(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40
ॢबह(cid:4)र गजट
ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत 17 फा(cid:21)गुन 1938 (श0) सं(cid:8)या 10 पटना, बुधवार, ———————— 8 माच# 2017 (ई0) पृष ्ठ भाग-1—(cid:1)नयुि/त, पद2थापन, बदल(cid:15), शि/त, छु 6ी और अ9य :यि/तगत सूचनाएं। 2-5 भाग-1-क—2वयंसेवक गु(cid:21)म? के समादे,टाओं के आदेश।
---
भाग-1-ख—मैD(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Hाओं के पर(cid:15)Hा-फल, काय#Iम, छाJवृिKत Lदान, आMद।
---
भाग-1-ग—NशHा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Hाफल आMद ---
भाग-2—Oबहार-राQयपाल और काया#RयH? Sवारा (cid:1)नकाले गये &व(cid:1)नयम, आदेश, अTधसूचनाएं और (cid:1)नयम आMद। 6-6 भाग-3—भारत सरकार, पिUचम बंगाल सरकार और उWच 9यायालय के आदेश, अTधसूचनाएं और (cid:1)नयम, 'भारत गजट' और राQय गजट? के उZरण। ---
भाग-4—Oबहार अTध(cid:1)नयम ---
&वषय-सूची
पृ,ठ भाग-5—Oबहार &वधान मंडल म] पुर:2था&पत &वधेयक, उ/त &वधान मंडल म] उप2था&पत या उप2था&पत _कये जानेवाले Lवर सNम(cid:1)तय? के L(cid:1)तवेदन और उ/त &वधान मंडल म] पुर:2थापन के पूव# LकाNशत &वधेयक। ---
भाग-7—संसद के अTध(cid:1)नयम िजनपर रा,Dप(cid:1)त क` Qये,ठ अनुम(cid:1)त Nमल चुक` है। ---
भाग-8—भारत क` संसद म] पुर:2था&पत &वधेयक, संसद म] उप2था&पत Lवर सNम(cid:1)तय? के L(cid:1)तवेदन और संसद म] उप2था&पत Lवर सNम(cid:1)तय? के L(cid:1)तवेदन और संसद म] पुर:2थापन के पूव# LकाNशत &वधेयक। ---
भाग-9—&वaापन
---
भाग-9-क—वन &वभाग क` नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—(cid:1)न&वदा सूचनाएं, पbरवहन सूचनाएं, 9यायालय सूचनाएं और सव#साधारण सूचनाएं इKयाMद। 7-7
---
पूरक
पूरक-क 8-162 Oबहार गजट, 8 माच# 2017
भ(cid:2)ग(cid:4)1
०नय१ॢफ(cid:12) पद(cid:16)थ(cid:2)पन(cid:12) बदल(cid:20)(cid:12) शॢफ(cid:12) छ१Ñट(cid:20) jर [(cid:28)य व(cid:30)यॢफक स३चन(cid:2)e $
—————
पर्यावरण एवं वन विभाग
———
अधिसूचना
20 फरवरी 2017
सं॰ भा॰व॰से॰(स्था॰)(2)-21/1998-627/प॰व॰—भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली, 2007 के नियम-3(i)(B)(ii) एवं भारत सरकार, पर्यावरण एवं वन वन मंत्रालय के पत्रांक-20019/01/2000 आई॰एफ॰एस॰-II, दिनांक 22.12.2000 द्वारा निर्गत दिशा-निर्देश के आलोक में भारतीय वन सेवा के वरीय वेतनमान में प्रोन्नत निम्नांकित पदाधिकारियों को उनके नाम के सामने स्तंभ-4 में अंकित तिथि से भारतीय वन सेवा के कनिष्ठ प्रशासनिक कोटि (Junior Administrative Grade) वेतनमान रूपये 15600-39100/- गे्रड पे रूपये 7600/- (अपुनरीक्षित) में प्रोन्नति दी जाती है :-
| क्र॰ | पदाधिकारी का नाम | आवंटन वर्ष | कनिष्ठ प्रशासनिक कोटि में प्रोन्नति की तिथि | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 01. | डॉ॰ नेशामणि के॰ | 2008 | 01.01.2017 | |
| 02. | श्री अमित कुमार | 2008 | 01.01.2017 |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अशोक कुमार चौधरी, अवर सचिव।
——— पशु एवं मत्स्पशु एवं मत्स्पशु एवं मत्स्पशु एवं मत्स्य संसाधन विभागय संसाधन विभागय संसाधन विभागय संसाधन विभाग (मत्स्य)(मत्स्य)(मत्स्य)(मत्स्य) ——— vf/klwpukvf/klwpukvf/klwpukvf/klwpuk 15 फरवरी 2017
सं0 177—तृतीय कृषि रोड मैप 2017-2022 अन्तर्गत मत्स्य प्रक्षेत्र के लिए विस्तृत कार्यक्रम का निर्माण किया जाना है। मत्स्य प्रक्षेत्र से संबंधित कार्यक्रमों की तैयारी हेतु एक समिति का गठन निम्न रूप से किया जाता हैः-
1. प्रधान सचिव/सचिव, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग - अध्यक्ष 2. निदेशक, मत्स्य, बिहार - सदस्य सचिव 3. डा0 बी0के0 दास, निदेशक, केन्द्रीय अन्र्तस्थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर, कोलकता 4. डा0 कोमल शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना 5. डा0 दिलीप कुमार, सेवानिवृत निदेशक, केन्द्रीय मात्स्यिकी शिक्षण संस्थान, मुम्बई 6. डा0 एस0सी0 राय, प्राचार्य, मात्स्यिकी महाविद्यालय, ढ़ोली, मुजफ्फरपुर, बिहार 7. डा0 जितेन्द्र कुमार सुन्दराय, निदेशक, केन्द्रीय मीठाजल जीवपालन अनुसंधान संस्थान, कौशल्यागंगा, उड़ीसा
8. श्री कुमार मणिभूषण निषाद्, भूतपूर्व उपाध्यक्ष, बिहार राज्य मछुआरा आयोग 9. डा0 आर0एस0 बिरादर, सेवानिवृत संयुक्त निदेशक, केन्द्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान, मुम्बई क्रम सं0-05,08 एवं 09 को नियमानुसार दैनिक एवं यात्रा भत्ता देय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, अवर सचिव।3 Oबहार गजट, 8 माच# 2017
आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमंडल, गया
———
अधिसूचना
25 फरवरी 2017
सं॰ II स्था0-36/2009-645/रा॰—बिहार एवं उडी़सा लोक माँग वसूली अधिनियम-1914 की धारा-3(3) के तहत् निम्नांकित पदाधिकारियों कोे जिला पदाधिकारी, नवादा के अनुषंसा के आलोक में नीलाम-पत्र वादाें के निष्पादन हेतु नीलाम पत्र पदाधिकारी की शक्ति प्रदान की जाती है।
| क्र0 सं0 | पदाधिकारी का नाम एव पदनाम | सम्बद्ध क्षेत्र |
| 1 | श्री ब्रजेष कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, नवादा, | सम्पूर्ण नवादा जिला क्षेत्रान्तर्गत |
| 2 | श्री कृष्ण मुरारी, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, नवादा | सम्पूर्ण नवादा जिला क्षेत्रान्तर्गत |
(आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया का आदेष दिनांक 17.02.17)
आदेश से,
(ह॰) अस्पष्ट, आयुक्त के सचिव।
——— Labour Resources Department ——— NOTIFICATION The 23dh February, 2016
S.O—ESIS 01/Ni73/2010-175—In exercise of the powers conferred by Sub-section (5) of Section 1 of the Employees' State Insurance Act, 1948, the Government of Bihar in consultation with Employees' State Insurance Corporation; hereby gives notice of its intention to extend the provisions of the Act to the classes of establishments specified in the schedule annexed there to, on or after one month from the date of publication in the official Gazette.
1 Any objection or suggestion, which may receive from any person in respect of the said notification within the period of specified above, will be considered by the State Government.
2. The objections and suggestions may be addressed to Director Medical Services, Employees' State Insurance Scheme Bihar, 5th Floor, Labour Resources Department, Niyojan Bhawan, Patna - 800001.
| Description of establishments | Areas in wich the establishments are situated |
| (1) | (2) |
| T he following establishments whereon ten or more persons are employed, or where employed on any day of the preceding twelve months, namely- Nagar Nigam/Nagar Palika/ Other Urban Local Bodies. | A ll areas where the provisions of the ESI Act, 1948 have already been brought into force under Section 1 (3) of the Act. |
By Order of the Govenmber of Bihar, Dipak Kumar Singh, Principal Secretary.
4 Oबहार गजट, 8 माच# 2017निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग
अधिसूचनाएं
15 सितम्बर 2016
सं॰ V/ए1-401/2013-4349—बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष/सदस्य की अध्यक्षता में गठित विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक दिनांक 12.08.2016 की अनुषंसा के आधार पर निम्नलिखित अवर निरीक्षक उत्पाद, वेतनमान-पी0बी0-1-(5200-20200)ग्रेड पे0-2400/- को अधिसूचना निर्गत की तिथि से निरीक्षक उत्पाद के पद पर वेतनमान पी0बी0 2-(9300-34800)ग्रेड पे0 4200/- में प्रोन्नति द्वारा नियुक्ति की जाती है :-
| क्र0 | नाम | वरीयता क्रमांक |
| 1 | 2 | 3 |
| 1 | श्री निरंजन कुमार झा | 05 |
| 2 | श्री सच्चिदानंद भारती | 08 |
| 3 | श्री शंकर कुमार सिंह | 09 |
| 4 | श्री राजकुमार | 11 |
| 5 | श्री मनोज कुमार 'मनोज' | 12 |
| 6 | श्री एकरामुल हक | 13 |
| 7 | श्री सुमन कुमार सिंह | 14 |
| 8 | श्री दुर्गेश कुमार | 21 |
| 9 | श्री रविन्द्र कुमार सिंह | 24 |
| 10 | श्री धीरेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव | 25 |
| 11 | श्री विजय कान्त ठाकुर | 26 |
| 12 | श्री मनोज कुमार | 27 |
| 13 | श्री रामप्रीति कुमार | 28 |
| 14 | श्री दीपक कुमार मिश्र | 29 |
2. प्रोन्नति द्वारा नवनियुक्त निरीक्षक उत्पाद को प्रभार ग्रहण करने की तिथि से आर्थिक लाभ देय होगा। 3. उपर्युक्त प्रोन्नतियाँ औपबंधिक होंगी तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन एस0एल0पी0(सी0) सं0-29770/2015, बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य में पारित आदेश के फलाफल से प्रभावित होंगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
———
19 अक्तूबर 2016
सं॰ V/नि0-4-01/2016-5369—श्री शेखर नीलम कुमार, नवप्रोन्नत उप निबंधन महानिरीक्षक, को अगले आदेष तक उप निबंधन महानिरीक्षक, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
2. श्री श्रीराम, सहायक निबंधन महानिरीक्षक, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर अपने कार्यों के अतिरिक्त सहायक निबंधन महानिरीक्षक, दरभंगा प्रमण्डल एवं सहायक निबंधन महानिरीक्षक, पूर्णियाँ प्रमण्डल के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
———
24 अक्तूबर 2016
सं॰ V/नि0-1-17/2016-5463—श्री श्रीकान्तधारी सिंह, जिला अवर निबंधक, मुख्यालय में पदस्थापन हेतु प्रतीक्षारत को अगले आदेश तक जिला अवर निबंधक, शिवहर के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
———
13 दिसम्बर 2016
सं॰ V/ए1-401/2013-6186—बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष/सदस्य की अध्यक्षता में गठित विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक दिनांक 22.11.2016 की अनुषंसा के आधार पर निम्नलिखित अवर निरीक्षक उत्पाद, वेतनमान-पी0बी0-1-(5200-20200)ग्रेड पे0-2400/- को उनके नाम के सामने कॉलम 4 में अंकित तिथि से निरीक्षक उत्पाद के पद पर वेतनमान पी0बी0 2-(9300-34800)ग्रेड पे0 4200/- में प्रोन्नति द्वारा नियुक्ति की जाती है :- क्र0 नाम वरीयता क्रमांक प्रोन्नति की तिथि
| क्र0 | नाम | वरीयता क्रमांक | प्रोन्नति की तिथि |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 | श्री दिलीप कुमार पाठक | 21 | 15.09.2016 |
| 2 | श्री बिनोद कुमार खलीफा | 29 | अधिसूचना निर्गत की तिथि से |
2. प्रोन्नति द्वारा नवनियुक्त निरीक्षक उत्पाद को प्रभार ग्रहण करने की तिथि से आर्थिक लाभ देय होगा। 3. उपर्युक्त प्रोन्नतियाँ औपबंधिक होंगी तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन एस0एल0पी0(सी0) सं0-29770/2015, बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य में पारित आदेश के फलाफल से प्रभावित होंगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
———
23 दिसम्बर 2016
सं॰ V/ई1-307/2015-6329—श्री सुषील कुमार सुमन, जिला अवर निबंधक, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को दिनांक 09.08.2016 से 01.09.2016 तक कुल 24 (चौबीस) दिनों का उपार्जित अवकाष की स्वीकृति बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 230 एवं 248 (क) के तहत दी जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
—————
[ध&¡क(cid:12) स०चव(cid:2)लय म१)ण(cid:2)लय(cid:12)
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Website: http://egazette.bih.nic.in
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———————
निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग
———
संकल्प
(शुद्धि-(शुद्धि-(शुद्धि-(शुद्धि-पत्र)पत्र)पत्र)पत्र)
16 दिसम्बर 2016
सं॰ 8 आ॰(राज॰नि॰)-01-01/2015-6227—विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6206 दिनांक 15.12.2016 में अंकित संचालन पदाधिकारी के स्थान पर प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी पढ़ा जाय।
2. संकल्प की अन्य शत्र्ते यथावत रहेगी।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
——— अधिसूचना (शुद्धि-(शुद्धि-(शुद्धि-(शुद्धि-पत्र)पत्र)पत्र)पत्र)
7 सितम्बर 2016
सं॰ V/उ0-2-01/2016-4221—विभागीय अधिसूचना संख्या-4146 दिनांक 02.09.2016 में 'श्री राकेष कुमार, निरीक्षक उत्पाद, जहानाबाद' के स्थान पर 'श्री राकेष कुमार, निरीक्षक उत्पाद, अरवल' पढ़ा जाएगा।
शेष यथावत् रहेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
—————
[ध&¡क(cid:12) स०चव(cid:2)लय म१)ण(cid:2)लय(cid:12)
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Website: http://egazette.bih.nic.in
7 Oबहार गजट, 8 माच# 2017भाग-9(ख)
और सव#साधारण सूचनाएं इKयाMद।
—————
सूचना ——
No. 243— I, SNEHLATA D/O Shankar Prasad R/O Flat No. 303 Aradhya Complex, Road No. 4, Mahesh Nagar, Patna-800024, declare Vide Affidavit. No. 2168 Dated 20.07.2016 that now onward I shall be known as Snehlata Soni for all future purposes.
SNEHLATA.
सं॰ 243—मैं, स्नेहलता, पिता-शंकर प्रसाद, फ्लैट न0-303 आराध्या कॉम्पलेक्स, महेष नगर, पटना- 800024, शपथ पत्र सं- 2168, दिनांक 20.07.2016 के द्वारा घोषित करती हुँ कि आगे से मैं स्नेहलता सोनी के नाम से जानी जाउँगी।
स्नेहलता।
——
सं॰ 266—मैं, मनोज कुमार पिता- स्व0 लक्ष्मी नारायण , मोहल्ला -खत्री टोला, थाना रोड, जहानाबाद का निवासी हॅू । मैं षपथ पूर्वक बयान करता हूँ कि मनोज कुमार एवं मनोज प्रसाद मेरा ही नाम है । षपथ पत्र संख्या-27, दिनांक 24.08.2016 से मैं सिर्फ मनोज कुमार के नाम से ही जाना जाउँंगा ।
मनोज कुमार।
—————
[ध&¡क(cid:12) स०चव(cid:2)लय म१)ण(cid:2)लय(cid:12)
ॢबह(cid:2)र(cid:12) पटन(cid:2) ह(cid:2)र(cid:2) -क(cid:2)०शत eव$ म१ॢ)त?
ॢबह(cid:2)र गजट(cid:12) 51-571+10(cid:4)ड&4ट(cid:20)4प&4?
Website: http://egazette.bih.nic.in
8 Oबहार गजट, 8 माच# 2017ॢबह(cid:4)र गजट
क(cid:4)
प३रक(cid:13)[(cid:15)(cid:16) (cid:17)(cid:4)०धक(cid:4)र(cid:20) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:17)क(cid:4)०शत
—————
निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ——— अधिसूचनाएं 15 जून 2016
सं॰ V/उ0-1-15/2016-2528—श्री आनन्द कुमार, प्रभारी सहायक आयुक्त उत्पाद, रोहतास, सासाराम के अनाधिकृत रूप से अवकाश में रहने के कारण उन्हें बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 9 (1) (क) के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
2. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 10 के अधीन निलम्बन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
3. निलम्बन अवधि में इनका मुख्यालय निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, बिहार, पटना निर्धारित किया जाता है।
4. श्री रंजन प्रसाद, निरीक्षक उत्पाद, रोहतास सदर-सह-डिहरी, सहायक आयुक्त उत्पाद, रोहतास के प्रभार में रहेंगे तथा इस अवधि के लिए इन्हें बिहार कोषागार संहिता-2011 के नियम 84 के अन्तर्गत निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी की शक्तियॉ प्रत्यायोजित की जाती है।
5. इसमें सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
———
19 सितम्बर 2016
सं॰ 8/आ0 (राज0उ0)-2-18/2015-4411—श्री दीनबन्धु, तत्का0 अधीक्षक उत्पाद, मोतिहारी सम्प्रति अधीक्षक उत्पाद, दरभंगा के विरूद्ध कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं पर्यवेक्षण कार्य का अभाव, अवैध शराब के कारोबार पर नियंत्रण नही रखने के कारण उत्पाद राजस्व की हानि होना एवं बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल कर्त्तव्य के प्रति निष्ठा का पालन नही करना एवं अधीनस्थ सरकारी सेवक पर नियंत्रण का अभाव आदि के आरोप में विभागीय संकल्प संख्या-891 दिनांक 17.02.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
2. संचालन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त उत्पाद, तिरहुत-सह-सारण प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक-129 दिनांक 26.04.2016 को विभागीय कार्यवाही का जॉच प्रतिवेदन विभाग में समर्पित किया गया। जॉच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप संख्या-1 से 3 तक को प्रमाणित नही बताया गया। जॉच प्रतिवेदन के परिशीलन से स्पष्ट है कि पदाधिकारी द्वारा होटल में अवैध शराब पकड़े जाने के मामलों को अपेक्षित गम्भीरता से नहीं लिया गया। इससे उनका कार्य के प्रति शिथिलता स्पष्ट होती है। अतएव संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए विभागीय पत्रांक-2797 दिनांक 08.06.2016 द्वारा आरोपी पदाधिकारी से द्धितीय बचाव बयान की मांग की गयी।
3. श्री दीनबंधु द्वारा अपने बचाव में कोई स्पष्टीकरण विभाग मेें समर्पित नहीं किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि उन्हें बचाव वयान में कुछ नहीं कहना है। अतएव इनके कार्यक्षेत्र अन्तर्गत एक निर्माणाधीन होटल से बड़ी मात्रा में अवैध देशी, विदेशी शराब तथा बीयर बरामद होना ही इनके विरूद्ध लगाए गए सभी आरोपो को प्रमाणित करता है। उक्त के9 Oबहार गजट, 8 माच# 2017 आलोक में पूर्ण विचारोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14 (V) के तहत श्री दीनबन्धु, अधीक्षक उत्पाद, मोतिहारी सम्प्रति अधीक्षक उत्पाद, दरभंगा के विरूद्ध लघु दण्ड के रूप में ''दो वार्षिक वेतनवृद्धियॉ असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दण्ड'' अधिरोपित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
———
30 सितम्बर 2016
सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-2-03/2016-5162—श्री अरविन्द कुमार, अधीक्षक उत्पाद, वैशाली के विरूद्ध अनुज्ञाशुल्क ससमय जमा नही करने, अनुज्ञाशुल्क विलंब से जमा कराया गया जिससे राजस्व की क्षति एवं कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही, दायित्वों का निर्वहन नही करने आदि आरोप के लिए विभागीय संकल्प संख्या-2066 दिनांक 27.04.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
2. संचालन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमण्डल, पटना द्वारा अपने पत्रांक-102 दिनांक 06.07.2016 से विभागीय कार्यवाही का जॉच प्रतिवेदन विभाग में समर्पित किया गया। जॉच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोपी पदाधिकारी के समर्पित स्पष्टीकरण के समीक्षा के क्रम में पाया गया है कि आरोपी पदाधिकारी द्वारा नियमों एवं प्रक्रियाओं के पालन में लापरवाही बरती गयी है। अनुज्ञाधारियों को दो-दो माह के विलंब से नोटिस निर्गत किया गया है। हालांकि आरोपी पदाधिकारी द्वारा अनुज्ञाशुल्क जमा नही करने पर नोटिस एवं उत्पाद पदाधिकारियों को निर्देश के साथ-साथ अनियमितता दर्ज कर दाण्डिक शुल्क लगाया गया है, लेकिन प्रक्रिया का पालन करने में लापरवाही का आरोप प्रमाणित होता है। संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन पर विभागीय पत्रांक-3551 दिनांक 27.07.2016 द्वारा आरोपी पदाधिकारी से द्धितीय बचाव बयान की मांग की गयी।
3. श्री कुमार द्वारा अपने बचाव में उन्ही तथ्यों को उल्लेखित किया है जो उन्होनें संचालन पदाधिकारी के समक्ष दिया गया था। उक्त के आलोक में आरोपी पदाधिकारी से प्राप्त बचाव बयान एवं संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन के पूर्ण विचारोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14 (V) के तहत श्री अरविन्द कुमार, अधीक्षक उत्पाद, वैशाली के विरूद्ध लघु दण्ड के रूप में ''दो वार्षिक वेतनवृद्धियॉ असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दण्ड'' अधिरोपित किया जाता है।
4. इस पर समक्ष प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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7 अक्तूबर 2016
सं॰ 8/आ0 (राज0उ0)-2-14/2016-5290—श्री आनन्द कुमार, तत्कालीन प्रभारी सहायक आयुक्त उत्पाद सम्प्रति सहायक आयुक्त उत्पाद, ई0आई0बी0 के विरूद्ध समाहर्त्ता, रोहतास को अवकाश में जाने हेतु दिनांक 13.05.2016 को आवेदन देकर दिनांक 14.05.2016 से बिना अवकाश स्वीकृति के ही अवकाश में प्रस्थान करने एवं बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के प्रतिकूल कार्य करने आदि आरोप के लिए विभागीय संकल्प संख्या-3113 दिनांक 01.07.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
2. संचालन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमण्डल, पटना के पत्रांक-11 दिनांक 02.09.2016 द्वारा विभागीय कर्यवाही का जाँच प्रतिवेदन विभाग को भेजा गया। जॉच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोपी पदाधिकारी पर लगाये गये आरोप को प्रमाणित नही बतलाया गय है।
3. संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन की समीक्षा की गई तथा पाया गया कि तत्समय मद्य निषेध कार्यक्रम पूरे राज्य में लागू किया गया था एवं रोहतास जैसे महत्वपूर्ण जिले में सहायक आयुक्त उत्पाद का प्रभार लेने के उपरान्त इनसे अपेक्षा थी, ये अच्छा कार्य करते, परन्तु ऐसा नहीं कर इनके द्वारा प्रधान सचिव के आदेश की अवहेलना की गई। अतएव पूर्ण विचारोपरान्त इन्हें चेतावनी देते हुए विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है।
4. इसमे सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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11 नवम्बर 2016
सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-2-28/2016-5718—श्री बृजबिहारी सिंह, तत्कालीन निरीक्षक उत्पाद, नवादा सम्प्रति निलंबित मुख्यालय-सहायक आयुक्त उत्पाद का कार्यालय, पटना के विरूद्ध अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहकर कार्यो में व्यवधान उत्पन्न करना एवं वरीय पदाधिकारी के आदेश का पालन नहीं करना आदि आरोप के लिए विभागीय संकल्प संख्या-4193 दिनांक 05.09.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।10 Oबहार गजट, 8 माच# 2017 2. संचालन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त उत्पाद, दरभंगा-सह-कोशी-सह-पूर्णियॉ प्रमंडल, दरभंगा द्वारा अपने पत्रांक-51 दिनांक 29.09.2016 से विभागीय कार्यवाही का जॉच प्रतिवेदन विभाग में समर्पित किया गया। जॉच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध आरोप को प्रमाणित होना निष्कर्षित किया गया है।
3. आरोपी पदाधिकारी से प्राप्त बचाव बयान एवं संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन के पर राज्य सरकार द्वारा पूर्ण विचारोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14 (V) के तहत श्री बृज बिहारी सिंह के विरूद्ध ''तीन वार्षिक वेतनवृद्धियॉ असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दण्ड'' अधिरोपित किया जाता है। इन्हें निलंबन अवधि में जीवनयापन भत्ता के अतिरिक्त कुछ देय नहीं होगा, के साथ निलम्बन अवधि को विनियमित किया जाता है। श्री सिंह को निलंबन से मुक्त करते हुए विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है।
4. इस पर समक्ष प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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18 नवम्बर 2016
सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-2-15/2016-5862—श्री कृष्ण कुमार, सहायक आयुक्त उत्पाद, पटना के विरूद्ध मेसर्स ई0 एस0 बी0 जी0 ब्रेवरीज प्रा0 लि0 एवं मेसर्स ग्लोबल स्प्रीट्स लि0 पर अधिरोपित दण्ड की राशि वसूल नहीं करने के कारण विभाग द्वारा कत्र्तव्य के प्रति लापरवाही एवं राजस्व क्षति आदि आरोप के लिए विभागीय संकल्प संख्या-3816 दिनांक 11.08.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
2. संचालन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमण्डल, पटना ने पत्रांक-145 दिनांक 27.09.2016 से विभागीय कार्यवाही का जॉच प्रतिवेदन विभाग में समर्पित किया गया है।
3. विभागीय आदेश सं0-2453 दिनांक 07.08.15 एवं 2449 दिनांक 07.0815 द्वारा मे0 ई0 एस0 वी0 जी0 प्रा0 लि0 एवं मे0 ग्लोबस स्प्रीट्स लि0 के विरूद्ध क्रमशः रू. 34,36,427/- एवं रू. 30,26,171/- रूपये बिहार उत्पाद अधिनियम की धारा-42 (g)(h)(i) के तहत् अधिरोपित अर्थ दण्ड की वसूली करने की कार्रवाई आरोपी पदाधिकारी द्वारा नहीं की गयी है। दिनांक 01.04.15 से देशी शराब का विनिर्माण , विक्री एवं उपभोग पर रोक लगा दिये जाने के कारण विनिर्माणशाला बंद हो चुके है। माननीय राजस्व पर्षद न्यायालय के न्यायादेश दिनांक 03.03.16 एवं 04.03.16 द्वारा Demand को निरस्त करने तथा दिनांक 11.09.15 के स्थगन आदेश को आधार पर मानकर संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप को प्रमाणित नहीं होना प्रतिवेदित किया गया है। चूॅकि माननीय राजस्व पर्षद के द्वारा उल्लिखित Demand को निरस्त कर दिया गया है तथा विभाग के द्वारा इस आदेश के विरूद्ध कोई अपील भी दायर नहीं किया गया है। अतः अर्थ दण्ड की वसूली नहीं करने का आरोप नहीं बनता है। उक्त के आलोक में संचालन पदाधिकारी के प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है। 4. इस पर समक्ष प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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18 नवम्बर 2016
सं॰ 8/ आ0(राज0उ0)-2-20/2016-5867—श्री नीरज कुमार रंजन, अधीक्षक उत्पाद, किशनगंज से देशी एवं विदेशी शराब के उठाव में क्रमिक ह्रास, अभियोग एवं छापामारी में शिथिलता के संबंध में उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री रंजन द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में शराब उठाव के ह्ास का ठोस एवं तार्किक कारण अंकित नहीं किया गया। अतएव श्री रंजन के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए सम्यक विचारोपरांत दो वार्षिक वेतनवृद्धियॉ असंचात्मक रूप से रोके जाने का दण्ड विभागीय आदेश संख्या-4211 दिनांक 12.12.2013 द्वारा अधिरोपित किया गया।
2. दण्ड अधिरोपित करने से पूर्व इनके विरूद्ध कोई विभागीय कार्यवाही संचालित नही की गयी थी। मात्र कारणपृच्छा की गयी थी, जिसके अलोक में इन्हें दण्डित किया गया। इससे क्षुब्ध होकर इन्होने माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0डब्लू0जे0सी0सं0-13873/2015 दायर की। माननीय न्यायालय के आदेश दिनांक 11.12.2015 के द्वारा उक्त याचिका को स्वीकृत किया गया एवं विभाग द्वारा अधिरोपित दण्ड को निरस्त कर दिया गया। साथ ही साथ विभाग को यह छूट दी गयी की यदि विभाग चाहे तो इनके विरूद्ध नियमानुसार विभागीय कार्यवाही संचालित कर सकती है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में विभागीय संकल्प संख्या-3573 दिनांक 28.07.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
3. संचालन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमण्डल, पटना ने पत्रांक-10 दिनांक 26.8.201 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जॉच प्रतिवेदन विभाग में समर्पित किया गया है।
4. संचालन पदाधिकारी ने अपने जॉच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट किया है कि आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध लगाये गये आरोप यथा देशी एवं विदेशी शराब के उठाव में क्रमिक ह्रास , अभियोग एवं छापेमारी में शिथिलता को तथ्य से परे तथा गलत बताया गया है और स्पष्ट रूप से उल्लिखित किया गया है कि इनके विरूद्ध कोई भी आरोप प्रमाणित नहीं होता है। संचालन पदाधिकारी के द्वारा दिये गये प्रतिवेदन से स्पष्ट होता है कि किशनगंज जिला में आरोपी पदाधिकारी के पदस्थापन11 Oबहार गजट, 8 माच# 2017 के दौरान उठाव का प्रतिशत अन्य जिलों की अपेक्षा काफी अच्छा रहा है। अतएव पूर्ण विचारोपरांत चेतावनी के साथ आरोपो से मुक्त करते हुए विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है।
5. इस पर समक्ष प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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15 दिसम्बर 2016
सं॰ 8/ आ0 (संसदीय)-13-01/2014-6204—श्रीमती पूजा भारती, अवर निबंधक, शिकारपुर (बेतिया) सम्प्रति सहायक निबंधन महानिरीक्षक का कार्यालय तिरहुत प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध कार्य के प्रति लापरवाही, सरकारी सेवक के आचरण के प्रतिकूल कार्य करना, अनुशासनहीनता एवं उनकी सहमति से उनके पति के द्वारा सरकारी कार्यो में बाधा पहुॅचाना आदि आरोप के लिए विभागीय संकल्प संख्या-2347 दिनांक 12.05.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
2. संचालन पदाधिकारी-सह-सहायक निबंधन महानिरीक्षक, तिरहुत प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर ने अपने पत्रांक-751 दिनांक 19.10.2016 द्वारा विभागीय कर्यवाही का जाँच प्रतिवेदन विभाग को भेजा गया। जाँच प्रतिवेदन में आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध लगाये गये आरोपों को आंशिक रूप से प्रमाणित बताया गया है।
3. संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा की गई तथा समीक्षोपरांत श्रीमती भारती को भविष्य के लिए चेतावनी देते हुए विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है।
4. इसमे सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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15 दिसम्बर 2016
सं॰ 8 आ0 (राज0उ0)-2-21/2014-6205—श्री देवेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन निरीक्षक उत्पाद, सीतामढ़ी सम्प्रति निरीक्षक उत्पाद, मुंगेर के विरूद्ध महालेखाकार (अंकेक्षण) द्वारा अपने निरीक्षण प्रतिवेदन संख्या-137/2012-13 में प्रतिवेदित किया गया है कि अधीक्षक उत्पाद कार्यालय, सीतामढ़ी में वित्तीय वर्ष 2010-11, 2011-12 एवं 2012-13 (अगस्त माह तक) के उत्पाद शीर्ष 0039 में जमा अनुज्ञाशुल्क के रूप में 7.10 लाख रूपया जमा नही पाये जाने के कारण कर्त्तव्यहीनता, सरकारी कार्यो में लापरवाही एवं नियमों की अनदेखी कर सरकारी राजस्व की क्षति पहुँचाने आदि आरोप के लिए विभागीय संकल्प संख्या-184 दिनांक 12.01.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
2. संचालन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त उत्पाद, दरभंगा-सह-कोशी-सह-पूर्णियॉ प्रमण्डल, दरभंगा के पत्रांक-59 दिनांक 16.04.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन विभाग को भेजा गया। जॉच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप सं0-1 से 2 को प्रमाणित नही बताया गया है।
3. संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए विभागीय पत्रांक-2800 दिनांक 08.06.2016 द्वारा द्वितीय बचाव बयान की मांग की गयी। आरोपी पदाधिकारी द्वारा दिनांक 11.07.2016 को द्वितीय बचाव बयान समर्पित किया गया जिसकी समीक्षा की गयी तथा पाया गया कि कुल गबन ग्रस्त रू0 4,62,630/- (चार लाख बासठ हजार छः सौ तीस) जमा कराया जा चुका है तथा उसके लिए श्री प्रमोद कुमार झा, तत्कालीन प्रधान लिपिक मूलतः दोषी थे, जिन्हें विभागीय आदेश सं0-1841 दिनांक 20.04.2016 के द्वारा अनिवार्य सेवानिवृत्ति का दण्ड अधिरोपित किया जा चुका है। अतएव पूर्ण विचारोपरांत श्री प्रसाद से प्राप्त द्वितीय बचाव बयान को स्वीकार करते हुए इन्हें आरोपों से मुक्त किया जाता है, तथा विभागीय कार्यवाही भी समाप्त की जाती है।
4. इसमे सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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16 दिसम्बर 2016
सं॰ 8/आ0 (राज0नि0)-1-44/2013-6239—श्रीमती नीलिमा लाल, तत्कालीन जिला अवर निबंधक, सहरसा के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-1579 दिनांक 21.03.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी थी, दिनांक 13.11.2016 को उनका असामयिक निधन हो जाने के कारण उक्त विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है। 2. इसमे सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।12 Oबहार गजट, 8 माच# 2017
19 दिसम्बर 2016
सं॰ 8/आ0(राज0नि0)-1-03/2016-6248—श्रीमती पूजा भारती, अवर निबंधक, षिकारपुर, जिन्हें अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम -9 (1)(क) के तहत विभागीय अधिसूचना संख्या-3342 दिनांक 18.07.2016 द्वारा निलंबित किया गया है, को तात्कालिक प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया जाता है।
2. इसमें सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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27 दिसम्बर 2016
सं॰ 8/आ0 (राज0 नि0)-1-09/2015-6367—सुश्री अपर्णा शिवा, अवर निबंधक, ठाकुरगंज (किशनगंज) के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल आचरण, पद का दुरूपयोग, कार्य के प्रति लापरवाही एवं आचरण के प्रतिकूल कार्य करने आदि आरोप के लिए आरोप पत्र गठित करते हुए विभागीय संकल्प सं0-1578 दिनांक 21.03.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
2. संचालन पदाधिकारी-सह-सहायक निबंधन महानिरीक्षक, बिहार, पटना के गै0स0प्रे0सं0-452 दिनांक 27.05.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराई गई है, जिसमें आरोप संख्या-01 को पूर्णतः इनकार नही किया गया है। आरोप सं0-02 को आंशिक रूप से प्रमाणित एवं आरोप सं0-03 को प्रमाणित बताया गया।
3. संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन पर विभागीय पत्रांक-3066 दिनांक 29.06.2016 द्वारा सुश्री शिवा से द्वितीय बचाव बयान की मांग की गयी।
4. पत्रांक-166 दिनांक 08.02.2016 द्वारा सुश्री शिवा ने अपना द्वितीय बचाव बयान सपर्पित किया जिसमें उनके द्वारा द्वितीय बचाव में उन्ही तथ्यों को दोहराया गया है जो संचालन पदाधिकारी के समक्ष रखा गया।
5. संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन एवं सुश्री शिवा से प्राप्त द्वितीय बचाव बयान के समीक्षोपरांत उन्हें वृहद दण्ड के रूप में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14 (vi) के अंतर्गत तीन वार्षिक वेतनवृद्धियॉ संचयी प्रभाव से अवरूद्ध करने का निर्णय लिया गया है, जिस पर माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त करते हुए विभागीय पत्रांक-3817 दिनांक 11.08.2016 द्वारा विभागीय दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श की मांग की गयी।
6. बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा के पत्रांक-2027 दिनांक 04.10.2016 द्वारा दिनांक 20.09.2016 द्वारा सूचित किया गया है कि आयोग की पूर्ण पीठ में सम्यक् विचारोपरांत विभागीय दण्ड प्रस्ताव में सहमति व्यक्त की गयी है। 7. उक्त के आलोक में पूर्ण विचारोपरान्त सुश्री अर्पणा शिवा, अवर निबंधक, ठाकुरगंज (किशनगंज) को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा संशोधित 2007 के नियम 14 (vi) के तहत तीन वार्षिक वेतनवद्धियॉ संचयी प्रभाव से रोकने का दण्ड अधिरोपित करते हुए विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है। 8. इसमें सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-2-23/2016-6172
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संकल्प
13 दिसम्बर 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री आनन्द कुमार, तत्का0 प्रभारी सहायक आयुक्त उत्पाद, रोहतास सम्प्रति ई0 आई0 बी0 (मुख्यालय) के विरूद्ध देशी शराब की आपूर्ति हेतु निर्धारित बेस रेट एवं निविदा दर की अंतर राशि मेसर्स वेलकम डिस्टीलरी प्रा0 लि0 से रू. 66,56,782/- (छियासठ लाख छप्पन हजार सात सौ बेरासी ) रूपये की वसूली नहीं करने आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री आनन्द कुमार के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए श्री श्रीकृष्ण पासवान, उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमण्डल, पटना सम्प्रति मुख्यालय को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।13 Oबहार गजट, 8 माच# 2017 3. श्री आनन्द कुमार के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में प्रशाखा पदाधिकारी, प्रशाखा-8 को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हैे।
4. श्री आनन्द कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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सं॰ 8/आ0(राज0नि0)-01-1/2015-6206
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संकल्प
15 दिसम्बर 2016
विभागीय संकल्प संख्या-2229 दिनांक 14.05.2015 श्री संजय कुमार ग्वालिया, तत्कालीन जिला अवर निबंधक, कटिहार सम्प्रति जिला अवर निबंधक, लखीसराय के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी श्रीमती नीलिमा लाल, जिला अवर निबंधक, कटिहार के निधन हो जाने के कारण उनके स्थान पर श्री जीतेन्द्र सिंह, प्रशाखा पदाधिकारी, प्रशाखा-08 निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। 2. संकल्प की अन्य शत्र्ते यथावत रहेगी।
3. इसमें सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-2-17/2016-5286
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संकल्प
7 अक्टूबर 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री दीनबन्धु, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी सम्प्रत्ति अधीक्षक उत्पाद, दरभंगा के विरूद्ध पूर्वी चम्पारण एवं दरभंगा के पदस्थापन काल में कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं राजस्व क्षति आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है। 2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि सभी पदाधिकारियों के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए श्री श्रीकृष्ण पासवान, उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमण्डल, पटना (मुख्यालय में प्रतिनियुक्त) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।14 Oबहार गजट, 8 माच# 2017 3. आरोपी पदाधिकारियो के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री गणेश प्रसाद, विशेष अधीक्षक उत्पाद, मुख्यालय को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हे।
4. आरोपी पदाधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारियों को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-2-31/2015-5366
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संकल्प
18 अक्टूबर 2016
श्री सरोज कुमार, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय-उपायुक्त उत्पाद का कार्यालय, पटना-सह-मगध प्रमण्डल, पटना के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-3664 दिनांक 02.08.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित है। श्री कुमार दिनांक 31.08.2016 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
2. श्री कुमार के सेवानिवृत्त हो जाने के फलस्वरूप उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली 1950 के नियम 43 (बी0) के तहत सम्परिवर्त्तित किया जाता है।
3. संकल्प की अन्य शर्त्ते यथावत रहेगी। 4. इसमे सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-2-25/2016-5505
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संकल्प
26 अक्टूबर 2016
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री कुमार अमित, प्रभारी अधीक्षक उत्पाद, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध देशी शराब की आपूर्ति हेतु निर्धारित बेस रेट एवं निविदा दर के अंतर राशि वसूली नही करना, कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं राजस्व क्षति तथा विभागीय आदेश का अवहेलना करने आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री कुमार अमित के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए श्री श्रीकृष्ण पासवान, उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमंडल, पटना सम्प्रति मुख्यालय में प्रतिनियुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। 3. श्री कुमार अमित के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में प्रशाखा पदाधिकारी, प्रशाखा-08 निबंधन उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हेै।
4. श्री कुमार अमित से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।15 Oबहार गजट, 8 माच# 2017
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संकल्प
2 मार्च 2017
वर्ष 1994-95 में केन्द्र सरकार की सहायता से खगड़िया जिला के नवल किशोर टोला में रू0 34.30 लाख की लागत से मछुआ आवास के निर्माण की योजना स्वीकृत हुई। स्वीकृत्यादेश के विरूद्ध विभागीय अभियंता से कार्य कराने हेतु 27.25 लाख रूपये की राशि कनीय अभियंता श्री राजेश्वर सिंह को अग्रिम के रूप में दिया गया था। वित्तीय वर्ष 1995-96 से अग्रिम लेने के बाद यह योजना पूर्ण नहीं हुई। उक्त योजना को एक वर्ष के अन्दर ही पूर्ण होना चाहिए था परन्तु श्री सिंह के द्वारा सेवा निवृति वर्ष, 2010 तक कार्य को पूरा नहीं किया गया। इस तरह योजनान्तर्गत स्वीकृत राशि श्री सिंह के पास बगैर उपयोग के पड़ी रही। उक्त लापरवाही के लिए सरकार द्वारा श्री राजेश्वर सिंह, तत्कालीन कनीय अभियंता के साथ-साथ श्री सियालाल साहू, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता को भी जिम्मेवार ठहराया गया क्योंकि तत्समय श्री सियालाल साहू, मत्स्य निदेशालय, बिहार, पटना के अभियंत्राण शाखा के प्रमुख थे। उनके मार्ग दर्शन एवं दिशा-निर्देश में ही मछुआ आवास निर्माण का कार्य कराया जा रहा था परन्तु कार्य करने की दिशा में श्री साहू के द्वारा कोई सार्थक प्रयास नहीं किया गया, कार्य करने की दिशा में अगर कठिनाईयॉ थी तो कठिनाईयों से उन्हें विभागाध्यक्ष को अवगत कराते हुए कार्य पूरा करने की दिशा में आवश्यक सुझाव दिया जाना चाहिए था किन्तु ऐसा नहीं किया गया। तदेन कनीय अभियंता (श्री राजेश्वर सिंह) द्वारा जब मापी पुस्तिका समर्पित किया गया तो उसपर श्री साहू द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गयी एवं न ही अनियमितताओं से उच्च अधिकारी को अवगत कराया गया। साथ ही मापी पुस्तिका को बिना कोई कारण दर्शाये सत्यापित नहीं कर मामले को लटकाया गया।
2. उक्त अनियमितताओं के लिए श्री साहू के विरूद्ध प्रपत्रा-'क' में आरोप-पत्रा गठित करते हुए विभागीय संकल्प-401 नि0गो0 दिनांक 27.10.2011 के द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। उक्त विभागीय कार्यवाही में जाँच पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री साहू को इस आधार पर आरोप से मुक्त करने की अनुशंसा की गयी कि आरोप श्री साहू के पदस्थापन काल के पूर्व का है।
3. उक्त आलोक में जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर से की गयी तथा समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री साहू के कार्यपालक अभियंता के पद पर रहते हुए भी उनके द्वारा कार्य पूर्ण कराये जाने संबंधी कोई सुझाव नहीं दिया गया कि कार्य कराने में यदि कोई कठिनाई थी तो अन्य विकल्प क्या हो सकते हैं। उनके द्वारा सिर्फ पत्रााचार कर महज खानापूर्त्ति की गयी, जो कार्यपालक अभियंता के रूप में दूरदृष्टि का पूर्णतः अभाव का द्योतक है।
4. जाँच पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से भिन्न अनुशासनिक प्राधिकार के असहमति के बिन्दू पर विभागीय पत्राांक-58 नि0गो0 दिनांक 29.01.2014 के द्वारा श्री साहू से लिखित अभिकथन की माँग की गयी।
5. अपने लिखित अभिकथन में श्री साहू द्वारा यह उल्लेख किया गया है कि मछुआ आवास का कार्य समय पर पूर्ण नहीं होने के कारण एक मुश्त रू0 27.25 लाख अग्रिम के रूप में सहायक अभियंता को दिया जाना हैं साथ ही मत्स्य निदेशालय में कार्यपालक अभियंता के पद का सृजन शक्तिविहिन हुआ है, जिसे प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियॉ नहीं है। वस्तुतः सभी शक्तियॉ मत्स्य निदेशक को है। ऐसी स्थिति में कनीय अभियंता को आदेश मत्स्य निदेशक ही दे सकते हैं। यह भी स्पष्ट किया गया है कि श्री राजेश्वर सिंह, कनीय अभियंता द्वारा कार्य में रूचि नहीं लेने के कारण मछुआ आवास का कार्य समय पर पूर्ण नहीं हो सका, जिसपर कठोर कार्यवाही की आवश्यकता थी, जो मत्स्य निदेशक द्वारा ससमय नहीं किया गया एवं कार्य में विलंब होता रहा तथा उनके द्वारा किये गये कार्यों एवं दिये गये पत्राों पर कोई कार्रवाई ससमय नहीं किया गया, जिसपर महाधिवक्ता द्वारा भी मंतव्य दिया गया है। इसके अलावा श्री साहू का कथन है कि मछुआ आवास निर्माण कार्य की घटना वर्ष 1995 में हुआ, जो 18 वर्ष पूर्व की घटित घटना है, जिसके आधार पर बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 बी के तहत विभागीय कार्यवाही चलाने योग्य नहीं है।
6. श्री साहू द्वारा समर्पित द्वितीय लिखित अभिकथन की समीक्षा की गयी एवं समीक्षोपरांत पाया गया कि विद्वान महाधिवक्ता द्वारा मामले में अन्य के अलावा आरोपित पदाधिकारी श्री सियालाल साहू पर भी जिम्मेवारी निर्धारित की गयी है एवं विभागीय कार्यवाही संचालित करने की अनुशंसा की गयी है। जहाँ तक श्री साहू के विरूद्ध नियम 43 (बी) के तहत संचालित विभागीय कार्यवाही का प्रश्न है16 Oबहार गजट, 8 माच# 2017 के संबंध में समीक्षोपरांत पाया गया कि मछुआ आवास योजना की स्वीकृति वर्ष 1994-95 में हुई थी एवं मछुआ आवास निर्माण का कार्य उनके सेवा निवृति की तिथि तक भी पूर्ण नहीं हुआ था। श्री साहू दिसम्बर, 2009 में सेवा निवृत हुये हैं एवं विभागीय कार्यवाही का संकल्प संख्या-401 नि0गो0 दिनांक 27.10.2011 द्वारा निर्गत है, जिसके अनुसार उनके विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 बी के तहत विभागीय कार्यवाही की गयी है, जो इस नियमावली के अंतर्गत विहित समयावधि के भीतर है। वर्णित स्थिति में श्री साहू के लिखित अभिकथन को अस्वीकृत करते हुए उनके पेंशन से 10 % (दस प्रतिशत) की कटौती स्थायी रूप से करने का निणर्य सरकार द्वारा लिया गया है।
7. श्री साहू के विरूद्ध उक्त दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा सहमति प्रदान किया गया है।
8. अतः सरकार द्वारा लिये गये निर्णय के आलोक में श्री सियालाल साहू, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, मत्स्य निदेशालय सम्प्रति सेवा निवृत के पेंशन से 10 % (दस प्रतिशत) पेंशन की राशि की कटौती स्थायी रूप से करने का निदेश दिया जाता है। vkns'k%& आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति सभी संबंधित पदाधिकारियों को अवश्य भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
वीरेन्द्र कुमार सिन्हा, अवर सचिव।
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