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सं॰ 5 नि0गो0वि0 (5) 01/2012-56 नि0गो0
i'kq ,oa eRL; lalk/ku foHkkx ——— ladYi 27 Qjojh 2017 विषयः-डा0 अशोक कुमार दास, तत्कालीन जिला पशुपालन पदाधिकारी, मधुबनी सम्प्रति निलंबित को सरकारी विषयः-डा0 अशोक कुमार दास, तत्कालीन जिला पशुपालन पदाधिकारी, मधुबनी सम्प्रति निलंबित को सरकारी विषयः-डा0 अशोक कुमार दास, तत्कालीन जिला पशुपालन पदाधिकारी, मधुबनी सम्प्रति निलंबित को सरकारी सेवा से बर्खास्त किये जाने के संबंध में। सेवा से बर्खास्त किये जाने के संबंध में।
डा0 अशोक कुमार दास, तत्कालीन जिला पशुपालन पदाधिकारी, मधुबनी सम्प्रति निलंबित, पशुपालन सेवा वर्ग-2, डा0 अशोक कुमार दास, तत्कालीन जिला पशुपालन पदाधिकारी, मधुबनी सम्प्रति निलंबित, पशुपालन सेवा वर्ग-2, डा0 अशोक कुमार दास, तत्कालीन जिला पशुपालन पदाधिकारी, मधुबनी सम्प्रति निलंबित, पशुपालन सेवा वर्ग-2, वरीयता क्रमांक-1720, ऑडिट क्रमांक-2490, जन्म तिथि 01.03.1957, नियुक्ति तिथि 12.08.1983 एवं सेवानिवृति वरीयता क्रमांक-1720, ऑडिट क्रमांक-2490,
1983 एवं सेवानिवृति तिथि
वित्तीय अनियमतिता, कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता तथा अकर्मण्यता से संबंधित 28.02.2017 के विरूद्ध भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनियमतिता, कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता तथा अकर्मण्यता से संबंधित वित्तीय अनियमतिता, कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता तथा अकर्मण्यता से संबंधित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-391 नि0गो0 दिनांक 2012 के द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संकल्प ज्ञापांक-391 नि0गो0 दिनांक 05.12.2012 के द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु विभागीय जांच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु विभागीय जांच आयुक्त को संचालन पद
3. विभागीय कार्यवाही के संचालन (जाँच) पदाधिकारी के द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन
विभागीय कार्यवाही के संचालन (जाँच) पदाधिकारी के द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन दिनांक
दिनांक 29.02.2016 में डा0 दास के विरूद्ध गठित आरोपों के आलोक में कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता एवं अकर्मण्यता, बैंक खाता से 28.32 लाख दास के विरूद्ध गठित आरोपों के आलोक में कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता एवं अकर्मण्यता, बैंक खाता से 28 दास के विरूद्ध गठित आरोपों के आलोक में कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता एवं अकर्मण्यता, बैंक खाता से 28 रूपये की अनियमित निकासी, लेखा संधारण में 10
90 लाख रूपये का संभावित यमित निकासी, लेखा संधारण में 10.35 लाख रूपये का गंभीर अनियमित व्यय, 9.90 लाख रूपये का संभावित 60 लाख रूपये की प्रविष्टि नहीं करने संबंधी गंभीर आरोप प्रमाणित पाये गये हैं। दुर्विनियोग तथा रोकड़ पंजी में 2.60 लाख रूपये की प्रविष्टि नहीं करने संबंधी गंभीर आरोप प्रमाणित पाये गये हैं। 60 लाख रूपये की प्रविष्टि नहीं करने संबंधी गंभीर आरोप प्रमाणित पाये गये हैं।
4. संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवे
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय पत्राांक-57 नि0गो0 दिनांक
दन के आलोक में विभागीय पत्राांक-57 नि0गो0 दिनांक 15.03.2016 के द्वारा डा0 दास से द्वितीय लिखित अभिकथन की अपेक्षा की गयी। डा0 दास द्वारा समर्पित द्वितीय लिखित अभिकथन दिनांक के द्वारा डा0 दास से द्वितीय लिखित अभिकथन की अपेक्षा की गयी। डा0 दास द्वारा समर्पित द्वितीय लिखित अभिकथन के द्वारा डा0 दास से द्वितीय लिखित अभिकथन की अपेक्षा की गयी। डा0 दास द्वारा समर्पित द्वितीय लिखित अभिकथन 07.04.2016 के द्वारा जाँच प्रतिवेदन में प्रमाणित आरोपों के संबंध में कोई खंडन नहीं
2016 के द्वारा जाँच प्रतिवेदन में प्रमाणित आरोपों के संबंध में कोई खंडन नहीं किया गया। बि
किया गया। बल्कि द्वितीय लिखित 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 माच(cid:16) 2017 5. उक्त आलोक में मामले की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के द्वारा की गयी तथा समीक्षोपरांत पाया गया कि डा0 दास के द्वारा द्वितीय लिखित अभिकथन में प्रमाणित पाये गये आरोपों के संदर्भ में बचाव में कोई तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया है अतएव डा0 दास के द्वारा समर्पित द्वितीय लिखित अभिकथन को स्वीकार योग्य नहीं पाया गया।
6. उक्त आलोक में गठित आरोपों एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा पाये गये प्रमाणित आरोपों के मद्देनजर, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 (x) में वर्णित प्रावधान के आलोक में डा0 दास के विरूद्ध सेवाच्युत का दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया।
7. उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय पत्राांक-249 नि0गो0 दिनांक 01.08.2016 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श /मंतव्य की अपेक्षा की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्राांक-2156 दिनांक 20.10.2016 के द्वारा सहमति व्यक्त की गयी। तदनुसार मामले को मंत्रिापरिषद् के समक्ष प्रस्तुत किया गया परन्तु उक्त दण्ड प्रस्ताव पर मंत्रिापरिषद् की सहमति प्राप्त नहीं हो सकी एवं मंत्रिापरिषद् द्वारा मामले को वापस लिया गया। मंत्रिापरिषद् का अनुमोदन प्राप्त नहीं हो सकने की स्थिति में राज्य सरकार द्वारा मामले की पुनः समीक्षा की गयी एवं समीक्षोपरांत पूर्व में लिये गये निर्णय को संशोधित करते हुए वित्तीय अनियमितता, सरकारी राशि का दुर्विनियोग संबंधी गंभीर आरोपों को प्रमाणित पाये जाने के कारण डा0 दास को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील), नियमावली, 2005 के नियम 14 (xi) के तहत सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया।
8. उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय पत्राांक-7 नि0गो0 दिनांक 16.01.2017 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श/मंतव्य की पुनः अपेक्षा की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग ने दिनांक 22.02.2017 को अपना अभिमत दिया है कि आयोग द्वारा पूर्व में सेवाच्यूत संबंधी विभागीय दण्ड प्रस्ताव पर सहमति संसूचित कर दी गयी है। अतः प्रस्तावित दण्ड पर पुनः आयोग के परामर्श की आवश्यकता नहीं है।
9. उक्त आलोक में उल्लेखनीय है कि किसी भी पदाधिकारी को दण्ड संसूचित किये जाने के पूर्व आयोग का परामर्श प्राप्त करना आवश्यक है, जिसका अनुपालन किया गया, परन्तु आयोग का परामर्श मानने की बाध्यता सरकार को नहीं है। चूँकि डा0 दास के विरूद्ध जांच पदाधिकारी के द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन में प्रमाणित आरोपों से स्पष्ट है कि डा0 दास के द्वारा लोक निधि से सरकारी राशि का विचलन, दुर्विनियोग किया गया है, जो घोर कदाचार एवं वित्तीय अनियमितता का द्योतक है। उक्त के लिए डा0 दास को सेवाच्यूत के स्थान पर सेवा से बर्खास्त करने का दण्ड युक्ति संगत है।
10. उक्त वर्णित परिप्रेक्ष्य में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 (xi) के तहत सरकारी सेवा से बर्खास्त करने संबंधी सरकार द्वारा लिये गये निर्णय के आलोक में डा0 अशोक कुमार दास, तत्कालीन जिला पशुपालन पदाधिकारी, मधुबनी सम्प्रति निलंबित को सेवा से बर्खास्त किया जाता है एवं विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है।
11. इस संकल्प के निर्गत होने की तिथि से डा0 दास का इस विभाग में ग्रहणाधिकार नहीं रहेगा तथा निलंबन अवधि में प्राप्त जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा।
12. उक्त निर्णय संकल्प निर्गत की तिथि से प्रभावी होगा।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्रा के अगले असाधारण अंक में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु प्रकाशित किया जाय एवं इसकी सूचना संबंधित पदाधिकारी को दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
वीरेन्द्र कुमार सिन्हा,
सरकार के अवर सचिव।