार्यालयों में सभी पत्र/अभ्यावेदन (जिनके लिये अलग से पावती देने का प्रावधान है, यथा-RTI/RTPS/JANSHIKAYAT/RTPGRA के प्राप्त होने पर संलग्न प्रपत्र-I एवं II में पावती उपलब्ध करायी जाये। यह दायित्व संबंधित विभाग/कार्यालय की निर्गत/पावती एवं लेखा शाखा का होगा कि कार्यालय में उक्त प्रपत्र की पर्याप्त मुद्रित/छाया प्रति उपलब्ध हो।

(ii) अगर किसी विभाग/कार्यालय में उपर्युक्त प्रावधान के अनुसार पावती नहीं दिये जाने की सूचना प्राप्त होती है तो संबंधित विभाग/कार्यालय प्रधान संबंधित कर्मी/पदाधिकारी के विरूद्ध, जिम्मेदारी तय करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ कर सकते हैं।

अनुरोध है कि उक्त निर्णय की सूचना अपने सभी अधीनस्थ पदाधिकारियों/कार्यालयों को देते हुए उसका अनुपालन कराना सुनिश्चित किया जाय। अनुलग्नकः- यथोक्त।

विश्वासभाजन, केशव कुमार सिंह, सरकार के संयुक्त सचिव।

अनुलग्नक

प्रपत्र-II

डाक से प्राप्त पत्र की पावती सेवा में, श्री...............................................................................................................

.................................................................................................................................................

.................................................................................................................................................

अपका पत्रांक/अभ्यावेदन संख्या ................................................... दिनांक- ...............................कार्यालय/विभाग ....................................

.......................................... में दिनांक..................................................को प्राप्त किया गया।

(हस्ताक्षर) (प्राप्तकर्त्ता का पूरा नाम, पदनाम और कार्यालय का स्पष्ट मुहर)

प्रपत्र-I कार्यालय/पदाधिकारी को सीधे प्राप्त पत्र/अभ्यावेदनों की प्राप्ति कार्यालय का नाम................................................................................................

आवेदक का नाम एवं पता............................................................................

...................................................................................................................................................

..................................................................................................................................................

आवेदन क्रमांक तिथि........................................................................................

दिनांक............................................. को प्राप्त किया।

(प्राप्तकर्त्ता का हस्ताक्षर) (प्राप्तकर्त्ता का पूरा नाम, पदनाम और कार्यालय का स्पष्ट मुहर)———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 174&5(1+10&ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 28 February 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2017-02-28.174/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2017-02-28.174.